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	<title>बजट &amp;#8211; Hindi News, Hindi Samachar, Latest News in Hindi: Navbharat Live</title>
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	<description>सदैव अपने पाठकों के साथ</description>
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	<title>बजट &amp;#8211; Hindi News, Hindi Samachar, Latest News in Hindi: Navbharat Live</title>
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	<item>
		<title>केडीएमसी का 3,186 करोड़ का बजट पेश, सड़क, मेट्रो,अस्पताल व नागरी सुविधाओं पर फोकस, जारी होगा 200 कऱोड़ का बांड</title>
		<link>https://navbharatlive.com/maharashtra/mumbai/kdmc-budget-2026-27-kalyan-dombivli-infrastructure-development-1618922.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[सूर्यप्रकाश मिश्र]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 20 Mar 2026 15:28:52 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Fri, 20 Mar 2026 15:28:52 +0530</modifiedDate>
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					<description><![CDATA[Kalyan Dombivli Budget 2026: कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 3,186.60 करोड़ रुपये का बजट पेश किया, जिसमें सड़क, मेट्रो, अस्पताल, पानी व नागरिक सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/03/Budget-_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Kdmc Budget 2026 27 Kalyan Dombivli Infrastructure Development"  fetchpriority="high"   /></figure><p><strong>Kalyan Dombivli Infrastructure:</strong> कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका का आर्थिक वर्ष 2026-27 के लिए 3,186.60 करोड़ रुपये का बजट आयुक्त अभिनव गोयल ने महासभा में पेश किया। इस बजट में किसी भी प्रकार की कर वृद्धि नहीं की गई है। जबकि शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर खास ध्यान दिया गया है। नए बजट में 3,186.49 करोड़ रुपये खर्च 3,186.60 करोड़ रुपये आय का प्रावधान है। आयुक्त ने बजट प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्ष 2025-26 के संशोधित बजट में 2,744.99 करोड़ रुपये आय और 2,172.22 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान था, जबकि नए बजट में 10 लाख की बचत बताई गई है।</p>
<p>हालांकि, इतने बड़े बजट के बावजूद अग्निशमन विभाग के आधुनिकीकरण या संसाधनों को लेकर कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं किया गया है। कुछ विकास कार्यों के लिए मनपा ने 200 करोड़ का बांड जारी कर राशि इकट्ठा करने की योजना बनाई है। इस बार का बजट इसलिए भी खास रहा क्योंकि स्थायी समिति का गठन नहीं होने के चलते इसे सीधे महासभा में पेश किया गया। राजनीतिक खींचतान के कारण स्थायी समिति के सभापति का चुनाव अभी तक नहीं हो पाया है।</p>
<h3>संपत्ति करों से 600 करोड़ वसूली का लक्ष्य</h3>
<p>आयुक्त ने कहा कि नगरपालिका की आय का सबसे बड़ा आधार संपत्ति कर रहेगा। जिससे इस वर्ष 600 करोड़ रुपये से अधिक वसूली का लक्ष्य रखा गया है।<br />
इसके अलावा स्टाम्प ड्यूटी और जीएसटी से करीब 510 करोड़ विशेष अधिनियम से 526 करोड़,पानी कर से 101 करोड़,सरकारी अनुदान से 115 करोड़, अन्य स्रोतों से 28 करोड़ रुपये आय का अनुमान है। वहीं केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से 829 करोड़ रुपये से अधिक अनुदान मिलने की उम्मीद जताई गई है।</p>
<h3>सड़क और पुलों पर बड़ा फोकस</h3>
<p>बजट में शहर की सड़कों को मजबूत करने के लिए कई प्रोजेक्ट शामिल किए गए हैं। विभिन्न क्षेत्रों में नई सड़कें, कंक्रीटीकरण और चौड़ीकरण के काम प्रस्तावित हैं। साथ ही रेलवे फाटक पर फ्लाईओवर, कोपर क्षेत्र में अतिरिक्त पुल और अन्य सड़क परियोजनाएं भी योजना में शामिल हैं, जिससे ट्रैफिक समस्या कम करने की कोशिश की जाएगी।</p>
<h3>पानी और मूलभूत सुविधाओं पर जोर</h3>
<p>शहर में पानी सप्लाई को बेहतर बनाने के लिए नए जल टैंक, पंपिंग सिस्टम और पाइपलाइन का काम प्रस्तावित है। <strong><a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/nagpur/jal-jeevan-mission-2-0-maharashtra-mou-har-ghar-jal-target-2028-1616579.html">पानी सप्लाई</a></strong> को डिजिटल सिस्टम से जोड़ने की योजना भी बनाई गई है, जिससे नियंत्रण और निगरानी बेहतर हो सके। इसके अलावा 27 गांवों और अन्य क्षेत्रों में पानी और सीवरेज से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट लागू किए जाएंगे।</p>
<h3>स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक योजनाएं</h3>
<p>नगर स्कूलों में सुविधाएं बढ़ाने, नए क्लासरूम बनाने और विद्यार्थियों को बेहतर संसाधन देने की योजना छात्रों के लिए हेल्थ और खेल सुविधाएं बढ़ाने पर जोर महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष सुविधाएं वरिष्ठ नागरिकों के लिए बैठने की व्यवस्था और सार्वजनिक स्थानों का विकास</p>
<h3>उद्यान और पर्यावरण पर काम</h3>
<p>शहर में नए उद्यान विकसित करने, पुराने बगीचों को सुधारने और हरित क्षेत्र बढ़ाने की योजना बनाई गई है। कचरा प्रबंधन के लिए आधुनिक तकनीक आधारित प्रोजेक्ट, जैसे कचरे से ऊर्जा बनाने और बायो-सीएनजी प्लांट भी प्रस्तावित हैं।</p>
<p><strong>ये भी पढ़े: <a title="ईरान का साथ न देकर भारत ने की गलती" href="https://navbharatlive.com/maharashtra/mumbai/raj-thackeray-gudi-padwa-rally-iran-israel-war-debt-maharashtra-instagram-1617162.html">ईरान का साथ न देकर भारत ने की गलती? राज ठाकरे ने पीएम मोदी पर साधा निशाना, बताया क्या होगा अंजाम</a></strong></p>
<h3>स्मशान, स्वच्छता और अन्य सुविधाएं</h3>
<p>शहर के कई हिस्सों में स्मशान घाटों के पुनर्निर्माण और नए निर्माण का काम किया जाएगा। सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी, स्वच्छ शौचालय और अन्य नागरिक सुविधाएं बढ़ाने का भी प्रावधान है।</p>
<h3>तकनीक और डिजिटल सिस्टम पर जोर</h3>
<p>नगरपालिका प्रशासन को मजबूत बनाने के लिए <strong><a href="https://navbharatlive.com/world/kenyas-cabinet-secretary-praises-indias-digital-system-highlights-aadhar-upi-and-ai-bhashini-1436992.html">डिजिटल सिस्टम</a></strong>, नेटवर्किंग, ऑनलाइन सेवाएं, व्हाट्सऐप चैटबॉट और डेटा मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने की योजना है।</p>
<h3>विकास कार्यों के लिए फंड जुटाने की तैयारी</h3>
<p>बड़े प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए मनपा 200 करोड़ रुपये के बॉन्ड जारी कर फंड जुटाने की तैयारी में है।</p>
<h3>नगरसेवकों को चाहिए 2 करोड़</h3>
<p>बजट पेश होते ही पार्षदों ने अपने-अपने मुद्दे उठाए। शिवसेना (शिंदे गुट) के नगरसेवक सचिन पोटे ने पार्षद निधि का उल्लेख न होने पर सवाल उठाया, जबकि भाजपा के मंदार हलबे ने बजट के अध्ययन के लिए समय देने की मांग की। वहीं सभागृह नेता वरुण पाटील ने प्रत्येक नगरसेवक को 2 करोड़ रुपये का निधि देने की मांग रखते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षों में कई काम लंबित रहे हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Rajasthan Budget 2026: वित्त मंत्री दिया कुमारी ने पेश किया 21 लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट</title>
		<link>https://navbharatlive.com/rajasthan/rajasthan-budget-2026-fm-diya-kumari-farmers-youth-women-infrastructure-development-news-1560997.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रिया सिंह]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 11 Feb 2026 06:23:48 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Wed, 11 Feb 2026 06:27:01 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[राजस्थान]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Rajasthan]]></category>
		<category><![CDATA[Rajasthan News]]></category>
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					<description><![CDATA[Rajasthan Budget Highlights: वित्त मंत्री दिया कुमारी ने राजस्थान का 21,52,100 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है। इसमें किसानों, युवाओं और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/rajasthan-budget-diya-kumari_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Rajasthan Budget 2026 Fm Diya Kumari Farmers Youth Women Infrastructure Development News"    /></figure><p><strong>Rajasthan&amp;#8217;s Historic Budget And Roadmap For Development:</strong> राजस्थान की उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दिया कुमारी ने बुधवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का ऐतिहासिक बजट पेश किया है। इस बार बजट का कुल आकार 21 लाख 52 हजार 100 करोड़ रुपये रखा गया है जो कि पिछले वर्ष की तुलना में भारी वृद्धि दर्शाता है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार का यह तीसरा बजट &amp;#8216;विकसित राजस्थान @2047&amp;#8217; के संकल्प को साकार करने वाला एक सशक्त रोडमैप है। इस समावेशी बजट में सरकार ने समाज के हर वर्ग विशेषकर किसानों और युवाओं की खुशहाली के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं।</p>
<h3>बजट का विशाल आकार</h3>
<p>वित्त मंत्री दिया कुमारी ने विधानसभा में 2026-27 का बजट पेश करते हुए इसके विशाल आकार से सभी को पूरी तरह चौंका दिया है। इस बार राजस्थान बजट का कुल आकार 21 लाख 52 हजार 100 करोड़ रुपये रखा गया है जो पिछले साल से काफी अधिक है। पिछले साल के बजट की तुलना में इस बार करीब 41.39 प्रतिशत की ऐतिहासिक बढ़ोत्तरी की गई है जो प्रदेश के विकास को नई गति देगी।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi">विधानसभा में आज समृद्ध राजस्थान का बजट..<a href="https://twitter.com/hashtag/%E0%A4%AC%E0%A4%9C%E0%A4%9F_%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A5%83%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7_%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BE%E0%A4%A8_%E0%A4%95%E0%A4%BE">#बजट_समृद्ध_राजस्थान_का</a> <a href="https://t.co/OZtVC8GQO3">pic.twitter.com/OZtVC8GQO3</a></p>
<p>— Diya Kumari (@KumariDiya) <a href="https://twitter.com/KumariDiya/status/2021456109383581913">February 11, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h3>किसानों के लिए बड़ा ऐलान</h3>
<p>राजस्थान सरकार ने सामाजिक सुरक्षा और किसानों के हितों को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए 10,900 करोड़ रुपये की मदद की घोषणा की है। सरकार ने किसानों को गेहूं की MSP के ऊपर 150 रुपये की विशेष प्रोत्साहन राशि देने का बड़ा फैसला भी बजट में सुनाया है। इसके साथ ही कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए कई नई योजनाओं का ऐलान किया गया है जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था काफी मजबूत होगी।</p>
<h3>बुनियादी ढांचे का विकास</h3>
<p>प्रदेश में बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने 11,800 करोड़ रुपये की लागत से सड़क सुधार कार्य करने की घोषणा की है। सरकार ने पहले ही 42,000 किलोमीटर की सड़कों के विकास के लिए काम किया है और अब नए औद्योगिक पार्क बनाने की योजना है। औद्योगिक और लॉजिस्टिक पार्क के निर्माण के लिए 400 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे जिससे राज्य में व्यापार और रोजगार को काफी बढ़ावा मिलेगा।</p>
<h3>गांवों और रेलवे पर फोकस</h3>
<p>गांवों में आधुनिक सुविधाओं के विकास के लिए बजट में 500 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है ताकि ग्रामीण जीवन स्तर सुधर सके। रेलवे यातायात को सुगम बनाने के लिए 26 रेलवे फाटकों पर ROB और RUB के निर्माण हेतु 920 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इन बुनियादी परियोजनाओं से न केवल आवागमन आसान होगा बल्कि औद्योगिक विकास की रफ्तार भी कई गुना तेज होने की पूरी उम्मीद है।</p>
<h3>नारी शक्ति और युवा</h3>
<p>वित्त मंत्री ने कहा कि विकसित राजस्थान की संकल्पना को साकार करने के लिए नारी शक्ति और युवाओं पर सरकार का विशेष फोकस रहने वाला है। सामाजिक सुरक्षा के तहत सरकार ने 91 लाख से अधिक लाभार्थियों को लगभग 28 हजार 400 करोड़ रुपये की पेंशन राशि वितरित की है। सरकार ने भर्ती परीक्षाओं को समय पर कराकर युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का संकल्प भी सदन के सामने पूरी मजबूती से दोहराया है।</p>
<h3>आस्था और अर्थव्यवस्था</h3>
<p><a href="https://navbharatlive.com/rajasthan/rajasthan-cm-bhajanlal-sharma-public-hearing-angry-video-viral-officer-negligence-1548881.html">मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा</a> ने सोशल मीडिया पर इस बजट को &amp;#8216;आस्था और अर्थव्यवस्था&amp;#8217; का एक अद्भुत संगम बताते हुए वित्त मंत्री की टीम को बधाई दी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के &amp;#8216;सबका साथ, सबका विकास&amp;#8217; के मंत्र को साकार करते हुए प्रदेश का भविष्य संवारेगा। बजट पेश करने के दौरान दिया कुमारी पारंपरिक राजस्थानी वेशभूषा और केसरिया बैग के साथ पहुंचीं जो प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक था।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi">कल का दिन राजस्थान के लिए ऐतिहासिक होने जा रहा है।</p>
<p>आदरणीय प्रधानमंत्री श्री <a href="https://twitter.com/narendramodi">@narendramodi</a> जी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को साकार करता &amp;#8216;विकसित राजस्थान @ 2047&amp;#8217; का यह बजट प्रदेश की प्रगति का सशक्त रोडमैप सिद्ध होगा।</p>
<p>आस्था को सम्मान, अंत्योदय को संबल और अर्थव्यवस्था को नई… <a href="https://t.co/pkeRskcYFd">pic.twitter.com/pkeRskcYFd</a></p>
<p>— Bhajanlal Sharma (@BhajanlalBjp) <a href="https://twitter.com/BhajanlalBjp/status/2021218969802375666">February 10, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://navbharatlive.com/rajasthan/rajasthan-kota-building-collapse-talwandi-two-dead-fifteen-rescued-latest-updates-1556999.html">कोटा में भीषण हादसा: तीन मंजिला इमारत जमींदोज, 2 की मौत और 15 रेस्क्यू; बगल की खुदाई बनी काल?</a></strong></p>
<h3>योजनाओं की प्रगति</h3>
<p>सरकार ने अपने पिछले दो बजटों की करीब 900 योजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा करने का दावा किया है जो उनकी कार्यक्षमता को दर्शाता है। <a href="https://navbharatlive.com/india/aaj-ki-taaja-khabar-11th-february-2026-live-updates-today-latest-and-breaking-news-1560702.html/amp">वित्त मंत्री</a> ने कहा कि इस समावेशी बजट में हर वर्ग के लिए कुछ न कुछ रखा गया है जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी। बजट सत्र के दौरान सरकार ने राज्य के सर्वांगीण विकास के अपने विजन को पूरी स्पष्टता के साथ सदन के पटल पर रखा है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Home Loan Tax: होम लोन के प्री-ईएमआई ब्याज पर टैक्स छूट का नियम साफ, अब नहीं रहेगी कोई भी उलझन</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/home-loan-tax-benefit-pre-emi-interest-section-22-amendment-1555059.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रिया सिंह]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 06 Feb 2026 16:41:52 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Fri, 06 Feb 2026 16:41:52 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Business News]]></category>
		<category><![CDATA[Income tax act]]></category>
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					<description><![CDATA[Home Loan Tax Benefit: बजट 2026 में इनकम टैक्स एक्ट 2025 के सेक्शन 22(2) में संशोधन का प्रस्ताव है, जिससे साफ हो गया है कि होम लोन के ब्याज पर 2 लाख की छूट में प्री-ईएमआई का ब्याज भी शामिल होगा।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/home-loan-tax-benefit_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Home Loan Tax Benefit Pre Emi Interest Section 22 Amendment"    /></figure><p><strong>Income Tax Act 2025 Amendment:</strong> बजट 2026 के माध्यम से सरकार ने होम लोन लेने वाले लाखों टैक्सपेयर्स की एक बड़ी उलझन को दूर करने का अहम फैसला लिया है। इनकम टैक्स एक्ट 2025 के सेक्शन 22(2) में संशोधन का प्रस्ताव किया गया है ताकि प्री-ईएमआई ब्याज पर टैक्स छूट साफ हो सके। इस संशोधन के बाद अब टैक्सपेयर्स को घर का कब्जा मिलने से पहले चुकाए गए ब्याज पर मिलने वाले डिडक्शन का लाभ स्पष्ट होगा। यह बदलाव पुराने कानून और नए कानून के प्रावधानों के बीच पैदा हुए अंतर और असमंजस को पूरी तरह से खत्म करने वाला साबित होगा।</p>
<h3>पहले वाली उलझन क्या थी</h3>
<p>पुराने इनकम टैक्स एक्ट 1961 में यह व्यवस्था पहले से स्पष्ट थी कि 2 लाख की लिमिट में करंट और प्री-पजेशन ब्याज शामिल है। लेकिन नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 के सेक्शन 22(2) में प्री-पजेशन पीरियड इंटरेस्ट के शामिल होने का कोई साफ जिक्र मौजूद नहीं था। इस स्पष्टता की कमी के कारण कानून की अलग-अलग व्याख्याएं की जा रही थीं जिससे टैक्सपेयर्स के बीच काफी असमंजस बना हुआ था।</p>
<h3>बजट 2026 का बड़ा प्रस्ताव</h3>
<p>सरकार ने इस भ्रम को दूर करने के लिए <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-analysis-taxpayers-to-investors-and-consumers-who-benefits-and-suffers-1547416.html">बजट 2026</a> के माध्यम से सेक्शन 22(2) में जरूरी संशोधन करने का प्रस्ताव पेश किया है। अब साफ शब्दों में कहा गया है कि ब्याज पर मिलने वाले 2 लाख के डिडक्शन में प्रायर-पीरियड इंटरेस्ट को भी शामिल किया जाएगा। इस संशोधन के बाद नए एक्ट का यह सेक्शन भी पुराने कानून के सेक्शन 24(b) की तरह ही प्रभावी और स्पष्ट हो जाएगा।</p>
<h3>क्या है प्री-ईएमआई ब्याज</h3>
<p>जब कोई व्यक्ति घर बनवा रहा होता है या अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी खरीदता है तो कब्जा मिलने तक दिए ब्याज को प्रायर-पीरियड इंटरेस्ट कहते हैं। इस ब्याज को सीधे एक साल में क्लेम नहीं किया जा सकता बल्कि इसे पांच बराबर हिस्सों में बांटकर क्लेम करने का नियम है। घर पूरा होने के बाद के पांच सालों में यह कटौती होम लोन के कुल 2 लाख के सालाना डिडक्शन की लिमिट में शामिल होगी।</p>
<h3>टैक्सपेयर्स को मिलने वाला लाभ</h3>
<p>इस बदलाव से ज्यादातर टैक्सपेयर्स पर असर नहीं पड़ेगा क्योंकि यह पुराने नियम को ही नए कानून में स्पष्ट तौर पर जोड़ता है। जिन लोगों का प्री-पजेशन ब्याज ज्यादा है उन्हें ध्यान रखना होगा कि करंट और पुराना ब्याज मिलाकर कुल डिडक्शन 2 लाख से ज्यादा नहीं हो सकता। यह संशोधन विवाद की संभावना को खत्म करेगा और टैक्स कंप्लायंस के लिहाज से होम लोन धारकों के लिए बहुत अहम साबित होगा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://navbharatlive.com/business/8th-pay-commission-got-new-office-in-chandralok-building-new-delhi-1554591.html">केंद्रीय कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, 8वें वेतन आयोग ने संभाला कार्यभार; जानें कब से लागू होगी नई सिफारिशें</a></strong></p>
<h3>अधिकतम सीमा और शर्तें</h3>
<p>सेल्फ-ऑक्युपाइड प्रॉपर्टी के लिए ब्याज भुगतान पर मिलने वाली अधिकतम <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-nirmala-sitharaman-explains-the-reason-for-not-giving-income-tax-exemption-1551068.html">टैक्स छूट</a> की सीमा 2 लाख पर ही स्थिर रखी गई है। चाहे मौजूदा साल का ब्याज हो या कब्जा मिलने से पहले वाला बकाया ब्याज, दोनों का कुल योग निर्धारित सालाना सीमा के अंदर ही होना चाहिए। इस स्पष्टीकरण से अब टैक्स फाइल करना आसान होगा क्योंकि सरकार ने पुराने नियमों को ही नए एक्ट में जगह दे दी है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: &amp;#8230;तो इसलिए नहीं मिली आम आदमी को राहत? निर्मला सीतारमण ने बताई इनकम टैक्स में छूट न देने की वजह</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/budget-2026-nirmala-sitharaman-explains-the-reason-for-not-giving-income-tax-exemption-1551068.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[मनोज आर्या]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 04 Feb 2026 16:21:26 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Wed, 04 Feb 2026 16:21:26 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Business News]]></category>
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		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
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					<description><![CDATA[Nirmala Sitharaman: केंद्रीय बजट 2026 पर बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि हम जितना बजट देते हैं वो पूरा इस्तेमाल होता है। सरकार ने भविष्य का बजट पेश किया है। हमने 25 साल की प्लानिंग की है।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/nirmala-sitharaman-on-income-tax_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Budget 2026 Nirmala Sitharaman Explains The Reason For Not Giving Income Tax Exemption"     /></figure><p><strong>Nirmala Sitharaman On Income Tax Slab: </strong>बजट 2026 से मध्यम वर्ग को उनके उम्मीदों के मुताबिक सरकार से राहत नहीं मिली। आम आदमी इस बजट से भी इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव की राह देख रहा था। हालांकि, वित्त मंत्री ने इसको लेकर कोई बड़ी घोषणाएं नहीं की। इसके बाद से यह मुद्दा काफी चर्चा में रहा। अब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस मामले पर खुद सफाई दी हैं। उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया है कि डायरेक्ट टैक्स में किसी भी तरह का बदलाव क्यों नहीं हुआ।</p>
<p>एक टीवी चैनल से इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा कि हमने आयकर में जो पिछले साल छूट दिया उसका फायदा इस साल से होगा उससे पहले मैं इनकम टैक्स में फिर से छूट कैसे दूं। अगर मैं हर व्यक्ति का 7.76 लाख रुपये से 8 लाख तक किया तो आप बोल सकते हैं कि 9 तक करें 10 तक करें। 4 लाख से सीधा इतना छूट देने के बाद कैसे इस साल भी इनकम टैक्स में छूट दूं।</p>
<h3>देश में महंगाई पूरी तरह कंट्रोल में है</h3>
<p>केंद्रीय बजट 2026 पर बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि हम जितना बजट देते हैं वो पूरा इस्तेमाल होता है। सरकार ने भविष्य का बजट पेश किया है। हमने 25 साल की प्लानिंग की है। इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा कि हर राज्य की क्षमता पर खर्च निर्भर करता है। इनकम टैक्स पर पिछले साल की फायदा इस साल मिल रहा है। हमारे देश में महंगाई कंट्रोल में है।</p>
<h3>भारत में बैंकिंग की स्थिति मजबूत है</h3>
<p>निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत में बैंकिंग की स्थिति मजबूत है। हर स्कीम में देश की जनता की भागीदारी जरूरी है। सरकार का मकसद छोट उद्योग को बढ़ाना है। आत्मनिर्भरता हमारी प्राथमिकता है। वित्त मंत्री ने कहा कि ‘रेअर अर्थ कॉरिडोर में नौकरियां मिलेंगी। हमारी सरकार ने MSME के लिए कई मजबूत फैसले लिए। 7 ऐसे सेक्टर हैं, जिनका भारत को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण रोल है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a title="India-US Trade Deal: क्यों गुस्से में हैं देश के किसान" href="https://navbharatlive.com/business/why-are-indian-farmers-angry-with-the-india-us-trade-deal-1550947.html">India-US Trade Deal: क्यों गुस्से में हैं देश के किसान? ट्रंप की मांग और मोदी सरकार की सफाई के बीच फंसा पेच</a></strong></p>
<h3>भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर वित्त मंत्री का बयान</h3>
<p>अमेरिकी कृषि मंत्री ब्रूक रोलिंस के बयान पर <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-27-india-7-percent-growth-reform-express-1545639.html"><strong>निर्मला सीतारमण</strong></a> ने कहा कि अभी ट्रेड को लेकर फाइनल साइन नहीं हुआ है जब होगा तो सही से पता चल जाएगा। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट कर दिया कि कृषि और डेयरी सेक्टर के हितों की रक्षा की जाएगी। हमारे मंत्री ने संसद में ये स्टेटमेंट स्पष्ट किया। बाकी तो फाइनल एग्रीमेंट के बाद होगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बजट के बाद अब 6 फरवरी की बारी, आम आदमी के लिए हो सकता बड़ा ऐलान; EMI से राहत की संभावना</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/rbi-monetary-policy-meeting-to-be-held-on-february-6-1548182.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[मनोज आर्या]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 02 Feb 2026 15:07:40 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Mon, 02 Feb 2026 15:07:40 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Business News]]></category>
		<category><![CDATA[RBI]]></category>
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					<description><![CDATA[Budget 2026: यूनियन बजट से राहत की उम्मीद देख रही आम जनता अब 6 फरवरी को होने वाले आरबीआई एमपीसी की ओर देख रहा है। केंद्रीय बैंक अगर ब्याज दरों में बदलाव करता है तो लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।  ]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/nirmala-sitharaman-1-2_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Rbi Monetary Policy Meeting To Be Held On February 6"     /></figure><p><strong>RBI MPC 2026:</strong> बजट के बाद अब आम आदमी समेत शेयर बाजार और अर्थशास्त्रियों की नजर 6 फरवरी 2026 को होने वाली भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति बैठक पर है। उससे पहले अधिकतर बड़े आर्थिक संस्थानों के अर्थशास्त्रियों की राय एक जैसी नजर आ रही है। नोमुरा, सिटी इंडिया, एसबीआई, जेपी मॉर्गन और देश के पूर्व मुख्य सांख्यिकीविद प्रोणब सेन समेत कई विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करेगी।</p>
<p>विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) फिलहाल महंगाई के रुझान, रुपये की चाल और वैश्विक हालात को और साफ तौर पर समझना चाहेगा, इसलिए “रुककर देखने” की रणनीति अपनाई जा सकती है।</p>
<h3>क्या है अर्थशास्त्रियों का अनुमान?</h3>
<p>अर्थशास्त्रियों के मुताबिक, आने वाले समय में रुपये पर दबाव, ग्लोबल मार्केट की अस्थिरता और विदेशी पूंजी के प्रवाह जैसे फैक्टर नीति फैसलों को प्रभावित करेंगे। दीपक चिनॉय ने कहा कि रुपये की कमजोरी अपने आप में समस्या नहीं है, बल्कि यह पूंजी प्रवाह की कमी का संकेत है। खासकर एफडीआई का स्तर इतना मजबूत नहीं है कि वह चालू खाते के घाटे को आसानी से फंड कर सके। उनका मानना है कि अगर वैश्विक उतार-चढ़ाव ज्यादा समय तक बना रहता है, तो आरबीआई को रुपये को “शॉक एब्जॉर्बर” की तरह काम करने देना चाहिए, बजाय इसके कि विदेशी मुद्रा भंडार का ज्यादा इस्तेमाल किया जाए।</p>
<h3>सिटी इंडिया ने दी ये चेतावनी</h3>
<p>सिटी इंडिया के समीरन चक्रवर्ती ने चेतावनी दी कि अगर रुपये में जरूरत से ज्यादा गिरावट आती है, तो इसका असर निवेशकों के व्यवहार पर पड़ सकता है। इससे विदेशी निवेश आने में देरी हो सकती है। उन्होंने कहा कि आज के समय में करेंसी को लेकर उम्मीदें निवेश फैसलों में बड़ी भूमिका निभा रही हैं। ऐसे में आरबीआई की ओर से रुपये के वैल्यूएशन को लेकर साफ संकेत या गाइडेंस मिलना निवेशकों के लिए काफी मददगार साबित हो सकता है।</p>
<h3>रेपो रेट पर क्या है नोमुरा की राय</h3>
<p>वहीं, नोमुरा की सोनल वर्मा का कहना है कि नए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) सीरीज़ को लेकर अनिश्चितता भी रेपो रेट में फिलहाल बदलाव न करने की बड़ी वजह है। उनके अनुसार, नई सीरीज़ में खाने-पीने और सेवाओं के वेटेज बदलने से महंगाई करीब 50 बेसिस प्वाइंट ज्यादा दिख सकती है। इस ट्रांजिशन के दौरान MPC को महंगाई की दिशा और उसकी गति पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:<a title="Gold Price Prediction: क्या और सस्ता होगा सोना-चांदी, Buy करें या सेल" href="https://navbharatlive.com/business/will-gold-and-silver-become-cheaper-should-buy-or-sell-what-experts-said-1548165.html"> Gold Price Prediction: क्या और सस्ता होगा सोना-चांदी, Buy करें या सेल? क्या है एक्सपर्ट की राय </a></strong></p>
<p>एसबीआई के सौम्य कांति घोष ने बॉन्ड यील्ड और लिक्विडिटी ट्रांसमिशन को अहम मुद्दा बताया, जबकि प्रोणब सेन ने कहा कि असली सवाल यह है कि क्या <a href="https://navbharatlive.com/business/budget/economic-survey-2026-highlights-india-gdp-growth-projection-ai-focus-1540231.html"><strong>भारतीय अर्थव्यवस्था</strong></a> में निवेशकों का भरोसा फिर से मजबूत हो पा रहा है या नहीं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: कहीं खुशी, कहीं गम! बजट के पिटारे से किसके हिस्से आई चांदी और किसका हुआ दिवाला? देखें पूरी लिस्ट</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/budget-2026-analysis-taxpayers-to-investors-and-consumers-who-benefits-and-suffers-1547416.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[मनोज आर्या]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 02 Feb 2026 11:21:43 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Mon, 02 Feb 2026 11:21:43 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Business News]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
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					<description><![CDATA[Budget Analysis: सरकार ने टैक्सपेयर्स को सीधे टैक्स स्लैब में छूट देने के बजाय आयकर नियमों को सरल बनाकर उन्हें राहत देने की कोशिश की है। इसमें इनकम टैक्स रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने के नियम बदले है।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/nirmala-sitharaman-6_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Budget 2026 Analysis Taxpayers To Investors And Consumers Who Benefits And Suffers"     /></figure><p><strong>Union Budget 2026: </strong>केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी को वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। हर बार की तरह इस बार भी यह बजट अर्थव्यवस्था के अलग-अलग क्षेत्रों के लिए कहीं राहत तो कहीं दबाव लेकर आया। रविवार को पेश किए गए इस बजट का मूल उद्देश्य देश के विकास, सुधार और आर्थिक स्थायित्व को बनाए रखना रहा।</p>
<p>एक ओर जहां विकास को प्राथमिकता देते हुए इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाया गया है, वहीं दूसरी ओर सरकार ने अपनी राजस्व स्थिति मजबूत करने के लिए कुछ क्षेत्रों में सख्ती भी दिखाई है।</p>
<h3>टैक्सपेयर्स को क्या राहत?</h3>
<p>राहत भरे कदमों की बात करें तो सरकार ने टैक्सपेयर्स को सीधे टैक्स स्लैब में छूट देने के बजाय आयकर नियमों को सरल बनाकर उन्हें राहत देने की कोशिश की है। इसमें इनकम टैक्स रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय देना, कर दंड को कम करना और कुछ तकनीकी या अनजाने में हुई गलतियों को अपराध की श्रेणी से बाहर करना शामिल है। इन उपायों से करदाताओं पर मानसिक दबाव कम होने के साथ-साथ टैक्स सिस्टम में भरोसा बढ़ने की उम्मीद है।</p>
<p>विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार ने नियमों में ढील दी है। निवेश की सीमाओं को बढ़ाने और टैक्स से जुड़े कुछ प्रावधानों को सरल बनाने से भारत को निवेश के लिहाज से ज्यादा आकर्षक बनाने की कोशिश की गई है। इसका उद्देश्य लंबी अवधि में पूंजी प्रवाह बढ़ाना और आर्थिक गतिविधियों को गति देना है।</p>
<h3>उपभोक्ताओं को क्या मिला?</h3>
<p>उपभोक्ताओं के नजरिये से देखें तो बजट में कई जीवन रक्षक दवाओं और जरूरी मेडिकल सामग्री पर सीमा शुल्क में कटौती की गई है, जिससे इलाज की लागत कम होने की संभावना है। हालांकि, कुछ डिजिटल उत्पादों और रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं पर कोई खास राहत न मिलने से उपभोक्ताओं के एक वर्ग को निराशा भी हाथ लगी है। कुल मिलाकर बजट विकास और राजस्व संतुलन के बीच संतुलन साधने की कोशिश करता दिखता है, लेकिन आम आदमी को मिली राहत सीमित ही नजर आती है।</p>
<h3>बजट 2026 से क्या फायदा?</h3>
<p>इस बजट में कई ऐसे कदम उठाए गए हैं जो आम उपभोक्ताओं, उद्योग और निर्यात से जुड़े क्षेत्रों के लिए फायदेमंद माने जा रहे हैं। सरकार ने 17 तरह की जीवनरक्षक दवाओं पर सीमा शुल्क पूरी तरह खत्म कर दिया है। इनमें कैंसर की दवाएं, जरूरी मेडिकल मेडिसीन्स और सात तरह की दुर्लभ बीमारियों के लिए विशेष भोजन शामिल हैं। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज की लागत कम होने की उम्मीद है और मरीजों को सीधी राहत मिलेगी।</p>
<h3>पहले के मुकाबले सस्ते होंगे ये उत्पाद</h3>
<p>इसके अलावा माइक्रोवेव ओवन पर सीमा शुल्क में कटौती की गई है, जिससे उपभोक्ताओं को इसकी कीमतों में कुछ राहत मिल सकती है। उद्योग जगत को ध्यान में रखते हुए कई तरह के कैपिटल गुड्स पर भी सीमा शुल्क में कटौती बढ़ाई गई है, जिससे उत्पादन लागत घटेगी और विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p>निर्यात को गति देने के लिए कपड़ा, लेदर और समुद्री उत्पादों के निर्यात को बढ़ाने से जुड़े कदम उठाए गए हैं। इससे इन श्रम-प्रधान क्षेत्रों में कारोबार और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-8th-pay-commission-announcement-in-nirmala-sitharaman-speech-1546559.html">Budget 2026: निर्मला सीतारमण के बजट में 8वां वेतन आयोग के लिए क्या खास, कर्मचारियों की कब तक बढ़ेगी सैलरी?</a></strong></p>
<h3>शेयर बायबैक पर अब लगेगा टैक्स</h3>
<p>हालांकि,<a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-5-big-expectations-that-nirmala-sitharaman-broke-in-the-budget-1546790.html"> <strong>बजट 2026</strong> </a>में एक सख्त फैसला भी लिया गया है। शेयर बायबैक पर अब टैक्स लगाया जाएगा और इसे सभी शेयरधारकों के लिए कैपिटल गेन माना जाएगा। इस बदलाव से निवेशकों पर कर बोझ बढ़ सकता है और कंपनियों की बायबैक रणनीति पर भी असर पड़ने की आशंका है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मोदी सरकार का मास्टरस्ट्रोक&amp;#8230;बजट में कांग्रेस शासित राज्यों पर मेहरबानी, क्या है तैयारी?</title>
		<link>https://navbharatlive.com/india/masterstroke-of-modi-governmentfavor-to-congress-ruled-states-in-the-budget-what-is-the-preparation-1547356.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[रंजन कुमार]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 02 Feb 2026 09:12:20 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Mon, 02 Feb 2026 09:12:20 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[Budget]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Congress]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sithraman]]></category>
		<category><![CDATA[Rahul Gandhi]]></category>
		<category><![CDATA[Upcoming Elections]]></category>
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					<description><![CDATA[Budget 2026 Highlights : केंद्र सरकार ने आम बजट में विपक्षी राज्यों के लिए बड़े प्रोजेक्ट्स का एलान किया है। चुनावी राज्यों तमिलनाडु और केरल को इंफ्रास्ट्रक्चर और खेती में बड़ी सौगातें मिली हैं। ]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/Nirmala-and-PM-Modi_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Masterstroke Of Modi Governmentfavor To Congress Ruled States In The Budget What Is The Preparation"     /></figure><p><strong>Budget 2026 News :</strong> आम बजट की घोषणाओं के बाद सियासी गलियारों में हलचल तेज है। कल संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का भाषण सुनने राहुल गांधी पहुंचे थे, लेकिन उन्होंने तुरंत प्रतिक्रिया देने से इनकार किया।</p>
<p>राजनीति में अक्सर पक्षपात के आरोप लगते हैं, लेकिन इस बार का बजट कुछ अलग कहानी कह रहा। जहां पिछले वर्षों में बिहार और आंध्र प्रदेश की चर्चा रही, वहीं इस बार केंद्र सरकार ने कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश जैसे कांग्रेस शासित राज्यों के लिए भी तिजोरी खोली है। अब जब राहुल गांधी बोलेंगे तो उन्हें इन विकास योजनाओं और राज्य के हितों के बीच संतुलन बिठाकर अपनी बात रखनी होगी।</p>
<h3>राज्यों का हिस्सा और बड़े प्रोजेक्ट</h3>
<p>केंद्र सरकार ने टैक्स बंटवारे में राज्यों के हक को कम नहीं किया है। कुल कर का 41% हिस्सा राज्यों को मिलता रहेगा। इससे कर्नाटक और तेलंगाना जैसे राज्यों को विकास कार्यों के लिए भारी-भरकम राशि मिलेगी। इसके अलावा बुनियादी ढांचे के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसका बड़ा लाभ दक्षिण भारतीय राज्यों को मिलेगा। बेंगलुरु और हैदराबाद के निवासियों के लिए सबसे बड़ी सौगात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर है। बजट में घोषित 7 नए कॉरिडोर में से मुख्य रूट हैदराबाद-बेंगलुरु और चेन्नई-बेंगलुरु को जोड़ेंगे। इससे व्यापार और यातायात की रफ्तार कई गुना बढ़ जाएगी।</p>
<h3>बजट में कांग्रेस शासित राज्यों के लिए खास योजनाओं का जिक्र</h3>
<p><strong>हिमाचल प्रदेश </strong>: पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इको फ्रेंडली माउंटेन ट्रेल्स बनाए जाएंगे। इससे दुर्गम इलाकों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।</p>
<p><strong>कर्नाटक </strong>: कछुओं के संरक्षण के लिए टर्टल ट्रेल्स परियोजना शुरू होगी। इसका उद्देश्य कर्नाटक के तटीय पर्यटन को श्रीलंका और थाईलैंड के स्तर पर लाना है। वैसे, कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने आरोप लगाया कि कर्नाटक सबसे ज्यादा टैक्स देने के बावजूद अपर भद्रा परियोजना के लिए अपने हक के 5300 करोड़ रुपये का इंतजार ही कर रहा है।</p>
<h3>चुनावी राज्यों पर दांव</h3>
<p>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जब कांजीवरम साड़ी पहनकर बजट पेश करने पहुंचीं तो इसे महज पहनावा नहीं, बल्कि तमिलनाडु के आगामी चुनावों से जोड़कर देखा गया। बीजेपी दक्षिण में अपनी पैठ मजबूत करने की कोशिश में है। चेन्नई को दो बुलेट ट्रेन कॉरिडोर और हाई स्पीड कनेक्टिविटी दी गई है। तमिलनाडु को क्रिटिकल मिनरल्स का हब बनाने के लिए रेयर अर्थ कॉरिडोर की स्थापना होगी। थूथुकुडी के आदिचनल्लूर को वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। नारियल और काजू की खेती करने वाले किसानों के लिए विशेष बजट आवंटित किया गया है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इन घोषणाओं को खाली वादे करार दिया। उन्होंने मदुरै AIIMS का हवाला देते हुए कहा कि बिना फंड और समय सीमा के ऐसी घोषणाएं केवल चुनावी जुमला बनकर रह जाती हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें :<a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/nagpur/railway-budget-2026-analysis-senior-citizen-concession-corruption-claims-1547291.html"> रेल बजट में 3 लाख करोड़ का प्रावधान, पर एक्सपर्ट का दावा- ‘आधा बजट तो भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाएगा!’</a></strong></p>
<h3>केरल के लिए मास्टरप्लान</h3>
<p>केरल को विझिनजम पोर्ट से जोड़ने वाले रेयर अर्थ कॉरिडोर में शामिल किया गया है, जिससे वहां 42,000 करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद है। इसके अलावा कोकोनट प्रमोशन स्कीम से केरल के लाखों किसानों को फायदा मिलेगा। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने वायनाड पैकेज और AIIMS जैसी पुरानी मांगों की अनदेखी पर सवाल उठाए। विजयन का आरोप है कि केंद्र सरकार उन राज्यों को सजा दे रही है, जो शिक्षा और स्वास्थ्य के मानकों पर बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।</p>
<h3>विकास और राजनीति की बिसात</h3>
<p><a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/palghar/union-budget-2026-palghar-development-women-farmers-youth-1547062.html">बजट 2026</a> ने विकास और राजनीति की ऐसी बिसात बिछा दी है, जहां केंद्र सरकार अपनी समावेशी छवि दिखाने की कोशिश कर रही है तो विपक्षी दल इसे चुनावी रणनीति बता रहे हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Gold-Silver Price: नहीं थम रही गिरावट&amp;#8230;ऑल-टाइम हाई से 1,70,335 रुपये सस्ती हुई चांदी, सोना भी फिसला</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/silver-price-crash-after-budget-10000-rupee-fall-gold-plunges-see-10-gram-gold-price-1547035.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[अर्पित शुक्ला]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 02 Feb 2026 04:46:13 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Mon, 02 Feb 2026 04:46:13 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Business News Updates]]></category>
		<category><![CDATA[Gold-Silver Rate]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://navbharatlive.com/?p=1547035</guid>

					<description><![CDATA[Gold-Silver Price Crash: सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट थमती हुई नजर नहीं आ रही है। बजट वाले दिन भारी गिरावट के बाद सोमवार को भी Gold-Silver क्रैश नजर आए।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/gold-silver-Price-Crash_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Silver Price Crash After Budget 10000 Rupee Fall Gold Plunges See 10 Gram Gold Price"     /></figure><p><strong>Gold-Silver Rates Today:</strong> सोना-चांदी की कीमतों में जारी गिरावट (Gold-Silver Price Crash) थमने का नाम नहीं ले रही है। बजट वाले दिन भारी टूट के बाद सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में वायदा कारोबार शुरू होते ही दोनों कीमती धातुएं और सस्ती हो गईं। एक तरफ 1 किलो चांदी की कीमत एक झटके में करीब 16,000 रुपये गिर गई, वहीं दूसरी ओर 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का वायदा भाव एमसीएक्स पर 4,000 रुपये से ज्यादा टूट गया।</p>
<h3>इतना रह गया 1 किलो चांदी का भाव</h3>
<p>चांदी की कीमतें पिछले सप्ताह गुरुवार को इतिहास में पहली बार 4 लाख रुपये के पार पहुंचने के बाद से लगातार क्रैश हो रही हैं। Budget 2026 वाले दिन रविवार को करीब 9 फीसदी से ज्यादा गिरने के बाद, सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को MCX पर ट्रेडिंग शुरू होते ही चांदी और नीचे फिसल गई। पिछले कारोबारी दिन चांदी तेज गिरावट और फिर हल्की रिकवरी के बाद 2,65,652 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी। सोमवार को कारोबार खुलते ही यह 2,55,652 रुपये पर आ गई और कुछ ही मिनटों में 2,49,713 रुपये प्रति किलो तक लुढ़क गई। यानी चांदी वायदा करीब 15,943 रुपये और सस्ती हो गई।</p>
<h3>हाई से अब इतनी सस्ती हुई चांदी</h3>
<p>पिछले कुछ दिनों में जिस रफ्तार से चांदी में तेजी देखी गई थी, उससे भी ज्यादा तेजी से अब इसमें गिरावट आई है। गौरतलब है कि बीते गुरुवार को MCX पर 5 मार्च एक्सपायरी वाली चांदी ने 4,20,048 रुपये प्रति किलो का ऑल-टाइम हाई बनाया था। इस स्तर से अब तक चांदी की कीमत करीब 1,70,335 रुपये गिर चुकी है।</p>
<h3>सोने का भी कुछ ऐसा ही हाल</h3>
<p>Silver Price Crash के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी तेज गिरावट देखी जा रही है। <a href="https://navbharatlive.com/business/union-budget-2026-highlights-nirmala-sitharaman-tax-changes-major-schemes-for-farmers-women-salaried-class-full-summary-1545833.html">बजट</a> वाले दिन सोना करीब 13,000 रुपये तक टूट गया था, हालांकि बाद में इसमें हल्की रिकवरी आई थी। रविवार को सोना 1,47,753 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, लेकिन सोमवार को MCX पर कारोबार शुरू होते ही यह फिसलकर 1,43,321 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। यानी 10 ग्राम 24 कैरेट सोना करीब 4,432 रुपये सस्ता हो गया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- <a class="title" title="Budget के बाद सोने-चांदी में निवेश करने पर कितना लगेगा टैक्स" href="https://navbharatlive.com/business/how-will-gold-and-silver-be-taxed-after-budget-2026-know-detail-here-1546975.html">Budget के बाद सोने-चांदी में निवेश करने पर कितना लगेगा टैक्स? यहां देखें पूरी डिटेल</a></strong></p>
<h3>हाई से अब कितना सस्ता हुआ सोना</h3>
<p>सोने ने भी चांदी की तरह पिछले गुरुवार को अपना नया रिकॉर्ड हाई बनाया था। उस दिन जोरदार तेजी के साथ गोल्ड रेट 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था। इसके बाद से सोने की कीमतों में लगातार गिरावट आई और अब तक यह करीब 49,775 रुपये सस्ता हो चुका है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget के बाद सोने-चांदी में निवेश करने पर कितना लगेगा टैक्स? यहां देखें पूरी डिटेल</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/how-will-gold-and-silver-be-taxed-after-budget-2026-know-detail-here-1546975.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[अर्पित शुक्ला]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 02 Feb 2026 03:41:31 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Mon, 02 Feb 2026 03:41:31 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Business News Updates]]></category>
		<category><![CDATA[Gold-Silver Rate]]></category>
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					<description><![CDATA[Gold and silver Budget 2026: सोने और चांदी की कीमत में पिछले एक साल में रेकॉर्डतोड़ तेजी आई है। इसलिए इस बार सबकी नजरें बजट पर थी। बजट पेश होने से पहले सोने और चांदी की कीमत में भारी गिरावट देखी गई।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/gold-silver_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="How Will Gold And Silver Be Taxed After Budget 2026 Know Detail Here"     /></figure><p><strong>Gold-Silver Prices:</strong> सोने और चांदी की कीमतों में हाल ही में काफी वृद्धि देखी गई है, और इसलिए इस बार बजट पर सभी की निगाहें थीं। हालांकि, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गोल्ड और सिल्वर में निवेश से जुड़े नियमों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है। इस बीच, सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट आई। एमसीएक्स पर कारोबार के दौरान सोने की कीमत ₹13,000 प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत ₹26,000 तक गिर गई।</p>
<p>सोने की खरीद पर 3% जीएसटी लगता है, जबकि मेकिंग चार्ज पर 5% जीएसटी का प्रावधान है। अगर फिजिकल गोल्ड का होल्डिंग पीरियड 24 महीने तक है, तो शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगता है। वहीं, अगर होल्डिंग पीरियड 24 महीने से ज्यादा है, तो इनडेक्सेशन बेनिफिट्स के बिना 12.5% का लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन टैक्स लागू होता है। डिजिटल गोल्ड और सिल्वर पर भी वही टैक्स लागू होता है, जो फिजिकल गोल्ड पर होता है, हालांकि इस पर 5% का मेकिंग चार्ज नहीं लगता है।</p>
<h3>नहीं लगता विरासत टैक्स</h3>
<p>विरासत में मिले सोने या चांदी पर कोई टैक्स नहीं लगता, चाहे वह माता-पिता, पति-पत्नी, या भाई-बहन से ही क्यों न मिला हो। लेकिन अगर किसी अन्य व्यक्ति से ₹50,000 से अधिक मूल्य का तोहफा मिलता है, तो उस पर टैक्स लागू होगा, और यह टैक्स तोहफा प्राप्त करने वाले को देना होगा। भारत में विरासत टैक्स नहीं है, और जब विरासत में मिला सोना या चांदी बेचा जाता है, तो कैपिटल गेन की गणना मूल मालिक की खरीद मूल्य पर की जाती है, जिसमें पिछले ऑनर का होल्डिंग पीरियड भी शामिल होता है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- <a href="https://navbharatlive.com/business/sensex-performance-on-budget-day-under-modi-govt-historical-data-1546745.html">Budget 2026: बजट और शेयर बाजार का खौफनाक नाता? मोदी सरकार के 15 बजटों में 8 बार डूबा मार्केट; देखें आंकड़े</a></strong></p>
<h3>ETF के नियम</h3>
<p>अगर <a href="https://navbharatlive.com/business/gold-and-silver-price-update-of-budget-day-2026-check-latest-rate-1545648.html">गोल्ड और सिल्वर</a> ईटीएफ का होल्डिंग पीरियड 12 महीने तक है, तो उस पर स्लैब रेट्स के हिसाब से टैक्स लगता है। अगर होल्डिंग पीरियड 12 महीने से ज्यादा है, तो 12.5% टैक्स बिना टैक्सेशन के लगेगा। गोल्ड और सिल्वर म्यूचुअल फंड्स में, अगर होल्डिंग पीरियड 24 महीने तक है, तो उस पर स्लैब रेट्स के हिसाब से टैक्स लगेगा। 24 महीने से ज्यादा होल्डिंग पीरियड होने पर, टैक्स के बिना 12.5% टैक्स लगेगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: कहां गई नागपुर-मुंबई बुलेट ट्रेन? बजट में रेलवे की बड़ी घोषणाएं, पर संतरा नगरी के लिए कुछ नहीं</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/budget-2026-nagpur-railway-neglect-mumbai-nagpur-bullet-train-dropped-1546953.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रिया जैस]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 02 Feb 2026 02:10:42 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Mon, 02 Feb 2026 02:10:42 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[नागपुर]]></category>
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		<category><![CDATA[Nagpur railway]]></category>
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					<description><![CDATA[Nagpur in Union Budget 2026: नागपुर और विदर्भ को रेलवे में बड़ा झटका! 7 हाई-स्पीड कॉरिडोर से नागपुर-मुंबई बुलेट ट्रेन गायब। रेल संगठनों में भारी नाराजगी। पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/nagpur-budget-2026_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Budget 2026 Nagpur Railway Neglect Mumbai Nagpur Bullet Train Dropped"     /></figure><p><strong>Nagpur Railway Budget 2026:</strong> वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को आम बजट 2026-27 संसद में पेश किया। उन्होंने कहा कि रेलवे को लेकर केंद्र सरकार ने बड़े और महत्वाकांक्षी प्रावधान किए हैं। उन्होंने प्रस्तुत बजट को #ViksitBharatBudget का नाम देते हुए देश के बुनियादी ढांचे, विशेषकर रेल कनेक्टिविटी के लिए ऐतिहासिक बताया।</p>
<p>बजट में महाराष्ट्र में रेलवे के लिए 23,778 करोड़ का रिकॉर्ड आवंटन किया है। हालांकि इन तमाम बड़ी घोषणाओं के बीच नागपुर और विदर्भ को लेकर निराशा और नाराजगी है क्योंकि देश में सबसे तेजी से विकसित हो रहे शहरों में शामिल नागपुर को हाई स्पीड <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-mumbai-pune-hyderabad-high-speed-railway-corridor-maharashtra-infrastructure-investment-1545947.html">रेल कॉरिडोर</a> से बाहर कर दिया गया है।</p>
<p>इससे पहले नागपुर और मुंबई के बीच बुलेट ट्रेन की घोषणाएं की जाती रही हैं। देश के भौगोलिक केंद्र और प्रमुख रेल जंक्शन होने के बावजूद नागपुर को बजट में कोई ठोस और प्रत्यक्ष सौगात नहीं मिलने से स्थानीय यात्रियों और रेल संगठनों में असंतोष है।</p>
<h3>ये होंगे 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर</h3>
<ul>
<li>मुंबई-पुणे</li>
<li>पुणे-हैदराबाद</li>
<li>हैदराबाद-बेंगलुरु</li>
<li>हैदराबाद-चेन्नई</li>
<li>चेन्नई-बेंगलुरु</li>
<li>दिल्ली-वाराणसी</li>
<li>वाराणसी-सिलीगुड़ी<br />
(इन कॉरिडोर को विकास के ग्रोथ कनेक्टर के रूप में देखा जा रहा है, जिससे यात्रियों की समय बचत के साथ-साथ माल परिवहन भी तेज होगा। हालांकि देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे 15 शहरों में शामिल नागपुर को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया।)</li>
</ul>
<h3>इन रूटों पर चाहिए सेमी हाई स्पीड ट्रेनें</h3>
<p>नागपुर-मुंबई<br />
नागपुर-दिल्ली<br />
नागपुर-चेन्नई<br />
नागपुर-बेंगलुरु<br />
नागपुर-हावड़ा (कोलकाता)<br />
(इनमें से किसी भी रूट पर एक भी सेमी हाई स्पीड ट्रेन नहीं दी और न ही हाई स्पीड रेल कॉरिडोर)</p>
<h3>विदर्भ भी नजरअंदाज</h3>
<p>विदर्भ के नजरिये से देखें तो बजट में बड़े शहरों और कॉरिडोर पर अधिक ध्यान दिया गया, जबकि मध्य भारत और विदर्भ जैसे क्षेत्रों की जमीनी जरूरतों को नजरअंदाज किया गया। कई सामाजिक संगठनों ने सवाल उठाया है कि जब नागपुर देश के सबसे महत्वपूर्ण रेल जंक्शनों में से एक है, तो यहां से सीधी लंबी दूरी की ट्रेनों और नई सेवाओं की घोषणा क्यों नहीं की गई।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें &amp;#8211; <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-vidarbha-neglect-gosikhurd-nagpur-metro-funding-gap-1546943.html">Budget 2026: विदर्भ के 11 जिले रह गए खाली हाथ, गोसीखुर्द से लेकर एयरपोर्ट तक नहीं मिला कोई फंड, पढ़ें रिपोर्ट</a></strong></p>
<h3>क्या बक्से में बंद हो गई नागपुर-मुंबई बुलेट</h3>
<p>उल्लेखनीय है कि मुंबई-अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन के बाद घोषित हाई स्पीड रेल कॉरिडोर में नागपुर-मुंबई-नागपुर बुलेट ट्रेन की भी घोषणा की गई थी। इसके बाद डीपीआर से लेकर एरियल सर्वे तक का काम पूरा कर लिया गया था, लेकिन <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-maharashtra-1-lakh-crore-gift-mumbai-metro-high-speed-rail-1546924.html">बजट 2026-27</a> में वित्त मंत्री सीतारमण ने जिस तरह 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर में से नागपुर-मुंबई रूट का नाम ही गायब कर दिया।</p>
<p>इससे संदेह हो रहा है कि क्या इस महत्वाकांक्षी परियोजना को बक्से में बंद कर दिया गया है? उल्लेखनीय है कि अजनी स्टेशन की पुनर्विकास परियोजना के समय में भी दावे किये जा रहे थे कि यहां बुलेट ट्रेन का प्लेटफॉर्म भी बनाया जाएगा। एक ही झटके में पूर्व घोषित नागपुर-मुंबई बुलेट ट्रेन योजना की पटरियां ही उखाड़ दी गईं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: विदर्भ के 11 जिले रह गए खाली हाथ, गोसीखुर्द से लेकर एयरपोर्ट तक नहीं मिला कोई फंड, पढ़ें रिपोर्ट</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/budget-2026-vidarbha-neglect-gosikhurd-nagpur-metro-funding-gap-1546943.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रिया जैस]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 02 Feb 2026 01:52:44 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Mon, 02 Feb 2026 01:52:44 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[नागपुर]]></category>
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		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
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		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Maharashtra]]></category>
		<category><![CDATA[Maharashtra Government]]></category>
		<category><![CDATA[Nagpur]]></category>
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					<description><![CDATA[Vidarbha in Union Budget 2026: विदर्भ के 11 जिले खाली हाथ! नागपुर मेट्रो और गोसीखुर्द परियोजना को नहीं मिली संजीवनी। गडकरी के गढ़ और सीएम की सिटी की अनदेखी पर उठे सवाल।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/vidarbha-budget-2026_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Budget 2026 Vidarbha Neglect Gosikhurd Nagpur Metro Funding Gap"     /></figure><p><strong>Vidarbha Budget 2026:</strong> विदर्भ के लिए शायद ही कुछ आवंटित किया गया है, बजट विश्लेषकों का मानना है कि यह क्षेत्र औद्योगिक और अवसंरचनात्मक विकास में लगातार पिछड़ रहा है। यह बजट इस स्थिति को बदलने का एक अवसर था। अगर केंद्र सरकार परियोजनाओं के लंबित मामलों को निपटाने के लिए गंभीर होती है, तो विदर्भ को कई सौ करोड़ रुपये के नए अनुदान मिल सकते थे।</p>
<p>2024 के मध्य में, सरकार ने विदर्भऔर मराठवाड़ा में सिंचाई के लिए 600 करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की थी, जिसे बाद में संशोधित करके 400 करोड़ रुपये कर दिया गया, लेकिन ये धनराशि पूरी तरह से उपलब्ध नहीं हो पाई।</p>
<h3>गोसीखुर्द सिंचाई परियोजना अब भी अधूरी</h3>
<p>पूर्वी विदर्भ में 250,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि की सिंचाई के उद्देश्य से शुरू की गई गोसीखुर्द राष्ट्रीय सिंचाई परियोजना, पर्याप्त धनराशि उपलब्ध होने के बावजूद बार-बार निर्धारित समय सीमा से चूक गई है। राज्य सरकार ने हाल ही में इसके पूरा होने की समय सीमा को जून 2026 तक बढ़ा दिया है।</p>
<p>केंद्र सरकार द्वारा अंतिम चरण की धनराशि या निगरानी के रूप में विशेष सहायता प्रदान करने से यह परियोजना पूरी हो सकती थी, जिससे नागपुर, वर्धा और भंडारा जिलों के किसानों को राहत मिलेगी। एक और महत्वपूर्ण परियोजना वैननगंगा-नलगंगा नदी को जोड़ने की है, जिससे विदर्भ के कई जिलों को लाभ होगा।</p>
<p>लगभग 88,574 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना का उद्देश्य नागपुर, वर्धा, अमरावती और आसपास के क्षेत्रों में 3.7 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि की सिंचाई करना है, जिसके लिए अतिरिक्त पानी को कमी वाले क्षेत्रों में मोड़ा जाएगा। इसे सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन कार्यान्वयन धीमा रहा है।</p>
<h3>मेट्रो में कोई प्रावधान नहीं</h3>
<p>परिवहन संपर्क एक और महत्वपूर्ण क्षेत्र है। विदर्भ का सबसे बड़ा शहर नागपुर एक लॉजिस्टिक्स हब के रूप में तेजी से विकसित हुआ है, लेकिन अंतर-क्षेत्रीय संपर्क में कमी है।</p>
<p>उदाहरण के तौर पर, <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/nagpur/nagpur-metro-expansion-south-phase-3-cm-fadnavis-election-speech-1502458.html">नागपुर मेट्रो</a> विस्तार (द्वितीय चरण) राज्य सरकार के सहयोग से चल रहा है, लेकिन इसे पर्याप्त केंद्रीय निधि की आवश्यकता है। पिछले वर्ष के बजट में नागपुर मेट्रो के विस्तार के लिए 680 करोड़ रुपयों का प्रावधान किया गया था। इस बार कुछ भी नहीं है। किया गया</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें &amp;#8211; <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-maharashtra-1-lakh-crore-gift-mumbai-metro-high-speed-rail-1546924.html">Budget 2026: महाराष्ट्र को मिली 1 लाख करोड़ की सौगात, समृद्धि से ग्रीन मोबिलिटी तक क्या-क्या मिला, देखें लिस्ट</a></strong></p>
<h3>PM मित्र पार्क की घोषणा, कार्रवाई शून्य</h3>
<p>कुल मिलाकर लगता है कि सीएम देवेंद्र फडणवीस की सिटी और केंद्रीय मंत्री <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/nagpur/budget-2026-nitin-gadkari-reaction-infrastructure-viksit-bharat-news-1546197.html">नितिन गडकरी</a> के विदर्भ के प्रति केंद्र सरकार उदासीन दिखाई दे रही है। अमरावती में पीएम मित्र पार्क की घोषणा हुई थी, इसके बाद यह प्रकल्प आगे नहीं बढ़ पाया है।</p>
<p>अमरावती और अकोला विमानतलों के विकास के लिए भी कोई प्रावधान नहीं किया गया है। सेंट्रल इंडिया में नागपुर को हेल्थ हब के रूप में बढ़ाया जा रहा है, लेकिन बजट में ध्यान नहीं। शिक्षा संस्थान नागपुर में लाए जा रहे हैं, मगर यिनवर्सिटी टाऊनशिप देश में अन्य स्थानों पर स्थापित की जा रही है।</p>
<ul>
<li><strong>नवभारत लाइव पर नागपुर से मनोज चौबे की रिपोर्ट</strong></li>
</ul>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: महाराष्ट्र को मिली 1 लाख करोड़ की सौगात, समृद्धि से ग्रीन मोबिलिटी तक क्या-क्या मिला, देखें लिस्ट</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/budget-2026-maharashtra-1-lakh-crore-gift-mumbai-metro-high-speed-rail-1546924.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रिया जैस]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 02 Feb 2026 01:25:35 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Mon, 02 Feb 2026 01:26:25 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[महाराष्ट्र]]></category>
		<category><![CDATA[मुंबई]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Devendra Fadnavis]]></category>
		<category><![CDATA[Maharashtra]]></category>
		<category><![CDATA[Mumbai]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://navbharatlive.com/?p=1546924</guid>

					<description><![CDATA[Maharashtra Budget 2026: बजट 2026 में महाराष्ट्र को ₹1 लाख करोड़ की बड़ी सौगात। मुंबई मेट्रो, हाई-स्पीड रेल और एवीजीसी (AVGC) हब के लिए मिला भारी फंड। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/maharashtra-budget-2026-1_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Budget 2026 Maharashtra 1 Lakh Crore Gift Mumbai Metro High Speed Rail"     /></figure><p><strong>Maharashtra Funding in Budget 2026:</strong> मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इस बजट में महाराष्ट्र को डिवोल्यूशन ऑफ टैक्सेस और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगभग 1 लाख करोड़ रुपये की विशाल वित्तीय मदद मिली है। यह राशि राज्य के समग्र विकास, बुनियादी ढांचे, कृषि, स्वास्थ्य, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निवेश और रोजगार सृजन के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी।</p>
<p>देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वित्त मंत्री निमला सीतारमण द्वारा पेश किया गया यह बजट &amp;#8216;विकसित भारत&amp;#8217; के लक्ष्य की दिशा में एक मजबूत और निर्णायक कदम है। उन्होंने बताया कि बढ़ते शहरीकरण को योजनाबद्ध तरीके से संभालने के लिए पहली बार 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों का एकीकृत विकास शामिल किया गया है, जिसका सबसे बड़ा लाभ महाराष्ट्र को मिलेगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार बुनियादी ढांचा क्षेत्र में 12 लाख करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। उन्होंने बताया कि 10 साल पहले जहां सालाना निवेश करीब 1 लाख करोड़ रुपये होता था, वहीं अब एक ही वर्ष में 12 लाख करोड़ रुपये का निवेश देश की तेज विकास यात्रा को दर्शाता है।</p>
<h3>कृषि और ग्रामीण विकास में बड़ी मदद</h3>
<p>इस बजट में कृषि, पशुपालन, मत्स्य व्यवसाय और सिंचाई के चार प्रमुख क्षेत्रों के लिए ठोस वित्तीय मदद और योजनाओं का प्रावधान किया गया है। हर जिले में महिलाओं के लिए हॉस्टल बनाने, जिला अस्पतालों में कैजुअल्टी व ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने से ग्रामीण और गरीब लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।</p>
<h3>ग्रोथ हब्स और हाई स्पीड कॉरिडोर</h3>
<p>सभी ग्रोथ हब्स के लिए अगले 5 वर्षों में प्रति हब 5,000 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। महाराष्ट्र में पहले से ही एमएमआर ग्रोथ हब, पुणे ग्रोथ हब और नागपुर ग्रोथ हब तैयार किए गए है। इसके अलावा लंबे समय से प्रतीक्षित <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-mumbai-pune-hyderabad-high-speed-railway-corridor-maharashtra-infrastructure-investment-1545947.html">मुंबई-पुणे कॉरिडोर</a> और पुणे-हैदराबाद हाई स्पीड कॉरिडोर की घोषणा भी की गई है।</p>
<h3>महाराष्ट्र को क्या-क्या मिला? देखें पूरी लिस्ट</h3>
<div class="responsive-table"><table style="height: 446px;" width="369">
<thead>
<tr>
<th>क्षेत्र / परियोजना</th>
<th align="right">आवंटन</th>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td>ग्रामीण सड़क</td>
<td align="right">378.38</td>
</tr>
<tr>
<td>एग्री-बिजनेस</td>
<td align="right">167.28</td>
</tr>
<tr>
<td>आर्थिक क्लस्टर</td>
<td align="right">283.77</td>
</tr>
<tr>
<td>चिकित्सा शिक्षा</td>
<td align="right">385.78</td>
</tr>
<tr>
<td>उपसा सिंचाई व सोलर</td>
<td align="right">207.10</td>
</tr>
<tr>
<td>कृषि-ग्रामीण विकास</td>
<td align="right">646.24</td>
</tr>
<tr>
<td>कौशल विकास</td>
<td align="right">313.65</td>
</tr>
<tr>
<td>जिला इंफ्रास्ट्रक्चर</td>
<td align="right">240.90</td>
</tr>
<tr>
<td>मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर</td>
<td align="right">6,103.00</td>
</tr>
<tr>
<td>मुंबई मेट्रो</td>
<td align="right">1,702.00</td>
</tr>
<tr>
<td>पुणे मेट्रो</td>
<td align="right">517.74</td>
</tr>
<tr>
<td>MUTP-3 (मुंबई)</td>
<td align="right">462.00</td>
</tr>
<tr>
<td>MMR ग्रीन मोबिलिटी</td>
<td align="right">155.32</td>
</tr>
<tr>
<td>समृद्धि महामार्ग पर ITS</td>
<td align="right">680.79</td>
</tr>
</tbody>
</table></div>
<p><strong>यह भी पढ़ें &amp;#8211; <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-income-tax-reforms-decriminalization-foreign-assets-scheme-1546102.html">Budget 2026: अब जेल नहीं जाएंगे टैक्स चोर, बजट में किया बड़ा ऐलान; टैक्स रिटर्न पर दी बड़ी राहत</a></strong></p>
<h3>निवेश-रोजगार सृजन के लिए अभूतपूर्व अवसर</h3>
<p>यह <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-stt-hike-fando-share-buyback-tax-changes-1545958.html">बजट 2026</a> महाराष्ट्र के विकास, निवेश और रोजगार सृजन के लिए अभूतपूर्व अवसर प्रदान करता है। राज्य को मिली यह वित्तीय मदद, डिवोल्यूशन ऑफ टैक्सेस और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगभग 1 लाख करोड़ रुपये है, जो महाराष्ट्र के हर क्षेत्र में विकास की गति को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।</p>
<h3>बनेगा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी</h3>
<p>भारत में एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (एवीजीसी) क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है। इसके लिए 2030 तक लगभग 20 लाख पेशेवरों की आवश्यकता होगी। इसे देखते हुए 15,000 माध्यमिक स्कूलों और 500 महाविद्यालयों में एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित की जाएंगी। इसके अलावा मुंबई में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी भी बनाया जाएगा, जिससे इस क्षेत्र में प्रशिक्षण और कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बजट 2026: अल्पसंख्यक मंत्रालय का बजट बढ़ा ₹1240 करोड़, धर्मगुरुओं की आई पहली प्रतिक्रिया</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/muslim-organizations-reaction-minority-affairs-budget-2026-27-analysis-1546850.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[स्नेहा मौर्या]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 16:16:31 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 16:16:50 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Muslim Women]]></category>
		<category><![CDATA[Uttar Pradesh]]></category>
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					<description><![CDATA[Minority Affairs Ministry Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026 में अल्पसंख्यक कल्याण के लिए ₹3400 करोड़ आवंटित किया गया। शिया बोर्ड और जमीयत सहित विभिन्न संगठनों ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया दी।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/Minority-Affairs-Ministry-Budget-2026_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Muslim Organizations Reaction Minority Affairs Budget 2026 27 Analysis"     /></figure><p><strong>Muslim Organizations Reaction On Union Budget:</strong> वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के लिए बजटीय आवंटन में महत्वपूर्ण वृद्धि की गई है। इस बार मंत्रालय के लिए ₹3,400 करोड़ का बजट अनुमान प्रस्तुत किया गया है, जो पिछले वित्त वर्ष के संशोधित अनुमानों की तुलना में लगभग ₹1,240 करोड़ अधिक है। सरकार के इस कदम पर मुस्लिम समुदाय के विभिन्न संगठनों और धर्मगुरुओं ने अपनी मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है।</p>
<h3>बजट के प्रमुख आंकड़े और आवंटन</h3>
<p>सरकार ने इस बार अल्पसंख्यक छात्रों के शैक्षणिक सशक्तीकरण पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। बजट दस्तावेजों के अनुसार:-</p>
<ul>
<li>कुल आवंटन: ₹3,400 करोड़ (पिछली बार के संशोधित अनुमान ₹2,160.45 करोड़ से अधिक)।</li>
<li>शैक्षणिक सशक्तीकरण: छात्रों की शिक्षा के लिए ₹831.7 करोड़ का प्रावधान।</li>
<li>केंद्रीय योजनाएं: विभिन्न परियोजनाओं के लिए ₹1,197.97 करोड़ का आवंटन।</li>
</ul>
<h3>संगठनों की सकारात्मक प्रतिक्रिया</h3>
<p>जमीयत उलेमा-ए-हिंद (एएम) की <a href="https://navbharatlive.com/uttar-pradesh/uttar-pradesh-turns-76-from-food-to-culture-three-day-celebration-lucknow-yogi-adityanath-1531696.html">उत्तर प्रदेश</a> इकाई के कानूनी सलाहकार मौलाना काब रशीदी ने छात्रों के शैक्षणिक सशक्तीकरण के लिए ₹832 करोड़ के प्रावधान को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि बढ़ी हुई राशि का लाभ सही योजना बनाकर समुदाय तक पहुँचाया जाना चाहिए। वहीं, ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने बजट में वृद्धि पर खुशी जाहिर की, हालांकि उन्होंने यह मांग भी उठाई कि शिया समुदाय को बजट का उचित लाभ मिले, इसके लिए सरकार को एक प्रभावी तंत्र (Mechanism) बनाना चाहिए।</p>
<h3>शिक्षा और रोजगार पर और अधिक की उम्मीद</h3>
<p>दूसरी ओर, <a href="https://navbharatlive.com/india/all-india-women-muslim-personal-law-board-chairperson-shaista-ambar-welcomed-waqf-amendment-bill-1182349.html">ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड</a> के वरिष्ठ सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने बजट को आबादी के अनुपात में कम बताया। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि पिछले वर्षों में छात्रवृत्ति मद में जो कटौती हुई थी, उस हिसाब से इस बार की वृद्धि पर्याप्त नहीं है। उन्होंने अल्पसंख्यकों के लिए गुणवत्तापूर्ण रोजगार प्रशिक्षण और उच्च शिक्षा के लिए और भी महत्वाकांक्षी योजनाओं की आवश्यकता पर बल दिया।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://navbharatlive.com/business/india-budget-2026-seven-urban-economic-regions-plan-allocation-1546839.html">बजट 2026: बेंगलुरु, वाराणसी और सूरत बनेंगे ‘शहरी आर्थिक क्षेत्र’; विकास के लिए ₹35,000 करोड़ का मास्टरप्लान</a></strong></p>
<h3>सत्तारूढ़ दल और मंत्रियों का रुख</h3>
<p>यूपी के अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने बजट का स्वागत करते हुए कहा कि इससे मुस्लिम समाज के पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कुमार बासित अली ने इसे सरकार की &amp;#8216;सकारात्मक सोच&amp;#8217; का परिणाम बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि बजट में वृद्धि स्वागत योग्य है, लेकिन इसका वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि जमीनी स्तर पर योजनाओं का क्रियान्वयन कितनी पारदर्शिता के साथ होता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बजट: बिहार को मिला केंद्रीय करों का बड़ा हिस्सा, जानें पिछले 5 वर्षों में कैसे बढ़ी राज्य की वित्तीय हिस्सेदारी</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/bihar-share-central-taxes-budget-2026-27-increase-analysis-1546841.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[आंचल लोखंडे]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 15:57:40 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 15:58:07 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[बिहार]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharman]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://navbharatlive.com/?p=1546841</guid>

					<description><![CDATA[Bihar Budget: वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में बिहार के लिए ₹1,51,831 करोड़ के कर हिस्से का प्रावधान किया गया है। यह चालू वित्त वर्ष की तुलना में ₹13,316 करोड़ की महत्वपूर्ण वृद्धि है।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/BIHAR-BUDGEJ_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Bihar Share Central Taxes Budget 2026 27 Increase Analysis"     /></figure><p><strong>New Delhi/Patna:</strong> केंद्रीय बजट 2026-27 के दस्तावेजों ने बिहार के लिए राहत भरी खबर साझा की है। केंद्र सरकार के विभाज्य कोष (Divisible Pool) से बिहार को मिलने वाली हिस्सेदारी में भारी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2026-27 में बिहार को केंद्रीय करों के रूप में ₹1,51,831 करोड़ प्राप्त होंगे, जो कि पिछले वित्त वर्ष (2025-26) के ₹1,38,515 करोड़ की तुलना में ₹13,316 करोड़ अधिक है।</p>
<h3>पांच वर्षों में बिहार की हिस्सेदारी का ग्राफ</h3>
<p>अर्थशास्त्री डॉ. सुधांशु कुमार के अनुसार, केंद्रीय करों की वसूली में हो रही निरंतर वृद्धि का सीधा लाभ राज्यों को मिल रहा है। बिहार के संदर्भ में यह बढ़ोत्तरी पिछले पांच वर्षों में काफी प्रभावशाली रही है।</p>
<h3>वित्त वर्ष आवंटित राशि (करोड़ रुपये में)</h3>
<ul>
<li>2021-22 86,942</li>
<li>2022-23 97,767</li>
<li>2023-24 1,14,289</li>
<li>2024-25 1,28,151</li>
<li>2025-26 1,38,515</li>
<li>2026-27 (अनुमानित) 1,51,831</li>
</ul>
<h3>सेस और सरचार्ज पर तकरार बरकरार</h3>
<p>भले ही करों की हिस्सेदारी बढ़ी है, लेकिन बिहार की एक पुरानी मांग अब भी अधूरी है। बजट पूर्व बैठक में बिहार के वित्त मंत्री <strong><a href="https://navbharatlive.com/bihar/samrat-chaudhary-will-take-charge-of-patna-know-who-is-in-charge-of-your-district-1522937.html">बिजेंद्र प्रसाद यादव</a> </strong>ने केंद्र से &amp;#8216;सेस&amp;#8217; (उपकर) और &amp;#8216;सरचार्ज&amp;#8217; (अधिभार) को भी विभाज्य कोष का हिस्सा बनाने की पुरजोर वकालत की थी। बिहार का तर्क है कि सेस और सरचार्ज की हिस्सेदारी 2011-12 के 10.4% से बढ़कर अब 13.6% हो गई है। चूंकि ये केंद्र के विशेष कोष का हिस्सा होते हैं, इसलिए राज्यों को उनके संवैधानिक हिस्से का नुकसान उठाना पड़ता है। हालांकि, मौजूदा बजट में भी इन्हें विभाज्य कोष के दायरे में नहीं लाया गया है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़े: <a title="Budget 2026: मध्यम वर्ग को 440 वोल्ट का झटका! वो 5 बड़ी उम्मीदें, जिन्हें निर्मला सीतारमण ने बजट में तोड़ा" href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-5-big-expectations-that-nirmala-sitharaman-broke-in-the-budget-1546790.html"> Budget 2026: मध्यम वर्ग को 440 वोल्ट का झटका! वो 5 बड़ी उम्मीदें, जिन्हें निर्मला सीतारमण ने बजट में तोड़ा </a></strong></p>
<h3>विकास की उम्मीदें</h3>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय करों में इस वृद्धि से <strong><a href="https://navbharatlive.com/bihar/nitish-kumar-government-big-decision-strict-restrictions-on-social-media-activities-of-employees-1541936.html">बिहार सरकार</a> </strong>को अपनी कल्याणकारी योजनाओं और बुनियादी ढांचे (सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य) के विस्तार के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधन प्राप्त होंगे। यह वृद्धि वित्त आयोग की अनुशंसाओं और केंद्र की कर वसूली में आई मजबूती का परिणाम है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: मध्यम वर्ग को 440 वोल्ट का झटका! वो 5 बड़ी उम्मीदें, जिन्हें निर्मला सीतारमण ने बजट में तोड़ा</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/budget-2026-5-big-expectations-that-nirmala-sitharaman-broke-in-the-budget-1546790.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[मनोज आर्या]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 15:30:45 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 15:30:45 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Business News]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
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					<description><![CDATA[Nirmala Sitharaman: बजट 2026 में बंगाल के डांकुनी से गुजरात के सूरत तक एक नया फ्रेट कॉरिडोर बनाने की घोषणा हुई है। तमिलनाडु उन 4 राज्यों में शामिल है जहां 'रेयर अर्थ कॉरिडोर' बनाया जाएगा।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/nirmala-sitharaman-9_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Budget 2026 5 Big Expectations That Nirmala Sitharaman Broke In The Budget"     /></figure><p><strong>Budget 2026 Public Disappointment:</strong> 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जब बजट पेश करने जा रही थीं, तो आम आदमी बड़ी हसरत से अपने वित्त मंत्री को देख रहा था। मिडिल क्लास को उम्मीद थी कि टैक्स में छूट मिलेगी, तो किसानों को उम्मीद थी कि उनकी कुछ बेहतरी होगी और सबसे ज्यादा उम्मीद तो उन पांच राज्यों के करोड़ों लोगों को थी, जहां विधानसभा के चुनाव होने हैं।</p>
<p>लेकिन जब वित्त मंत्री का बजट भाषण खत्म हुआ तो आम आदमी के साथ ही चुनावी राज्यों के लोगों को भी जोर का झटका लगा, क्योंकि उम्मीद की बात तो छोड़िए उनका कहीं जिक्र भी नहीं हुआ। आज बात उन पांच उम्मीदों की, जिन्हें बजट भाषण में तोड़ दिया गया।</p>
<h3>इनकम टैक्स में छूट</h3>
<p>पिछले बजट में वित्त मंत्री ने इनकम टैक्स में जितनी बड़ी छूट दी थी और इनकम टैक्स की लिमिट को 12 लाख रुपये तक कर दिया था। उसे देखते हुए उम्मीद थी कि इस बार भी बजट में कुछ छूट मिलेगी और लिमिट 12 लाख से बढ़कर 13 या 14 लाख तक पहुंच जाएगी। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।</p>
<p>कोई बात भी नहीं हुई इनकम टैक्स पर और नतीजा ये हुआ कि करदाता निराश हो गया। उम्मीद ये भी थी कि न्यू टैक्स रिजीम में ही कुछ ऐसा बदलाव आएगा कि आम आदमी को टैक्स में कुछ छूट मिल जाएगी। पीपीएफ, एनपीएस या ईएलएसएस में निवेश पर लोग छूट की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन वित्त मंत्री ने इसकी कोई बात भी नहीं की।</p>
<h3>किसानों के लिए स्पेशल पैकेज</h3>
<p>बजट में उम्मीद थी कि किसानों के लिए कोई नई योजना आएगी। अगर कोई नई योजना नहीं भी आई तो कुछ और फसलों को एमएसपी के दायरे में लाने की उम्मीद थी। उम्मीद ये भी थी कि प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत मिलने वाले पैसे में कुछ बढ़ोतरी होगी। क्योंकि पिछले 6 साल से योजना की राशि में कोई बदलाव नहीं हुआ है. खाद-बीज पर सब्सिडी और कम ब्याज पर कर्ज और पुरानी कर्ज माफी की उम्मीद थी। हालांकि, ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।</p>
<h3>रोजगार के लिए विशेष योजना</h3>
<p>बजट में उम्मीद थी कि युवाओं के रोजगार के लिए कोई स्पेशल स्कीम लॉन्च की जाएगी. हालांकि ऐसा कुछ नहीं हुआ. अलग-अलग योजनाओं के जरिए रोजगार के सृजन की बात हुई, डाटा सेंटर के जरिए रोजगार बढ़ाने की बात हुई, स्कूलों में कॉन्टेंट क्रिएशन की बात हुई, कुछ इंटर्नशिप और स्किल की बात हुई लेकिन कोई एक ऐसी योजना नहीं आई जिसमें अभी के बेरोजगारों को रोजगार के लिए प्रेरित किया जा सके.</p>
<h3>सीनियर सिटीजन को छूट</h3>
<p>बजट में उम्मीद थी कि सीनियर सिटीजन के लिए कोई बीमा योजना आएगी या फिर रेलवे के टिकट में रियायत दी जाएगी. कोई नई योजना आएगी, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ. सीनियर सिटीजन के लिए टीडीएस कटौती भी नहीं बदली और वो भी पुरानी ही रह गई.</p>
<h3>चुनावी राज्यों को सौगात</h3>
<p>बजट में सबसे ज्यादा उम्मीद उन पांच राज्यों के लोगों को थी, जहां विधानसभा के चुनाव हैं. खास तौर से पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के लोग तो उम्मीद लगाए ही बैठे थे। असम, केरल और पुडुचेरी के लोगों को भी स्पेशल पैकेज या स्पेशल इंसेंटिव या किसी तरह की कोई डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर स्कीम की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा कुछ अलग से नहीं हुआ। रेलवे कॉरिडोर सिलिगुड़ी को मिला है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://navbharatlive.com/business/sensex-performance-on-budget-day-under-modi-govt-historical-data-1546745.html">Budget 2026: बजट और शेयर बाजार का खौफनाक नाता? मोदी सरकार के 15 बजटों में 8 बार डूबा मार्केट; देखें आंकड़े</a></strong></p>
<h3>नया फ्रेट कॉरिडोर बनाने की घोषणा</h3>
<p><a href="https://navbharatlive.com/business/nirmala-sitharaman-counters-rahul-gandhi-on-indian-economy-budget-1546705.html"><strong>बजट 2026</strong></a> में बंगाल के डांकुनी से गुजरात के सूरत तक एक नया फ्रेट कॉरिडोर बनाने की घोषणा हुई है। तमिलनाडु उन 4 राज्यों में शामिल है जहां &amp;#8216;रेयर अर्थ कॉरिडोर&amp;#8217; बनाया जाएगा। नारियल, काजू और कोको उत्पादकों के लिए विशेष योजनाएं शुरू की गई हैं, जिसका सीधा लाभ तमिलनाडु के तटीय जिलों को मिलेगा। लेकिन जिस तरह की योजनाएं बिहार के लिए देखने को मिली थीं, वैसी कोई योजना इन चुनावी राज्यों को नहीं मिली।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: आम जनता के साथ विश्वासघात और कॉरपोरेट की चांदी, वामपंथी दलों ने केंद्र सरकार को घेरा</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/left-parties-slam-union-budget-2026-anti-people-policy-cuts-1546770.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[मनोज आर्या]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 15:12:12 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 15:12:12 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Business News]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://navbharatlive.com/?p=1546770</guid>

					<description><![CDATA[Left Parties on Budget: वामपंथी दलों ने बजट को जन-विरोधी और पूंजीपतियों का हितैषी करार दिया है। माकपा और भाकपा ने दावा किया कि सरकार ने शिक्षा और कृषि जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के बजट में कटौती की है।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/budget-2026-1-3_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Left Parties Slam Union Budget 2026 Anti People Policy Cuts"     /></figure><p><strong>Union Budget 2026:</strong> वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 पर वामपंथी दलों ने कड़ा प्रहार किया है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक जैसे दलों ने एक सुर में इस बजट को &amp;#8220;जन-विरोधी&amp;#8221; और &amp;#8220;संघीय ढांचे के खिलाफ&amp;#8221; करार दिया है। वामपंथी नेताओं का आरोप है कि केंद्र सरकार ने आम लोगों की बुनियादी जरूरतों को दरकिनार कर केवल बड़े कारोबारी घरानों के हितों को प्राथमिकता दी है।</p>
<p>माकपा (CPI-M) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर उन योजनाओं की सूची साझा की है जिनमें 2025-26 की तुलना में खर्च में कटौती की गई है। पार्टी के अनुसार, निम्नलिखित महत्वपूर्ण योजनाओं के आवंटन में कमी आई है।</p>
<ul>
<li>कृषि एवं ग्रामीण विकास: राष्ट्रीय कृषि विकास योजना और फसल बीमा योजना।</li>
<li>शिक्षा एवं पोषण: पीएम पोषण (मिड-डे मील) और पीएम-श्री (PM-SHRI) स्कूल योजना।</li>
<li>स्वास्थ्य एवं आवास: प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण और शहरी दोनों)।</li>
<li>सामाजिक सुरक्षा: अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और पूर्वोत्तर क्षेत्रों के कल्याण के लिए निर्धारित फंड।</li>
</ul>
<h3>&amp;#8220;अमीर और अमीर, गरीब और गरीब&amp;#8221;</h3>
<p>भाकपा (CPI) के सांसद पी संदोष कुमार ने बजट पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह बजट शक्ति और संसाधनों को कुछ हाथों में केंद्रित करने का एक उपकरण मात्र है। उन्होंने कहा, &amp;#8220;जब देश की जनता गिरती आय, भयंकर बेरोजगारी और आर्थिक अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है, तब सरकार ने सार्वजनिक खर्च बढ़ाने या मांग पैदा करने का कोई गंभीर प्रयास नहीं किया।&amp;#8221; उन्होंने दावा किया कि स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मौलिक क्षेत्रों की उपेक्षा कर सरकार ने लोगों की कठिनाइयों से मुंह मोड़ लिया है।</p>
<h3>युवाओं, महिलाओं और किसानों की उपेक्षा</h3>
<p>भाकपा (माले) लिबरेशन ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि बजट 2026-27 में मजदूरों और युवाओं के लिए कोई ठोस योजना नहीं है। बढ़ती महंगाई के बीच लोगों की आमदनी ठहरी हुई है, जिससे जीवनयापन की लागत बढ़ती जा रही है। पार्टी के अनुसार, यह बजट इस तनावपूर्ण आर्थिक माहौल को सुधारने में पूरी तरह विफल रहा है।</p>
<h3>संघीय ढांचे पर प्रहार और कॉरपोरेट प्रेम</h3>
<p>ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक ने इस बजट को &amp;#8220;जनता के साथ विश्वासघात&amp;#8221; बताया है। वाम दलों का मानना है कि राज्यों के अधिकारों और उनके वित्तीय संसाधनों को सीमित कर केंद्र सरकार संघीय ढांचे को कमजोर कर रही है। माकपा ने आरोप लगाया कि बजट का पूरा बोझ मेहनतकश लोगों और सामाजिक रूप से वंचित वर्गों पर डाला गया है, जबकि बड़े कॉरपोरेट घरानों को करों और अन्य माध्यमों से लाभ पहुंचाया जा रहा है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://navbharatlive.com/business/union-budget-2026-highlights-nirmala-sitharaman-tax-changes-major-schemes-for-farmers-women-salaried-class-full-summary-1545833.html">Budget 2026: किसानों-महिलाओं से लेकर…नौकरी पेशा लोगों तक, बजट में निर्मला सीतारमण ने किए ये 10 बड़े ऐलान</a></strong></p>
<p>कुल मिलाकर, वामपंथी दलों ने इस <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/mumbai/union-budget-2026-27-maharashtra-politics-reaction-1546730.html"><strong>बजट 2026</strong></a> को आर्थिक असमानता बढ़ाने वाला दस्तावेज करार दिया है, जो उनके अनुसार भारत की व्यापक राष्ट्रीय आर्थिक जरूरतों के खिलाफ है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: बजट और शेयर बाजार का खौफनाक नाता? मोदी सरकार के 15 बजटों में 8 बार डूबा मार्केट; देखें आंकड़े</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/sensex-performance-on-budget-day-under-modi-govt-historical-data-1546745.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[मनोज आर्या]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 14:58:43 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 14:58:43 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Business News]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
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					<description><![CDATA[Share Market: पीएम मोदी के कार्यकाल में पेश 15 बजटों में से 8 बार शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ है। बजट 2026 में प्रतिभूति लेनदेन कर (STT) बढ़ने की घोषणा ने सेंसेक्स को 1.88% तक नीचे धकेल दिया।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/share-market-on-budget-day_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Sensex Performance On Budget Day Under Modi Govt Historical Data"     /></figure><p><strong>Union Budget 2026:</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल का 15वां बजट निवेशकों के लिए भारी उतार-चढ़ाव भरा रहा। रविवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में वायदा एवं विकल्प (F&amp;O) सौदों पर प्रतिभूति लेनदेन कर (STT) बढ़ाने के प्रस्ताव ने बाजार की धारणा को हिला दिया। आंकड़ों के अनुसार, मोदी सरकार के अब तक के सफर में यह 8वीं बार है जब बजट के दिन बाजार नकारात्मक दायरे में बंद हुआ।</p>
<p>रविवार को बजट भाषण के दौरान जैसे ही करों में वृद्धि की घोषणा हुई, प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी करीब 2 प्रतिशत तक गिर गए। एक समय 2,370 अंक गिरकर 80,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे चला गया था। हालांकि, अंत में यह 1,546.84 अंक (1.88%) की गिरावट के साथ 80,722.94 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 748 अंक तक लुढ़का और अंततः 495.20 अंक (1.96%) की कमजोरी के साथ 24,825.45 पर बंद हुआ।</p>
<h3>मोदी सरकार के 15 बजट: हार-जीत का विश्लेषण</h3>
<p>वर्ष 2014 से अब तक (2 अंतरिम बजट सहित) कुल 15 बजटों के दौरान सेंसेक्स का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है:</p>
<ul>
<li><strong>गिरावट (8 बार):</strong> 2014, 2018, 2019 (अंतरिम), 2020, 2024 (अंतरिम) और 2026 इस सूची में शामिल हैं। 2020 में बाजार 2.42% तक गिरा था।</li>
<li><strong>तेजी (7 बार):</strong> सबसे बड़ी तेजी 2021 में देखी गई जब बजट के दिन सेंसेक्स 5 प्रतिशत उछला था। 2022 में 1.46% और 2017 में 1.75% की बढ़त रही थी।</li>
</ul>
<h3>बजट दिवस का बदलता स्वरूप</h3>
<p>उल्लेखनीय है कि 2017 से सरकार ने बजट पेश करने की तारीख 1 फरवरी कर दी थी (इस साल रविवार होने के कारण समय में बदलाव हुआ), ताकि पूरी प्रक्रिया मार्च तक संपन्न हो सके। 2025 में सेंसेक्स ने मामूली बढ़त दर्ज की थी, लेकिन 2026 के प्रस्तावों ने निवेशकों को मुनाफ़ावसूली के लिए मजबूर कर दिया।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि बजट के दिन होने वाली यह गिरावट अक्सर तात्कालिक कर घोषणाओं (जैसे STT) की प्रतिक्रिया होती है, जबकि दीर्घकालिक निवेशक बुनियादी ढांचे पर सरकार के भारी खर्च (Capex) को सकारात्मक नजरिए से देख रहे हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://navbharatlive.com/business/bjp-president-nitin-navin-praises-union-budget-2026-modi-trust-1546723.html">Budget 2026: युवाओं को नौकरी…सेना कोआधुनिक शस्त्र’; नितिन नवीन ने बजट को बताया विकसित भारत का ब्लूप्रिंट</a></strong></p>
<h3>आज भारत का ऐतिहासिक बजट</h3>
<p>आज 1 फरवरी, 2026 का दिन भारत के इतिहास में दर्ज होने जा रहा है। पहली बार रविवार के दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना लगातार 9वां और मोदी सरकार का 15वां <a href="https://navbharatlive.com/business/trump-tariff-challenge-india-budget-2026-move-nirmala-sitharaman-strategy-1545354.html"><strong>बजट 2026</strong></a> पेश किया। संसद की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, लेकिन उससे पहले ही हलचल तेज हो गई थी। आज का बजट इसलिए भी ऐतिहासिक रहा, क्योंकि NSE, BSE और MCX जैसे शेयर बाजार संडे को भी खुले। हालांकि, निवेशकों को बाजार में गिरावट से बड़ा झटका लगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: युवाओं को नौकरी&amp;#8230;सेना कोआधुनिक शस्त्र&amp;#8217;; नितिन नवीन ने बजट को बताया विकसित भारत का ब्लूप्रिंट</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/bjp-president-nitin-navin-praises-union-budget-2026-modi-trust-1546723.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[मनोज आर्या]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 14:45:54 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 14:45:54 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Business News]]></category>
		<category><![CDATA[Nitin Nabin]]></category>
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					<description><![CDATA[Nitin Nabin: नितिन नवीन ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जहां दुनिया आर्थिक संकट से जूझ रही है, वहां हमारी इकोनॉमी तेजी से बढ़ रहा।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/nitin-nabin_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Bjp President Nitin Navin Praises Union Budget 2026 Modi Trust"     /></figure><p><strong>Nitin Nabin On Budget 2026:</strong> भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन नवीन ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 को ऐतिहासिक बताते हुए इसकी सराहना की है। उन्होंने कहा कि यह बजट न केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति देश की जनता के अटूट भरोसे को दर्शाता है, बल्कि 2047 तक भारत को एक &amp;#8216;विकसित राष्ट्र&amp;#8217; बनाने के संकल्प की दिशा में एक निर्णायक कदम भी है।</p>
<p>नितिन नवीन ने रविवार को संसद में पेश बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का &amp;#8216;सबका साथ, सबका विकास&amp;#8217; का सिद्धांत इस बजट के हर पहलू में स्पष्ट रूप से झलकता है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री द्वारा लगातार नौवीं बार बजट पेश करना केंद्र सरकार की नीतियों में निरंतरता और सुशासन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। यह बजट समाज के हर वर्ग—गरीब, किसान, महिला और युवा—की भलाई सुनिश्चित करने वाला है।</p>
<h3>मजबूत अर्थव्यवस्था और नियंत्रित महंगाई</h3>
<p>भाजपा अध्यक्ष ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जहाँ दुनिया के कई देश आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, वहीं भारत की अर्थव्यवस्था लगभग सात प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। उनके अनुसार, देश का जीडीपी और जीएसपी लगातार मजबूत हो रहे हैं, और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सरकार ने महंगाई को प्रभावी ढंग से नियंत्रण में रखा है।</p>
<h3>युवाओं के लिए रोजगार और तकनीकी विकास</h3>
<p>नितिन नवीन ने इस बजट को &amp;#8216;युवा केंद्रित&amp;#8217; करार दिया। उन्होंने विशेष रूप से सेमीकंडक्टर और बायोफार्मा क्षेत्रों के लिए किए गए वित्तीय प्रावधानों का उल्लेख किया। उन्होने कहा कि सेमीकंडक्टर के लिए लगभग ₹400 करोड़ का आवंटन किया गया है। वहीं, बायोफार्मा सेक्टर के लिए ₹10,000 करोड़ की भारी राशि निर्धारित की गई है।</p>
<p>नवीन के अनुसार, यह समर्थन प्रणाली स्पष्ट करती है कि सरकार युवाओं के लिए उच्च तकनीक वाले रोजगार पैदा करने को लेकर कितनी गंभीर है। इसके अतिरिक्त, शिक्षा और बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं को मजबूत करने का इरादा भी बजट में साफ नजर आता है।</p>
<h3>ग्राम स्वराज और रक्षा क्षेत्र की मजबूती</h3>
<p>बजट में महात्मा गांधी के &amp;#8216;ग्राम स्वराज&amp;#8217; के दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी गई है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि कुटीर उद्योगों और स्थानीय कारीगरों के लिए किए गए प्रावधानों से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। वहीं, पर्यटन और सांस्कृतिक केंद्रों का विकास प्रधानमंत्री के भारत को वैश्विक पटल पर स्थापित करने के विजन के साथ मेल खाता है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://navbharatlive.com/business/nirmala-sitharaman-counters-rahul-gandhi-on-indian-economy-budget-1546705.html">Budget 2026: हवा में बातें न करें राहुल, आंकड़ों के साथ आएं; बजट पर उठाए सवालों को वित्त मंत्री ने किया खारिज</a></strong></p>
<p>अंत में, उन्होंने रक्षा क्षेत्र के लिए ₹7.8 लाख करोड़ के प्रावधान और परिवहन क्षेत्र में बजट बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी राशि का आवंटन यह दर्शाता है कि मोदी सरकार देश की सीमाओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगी। यह बजट समाज के मध्यम वर्ग से लेकर दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक विकास की किरण पहुँचाने वाला है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बजट 2026: रक्षा क्षेत्र में 22% की भारी वृद्धि; स्वदेशी हथियारों और लड़ाकू विमानों की खरीद को मिली रफ़्तार</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/india-defence-budget-2026-capital-outlay-military-modernization-1546702.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[रूपम सिंह]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 14:36:44 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 14:36:44 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://navbharatlive.com/?p=1546702</guid>

					<description><![CDATA[Budget 2026: मोदी सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रक्षा बजट बढ़ाकर 7,84,678 करोड़ कर दिया है। सेना के आधुनिकीकरण और नए हथियारों की खरीद के लिए पूंजीगत व्यय में 22% की ऐतिहासिक बढ़ोतरी की गई है।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/India-defence-budget-2026_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="India Defence Budget 2026 Capital Outlay Military Modernization"     /></figure><p><strong>India Defence Budget 2026: </strong>चीन और पाकिस्तान के साथ जारी सीमा विवाद और उभरती सुरक्षा चुनौतियों के बीच केंद्र सरकार ने रक्षा बजट में बड़ी बढ़ोतरी की है। रविवार को पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 में रक्षा क्षेत्र के लिए ₹7,84,678 करोड़ आवंटित किए गए हैं। यह पिछले वर्ष के 6.81 लाख करोड़ रुपय के मुकाबले 15 प्रतिशत अधिक है। यह आवंटन भारत की अनुमानित जीडीपी का लगभग 2 प्रतिशत है।</p>
<h3>आधुनिकीकरण के लिए पूंजीगत व्यय में उछाल</h3>
<p>रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस बजट का स्वागत करते हुए इसे सेना को सशक्त बनाने वाला बताया। बजट का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा &amp;#8216;पूंजीगत व्यय&amp;#8217; है, जिसे सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण के लिए निर्धारित किया गया है। नए हथियार, लड़ाकू विमान और युद्धपोत खरीदने के लिए 2,19,306 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जो पिछले बजट अनुमान से 21.84 प्रतिशत अधिक है।</p>
<h3>विमान और नौसेना बेड़े पर विशेष फोकस</h3>
<ul>
<li>रक्षा मंत्रालय की जरूरतों को देखते हुए आवंटन को विशिष्ट मदों में विभाजित किया गया है।</li>
<li><strong>वायु सेना:</strong> विमानों और एयरो इंजनों की खरीद व रखरखाव के लिए ₹63,733 करोड़ दिए गए हैं।</li>
<li><strong>नौसेना:</strong> समुद्री सुरक्षा को चाक-चौबंद करने और नए बेड़े के लिए ₹25,023 करोड़ का प्रावधान है।</li>
<li><strong>पूंजीगत खरीद:</strong> चालू वित्त वर्ष के अनुमान की तुलना में इस बार ₹39,000 करोड़ अतिरिक्त आवंटित किए गए हैं।</li>
</ul>
<p><strong>यह भी पढ़ें:- </strong><a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/akola/akola-rte-admission-2026-27-170-schools-1883-seats-registration-1546192.html" target="_blank" rel="noopener"><strong>अकोला की 170 स्कूलों की RTE पंजीकरण प्रक्रिया पूर्ण, 1883 सीटों पर गरीब बच्चों को मिलेगा मौका</strong></a></p>
<h3>&amp;#8216;आत्मनिर्भर भारत&amp;#8217; और घरेलू उद्योग को बढ़ावा</h3>
<p>सरकार ने रक्षा क्षेत्र में विदेशी निर्भरता कम करने के लिए &amp;#8216;मेक इन इंडिया&amp;#8217; को प्राथमिकता दी है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, पूंजीगत खरीद बजट का 75 प्रतिशत हिस्सा (करीब ₹1.39 लाख करोड़) घरेलू उद्योगों के माध्यम से खरीद के लिए आरक्षित रखा गया है। इससे न केवल स्वदेशी स्टार्टअप्स को लाभ मिलेगा, बल्कि देश में सैन्य उपकरणों के उत्पादन की क्षमता भी बढ़ेगी।</p>
<p>रक्षा मंत्री ने &amp;#8220;ऑपरेशन सिंदूर की ऐतिहासिक सफलता&amp;#8221; का उल्लेख करते हुए कहा कि यह बजट सेना की परिचालन तैयारियों को अगले स्तर पर ले जाएगा। सरकार का यह कदम स्पष्ट संकेत है कि भारत अपनी संप्रभुता की सुरक्षा के लिए किसी भी समझौते के मूड में नहीं है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: हवा में बातें न करें राहुल, आंकड़ों के साथ आएं; बजट पर उठाए सवालों को वित्त मंत्री ने किया खारिज</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/nirmala-sitharaman-counters-rahul-gandhi-on-indian-economy-budget-1546705.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[मनोज आर्या]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 14:33:53 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 14:33:53 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Busienss News]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
		<category><![CDATA[Rahul Gandhi]]></category>
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					<description><![CDATA[Rahul Gandhi vs Nirmala Sitharaman: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राहुल गांधी को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर आप राजनीतिक रूप से आलोचना करना चाहते हैं, तो आपका स्वागत है।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/nirmala-sitharaman-and-rahul-gandhi_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Nirmala Sitharaman Counters Rahul Gandhi On Indian Economy Budget"     /></figure><p><strong>Nirmala Sitharaman Replied to Rahul Gandhi:</strong> केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करने के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्षी नेता राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों का कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की आर्थिक बुनियाद न केवल मजबूत है, बल्कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद सरकार हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।</p>
<p>लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म &amp;#8216;एक्स&amp;#8217; (पूर्व में ट्विटर) पर बजट की आलोचना करते हुए इसे &amp;#8220;वास्तविक संकटों से आंख मूंदने वाला&amp;#8221; बताया था। उन्होंने दावा किया कि देश में बेरोजगारी बढ़ रही है, विनिर्माण गिर रहा है और निवेश कम हो रहा है।</p>
<h3>समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का दावा</h3>
<p>राहुल गांधी के इन्हीं तर्कों पर पलटवार करते हुए सीतारमण ने कहा कि मुझे नहीं पता कि वह किन चीजों को दुरुस्त करने की बात कर रहे हैं। अर्थव्यवस्था के बुनियादी ढांचे मजबूत बने हुए हैं और यह आर्थिक समीक्षा में भी स्पष्ट है। वित्त मंत्री ने मीडिया से बातचीत में बताया कि बजट में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME), वस्त्र उद्योग, चमड़ा उद्योग और महिला उद्यमियों के लिए विशेष योजनाएं शुरू की गई हैं।</p>
<p>उन्होंने विशेष रूप से &amp;#8216;लखपति दीदी&amp;#8217; योजना की सफलता का उल्लेख किया, जिसने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाया है। सरकार अब क्लस्टर स्तर पर &amp;#8216;स्वयं सहायता उद्यमी (शी) मार्ट्स&amp;#8217; स्थापित करने जा रही है, जो सामुदायिक स्वामित्व वाले रिटेल आउटलेट के रूप में कार्य करेंगे।</p>
<h3>12 वर्षों की आर्थिक यात्रा और राजकोषीय अनुशासन</h3>
<p>सदन में <a href="https://navbharatlive.com/business/chidambaram-criticizes-union-budget-2026-economic-strategy-fail-1546682.html"><strong>बजट 2026</strong></a> पेश करते हुए सीतारमण ने पिछले 12 वर्षों के शासन का लेखा-जोखा भी प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि 12 साल पहले सत्ता संभालने के बाद से भारत की प्रगति स्थिरता, राजकोषीय अनुशासन और मध्यम मुद्रास्फीति वाली रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह सब उन सचेत निर्णयों का परिणाम है जो वैश्विक व्यवधानों के समय में भी लिए गए। सरकार ने &amp;#8216;आत्मनिर्भरता&amp;#8217; को मार्गदर्शक सिद्धांत मानकर घरेलू विनिर्माण और ऊर्जा सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया है।</p>
<h3>विपक्ष को तथ्यों पर बहस की चुनौती</h3>
<p>सीतारमण ने राहुल गांधी को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर आप राजनीतिक रूप से आलोचना करना चाहते हैं, तो आपका स्वागत है। लेकिन यदि आपके पास तर्क और तथ्य हैं, तो मैं सुनने और जवाब देने के लिए तैयार हूं। उन्होंने विनिर्माण और घरेलू बचत के मुद्दों पर विपक्ष के दावों को निराधार बताते हुए कहा कि सार्वजनिक निवेश और संरचनात्मक सुधारों ने भारत को आयात पर निर्भरता कम करने में मदद की है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-nirmala-sitharamans-announcements-deal-a-double-blow-to-investors-1546659.html">Budget 2026: निवेशकों के लिए ‘निर्मम’ निर्मला, मंदी की मार झेल रहे करोड़ों निवेशकों पर डबल मार</a></strong></p>
<p>यह बजट न केवल भविष्योन्मुखी है, बल्कि उन वर्गों तक भी पहुंच रहा है जो दुर्गम इलाकों या ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं। सरकार का मानना है कि राजकोषीय सूझबूझ और मौद्रिक स्थिरता के कारण ही भारत आज दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी धाक जमाए हुए है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: &amp;#8216;यह बजट देश को प्रगति नहीं, दुर्गति की ओर ले जाएगा&amp;#8217;, पी चिदंबरम ने वित्त मंत्री को दिखाया आईना</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/chidambaram-criticizes-union-budget-2026-economic-strategy-fail-1546682.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[मनोज आर्या]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 14:14:10 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 14:14:10 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[P Chidambaram]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://navbharatlive.com/?p=1546682</guid>

					<description><![CDATA[P Chidambaram: पी. चिदंबरम ने आंकड़ों के साथ सरकार को घेरते हुए कहा कि यह बजट वित्त प्रबंधन का एक बेहद खराब उदाहरण है। पूंजीगत व्यय में 1,44,376 करोड़ रुपये की भारी कटौती की गई है।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/p-chidambaram_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Chidambaram Criticizes Union Budget 2026 Economic Strategy Fail"     /></figure><p><strong>P Chidambaram On Budget 2026:</strong> कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर मोदी सरकार पर करारा हमला बोला। उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण को आर्थिक रणनीति और राजनीतिक दूरदर्शिता के मोर्चे पर पूरी तरह विफल करार दिया। चिदंबरम ने कटाक्ष करते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे वित्त मंत्री ने आर्थिक सर्वेक्षण को पढ़ा ही नहीं है, या फिर जानबूझकर उसे दरकिनार कर दिया है।</p>
<p>चिदंबरम ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि बजट केवल वार्षिक आय-व्यय का विवरण नहीं होता, बल्कि उसे देश की प्रमुख चुनौतियों का समाधान पेश करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हाल ही में जारी आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में जिन समस्याओं का जिक्र था, बजट में उनसे पूरी तरह आंखें मूंद ली गई हैं। अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ, निजी निवेश में कमी और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के प्रवाह में अनिश्चितता जैसे गंभीर मुद्दों पर वित्त मंत्री का भाषण मौन रहा।</p>
<h3>पूंजीगत व्यय में भारी कटौती</h3>
<p>चिदंबरम ने आंकड़ों के साथ सरकार को घेरते हुए कहा कि यह बजट वित्त प्रबंधन का एक बेहद खराब उदाहरण है। उनके अनुसार, पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) में 1,44,376 करोड़ रुपये की भारी कटौती की गई है, जिसमें केंद्र का हिस्सा 25,335 करोड़ और राज्यों का हिस्सा 1,19,041 करोड़ रुपये है। उन्होंने बताया कि केंद्र का पूंजीगत व्यय 2024-25 में जीडीपी के 3.2 प्रतिशत से घटकर 2025-26 में 3.1 प्रतिशत रह गया है। यह गिरावट तब हो रही है जब देश के शहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा लगातार चरमरा रहा है।</p>
<h3>योजनाओं की भरमार, समाधान का अभाव</h3>
<p>बजट में घोषित नई पहल और संस्थानों पर सवाल उठाते हुए चिदंबरम ने कहा कि वित्त मंत्री योजनाओं की संख्या बढ़ाते जाने से थकती नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने बजट भाषण में कम से कम 24 ऐसी नई योजनाओं, मिशनों और समितियों की गिनती की है, जिनका भविष्य अनिश्चित है। चिदंबरम ने तंज कसा कि इनमें से अधिकतर अगले साल तक भुला दी जाएंगी और गायब हो जाएंगी।</p>
<h3>आयकर दरों में &amp;#8216;छेड़छाड़&amp;#8217; और क्षेत्रीय अनदेखी</h3>
<p>आयकर अधिनियम, 2026 में किए गए बदलावों पर टिप्पणी करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि मामूली दरों में छेड़छाड़ से देश के उस विशाल बहुमत को कोई फर्क नहीं पड़ता जिनका आयकर से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने तमिलनाडु की कथित अनदेखी पर भी सवाल उठाए और कहा कि भाजपा की राज्य में राजनैतिक हैसियत न होने के कारण वहां के हितों को बार-बार खारिज किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने &amp;#8216;चाहबहार&amp;#8217; बंदरगाह जैसे सामरिक मुद्दों पर भी सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि मोदी सरकार किसी के दबाव में झुक गई है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-nirmala-sitharamans-announcements-deal-a-double-blow-to-investors-1546659.html">Budget 2026: निवेशकों के लिए ‘निर्मम’ निर्मला, मंदी की मार झेल रहे करोड़ों निवेशकों पर डबल मार</a></strong></p>
<p>कुल मिलाकर, पी. चिदंबरम ने इस बजट को केवल आंकड़ों की बाजीगरी बताते हुए कहा कि यह लाखों बंद हो रहे एमएसएमई (MSME) और बेरोजगार युवाओं की उम्मीदों को पूरा करने में नाकाम रहा है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
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		<title>Budget 2026: निवेशकों के लिए &amp;#8216;निर्मम&amp;#8217; निर्मला, मंदी की मार झेल रहे करोड़ों निवेशकों पर डबल मार</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/budget-2026-nirmala-sitharamans-announcements-deal-a-double-blow-to-investors-1546659.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[मनोज आर्या]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 14:03:53 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 14:03:53 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
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		<category><![CDATA[Busienss News]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
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					<description><![CDATA[Budget For Investor: बजट से हर निवेशक और कारोबारी यह उम्मीद कर रहे थे कि इस बार शेयर बाजार को मंदी से उबारने के लिए वित्त मंत्री कुछ टैक्स रियायतों की घोषणा करेंगी, लेकिन उल्टे दोहरी मार पड़ी है।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/nirmala-sitharaman-8_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Budget 2026 Nirmala Sitharamans Announcements Deal A Double Blow To Investors"     /></figure><p><strong>Union Budget 2026:</strong> भारतीय शेयर बाजार में मंदी और घाटे की मार झेल रहे करोड़ों आम निवेशकों को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने डबल झटका दिया है। वर्ष 2026-27 के बजट से हर निवेशक और कारोबारी यह उम्मीद कर रहे थे कि इस बार शेयर बाजार को मंदी से उबारने के लिए वित्त मंत्री कुछ टैक्स रियायतों की घोषणा करेंगी, लेकिन उल्टे एसटीटी के रूप में टैक्स बोझ बढ़ाकर उन पर दोहरी मार की है, तभी बीएसई सेंसेक्स 1547 अंकों की भारी गिरावट के साथ रविवार को भी मंदी के गर्त में धंस गया।</p>
<p>एक निवेशक रमेश गौड़ का कहना है कि वित्त मंत्री निवेशकों पर लगातार टैक्स बोझ बढ़ा रही है। पहले 10% का भारी लॉन्ग टर्म कैपिटल गैन (एलटीसीजी) टैक्स थोपा, फिर उसे बढ़ाकर 12.5% कर दिया। उसके साथ शॉर्ट टर्म कैपिटल गैन (एसटीसीजी) टैक्स भी दोगुना कर 20% कर दिया।</p>
<h3>निवेशकों के उम्मीदों पर फिरा पानी</h3>
<p>निवेशकों का कहना है कि इतने भारी टैक्स बोझ से मन नहीं भरा तो सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (एसटीटी) टैक्स भी बढ़ा दिया। इस बार बड़ी उम्मीद थी कि कम से कम एसटीटी में कटौती या उसे खत्म कर दिया जाएगा, क्योंकि यह डबल टैक्सेशन है। लेकिन यहां भी वित्त मंत्री ने उल्टे एसटीटी में 150% की भारी वृद्धि कर डाली।</p>
<h3>केवल भारत में डबल टैक्सेशन</h3>
<p>दिग्गज निवेशक विजय केडिया ने कहा कि पहले भारत में एलटीसीजी टैक्स नहीं था और पिछली सरकार ने जब एसटीटी लगाया तो यह तर्क दिया था कि यहां एलटीसीजी नहीं है। इसलिए एसटीटी लगाया जा रहा है और फिर इस सरकार ने 10% एलटीसीजी टैक्स भी लगा दिया, लेकिन एसटीटी नहीं हटाया, उल्टे उसमें और बढ़ोतरी की जा रही है। ऐसा डबल टैक्स दुनिया के किसी बाजार में नहीं है। यहां सरकार किस दिशा में बाजार को ले जाना चाहती है, यह बड़ा सवाल है।</p>
<h3>अधिकांश निवेशक घाटे में, फिर भी टैक्स</h3>
<p>रिटेल निवेशक सुरेश राठौड़ का कहना है कि वित्त मंत्री टैक्स बोझ बढ़ाने के पहले यह नहीं देख रही कि इस फाइनेंशियल ईयर में देश में निवेशकों को फायदा भी हुआ है या नहीं? इस साल बाजार में अधिकांश निवेशक घाटे में हैं। पिछले बजट में कैपिटल गैन टैक्स बढ़ाया तो बाजार में मंदी आ गयी। जिसके कारण निवेशक भारी घाटे में आ गए हैं। इसके अलावा सरकार ने पूंजीपतियों को मनमानी कीमतों पर महंगे आईपीओ लाकर देश के निवेशकों को लूटने की छूट दे रखी है। जिस पर वित्तमंत्री ने बजट में एक शब्द नहीं कहा।</p>
<p>अब बजट में टैक्स बोझ और बढ़ाने से मंदी का खतरा बढ़ गया है। जिससे देश भर के करोड़ों निवेशकों का नुकसान और बढ़ेगा। ऐसे में किसी को कैपिटल गैन नहीं है, सभी को कैपिटल लॉस ही है। इसकी वित्तमंत्री को कोई चिंता नहीं है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://navbharatlive.com/business/census-2027-budget-allocation-6000-crore-registration-india-1546629.html">Budget 2026: जनगणना 2027 के लिए सरकार ने खोला खजाना, बजट में ₹6,000 करोड़ का आवंटन; कब से शुरू होगी प्रक्रिया?</a></strong></p>
<h3>इस टैक्स पर ध्यान देंगे प्रधानमंत्री?</h3>
<p>एक अन्य निवेशक श्याम किशोर का कहना है कि यदि एक्सचेंजों ने हमेशा की तरह रविवार को <a href="https://navbharatlive.com/business/census-2027-budget-allocation-6000-crore-registration-india-1546629.html"><strong>बजट 2026</strong></a> बाजार बंद रखा होता तो कम से कम आज छुट्टी के दिन तो हमारा नुकसान नहीं होता और हम संडे को तो चिंतामुक्त रहते। वित्त मंत्री ने एसटीटी बढ़ाकर हमारा घाटा और बढ़ा दिया है। हम फायदे में शेयर बेचे या घाटे में, सरकार को टैक्स (एसटीटी) तो देना ही पड़ता है। क्या प्रधानमंत्री इस अनुचित टैक्स पर ध्यान देंगे?</p>
<p><strong>नवभारत के लिए विष्णु भारद्वाज की रिपोर्ट-</strong></p>
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		<title>Budget 2026: न चुनावी राज्यों को तोहफा&amp;#8230;न मिडिल क्लास को राहत, क्या भाजपा ने बदल दी है अपनी बजट रणनीति?</title>
		<link>https://navbharatlive.com/india/budget-2026-analysis-no-relief-for-middle-class-no-big-announcement-for-election-states-bjp-strategy-1546613.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[अभिषेक सिंह]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 13:51:24 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 13:51:24 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[देश]]></category>
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		<category><![CDATA[Assembly Election 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Narendra Modi]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
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					<description><![CDATA[Budget 2026: बजट में राजनीतिक लुभावने वादों की तरजीह नहीं मिली है, जिसने विश्लेषकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। मध्यम वर्ग और के लिए भी यह बजट मायूसी लेकर आया। इसके पीछे क्या कारण हैं चलिए जानते हैं]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/budget-analysis-pm-modi-and-elections-states_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Budget 2026 Analysis No Relief For Middle Class No Big Announcement For Election States Bjp Strategy"     /></figure><p><strong>Budget 2026 Analysis:</strong> जब भारतीय जनता पार्टी पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी है और यूजीसी के नए नियमों को लेकर &amp;#8216;उच्च जाति&amp;#8217; की नाराजगी का सामना कर रही है, ऐसे में सुस्त केंद्रीय बजट 2026-27 ने सबको चौंका दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पिटारे में न तो चुनावी राज्यों के लिए कोई बड़ा ऐलान दिखा और न ही कोई स्पष्ट राजनीतिक संदेश नजर आया।</p>
<p>बजट में राजनीतिक लुभावने वादों की जगह आर्थिक और नीतिगत मुद्दों पर ज्यादा जोर दिया गया है, जिसने विश्लेषकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। भाजपा के पारंपरिक वोटर माने जाने वाले मध्यम वर्ग और उच्च जातियों के लिए यह बजट मायूसी लेकर आया। इसके पीछे क्या कारण हैं चलिए विस्तार से जानते हैं&amp;#8230;</p>
<h3>भाषण में &amp;#8216;मध्यम वर्ग&amp;#8217; का जिक्र तक नहीं</h3>
<p>जहां पिछले साल के बजट में वित्त मंत्री ने &amp;#8216;मध्यम वर्ग&amp;#8217; शब्द का सात बार जिक्र किया था, वहीं इस बार के भाषण में यह शब्द पूरी तरह नदारद रहा। आयकर में कोई राहत नहीं मिली, बस फॉर्म और नियमों को सरल बनाने का वादा किया गया। सरकार का कहना है कि नए फॉर्म ऐसे होंगे जिन्हें आम आदमी आसानी से भर सके, लेकिन टैक्स में छूट की उम्मीद लगाए बैठे वेतनभोगी वर्ग को इससे कोई खास तसल्ली नहीं मिली है।</p>
<h3>चुनावी राज्यों की अनदेखी या नई रणनीति?</h3>
<p>साल 2026 में असम, <a href="https://navbharatlive.com/india/bengal-budget-disappointment-mamata-slams-modi-calls-economic-corridor-useless-1546236.html">पश्चिम बंगाल</a>, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव होने हैं। असम में भाजपा पिछले दस सालों से मजबूत स्थिति में है, जबकि पश्चिम बंगाल में वह तृणमूल कांग्रेस को कड़ी टक्कर देने के बावजूद अभी तक सत्ता तक नहीं पहुंच पाई है। तमिलनाडु और केरल में पार्टी अपनी जमीन तलाशने में जुटी है।</p>
<h3>एक-एक बार हुआ चुनावी राज्यों का जिक्र</h3>
<p>इतनी बड़ी राजनीतिक लड़ाई के बावजूद बजट भाषण में इन राज्यों का नाम बमुश्किल ही सुनने को मिला। पश्चिम बंगाल का नाम एक बार भी नहीं लिया गया, हालांकि राज्य के सिलीगुड़ी और दुर्गापुर का उल्लेख अलग-अलग परियोजनाओं के संदर्भ में जरूर हुआ। असम का जिक्र भी सिर्फ एक बार प्रस्तावित बौद्ध सर्किट के संदर्भ में किया गया।</p>
<h3>पिछले बजट में छाई थी बिहार की बहार!</h3>
<p>हैरानी की बात यह है कि पिछले साल के बजट में बिहार का छह बार जिक्र हुआ था और वहां के लिए कई बड़ी घोषणाएं की गई थीं, जबकि इस बार बिहार में एनडीए को बहुमत मिलने के बावजूद राज्य का कहीं जिक्र नहीं था। इसी तरह आंध्र प्रदेश, जो एनडीए के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है और जहां सहयोगी टीडीपी की मजबूत पकड़ है, उसका नाम भाषण में सिर्फ दो बार आया।</p>
<h3>आंध्र की अनदेखी पर उठाए गए थे सवाल</h3>
<p>कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी पिछले साल आंध्र प्रदेश की अनदेखी और बिहार पर फोकस को लेकर सवाल उठाए थे, लेकिन इस बार तो चुनावी राज्यों के लिए किसी बड़े पैकेज या राज्य-विशिष्ट वित्तीय आवंटन की घोषणा ही नहीं की गई। ऐसा लगता है कि सरकार ने राज्यों के लिए अलग से बजट मद रखने के बजाय उन्हें बहु-राज्यीय योजनाओं और क्षेत्रीय गलियारों में शामिल करने की रणनीति अपनाई है।</p>
<div id="attachment_1546626" style="width: 1290px" class="wp-caption aligncenter"><img loading="lazy" decoding="async" aria-describedby="caption-attachment-1546626" class="size-full wp-image-1546626" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/pm-modi-and-nirmala-sitharaman-1_V_jpg--1280x720-4g.webp" alt="pm modi and nirmala sitharaman" width="1280" height="720" srcset="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/pm-modi-and-nirmala-sitharaman-1_V_jpg 1280w, https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/pm-modi-and-nirmala-sitharaman-1-425x240_V_jpg 425w, https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/pm-modi-and-nirmala-sitharaman-1-764x430_V_jpg 764w, https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/pm-modi-and-nirmala-sitharaman-1-150x84_V_jpg 150w, https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/pm-modi-and-nirmala-sitharaman-1-768x432_V_jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 1280px) 100vw, 1280px" /></p>
<p id="caption-attachment-1546626" class="wp-caption-text">पीएम मोदी व निर्मला सीतारमण (सोर्स- सोशल मीडिया)</p>
</div>
<h3>नारियल से लेकर हाई-स्पीड रेल तक के वादे</h3>
<p>भले ही बजट में चुनावी राज्यों का नाम जोर-शोर से नहीं लिया गया हो, लेकिन कुछ घोषणाओं के जरिए वहां के वोटरों को साधने की कोशिश जरूर की गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नारियल और काजू उत्पादन को लेकर बड़ी घोषणाएं कीं, जो सीधे तौर पर केरल और तमिलनाडु जैसे दक्षिणी राज्यों से जुड़ी हैं।</p>
<h3>दक्षिण भारतीय राज्यों को इनडायरेक्ट मैसेज</h3>
<p>उन्होंने बताया कि देश में करीब 3 करोड़ लोग अपनी आजीविका के लिए नारियल पर निर्भर हैं। सरकार ने पुराने और कम फल देने वाले पेड़ों को हटाकर नए पौधे लगाने की योजना बनाई है। इसके साथ ही, काजू और कोको के लिए एक विशेष कार्यक्रम लाने की बात कही गई है, जिसका लक्ष्य 2030 तक भारतीय उत्पादों को प्रीमियम ग्लोबल ब्रांड बनाना है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a title="मिडिल क्लास को ‘ठेंगा’ दिखा गई सरकार" href="https://navbharatlive.com/business/union-budget-2026-middle-class-disappointment-no-relief-public-reaction-stock-market-shock-highlights-analysis-1546272.html"> मिडिल क्लास को ‘ठेंगा’ दिखा गई सरकार?…निवेशकों को हलाल कर गया बाजार, बजट से चकनाचूर हुईं ये 5 बड़ी उम्मीदें </a></strong></p>
<p>चंदन की खेती को बढ़ावा देने का वादा भी <a href="https://navbharatlive.com/business/modi-special-gift-for-election-states-from-assam-bengal-to-kerala-tamil-nadu-budget-2026-1545493.html">तमिलनाडु और केरल</a> के लिए एक अप्रत्यक्ष संदेश है। सरकार ने इन राज्यों का नाम लिए बिना कहा कि वह चंदन की प्रोसेसिंग और खेती को बढ़ावा देगी। इसके अलावा, दुर्लभ खनिजों के खनन और प्रसंस्करण के लिए ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में विशेष गलियारे बनाने की बात कही गई है। तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों में से एक के केरल में खुलने की संभावना है, जो राज्य के लिए एक बड़ी सौगात हो सकती है।</p>
<h3>कनेक्टिविटी के मोर्चे पर किए बड़े ऐलान</h3>
<p>कनेक्टिविटी के मोर्चे पर भी कुछ अहम ऐलान किए गए हैं। बजट में सात हाई-स्पीड रेल मार्गों को विकसित करने का प्रस्ताव है। इनमें मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी शामिल हैं। इनमें से दो कॉरिडोर चेन्नई से और एक पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से होकर गुजरेगा, जो इन राज्यों में विकास की गति को तेज करेगा।</p>
<h3>बौद्ध परिपथ योजना में शामिल हुआ असम</h3>
<p>पूर्वोत्तर भारत के विकास के लिए असम को बौद्ध परिपथ योजना में शामिल किया गया है। इसके अलावा, असम के तेजपुर में मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एनआईएमएनएचएस की शाखा खोलने का प्रस्ताव है, जिससे स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होंगी। साथ ही, पहाड़ी और सीमावर्ती इलाकों में &amp;#8216;अगर&amp;#8217; की खेती को बढ़ावा देने की बात कहकर स्थानीय रोजगार पैदा करने की कोशिश की गई है।</p>
<h3>नई योजना में आया महात्मा गांधी का नाम</h3>
<p>एक दिलचस्प राजनीतिक मोड़ तब देखने को मिला जब विपक्ष ने मनरेगा का नाम बदलने की चर्चा पर सरकार की आलोचना की। इसके जवाब में बजट में महात्मा गांधी का नाम एक नई योजना के साथ वापस लाया गया। वित्त मंत्री ने खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए &amp;#8216;महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल&amp;#8217; शुरू करने का ऐलान किया। इसका उद्देश्य इन उत्पादों की वैश्विक ब्रांडिंग करना है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a title="Budget 2026: किसानों-महिलाओं से लेकर…नौकरी पेशा लोगों तक, बजट में निर्मला सीतारमण ने किए ये 10 बड़े ऐलान" href="https://navbharatlive.com/business/union-budget-2026-highlights-nirmala-sitharaman-tax-changes-major-schemes-for-farmers-women-salaried-class-full-summary-1545833.html"> Budget 2026: किसानों-महिलाओं से लेकर…नौकरी पेशा लोगों तक, बजट में निर्मला सीतारमण ने किए ये 10 बड़े ऐलान </a></strong></p>
<p>कुल मिलाकर, बजट में सांस्कृतिक संदर्भ कम थे और आर्थिक प्राथमिकताओं पर जोर ज्यादा था, लेकिन वित्त मंत्री द्वारा पहनी गई कांजीवरम साड़ी ने दक्षिण भारत के लिए एक प्रतीकात्मक संदेश जरूर दिया। यह बजट चुनावी रेवड़ियों से दूर, दीर्घकालिक आर्थिक सुधारों और बुनियादी ढांचे के विकास पर केंद्रित नजर आता है, भले ही इससे मध्यम वर्ग और चुनावी राज्यों की तत्काल उम्मीदें पूरी न हुई हों।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: जनगणना 2027 के लिए सरकार ने खोला खजाना, बजट में ₹6,000 करोड़ का आवंटन; कब से शुरू होगी प्रक्रिया?</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/census-2027-budget-allocation-6000-crore-registration-india-1546629.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[मनोज आर्या]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 13:48:23 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 13:48:23 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Business News]]></category>
		<category><![CDATA[Mehbooba Mufti]]></category>
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					<description><![CDATA[Budget For Census: जनगणना के लिए केंद्र सरकार ने ₹6,000 करोड़ का बड़ा बजट आवंटित किया है। 1 अप्रैल से शुरू होने वाली इस विशाल कवायद में लद्दाख और शेष भारत के लिए अलग-अलग संदर्भ तिथियां तय की गई हैं।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/census_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Census 2027 Budget Allocation 6000 Crore Registration India"     /></figure><p><strong>Fund For Census In Budgete 2026:</strong> केंद्र सरकार ने बहुप्रतीक्षित जनगणना 2027 को लेकर अपनी तैयारी पूरी कर ली है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट 2026-27 में जनगणना, सर्वेक्षण और सांख्यिकी कार्यों के लिए ₹6,000 करोड़ की भारी-भरकम राशि आवंटित की गई है। यह आवंटन पिछले वित्त वर्ष के संशोधित अनुमान (₹1,040 करोड़) से लगभग छह गुना अधिक है।</p>
<p>कोविड-19 महामारी के कारण भारत की जनगणना में लगभग छह साल की देरी हुई है। अब यह कवायद 1 अप्रैल से आधिकारिक तौर पर शुरू होने जा रही है। बजट दस्तावेजों के अनुसार, इस राशि का उपयोग भारत के महापंजीयक (RGI) के कार्यालय द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी (NPR) के अपडेट और जनगणना 2027 के संपूर्ण खर्चों के लिए किया जाएगा।</p>
<h3>लद्दाख और शेष भारत के लिए अलग तिथियां</h3>
<p>भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने जनगणना के लिए दो संदर्भ तिथियां (Reference Dates) तय की हैं। लद्दाख (बर्फ से ढके क्षेत्र) इन क्षेत्रों के लिए संदर्भ तिथि 1 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। वहीं, देश के अन्य सभी हिस्सों के लिए जनगणना की संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 होगी।</p>
<h3>डेटा और प्रशासन का सुदृढ़ीकरण</h3>
<p>यह 16वीं जनगणना देश के भविष्य की नीतियों और योजनाओं के निर्धारण में निर्णायक भूमिका निभाएगी। बजट में की गई वृद्धि यह संकेत देती है कि इस बार जनगणना प्रक्रिया में अत्याधुनिक डिजिटल तकनीकों का व्यापक उपयोग किया जाएगा, जिससे डेटा संग्रह अधिक सटीक और पारदर्शी हो सके। सांख्यिकी और महापंजीयक कार्यालय को मिलने वाला यह वित्तीय संबल प्रशासनिक तंत्र को जमीनी स्तर पर मजबूत करेगा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://navbharatlive.com/business/shivraj-singh-chauhan-described-budget-2026-as-commitment-towards-building-a-developed-india-1546601.html">Budget 2026: ‘यह केवल बजट नहीं, विकसित भारत की गारंटी है’; शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष को दिया करारा जवाब</a></strong></p>
<h3>आज भारत का ऐतिहासिक बजट</h3>
<p>आज 1 फरवरी, 2026 का दिन भारत के इतिहास में दर्ज होने जा रहा है। पहली बार रविवार के दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना लगातार 9वां और मोदी सरकार का 15वां <a href="https://navbharatlive.com/business/trump-tariff-challenge-india-budget-2026-move-nirmala-sitharaman-strategy-1545354.html"><strong>बजट 2026</strong></a> पेश किया। संसद की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, लेकिन उससे पहले ही हलचल तेज हो गई थी। आज का बजट इसलिए भी ऐतिहासिक रहा, क्योंकि NSE, BSE और MCX जैसे शेयर बाजार संडे को भी खुले। हालांकि, निवेशकों को बाजार में गिरावट से बड़ा झटका लगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>&amp;#8216;फेंकू-लपेटू बजट है&amp;#8230;&amp;#8217; TMC सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने सरकार पर बोला हमला, रोजगार और किसानों पर उठाए सवाल</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/shatrughan-sinha-attacks-government-while-reacting-to-union-budget-2026-1546580.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[स्नेहा मौर्या]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 13:37:09 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 13:37:09 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[मनोरंजन]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Entertainment News]]></category>
		<category><![CDATA[Shatrughan Sinha]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://navbharatlive.com/?p=1546580</guid>

					<description><![CDATA[Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर विपक्ष ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। शत्रुघ्न सिन्हा ने इसे ‘फेंकू और लपेटू’ बताया, वहीं अखिलेश यादव ने कहा यह सिर्फ 5 फीसदी अमीरों का बजट है।
]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/Shatrughan-Sinha-1_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Shatrughan Sinha Attacks Government While Reacting To Union Budget 2026"     /></figure><p><strong>Shatrughan Sinha Reaction On Budget 2026:</strong> केंद्रीय बजट 2026-27 पेश होते ही सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद और अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने इस बजट को लेकर केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने बजट को “फेंकू और लपेटू” करार देते हुए कहा कि इसमें न तो रोजगार की बात है और न ही किसानों के कल्याण या देश पर बढ़ते कर्ज को लेकर कोई ठोस योजना नजर आती है।</p>
<h3>बजट पर शत्रुघ्न सिन्हा ने दिया रिएक्शन</h3>
<p>न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में <a href="https://navbharatlive.com/entertainment/rajinikanth-shatrughan-sinha-hum-mein-shehenshah-kaun-release-1529850.html">शत्रुघ्न सिन्हा</a> ने कहा कि यह बजट “विकसित भारत” के लक्ष्य को पूरा करने में पूरी तरह असफल है। उन्होंने सवाल उठाया कि किसानों के लिए कौन-सी नई योजना लाई गई है और बेरोजगारी कम करने के लिए सरकार ने क्या ठोस कदम उठाए हैं। सिन्हा ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पर कई राज्यों का बकाया है, लेकिन बजट में इस मुद्दे को भी नजरअंदाज कर दिया गया। उनके मुताबिक यह बजट किसी भी तरह से सराहना या रेटिंग के लायक नहीं है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet" data-dnt="true">
<p dir="ltr" lang="en"><a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH">#WATCH</a> | On Union Budget, TMC MP Shatrughan Sinha says,&amp;#8221; This is a &amp;#8216;phenku and lapetu&amp;#8217; budget&amp;#8230;This Budget is not for Viksit Bharat. It doesn&amp;#8217;t address employment or the country&amp;#8217;s current debt. The Union govt owes money to many states. Which scheme was brought for the farmers&amp;#8217;… <a href="https://t.co/LlrJM402kW">pic.twitter.com/LlrJM402kW</a></p>
<p>— ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/2017879222883434660">February 1, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script><br />
वहीं समाजवादी पार्टी के सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी केंद्रीय बजट की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह बजट गरीबों और गांवों में रहने वाले लोगों की जरूरतों को पूरी तरह नजरअंदाज करता है। अखिलेश यादव का कहना है कि इस बजट से न तो रोजगार के अवसर पैदा होते हैं और न ही आम जनता को कोई सीधा फायदा मिलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार का बजट देश के केवल पांच प्रतिशत अमीर लोगों के हितों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।</p>
<h3>इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार का होगा फोकस</h3>
<p>दूसरी ओर, <a href="https://navbharatlive.com/business/nirmala-sitharaman-budget-2026-speech-highlights-no-poetry-1546467.html">वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण</a> ने लोकसभा में बजट पेश करते हुए कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 “युवाशक्ति से प्रेरित” है और यह तीन प्रमुख कर्तव्यों पर आधारित है। यह उनका लगातार नौवां केंद्रीय बजट रहा। बजट में अगले पांच वर्षों में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और 20 राष्ट्रीय जलमार्गों को शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://navbharatlive.com/business/shivraj-singh-chauhan-described-budget-2026-as-commitment-towards-building-a-developed-india-1546601.html">Budget 2026: ‘यह केवल बजट नहीं, विकसित भारत की गारंटी है’; शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष को दिया करारा जवाब</a></strong></p>
<p>सरकार ने बजट में पर्यावरण के अनुकूल यात्री परिवहन पर विशेष जोर दिया है। प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर प्रमुख शहरी और आर्थिक केंद्रों को जोड़ेंगे, जिससे यात्रा का समय कम होगा, प्रदूषण घटेगा और क्षेत्रीय विकास को गति मिलने की उम्मीद है। हालांकि विपक्ष का कहना है कि बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के दावों के बीच आम आदमी, किसान और बेरोजगार युवा खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>UP की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल बोलीं: बजट &amp;#8216;आत्मनिर्भर भारत का घोषणापत्र&amp;#8217;, समावेशी विकास पर दिया गया जोर</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/up-governor-anandiben-patel-budget-2026-atmanirbhar-bharat-vision-1546624.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[नवभारत डेस्क]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 13:35:40 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 13:35:40 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
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					<description><![CDATA[Anandiben Patel on Budget: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने केंद्रीय बजट 2026 की सराहना करते हुए इसे किसानों, युवाओं और महिलाओं के सपनों को सच करने वाला बजट बताया है।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/Anandiben-Patel_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Up Governor Anandiben Patel Budget 2026 Atmanirbhar Bharat Vision"     /></figure><p><strong>Governor Anandiben Patel Budget 2026 reaction</strong>: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने केंद्रीय बजट 2026-27 को भारत के भविष्य की सुनहरी तस्वीर पेश करने वाला बजट बताया है। रविवार को राजभवन से जारी एक आधिकारिक बयान में उन्होंने कहा कि यह बजट केवल एक वित्तीय दस्तावेज नहीं है, बल्कि देश की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब और &amp;#8216;विकसित भारत&amp;#8217; के संकल्प का सशक्त घोषणापत्र है।</p>
<h3>आर्थिक सुदृढ़ता और गरीबी पर प्रहार</h3>
<p>राज्यपाल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में लगभग 25 करोड़ लोगों का गरीबी रेखा से बाहर आना सरकार की नीतियों की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है। उन्होंने रेखांकित किया कि राजकोषीय अनुशासन बनाए रखते हुए नियंत्रित घाटा और संतुलित कर्ज-जीडीपी अनुपात भारत की विकास यात्रा को एक सुरक्षित आधार प्रदान कर रहा है।</p>
<h3>नवाचार और युवाओं को नए अवसर</h3>
<p>राज्यपाल <a href="https://navbharatlive.com/uttar-pradesh/governor-anandiben-patel-was-delighted-after-taking-a-dip-in-sangam-she-was-overwhelmed-and-said-amazing-1129757.html">आनंदीबेन पटेल</a> ने बजट में तकनीक और आधुनिकता के समावेश की विशेष रूप से चर्चा की। उन्होंने कृषि क्षेत्र में &amp;#8216;भारत विस्तार&amp;#8217; जैसे एआई (कृत्रिम मेधा) आधारित नवाचारों को क्रांतिकारी कदम बताया। साथ ही, शिक्षा के क्षेत्र में छात्राओं के लिए नए छात्रावासों का निर्माण और &amp;#8216;खेलो इंडिया&amp;#8217; के माध्यम से कौशल विकास और रोजगार को जोड़ने की पहल को युवाओं के लिए एक बड़ा संबल माना। उन्होंने कहा कि विनिर्माण (Manufacturing) क्षेत्र पर किया गया रिकॉर्ड निवेश और रेल व जलमार्गों का विस्तार देश की रसद प्रणाली (Logistics) को बदल कर रख देगा।</p>
<h3>हरित उद्योग और पर्यावरण संरक्षण</h3>
<p>पर्यावरण की दृष्टि से बजट के प्रावधानों को सराहते हुए राज्यपाल ने कहा कि हरित उद्योगों के लिए &amp;#8216;कार्बन कैप्चर&amp;#8217; तकनीक और &amp;#8216;इको-फ्रेंडली ट्रेल्स&amp;#8217; जैसे नवाचार यह दर्शाते हैं कि भारत प्रगति के साथ-साथ प्रकृति के प्रति भी सजग है। विनिर्माण, ग्रामीण स्वराज और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की पहल भारत को आर्थिक और सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर बनाएगी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a title="बजट 2026: ‘संतुलित और दूरदर्शी है नया बजट’, CM चंद्रबाबू नायडू ने बताया आत्मनिर्भर भारत का रोडमैप" href="https://navbharatlive.com/business/chandrababu-naidu-praises-union-budget-2026-manufacturing-msme-1546600.html"> बजट 2026: ‘संतुलित और दूरदर्शी है नया बजट’, CM चंद्रबाबू नायडू ने बताया आत्मनिर्भर भारत का रोडमैप </a></strong></p>
<p>राज्यपाल ने अंत में विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट सुधारों की गति को तेज करेगा और समृद्ध भारत के निर्माण में सहायक सिद्ध होगा। उनके अनुसार, यह बजट किसान, मजदूर, उद्यमी और छात्रों समेत समाज के हर वर्ग को समान संवेदनशीलता के साथ लाभान्वित करता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: &amp;#8216;यह केवल बजट नहीं, विकसित भारत की गारंटी है&amp;#8217;; शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष को दिया करारा जवाब</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/shivraj-singh-chauhan-described-budget-2026-as-commitment-towards-building-a-developed-india-1546601.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[मनोज आर्या]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 13:32:05 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 13:32:05 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Busienss News]]></category>
		<category><![CDATA[Shivraj Singh Chauhan]]></category>
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					<description><![CDATA[Shivraj Singh Chauhan: शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश ने लगभग सात प्रतिशत की मजबूत विकास दर हासिल की है और गरीबी कम करने में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/shivraj-singh-chauhan_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Shivraj Singh Chauhan Described Budget 2026 As Commitment Towards Building A Developed India"     /></figure><p><strong>Shivraj Singh Chauhan On Budget 2026:</strong> भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को पेश किए गए 2026-27 के केंद्रीय बजट का स्वागत किया। उन्होंने इसे विकसित भारत के निर्माण की दिशा में प्रतिबद्धता बताया। केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि यह बजट गांवों और किसानों की स्थिति और भविष्य दोनों को बदल देगा।</p>
<p>मीडिया से बातचीत में केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय कृषि को मजबूत बनाने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए 1,62,671 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं।</p>
<h3>यह बजट गांवों की तस्वीर बदल देगा</h3>
<p>शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि यह बजट गांवों, गरीबों, कृषि और किसानों का भविष्य बदल देगा। उन्होंने कहा कि भारतीय कृषि को विकसित करने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बजट में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए 1,62,671 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि ग्रामीण विकास के लिए 2,73,108 करोड़ रुपए अलग रखे गए हैं ताकि गांव विकास के इंजन बन सकें।</p>
<h3>वीबी-जी राम जी के लिए बड़ी घोषणा</h3>
<p>मध्य प्रदेश के चार बार के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश ने लगभग सात प्रतिशत की मजबूत विकास दर हासिल की है और गरीबी कम करने में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने आगे कहा कि मनरेगा का कुल बजट पहले 86,000 करोड़ रुपए था, लेकिन अब &amp;#8216;विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)&amp;#8217; के लिए अकेले केंद्र सरकार का हिस्सा 95,600 करोड़ रुपए से अधिक है, जो राज्यों के योगदान को जोड़ने पर और भी अधिक होकर 1,51,000 करोड़ रुपए से अधिक हो जाएगा।</p>
<h3>कृषि शिक्षा और अनुसंधान पर विशेष जोर</h3>
<p>केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि कृषि शिक्षा और अनुसंधान पर विशेष जोर दिया गया है और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के माध्यम से कृषि शिक्षा और अनुसंधान के लिए 9,967 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि ग्रामीण विकास विभाग के बजट पर नजर डालें तो इसमें 21 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि ग्रामीण विकास के लिए कुल बजट में पर्याप्त प्रावधान किया गया है और अकेले विकसित भारत ग्राम योजना के लिए 55,600 करोड़ रुपए से अधिक का आवंटन किया गया है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://navbharatlive.com/business/chandrababu-naidu-praises-union-budget-2026-manufacturing-msme-1546600.html">बजट 2026: ‘संतुलित और दूरदर्शी है नया बजट’, CM चंद्रबाबू नायडू ने बताया आत्मनिर्भर भारत का रोडमैप</a></strong></p>
<h3>गरीब, किसान और युवाओं का होगा कल्याण</h3>
<p>केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि इस वर्ष के <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/nagpur/vijay-wadettiwar-slams-union-budget-2026-maharashtra-farmers-injustice-1546589.html"><strong>बजट 2026</strong></a> में गांवों, गरीबों, किसानों, युवा किसानों और विशेष रूप से हमारी &amp;#8216;लखपति दीदियों&amp;#8217; (करोड़पति बन चुकी महिलाओं) के कल्याण के लिए पर्याप्त प्रावधान शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये प्रावधान विकसित भारत के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बजट 2026: &amp;#8216;संतुलित और दूरदर्शी है नया बजट&amp;#8217;, CM चंद्रबाबू नायडू ने बताया आत्मनिर्भर भारत का रोडमैप</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/chandrababu-naidu-praises-union-budget-2026-manufacturing-msme-1546600.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[नवभारत डेस्क]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 13:26:40 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 13:29:04 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Chandrababu Naidu]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://navbharatlive.com/?p=1546600</guid>

					<description><![CDATA[Chandrababu Naidu: मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने बजट 2026 को संतुलित और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बताया। उनके अनुसार, यह विनिर्माण और MSME क्षेत्र को नई मजबूती देगा।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/Chandrababu-Naidu_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Chandrababu Naidu Praises Union Budget 2026 Manufacturing Msme"     /></figure><p><strong>Chandrababu Naidu on Budget 2026</strong>: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026-27 का जोरदार स्वागत किया। कुप्पम में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने इसे “संतुलित और दूरदर्शी” करार दिया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई दी। नायडू ने कहा कि यह बजट विकसित भारत के संकल्प को धरातल पर उतारने वाला है और देश की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।</p>
<h3>विनिर्माण और MSME को मिलेगी नई ताकत</h3>
<p data-start="525" data-end="1019">मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से विनिर्माण क्षेत्र (Manufacturing) में सरकार के फोकस की सराहना की। उन्होंने कहा कि बजट के प्रावधानों से भारत का विनिर्माण क्षेत्र वैश्विक स्तर पर और मजबूत होगा। इसके साथ ही ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ यानी व्यापार करने में आसानी बढ़ाने के प्रयासों से उद्योग जगत को बड़ी मदद मिलेगी। नायडू ने बताया कि MSME (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) को सशक्त बनाने के लिए बजट में किए गए आवंटन रोजगार सृजन में क्रांतिकारी बदलाव लाएंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगे।</p>
<h3>समाज के हर वर्ग का सशक्तीकरण</h3>
<p data-start="1021" data-end="1371">बजट के मानवीय पहलुओं पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें महिलाओं, किसानों और युवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि यह वित्तीय योजना समाज के हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास है। नायडू ने विश्वास व्यक्त किया कि ये योजनाएं समाज के कमजोर और पिछड़े हिस्सों को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी।</p>
<h3>तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का लक्ष्य</h3>
<p data-start="1373" data-end="1746">अंत में <a href="https://navbharatlive.com/india/modi-government-in-trouble-chandrababu-naidu-may-quit-nda-1322820.html">चंद्रबाबू नायडू</a> ने कहा कि यह बजट भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की ओर निर्णायक कदम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘विकसित भारत’ की संकल्पना को साकार करने के लिए यह बजट आवश्यक मार्गदर्शक सिद्ध होगा। नायडू के अनुसार, बजट 2026-27 आर्थिक, सामाजिक और उद्योगिक स्तर पर संतुलित सुधार लेकर आया है, जो देश के दीर्घकालीन विकास को सुनिश्चित करेगा।</p>
<p data-start="1373" data-end="1746"><strong>यह भी पढ़ें: <a title="बजट 2026: ‘मिशन कर्मयोगी’ को मिली नई रफ़्तार, सरकारी बाबुओं की ट्रेनिंग के लिए ₹299 करोड़ का भारी आवंटन" href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-mission-karmayogi-allocation-administrative-reforms-1546586.html"> बजट 2026: ‘मिशन कर्मयोगी’ को मिली नई रफ़्तार, सरकारी बाबुओं की ट्रेनिंग के लिए ₹299 करोड़ का भारी आवंटन </a></strong></p>
<p data-start="1748" data-end="1940">इस तरह मुख्यमंत्री नायडू ने बजट को एक सकारात्मक और दूरदर्शी दस्तावेज बताया, जो न केवल आर्थिक विकास को गति देगा, बल्कि समाज के सभी वर्गों के लिए सशक्तिकरण की दिशा में भी अहम योगदान करेगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बजट 2026: &amp;#8216;मिशन कर्मयोगी&amp;#8217; को मिली नई रफ़्तार, सरकारी बाबुओं की ट्रेनिंग के लिए ₹299 करोड़ का भारी आवंटन</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/budget-2026-mission-karmayogi-allocation-administrative-reforms-1546586.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[नवभारत डेस्क]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 13:18:12 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 13:19:01 +0530</modifiedDate>
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		<category><![CDATA[Narendra Modi]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
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					<description><![CDATA[Mission Karmayogi civil services reform: सरकारी कर्मचारियों की ट्रेनिंग और सुशासन के लिए ₹299 करोड़ का बजट। जानें कैसे 'मिशन कर्मयोगी' और प्रशासनिक सुधार बदलेंगे देश का चेहरा।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/mission-karmyogi_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Budget 2026 Mission Karmayogi Allocation Administrative Reforms"     /></figure><p><strong>Union Budget 2026 training allocation</strong>: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट 2026-27 में देश की प्रशासनिक व्यवस्था को &amp;#8216;भविष्य के लिए तैयार&amp;#8217; (Future Ready) बनाने पर विशेष बल दिया गया है। सरकार ने सरकारी अधिकारियों के प्रशिक्षण, प्रशासनिक सुधारों और भर्ती प्रक्रियाओं को सुगम बनाने के लिए भारी निवेश का प्रस्ताव किया है। इसका उद्देश्य सरकारी मशीनरी को अधिक पारदर्शी, सक्रिय और तकनीक-सक्षम बनाना है।</p>
<h3>मिशन कर्मयोगी: आधुनिक नौकरशाही का रोडमैप</h3>
<p>सरकार ने अपनी सबसे महत्वाकांक्षी नौकरशाही सुधार पहल &amp;#8216;मिशन कर्मयोगी&amp;#8217; (राष्ट्रीय सिविल सेवा क्षमता निर्माण कार्यक्रम) के लिए 126 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की है। मिशन कर्मयोगी का विजन सरकारी कर्मचारियों को केवल नियमों पर चलने वाला &amp;#8216;बाबूक&amp;#8217; नहीं, बल्कि रचनात्मक, पेशेवर और तकनीक के साथ तालमेल बिठाने वाला सेवक बनाना है।</p>
<h3>प्रशिक्षण संस्थानों का सुदृढ़ीकरण (LBSNAA और ISTM)</h3>
<p>1. प्रशिक्षण प्रभाग के कुल ₹299 करोड़ के बजट में से 120.8 करोड़ रुपये प्रमुख संस्थानों के स्थापना व्यय के लिए रखे गए हैं। इसमें शामिल हैं:</p>
<p>2. लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA): मसूरी स्थित यह संस्थान आईएएस (IAS) अधिकारियों की ट्रेनिंग का मुख्य केंद्र है।</p>
<p>3. सचिवालय प्रशिक्षण एवं प्रबंधन संस्थान (ISTM): दिल्ली स्थित यह संस्थान सचिवालय स्तर के अधिकारियों को नवीनतम नियमों और &amp;#8216;मिड-करियर&amp;#8217; प्रशिक्षण से अवगत कराता है।</p>
<p>4. यह आवंटन अधिकारियों की घरेलू और विदेशी यात्राओं के खर्च के साथ-साथ केंद्रीय सचिवालय सेवा (CSS) के अधिकारियों के पाठ्यक्रम शुल्क को भी कवर करेगा।</p>
<h3>प्रशासनिक सुधार और ई-गवर्नेंस के लिए ₹65 करोड़</h3>
<p>प्रशासनिक सुधारों को गति देने के लिए सरकार ने 65 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस फंड का उपयोग निम्नलिखित क्षेत्रों में किया जाएगा।</p>
<ul>
<li>कार्यालयों का आधुनिकीकरण: सरकारी दफ्तरों को &amp;#8216;पेपरलेस&amp;#8217; और स्मार्ट वर्किंग स्पेस में बदलना।</li>
<li>सुशासन (Good Governance): सुशासन को प्रोत्साहित करने के लिए पायलट प्रोजेक्ट्स शुरू करना।</li>
<li>ई-गवर्नेंस: डिजिटल माध्यमों से सेवाओं की डिलीवरी को बेहतर बनाना।</li>
<li>शिकायत निवारण: जन शिकायतों के निपटारे के लिए एक व्यापक और तेज तंत्र विकसित करना।</li>
</ul>
<h3>भर्ती और न्याय तंत्र पर ध्यान: SSC और CAT</h3>
<p>बजट में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए <a href="https://navbharatlive.com/india/supreme-court-stay-high-court-order-on-ssc-candidates-age-relaxation-verdict-1523952.html">कर्मचारी चयन आयोग</a> (SSC) को 525.2 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह पिछले संशोधित अनुमान (₹548.5 करोड़) के लगभग करीब है और देश भर में भर्ती परीक्षाओं के आयोजन में मदद करेगा। दूसरी ओर, लोक सेवकों के सेवा संबंधी विवादों को सुलझाने वाले केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) को 166.42 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इस राशि का एक हिस्सा न्यायाधिकरण की विभिन्न पीठों के लिए भूमि खरीदने और नए भवनों के निर्माण पर खर्च होगा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a title="बजट 2026 पर केरल को अनदेखा" href="https://navbharatlive.com/business/kerala-fm-kn-balagopal-slams-union-budget-2026-economic-stagnation-1546552.html"> बजट 2026 पर केरल को अनदेखा? वित्त मंत्री बालगोपाल ने बंदरगाह और रेल में नजरअंदाज किए जाने पर दी प्रतिक्रिया </a></strong></p>
<h3>सुशासन केंद्र और आरटीआई (RTI) को बढ़ावा</h3>
<p>सूचना के अधिकार (RTI) अधिनियम के प्रचार-प्रसार के लिए 3.5 करोड़ रुपये का एक विशेष कोष रखा गया है। साथ ही, भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (IIPA) और राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (NCGG) के लिए संयुक्त रूप से 52.07 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है। सरकार का यह व्यापक बजट आवंटन स्पष्ट करता है कि वह &amp;#8216;मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस&amp;#8217; के अपने वादे को पूरा करने के लिए प्रशासनिक ढांचे की जड़ों को मजबूत कर रही है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>बजट 2026 पर केरल को अनदेखा? वित्त मंत्री बालगोपाल ने बंदरगाह और रेल में नजरअंदाज किए जाने पर दी प्रतिक्रिया</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/kerala-fm-kn-balagopal-slams-union-budget-2026-economic-stagnation-1546552.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[नवभारत डेस्क]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 13:03:59 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 13:09:35 +0530</modifiedDate>
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		<category><![CDATA[Kerala]]></category>
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					<description><![CDATA[Vizhinjam Port cargo corridor funds: केरल के वित्त मंत्री ने केंद्रीय बजट पर उठाए सवाल। कृषि सब्सिडी में कटौती और केरल की रेल-बंदरगाह परियोजनाओं की अनदेखी पर जताया कड़ा विरोध।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/K-N.-Balagopal_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Kerala Fm Kn Balagopal Slams Union Budget 2026 Economic Stagnation"     /></figure><p><strong>K.N. Balagopal Budget reaction</strong>: केंद्रीय बजट 2026-27 के पेश होने के बाद केरल सरकार ने केंद्र की आर्थिक नीतियों पर तीखा हमला बोला है। केरल के वित्त मंत्री के. एन. बालगोपाल ने रविवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह बजट भारतीय अर्थव्यवस्था में छाई सुस्ती और केंद्र सरकार के पास जरूरी संसाधनों की भारी कमी को स्पष्ट रूप से उजागर करता है।</p>
<h3>अंतरराष्ट्रीय दबाव में तैयार कर नीतियां?</h3>
<p>बालगोपाल ने आरोप लगाया कि बजट में प्रस्तावित कर सुधार घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के बजाय अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक हितों को साधने के लिए किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि कराधान के मोर्चे पर जो भी सिफारिशें की गई हैं, वे यूरोपीय संघ (EU) के साथ व्यापार समझौतों और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त शुल्क (टैरिफ) नीतियों के दबाव का परिणाम हैं। मंत्री के अनुसार, बजट देश हित को प्राथमिकता देने के बजाय वैश्विक शक्तियों को खुश करने की कोशिश ज्यादा लगता है।</p>
<h3>बुनियादी क्षेत्रों के बजट में कटौती पर चिंता</h3>
<p><a href="https://navbharatlive.com/business/opposition-reaction-budget-2026-shashi-tharoor-dimple-yadav-criticism-1546286.html">केरल</a> के वित्त मंत्री ने कहा कि बजट के आंकड़ों को गहराई से देखने पर पता चलता है कि कई महत्वपूर्ण सामाजिक और बुनियादी क्षेत्रों के खर्च में कटौती की गई है। उन्होंने विशेष रूप से कृषि और खाद्य सब्सिडी में की गई कमी पर चिंता जताई। बालगोपाल ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी जैसे भविष्योन्मुखी क्षेत्रों के आवंटन में भी कमी की गई है, जो अर्थव्यवस्था के दूरगामी विकास के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।</p>
<h3>केरल की प्रमुख मांगों की अनदेखी</h3>
<p>मंत्री ने केंद्र सरकार पर केरल के प्रति भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विझिंजम बंदरगाह के विकास के लिए अतिरिक्त निधि और वहाँ से एक समर्पित कार्गो कॉरिडोर बनाने की राज्य की चिरलंबित मांग पर बजट में कोई ध्यान नहीं दिया गया। साथ ही, केरल की हाई-स्पीड रेल संपर्क की मांग को भी नजरअंदाज कर दिया गया, जबकि केंद्र ने अन्य राज्यों के लिए इसी तरह की परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a title="बजट 2026: राजमार्ग मंत्रालय के लिए ₹3.09 लाख करोड़ का फंड, देश भर में बिछेगा सड़कों का जाल" href="https://navbharatlive.com/business/highway-ministry-budget-2026-3-09-lakh-crore-nhai-allocation-1546506.html"> बजट 2026: राजमार्ग मंत्रालय के लिए ₹3.09 लाख करोड़ का फंड, देश भर में बिछेगा सड़कों का जाल </a></strong></p>
<h3>कछुआ संरक्षण बनाम जनहित</h3>
<p>बजट में कुछ विशेष परियोजनाओं के उल्लेख पर तंज कसते हुए बालगोपाल ने कहा कि इस बार कछुआ संरक्षण के लिए एक परियोजना का जिक्र किया गया है, लेकिन यह पूरी तरह अस्पष्ट है कि ऐसी परियोजनाओं से आम आदमी के जीवन में क्या गुणात्मक सुधार आएगा। उन्होंने अंत में कहा कि संकट के समय अक्सर बजट अनुमान पूरे नहीं हो पाते, लेकिन इस बार भारतीय अर्थव्यवस्था में ठहराव इतना साफ है कि वह बजट के हर पन्ने पर दिखाई दे रहा है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: अशुभ रहा रविवार का बजट, शेयर मार्केट से सोना-चांदी तक, हर तरफ निवेशकों का बुरा हाल</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/budget-2026-sundays-budget-was-inauspicious-from-stock-market-to-gold-and-silver-1546473.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[मनोज आर्या]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 12:56:13 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 12:58:26 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[बजट]]></category>
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		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Business News]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
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					<description><![CDATA[Sunday Budget Market Reaction: भारत के इतिहास में पहली बार रविवार को देश का आम बजट पेश हुआ। हालांकि, यह दिन आम जनता और निवेशकों के लिए अशुभ रहा।  जहां हर तरफ लोगों का भारी नुकसान हुआ। ]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="2400" height="1498" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/1_zlCg1zsrpg0B46slNtog2A-Picsart-AiImageEnhancer_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Budget 2026 Sundays Budget Was Inauspicious From Stock Market To Gold And Silver"     /></figure><p><strong>Why Sunday is Inauspicious For Budget 2026: </strong>केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज रविवार, 1 फरवरी को संसद में बजट पेश किया। यह बजट इस लिए ऐतिहासिक था कि पहली बार रविवार को देश का आम बजट पेश हुआ। इस मौके पर विशेष ट्रेडिंग के लिए बीएसई, एनएसई और एमसीएक्स ओपेन रहे। हालांकि, रविवार का बजट निवेशकों के लिए अशुभ साबित हुआ।</p>
<p>वित्त मंत्री के बजट भाषण के दौरान सेंसेक्स 2000 अंक टूट गया। वहीं एनएसई निफ्टी में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि छुट्टी के दिन देश का बजट पेश होना और शेयर मार्केट में ट्रेडिंग का फैसला शुभ नहीं है।</p>
<h3>शेयर मार्केट में बड़ी गिरावट</h3>
<p>यूनियन बजट 2026 के मौके पर विशेष ट्रेडिंग के दौरान भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। निफ्टी 50 इंडेक्स 25,333.75 पर खुला, जिसमें 13.10 अंकों या 0.05 परसेंट की मामूली बढ़त दर्ज की गई। जबकि BSE सेंसेक्स 82,445.97 पर खुला, जो 176.19 अंकों या 0.21 परसेंट ऊपर था। हालांकि, बजट पेश होने के बाद शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखी गई। सेंसेक्स में 2000 अंकों की बड़ी गिरावट आई। इससे शेयर बाजार में अफरा-तफरी का माहौल है।</p>
<h3>फ्यूचर ट्रेड पर बढ़ा STT</h3>
<p>अपने बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री <strong><a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-nri-investment-limit-hike-stock-market-access-1546173.html">निर्मला सीतारमण</a></strong> ने कहा कि फ्यूचर ट्रेड पर STT को 0.02 परसेंट से बढ़ाकर 0.05 परसेंट किया जाएगा। इसके अलावा, FM ने ऑप्शंस प्रीमियम पर STT को 0.1 परसेंट से बढ़ाकर 0.15 परसेंट करने का प्रस्ताव दिया। इसका शेयर बाजार पर बुरा असर पड़ा। ब्रॉडर मार्केट भी निचले स्तर पर ट्रेड करते दिखे। निफ्टी मिडकैप 100 में 2.7 परसेंट की गिरावट आई और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 3.4 परसेंट की गिरावट दर्ज की गई है।</p>
<h3>बजट भाषण के बीच निफ्टी-सेंसेक्स धड़ाम</h3>
<p>शेयर बाजार में 12:15 के आसपास तेज गिरावट लौटती दिखाई दी। बजट भाषण के बीच ही सेंसेक्स 800 अंकों से ज्यादा गिरकर 81,420 के लेवल पर पहुंच गया था। इंडेक्स अपने डे हाई से 1200 अंकों से ज्यादा के नुकसान पर था। वहीं, निफ्टी 300 अंक गिरकर 25,018 के पास पहुंच गया था। बैंक निफ्टी में भी 700 अंकों से ज्यादा की गिरावट थी। इंडेक्स अपने इंट्राडे हाई से 900 अंकों से ज्यादा नीचे था। हालांकि, कुछ देर बाद ही मार्केट पूरी तरह से क्रैश हो गया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2206-social-media-reaction-after-nirmala-sitharaman-speech-1546421.html">बजट 2026: ‘न छुट्टी मिली, न राहत!’ टैक्सपेयर्स और निवेशकों का छलका दर्द, बोले- इससे अच्छा संडे ही रहने देते</a></strong></p>
<h3>सोने-चांदी में भी आई बड़ी गिरावट</h3>
<p>बजट के दिन शेयर बाजार के साथ कमोडिटी मार्केट एमसीएक्स पर भी ट्रेडिंग जारी रही और ओपनिंग के साथ ही दोनों कीमती धातुएं धड़ाम हो गईं। बाजार खुलते ही चांदी की कीमतों में सबसे बड़ा झटका लगा। 1 किलो चांदी का भाव अचानक 27,000 रुपये तक टूट गया, जिससे निवेशकों में हड़कंप मच गया। वहीं, सोना भी इस गिरावट से अछूता नहीं रहा और सोने के दाम में 13,000 रुपये से ज्यादा की तेज गिरावट दर्ज की गई। केंद्रीय बजट 2026-27 से पहले रविवार को वायदा कारोबार में <a href="https://navbharatlive.com/business/gold-and-silver-price-update-of-budget-day-2026-check-latest-rate-1545648.html"><strong>सोने और चांदी</strong></a> की कीमतों में 9 प्रतिशत तक की गिरावट आई।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बजट 2026 पर मायावती का तंज, &amp;#8216;नाम बड़े, दर्शन छोटे?&amp;#8217;; केंद्र की बड़ी योजनाओं पर उठे सवाल</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/mayawati-reaction-union-budget-2026-gdp-vs-quality-of-life-1546535.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[नवभारत डेस्क]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 12:55:28 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 12:55:28 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Mayawati]]></category>
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					<description><![CDATA[Union Budget 2026: मायावती ने बजट 2026 पर सवाल उठाते हुए इसे पूंजीपतियों का समर्थक बताया। उन्होंने जमीनी स्तर पर परिणामों की जांच करने की सलाह दी।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/Mayawati_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Mayawati Reaction Union Budget 2026 Gdp Vs Quality Of Life"     /></figure><p><strong>Mayawati reaction Union Budget 2026</strong>: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने रविवार को पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने सरकार द्वारा किए जा रहे बड़े-बड़े दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि बजट की सफलता का आकलन कागजी आंकड़ों या &amp;#8216;वाहवाही&amp;#8217; से नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में आने वाले गुणात्मक परिवर्तन से किया जाना चाहिए।</p>
<h3>जीडीपी से ज्यादा महत्वपूर्ण है जनहित</h3>
<p><a href="https://navbharatlive.com/uttar-pradesh/mayawati-on-avimukteshwaranand-said-politics-should-be-kept-separate-from-religion-1532072.html">मायावती</a> ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म &amp;#8216;एक्स&amp;#8217; (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर हमला बोला। उन्होंने तर्क दिया कि सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की विकास दर से अधिक महत्वपूर्ण यह है कि आम जनता, विशेषकर गरीब और बहुजन समाज के जीवन स्तर में कितना सुधार हुआ है। उनके अनुसार, वर्तमान बजट की प्रशंसा करने से पहले यह देखना जरूरी है कि क्या यह वास्तव में जमीनी स्तर पर कोई बदलाव लाने में सक्षम है।</p>
<h3>पूंजीवादी सोच बनाम बहुजन हितेषी नीति</h3>
<p>बसपा प्रमुख ने बजट को सरकार की &amp;#8220;नीति और नीयत का आईना&amp;#8221; करार दिया। उन्होंने संदेह जताते हुए पूछा कि क्या यह बजट वास्तव में गरीब और बहुजन-हितैषी है या फिर केवल बड़े-बड़े पूंजीपतियों और धन्नासेठों के हितों की रक्षा करने वाली पूंजीवादी सोच का पोषक है। उन्होंने चेतावनी दी कि योजनाओं के नाम तो बहुत आकर्षक रखे गए हैं, लेकिन इनका परिणाम &amp;#8216;नाम बड़े और दर्शन छोटे&amp;#8217; जैसा नहीं होना चाहिए।</p>
<h3>संविधान और आत्मनिर्भरता पर सवाल</h3>
<p>मायावती ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के कल्याणकारी संविधान की पवित्र मंशा का उल्लेख करते हुए सरकार को याद दिलाया कि वास्तविक आत्मनिर्भरता तभी आएगी जब सरकारी क्षेत्र को महत्व दिया जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार की नीतियां दीर्घकाल में देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही हैं या सार्वजनिक संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a title="बजट 2026: राजमार्ग मंत्रालय के लिए ₹3.09 लाख करोड़ का फंड, देश भर में बिछेगा सड़कों का जाल" href="https://navbharatlive.com/business/highway-ministry-budget-2026-3-09-lakh-crore-nhai-allocation-1546506.html"> बजट 2026: राजमार्ग मंत्रालय के लिए ₹3.09 लाख करोड़ का फंड, देश भर में बिछेगा सड़कों का जाल </a></strong></p>
<h3>जमीनी हकीकत का आकलन जरूरी</h3>
<p>उन्होंने बजट को &amp;#8220;परंपरागत रूप से मायूस करने वाला&amp;#8221; बताते हुए कहा कि सर्वसमाज के हित में केवल बातें करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सही नीयत के साथ उन पर अमल करना जरूरी है। मायावती ने अंत में केंद्र सरकार से यह तुलनात्मक आकलन करने को कहा कि क्या पिछले वर्षों के बजटों से लोगों के जीवन में कोई वास्तविक और गुणात्मक परिवर्तन आया है या यह केवल आश्वासनों का एक नया पिटारा मात्र है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बजट 2026: &amp;#8216;पंजाब के साथ सौतेला व्यवहार&amp;#8217;, CM भगवंत मान ने MSP और रोजगार पर केंद्र को घेरा</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/punjab-haryana-opposition-slams-union-budget-2026-farmers-msp-1546522.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[नवभारत डेस्क]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 12:46:55 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 12:48:32 +0530</modifiedDate>
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		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Punjab]]></category>
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					<description><![CDATA[Punjab CM Bhagwant Mann: पंजाब सरकार और हरियाणा विपक्ष ने केंद्रीय बजट 2026 को किसान विरोधी बताया। एमएसपी और रोजगार के मुद्दों पर केंद्र सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/bhagwant-mann_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Punjab Haryana Opposition Slams Union Budget 2026 Farmers Msp"     /></figure><p><strong>Punjab CM Bhagwant Mann Budget reaction</strong>: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट 2026-27 पर पंजाब और हरियाणा के सियासी गलियारों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और हरियाणा के विपक्षी नेताओं ने इस बजट को &amp;#8216;निराशाजनक&amp;#8217; करार देते हुए आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार ने एक बार फिर किसानों और युवाओं की अनदेखी की है।</p>
<h3>पंजाब के साथ हुआ सौतेला व्यवहार</h3>
<p>पंजाब के मुख्यमंत्री <a href="https://navbharatlive.com/india/bhagwant-mann-amit-shah-meeting-mystery-revealed-big-demand-related-to-india-pakistan-border-1520483.html">भगवंत मान</a> ने बजट पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि इसमें न तो किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कोई कानूनी गारंटी दी गई और न ही उद्योग जगत को कोई राहत मिली है। मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म &amp;#8216;एक्स&amp;#8217; पर अपनी भड़ास निकालते हुए लिखा, &amp;#8220;केंद्र सरकार का बजट पंजाब की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। हमेशा की तरह हमारे साथ सौतेला व्यवहार किया गया है।&amp;#8221;</p>
<p>मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पंजाब की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने युवाओं के लिए रोजगार की रूपरेखा की कमी पर भी सवाल उठाए। हालांकि, उन्होंने यह भी संकल्प लिया कि पंजाब के लोग मेहनती हैं और वे मिलकर राज्य को अपने पैरों पर खड़ा करेंगे।</p>
<h3>हरियाणा विपक्ष का प्रहार: &amp;#8220;हरियाणा का नामोनिशान नहीं&amp;#8221;</h3>
<p>हरियाणा में भी बजट को लेकर विपक्ष ने मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि बजट 2026 में हरियाणा का नामोनिशान तक नहीं है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री ने केवल नाममात्र के लिए राखीगढ़ी (हिसार) का उल्लेख किया है, जिसे उन 15 पुरातात्विक स्थलों में शामिल किया गया है जिन्हें &amp;#8216;जीवंत सांस्कृतिक पर्यटन स्थल&amp;#8217; के रूप में विकसित किया जाएगा। सुरजेवाला के अनुसार, यह राज्य की जरूरतों के मुकाबले बेहद कम है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a title="बजट 2026: राजमार्ग मंत्रालय के लिए ₹3.09 लाख करोड़ का फंड, देश भर में बिछेगा सड़कों का जाल" href="https://navbharatlive.com/business/highway-ministry-budget-2026-3-09-lakh-crore-nhai-allocation-1546506.html"> बजट 2026: राजमार्ग मंत्रालय के लिए ₹3.09 लाख करोड़ का फंड, देश भर में बिछेगा सड़कों का जाल </a></strong></p>
<p>रोहतक से सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने भी केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों की तरह हरियाणा इस बार भी खाली हाथ रह गया है। हुड्डा ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि हरियाणा देश में सबसे अधिक जीएसटी और टोल टैक्स संग्रह करने वाले राज्यों में से एक है, लेकिन बजट में उसका हिस्सा &amp;#8216;शून्य&amp;#8217; है।</p>
<h3>किसानों और &amp;#8216;अन्नदाता&amp;#8217; की अनदेखी का आरोप</h3>
<p>पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने बजट को &amp;#8220;सुधारों का ढोंग&amp;#8221; बताया। उन्होंने कहा कि &amp;#8216;अन्नदाता&amp;#8217; कहे जाने वाले किसानों के लिए इस बजट में कोई वास्तविक राहत नहीं है। वैश्विक अनिश्चितताओं और व्यापारिक तनाव के बीच पेश किए गए इस बजट में निर्यात मंदी से निपटने के लिए भी कोई प्रावधान नहीं दिख रहे हैं। विपक्षी नेताओं का साझा आरोप है कि बजट में बड़े-बड़े वादे तो किए गए हैं, लेकिन जमीनी हकीकत बदलने वाली कोई योजना शामिल नहीं है। यह राजनीतिक रस्साकशी आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है, क्योंकि पंजाब और हरियाणा जैसे कृषि प्रधान राज्यों के लिए एमएसपी हमेशा से एक संवेदनशील मुद्दा रहा है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बजट 2026: राजमार्ग मंत्रालय के लिए ₹3.09 लाख करोड़ का फंड, देश भर में बिछेगा सड़कों का जाल</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/highway-ministry-budget-2026-3-09-lakh-crore-nhai-allocation-1546506.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[नवभारत डेस्क]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 12:41:00 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 12:41:55 +0530</modifiedDate>
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		<category><![CDATA[Ministry of Road Transport and Highways]]></category>
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					<description><![CDATA[Ministry of Road Transport Budget 2026: सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के बजट में भारी वृद्धि। एनएचएआई का कर्ज कम करने और नए एक्सप्रेसवे के निर्माण पर सरकार का विशेष फोकस।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/raod-budget_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Highway Ministry Budget 2026 3 09 Lakh Crore Nhai Allocation"     /></figure><p><strong>Road Transport Budget 2026</strong>: बुनियादी ढांचे के विकास को भारत की आर्थिक प्रगति का इंजन मानते हुए, केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को बड़ी सौगात दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस मंत्रालय के लिए ₹3.09 लाख करोड़ आवंटित करने का प्रस्ताव पेश किया है, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में करीब 8 प्रतिशत अधिक है।</p>
<h3>मंत्रालय और NHAI के बजट में बड़ी बढ़ोतरी</h3>
<p>वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष (2025-26) में यह आवंटन ₹2.87 लाख करोड़ था, जिसे अब बढ़ाकर ₹3.09 लाख करोड़ कर दिया गया है। इस बजट का एक बड़ा हिस्सा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के खाते में जाएगा। एनएचएआई के लिए आवंटन को पिछले वर्ष के ₹1.70 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹1.87 लाख करोड़ करने का प्रस्ताव है। यह वृद्धि न केवल नई सड़क परियोजनाओं के निर्माण में तेजी लाएगी, बल्कि देश के सुदूर क्षेत्रों को प्रमुख व्यापारिक केंद्रों से जोड़ने के लक्ष्य को भी पूरा करेगी।</p>
<h3>NHAI के कर्ज के बोझ में आई भारी कमी</h3>
<p>बजट घोषणाओं के बीच एक सकारात्मक खबर एनएचएआई की ऋण देनदारी को लेकर भी आई है। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, <a href="https://navbharatlive.com/utility-news/nhai-fastag-new-rules-february-2026-mandatory-kyv-process-discontinued-1494190.html">एनएचएआई</a> मार्च 2026 में समाप्त होने वाले चालू वित्त वर्ष तक अपने कुल कर्ज को ₹2 लाख करोड़ से नीचे लाने की योजना बना रहा है।</p>
<p>गौरतलब है कि साल 2021-22 में एनएचएआई का कर्ज ₹3.5 लाख करोड़ के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था, जिससे संगठन की वित्तीय स्थिरता पर सवाल उठ रहे थे। हालांकि, प्रभावी प्रबंधन और निरंतर भुगतान के चलते 31 दिसंबर, 2025 तक यह घटकर ₹2.35 लाख करोड़ रह गया है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a title="Budget 2026: तमिलनाडु के लिए बड़ी सौगात, हाई-स्पीड रेल और दुर्लभ खनिज गलियारा मंजूर" href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-tamil-nadu-rare-mineral-corridor-high-speed-rail-link-1546424.html"> Budget 2026: तमिलनाडु के लिए बड़ी सौगात, हाई-स्पीड रेल और दुर्लभ खनिज गलियारा मंजूर </a></strong></p>
<h3>कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास पर नजर</h3>
<p>मंत्रालय को मिले इस अतिरिक्त फंड का उपयोग रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे, आर्थिक गलियारों और ग्रीनफील्ड परियोजनाओं को पूरा करने में किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य सड़क निर्माण की गति को बढ़ाकर लॉजिस्टिक्स लागत (Logistics Cost) में कमी लाना है, जिससे भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके।</p>
<p>वित्त मंत्री की यह घोषणा स्पष्ट करती है कि सरकार बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ाकर रोजगार सृजन और दीर्घकालिक आर्थिक विकास की नींव मजबूत करना चाहती है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बजट 2026: देश के 99 करोड़ मतदाताओं के लिए बड़ी खबर, वोटर ID कार्ड के लिए आवंटित हुए ₹250 करोड़</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/budget-2026-law-ministry-voter-id-card-election-expenditure-fund-1546476.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[नवभारत डेस्क]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 12:33:02 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 13:28:10 +0530</modifiedDate>
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		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
		<category><![CDATA[Voter ID Card]]></category>
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					<description><![CDATA[Budget 2026 Law Ministry allocation: विधि मंत्रालय को मतदाता पहचान पत्रों और चुनाव खर्चों के लिए करोड़ों का फंड मिला है। जानें 99 करोड़ मतदाताओं पर क्या होगा असर।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/voter-id_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Budget 2026 Law Ministry Voter Id Card Election Expenditure Fund"     /></figure><p><strong>Voter ID card expenditure fund:</strong> केंद्रीय बजट 2026-27 में भारत के विशाल लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत करने के लिए अहम वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। देश में मतदाताओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने विधि मंत्रालय के बजट में मतदाता पहचान पत्रों (Voter ID Cards) और चुनाव संबंधी खर्चों के लिए विशेष धनराशि आवंटित की है।</p>
<h3>मतदाता पहचान पत्रों के लिए ₹250 करोड़ का आवंटन</h3>
<p>सरकार ने संशोधित अनुमानों के तहत मतदाता फोटो पहचान पत्रों (EPIC) के निर्माण और वितरण के लिए ₹250 करोड़ की राशि तय की है। गौरतलब है कि इससे पहले बजट अनुमानों में यह राशि ₹300 करोड़ प्रस्तावित की गई थी। भारत में वर्तमान में मतदाताओं की संख्या लगभग 99 करोड़ तक पहुंच गई है, जो इसे दुनिया का सबसे बड़ा मतदाता आधार बनाती है।</p>
<p><a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/aurangabad/chhatrapati-sambhajinagar-csmc-voterbot-digital-voter-slip-1513732.html">वोटर आईडी कार्ड</a> पर होने वाले खर्च का एक विशेष नियम है। नियम के अनुसार, पहचान पत्रों पर होने वाला कुल खर्च केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बराबर (50:50) बांटा जाता है। प्रत्येक राज्य अपनी मतदाता संख्या के अनुपात में इस राशि का भुगतान करता है।</p>
<h3>लोकसभा चुनाव खर्चों के लिए ₹500 करोड़</h3>
<p>विधि मंत्रालय, जो निर्वाचन आयोग और चुनाव कानूनों के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करता है, उसे वर्ष 2024 में संपन्न हुए लोकसभा चुनावों के बकाया खर्चों को निपटाने के लिए ₹500 करोड़ अतिरिक्त दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, चुनाव के बाद विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों, राज्य सरकारों और अन्य विभागों द्वारा किए गए खर्चों की प्रतिपूर्ति (Reimbursement) के लिए यह फंड उपलब्ध कराया जाता है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a title="पंजाब के दौरे पर PM मोदी, आदमपुर एयरपोर्ट को दिया संत रविदास महाराजजी का नाम" href="https://navbharatlive.com/punjab/pm-modi-renames-adampur-airport-after-guru-ravidas-1546389.html"> पंजाब के दौरे पर PM मोदी, आदमपुर एयरपोर्ट को दिया संत रविदास महाराजजी का नाम </a></strong></p>
<h3>निर्वाचन आयोग की नोडल एजेंसी के रूप में भूमिका</h3>
<p>विधि मंत्रालय न केवल बजट आवंटन का प्रबंधन करता है, बल्कि यह चुनाव कानूनों, नियमों और चुनाव आयुक्तों की नियुक्तियों से संबंधित प्रक्रियाओं की निगरानी भी करता है। बजट में की गई यह बढ़ोतरी सुनिश्चित करेगी कि भविष्य में होने वाले विधानसभा चुनावों और मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्यों में कोई वित्तीय बाधा न आए। यह आवंटन डिजिटल वोटर आईडी कार्ड्स और सुरक्षा विशेषताओं से लैस नए पहचान पत्रों की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद करेगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बजट 2026: &amp;#8216;न छुट्टी मिली, न राहत!&amp;#8217; टैक्सपेयर्स और निवेशकों का छलका दर्द, बोले- इससे अच्छा संडे ही रहने देते</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/budget-2206-social-media-reaction-after-nirmala-sitharaman-speech-1546421.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[मनोज आर्या]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 12:22:41 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 12:31:48 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Business News]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://navbharatlive.com/?p=1546421</guid>

					<description><![CDATA[Budget Public Reaction: मिडिल क्लास की निगाहें बस एक चीज ढूंढ रही थीं-टैक्स राहत। जैसे-जैसे भाषण आगे बढ़ा और पर्सनल टैक्स में कोई बड़ा ऐलान नहीं आया, सोशल मीडिया पर निराशा मीम्स के रूप में फूट पड़ी।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/nirmala-sitharaman-5_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Budget 2206 Social Media Reaction After Nirmala Sitharaman Speech"     /></figure><p><strong>Social Media Memes on Budget:</strong> यूनियन बजट डे अब सिर्फ आंकड़ों, टैक्स स्लैब और लंबे भाषणों तक सीमित नहीं रहा है। जैसे ही वित्त मंत्री ने बजट 2026 पेश किया, सोशल मीडिया पर भी हलचल शुरू हो गई। भाषण शुरू होने से पहले ही एक्स और इंस्टाग्राम पर मीम्स आने लगे। इनमें मिडिल क्लास की टेंशन, निवेशकों की उम्मीदें और आम लोगों के डर भी शामिल था।</p>
<p>बजट डे ने एक बार फिर दिखा दिया कि भारत में लोग अब बड़े आर्थिक ऐलानों को पहले हंसी में बदलते हैं और बाद में समझते हैं। इस बार बजट की सबसे ज्यादा चर्चा भाषण से ज्यादा चर्चा मीम्स की वजह से हुई।</p>
<h3>मिडिल क्लास की वित्त मंत्री से उम्मीदें</h3>
<p>कई यूजर्स पहले से ही पूरी तैयारी में थे। कुछ ने तो वित्त मंत्री के बोलना शुरू करने से पहले ही अपने रिएक्शन पोस्ट कर दिए। एक वायरल मीम में लिखा था-मिडिल क्लास टैक्स राहत की उम्मीद लगाए बैठा रह गया और इसे देखकर सैलरीड लोग तुरंत रिलेट करने लगे।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">Middle Class waiting for Tax Relief in <a href="https://twitter.com/hashtag/Budget">#Budget</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/Budget2026">#Budget2026</a> <a href="https://t.co/Va4O26Ez8q">pic.twitter.com/Va4O26Ez8q</a></p>
<p>— अkhil✨️ (@bas_kar_oyee) <a href="https://twitter.com/bas_kar_oyee/status/2017852184139059244">February 1, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h3>इनकम टैक्स में कोई बड़ा ऐलान नहीं</h3>
<p>मिडिल क्लास की निगाहें बस एक चीज़ ढूंढ रही थीं-टैक्स राहत। जैसे-जैसे भाषण आगे बढ़ा और पर्सनल टैक्स में कोई बड़ा ऐलान नहीं आया, सोशल मीडिया पर निराशा मीम्स के रूप में फूट पड़ी। कुछ ही मिनटों में X और इंस्टाग्राम मीम्स से भर गए। कई मीम्स ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘धुरंधर’ के सीन पर बने थे, जो उम्मीद, ड्रामा और फिर निराशा को बेहद मजेदार तरीके से दिखा रहे थे।</p>
<h3>संड़े भी बेकार चला गया</h3>
<p>किसी ने मजाक में लिखा कि मिडिल क्लास को तो कुछ मिला ही नहीं। मुश्किल से ऑफिस में छुट्टियां मिलती हैं, लेकिन बजट देखने में वो भी आधी बीत गई. कई ने तो यह तक कहा कि संडे भी बेकार चला गया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://navbharatlive.com/business/nirmala-sitharaman-use-which-word-in-her-budget-2026-speech-1546371.html">Budget 2026: ट्रंप के नाम से परहेज, मगर 24 बार टैरिफ का जिक्र; सीतारमण ने किस शब्द का कितनी बार किया इस्तेमाल</a></strong></p>
<h3>इन सेक्टरों पर वित्त मंत्री का फोकस</h3>
<p>अपने नौवें लगातार <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-smartphone-became-cheaper-in-india-nirmala-sitharaman-announced-1546291.html"><strong>बजट 2026</strong></a> में वित्त मंत्री ने तीन कर्तव्यों के आधार पर सरकार की आर्थिक दिशा बताई। इस बार हेल्थकेयर और बायोफार्मा मैन्युफैक्चरिंग बड़े फोकस में रहे। अगले पांच सालों में इन सेक्टरों पर 10,000 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि भारत को बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स का वैश्विक हब बनाया जा सके। कागज़ पर ये योजनाएं काफी महत्वाकांक्षी और भविष्य की सोच वाली नजर आईं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>गडकरी के मंत्रालय पर मेहरबान हुईं निर्मला, सिंधिया को मिली सबसे कम रकम; जानिए किस सेक्टर पर होगा कितना खर्च?</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/budget-allocation-by-sector-gadkari-top-spender-scindia-ministry-at-bottom-1546394.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[अभिषेक सिंह]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 12:09:56 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 12:10:37 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Jyotiraditya Scindia]]></category>
		<category><![CDATA[Nitin Gadkari]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://navbharatlive.com/?p=1546394</guid>

					<description><![CDATA[Budget 2026 Allocation: इस साल केंद्र की मोदी सरकार ने कुल 53,47,315 करोड़ रुपये का आम बजट पेश किया है। अलग-अलग सेक्टरों के लिए कितना बजट आवंटित किया है? उस पर एक नज़र डालते हैं...]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/Budget-2026-Allocation_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Budget Allocation By Sector Gadkari Top Spender Scindia Ministry At Bottom"     /></figure><p><strong>Union Budget 2026:</strong> वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लगातार नौवीं बार बजट पेश किया। इस बजट में सरकार ने किसानों, महिलाओं, अनुसूचित जातियों, वंचितों, शोषितों और पिछड़े वर्गों पर खास ध्यान दिया है। सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के लिए 40,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।</p>
<p>इसके साथ ही मोदी सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी निवेश बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इस साल सरकार ने कुल 53,47,315 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है। आइए अलग-अलग सेक्टरों के लिए बजट आवंटन पर नज़र डालते हैं।</p>
<h3>डिफेंस सेक्टर को मिला कितना बजट?</h3>
<p>इस साल <a href="https://navbharatlive.com/business/india-defense-budget-2026-hike-modernization-operation-sindoor-rafale-deal-1546070.html">रक्षा बजट</a> के लिए 7,84,678 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। पिछले साल यह आवंटन 6,81,210 करोड़ रुपये था। पेंशन पर 1,71,338 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार ने नौसेना बेड़े के लिए 25,023 करोड़ रुपये और विमान और एयरो इंजन के लिए 63,733 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।</p>
<h3>रेलवे को दिए जाएंगे इतने करोड़ रुपये</h3>
<p>इस बजट में रेलवे के लिए कुल 2,93,030 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय आवंटित किया गया है। पूंजीगत व्यय में नई लाइनों और पटरियों को दोगुना करने जैसी चीज़ों पर ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा, देश में सात नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर बनाए जाएंगे।</p>
<h3>देश को मिलेंगे हाई स्पीड रेल कॉरिडोर</h3>
<ul>
<li>मुंबई &amp;#8211; पुणे</li>
<li>पुणे- हैदराबाद</li>
<li>हैदराबाद- बेंगलुरु</li>
<li>हैदराबाद- चेन्नई</li>
<li>चेन्नई-बेंगलुरु</li>
<li>दिल्ली -वाराणसी</li>
<li>वाराणसी-सिलीगुड़ी</li>
</ul>
<h3>किन मदों में किया जाएगा कितना व्यय?</h3>
<div class="responsive-table"><table class="w-fit min-w-(--thread-content-width)" data-start="55" data-end="630">
<thead data-start="55" data-end="96">
<tr data-start="55" data-end="96">
<th data-start="55" data-end="69" data-col-size="sm">क्रम</th>
<th data-start="69" data-end="77" data-col-size="sm">विभाग</th>
<th data-start="77" data-end="96" data-col-size="sm">आवंटन (₹ करोड़)</th>
</tr>
</thead>
<tbody data-start="111" data-end="630">
<tr data-start="111" data-end="136">
<td data-start="111" data-end="115" data-col-size="sm">1</td>
<td data-col-size="sm" data-start="115" data-end="124">परिवहन</td>
<td data-col-size="sm" data-start="124" data-end="136">5,98,520</td>
</tr>
<tr data-start="137" data-end="161">
<td data-start="137" data-end="141" data-col-size="sm">2</td>
<td data-col-size="sm" data-start="141" data-end="149">रक्षा</td>
<td data-col-size="sm" data-start="149" data-end="161">5,94,585</td>
</tr>
<tr data-start="162" data-end="194">
<td data-start="162" data-end="166" data-col-size="sm">3</td>
<td data-col-size="sm" data-start="166" data-end="182">ग्रामीण विकास</td>
<td data-col-size="sm" data-start="182" data-end="194">2,73,108</td>
</tr>
<tr data-start="195" data-end="223">
<td data-start="195" data-end="199" data-col-size="sm">4</td>
<td data-start="199" data-end="211" data-col-size="sm">गृह कार्य</td>
<td data-col-size="sm" data-start="211" data-end="223">2,55,234</td>
</tr>
<tr data-start="224" data-end="267">
<td data-start="224" data-end="228" data-col-size="sm">5</td>
<td data-col-size="sm" data-start="228" data-end="255">कृषि और संबद्ध कार्यकलाप</td>
<td data-col-size="sm" data-start="255" data-end="267">1,62,671</td>
</tr>
<tr data-start="268" data-end="293">
<td data-start="268" data-end="272" data-col-size="sm">6</td>
<td data-col-size="sm" data-start="272" data-end="281">शिक्षा</td>
<td data-col-size="sm" data-start="281" data-end="293">1,39,289</td>
</tr>
<tr data-start="294" data-end="318">
<td data-start="294" data-end="298" data-col-size="sm">7</td>
<td data-col-size="sm" data-start="298" data-end="306">ऊर्जा</td>
<td data-col-size="sm" data-start="306" data-end="318">1,09,029</td>
</tr>
<tr data-start="319" data-end="347">
<td data-start="319" data-end="323" data-col-size="sm">8</td>
<td data-col-size="sm" data-start="323" data-end="335">स्वास्थ्य</td>
<td data-col-size="sm" data-start="335" data-end="347">1,04,599</td>
</tr>
<tr data-start="348" data-end="375">
<td data-start="348" data-end="352" data-col-size="sm">9</td>
<td data-col-size="sm" data-start="352" data-end="365">शहरी विकास</td>
<td data-col-size="sm" data-start="365" data-end="375">85,522</td>
</tr>
<tr data-start="376" data-end="410">
<td data-start="376" data-end="381" data-col-size="sm">10</td>
<td data-col-size="sm" data-start="381" data-end="400">आईटी और दूरसंचार</td>
<td data-col-size="sm" data-start="400" data-end="410">74,560</td>
</tr>
<tr data-start="411" data-end="446">
<td data-start="411" data-end="416" data-col-size="sm">11</td>
<td data-col-size="sm" data-start="416" data-end="436">वाणिज्य और उद्योग</td>
<td data-col-size="sm" data-start="436" data-end="446">70,296</td>
</tr>
<tr data-start="447" data-end="479">
<td data-start="447" data-end="452" data-col-size="sm">12</td>
<td data-col-size="sm" data-start="452" data-end="469">सामाजिक कल्याण</td>
<td data-col-size="sm" data-start="469" data-end="479">62,362</td>
</tr>
<tr data-start="480" data-end="513">
<td data-start="480" data-end="485" data-col-size="sm">13</td>
<td data-col-size="sm" data-start="485" data-end="503">वैज्ञानिक विभाग</td>
<td data-col-size="sm" data-start="503" data-end="513">55,756</td>
</tr>
<tr data-start="514" data-end="542">
<td data-start="514" data-end="519" data-col-size="sm">14</td>
<td data-start="519" data-end="532" data-col-size="sm">कर प्रशासन</td>
<td data-col-size="sm" data-start="532" data-end="542">45,500</td>
</tr>
<tr data-start="543" data-end="572">
<td data-start="543" data-end="548" data-col-size="sm">15</td>
<td data-col-size="sm" data-start="548" data-end="562">विदेश कार्य</td>
<td data-col-size="sm" data-start="562" data-end="572">22,119</td>
</tr>
<tr data-start="573" data-end="596">
<td data-start="573" data-end="578" data-col-size="sm">16</td>
<td data-col-size="sm" data-start="578" data-end="586">वित्त</td>
<td data-col-size="sm" data-start="586" data-end="596">20,649</td>
</tr>
<tr data-start="597" data-end="630">
<td data-start="597" data-end="602" data-col-size="sm">17</td>
<td data-start="602" data-end="621" data-col-size="sm">पूर्वोत्तर विकास</td>
<td data-col-size="sm" data-start="621" data-end="630">6,812</td>
</tr>
</tbody>
</table></div>
<h3>सीतारमण के पिटारे से खेल को क्या मिला?</h3>
<p>केंद्र सरकार ने युवा मामले और खेल मंत्रालय का बजट 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा बढ़ा दिया है। पहली बार मंत्रालय का बजट 5000 करोड़ रुपये के करीब पहुंचा है। इस बार मंत्रालय को कुल 4479.88 करोड़ रुपये दिए गए हैं। पिछले साल कुल आवंटन 3346.54 करोड़ रुपये था। इस साल मंत्रालय को 1133.34 करोड़ रुपये ज़्यादा मिले हैं।</p>
<h3>किस मंत्रालय को मिला कितना बजट?</h3>
<div class="responsive-table"><table class="w-fit min-w-(--thread-content-width)" data-start="53" data-end="720">
<thead data-start="53" data-end="97">
<tr data-start="53" data-end="97">
<th data-start="53" data-end="67" data-col-size="sm">क्रम</th>
<th data-start="67" data-end="78" data-col-size="sm">मंत्रालय</th>
<th data-start="78" data-end="97" data-col-size="sm">आवंटन (₹ करोड़)</th>
</tr>
</thead>
<tbody data-start="112" data-end="720">
<tr data-start="112" data-end="147">
<td data-start="112" data-end="116" data-col-size="sm">1</td>
<td data-start="116" data-end="137" data-col-size="sm">परमाणु ऊर्जा विभाग</td>
<td data-start="137" data-end="147" data-col-size="sm">24,123</td>
</tr>
<tr data-start="148" data-end="180">
<td data-start="148" data-end="152" data-col-size="sm">2</td>
<td data-start="152" data-end="168" data-col-size="sm">आयुष मंत्रालय</td>
<td data-start="168" data-end="180" data-col-size="sm">4,408.93</td>
</tr>
<tr data-start="181" data-end="224">
<td data-start="181" data-end="185" data-col-size="sm">3</td>
<td data-start="185" data-end="212" data-col-size="sm">रसायन और उर्वरक मंत्रालय</td>
<td data-start="212" data-end="224" data-col-size="sm">1,77,061</td>
</tr>
<tr data-start="225" data-end="266">
<td data-start="225" data-end="229" data-col-size="sm">4</td>
<td data-start="229" data-end="254" data-col-size="sm">नागरिक उड्डयन मंत्रालय</td>
<td data-start="254" data-end="266" data-col-size="sm">2,102.87</td>
</tr>
<tr data-start="267" data-end="297">
<td data-start="267" data-end="271" data-col-size="sm">5</td>
<td data-start="271" data-end="288" data-col-size="sm">कोयला मंत्रालय</td>
<td data-start="288" data-end="297" data-col-size="sm">3,635</td>
</tr>
<tr data-start="298" data-end="344">
<td data-start="298" data-end="302" data-col-size="sm">6</td>
<td data-start="302" data-end="331" data-col-size="sm">वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय</td>
<td data-start="331" data-end="344" data-col-size="sm">17,843.90</td>
</tr>
<tr data-start="345" data-end="378">
<td data-start="345" data-end="349" data-col-size="sm">7</td>
<td data-start="349" data-end="366" data-col-size="sm">संचार मंत्रालय</td>
<td data-start="366" data-end="378" data-col-size="sm">1,02,267</td>
</tr>
<tr data-start="379" data-end="431">
<td data-start="379" data-end="383" data-col-size="sm">8</td>
<td data-start="383" data-end="422" data-col-size="sm">पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास मंत्रालय</td>
<td data-start="422" data-end="431" data-col-size="sm">6,812</td>
</tr>
<tr data-start="432" data-end="466">
<td data-start="432" data-end="436" data-col-size="sm">9</td>
<td data-start="436" data-end="454" data-col-size="sm">शिक्षा मंत्रालय</td>
<td data-start="454" data-end="466" data-col-size="sm">1,39,289</td>
</tr>
<tr data-start="467" data-end="502">
<td data-start="467" data-end="472" data-col-size="sm">10</td>
<td data-start="472" data-end="489" data-col-size="sm">विदेश मंत्रालय</td>
<td data-start="489" data-end="502" data-col-size="sm">22,118.97</td>
</tr>
<tr data-start="503" data-end="538">
<td data-start="503" data-end="508" data-col-size="sm">11</td>
<td data-start="508" data-end="525" data-col-size="sm">वित्त मंत्रालय</td>
<td data-start="525" data-end="538" data-col-size="sm">19,72,509</td>
</tr>
<tr data-start="539" data-end="595">
<td data-start="539" data-end="544" data-col-size="sm">12</td>
<td data-start="544" data-end="583" data-col-size="sm">स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय</td>
<td data-start="583" data-end="595" data-col-size="sm">1,06,530</td>
</tr>
<tr data-start="596" data-end="628">
<td data-start="596" data-end="601" data-col-size="sm">13</td>
<td data-start="601" data-end="616" data-col-size="sm">गृह मंत्रालय</td>
<td data-start="616" data-end="628" data-col-size="sm">2,55,233</td>
</tr>
<tr data-start="629" data-end="664">
<td data-start="629" data-end="634" data-col-size="sm">14</td>
<td data-start="634" data-end="654" data-col-size="sm">जल शक्ति मंत्रालय</td>
<td data-start="654" data-end="664" data-col-size="sm">94,807</td>
</tr>
<tr data-start="665" data-end="720">
<td data-start="665" data-end="670" data-col-size="sm">15</td>
<td data-start="670" data-end="705" data-col-size="sm">सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय</td>
<td data-start="705" data-end="720" data-col-size="sm">3,09,875.30</td>
</tr>
</tbody>
</table></div>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://navbharatlive.com/business/union-budget-2026-highlights-nirmala-sitharaman-tax-changes-major-schemes-for-farmers-women-salaried-class-full-summary-1545833.html">Budget 2026: किसानों-महिलाओं से लेकर…नौकरी पेशा लोगों तक, बजट में निर्मला सीतारमण ने किए ये 10 बड़े ऐलान</a></strong></p>
<h3>ग्रामीण और कृषि सेक्टर को मिला कितना बजट?</h3>
<p>MNREGA की जगह लेने वाली VB-G RAM G योजना को कुल 95,692.31 करोड़ रुपये दिए गए हैं। दूसरी ओर MNREGA को 30,000 करोड़ रुपये दिए गए हैं। कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय को कुल 140,528.78 करोड़ रुपये का बजट मिला है। इसमें से कृषि और किसान कल्याण विभाग को 130,451.62 करोड़ रुपये और कृषि अनुसंधान और शिक्षा विभाग को 9,964.95 करोड़ रुपये मिले हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: तमिलनाडु के लिए बड़ी सौगात, हाई-स्पीड रेल और दुर्लभ खनिज गलियारा मंजूर</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/budget-2026-tamil-nadu-rare-mineral-corridor-high-speed-rail-link-1546424.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[नवभारत डेस्क]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 11:58:35 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 12:25:56 +0530</modifiedDate>
				<media:thumbnail url="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/Tamil-Nadu-Rare-Mineral-Corridor_V_jpg--1280x720-4g.webp"/>
						<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
		<category><![CDATA[Tamil Nadu]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://navbharatlive.com/?p=1546424</guid>

					<description><![CDATA[Tamil Nadu Rare Mineral Corridor: बजट 2026 में तमिलनाडु के लिए दुर्लभ खनिज गलियारे, चेन्नई हाई-स्पीड रेल और पश्चिमी घाट में ईको-टूरिज्म प्रोजेक्ट्स का ऐलान। जानिए कैसे बदलेगा राज्य का बुनियादी ढांचा।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/Tamil-Nadu-Rare-Mineral-Corridor_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Budget 2026 Tamil Nadu Rare Mineral Corridor High Speed Rail Link"     /></figure><p><strong>Chennai Hyderabad High Speed Rail:</strong> केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वर्ष 2026 के केंद्रीय बजट में तमिलनाडु के विकास को नई गति देने के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाओं की घोषणा की है। इस बजट में बुनियादी ढांचे (Infrastructure), तकनीक और पर्यावरण संरक्षण का एक अनूठा संगम देखने को मिला है। सरकार का मुख्य फोकस राज्य की खनिज संपदा का सही उपयोग करने और कनेक्टिविटी को वैश्विक स्तर पर ले जाने पर है।</p>
<h3>दुर्लभ खनिज गलियारा: औद्योगिक क्रांति की ओर कदम</h3>
<p>बजट के सबसे महत्वपूर्ण बिंदुओं में से एक &amp;#8216;दुर्लभ खनिज गलियारे&amp;#8217; (Rare Mineral Corridor) की स्थापना है। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि नवंबर 2025 में शुरू की गई &amp;#8216;रेयर अर्थ पर्मानेंट मैग्नेट&amp;#8217; योजना को विस्तार दिया जाएगा। तमिलनाडु को ओडिशा, केरल और आंध्र प्रदेश के साथ इस विशेष गलियारे में शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य राज्य में दुर्लभ खनिजों के खनन, प्रसंस्करण (Processing), अनुसंधान और विनिर्माण को बढ़ावा देना है। यह कदम न केवल भारत की आयात निर्भरता कम करेगा, बल्कि उच्च-तकनीकी उद्योगों के लिए कच्चा माल भी उपलब्ध कराएगा।</p>
<h3>कनेक्टिविटी में सुधार: हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर</h3>
<p>चेन्नई की कनेक्टिविटी को और मजबूत करने के लिए वित्त मंत्री ने सात नए <strong><a href="https://navbharatlive.com/uttar-pradesh/kashi-to-get-transport-port-7-high-speed-rail-corridors-pass-through-up-budget-2026-1545923.html">हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर</a></strong> विकसित करने का प्रस्ताव रखा है। इसमें हैदराबाद-चेन्नई और चेन्नई-बेंगलुरु रूट शामिल होंगे। ये कॉरिडोर शहरों के बीच &amp;#8216;कनेक्टर&amp;#8217; के रूप में कार्य करेंगे, जिससे यात्रा का समय कम होगा और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी। यह परियोजना पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ यात्री प्रणालियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा निवेश है।</p>
<h3>ईको-टूरिज्म और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण</h3>
<p>तमिलनाडु की प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। पश्चिमी घाट के पोधिगई मलाई में पर्यावरण के अनुकूल पर्वतीय मार्ग (Sustainable Mountain Routes) विकसित किए जाएंगे, जिससे भारत में विश्व स्तरीय ट्रेकिंग और हाइकिंग का अनुभव मिल सकेगा। इसके अलावा, पुलिकट झील के किनारे पक्षी अवलोकन पथों (Bird Observation Paths) का निर्माण किया जाएगा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a title="मिडिल क्लास को ‘ठेंगा’ दिखा गई सरकार" href="https://navbharatlive.com/business/union-budget-2026-middle-class-disappointment-no-relief-public-reaction-stock-market-shock-highlights-analysis-1546272.html"> मिडिल क्लास को ‘ठेंगा’ दिखा गई सरकार?…निवेशकों को हलाल कर गया बाजार, बजट से चकनाचूर हुईं ये 5 बड़ी उम्मीदें </a></strong></p>
<p>वहीं, सांस्कृतिक मोर्चे पर आदिचनल्लूर के पुरातात्विक स्थल को एक &amp;#8216;जीवंत अनुभव जन्य सांस्कृतिक गंतव्य&amp;#8217; के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे न केवल पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय इतिहास और संस्कृति को नई पहचान भी मिलेगी। सरकार के ये कदम राज्य के आर्थिक और सामाजिक ढांचे को भविष्य के लिए तैयार करने की एक ठोस कोशिश हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: ट्रंप के नाम से परहेज, मगर 24 बार टैरिफ का जिक्र; सीतारमण ने किस शब्द का कितनी बार किया इस्तेमाल</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/nirmala-sitharaman-use-which-word-in-her-budget-2026-speech-1546371.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[मनोज आर्या]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 11:49:22 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 11:59:56 +0530</modifiedDate>
				<media:thumbnail url="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/nirmala-sitharaman-4-1_V_jpg--1280x720-4g.webp"/>
						<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Business News]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://navbharatlive.com/?p=1546371</guid>

					<description><![CDATA[Nirmala Sitharaman Speech:आज 1 फरवरी, 2026 का दिन भारत के इतिहास में दर्ज होने जा रहा है। पहली बार रविवार के दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना लगातार 9वां और मोदी सरकार का 15वां बजट 2026 पेश किया।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/nirmala-sitharaman-4-1_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Nirmala Sitharaman Use Which Word In Her Budget 2026 Speech"     /></figure><p><strong>Union Budget 2026: </strong>केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी (रविवार), को संसद में केंद्रीय बजट 2026 पेश किया। इस दौरान उन्होंने अपने बजट भाषण में ट्रंप का नाम एक बार भी नहीं लिया। हालांकि, वह  बार-बार टैरिफ शब्द का इस्तेमाल करत रहीं। कई ऐसे भी शब्द हैं, जिनका सीतारमण ने अपने भाषण में कई बार इस्तेमाल किया।</p>
<p>निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में आय यानी इनकम शब्द का इस्तेमाल सबसे अधिक 98 बार किया। जबकि ड्यूटी यानी शुल्क शब्द का उपयोग 51 बार, दर यानी रेट शब्द का इस्तेमाल 48 बार किया है। आइए जानते हैं कि निर्मला सीतारमण ने किस शब्द का कितनी बार इस्तेमाल किया।</p>
<h3>बजट 2026 में किस शब्द का सबसे ज्यादा इस्तेमाल?</h3>
<div class="responsive-table"><table style="height: 637px;" border="1" width="807" cellspacing="1" cellpadding="1">
<tbody>
<tr>
<td><strong>शब्द</strong></td>
<td><strong>कितनी बार हुआ इस्तेमाल</strong></td>
</tr>
<tr>
<td>टैरिफ</td>
<td>24</td>
</tr>
<tr>
<td>आय</td>
<td>98</td>
</tr>
<tr>
<td>शुल्क</td>
<td>51</td>
</tr>
<tr>
<td>दर</td>
<td>48</td>
</tr>
<tr>
<td>छूट</td>
<td>31</td>
</tr>
<tr>
<td>कटौती</td>
<td>34</td>
</tr>
<tr>
<td>सेवाएं</td>
<td>41</td>
</tr>
<tr>
<td>विदेशी</td>
<td>20</td>
</tr>
<tr>
<td>दंड</td>
<td>31</td>
</tr>
<tr>
<td>सीमा शुल्क</td>
<td> 47</td>
</tr>
<tr>
<td>वृद्धि</td>
<td>18</td>
</tr>
<tr>
<td>माल</td>
<td>47</td>
</tr>
<tr>
<td>विदेशी</td>
<td>20</td>
</tr>
<tr>
<td>वैश्विक</td>
<td>26</td>
</tr>
<tr>
<td>क्रेडिट</td>
<td>18</td>
</tr>
<tr>
<td>निर्यात</td>
<td>17</td>
</tr>
<tr>
<td>राष्ट्रीय</td>
<td>20</td>
</tr>
<tr>
<td>निर्माण</td>
<td>29</td>
</tr>
<tr>
<td>वापसी</td>
<td>22</td>
</tr>
</tbody>
</table></div>
<h3>बजट 2026 के महत्वपूर्ण ऐलान</h3>
<ul>
<li>हाईस्पीड कॉरिडोर: मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद–चेन्नई, चेन्नई–बेंगलुरु, दिल्ली–वाराणसी, वाराणसी–सिलीगुड़ी।</li>
<li>बजट में महिलाओं के लिए भी बड़ा ऐलान, लखपति दीदी के बाद अब सी-मार्ट योजना का ऐलान, कम ब्याज पर मिलेगा लोन।</li>
<li> आयुर्वेद के तीन नए एम्स बनाए जाएंगे, आयुर्वेदिक दवाइयों की टेस्टिंग के नेशनल लैब्स भी बनेंगे।</li>
<li> बजट में युवाओं-किसानों के लिए कई बड़े ऐलान लेकिन इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं।</li>
<li> भारत बनेगा ग्लोबल डेटा सेंटर हब, विदेशी टेक कंपनियों को मिलेगी टैक्स छूट।</li>
<li>भारतीय काजू-कोको को ग्लोबल ब्रांड बनाने का लक्ष्य, AI करेगा किसानों की मदद।</li>
<li>कैंसर से जुड़ी 17 दवाओं के आयात में छूट मिलेगी।</li>
<li>ITR-1, ITR-2 फाइलिंग की डेडलाइन बढ़ाई गई, अब 31 जुलाई तक भर सकते हैं रिटर्न।</li>
<li>डेटा और टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने के लिए भारत में क्लाउड कंपनियों के लिए 2047 तक टैक्स हॉलिडे की घोषणा।</li>
<li>नॉर्थ ईस्ट राज्यों में बुद्ध सर्किट बनेगा। ये सर्किट अरुणाचल, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में होगा।</li>
<li> मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत बनाना, पुराने औद्योगिक सेक्टर को फिर से खड़ा करना, MSME को चैंपियन बनाना सरकार की प्राथमिकता में शामिल।</li>
<li>वित्त मंत्री ने खेल क्षेत्र में बदलाव लाने के लिए &amp;#8216;खेलो इंडिया&amp;#8217; मिशन शुरू करने का ऐलान किया।</li>
<li>गेमिंग सेक्टर में 10 लाख से ज्यादा प्रोफेशनल को हायर किया जाएगा।</li>
</ul>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a title="Budget 2026: स्मार्टफोन खरीदना होगा बेहद सस्ता, निर्मला सीतारमण के इन 4 फैसलों ने मार्केट में मचाई हलचल" href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-smartphone-became-cheaper-in-india-nirmala-sitharaman-announced-1546291.html"> Budget 2026: स्मार्टफोन खरीदना होगा बेहद सस्ता, निर्मला सीतारमण के इन 4 फैसलों ने मार्केट में मचाई हलचल</a></strong></p>
<h3>आज भारत का ऐतिहासिक बजट</h3>
<p>आज 1 फरवरी, 2026 का दिन भारत के इतिहास में दर्ज होने जा रहा है। पहली बार रविवार के दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना लगातार 9वां और मोदी सरकार का 15वां <a href="https://navbharatlive.com/business/trump-tariff-challenge-india-budget-2026-move-nirmala-sitharaman-strategy-1545354.html"><strong>बजट 2026</strong></a> पेश किया। संसद की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, लेकिन उससे पहले ही हलचल तेज हो गई थी। आज का बजट इसलिए भी ऐतिहासिक रहा, क्योंकि NSE, BSE और MCX जैसे शेयर बाजार संडे को भी खुले। हालांकि, निवेशकों को बाजार में गिरावट से बड़ा झटका लगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Chabahar Port: चाबहार बंदरगाह के लिए बजट में नहीं मिला फंड, अमेरिकी प्रतिबंधों के डर से भारत ने खींचे हाथ?</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/no-budget-allocation-for-chabahar-port-us-sanctions-impact-1546373.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[नवभारत डेस्क]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 11:25:47 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 11:25:47 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[Budget]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Donald Trump]]></category>
		<category><![CDATA[World News]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://navbharatlive.com/?p=1546373</guid>

					<description><![CDATA[India-Iran Relations: केंद्रीय बजट 2026 में चाबहार बंदरगाह परियोजना के लिए कोई धनराशि आवंटित नहीं की गई है। जानें क्यों अमेरिका के दबाव में भारत को बदलना पड़ा अपना रुख।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/Chabahar-Port-Budget_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="No Budget Allocation For Chabahar Port Us Sanctions Impact"     /></figure><p><strong>Chabahar Port Project News:</strong> केंद्रीय बजट 2026-27 ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के गलियारों में हलचल मचा दी है। इस बार के बजट में ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण &amp;#8216;चाबहार बंदरगाह&amp;#8217; परियोजना के लिए किसी भी धनराशि का आवंटन नहीं किया गया है। पिछले कई वर्षों से भारत इस महत्वाकांक्षी कनेक्टिविटी परियोजना पर सालाना लगभग 100 करोड़ रुपये खर्च करता आ रहा था, लेकिन इस बार शून्य आवंटन ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।</p>
<h3>अमेरिकी प्रतिबंध और छूट की समय सीमा</h3>
<p>इस कदम के पीछे मुख्य कारण अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाए गए कड़े आर्थिक प्रतिबंध बताए जा रहे हैं। पिछले वर्ष सितंबर में <a href="https://navbharatlive.com/world/trump-maduro-arrest-us-to-open-embassy-in-venezuela-after-seven-years-1546073.html">अमेरिका</a> ने ईरान पर नए प्रतिबंध लगाए थे, हालांकि भारत को चाबहार परियोजना के लिए छह महीने की विशेष छूट दी गई थी। यह छूट आगामी 26 अप्रैल को समाप्त होने वाली है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने हाल ही में कहा था कि भारत इस मुद्दे पर वाशिंगटन के साथ बातचीत कर रहा है, लेकिन बजट में फंड न होना यह संकेत देता है कि भारत फिलहाल सतर्क रुख अपना रहा है।</p>
<h3>ट्रंप प्रशासन की धमकी का असर</h3>
<p>रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने की धमकी दी है। इस आर्थिक दबाव के बाद भारत सरकार चाबहार परियोजना से जुड़े विभिन्न विकल्पों और जोखिमों का पुनर्मूल्यांकन कर रही है। चाबहार को भारत के लिए मध्य एशिया और यूरोप तक पहुँचने का एक वैकल्पिक मार्ग माना जाता है, जो पाकिस्तान को दरकिनार करता है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a title="Budget 2026: स्मार्टफोन खरीदना होगा बेहद सस्ता, निर्मला सीतारमण के इन 4 फैसलों ने मार्केट में मचाई हलचल" href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-smartphone-became-cheaper-in-india-nirmala-sitharaman-announced-1546291.html"> Budget 2026: स्मार्टफोन खरीदना होगा बेहद सस्ता, निर्मला सीतारमण के इन 4 फैसलों ने मार्केट में मचाई हलचल </a></strong></p>
<h3>आईएनएसटीसी (INSTC) पर अनिश्चितता के बादल</h3>
<p>चाबहार बंदरगाह केवल भारत और ईरान के बीच का द्विपक्षीय मामला नहीं है, बल्कि यह &amp;#8216;अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे&amp;#8217; (INSTC) का एक अभिन्न हिस्सा है। यह 7,200 किलोमीटर लंबी परियोजना रूस, आर्मेनिया, अजरबैजान और मध्य एशिया को जोड़ती है। भारत इस गलियारे के जरिए व्यापारिक लागत और समय कम करना चाहता है। बजट में फंड की कटौती से इस विशाल परिवहन नेटवर्क की गति धीमी होने की आशंका जताई जा रही है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: स्मार्टफोन खरीदना होगा बेहद सस्ता, निर्मला सीतारमण के इन 4 फैसलों ने मार्केट में मचाई हलचल</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/budget-2026-smartphone-became-cheaper-in-india-nirmala-sitharaman-announced-1546291.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[मनोज आर्या]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 10:55:49 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 11:50:52 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[टेक्नॉलजी]]></category>
		<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Business News]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
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					<description><![CDATA[Electronics Sector: स्मार्टफोन्स में लगने वाले सेमीकंडक्टर चिप्स से लेकर मोबाइल बैटरीज सभी का भारत में उत्पादन होगा और इनपर आने वाली लागत भी घटेगी। वित्तमंत्री के घोषणाओं के बाद बाजार में हलचल तेज है।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/smartphone_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Budget 2026 Smartphone Became Cheaper In India Nirmala Sitharaman Announced"     /></figure><p><strong>Union Budget 2026:</strong> वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार सुबह देश का केंद्रीय बजट पेश किया, जिसमें कई पहलुओं पर विस्तार से बड़ी घोषणाएं की गईं। भले ही सरकार ने सीधे स्मार्टफोन्स की कीमतों को लेकर कुछ ना कहा हो लेकिन बजट में उठाए गए चार बड़े कदम तय करते हैं कि देश में स्मार्टफोन्स सस्ते होने वाले हैं।</p>
<p>स्मार्टफोन्स में लगने वाले सेमीकंडक्टर चिप्स से लेकर मोबाइल बैटरीज सभी का भारत में उत्पादन होगा और इनपर आने वाली लागत भी घटेगी। साफ है कि इसका फायदा ग्राहकों तक भी पहुंचेगा।</p>
<h3>सेमीकंडक्टर प्रोडक्शन महत्वपूर्ण कदम</h3>
<p>भारत सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और सेमीकंडक्टर प्रोडक्शन को लेकर जो महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, वे तय करेंगे कि भविष्य में स्मार्टफोन्स की कीमतों में क्या बदलाव होंगे। आइए आपको बताते हैं कि बजट की कौन सी चार बड़ी बातें स्मार्टफोन्स की कीमत में कटौती के लिए जिम्मेदार हो सकती हैं।</p>
<h3>आत्मनिर्भरता की ओर भारत</h3>
<p>सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 पर जोर दिया है। किसी भी फोन में लगने वाले सेमीकंडक्टर चिप्स और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स का भारत में निर्माण तेजी किया जाएगा। इनके भारत में बनने से इंपोर्ट पर आने वाली लागत और विदेशी निर्भरता कम होगी। ऐसे में स्मार्टफोन्स की मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट और बाद में कीमत कम हो सकती है।</p>
<h3>बैटरी उत्पादन की घटेगी लागत</h3>
<p>बजट में लिथियम-आयन सेल (Lithium-Ion Cells) को बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कैपिटल गुड्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) में कटौती कर दी है। स्मार्टफोन्स की लागत में बैटरी का बड़ा हिस्सा होता है, ऐसे में उनकी कीमत पर भी बैटरी की लोकल मैन्युफैक्टरिंग का सकारात्मक असर दिखेगा।</p>
<h3>इंपोर्ट पर निर्भरता कम करना</h3>
<p>स्मार्टफोन्स बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले ढेरों कंपोनेंट्स को अभी विदेश से इंपोर्ट या आयात करना पड़ता है। सरकार की ओर से बजट में की गई घोषणाएं साफ करती हैं कि घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को मजबूत किया जाएगा। स्मार्टफोन जैसे एडवांस्ड टेक प्रोडक्ट्स को इसका फायदा मिलेगा क्योंकि भारत में मैन्युफैक्चरिंग के बाद इंपोर्ट पर लगने वाले टैक्स और ड्यूटीज से कंपनियों को सीधी छूट मिल जाएगी।</p>
<h3>IT और टेलिकॉम के लिए आवंटन</h3>
<p>सरकार ने IT और टेलिकॉम सेक्टर के लिए 74,560 करोड़ रुपये का <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-which-countries-will-benefit-from-indias-budget-see-the-full-list-1546194.html"><strong>बजट 2026</strong></a> आवंटित किया है। यह बड़े स्तर पर मजबूत बुनियादी ढांचे और टेक्नोलॉजी से जुड़े डिवेलपमेंट का संकेत है। विदेशी निवेश भारत में आने में आसानी हो इसके लिए बॉन्डेड डोम में काम करने वाले मैन्युफैक्चरर्स को उपकरणों और कैपिटल गुड्स ऑफर करने वाले नॉन-रेजिटेंड्स को भी टैक्स से छूट दी गई है, जिससे विदेशी कंपनियां भारत में ही प्रोडक्शन शुरू करें।</p>
<p><strong>यह भी भी पढ़ें: <a title="Budget 2026: मालदीव से बांग्लादेश तक, भारत के बजट से किन-किन देशों को फायदा; एक क्लिक में देखें पूरी लिस्ट" href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-which-countries-will-benefit-from-indias-budget-see-the-full-list-1546194.html"> Budget 2026: मालदीव से बांग्लादेश तक, भारत के बजट से किन-किन देशों को फायदा; एक क्लिक में देखें पूरी लिस्ट</a></strong></p>
<h3>कितना सस्ता होगा स्मार्टफोन?</h3>
<p>फिलहाल यह साफ नहीं है कि स्मार्टफोन्स की कीमतें कितनी घट सकती हैं। हालांकि, सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स से जुड़ी नीतियों और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग में टैक्स छूट दिखाते हैं कि सरकार स्मार्टफोन्स को बनाने में आने वाली लागत कम करने की दिशा में कदम उठा रही है। इस बदलावों का असर जल्द मार्केट में देखने को मिलेगा और कंपनियां ग्राहकों को इसका सीधा फायदा पहुंचा सकती हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>Budget 2026: ‘बायो फार्मा शक्ति’ से बदलेगा भारत का भविष्य, दुनिया का मेडिसिन हब बनने का दावा</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/budget-2026-bio-pharma-shakti-scheme-samrat-choudhary-news-1546316.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[नवभारत डेस्क]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 10:55:48 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 11:16:17 +0530</modifiedDate>
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					<description><![CDATA[Budget 2026 Health Sector: बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने बजट 2026 की सराहना की। जानें कैसे 'बायो फार्मा शक्ति' योजना से दवाएं सस्ती होंगी और रोजगार बढ़ेगा।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/Bio-Pharma_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Budget 2026 Bio Pharma Shakti Scheme Samrat Choudhary News"     /></figure><p><strong>Global Bio-Pharma Hub</strong>: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट 2026-27 को बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने &amp;#8220;ऐतिहासिक और दूरदर्शी&amp;#8221; करार दिया है। उन्होंने विशेष रूप से &amp;#8216;बायो फार्मा शक्ति&amp;#8217; कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह पहल भारत को वैश्विक बायो-फार्मा विनिर्माण केंद्र (Global Bio-Pharma Hub) बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगी।</p>
<h3>10,000 करोड़ रुपये का मेगा निवेश</h3>
<p>वित्त मंत्री ने बजट में देश के बायोफार्मास्यूटिकल क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए &amp;#8216;बायो फार्मा शक्ति&amp;#8217; योजना का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत अगले पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सम्राट चौधरी ने &amp;#8216;एक्स&amp;#8217; पर पोस्ट कर जानकारी दी कि इस भारी-भरकम निवेश से &amp;#8216;बायोलॉजिक्स&amp;#8217; और &amp;#8216;बायोसिमिलर&amp;#8217; दवाओं के घरेलू उत्पादन के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार होगा। इससे जटिल बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली महंगी दवाएं अब भारत में ही किफायती दरों पर बन सकेंगी।</p>
<h3>स्वास्थ्य सुरक्षा में आत्मनिर्भरता और रोजगार</h3>
<p>उपमुख्यमंत्री <a href="https://navbharatlive.com/bihar/nitish-government-recommends-cbi-probe-in-neet-student-murder-case-1543248.html">सम्राट चौधरी</a> ने जोर देकर कहा कि इस पहल का सबसे बड़ा लाभ आम जनता को मिलेगा। &amp;#8216;बायोसिमिलर&amp;#8217; दवाएं मूल जैविक दवाओं के समान ही प्रभावी और सुरक्षित होती हैं, लेकिन उनकी कीमत काफी कम होती है। इस परियोजना से न केवल भारत की आयात पर निर्भरता कम होगी, बल्कि स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में देश पूरी तरह आत्मनिर्भर बनेगा। इसके अलावा, इस क्षेत्र में नवाचार और विनिर्माण बढ़ने से उच्च कौशल वाले हजारों रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a title="Banking Sector Reform: बैंकिंग क्षेत्र में बड़े सुधारों की तैयारी, वित्त मंत्री ने किया उच्चस्तरीय समिति का गठन" href="https://navbharatlive.com/business/banking-committee-for-viksit-bharat-pfc-rec-restructuring-news-1546297.html"> Banking Sector Reform: बैंकिंग क्षेत्र में बड़े सुधारों की तैयारी, वित्त मंत्री ने किया उच्चस्तरीय समिति का गठन </a></strong></p>
<h3>वैश्विक स्तर पर बढ़ेगी भारत की धाक</h3>
<p>सम्राट चौधरी के अनुसार, यह बजट प्रधानमंत्री <a href="https://navbharatlive.com/india/narendra-modi-vs-rahul-gandhi-lok-sabha-election-survey-reveals-winner-1541177.html">नरेंद्र मोदी</a> के &amp;#8216;आत्मनिर्भर भारत&amp;#8217; के संकल्प को साकार करता है। उन्होंने विश्वास जताया कि 10,000 करोड़ की इस योजना से भारत वैश्विक फार्मा उद्योग में अपनी अग्रणी स्थिति और मजबूत करेगा। यह कदम नवाचार की क्षमता को सुदृढ़ करने के साथ-साथ आम लोगों को सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने में मील का पत्थर साबित होगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मिडिल क्लास को &amp;#8216;ठेंगा&amp;#8217; दिखा गई सरकार?&amp;#8230;निवेशकों को हलाल कर गया बाजार, बजट से चकनाचूर हुईं ये 5 बड़ी उम्मीदें</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/union-budget-2026-middle-class-disappointment-no-relief-public-reaction-stock-market-shock-highlights-analysis-1546272.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[अभिषेक सिंह]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 10:47:56 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 10:47:56 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[बजट]]></category>
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		<category><![CDATA[Budget]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://navbharatlive.com/?p=1546272</guid>

					<description><![CDATA[Five Disappointing Point of Budget 2026: केंद्र की मोदी सरकार के बजट 2026 से देश की आम जनता को बड़ी राहत की उम्मीद थी, लेकिन पेश हुए ऐलानों ने इन उम्मीदों पर जैसे ठंडा पानी डाल दिया।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/Five-Disappointing-Point-of-Budget-2026_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Union Budget 2026 Middle Class Disappointment No Relief Public Reaction Stock Market Shock Highlights Analysis"     /></figure><p><strong>Five Disappointing Point of Budget 2026:</strong> बजट 2026 से देश की आम जनता को बड़ी राहत की उम्मीद थी, लेकिन पेश हुए ऐलानों ने इन उम्मीदों पर जैसे ठंडा पानी डाल दिया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भले ही इसे आम आदमी, महिलाओं, किसानों और युवाओं पर केंद्रित बताया हो मगर मिडिल क्लास को इस बजट में कोई ठोस राहत नजर नहीं आई। इतना ही नहीं, बाजार की उम्मीदों के उलट फैसलों ने शेयर निवेशकों को भी जोरदार झटका दे दिया, जिससे निराशा का माहौल साफ दिखाई दे रहा है।</p>
<p>इस बजट में कई ऐसी बड़ी घोषणाएं गायब रहीं, जिनसे आम आदमी को सीधी राहत मिलने की उम्मीद थी। सरकार ने नई योजनाओं और प्राथमिकताओं की बात तो की, लेकिन जेब पर बोझ कम करने वाले ठोस फैसले नजर नहीं आए। आइए नजर डालते हैं उन अहम घोषणाओं पर, जिनके न होने से आम नागरिकों में निराशा साफ दिखी&amp;#8230;</p>
<h3>इनकम टैक्स में कोई राहत नहीं</h3>
<p>सबसे बड़ी उम्मीद इनकम टैक्स को लेकर थी। पिछले बजट में नए टैक्स सिस्टम के तहत 12 लाख रुपये तक की सालाना आय पर प्रभावी रूप से “जीरो” टैक्स का ऐलान किया गया था। इस बार कयास लगाए जा रहे थे कि यह सीमा बढ़ाकर 14 लाख रुपये कर दी जाएगी, लेकिन सरकार ने टैक्स स्लैब में किसी तरह का बदलाव नहीं किया, जिससे मिडिल क्लास टैक्सपेयर्स को मायूसी हाथ लगी।</p>
<h3>नई टैक्स व्यवस्था में कोई छूट नहीं</h3>
<p>नई टैक्स व्यवस्था को और आकर्षक बनाने की उम्मीद थी, लेकिन निवेशकों और सैलरीड क्लास को बड़ा झटका लगा। कयास थे कि PPF, NPS और ELSS जैसी बचत योजनाओं में निवेश को नई टैक्स प्रणाली के तहत भी टैक्स छूट का फायदा मिलेगा, मगर ऐसा कोई बदलाव नहीं किया गया। ये लाभ अब भी सिर्फ पुरानी टैक्स व्यवस्था में ही सीमित हैं, जहां धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की कटौती मिलती है। नई व्यवस्था चुनने वालों के लिए बचत पर टैक्स राहत का रास्ता बंद ही रहा।</p>
<h3>किसानों के लिए बड़ी घोषणा गायब</h3>
<p>किसानों को उम्मीद थी कि <a href="https://navbharatlive.com/business/pm-kisan-yojana-22nd-installment-date-beneficiary-list-status-check-online-process-1534522.html">पीएम किसान सम्मान निधि</a> की राशि 6,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये सालाना की जाएगी, लेकिन बजट में इस पर कोई फैसला नहीं हुआ। इसके अलावा फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर भी कोई बड़ी घोषणा नहीं की गई, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधी राहत मिलने की उम्मीद अधूरी रह गई।</p>
<h3>वरिष्ठ नागरिकों को भी निराशा</h3>
<p>सीनियर सिटीज़न्स को बीमा योजनाओं में अतिरिक्त सहायता और रेलवे टिकटों पर रियायत की आस थी। मगर बजट में केवल रेलवे कॉरिडोर जैसी इंफ्रास्ट्रक्चर घोषणाएं दिखीं, सीधे राहत वाले फैसले नहीं। वरिष्ठ नागरिकों के लिए TDS कटौती की सीमा में भी कोई बदलाव नहीं किया गया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://navbharatlive.com/india/modi-government-generous-to-muslims-sitharaman-opens-treasury-minority-data-shock-1546125.html">मुसलमानों पर मेहरबान मोदी सरकार? सीतारमण ने अल्पसंख्यकों के लिए खोला खजाना, आंकडे़ देखकर उड़ जाएंगे होश</a></strong></p>
<h3>शेयर बाजार निवेशकों को झटका</h3>
<p>बाजार से जुड़े निवेशकों के लिए भी बजट उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। F&amp;O ट्रेडर्स के ट्रांजैक्शन चार्ज घटने की उम्मीद थी, लेकिन उल्टा इन्हें बढ़ा दिया गया। साथ ही लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) और शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स (STCG) टैक्स में भी कोई राहत नहीं दी गई। नतीजतन बाजार क्रैश हो गया और निवेशकों को तगड़ा नुकसान झेलना पड़ा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बजट 2026 पर विपक्ष का हमला, शशि थरूर बोले- केरल को किया नजरअंदाज, डिंपल यादव और मनीष तिवारी हुए नाराज</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/opposition-reaction-budget-2026-shashi-tharoor-dimple-yadav-criticism-1546286.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रिया जैस]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 10:46:53 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 10:46:53 +0530</modifiedDate>
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		<category><![CDATA[Dimple Yadav]]></category>
		<category><![CDATA[Shashi Tharoor]]></category>
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					<description><![CDATA[Budget 2026 Criticism: कांग्रेस नेता शशि थरूर ने केरल की अनदेखी का लगाया आरोप। डिंपल यादव बोलीं- आम आदमी के लिए बजट समझना मुश्किल। पढ़ें तीखी प्रतिक्रियाएं।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/budget-2026-shashi-tharoor_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Opposition Reaction Budget 2026 Shashi Tharoor Dimple Yadav Criticism"     /></figure><p><strong>Opposition on Union Budget:</strong> केंद्रीय बजट 2026 को लेकर विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के सांसदों ने बजट में राज्यों, किसानों, निर्यातकों, महिलाओं और युवाओं के लिए ठोस प्रावधानों की कमी का आरोप लगाया है।</p>
<p>कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि बजट भाषण में केरल के लिए कुछ भी स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया, जो निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि अभी हमने केवल भाषण सुना है, पूरा बजट दस्तावेज नहीं पढ़ा है, इसलिए हो सकता है कि आगे विवरण में कुछ बातें सामने आएं। लेकिन फिलहाल भाषण में जरूरी जानकारियों की कमी साफ नजर आती है।</p>
<h3>जेबी माथेर ने जताई नाराजगी</h3>
<p>राज्यसभा सदस्य जेबी माथेर ने भी केरल को लेकर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि केरल के लिए कोई विशेष योजना या हाई-स्पीड रेलवे परियोजना की घोषणा नहीं हुई, जो बेहद निराशाजनक है। उनका कहना था कि केरल को एक बार फिर अनदेखा किया गया है, जबकि उम्मीद थी कि सरकार कम से कम राजनीतिक या विकास के लिहाज से राज्य पर ध्यान देगी।</p>
<p>कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने बजट को खाली करार देते हुए कहा कि इसमें किसानों के लिए कुछ भी खास नहीं है और निर्यातकों की समस्याओं को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और सहारनपुर जैसे क्षेत्रों से निर्यात पूरी तरह ठप हो चुका है, लेकिन बजट में टैरिफ और निर्यात से जुड़ी दिक्कतों पर कोई राहत नहीं दी गई।</p>
<h3>मनीष तिवारी ने आर्थिक पहलुओं पर उठाए सवाल</h3>
<p>कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-customs-duty-cuts-manufacturing-export-relief-1546074.html">बजट 2026</a> के आर्थिक पहलुओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की संरचनात्मक समस्याएं अभी भी जस की तस हैं। पिछले 10 वर्षों से नाममात्र जीडीपी में गिरावट देखने को मिली है और टैक्स ब्यूएंसी बेहद कम है, जिससे सरकारी राजस्व पर असर पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक पूंजीगत खर्च बढ़ाया गया है, जिससे साफ है कि निजी निवेश अभी भी गति नहीं पकड़ पा रहा है।</p>
<p>कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमन सिंह ने कहा, &amp;#8220;यह एक निराशाजनक बजट था और यह देश को नई ऊर्जा देने में सक्षम नहीं है। इस बजट में किसानों, बेरोजगार युवाओं और खासकर उत्तर प्रदेश की उपेक्षा की गई है। मैं कहूंगा कि प्रयागराज को एक रिफाइनरी और एक एम्स की जरूरत थी। लोगों को उम्मीद थी कि सरकार बजट के ज़रिए कुछ घोषणा करेगी, लेकिन चूंकि इनका कोई जिक्र नहीं था, इसलिए लोग निराश हुए हैं।&amp;#8221;</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें &amp;#8211; <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-income-tax-reforms-decriminalization-foreign-assets-scheme-1546102.html">Budget 2026: अब जेल नहीं जाएंगे टैक्स चोर, बजट में किया बड़ा ऐलान; टैक्स रिटर्न पर दी बड़ी राहत</a></strong></p>
<h3>क्या बोली डिंपल यादव</h3>
<p>वहीं समाजवादी पार्टी की सांसद <a href="https://navbharatlive.com/videos/shankaracharya-controversy-dimple-yadav-alleges-yogi-government-1536322.html">डिंपल यादव</a> ने बजट की भाषा को आम जनता के लिए जटिल बताया। उन्होंने कहा कि बजट में न महिलाओं के लिए कुछ खास है, न युवाओं के लिए और न ही मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए कोई ठोस योजना दिखाई देती है।</p>
<p>समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव कुमार राय ने कहा, &amp;#8220;मैं सालों से बजट सुन रहा हूं, लेकिन मैंने इतना निराशाजनक, उलझाने वाला बजट कभी नहीं सुना। इसमें किसी के लिए कुछ नहीं है। ऐसा लगता है कि यह बजट सिर्फ कुछ चुनिंदा कॉर्पोरेट घरानों के लिए बनाया गया है। इसे कहीं और लिखा गया और बस यहां पढ़कर सुना दिया गया।&amp;#8221;</p>
<p><strong>(एजेंसी इनपुट के साथ)</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget Explained: सरकार के 1 रुपये का हिसाब-किताब, कहां से आता है और कहां खर्च होता है? आसान भाषा में समझें</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/union-budget-2026-explained-simply-government-1-rupee-income-source-and-spending-breakdown-1546254.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[अर्पित शुक्ला]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 10:44:14 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 10:45:25 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[बजट]]></category>
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		<category><![CDATA[Navbharat Explainer]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://navbharatlive.com/?p=1546254</guid>

					<description><![CDATA[Budget 2026: सरकार कुल कमाई का बड़ा हिस्सा टैक्स से, कुछ नॉन-टैक्स से, और बाकी उधार (कर्ज) से लाती है। सरकार जितना खर्च करती है, उसमें से करीब 35-40% केवल ब्याज और राज्यों को देने में चला जाता है।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/Budget-2026-explained_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Union Budget 2026 Explained Simply Government 1 Rupee Income Source And Spending Breakdown"     /></figure><p><strong>Government 1 Rupee Spending Breakdown:</strong> केंद्र सरकार का बजट यह बताता है कि सरकार अगले वित्तीय वर्ष में कितना पैसा कमाएगी, कहां से कमाएगी और कहां खर्च करेगी। सरकार के हर 1 रुपये का हिसाब-किताब क्या होता है? आइए इसे सरल तरीके से समझते हैं&amp;#8230;</p>
<p>सरकार को अलग-अलग योजनाओं और पॉलिसीज चलाने के लिए पैसों की जरूरत होती है – जैसे गरीबों के लिए योजनाएं, हाईवे बनाना, मेट्रो परियोजनाओं पर काम करना, सरकारी कर्मचारियों की सैलरी और रिटायर्ड कर्मचारियों को पेंशन देना। इन सबके लिए टैक्स, सेस और अन्य स्रोतों से पैसा जमा किया जाता है।</p>
<h3>सरकार के पास 1 रुपये कहां से आता है?</h3>
<p>सरकार की कमाई का बड़ा हिस्सा टैक्स से, कुछ हिस्सा नॉन-टैक्स से और बाकी उधारी (कर्ज) से आता है। सरकार के 1 रुपये का ब्रेकडाउन इस प्रकार है:</p>
<p><strong>उधार व अन्य देनदारियां &amp;#8211;</strong> सरकार इस स्रोत से 24 पैसे कमाती है। सरकार बॉन्ड्स, ट्रेजरी बिल्स (T-bills), छोटी बचत स्कीम्स, RBI, बैंकों और विदेशी कर्ज से पैसा उधार लेती है।</p>
<p><strong>इनकम टैक्स &amp;#8211;</strong> 22 पैसे। यह वेतनभोगी लोगों, फ्रीलांसरों, और व्यवसायों से आता है।</p>
<p><strong>GST और इनडायरेक्ट टैक्स &amp;#8211;</strong> 18 पैसे। यह सामान और सेवाओं पर लगे टैक्स से आता है।</p>
<p><strong>कॉर्पोरेट टैक्स &amp;#8211;</strong> 17 पैसे। कंपनियों की कमाई पर लगने वाला टैक्स इसी में आता है।</p>
<p><strong>नॉन-टैक्स रेवेन्यू &amp;#8211;</strong> 9 पैसे। यह PSU डिविडेंड, ब्याज, लाइसेंस फीस और स्पेक्ट्रम रेवेन्यू से आता है।</p>
<p><strong>सेस &amp;#8211;</strong> 5 पैसे। पेट्रोल, डीजल, शराब आदि पर लगने वाला सेस इसी में आता है।</p>
<p><strong>कस्टम ड्यूटी &amp;#8211;</strong> 4 पैसे। यह इंपोर्ट-एक्सपोर्ट पर लगने वाली ड्यूटी से आता है।</p>
<p><strong>कैपिटल रिसीट्स &amp;#8211;</strong> 1 पैसा। इसमें संपत्ति की बिक्री आदि शामिल है।</p>
<p>कुल मिलाकर, टैक्स से लगभग 60-65% पैसा आता है, लेकिन कर्ज के बिना बजट चलाना मुश्किल है। यही वजह है कि सरकार को फिस्कल डेफिसिट (घाटा) का सामना करना पड़ता है। इसका मतलब है कि सरकार की कमाई से ज्यादा उधारी रहती है।</p>
<h3>सरकार 1 रुपये कहां खर्च करती है?</h3>
<p>सरकार के खर्च दो प्रकार के होते हैं: रेवेन्यू एक्सपेंडिचर (रोजमर्रा का खर्च) और कैपिटल एक्सपेंडिचर (नई संपत्तियां बनाने में)। यहां देखें, सरकार के खर्च का 1 रुपये में ब्रेकडाउन:</p>
<p><strong>राज्यों को टैक्स व ड्यूटी में हिस्सा &amp;#8211;</strong> 22 पैसे। इसमें GST और इनकम टैक्स का डेवोल्यूशन शामिल है।</p>
<p><strong>ब्याज भुगतान &amp;#8211;</strong> 20 पैसे। यह पुराने कर्ज का ब्याज चुकाने के लिए खर्च होता है।</p>
<p><strong>केंद्र सरकार की योजनाएं &amp;#8211;</strong> 16 पैसे। जैसे PM Awas, PM-KISAN, आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं पर सरकार यह पैसा खर्च करती है।</p>
<p><strong>केंद्र सरकार की योजनाएं (केंद्र और राज्य मिलकर) &amp;#8211;</strong> 8 पैसे।</p>
<p><strong>डिफेंस सेक्टर &amp;#8211;</strong> 8 पैसे। यह सेना के लिए, हथियारों की खरीद और पेंशन पर खर्च होता है।</p>
<p><strong>राज्यों को किया गया ट्रांसफर &amp;#8211;</strong> 8 पैसे।</p>
<p><strong>सब्सिडी &amp;#8211;</strong> 6 पैसे। यह खाद्यान्न, LPG, फर्टिलाइजर जैसी सब्सिडी में खर्च होता है।</p>
<p><strong>पेंशन &amp;#8211;</strong> 4 पैसे। यह सरकारी कर्मचारियों की पेंशन पर खर्च होता है।</p>
<p><strong>बाकी एक्सपेंस &amp;#8211;</strong> 8 पैसे। इसमें सैलरी, ऑफिस खर्च और प्रशासनिक खर्च शामिल है।</p>
<p>सरकार के खर्च का लगभग 35-40% हिस्सा सिर्फ ब्याज और राज्यों को हिस्से के भुगतान में चला जाता है, जबकि विकास (इंफ्रास्ट्रक्चर, योजनाएं, रक्षा) के लिए बाकी बचता है।</p>
<h3>कर्ज क्यों जरूरी है?</h3>
<p>क्योंकि सरकार का टैक्स संग्रह खर्च के मुकाबले कम होता है, इसीलिए सरकार को कर्ज (उधारी) लेना पड़ता है। यही कारण है कि फिस्कल डेफिसिट होता है, जिसे सरकार कम करने की कोशिश करती है।</p>
<p>हाल के <a href="https://navbharatlive.com/business/union-budget-2026-live-updates-finance-minister-nirmala-sitharaman-speech-and-announcement-1544840.html">बजट</a> में कैपिटल एक्सपेंडिचर (रोड, रेल, एयरपोर्ट आदि निर्माण में) को बढ़ाने पर जोर दिया गया है, जो लंबे समय में अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- <a href="https://navbharatlive.com/business/union-budget-2026-highlights-nirmala-sitharaman-tax-changes-major-schemes-for-farmers-women-salaried-class-full-summary-1545833.html">किसानों-महिलाओं से लेकर…नौकरी पेशा लोगों तक, बजट में निर्मला सीतारमण ने किए ये 10 बड़े ऐलान</a></strong></p>
<h3>भविष्य में क्या बदल सकता है?</h3>
<p>यह ब्रेकडाउन लगभग हर साल का औसत पैटर्न है, लेकिन अगर अगले बजट में कोई बड़ा बदलाव (जैसे टैक्स स्लैब में राहत, कैपेक्स बढ़ोतरी) होता है, तो यह थोड़ा बदल सकता है। हालांकि, बेसिक गणना वही रहती है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Banking Sector Reform: बैंकिंग क्षेत्र में बड़े सुधारों की तैयारी, वित्त मंत्री ने किया उच्चस्तरीय समिति का गठन</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/banking-committee-for-viksit-bharat-pfc-rec-restructuring-news-1546297.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[नवभारत डेस्क]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 10:42:39 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 10:43:51 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
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					<description><![CDATA[PFC and REC Restructuring: वित्त मंत्री ने बैंकिंग क्षेत्र की समीक्षा और एनबीएफसी की दक्षता सुधारने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। जानें कैसे बदलेगा भारत का बैंकिंग ढांचा।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/nirmala-sitaraman-1_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Banking Committee For Viksit Bharat Pfc Rec Restructuring News"     /></figure><p><strong>Banking Sector Reform</strong>: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट 2026-27 पेश करते हुए भारतीय बैंकिंग प्रणाली को &amp;#8216;विकसित भारत&amp;#8217; के लक्ष्यों के अनुरूप ढालने के लिए कई दूरगामी प्रस्ताव रखे हैं। सरकार ने बैंकिंग क्षेत्र की व्यापक समीक्षा और भविष्य की चुनौतियों के लिए इसे तैयार करने हेतु एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया है।</p>
<h3>विकसित भारत के लिए बनेगी विशेष बैंकिंग समिति</h3>
<p>लोकसभा में बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-nri-investment-limit-hike-stock-market-access-1546173.html">निर्मला सीतारमण</a> ने कहा कि वर्तमान में भारतीय बैंकों के बही-खाते काफी मजबूत हैं और लाभप्रदता ऐतिहासिक स्तर पर है। देश के 98 प्रतिशत गांवों तक बैंकिंग पहुंच सुनिश्चित करने के बाद, अब अगले चरण की वृद्धि के लिए &amp;#8216;विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर उच्चस्तरीय समिति&amp;#8217; स्थापित की जाएगी। यह समिति वित्तीय स्थिरता, समावेश और उपभोक्ता संरक्षण को ध्यान में रखते हुए बैंकिंग ढांचे की समीक्षा करेगी और इसे देश की आर्थिक प्रगति के साथ सीधे जोड़ेगी।</p>
<h3>PFC और REC का होगा पुनर्गठन</h3>
<p>सार्वजनिक क्षेत्र की गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। वित्त मंत्री ने पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (PFC) और रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉरपोरेशन (REC) के पुनर्गठन का प्रस्ताव दिया है। इसका उद्देश्य इन संस्थानों की ऋण वितरण क्षमता को बढ़ाना और इनमें आधुनिक तकनीक का समावेश करना है, ताकि ये वैश्विक स्तर की वित्तीय संस्थाओं के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकें।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a title="Budget 2026 Highlights: छोटे शहर वालों के लिए बजट से आई गुड न्यूज, जानें शहरों के लिए क्या ऐलान हुए" href="https://navbharatlive.com/business/union-budget-2026-nirmala-sitharaman-proposal-for-tier-2-and-tier-3-cities-and-temple-town-1546189.html"> Budget 2026 Highlights: छोटे शहर वालों के लिए बजट से आई गुड न्यूज, जानें शहरों के लिए क्या ऐलान हुए </a></strong></p>
<h3>विदेशी निवेश और नियमों की समीक्षा</h3>
<p>भारतीय अर्थव्यवस्था में विदेशी पूंजी के प्रवाह को सुगम बनाने के लिए वित्त मंत्री ने &amp;#8216;विदेशी मुद्रा प्रबंधन (गैर-ऋण उपकरण) नियमों&amp;#8217; की व्यापक समीक्षा का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा कि सरकार विदेशी निवेश के लिए एक समकालीन और उपयोगकर्ता के अनुकूल ढांचा तैयार करना चाहती है। इससे न केवल विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा, बल्कि भारत की आर्थिक प्राथमिकताओं को भी मजबूती मिलेगी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Cabinet Expenditure News: मंत्रिपरिषद और कैबिनेट सचिवालय के बजट में इजाफा, जानें किसको कितना मिला फंड</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/budget-2026-allocation-for-pmo-ministers-cabinet-secretariat-1546270.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[नवभारत डेस्क]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 10:32:53 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 10:33:44 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://navbharatlive.com/?p=1546270</guid>

					<description><![CDATA[Budget 2026 PMO Allocation: वित्त मंत्री ने बजट 2026 में मंत्रिपरिषद और पीएमओ के प्रशासनिक खर्चों के लिए 1,102 करोड़ रुपये का एलान किया है। पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/nirmala-sitharaman-4_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Budget 2026 Allocation For Pmo Ministers Cabinet Secretariat"     /></figure><p><strong>PMO Budget Allocation News</strong>: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा रविवार को लोकसभा में पेश किए गए वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में देश के शीर्ष प्रशासनिक कार्यालयों और मंत्रिपरिषद के खर्चों के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। इस बार मंत्रिपरिषद, मंत्रिमंडल सचिवालय, प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) और राजकीय अतिथियों के आतिथ्य सत्कार के लिए कुल 1,102 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।</p>
<h3>मंत्रिपरिषद और पीएमओ के बजट में वृद्धि</h3>
<p><a href="https://navbharatlive.com/business/fm-sitharaman-announce-120-new-airport-destination-under-udan-scheme-1546114.html">बजट</a> आंकड़ों के अनुसार, यह राशि वित्त वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान (978.20 करोड़ रुपये) से काफी अधिक है। इसमें मंत्रिपरिषद के खर्चों के लिए अकेले 620 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो पिछले साल 483.54 करोड़ रुपये थे। यह फंड कैबिनेट मंत्रियों, राज्य मंत्रियों और पूर्व प्रधानमंत्रियों के वेतन, भत्तों और उनकी यात्राओं पर होने वाले व्यय को पूरा करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं, पीएमओ के प्रशासनिक कार्यों के लिए 73.52 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जो पिछले साल के 68 करोड़ रुपये से अधिक है।</p>
<h3>सुरक्षा और वैज्ञानिक अनुसंधान पर जोर</h3>
<p>राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) को आगामी वित्त वर्ष के लिए 256.19 करोड़ रुपये दिए गए हैं। यह राशि परिषद के प्रशासनिक कार्यों और अंतरिक्ष कार्यक्रमों की जरूरतों को पूरा करने के लिए निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त, प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय के लिए भी बजट बढ़ाकर 65 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थानों के कामकाज में तेजी लाने के लिए आवश्यक है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a title="Budget 2026: बजट में निर्मला सीतारमण के वो ऐलान, जिससे औंधे मुंह गिरा शेयर बाजार; 8,00,00,00,00,000 हुए स्वाहा" href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-why-share-market-falls-after-nirmala-sitharaman-announcement-1546092.html"> Budget 2026: बजट में निर्मला सीतारमण के वो ऐलान, जिससे औंधे मुंह गिरा शेयर बाजार; 8,00,00,00,00,000 हुए स्वाहा </a></strong></p>
<h3>आतिथ्य और मनोरंजन खर्च</h3>
<p>दिलचस्प बात यह है कि जहाँ प्रमुख प्रशासनिक विभागों का बजट बढ़ाया गया है, वहीं आतिथ्य और मनोरंजन खर्चों में मामूली कटौती देखी गई है। आगामी वित्त वर्ष के लिए इस मद में 5.76 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो पिछले वर्ष के 6.20 करोड़ रुपये के मुकाबले कम है। मंत्रिमंडल सचिवालय के लिए भी 80 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: खेल के मैदान से मिलेगी नौकरी! वित्त मंत्री ने &amp;#8216;खेलो इंडिया मिशन&amp;#8217; के तहत युवाओं के लिए किए ये ऐलान</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/budget-2026-khelo-india-mission-sports-employment-skill-development-1546239.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रिया जैस]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 10:27:14 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 10:27:14 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[खेल]]></category>
		<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Business News]]></category>
		<category><![CDATA[Khelo India Scheme]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
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					<description><![CDATA[Sports Industry Jobs India: खेल क्षेत्र में रोजगार की क्रांति! 'खेलो इंडिया मिशन' से अगले 10 साल में तैयार होंगे कोच, फिजियो और स्पोर्ट्स मैनेजर। 2036 ओलंपिक पर नजर।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/budget-2026-khelo-india-mission_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Budget 2026 Khelo India Mission Sports Employment Skill Development"     /></figure><p><strong>Sports Medicine Career: </strong>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश कर दिया है। वित्त मंत्री ने खेल क्षेत्र को रोजगार, कौशल विकास और नौकरी के दृष्टिकोण से अहम माना है। उन्होंने अगले एक दशक में भारत के खेल क्षेत्र को बदलने के लिए खेलो इंडिया मिशन शुरू करने का प्रस्ताव दिया है।</p>
<p>वित्त मंत्री ने अपने भाषण के दौरान कहा, &amp;#8220;खेल क्षेत्र रोजगार, कौशल विकास और नौकरी के अनेक अवसर प्रदान करता है। खेलो इंडिया कार्यक्रम के माध्यम से शुरू की गई खेल प्रतिभाओं के व्यवस्थित पोषण को आगे बढ़ाते हुए, मैं अगले दशक में खेल क्षेत्र को रूपांतरित करने के लिए एक खेलो इंडिया मिशन शुरू करने का प्रस्ताव करती हूं।&amp;#8221;</p>
<h3>नौकरी के मिलेंगे नए अवसर</h3>
<p>वित्त मंत्री <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-nri-investment-limit-hike-stock-market-access-1546173.html">निर्मला सीतारमण</a> के अनुसार, खेलो इंडिया मिशन का मकसद टैलेंट को तराशने के साथ-साथ युवाओं के लिए नौकरी के नए अवसर पैदा करना है। बजट के माध्यम से पेश खेलो इंडिया मिशन के तहत सरकार अगले 10 सालों में भारत को दुनिया के खेल मानचित्र पर एक महाशक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम करेगी।</p>
<p>खेलो इंडिया मिशन को सरकार सिर्फ खेल, मनोरंजन या सेहत तक सीमित न रखकर इसे देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार का मुख्य जरिया बनाने जा रही है। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था को बड़े पैमाने पर फायदा होगा। खेलो इंडिया मिशन के तहत अब देश के छोटे गांवों और शहरों से खिलाड़ियों को खोजने का काम और तेज होगा।</p>
<h3>ओलंपिक मंच के लिए तैयार होगा देश</h3>
<p>सरकार का लक्ष्य होनहार खिलाड़ियों की पहचान कर उनके रहने-खाने और प्रशिक्षण की व्यवस्था कर उन्हें ओलंपिक जैसे बड़े मंचों के लिए तैयार करना है। खिलाड़ियों के साथ ही खेलो इंडिया मिशन के तहत सर्टिफाइड कोच, हाई-परफॉरमेंस डायरेक्टर और स्काउट्स को बड़े पैमाने पर तैयार किया जाएगा। इससे कोचिंग के क्षेत्र में करियर बनाने की चाह रखने वाले खिलाड़ियों के लिए रोजगार का रास्ता खुलेगा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें &amp;#8211; <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-income-tax-reforms-decriminalization-foreign-assets-scheme-1546102.html">Budget 2026: अब जेल नहीं जाएंगे टैक्स चोर, बजट में किया बड़ा ऐलान; टैक्स रिटर्न पर दी बड़ी राहत</a></strong></p>
<p>सरकार खिलाड़ियों को मानसिक और शारीरिक रूप से फिट रखने के लिए एक पेशेवर टीम तैयार करना चाहती है। इस वजह से फिजियोथेरेपिस्ट, खेल मनोवैज्ञानिक और डाइट विशेषज्ञ की मांग बढ़ेगी। स्पोर्ट्स मेडिसिन के क्षेत्र में भी रोजगार बढ़ेगा।</p>
<h3>100वें कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी</h3>
<p><a href="https://navbharatlive.com/business/what-is-special-for-sports-in-budget-2026-nirmala-sitharaman-can-make-big-announcement-1529638.html">खेलो इंडिया मिशन</a> बड़े स्तर पर स्पोर्ट्स मैनेजमेंट और इवेंट आयोजन करने वाली कंपनियों और युवाओं को साथ जोड़ेगा। इससे स्टेडियम के रखरखाव और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में भी रोजगार के लाखों अवसर पैदा होंगे। ‘मेक इन इंडिया’ के तहत अब भारत दुनिया के लिए खेल का सामान बनाएगा। बेहतरीन क्वालिटी के बैट और जूते तैयार किए जाएंगे। इससे इस क्षेत्र में भारी निवेश होगा और नौकरियों के अवसर बढ़ेंगे।</p>
<p>भारत साल 2030 में अहमदाबाद में होने वाले 100वें कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की तैयारी कर रहा है। 2036 ओलंपिक की दावेदारी के लिए भारत मजबूती से प्रयास कर रहा है। खेलो इंडिया मिशन के तहत उठाए जाने वाले कदम इन आयोजनों में देश की दमदार मौजूदगी के वाहक बनेंगे।</p>
<p><strong>(एजेंसी इनपुट के साथ)</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: मालदीव से बांग्लादेश तक, भारत के बजट से किन-किन देशों को फायदा; एक क्लिक में देखें पूरी लिस्ट</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/budget-2026-which-countries-will-benefit-from-indias-budget-see-the-full-list-1546194.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[मनोज आर्या]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 10:21:08 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 10:43:14 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Business News]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
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					<description><![CDATA[Global Budget Impact: पिछले आम बजट में विदेश मंत्रालय के कुल 20,516 करोड़ रुपये के आवंटन में से लगभग 5,483 करोड़ रुपये विदेशी देशों को सहायता देने के लिए रखे गए थे। जिससे कई देशों का मदद होता है।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/nirmala-sitharaman-3-1_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Budget 2026 Which Countries Will Benefit From Indias Budget See The Full List"     /></figure><p><strong>Ministry of External Affairs Budget Allocation:</strong> वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज केंद्रीय बजट पेश किया है। भारत का बजट अपनी विदेश नीति और क्षेत्रीय प्रभाव को आकार देने में भी एक बड़ी भूमिका निभाता है। हर साल विदेश मंत्रालय के तहत किए गए आवंटन यह बताते हैं कि भारत किन देशों को विकास सहयोग, इंफ्रास्ट्रक्चर सहायता और मानवीय सहायता के लिए प्राथमिकता देता है. आइए जानते हैं कि भारत के बजट से किन-किन देशों को फायदा होता है।</p>
<p>पिछले बजट में सरकार ने अपनी पड़ोसी पहले नीति को काफी मजबूत किया। इससे कुल विदेशी सहायता में वृद्धि हुई। विदेश मंत्रालय के कुल 20,516 करोड़ रुपये के आवंटन में से लगभग 5,483 करोड़ रुपये विदेशी देशों को सहायता देने के लिए रखे गए थे।</p>
<h3>भूटान के लिए सबसे ज्यादा आर्थिक मदद</h3>
<p>आपको बता दें कि भूटान भारत की विदेशी सहायता सूची में सबसे ऊपर बना हुआ है। इसे 2,150 करोड़ रुपये मिले थे। यह सहायता मुख्य रूप से पनबिजली परियोजनाओं, सड़क कनेक्टिविटी और आर्थिक सहयोग की तरफ देखने को मिली है। इसी के साथ नेपाल को 700 करोड़  रुपये दिए गए थे। आवंटन पिछले साल की तुलना में स्थिर रखा गया जो द्विपक्षीय विकास सहयोग में निरंतर को दर्शाता है।</p>
<h3>मालदीव के लिए 600 करोड़ रुपये की मदद</h3>
<p>मालदीव को दी जाने वाली सहायता में वृद्धि करके 600 करोड़ रुपये कर दिया गया था। यह पहले के स्तर से काफी ज्यादा थी। इसी के साथ श्रीलंका के लिए सहायता को बढ़ाकर 300 करोड़ रुपये कर दी गई थी। ऐसा इसलिए क्योंकि यह द्वीप राष्ट्र गंभीर आर्थिक संकट से उबर रहा है।</p>
<h3>म्यांमार के लिए कितने का फंड?</h3>
<p>वहीं, म्यांमार को दी जाने वाली सहायता 250 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 350 करोड़ रुपये कर दी गई थी। इसका उद्देश्य चल रहे हैं आधुनिक संघर्षों के बीच मानवीय जरूरत और इंफ्रास्ट्रक्चर चुनौतियों का समाधान करना है। बांग्लादेश को ₹120 करोड़ मिले और अफगानिस्तान को दी जाने वाली सहायता ₹200 करोड़ से घटाकर ₹100 करोड़ कर दी गई। भारत ने अपना जुड़ाव मानवीय सहायता तक सीमित कर दिया है।</p>
<p>इसी के साथ भारत ने दक्षिण एशिया से भी परे अपनी पहुंच का विस्तार किया है। अफ्रीकी देशों को कुल मिलाकर 225 करोड़ रुपये मिले। यूरेशिया और लैटिन अमेरिका के लिए कुल 100 करोड़ रुपये का (<a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-why-share-market-falls-after-nirmala-sitharaman-announcement-1546092.html"><strong>बजट 2026</strong></a>) आवंटन किया गया था। वहीं लैटिन अमेरिका को पहले के प्रावधानों में अलग 60 करोड़ रुपये मिले थे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://navbharatlive.com/business/union-budget-2026-highlights-nirmala-sitharaman-tax-changes-major-schemes-for-farmers-women-salaried-class-full-summary-1545833.html">Budget 2026: किसानों-महिलाओं से लेकर…नौकरी पेशा लोगों तक, बजट में निर्मला सीतारमण ने किए ये 10 बड़े ऐलान</a></strong></p>
<h3>ईरान और मॉरीशस के लिए भी खास</h3>
<p>ईरान के लिए 100 करोड़ रुपये का खास आवंटन रखा गया था। इसी के साथ मॉरीशस को दी जाने वाली सहायता थोड़ी कम करके 500 करोड़ रुपये कर दी गई और सेशेल्स आवंटन घटाकर 19 करोड़ कर दिया गया।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बजट में बंगाल के लिए नहीं हुआ बड़ा ऐलान&amp;#8230;तो मोदी पर टूट पड़ीं ममता बनर्जी, इकोनॉमिक कॉरिडोर को बताया बेकार</title>
		<link>https://navbharatlive.com/india/bengal-budget-disappointment-mamata-slams-modi-calls-economic-corridor-useless-1546236.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[अभिषेक सिंह]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 10:20:17 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 10:20:17 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[पश्चिम बंगाल]]></category>
		<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Mamata Banerjee]]></category>
		<category><![CDATA[Narendra Modi]]></category>
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					<description><![CDATA[Union Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए देश का आम बजट पेश किया। इस बजट से चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल को बड़ी उम्मीदें थी।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/narendra-modi-mamata-banerjee_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Bengal Budget Disappointment Mamata Slams Modi Calls Economic Corridor Useless"     /></figure><p><strong>Mamata Banerjee on Budget 2026:</strong> केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए देश का आम बजट पेश किया। इस बजट से चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल को बड़ी उम्मीदें थी। लेकिन ऐसा कोई बड़ा ऐलान नहीं किया गया। जिसके बाद ममता बनर्जी ने केंद्रीय बजट को लेकर मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है।</p>
<p>वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश होने के बाद एक तरफ जहां एनडीए नेताओं ने खुलकर सराहना की है, विकसित भारत की दिशा में मजबूत कदम बताया, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने बजट कड़ी आलोचना की है। जिसमें बंगाली की सीएम ममता बनर्जी भी शामिल हैं।</p>
<h3>बजट को लेकर क्या बोलीं ममता बनर्जी?</h3>
<p>पश्चिम बंगाल की <a href="https://navbharatlive.com/west-bengal/west-bengal-2026-election-survey-tmc-bjp-seat-projection-mamata-banerjee-pm-modi-1542032.html">मुख्यमंत्री ममता बनर्जी</a> ने बजट को दिशाहीन बताया है। उन्होंने कहा कि इस बजट में बंगाल को कुछ नहीं मिला है। ममता बनर्जी ने इकोनॉमिक कॉरिडोर की घोषणा को &amp;#8216;बेकार&amp;#8217; बताया। शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि यह बजट सिर्फ कुछ उद्योगपतियों के लिए है। इसमें किसानों के लिए कुछ नहीं है और यह पूरी तरह से बेकार बजट है।</p>
<h3>फर्जी बजट से धड़ाम हुआ बाजार: कांग्रेस</h3>
<p>कांग्रेस पार्टी ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट किया कि मोदी के फर्जी बजट की वजह से शेयर बाजार क्रैश हो गया। कांग्रेस राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने कहा कि बजट भाषण में अहम योजनाओं के लिए बजट आवंटन की कोई साफ जानकारी नहीं दी गई। एक और कांग्रेस राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने बजट को सिर्फ़ एक दिखावा बताया और कहा कि इसमें कुछ भी नहीं था इसीलिए सेंसेक्स गिर गया।</p>
<h3>खोदा पहाड़ न निकली चुहिया: इमरान</h3>
<p>कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि इस साल का बजट एक खाली डिब्बा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कुछ नहीं दिया है। कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने व्यंग्य करते हुए कहा, &amp;#8220;खोदा पहाड़ न निकली चुहिया&amp;#8221; उन्होंने बजट को दिशाहीन बताया और कहा कि रक्षा इतना ज़रूरी सेक्टर है, फिर भी वित्त मंत्री ने इसके बारे में कुछ नहीं कहा।</p>
<h3>अखिलेश यादव ने की कड़ी आलोचना</h3>
<p>समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी से कुछ उम्मीद नहीं करनी चाहिए। बीजेपी कुछ चुनिंदा लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए काम करती है। बजट कुछ खास लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए पहले से तय था। उन्होंने कहा कि इस बजट से अदृश्य लोगों को फायदा होगा। एसपी प्रमुख ने कहा कि इस बजट में कोई इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट नहीं है। जाकर किसी भी किसान से पूछ लीजिए।</p>
<h3>&amp;#8216;किसानों-महिलाओं के लिए कुछ नहीं&amp;#8217;</h3>
<p>इसके साथ ही डिंपल यादव ने कहा कि इस बजट में किसानों, महिलाओं और आम आदमी के लिए कुछ नहीं है। आम आदमी इस बजट को समझ नहीं सकता। चुनाव नहीं हैं इसलिए सरकार ने मिडिल क्लास को कुछ नहीं दिया है। यह सरकार सिर्फ वहीं फायदा पहुंचाती है जहां उन्हें चुनाव जीतने होते हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://navbharatlive.com/india/modi-government-generous-to-muslims-sitharaman-opens-treasury-minority-data-shock-1546125.html">मुसलमानों पर मेहरबान मोदी सरकार? सीतारमण ने अल्पसंख्यकों के लिए खोला खजाना, आंकडे़ देखकर उड़ जाएंगे होश</a></strong></p>
<h3>अमित शाह ने किया बजट का बखान</h3>
<p>गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट किया कि &amp;#8216;विकसित भारत बजट&amp;#8217; भारत को एक ऐसे देश के रूप में पेश करता है जो अपनी ताकत पर मजबूत भरोसे के साथ एक उभरती हुई आर्थिक महाशक्ति के रूप में एक नई पहचान बना रहा है। उन्होंने अपनी पोस्ट में यह भी कहा कि COVID-19 के बाद पीएम नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी आर्थिक नीतियों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को गति दी है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026 Health Update: अगले 5 साल में 1 लाख युवाओं को मिलेगी सरकारी नौकरी, वित्त मंत्री का बड़ा एलान</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/budget-2026-one-lakh-allied-health-professional-jobs-update-1546245.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[नवभारत डेस्क]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 10:17:49 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 10:46:26 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[हेल्थ]]></category>
		<category><![CDATA[Budget]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://navbharatlive.com/?p=1546245</guid>

					<description><![CDATA[Health Sector Jobs: वित्त मंत्री ने बजट में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और युवाओं को रोजगार देने के लिए 1 लाख एएचपी पदों की घोषणा की है। जानें किन 10 क्षेत्रों में मिलेंगी नौकरियां।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/health-budget_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Budget 2026 One Lakh Allied Health Professional Jobs Update"     /></figure><p><strong>Budget 2026 Health</strong>: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में बजट 2026 पेश करते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण विजन साझा किया। सरकार ने अगले पांच वर्षों के भीतर देश में एक लाख सहायक स्वास्थ्य पेशेवरों (Allied Health Professionals &amp;#8211; AHP) को तैयार करने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इस कदम से न केवल चिकित्सा सेवाओं में सुधार होगा, बल्कि युवाओं के लिए विशेषज्ञ रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे।</p>
<h3>इन 10 क्षेत्रों पर रहेगा मुख्य फोकस</h3>
<p>वित्त मंत्री <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-nri-investment-limit-hike-stock-market-access-1546173.html">निर्मला सीतारमण</a> ने स्पष्ट किया कि यह भर्ती और प्रशिक्षण कार्यक्रम मुख्य रूप से 10 चुनिंदा क्षेत्रों पर केंद्रित होगा। इसमें ऑप्टोमेट्री, रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया, ओटी (ऑपरेशन थिएटर) टेक्नोलॉजी, एप्लाइड साइकोलॉजी और व्यवहार संबंधी स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभाग शामिल हैं। इन क्षेत्रों में विशेषज्ञों की कमी को पूरा करने के लिए सरकार मौजूदा संस्थानों को अत्याधुनिक बनाएगी।</p>
<h3>नए संस्थानों की होगी स्थापना</h3>
<p>रोजगार के इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए बुनियादी ढांचे में भी विस्तार किया जाएगा। सीतारमण ने घोषणा की कि सरकारी और निजी क्षेत्र के सहयोग से नए एएचपी संस्थान स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा, जो संस्थान अभी कार्यरत हैं, उन्हें उन्नत (Upgrade) किया जाएगा ताकि वहां विश्व स्तरीय प्रशिक्षण दिया जा सके। इससे भारत के युवाओं को न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी रोजगार पाने के काबिल बनाया जाएगा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a title="मुसलमानों पर मेहरबान मोदी सरकार" href="https://navbharatlive.com/india/modi-government-generous-to-muslims-sitharaman-opens-treasury-minority-data-shock-1546125.html"> मुसलमानों पर मेहरबान मोदी सरकार? सीतारमण ने अल्पसंख्यकों के लिए खोला खजाना, आंकडे़ देखकर उड़ जाएंगे होश </a></strong></p>
<h3>बुजुर्गों की देखभाल के लिए विशेष तंत्र</h3>
<p>बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने समाज के बुजुर्ग वर्ग का भी विशेष ध्यान रखा। उन्होंने कहा कि सरकार बुजुर्गों की देखभाल और सहायक सेवाओं के लिए एक मजबूत &amp;#8216;केयर सिस्टम&amp;#8217; विकसित करेगी। इस प्रणाली के तहत ट्रेंड प्रोफेशनल्स की तैनाती की जाएगी, जिससे वृद्धजनों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं घर के पास ही मिल सकेंगी। यह पहल भारत की स्वास्थ्य प्रणाली को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026 Highlights: छोटे शहर वालों के लिए बजट से आई गुड न्यूज, जानें शहरों के लिए क्या ऐलान हुए</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/union-budget-2026-nirmala-sitharaman-proposal-for-tier-2-and-tier-3-cities-and-temple-town-1546189.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[अर्पित शुक्ला]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 10:12:38 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 10:14:03 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://navbharatlive.com/?p=1546189</guid>

					<description><![CDATA[Budget Highlights: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट में इस बार छोटे शहरों पर खास ध्यान दिया है। वित्त मंत्री ने इसके अलावा टेंपल टाउन को लेकर भी बड़े ऐलान किए हैं।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/Budget-Proposals-for-Tier-2-City_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Union Budget 2026 Nirmala Sitharaman Proposal For Tier 2 And Tier 3 Cities And Temple Town"     /></figure><p><strong>Budget Proposals for Tier 2 City:</strong> वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों पर खास ध्यान देने का प्रस्ताव किया है। इन छोटे शहरों के लिए सरकार ने 5,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा है।</p>
<p>सीतारमण ने लोकसभा में बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य तीर्थ नगरियों वाले शहरों का विकास भी है। उन्होंने बताया कि इन शहरों की आर्थिक क्षमता को बढ़ाकर उनका विकास किया जाएगा।</p>
<h3>क्या कहा निर्मला सीतारमण ने?</h3>
<p>वित्त मंत्री ने कहा, &amp;#8220;हमारा ध्यान अब टियर-2 और टियर-3 शहरों और तीर्थ नगरों पर केंद्रित है। ये शहर भारत के विकास और नई तकनीकों के इस्तेमाल के प्रमुख इंजन हैं।&amp;#8221;</p>
<p>उन्होंने बताया कि इन शहरों को आधुनिक संरचना और बुनियादी सुविधाएं देने के लिए सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। इस बजट का लक्ष्य इन शहरों के विशिष्ट विकास के आधार पर उनकी आर्थिक क्षमता का उपयोग करना है।</p>
<h3>5,000 करोड़ देगी सरकार</h3>
<p>इसके अलावा, 5 साल में प्रति सीईआर 5,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया जाएगा। इस राशि का इस्तेमाल इन छोटे शहरों के विकास में किया जाएगा।</p>
<p>निर्मला सीतारमण का यह नौंवां बजट था, जिसमें रोजगार, किसानों और युवाओं के लिए कई महत्वपूर्ण ऐलान किए गए हैं। उनके बजट भाषण में टियर-2 और टियर-3 शहरों का जिक्र इस बात को साबित करता है कि आगामी वित्त वर्ष में सरकार इन शहरों पर अधिक ध्यान देने वाली है।</p>
<h3>UDAN योजना पर जोर</h3>
<p>वित्त मंत्री <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-why-share-market-falls-after-nirmala-sitharaman-announcement-1546092.html">निर्मला सीतारमण</a> ने रविवार को अपने बजट भाषण में UDAN (उड़ान) योजना को नया जोर दिया। उन्होंने घोषणा की कि योजना के तहत अगले 10 साल में देश के 120 नए शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-nri-investment-limit-hike-stock-market-access-1546173.html">Budget 2026: निर्मला सीतारमण का बड़ा ऐलान, NRI के लिए खुले निवेश के द्वार, बढ़ाई सीमा</a></strong></p>
<p>वित्त मंत्री ने बताया कि हवाई नक्शा पूरी तरह बदल जाएगा और इसके लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत किया जाएगा ताकि आम आदमी के लिए हवाई सुविधा उपलब्ध हो सके। UDAN योजना का मूल उद्देश्य यही है कि हवाई यात्रा सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि छोटे शहरों और दूर-दराज के इलाकों तक भी पहुंचे। बजट दस्तावेज में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को अगले दशक की प्रमुख प्राथमिकता बताया गया है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>‘मोदी सरकार के पास न नीति है, न विजन’, Budget 2026 को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने बोला हमला</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/mallikarjun-kharge-criticizes-budget-2026-lack-of-vision-and-policy-news-1546213.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[नवभारत डेस्क]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 10:08:30 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 10:08:30 +0530</modifiedDate>
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		<category><![CDATA[Congress]]></category>
		<category><![CDATA[Mallikarjun Kharge]]></category>
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					<description><![CDATA[Mallikarjun Kharge: कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने बजट 2026 को नीति विहीन बताते हुए कहा कि मोदी सरकार के पास सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों का कोई ठोस समाधान नहीं है।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/Mallikarjun-Kharge_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Mallikarjun Kharge Criticizes Budget 2026 Lack Of Vision And Policy News"     /></figure><p><strong>Mallikarjun Kharge on Budget 2026</strong>: केंद्रीय बजट 2026 के पेश होने के बाद विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि इस बजट में देश की गंभीर आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों का कोई समाधान नहीं दिया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म &amp;#8216;एक्स&amp;#8217; के जरिए सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए।</p>
<h3>&amp;#8220;मिशन मोड&amp;#8221; बना &amp;#8220;चैलेंज रूट&amp;#8221;</h3>
<p><a href="https://navbharatlive.com/india/parliament-operation-sindoor-rajya-sabha-pm-modi-mallikarjun-kharge-1299972.html">मल्लिकार्जुन खरगे</a> ने तंज कसते हुए कहा कि मोदी सरकार के पास अब नए विचारों की भारी कमी है। उन्होंने बजट को विजन से दूर बताते हुए कहा कि सरकार का तथाकथित &amp;#8220;मिशन मोड&amp;#8221; अब &amp;#8220;चैलेंज रूट&amp;#8221; में तब्दील हो चुका है। खरगे के अनुसार, सरकार की &amp;#8220;सुधार एक्सप्रेस&amp;#8221; किसी भी ऐसे जंक्शन पर नहीं रुक रही जहाँ जनता को वास्तव में सुधार का लाभ मिल सके। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास न तो स्पष्ट नीति है और न ही जनता की भलाई के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति।</p>
<h3>किसानों और वंचित वर्गों की उपेक्षा का आरोप</h3>
<p>कांग्रेस अध्यक्ष ने विशेष रूप से किसानों और पिछड़े वर्गों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि देश के &amp;#8216;अन्नदाता&amp;#8217; आज भी आय सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन बजट ने उन्हें फिर से निराश किया है। खरगे ने दावा किया कि देश में आर्थिक असमानता अब ब्रिटिश शासन के दौर को भी पार कर गई है, फिर भी बजट में एससी (SC), एसटी (ST), ओबीसी (OBC) और अल्पसंख्यक समुदायों के लिए किसी राहत का जिक्र तक नहीं है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a title="Budget 2026: निर्मला सीतारमण का बड़ा ऐलान, NRI के लिए खुले निवेश के द्वार, बढ़ाई सीमा" href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-nri-investment-limit-hike-stock-market-access-1546173.html"> Budget 2026: निर्मला सीतारमण का बड़ा ऐलान, NRI के लिए खुले निवेश के द्वार, बढ़ाई सीमा </a></strong></p>
<h3>संघवाद और राज्यों पर दबाव</h3>
<p>खरगे ने राज्यों की वित्तीय स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वित्त आयोग की सिफारिशें वित्तीय दबाव झेल रही राज्य सरकारों को कोई बड़ी राहत देती नहीं दिख रही हैं। उनके अनुसार, केंद्र की नीतियों के कारण भारतीय संघवाद खतरे में है। खरगे ने निष्कर्ष निकालते हुए कहा कि यह बजट केवल एक दस्तावेज है जो सरकार की नीतिगत शून्यता को छिपाने की कोशिश कर रहा है, और इसमें जनता के लिए कोई वास्तविक राहत नहीं है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: निर्मला सीतारमण का बड़ा ऐलान, NRI के लिए खुले निवेश के द्वार, बढ़ाई सीमा</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/budget-2026-nri-investment-limit-hike-stock-market-access-1546173.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रिया जैस]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 09:57:59 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 10:07:24 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Business News]]></category>
		<category><![CDATA[Foreign Direct Investment]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
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					<description><![CDATA[Budget NRI Investment Limit 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण केंद्र सरकार के तीसरे कार्यकाल का तीसरा और अपना लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश किया। विदेशी नागरिकों के लिए निवेश के द्वार खोले।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/budget-2026-nri-investment_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Budget 2026 Nri Investment Limit Hike Stock Market Access"     /></figure><p><strong>Foreign Portfolio Investment:</strong> भारत की केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पहली बार रविवार के दिन लोकसभा में आम बजट 2026-27 पेश किया। इस बजट में केंद्रीय मंत्री ने नॉन-रेसिडेंट इंडियंस (एनआरआई) और दूसरे विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय लिस्टेड कंपनियों में व्यक्तिगत निवेश की सीमा को दोगुना करने का ऐलान किया है।</p>
<p>अब तक ऐसा होता था कि एक अकेला एनआरआई किसी कंपनी के पेड-अप कैपिटल का 5-10 फीसदी तक मालिक हो सकता था। हालांकि, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जो 2026-27 का <a href="https://navbharatlive.com/business/amit-shah-nitin-gadkari-reaction-union-budget-2026-viksit-bharat-1545989.html">बजट</a> पेश किया है, उसके तहत इस लिमिट को बढ़ाकर अब 10 फीसदी कर दिया गया है। इसके साथ ही सभी एनआरआई के लिए कुल लिमिट बढ़ाकर 24 फीसदी करने का ऐलान किया गया।</p>
<h3>भारतीय स्टॉक में निवेश की इजाजत</h3>
<p>पहले कई एनआरआई निवेशकों को मुख्य रूप से विदेशी पोर्टफोलियो इन्वेस्टर या खास एनआरआई रूट से भारतीय इक्विटी में निवेश करना पड़ता था। अब इसमें सुधार किया गया है, जिसके बाद एनआरआई और विदेशी नागरिकों सहित विदेशी निवासियों को एक रेगुलेटेड पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट स्कीम के तहत सीधे भारतीय स्टॉक में निवेश करने की इजाजत मिलेगी। इसका मकसद घरेलू मार्केट में एक्सेस को आसान बनाना और भागीदारी को बढ़ाना है।</p>
<p>इसके अलावा वित्त मंत्री <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-customs-duty-cuts-manufacturing-export-relief-1546074.html">निर्मला सीतारमण</a> ने घोषणा की है कि भारत में पांच साल तक रहने वाले विदेशी नागरिकों को नॉन-इंडिया कमाई पर राहत मिलेगी। यह विदेशी नागरिकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। वहीं, व्यक्तिगत आयात पर टैरिफ को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है और विदेश यात्रा टूर पैकेज पर टीसीएस को 5 प्रतिशत/20 प्रतिशत से घटाकर 2 फीसदी किया गया है।</p>
<h3>टैक्स पेयर्स को दी राहत</h3>
<p>दूसरी ओर, इनकम टैक्स की बुनियादी संरचना पहले जैसी ही रहेगी, लेकिन बजट 2026-27 पेश करते हुए वित्त मंत्री ने टैक्स भरने की प्रक्रिया को आसान बनाने और टैक्सपेयर्स को राहत देने के लिए कई कदमों का ऐलान किया। वित्त मंत्री ने इनकम टैक्स रिटर्न में संशोधन करने की अंतिम तारीख को 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च करने का प्रस्ताव रखा है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें &amp;#8211; <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-income-tax-reforms-decriminalization-foreign-assets-scheme-1546102.html">Budget 2026: अब जेल नहीं जाएंगे टैक्स चोर, बजट में किया बड़ा ऐलान; टैक्स रिटर्न पर दी बड़ी राहत</a></strong></p>
<p>इसके लिए केवल मामूली शुल्क देना होगा। रिटर्न फाइल करने की तारीखों को भी अलग-अलग किया गया है। आईटीआर-1 और आईटीआर-2 भरने वाले लोग पहले की तरह 31 जुलाई तक रिटर्न दाखिल करेंगे।</p>
<p>वहीं जिन कारोबारों का ऑडिट नहीं होता और ट्रस्ट्स को 31 अगस्त तक का समय मिलेगा। टैक्सपेयर्स को राहत देने के लिए यह भी कहा गया है कि मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण से मिलने वाला ब्याज अब इनकम टैक्स से मुक्त होगा। साथ ही इस पर टीडीएस भी नहीं काटा जाएगा।</p>
<p><strong>(एजेंसी इनपुट के साथ)</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026 Analysis: &amp;#8216;विकसित भारत&amp;#8217; की ओर बढ़ता मजबूत कदम, बजट को लेकर क्या बोले CM मोहन यादव?</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/cm-mohan-yadav-praises-union-budget-2026-viksit-bharat-vision-1546153.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[नवभारत डेस्क]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 09:50:29 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 09:51:58 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[मध्य प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Mohan Yadav]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
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					<description><![CDATA[Mohan Yadav: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बजट 2026 को सर्वसमावेशी बताते हुए पीएम मोदी का आभार जताया है। जानें कैसे यह बजट एमपी और देश की अर्थव्यवस्था को बदलेगा।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/mohan-yadav_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Cm Mohan Yadav Praises Union Budget 2026 Viksit Bharat Vision"     /></figure><p><strong>CM Mohan Yadav Budget Reaction</strong>: वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पेश किए गए केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे भविष्योन्मुखी और ऐतिहासिक बताया है। रविवार को इंदौर में मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट केवल अगले एक साल का लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि यह भारत को वर्ष 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के नजरिये से पेश किया गया एक विजनरी दस्तावेज है।</p>
<h3>सभी वर्गों के कल्याण पर केंद्रित बजट</h3>
<p>मुख्यमंत्री <a href="https://navbharatlive.com/videos/sidhi-tribal-girl-anamika-baiga-cries-to-meet-cm-mohan-yadav-for-neet-education-help-1509071.html">मोहन यादव</a> ने कहा कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पेश इस बजट में समाज के हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। उन्होंने विशेष रूप से &amp;#8216;GYAN&amp;#8217; (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) का उल्लेख करते हुए कहा कि इन चारों स्तंभों के सशक्तिकरण के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। बायोफार्मा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), और टेक्सटाइल जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश से देश के युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा होंगे।</p>
<h3>विनिर्माण का वैश्विक केंद्र बनेगा भारत</h3>
<p>मुख्यमंत्री ने बजट में विनिर्माण (Manufacturing) क्षेत्र के लिए किए गए रणनीतिक आवंटन की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत अब वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है। सरकार द्वारा किए गए उपायों से भारत विनिर्माण का ग्लोबल हब बनेगा, जिससे न केवल विदेशी मुद्रा आएगी बल्कि घरेलू उद्योगों को भी नई ऊर्जा मिलेगी। साथ ही, शहरी विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने वाले प्रस्तावों से देश की आर्थिक वृद्धि को नई रफ्तार मिलेगी।</p>
<h3>गंभीर बीमारियों की दवाएं होंगी सस्ती</h3>
<p>स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े बदलावों का जिक्र करते हुए सीएम यादव ने कैंसर और अन्य जानलेवा बीमारियों की दवाओं पर कर राहत देने के लिए पीएम मोदी और वित्त मंत्री <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-why-share-market-falls-after-nirmala-sitharaman-announcement-1546092.html">निर्मला सीतारमण</a> का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दवाओं के दाम कम होने से मध्यम और गरीब वर्ग के परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a title="Budget 2026: ट्रेन की तरह छोटे-छोटे शहरों में भी लैंड होगी फ्लाइट, बदलने जा रहा देश का हवाई नक्शा" href="https://navbharatlive.com/business/fm-sitharaman-announce-120-new-airport-destination-under-udan-scheme-1546114.html"> Budget 2026: ट्रेन की तरह छोटे-छोटे शहरों में भी लैंड होगी फ्लाइट, बदलने जा रहा देश का हवाई नक्शा </a></strong></p>
<h3>मध्य प्रदेश को मिलेगा बड़ा हिस्सा</h3>
<p>मुख्यमंत्री ने राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.30 प्रतिशत पर सीमित रखने के लक्ष्य की सराहना की। उन्होंने बताया कि वित्त आयोग के अनुदान के रूप में राज्यों को 1.40 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसका सीधा लाभ मध्य प्रदेश के विकास कार्यों को मिलेगा। इसके अतिरिक्त, आयकर प्रक्रिया को सरल बनाने से छोटे करदाताओं को बड़ी राहत मिलेगी, जो देश की अर्थव्यवस्था में ईमानदारी से योगदान दे रहे हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मुसलमानों पर मेहरबान मोदी सरकार? सीतारमण ने अल्पसंख्यकों के लिए खोला खजाना, आंकडे़ देखकर उड़ जाएंगे होश</title>
		<link>https://navbharatlive.com/india/modi-government-generous-to-muslims-sitharaman-opens-treasury-minority-data-shock-1546125.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[अभिषेक सिंह]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 09:48:56 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 09:48:56 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Narendra Modi]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://navbharatlive.com/?p=1546125</guid>

					<description><![CDATA[Minority Budget 2026: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का तीसरा बजट रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया। बजट में मोदी सरकार उदारता की झलक दिखाई दी।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/narendra-modi-with-muslim_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Modi Government Generous To Muslims Sitharaman Opens Treasury Minority Data Shock"     /></figure><p><strong>Union Budget 2026: </strong>मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का तीसरा बजट रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया। बजट में मोदी सरकार उदारता की झलक दिखाई दी। जिसका मकसद युवाओं, महिलाओं और देश के अल्पसंख्यकों के चेहरों पर मुस्कान लाना था। केंद्रीय वित्त मंत्री ने अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के बजट में कोई कटौती नहीं की, बल्कि इसे बढ़ाया।</p>
<p>इस साल मोदी सरकार ने केंद्रीय बजट में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय को कुल 3400 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जबकि 2025 में यह 3395.62 करोड़ रुपये था। यह पिछले साल की तुलना में 4.38 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी है। मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय का बजट तेजी से बढ़ा है।</p>
<h3>क्यों बढ़ा अल्पसंख्यकों का बजट?</h3>
<p>अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय को आवंटित 3400 करोड़ रुपये में से मोदी सरकार ने केंद्र प्रायोजित योजनाओं एवं परियोजनाओं के लिए 184.45 करोड़ रुपये दिए हैं, जबकि 2025 में यह 180.07 करोड़ रुपये था। यह 4.38 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी है। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के बजट में बढ़ोतरी में केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए बढ़ोतरी भी शामिल है।</p>
<h3>किस योजना को मिला कितना बजट?</h3>
<p>वित्त मंत्री ने इस साल के बजट में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय को 3400 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जिसमें मंत्रालय की प्रमुख योजनाओं के लिए कुल 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान है। इसके अलावा, अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के प्रमुख कार्यक्रमों में से एक &amp;#8216;प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम&amp;#8217; के लिए 1197.97 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।</p>
<h3>&amp;#8216;मोदीकाल&amp;#8217; में लगातार बढ़ा है बजट</h3>
<p>केंद्र में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से बजट साल-दर-साल बढ़ा है। 2026 में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय को 3400 करोड़ रुपये और 2025 में 3395.63 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। इससे पहले 2024 में मोदी सरकार ने अल्पसंख्यक समुदाय की शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए 3183.24 करोड़ रुपये आवंटित किए थे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://navbharatlive.com/india/budget-2026-modi-ram-gandhi-angle-mnrega-scheme-future-rural-jobs-social-welfare-plan-analysis-1546011.html">‘राम’ के साथ ‘गांधी’ को साध रहे मोदी? बजट में किया गया वो ऐलान…जिससे नहीं होगा मनरेगा खत्म करने का नुकसान?</a></strong></p>
<p>वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में <a href="https://navbharatlive.com/business/union-budget-2026-six-pillars-economic-growth-nirmala-sitharaman-1545555.html">मोदी सरकार</a> ने मंत्रालय के लिए 3097.60 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव दिया था। हालांकि, रिवाइज्ड बजट में यह रकम घटाकर 2608.93 करोड़ रुपये कर दी गई थी। सरकार ने 2024-25 के बजट में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय को 3183.24 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव दिया है, जो पिछले आवंटन से 574.31 करोड़ रुपये ज़्यादा है।</p>
<h3>पहले कार्यकाल से ही दिखी मेहरबानी</h3>
<p>नरेंद्र मोदी के देश की सत्ता संभालने के बाद माना जा रहा था कि केंद्र सरकार अल्पसंख्यक मंत्रालय को ही खत्म कर देगी, किंतु मोदी सरकार ने ऐसा नहीं किया। पहले कार्यकाल में तो हर वर्ष अल्पसंख्यकों के बजट का आंकड़ा आज के बजट में मिली धनराशि से भी ज्यादा था। यही वजह है कि केंद्र सरकार द्वारा मिलने वाला बजट साल दर साल बढ़ता रहा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: ट्रेन की तरह छोटे-छोटे शहरों में भी लैंड होगी फ्लाइट, बदलने जा रहा देश का हवाई नक्शा</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/fm-sitharaman-announce-120-new-airport-destination-under-udan-scheme-1546114.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[अर्पित शुक्ला]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 09:41:00 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 10:00:10 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://navbharatlive.com/?p=1546114</guid>

					<description><![CDATA[What is Udan Scheme:  वित्‍तमंत्री ने बजट 2026 में उड़ान योजना को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्‍होंने कहा कि सरकार अगले 10 साल में 120 नए डेस्टिनेशंस पर हवाई सुविधा शुरू करेगी।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/udan-scheme_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Fm Sitharaman Announce 120 New Airport Destination Under Udan Scheme"     /></figure><p><strong>Udan Scheme In Budget 2026:</strong> वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को अपने बजट भाषण में UDAN (उड़ान) योजना को नया जोर दिया। उन्होंने घोषणा की कि योजना के तहत अगले 10 साल में देश के 120 नए शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।</p>
<p>वित्त मंत्री ने बताया कि हवाई नक्शा पूरी तरह बदल जाएगा और इसके लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत किया जाएगा ताकि आम आदमी के लिए हवाई सुविधा उपलब्ध हो सके। UDAN योजना का मूल उद्देश्य यही है कि हवाई यात्रा सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि छोटे शहरों और दूर-दराज के इलाकों तक भी पहुंचे। बजट दस्तावेज में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को अगले दशक की प्रमुख प्राथमिकता बताया गया है।</p>
<h3>120 नए डेस्टिनेशन्स</h3>
<p>इस योजना के तहत उन शहरों में नियमित उड़ानें शुरू होंगी, जहां अब तक एयर सर्विस नहीं थी या बेहद सीमित थी। इसका मतलब है कि आम नागरिक अब छोटे शहरों से भी आसानी से हवाई यात्रा कर सकेंगे।</p>
<h3>10 साल में बदल जाएगा नजारा</h3>
<p>बजट दस्तावेज में कहा गया है कि यह विस्तार सिर्फ रूट जोड़ने तक सीमित नहीं है। अगले 10 सालों में लगभग 4 करोड़ यात्रियों को ढोने की क्षमता तैयार करने की योजना है। इससे यह साफ है कि सरकार क्षेत्रीय एविएशन को लंबे समय की ग्रोथ रणनीति के रूप में देख रही है।</p>
<h3>इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा पर जोर</h3>
<p>बजट में <a href="https://navbharatlive.com/business/union-budget-2026-live-updates-finance-minister-nirmala-sitharaman-speech-and-announcement-1544840.html">निर्मला सीतारमण</a> ने बताया कि UDAN के तहत कई अनयूज्ड और अंडर-यूज्ड एयरस्ट्रिप्स को जोड़ने की योजना है। बजट में रनवे अपग्रेड, टर्मिनल सुविधाओं और नेविगेशन सिस्टम को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इससे नई उड़ानों की नियमितता और सुरक्षा भी बेहतर होगी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- <a href="https://navbharatlive.com/business/union-budget-2026-highlights-nirmala-sitharaman-tax-changes-major-schemes-for-farmers-women-salaried-class-full-summary-1545833.html">Budget 2026: किसानों-महिलाओं से लेकर…नौकरी पेशा लोगों तक, बजट में निर्मला सीतारमण ने किए ये 10 बड़े ऐलान</a></strong></p>
<h3>कौन-कौन से सेक्टर को मिलेगा फायदा?</h3>
<p>क्षेत्रीय कनेक्टिविटी से पर्यटन, व्यापार, मेडिकल ट्रैवल और लोकल इंडस्ट्री को सीधा लाभ मिलेगा। छोटे शहरों में होटल, ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इस तरह UDAN को सिर्फ एविएशन स्कीम नहीं, बल्कि रीजनल इकोनॉमिक ग्रोथ टूल के रूप में देखा जा रहा है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: बजट में निर्मला सीतारमण के वो ऐलान, जिससे औंधे मुंह गिरा शेयर बाजार; 8,00,00,00,00,000 हुए स्वाहा</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/budget-2026-why-share-market-falls-after-nirmala-sitharaman-announcement-1546092.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[मनोज आर्या]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 09:35:58 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 09:35:58 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Business News]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
		<category><![CDATA[Share Market]]></category>
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					<description><![CDATA[Budget 2026: बजट 2026 में एक और बड़ा बदलाव शेयर बायबैक से जुड़े टैक्स में किया गया। अब सभी तरह के शेयरधारकों के लिए बायबैक से मिलने वाली रकम पर टैक्स लगाया जाएगा।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/nirmala-sitharaman-2-2_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Budget 2026 Why Share Market Falls After Nirmala Sitharaman Announcement"     /></figure><p><strong>Budget 2026 Impact on Stock Market:</strong> नए बजट के ऐलान के साथ ही रविवार को शेयर बाजार में अचानक तेज गिरावट देखने को मिली। निवेशकों को उम्मीद थी कि बजट से बाजार को सपोर्ट मिलेगा, लेकिन कुछ टैक्स से जुड़े फैसलों ने ट्रेडर्स और निवेशकों की धारणा बिगाड़ दी। खास तौर पर फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&amp;O) ट्रेडिंग पर टैक्स बढ़ाने और शेयर बायबैक पर नए टैक्स नियमों ने बाजार पर दबाव बनाया।</p>
<h3>F&amp;O ट्रेडिंग पर कितना बढ़ा टैक्स</h3>
<p>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में F&amp;O ट्रेडिंग पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाने का एलान किया।</p>
<ul>
<li>फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर STT अब 0।02% से बढ़कर 0.05% हो गया है।</li>
<li>ऑप्शंस ट्रेडिंग पर STT बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया है।</li>
</ul>
<p>STT सरकार का लगाया वो टैक्स है, जो सिक्योरिटीज के हर ट्रांजैक्शन पर देना पड़ता है। जब यह टैक्स बढ़ता है, तो ट्रेडिंग की लागत भी सीधे बढ़ जाती है। इसका सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ता है जो रोजाना या बहुत ज्यादा मात्रा में ट्रेड करते हैं। ऐसे में मुनाफा कम हो जाता है और बाजार में खरीदारी की रफ्तार धीमी पड़ जाती है।</p>
<h3>ऑप्शंस ट्रेडर्स पर सीधा असर</h3>
<p>ऑप्शंस ट्रेडिंग पहले ही हाई रिस्क मानी जाती है। अब जब उस पर टैक्स ज्यादा देना होगा, तो हर सौदे पर मिलने वाला नेट प्रॉफिट घट जाएगा। इससे शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स के लिए ट्रेड करना महंगा हो गया है। साथ ही ज्यादा ट्रेडिंग करने वालों की कमाई पर सीधा असर पड़ेगा। इसी वजह से बजट के बाद ऑप्शंस और फ्यूचर्स से जुड़े शेयरों में ज्यादा बिकवाली देखने को मिली।</p>
<h3>शेयर बायबैक पर टैक्स नियम बदले</h3>
<p>बजट 2026 में एक और बड़ा बदलाव शेयर बायबैक से जुड़े टैक्स में किया गया। अब सभी तरह के शेयरधारकों के लिए बायबैक से मिलने वाली रकम को कैपिटल गेन (LTCG) मानकर उस पर टैक्स लगाया जाएगा। कॉरपोरेट प्रमोटर्स पर करीब 22% LTCG टैक्स लगेगा, जबकि नॉन-कॉरपोरेट प्रमोटर्स को करीब 30% टैक्स देना होगा।</p>
<p>पहले अलग-अलग कैटेगरी के निवेशकों के लिए नियम अलग थे, जिससे टैक्स प्लानिंग के रास्ते खुले रहते थे। अब यह रास्ता काफी हद तक बंद हो गया है। इसका असर उन कंपनियों पर भी पड़ेगा जो बायबैक के जरिए निवेशकों को रिटर्न देती थीं।</p>
<h3>शेयर मार्केट में क्यो आई गिरावट?</h3>
<p>इन फैसलों से यह संकेत गया कि सरकार शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग और टैक्स से बचने वाले रास्तों पर लगाम लगाना चाहती है। ट्रेडिंग महंगी होने से वॉल्यूम घटने की आशंका है। इससे फ्रीक्वेंट ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ी और बिकवाली तेज हो गई। हालांकि, सरकार का कहना है कि ये कदम टैक्स सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी बनाने और सट्टेबाजी कम करने के लिए हैं, लेकिन फिलहाल बाजार ने इसे नेगेटिव तरीके से लिया।</p>
<h3>भारत का F&amp;O मार्केट सबसे बड़ा</h3>
<p>वॉल्यूम के मामले में भारत का फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&amp;O) मार्केट दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है, जिसमें नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने मार्च 2024 में 8,740 लाख करोड़ रुपये का मंथली टर्नओवर दर्ज किया, जो लगभग 1.1 ट्रिलियन डॉलर के बराबर है। जुलाई 2025 तक कुल डेली टर्नओवर 381 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जिसमें रिटेल इन्वेस्टर्स का बड़ा योगदान था, जो इंडेक्स ऑप्शंस का लगभग 41% हिस्सा हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a title="Budget 2026: यूपी-बिहार देखते रह गए, इन चुनावी राज्यों पर मेहरबान हुईं निर्मला सीतारमण; यहां बरसेगा ज्यादा फंड" href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-nirmala-sitharaman-showers-favor-on-electoral-state-1545732.html">Budget 2026: यूपी-बिहार देखते रह गए, इन चुनावी राज्यों पर मेहरबान हुईं निर्मला सीतारमण; यहां बरसेगा ज्यादा फंड</a></strong></p>
<p>FY25 में भारत के 91% रिटेल इन्वेस्टर्स F&amp;O सेगमेंट में पैसा गंवा रहे थे, जिसमें औसत नुकसान 1 लाख रुपये से ज़्यादा था। यही वजह है कि सरकार इस सेगमेंट को बढ़ावा देने के पक्ष में नहीं रही है और <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-income-tax-rules-stock-market-tax-hike-mact-1546069.html"><strong>बजट 2026</strong></a> में बदलाव का ऐलान किया है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: अब जेल नहीं जाएंगे टैक्स चोर, बजट में किया बड़ा ऐलान; टैक्स रिटर्न पर दी बड़ी राहत</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/budget-2026-income-tax-reforms-decriminalization-foreign-assets-scheme-1546102.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रिया जैस]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 09:31:53 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 09:33:05 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Business News]]></category>
		<category><![CDATA[Income Tax]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
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					<description><![CDATA[Budget Income Tax Reform 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 पेश किया। इस बजट में टैक्स को लेकर बड़े फेरबदल किए गए है। टैक्स रिटर्न पर भी बड़ी राहत दी गई।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/budget-2026-income-tax-reform-2026-decriminalization-of-tax-laws_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Budget 2026 Income Tax Reforms Decriminalization Foreign Assets Scheme"     /></figure><p><strong>Decriminalization of Tax Laws:</strong> वित्त मंत्री निर्मला सीतरमण ने रविवार को पेश किए बजट 2026 में बड़े इनकम टैक्स सुधार का ऐलान किया है। सरकार ने कहा कि अब करदाता को अपराधी की नजर से नहीं देखा जाएगा। इसके जरिए सरकार की कोशिश देश में भरोसा आधारित टैक्स संरचना विकसित करना है।</p>
<p>वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि एक अप्रैल से लागू होने वाले नए इनकम टैक्स एक्ट के तहत अगर किसी की आय में कोई गड़बड़ी मिलती है या अनजाने में टैक्स छिपाया जाता है तो सजा की बजाय केवल जुर्माना भरना होगा।</p>
<h3>कानूनी दांवपेंचों से बच सकते हैं</h3>
<p>इसके अलावा, जिन लोगों की विदेशों में अघोषित संपत्ति है, उन्हें सरकार अपनी गलती सुधारने के लिए 6 महीने का विशेष समय देगी। वह लोग एक खास प्रकटीकरण स्कीम के तहत अपनी संपत्ति की जानकारी देकर कानूनी दांवपेचों से बच सकते हैं।</p>
<p>वित्त मंत्री ने अपने <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-customs-duty-cuts-manufacturing-export-relief-1546074.html">बजट 2026-27</a> भाषण में कहा,“छोटे अपराधों पर केवल जुर्माना लगेगा। शेष अभियोगों को अपराध की गंभीरता के अनुरूप वर्गीकृत किया जाएगा। इनमें केवल साधारण कारावास होगा, अधिकतम कारावास घटाकर दो वर्ष कर दिया गया है, और न्यायालयों के पास इन्हें भी जुर्माने में बदलने का अधिकार होगा।&amp;#8221;</p>
<h3>इनकम टैक्स रिटर्न पर दी बड़ी राहत</h3>
<p>वित्त मंत्री <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-allied-health-professionals-yoga-ayush-expansion-1545933.html">निर्मला सीतारमण</a> के कहा, प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील की अवधि के लिए करदाता पर जुर्माने की राशि पर कोई ब्याज नहीं लगेगा, चाहे अपील प्रक्रिया का परिणाम कुछ भी हो। इसके अलावा, अग्रिम भुगतान की राशि को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किया जा रहा है और इसकी गणना केवल मूल कर मांग पर ही की जाएगी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें &amp;#8211; <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-stt-hike-fando-share-buyback-tax-changes-1545958.html">Budget 2026: ट्रेडिंग करना हुआ महंगा! F&amp;O पर STT में भारी बढ़ोतरी, जानें अब कितना कटेगा टैक्स</a></strong></p>
<p>इसके अलावा, वित्त मंत्री ने इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) में बड़ी राहत दी है। अब आईटीआर में गलती होने पर इसे सुधारना आसान हो है और इसके लिए सरकार ने अतिरिक्त समय देने का ऐलान किया है। अब करदाता मामूली फीस देर रिटर्न अपडेट कर सकेंगे।</p>
<p>सरकार ने प्रॉपर्टी खरीदने को भी आसान बना दिया है। अगर आप किसी एनआरआई से घर या जमीन खरीदते हैं तो पहले की तरह टैन नंबर की कठिन प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा और बिना टैन के भी टीडीएस कट सकेगा। वहीं, अब छोटे करदाताओं को निल टीडीएस के लिए अधिकारियों के चक्कर नहीं लगाने होंगे और पूरी प्रक्रिया अब ऑटोमैटिक और डिजिटल हो जाएगी।</p>
<p><strong>(एजेंसी इनपुट के साथ)</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Yogi Adityanath on Budget: &amp;#8220;विकसित भारत का संकल्प पत्र है यह बजट&amp;#8221;, सीएम योगी ने पीएम मोदी का जताया आभार</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/cm-yogi-adityanath-praises-union-budget-2026-viksit-bharat-1546122.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[नवभारत डेस्क]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 09:29:46 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 09:29:46 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Yogi Adityanath]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://navbharatlive.com/?p=1546122</guid>

					<description><![CDATA[Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट 2026 को लोक-कल्याणकारी बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट सुशासन और समावेशी विकास के माध्यम से भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगा।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/yogi-adityanath_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Cm Yogi Adityanath Praises Union Budget 2026 Viksit Bharat"     /></figure><p><strong>CM Yogi Adityanath Budget Reaction</strong>: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 का जोरदार स्वागत किया है। उन्होंने इस बजट को &amp;#8216;विकसित भारत&amp;#8217; के निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम करार दिया। माघी पूर्णिमा और सद्गुरु रविदास जयंती के पावन अवसर पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सीएम योगी ने कहा कि यह बजट केवल वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों की आकांक्षाओं को पूरा करने वाला एक संकल्प-पत्र है।</p>
<h3>हर वर्ग के लिए राहतकारी है बजट: योगी आदित्यनाथ</h3>
<p>मुख्यमंत्री <a href="https://navbharatlive.com/entertainment/badshah-meets-cm-yogi-adityanath-gorakhpur-mahotsav-2026-share-photos-on-social-media-1515933.html">योगी आदित्यनाथ</a> ने &amp;#8216;एक्स&amp;#8217; (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पेश किया गया यह बजट युवाओं को नए अवसर, किसानों को सशक्त सुरक्षा और उद्यमियों को विकास के लिए आवश्यक प्रोत्साहन प्रदान करेगा। उन्होंने विशेष रूप से मध्यम वर्ग को दी गई राहत और श्रमिकों के सम्मान का उल्लेख करते हुए इसे लोक-कल्याणकारी बताया। सीएम के अनुसार, यह बजट &amp;#8216;विकास भी, विरासत भी&amp;#8217; के मंत्र को साकार करते हुए भारत की ज्ञान परंपरा और संस्कृति को भी सशक्त करेगा।</p>
<h3>आत्मनिर्भर भारत की नींव होगी सुदृढ़</h3>
<p>मुख्यमंत्री ने बजट की तकनीकी और आर्थिक बारीकियों पर चर्चा करते हुए कहा कि एमएसएमई (MSME), स्टार्टअप और स्वदेशी उत्पादन को मिलने वाला समर्थन &amp;#8216;आत्मनिर्भर भारत&amp;#8217; के अभियान को और गति देगा। उन्होंने विश्वास जताया कि सामाजिक न्याय और सुशासन के माध्यम से यह बजट वर्तमान के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए भी उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने नवाचार, विनिर्माण और पर्यटन के क्षेत्र में होने वाले निवेश को रोजगार सृजन का मुख्य जरिया बताया।</p>
<h3>डिप्टी सीएम केशव मौर्य और ब्रजेश पाठक ने भी सराहा</h3>
<p>यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी बजट की सराहना करते हुए कहा कि यह ठोस नीतियों और परिणामोन्मुख दृष्टि के साथ पेश किया गया है। उन्होंने एआई (AI), खेल, तीर्थ और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के क्षेत्रों में खुलने वाले नए अवसरों को देश की उभरती आर्थिक शक्ति का प्रतीक बताया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://navbharatlive.com/business/10-key-takeaways-from-nirmala-sitharamans-budget-speech-1545551.html">Budget 2026 की अब तक की 10 बड़ी बातें, शुगर-कैंसर की दवाएं सस्ती; 4 राज्यों में खनिज कॉरिडोर</a></strong></p>
<p>वहीं, उपमुख्यमंत्री <a href="https://navbharatlive.com/uttar-pradesh/brajesh-pathak-may-be-next-bjp-president-announcement-to-be-made-in-december-1428288.html">ब्रजेश पाठक</a> ने बजट को &amp;#8216;सर्वस्पर्शी और सर्वसमावेशी&amp;#8217; करार दिया। उन्होंने कहा कि बजट 2026-27 के माध्यम से प्रधानमंत्री ने यह सिद्ध कर दिया है कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत केवल एक नारा नहीं, बल्कि सरकार का अटल संकल्प है। उत्तर प्रदेश की सरकार ने इस दूरदर्शी बजट के लिए प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Defence Budget 2026: &amp;#8216;ऑपरेशन सिंदूर&amp;#8217; के बाद सेना के लिए खुला खजाना,  200% से भी ज्यादा की बढ़ोतरी</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/india-defense-budget-2026-hike-modernization-operation-sindoor-rafale-deal-1546070.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रतीक पाण्डेय]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 09:29:36 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 09:38:10 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Defence Deal]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://navbharatlive.com/?p=1546070</guid>

					<description><![CDATA[Defense Spending Hike:वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹7.85 लाख करोड़ का ऐतिहासिक रक्षा बजट पेश किया है। इसमें सेना के आधुनिकीकरण के लिए ₹2.19 लाख करोड़ का विशेष प्रावधान है।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/defence-budget-2026_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="India Defense Budget 2026 Hike Modernization Operation Sindoor Rafale Deal"     /></figure><p><strong>India Defence Allocation Budget 2026:</strong> पाकिस्तान के साथ हुए &amp;#8216;ऑपरेशन सिंदूर&amp;#8217; और वैश्विक युद्धों के बीच, केंद्र सरकार ने भारत की सैन्य शक्ति को नया आयाम देने के लिए रक्षा बजट में रिकॉर्ड बढ़ोतरी की है। वित्त मंत्री ने इस बार रक्षा आवंटन को जीडीपी का 11 प्रतिशत कर दिया है, जो सीधे तौर पर सेना के आधुनिकीकरण और &amp;#8216;आत्मनिर्भर भारत&amp;#8217; को समर्पित है।</p>
<p>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा रविवार को पेश किए गए बजट में रक्षा मंत्रालय के लिए ₹7.85 लाख करोड़ का आवंटन किया गया है। यह राशि पिछले वित्त वर्ष (2025-26) के ₹6.81 लाख करोड़ के मुकाबले लगभग 14-15 प्रतिशत की बड़ी छलांग है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कुल रक्षा बजट अब भारत की जीडीपी का 11 प्रतिशत हो गया है, जो पिछले साल केवल 8 प्रतिशत था। यह वृद्धि दर्शाती है कि सरकार सीमा पर बढ़ते खतरों और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करना चाहती।</p>
<h3>आधुनिकीकरण की नई उड़ान: राफेल और पनडुब्बियों पर जोर</h3>
<p>सेना को आधुनिक हथियारों से लैस करने के लिए &amp;#8216;कैपिटल आउटले&amp;#8217; (Capital Outlay) के तहत ₹2.19 लाख करोड़ आवंटित किए गए हैं। यह पिछले साल के ₹1.8 लाख करोड़ के मुकाबले 21.84 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी है। इस भारी-भरकम राशि का उपयोग पाइपलाइन में मौजूद बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए किया जाएगा, जिनमें शामिल हैं:</p>
<p><strong>• राफेल फाइटर जेट:</strong> नौसेना के लिए अतिरिक्त राफेल-एम (Rafale-M) सौदे को तेजी मिलेगी।<br />
<strong>• प्रोजेक्ट 75I:</strong> इसके तहत 6 नई स्टील्थ पनडुब्बियों का निर्माण किया जाएगा, जो एआईपी (AIP) तकनीक से लैस होंगी।<br />
<strong>• UAV और ड्रोन</strong>: अमेरिका से MQ-9B जैसे हाई-एल्टीट्यूड ड्रोन और स्वदेशी काउंटर-ड्रोन सिस्टम की खरीद पर ध्यान दिया जाएगा।<br />
<strong>• एयरो इंजन:</strong> विमानों और एयरो इंजन के लिए ₹63,733 करोड़ अलग से रखे गए हैं।</p>
<h3>&amp;#8216;ऑपरेशन सिंदूर&amp;#8217; और सीमाई चुनौतियों का असर</h3>
<p><a href="https://navbharatlive.com/business/union-budget-2026-nirmala-sitharaman-sunday-tax-defence-farmers-1545239.html">रक्षा बजट</a> में यह रिकॉर्ड वृद्धि &amp;#8216;ऑपरेशन सिंदूर&amp;#8217; के बाद आई है, जिसे 1971 के युद्ध के बाद पाकिस्तान के साथ पहला बड़ा सैन्य टकराव माना जा रहा है। सीमा पर बढ़ते आतंकी खतरों और चीन-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ती चुनौतियों ने सरकार को अपनी सैन्य क्षमता तेजी से बढ़ाने के लिए मजबूर किया है। सूत्रों के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय ने बजट से पहले 20 प्रतिशत की वृद्धि की मांग की थी, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-1546182 size-large" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/defence-budget-2026-3-764x430_V_jpg--1280x720-4g.webp" alt="defence budget 2026" width="764" height="430" srcset="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/defence-budget-2026-3-764x430_V_jpg 764w, https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/defence-budget-2026-3-425x240_V_jpg 425w, https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/defence-budget-2026-3-150x84_V_jpg 150w, https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/defence-budget-2026-3-768x432_V_jpg 768w, https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/defence-budget-2026-3_V_jpg 1280w" sizes="auto, (max-width: 764px) 100vw, 764px" /></p>
<h3>आत्मनिर्भरता की ओर कदम: टैक्स में बड़ी राहत</h3>
<p>बजट में &amp;#8216;आत्मनिर्भर भारत&amp;#8217; अभियान के तहत रक्षा उत्पादन और निर्यात को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार ने वर्ष 2029 तक ₹50,000 करोड़ के रक्षा निर्यात का लक्ष्य रखा है। घरेलू उत्पादन को सस्ता बनाने के लिए<a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-nirmala-sitharaman-big-announcement-for-rare-earth-metal-1545558.html"> वित्त मंत्री</a> ने रक्षा क्षेत्र में विमानों के रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल (MRO) के लिए आयातित कच्चे माल पर बेसिक कस्टम्स ड्यूटी को खत्म करने का प्रस्ताव दिया है। इससे न केवल लागत कम होगी, बल्कि भारत वैश्विक स्तर पर रक्षा विनिर्माण का केंद्र बन सकेगा।</p>
<blockquote class="twitter-tweet" data-media-max-width="560">
<p dir="ltr" lang="en">Union Budget Live | Defence Budget Strengthens National Security!</p>
<p>India’s defence allocation rises sharply from Rs 2.53 lakh crore (2013-14) to Rs 7.84 lakh crore (2026-27) an increase of 209%+, strengthening national security and boosting indigenous defence capability.… <a href="https://t.co/0cBWxcFhvM">pic.twitter.com/0cBWxcFhvM</a></p>
<p>— MyGovIndia (@mygovindia) <a href="https://twitter.com/mygovindia/status/2017874066531881001">February 1, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a title="Budget 2026: विदेश में पढ़ाई और इलाज हुआ सस्ता, वित्त मंत्री ने TCS दरों में की बड़ी कटौती" href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-tcs-reduction-education-health-abroad-news-1546031.html"> Budget 2026: विदेश में पढ़ाई और इलाज हुआ सस्ता, वित्त मंत्री ने TCS दरों में की बड़ी कटौती </a></strong></p>
<h3>परिचालन और पेंशन का गणित भी सेट</h3>
<p>सेना के दैनिक कार्यों और परिचालन खर्चों में भी 17.24 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जो ईंधन, गोला-बारूद और रखरखाव के लिए आवश्यक है। इसके अलावा, रक्षा पेंशन के लिए ₹1.71 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो पिछले साल की तुलना में 6.53 प्रतिशत अधिक है। हालांकि, एविएशन फ्यूल की बढ़ती कीमतें भारतीय वायुसेना के लिए एक चिंता का विषय बनी हुई हैं, जिससे निपटने के लिए सरकार बायो-फ्यूल और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल के उपयोग पर ध्यान दे रही है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>लोकल से ग्लोबल, चल पड़ी रिफॉर्म एक्सप्रेस&amp;#8230;PM मोदी ने समझाया बजट 2026 का सार, प्वाइंट्स में समझें पूरी बात</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/pm-modi-reaction-on-the-budget-nirmala-ji-has-created-history-1546089.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[अर्पित शुक्ला]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 09:17:13 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 09:17:13 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Latest News]]></category>
		<category><![CDATA[Narendra Modi]]></category>
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					<description><![CDATA[PM Modi welcomes Budget 2026: पीएम ने कहा कि आज का बजट ऐतिहासिक है। इसमें देश की नारी शक्ति का सशक्त प्रतिबिंब झलकता है।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/pm-modi-on-budget_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Pm Modi Reaction On The Budget Nirmala Ji Has Created History"     /></figure><p><strong>PM Modi on Union Budget 2026:</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आम बजट 2026-27 को ‘लोकल से ग्लोबल’ वाली तेज़ रफ्तार को परिभाषित करने वाला और भारत के विकास को गति देने वाला दस्तावेज़ बताया। उन्होंने इसे दूरदर्शी और गेमचेंजर करार दिया, जो भारत की आर्थिक यात्रा को नए आयाम देगा।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा, “यह बजट भारत के विकास ट्रैजेक्ट्री को और तेज़ी से आगे बढ़ाता है और भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक मंच पर एक नई पहचान दिलाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाता है।”</p>
<h3>PM मोदी बोले चल पड़ी है रिफॉर्म एक्सप्रेस</h3>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बजट पर टिप्पणी करते हुए कहा, &amp;#8220;देश में रिफॉर्म एक्सप्रेस अब पूरी गति से चल पड़ी है। जो बदलाव किए गए हैं, वो भारत के साहसिक और प्रतिभाशाली युवाओं को खुले आसमान में अपनी उड़ान भरने का अवसर देंगे।&amp;#8221;</p>
<p>उन्होंने आगे कहा कि इस बजट से रिफॉर्म्स को नई गति मिलेगी और यह स्किल, स्केल, और सस्टेनेबिलिटी को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उनका कहना था, &amp;#8220;हमारी सबसे बड़ी पूंजी हमारे नागरिक हैं, और हम इसी में निवेश कर रहे हैं।&amp;#8221;</p>
<p>&amp;#8220;यह एक विशेष बजट है,&amp;#8221; पीएम मोदी ने कहा, &amp;#8220;जिसमें फिस्कल डेफिसिट को कम करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इसके साथ ही, बजट में हाई कैपेक्स और हाई ग्रोथ का समन्वय है, जो देश की वैश्विक भूमिका को सशक्त करेगा।&amp;#8221;</p>
<h3>मोदी के भाषण की बड़ी बातें</h3>
<ul>
<li><strong>तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह:</strong> प्रधानमंत्री ने कहा कि हम केवल तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनकर संतुष्ट नहीं हैं, बल्कि हम जल्द से जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना चाहते हैं। यह बजट अपार अवसरों का रास्ता खोलेगा और भारत को वर्तमान सपनों से वास्तविकता की ओर ले जाएगा।</li>
<li><strong>सनराइज सेक्टर पर जोर:</strong> उन्होंने कहा कि बजट में रेयर अर्थ मेटल्स, क्रिटिकल मिनरल्स, टेक्सटाइल, और हाईटेक टूल मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्र को मजबूती दी गई है, जो वर्तमान और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण हैं।</li>
<li><strong>इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस:</strong> प्रधानमंत्री ने बजट में हाई स्पीड रेल कॉरिडोर और टियर 2 और 3 शहरों के विकास के लिए उठाए गए कदमों की सराहना की। उन्होंने कहा, &amp;#8220;यह सब विकसित भारत की यात्रा की गति को और तेज करेगा।&amp;#8221;</li>
<li>नागरिकों में निवेश: पीएम मोदी ने कहा, &amp;#8220;किसी भी देश की सबसे बड़ी पूंजी उसके नागरिक होते हैं, और हमने इस पूंजी में निवेश किया है।&amp;#8221; उनका उद्देश्य स्किल, स्केल, और सस्टेनेबिलिटी को मजबूत करना था।</li>
<li><strong>युवाओं के लिए अवसर:</strong> मोदी ने बजट को &amp;#8220;युवा शक्ति बजट&amp;#8221; करार दिया। उन्होंने ऑरेंज इकोनॉमी, पर्यटन, और खेलो इंडिया मिशन के माध्यम से युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोलने का उल्लेख किया। इसके साथ ही, भारत को डेटा सेंटर हब बनाने के लिए टैक्स में महत्वपूर्ण छूट दी गई है।</li>
<li><strong>महिलाओं और रोजगार पर ध्यान:</strong> उन्होंने कहा कि बजट से एम्प्लॉयमेंट जनरेशन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने 10 करोड़ से ज्यादा महिलाओं का भी उल्लेख किया जो सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी हैं। इस बजट में महिलाओं द्वारा संचालित समूहों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया गया है। साथ ही, हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाने की योजना है।</li>
<li><strong>कृषि और डेयरी उद्योग पर ध्यान:</strong> पीएम ने कहा कि उनकी सरकार ने डेयरी उद्योग को प्राथमिकता दी है। बजट में नारियल, काजू और कोको के किसानों को प्रमुखता दी गई है। इसके अलावा, कृषि विस्तार ऐप से किसानों को उनकी भाषा में जानकारी मिल सकेगी, जिससे उन्हें अपनी समस्याओं का समाधान आसानी से मिलेगा।</li>
</ul>
<p><strong>यह भी पढ़ें- <a href="https://navbharatlive.com/business/union-budget-2026-highlights-nirmala-sitharaman-tax-changes-major-schemes-for-farmers-women-salaried-class-full-summary-1545833.html">Budget 2026: किसानों-महिलाओं से लेकर…नौकरी पेशा लोगों तक, बजट में निर्मला सीतारमण ने किए ये 10 बड़े ऐलान</a></strong></p>
<p>कुल मिलाकर, यह <a href="https://navbharatlive.com/business/union-budget-2026-live-updates-finance-minister-nirmala-sitharaman-speech-and-announcement-1544840.html">बजट 2026</a> भारत के आर्थिक विकास को एक नई दिशा देने और युवाओं, महिलाओं, और किसानों के लिए अवसरों के द्वार खोलने का प्रयास है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: कस्टम ड्यूटी में राहत से किसे मिलेगा फायदा, निर्मला सीतारमण के ऐलान से सस्ती होगी ये चीजें</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/budget-2026-customs-duty-cuts-manufacturing-export-relief-1546074.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रिया जैस]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 09:10:46 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 09:10:46 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Business News]]></category>
		<category><![CDATA[Export Business]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://navbharatlive.com/?p=1546074</guid>

					<description><![CDATA[Custom Duty Cuts Budget 2026: बजट 2026 में मैन्युफैक्चरिंग को मिला बूस्टर डोज़। बैटरी, विमानन और रक्षा क्षेत्र में कस्टम ड्यूटी घटी। SEZ यूनिट्स और निर्यातकों के लिए बड़ी राहत।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/custom-duty-cuts-budget-2026-manufacturing-boost_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Budget 2026 Customs Duty Cuts Manufacturing Export Relief"     /></figure><p><strong>Manufacturing Boost in Budget 2026:</strong> वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 में मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने और निर्यात बढ़ाने के लिए कई सेक्टरों में कस्टम ड्यूटी कम करने का ऐलान किया। इनमें समुद्री उत्पाद, कपड़ा, चमड़ा, रक्षा और विमानन जैसे अहम क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p>समुद्री उत्पादों के निर्यात को बढ़ाने के लिए सरकार ने सी-फूड प्रोसेसिंग में इस्तेमाल होने वाले कुछ इनपुट्स के ड्यूटी-फ्री आयात की सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। इसे पिछले साल के निर्यात टर्नओवर के 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 3 प्रतिशत किया जाएगा।</p>
<p>वित्त मंत्री ने बताया कि अभी तक चमड़े या सिंथेटिक जूतों के निर्यात के लिए जो ड्यूटी-फ्री आयात की सुविधा मिलती थी, उसे अब जूतों के ऊपरी हिस्से (शू अपर) के निर्यात तक भी बढ़ाया जाएगा। इससे मजदूरों पर आधारित इन उद्योगों में रोजगार और आमदनी बढ़ने की उम्मीद है।</p>
<h3>इन चीजों पर नहीं लगेगी कस्टम ड्यूटी</h3>
<p>चमड़ा, कपड़ा, सिंथेटिक जूते और अन्य चमड़ा उत्पादों के निर्यातकों को अब अंतिम उत्पाद भेजने के लिए 6 महीने की जगह 1 साल का समय दिया जाएगा। लिथियम-आयन बैटरी बनाने में इस्तेमाल होने वाले मशीनरी पर मिलने वाली बेसिक कस्टम ड्यूटी छूट को अब बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम तक भी बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा सोलर ग्लास बनाने में इस्तेमाल होने वाले सोडियम एंटीमोनट के आयात पर भी कस्टम ड्यूटी नहीं लगेगी।</p>
<p>बजट में नागरिक प्रशिक्षण विमानों और अन्य विमानों के निर्माण में लगने वाले पुर्जों पर कस्टम ड्यूटी से छूट देने का प्रावधान किया गया है। रक्षा क्षेत्र यूनिट्स द्वारा विमानों की मरम्मत और रखरखाव के लिए आयात किए जाने वाले कच्चे माल पर भी ड्यूटी नहीं लगेगी। माइक्रोवेव ओवन बनाने में इस्तेमाल होने वाले कुछ खास पुर्जों पर भी बेसिक कस्टम ड्यूटी (बीसीडी) से छूट देने का प्रस्ताव रखा गया है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें &amp;#8211; <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-stt-hike-fando-share-buyback-tax-changes-1545958.html">Budget 2026: ट्रेडिंग करना हुआ महंगा! F&amp;O पर STT में भारी बढ़ोतरी, जानें अब कितना कटेगा टैक्स</a></strong></p>
<h3>घरेलू बाजार में दी अनुमति</h3>
<p>वैश्विक व्यापार में रुकावटों के कारण स्पेशल इकोनॉमिक जोन (एसईजेड) की कई फैक्ट्रियां पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रही हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने एक बार की राहत के तहत योग्य एसईजेड यूनिट्स को कम कस्टम ड्यूटी पर घरेलू बाजार में सामान बेचने की अनुमति देने का ऐलान किया है।</p>
<p>न्यूक्लियर पावर सेक्टर में इस्तेमाल होने वाले सामानों के आयात पर कस्टम ड्यूटी से छूट को 2035 तक बढ़ाने का प्रस्ताव है। साथ ही यह सुविधा अब सभी परमाणु संयंत्रों को मिलेगी, चाहे उनकी क्षमता कुछ भी हो। देश में जरूरी खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) की प्रोसेसिंग के लिए आयात की जाने वाली मशीनों पर भी कस्टम ड्यूटी से छूट दी जाएगी।</p>
<p>वित्त मंत्री <a href="https://navbharatlive.com/business/union-budget-2026-six-pillars-economic-growth-nirmala-sitharaman-1545555.html">निर्मला सीतारमण</a> ने कहा कि बायोगैस से मिले मूल्य को बायोगैस मिश्रित कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) पर लगने वाली केंद्रीय उत्पाद शुल्क की गणना में शामिल नहीं किया जाएगा।</p>
<p><strong>(एजेंसी इनपुट के साथ)</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: आयकर नियमों में बदलाव और शेयर बाजार पर टैक्स बढ़ा, जानें मिडिल क्लास को क्या मिला</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/budget-2026-income-tax-rules-stock-market-tax-hike-mact-1546069.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रिया सिंह]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 09:02:13 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 09:02:13 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Income Tax]]></category>
		<category><![CDATA[Income Tax Slabs]]></category>
		<category><![CDATA[Share Market]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://navbharatlive.com/?p=1546069</guid>

					<description><![CDATA[Income Tax Changes: बजट 2026 में वित्त मंत्री ने नए आयकर नियमों और शेयर बाजार पर टैक्स बढ़ाने का ऐलान किया है। सड़क हादसे के क्लेम पर मिलने वाले ब्याज को अब पूरी तरह टैक्स फ्री कर दिया गया है।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/Budget-2026-3-2_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Budget 2026 Income Tax Rules Stock Market Tax Hike Mact"     /></figure><p><strong>Income Tax Changes Budget 2026:</strong> वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट 2026 पेश करते हुए देश की वित्तीय नीतियों में कई महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की है। इस बजट में आयकर के पुराने ढांचे में सुधार और निवेश संबंधी नियमों को सरल बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। हालांकि नौकरीपेशा वर्ग को टैक्स स्लैब में सीधी राहत नहीं मिली है, लेकिन प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आसान बनाने का वादा किया गया है। बजट के इन फैसलों का सीधा असर 1 अप्रैल से आम आदमी की जेब और निवेश के तरीकों पर पड़ेगा।</p>
<h3>आयकर नियमों का नया स्वरूप</h3>
<p>वित्त मंत्री ने बजट भाषण के दौरान पहला बड़ा ऐलान यह किया कि नया इनकम टैक्स नियम आगामी 1 अप्रैल से प्रभावी हो जाएगा। इस बदलाव को लागू करने के लिए सभी आयकर रिटर्न यानी ITR फॉर्म में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे और उन्हें जल्द नोटिफाई किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य कर अनुपालन की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है ताकि करदाताओं को फॉर्म भरने में कम कठिनाई हो।</p>
<h3>शेयर बाजार पर टैक्स की मार</h3>
<p><a href="https://navbharatlive.com/business/share-market-crash-after-budget-2026-sensex-fall-by-2000-points-nifty-decline-1545813.html">शेयर बाजार</a> में निवेश करने वालों के लिए बजट से एक निराशाजनक खबर आई है क्योंकि ट्रांजैक्शन पर टैक्स की दर बढ़ा दी गई है। वित्त मंत्री ने फ्यूचर ट्रेडर्स के लिए ट्रांजैक्शन की दर को 0.02 फीसदी से बढ़ाकर अब 0.05 फीसदी करने का फैसला लिया है। इस घोषणा के तुरंत बाद शेयर बाजार में 1000 अंकों से ज्यादा की भारी गिरावट देखी गई और निवेशकों ने बिकवाली शुरू कर दी।</p>
<h3>दुर्घटना क्लेम पर बड़ी राहत</h3>
<p>सड़क हादसों के शिकार परिवारों के लिए बजट में एक बहुत ही मानवीय फैसला लिया गया है जो सीधे तौर पर राहत पहुंचाएगा। अब मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा तय किए गए मुआवजे पर मिलने वाले ब्याज को आयकर से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अब इस राशि पर TDS नहीं काटा जाएगा और यह पैसा पीड़ित के पास सुरक्षित रहेगा।</p>
<h3>निवेशकों के लिए सिंगल विंडो</h3>
<p>करदाताओं की सुविधा के लिए सरकार ने लाभांश और विभिन्न निवेशों से संबंधित फॉर्म जमा करने की प्रक्रिया को अब एकीकृत कर दिया है। अब प्रपत्र 15जी और प्रपत्र 15एच को स्वीकार करने के लिए एक &amp;#8216;सिंगल विंडो&amp;#8217; की व्यवस्था शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया है। यह कदम विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और छोटे निवेशकों के लिए फायदेमंद होगा जिन्हें अलग-अलग जगह जाने की जरूरत नहीं होगी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-tcs-reduction-education-health-abroad-news-1546031.html">Budget 2026: विदेश में पढ़ाई और इलाज हुआ सस्ता, वित्त मंत्री ने TCS दरों में की बड़ी कटौती</a></strong></p>
<h3>मध्यम वर्ग की बढ़ी निराशा</h3>
<p>बजट से मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों को काफी उम्मीदें थीं कि शायद उन्हें टैक्स के बोझ से कुछ सीधी राहत मिल पाएगी। लेकिन वित्त मंत्री ने इस बार <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-joint-taxation-married-couples-income-tax-changes-1545578.html">इनकम टैक्स स्लैब</a> में कोई सीधा बदलाव नहीं किया है जिससे इस वर्ग को काफी निराशा हुई है। हालांकि सरकार ने सड़क हादसों के क्लेम और निवेश प्रक्रियाओं में सुधार के जरिए अप्रत्यक्ष लाभ देने का प्रयास किया है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: विदेश में पढ़ाई और इलाज हुआ सस्ता, वित्त मंत्री ने TCS दरों में की बड़ी कटौती</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/budget-2026-tcs-reduction-education-health-abroad-news-1546031.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रिया सिंह]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 08:43:19 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 08:43:19 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Foreign Country]]></category>
		<category><![CDATA[Tax payers]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://navbharatlive.com/?p=1546031</guid>

					<description><![CDATA[TCS Rate Cut: बजट 2026 में विदेश में पढ़ाई और इलाज के लिए पैसा भेजना सस्ता हो गया है। वित्त मंत्री ने TCS को 5% से घटाकर 2% कर दिया है, जिससे अभिभावकों को हजारों रुपये की बचत होगी।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/budget-2026-study-abroad-tax-relief-_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Budget 2026 Tcs Reduction Education Health Abroad News"     /></figure><p><strong>Study Abroad Tax Relief:</strong> वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 पेश करते हुए शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। सरकार ने विशेष रूप से उन परिवारों को बड़ी राहत दी है जिनके बच्चे विदेश में पढ़ाई कर रहे हैं या जो विदेश में इलाज करा रहे हैं। इस प्रस्ताव के माध्यम से उदारीकृत प्रेषण योजना के तहत लगने वाले टैक्स के बोझ को काफी कम कर दिया गया है। यह निर्णय देश के मध्यम वर्ग के लिए एक बड़ी वित्तीय राहत के रूप में देखा जा रहा है।</p>
<h3>TCS दरों में भारी कटौती</h3>
<p>वित्त मंत्री ने संसद में बजट पेश करते हुए घोषणा की कि शिक्षा और स्वास्थ्य उद्देश्यों के लिए TCS की दर को 5 प्रतिशत से घटाकर अब 2 प्रतिशत कर दिया गया है। यह नियम उन लोगों पर लागू होता है जो विदेश में शिक्षा या इलाज के लिए 10 लाख रुपये से अधिक की राशि भेजते हैं। इस बदलाव से अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उच्च शिक्षा प्राप्त करना और स्वास्थ्य सेवाएं लेना पहले के मुकाबले काफी किफायती हो जाएगा।</p>
<h3>अभिभावकों को होगी बड़ी बचत</h3>
<p>नए नियमों के अनुसार अगर कोई व्यक्ति विदेश में पढ़ाई के लिए 20 लाख रुपये भेजता है, तो पहले उसे 1 लाख रुपये का टैक्स चुकाना पड़ता था। अब TCS की दर 2 प्रतिशत होने के कारण यह राशि घटकर केवल 40 हजार रुपये रह जाएगी, जिससे सीधे 60 हजार रुपये की बचत होगी। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस छूट का लाभ लेने के लिए पैन कार्ड प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा अन्यथा टैक्स की दर दोगुनी हो सकती है।</p>
<h3>शिक्षा और बुनियादी ढांचा</h3>
<p><a href="https://navbharatlive.com/business/union-budget-2026-nirmala-sitharaman-atmanirbhar-bharat-highlights-1545702.html">बजट 2026</a> में केवल टैक्स कटौती ही नहीं बल्कि बुनियादी ढांचे के विकास के लिए भी कई बड़े ऐलान किए गए हैं जिसमें पांच नई यूनिवर्सिटी खोलना शामिल है। छात्राओं की सुविधा के लिए देश के हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाने की योजना बनाई गई है ताकि शिक्षा तक उनकी पहुंच आसान हो सके। साथ ही आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के लिए कंटेंट क्रिएटिव लैब की स्थापना भी की जाएगी जो युवाओं के कौशल विकास में सहायक होगी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://navbharatlive.com/india/budget-2026-impact-on-middle-class-cheaper-and-expensive-items-list-1545998.html">Budget 2026: मिडिल क्लास के लिए क्या खुशखबरी और कहां बढ़ा बोझ? तस्वीरों में समझें अपनी नई शॉपिंग लिस्ट!</a></strong></p>
<h3>अर्थव्यवस्था और अन्य सुधार</h3>
<p><a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-nirmala-sitharaman-big-announcement-for-rare-earth-metal-1545558.html">वित्त मंत्री</a> ने देश की आर्थिक सेहत की जानकारी देते हुए बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है। विदेश यात्रा करने वाले पर्यटकों के लिए भी TCS दरों में राहत दी गई है जिससे हॉलिडे पैकेज और ट्रैवल बुकिंग अब सस्ती हो जाएंगी। छोटे व्यापारियों, फ्रीलांसरों और आउटसोर्सिंग एजेंसियों के लिए भी टैक्स नियमों को सरल बनाया गया है ताकि व्यापार करने में आसानी हो सके।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: मिडिल क्लास के लिए क्या खुशखबरी और कहां बढ़ा बोझ? तस्वीरों में समझें अपनी नई शॉपिंग लिस्ट!</title>
		<link>https://navbharatlive.com/india/budget-2026-impact-on-middle-class-cheaper-and-expensive-items-list-1545998.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रीति शर्मा]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 08:31:59 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 09:24:11 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[देश]]></category>
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					<description><![CDATA[Budget 2026 Middle Class Benefits: बजट 2026 में मिडिल क्लास के लिए कुछ राहत भरी घोषणाएं की गई हैं तो कुछ चीजों पर खर्च का बोझ भी बढ़ता नजर आ रहा है। रोज़मर्रा की ज़रूरतों से लेकर शॉपिंग लिस्ट तक इस बार के बजट ने आम परिवार की जेब पर सीधा असर डाला है।   ]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/budget-2026-5_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Budget 2026 Impact On Middle Class Cheaper And Expensive Items List"     /></figure><p><a href='https://navbharatlive.com/india/budget-2026-impact-on-middle-class-cheaper-and-expensive-items-list-1545998.html/attachment/8-290'><img loading="lazy" decoding="async" width="150" height="85" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/8-1-150x85_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-thumbnail size-thumbnail" alt="" srcset="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/8-1-150x84_V_jpg 150w, https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/8-1-425x240_V_jpg 425w, https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/8-1-764x430_V_jpg 764w, https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/8-1-768x432_V_jpg 768w, https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/8-1_V_jpg 1280w" sizes="auto, (max-width: 150px) 100vw, 150px" /></a><br />
<a href='https://navbharatlive.com/india/budget-2026-impact-on-middle-class-cheaper-and-expensive-items-list-1545998.html/attachment/1-484'><img loading="lazy" decoding="async" width="150" height="85" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/1-1-150x85_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-thumbnail size-thumbnail" alt="" srcset="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/1-1-150x84_V_jpg 150w, https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/1-1-425x240_V_jpg 425w, https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/1-1-764x430_V_jpg 764w, https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/1-1-768x432_V_jpg 768w, https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/1-1_V_jpg 1280w" sizes="auto, (max-width: 150px) 100vw, 150px" /></a><br />
<a href='https://navbharatlive.com/india/budget-2026-impact-on-middle-class-cheaper-and-expensive-items-list-1545998.html/attachment/6-394'><img loading="lazy" decoding="async" width="150" height="85" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/6-1-150x85_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-thumbnail size-thumbnail" alt="" srcset="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/6-1-150x84_V_jpg 150w, https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/6-1-425x240_V_jpg 425w, https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/6-1-764x430_V_jpg 764w, https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/6-1-768x432_V_jpg 768w, https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/6-1_V_jpg 1280w" sizes="auto, (max-width: 150px) 100vw, 150px" /></a><br />
<a href='https://navbharatlive.com/india/budget-2026-impact-on-middle-class-cheaper-and-expensive-items-list-1545998.html/attachment/5-412'><img loading="lazy" decoding="async" width="150" height="85" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/5-1-150x85_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-thumbnail size-thumbnail" alt="" srcset="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/5-1-150x84_V_jpg 150w, https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/5-1-425x240_V_jpg 425w, https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/5-1-764x430_V_jpg 764w, https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/5-1-768x432_V_jpg 768w, https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/5-1_V_jpg 1280w" sizes="auto, (max-width: 150px) 100vw, 150px" /></a><br />
<a href='https://navbharatlive.com/india/budget-2026-impact-on-middle-class-cheaper-and-expensive-items-list-1545998.html/attachment/4-434'><img loading="lazy" decoding="async" width="150" height="85" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/4-1-150x85_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-thumbnail size-thumbnail" alt="" srcset="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/4-1-150x84_V_jpg 150w, https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/4-1-425x240_V_jpg 425w, https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/4-1-764x430_V_jpg 764w, https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/4-1-768x432_V_jpg 768w, https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/4-1_V_jpg 1280w" sizes="auto, (max-width: 150px) 100vw, 150px" /></a><br />
<a href='https://navbharatlive.com/india/budget-2026-impact-on-middle-class-cheaper-and-expensive-items-list-1545998.html/attachment/3-456'><img loading="lazy" decoding="async" width="150" height="85" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/3-1-150x85_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-thumbnail size-thumbnail" alt="" srcset="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/3-1-150x84_V_jpg 150w, https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/3-1-425x240_V_jpg 425w, https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/3-1-764x430_V_jpg 764w, https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/3-1-768x432_V_jpg 768w, https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/3-1_V_jpg 1280w" sizes="auto, (max-width: 150px) 100vw, 150px" /></a><br />
<a href='https://navbharatlive.com/india/budget-2026-impact-on-middle-class-cheaper-and-expensive-items-list-1545998.html/attachment/2-478'><img loading="lazy" decoding="async" width="150" height="85" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/2-1-150x85_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-thumbnail size-thumbnail" alt="" srcset="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/2-1-150x84_V_jpg 150w, https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/2-1-425x240_V_jpg 425w, https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/2-1-764x430_V_jpg 764w, https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/2-1-768x432_V_jpg 768w, https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/2-1_V_jpg 1280w" sizes="auto, (max-width: 150px) 100vw, 150px" /></a><br />
<a href='https://navbharatlive.com/india/budget-2026-impact-on-middle-class-cheaper-and-expensive-items-list-1545998.html/attachment/7-357'><img loading="lazy" decoding="async" width="150" height="85" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/7-1-150x85_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-thumbnail size-thumbnail" alt="" srcset="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/7-1-150x84_V_jpg 150w, https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/7-1-425x240_V_jpg 425w, https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/7-1-764x430_V_jpg 764w, https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/7-1-768x432_V_jpg 768w, https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/7-1_V_jpg 1280w" sizes="auto, (max-width: 150px) 100vw, 150px" /></a></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: नारा नहीं, संकल्प है विकसित भारत, गडकरी और शाह ने गिनाईं बजट 2026 की सबसे बड़ी खूबियां</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/amit-shah-nitin-gadkari-reaction-union-budget-2026-viksit-bharat-1545989.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रिया जैस]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 08:28:59 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 08:28:59 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[देश]]></category>
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		<category><![CDATA[Amit Shah]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Business News]]></category>
		<category><![CDATA[Nitin Gadkari]]></category>
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					<description><![CDATA[Amit Shah on Union Budget: अमित शाह ने बजट 2026 को बताया 'विकसित भारत बजट'। नितिन गडकरी ने भी इंफ्रास्ट्रक्चर और MSME पर विजन की सराहना की। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/budget-2026-nitin-gadkari-amit-shah-reaction_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Amit Shah Nitin Gadkari Reaction Union Budget 2026 Viksit Bharat"     /></figure><p><strong>Union Budget 2026 Reaction: </strong>केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रविवार को पेश किए गए केंद्रीय बजट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का मजबूत संकल्प करार दिया है। अमित शाह ने बजट की सराहना करते हुए विकसित भारत बजट का टैग दिया।</p>
<p>केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, &amp;#8220;बजट 2026-27 के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी जी ने सिद्ध किया है कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत केवल एक नारा नहीं, बल्कि हमारी सरकार का संकल्प है। इस बजट में न सिर्फ हर क्षेत्र, हर वर्ग और हर नागरिक को सशक्त बनाने का एक स्पष्ट ब्लूप्रिंट है, बल्कि उसे प्रोत्साहन देने का एक जमीनी विजन भी है, जो उसे हर कदम पर मदद करेगा। विकसित भारत बजट एक ऐसे भारत के निर्माण का विजन है, जो विश्व में हर क्षेत्र में अग्रणी हो।&amp;#8221;</p>
<p>एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा, &amp;#8220;मैन्युफैक्चरिंग से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर तक, स्वास्थ्य से लेकर <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-himachal-uttarakhand-jk-tourism-farming-benefits-1545854.html">टूरिज्म</a> तक, ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर एआई तक, स्पोर्ट्स से लेकर तीर्थों तक, विकसित भारत बजट हर गांव, हर कस्बे और हर शहर के युवाओं, महिलाओं तथा किसानों के सपनों को शक्ति देकर उन्हें पूरा करने वाला बजट है। 2047 तक विकसित भारत के निर्माण और अगले 25 वर्षों के रोडमैप को दर्शाने वाले इस बजट के लिए पीएम नरेंद्र मोदी और वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण का हर भारतवासी की ओर से हार्दिक अभिनंदन।&amp;#8221;</p>
<h3>बजट 2026 पर नितिन गडकरी क्या बोले?</h3>
<p>केंद्रीय मंत्री <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/nagpur/nagpur-mayor-deputy-mayor-names-announcement-feb-2-gadkari-fadnavis-1543174.html">नितिन गडकरी</a> ने लिखा, &amp;#8220;केंद्रीय बजट 2026 किसानों, युवाओं और एमएसएमई पर केंद्रित एक निर्णायक रोडमैप पेश करता है, जो समावेशी विकास, इनोवेशन और पूंजी निवेश की नींव को मजबूत करता है, क्योंकि भारत विकसित भारत 2047 की ओर बढ़ रहा है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को एक ऐसी वित्तीय रणनीति के लिए हार्दिक धन्यवाद देता हूं जो उत्पादकता, प्रतिस्पर्धा और उद्यमिता को बढ़ावा देती है, और भारत को वैश्विक विनिर्माण और इनोवेशन लीडर के रूप में स्थापित करती है।&amp;#8221;</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें &amp;#8211; <a title="Budget 2026: ट्रेडिंग करना हुआ महंगा! F&amp;O पर STT में भारी बढ़ोतरी, जानें अब कितना कटेगा टैक्स" href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-stt-hike-fando-share-buyback-tax-changes-1545958.html"> Budget 2026: ट्रेडिंग करना हुआ महंगा! F&amp;O पर STT में भारी बढ़ोतरी, जानें अब कितना कटेगा टैक्स </a></strong></p>
<p>गडकरी ने पोस्ट में आगे लिखा, &amp;#8220;आर्थिक लचीलेपन, नागरिक सशक्तिकरण और समान पहुंच पर आधारित यह बजट वैश्विक अनिश्चितताओं का आत्मविश्वास से जवाब देता है। इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वास्थ्य सेवा में लक्षित निवेश उत्पादकता बढ़ाते हैं, जीवन की गुणवत्ता में सुधार करते हैं, और आवश्यक सेवाओं तक व्यापक पहुंच सुनिश्चित करते हैं।&amp;#8221;</p>
<p>उन्होंने आगे लिखा, &amp;#8220;आत्मनिर्भरता और स्थायी क्षमता निर्माण पर मजबूत फोकस के साथ, यह बजट एक विकसित भारत के प्रति भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है &amp;#8211; जो लचीला, अवसरों से भरा और विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी है।&amp;#8221;</p>
<p><strong>(एजेंसी इनपुट के साथ)</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>&amp;#8216;राम&amp;#8217; के साथ &amp;#8216;गांधी&amp;#8217; को साध रहे मोदी? बजट में किया गया वो ऐलान&amp;#8230;जिससे नहीं होगा मनरेगा खत्म करने का नुकसान?</title>
		<link>https://navbharatlive.com/india/budget-2026-modi-ram-gandhi-angle-mnrega-scheme-future-rural-jobs-social-welfare-plan-analysis-1546011.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[अभिषेक सिंह]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 08:27:21 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 08:27:21 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[देश]]></category>
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		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Congress]]></category>
		<category><![CDATA[Narendra Modi]]></category>
		<category><![CDATA[VB-G RAM G Scheme]]></category>
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					<description><![CDATA[Mahatma Gandhi Gram Swaraj Yojana: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में 2026-27 का बजट पेश किया। घोषणाओं में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पारंपरिक उद्योगों को आगे बढ़ाने पर खास ध्यान दिया है]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/pm-modi-gram-swaraj-yojana_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Budget 2026 Modi Ram Gandhi Angle Mnrega Scheme Future Rural Jobs Social Welfare Plan Analysis"     /></figure><p><strong>Budget 2026:</strong> केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में 2026-27 का बजट पेश किया। घोषणाओं में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पारंपरिक उद्योगों को आगे बढ़ाने पर खास ध्यान दिया गया। इस कड़ी में महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना की घोषणा की गई। यह योजना समर्थ 2.0 मिशन से जुड़ी है, जिसका मकसद टेक्सटाइल स्किल्स इकोसिस्टम को मॉडर्न बनाना है।</p>
<p>महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना खादी हथकरघा और हस्तशिल्प को सिर्फ सांस्कृतिक प्रतीक के तौर पर नहीं, बल्कि मजबूत रोजगार मॉडल के तौर पर स्थापित करने की कोशिश है। यह योजना टेक्नोलॉजी, स्किल्स और मार्केट कनेक्टिविटी पर जोर देती है, जिसमें प्राकृतिक, मानव निर्मित और नए जमाने के फाइबर शामिल हैं। इससे गांव आधारित कारीगरी को संगठित सपोर्ट मिलेगा, जिससे रोजगार, उत्पादन और आय बढ़ेगी।</p>
<h3>PM मोदी ने मार दिया &amp;#8216;मास्टरस्ट्रोक&amp;#8217;</h3>
<p>केंद्र की मोदी सरकार ने जब महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून खत्म कर विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम-2025 लागू कर दिया। इस योजना के तहत काम के दिन 100 से बढ़ाकर 125 कर दिए गए। लेकिन महात्मा गांधी का नाम हटाने की वजह से विपक्ष ने सरकार को जमकर निशाना बनाया।</p>
<h3>भाजपा के बनेगी लिए सुरक्षा कवच?</h3>
<p>भारतीय जनता पार्टी ने <a href="https://navbharatlive.com/utility-news/what-is-the-full-form-of-vb-g-ram-g-due-to-which-there-is-a-ruckus-in-the-parliament-1468632.html">VB-G RAM G</a> बिल में &amp;#8216;राम&amp;#8217; का नाम होने का दावा करते हुए विपक्ष पर पलटवार किया। लेकिन राजनैतिक विश्लेषकों का मानना था कि चुनावी दौर में विपक्ष महात्मा गांधी का नाम हटाने के मुद्दे को धार देकर बीजेपी और पीएम मोदी को घेर सकता था। ऐसे में अब महात्मा गांधी के नाम पर ग्राम स्वराज योजना को लेकर आना सुरक्षा कवच का काम करेगी।</p>
<h3>क्या है ग्राम स्वराज योजना का लक्ष्य?</h3>
<p>महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना का मकसद बिखरी हुई ग्रामीण कारीगरी के लिए एक कॉमन प्लेटफॉर्म देना है। खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प को स्थानीय पहचान से बदलकर संगठित रोजगार मॉडल में बदला जाएगा। यह क्लस्टर-आधारित काम, डिजाइन सपोर्ट, ट्रेनिंग और मार्केट लिंकेज के जरिए हासिल किया जाएगा।</p>
<p>यह योजना प्राकृतिक, मानव निर्मित और नए जमाने के फाइबर के इस्तेमाल को बढ़ावा देती है, जिससे यह पक्का हो सके कि प्रोडक्ट आधुनिक जरूरतों को पूरा करें। स्थानीय कारीगरों को उच्च गुणवत्ता वाले उपकरण, सही डिजाइन मार्गदर्शन और अपने प्रोडक्ट बेचने के नए रास्ते मिलेंगे। जिसका लक्ष्य यह पक्का करना है कि गांवों में बने प्रोडक्ट सीधे बाजार तक पहुंचें और कारीगरों को उनके काम का सही दाम मिले।</p>
<h3>इस योजना से किसे होगा फायदा?</h3>
<p>महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना बढ़ई, हथकरघा बुनकर, कालीन बुनकर और खादी और हस्तशिल्प से जुड़े कारीगरों को इस योजना से फायदा होगा। सरकार काम की गति और गुणवत्ता दोनों को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक मशीनरी और उपकरण खरीदने में मदद करेगी। समर्थ 2.0 मिशन टेक्सटाइल स्किल्स इकोसिस्टम को अपग्रेड करेगा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://navbharatlive.com/business/union-budget-2026-highlights-nirmala-sitharaman-tax-changes-major-schemes-for-farmers-women-salaried-class-full-summary-1545833.html">Budget 2026: किसानों-महिलाओं से लेकर…नौकरी पेशा लोगों तक, बजट में निर्मला सीतारमण ने किए ये 10 बड़े ऐलान</a></strong></p>
<p>यह ट्रेनिंग, टेक्नोलॉजी और मार्केटिंग को इंटीग्रेट करेगा। कारीगरों की सालाना आय बढ़ाने पर खास ध्यान दिया जाएगा। बेहतर उत्पादन, बेहतर पैकेजिंग और सीधे बाजार तक पहुंच से उनके प्रोडक्ट की मांग बढ़ेगी। इससे यह पक्का होगा कि पारंपरिक स्किल्स न सिर्फ जिंदा रहें, बल्कि अच्छी कमाई का जरिया भी बनें।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Banking Reforms Budget 2026: बैंकिंग सेक्टर में बड़े बदलाव, वित्त मंत्री ने MSME के लिए भी की अहम घोषणाएं</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/union-budget-2026-nirmala-sitharaman-banking-reforms-msme-funds-updates-1545970.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रिया सिंह]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 08:20:15 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 08:20:15 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Banking System]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Business News]]></category>
		<category><![CDATA[MSME]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
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					<description><![CDATA[Union Budget 2026: बजट 2026 में वित्त मंत्री ने बैंकिंग रिफॉर्म और NBFC के लिए नए विजन का ऐलान किया। MSME के लिए 10,000 करोड़ का फंड और बैंकिंग के लिए हाई लेवल कमेटी बनाने की घोषणा की गई है।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/budget-2026-banking-reform-_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Union Budget 2026 Nirmala Sitharaman Banking Reforms Msme Funds Updates"     /></figure><p><strong>FM Nirmala Sitharaman Budget Speech:</strong> वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में मोदी सरकार का लगातार नौवां बजट पेश करते हुए देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने का प्रयास किया है। इस बजट में बैंकिंग क्षेत्र के सुधारों पर विशेष बल दिया गया है ताकि विकसित भारत के सपने को साकार किया जा सके। वित्त मंत्री ने अपने भाषण में स्पष्ट किया कि बैंकिंग सुधार अब समय की मांग हैं और सरकार इसके लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भारतीय बैंकिंग प्रणाली की मजबूत बैलेंसशीट की सराहना करते हुए कई नई योजनाओं की जानकारी साझा की।</p>
<h3>बैंकिंग सुधार और नया विजन</h3>
<p>वित्त मंत्री ने संसद में घोषणा की कि देश के बैंकिंग सेक्टर में व्यापक सुधार करना अब बेहद आवश्यक हो गया है। विशेष रूप से गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों यानी एनबीएफसी के लिए सरकार एक नए और आधुनिक विजन पर सक्रिय रूप से काम कर रही है। सरकार का मानना है कि इन सुधारों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार होगा और लोगों को वित्तीय सुविधा आसानी से मिल सकेगी।</p>
<p><a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/nagpur/nagpur-bank-strike-2026-ufbu-5-day-banking-demand-1537843.html">बैंकिंग व्यवस्था</a> को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए सरकार ने एक &amp;#8216;हाई लेवल कमेटी ऑन बैंकिंग फॉर डेवलप्ड इंडिया&amp;#8217; स्थापित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके साथ ही पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन और आरईसी जैसी संस्थाओं की रीस्ट्रक्चरिंग की जाएगी ताकि उनकी कार्यक्षमता में सुधार हो सके। म्यूनिसिपल बॉन्ड को बढ़ावा देने के लिए भी 100 करोड़ रुपये की एक नई योजना लाने का प्रस्ताव रखा गया है।</p>
<h3>MSME क्षेत्र के लिए बड़े ऐलान</h3>
<p>लघु और मध्यम उद्योगों को देश का आर्थिक चैंपियन बनाने के उद्देश्य से बजट में 10,000 करोड़ रुपये के समर्पित एसएमई विकास निधि की शुरुआत की गई है। वित्त मंत्री ने आत्मनिर्भर भारत कोष में भी अतिरिक्त 2000 करोड़ रुपये डालने का ऐलान किया है ताकि छोटे व्यापारियों को मजबूती मिल सके। इन कदमों का उद्देश्य एमएसएमई क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना और उन्हें पर्याप्त संसाधन प्रदान करना है।</p>
<p>लिक्विडिटी सपोर्ट के लिए ट्रेड्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से MSME के लिए 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि सहायता के तौर पर उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार ने तीसरे स्तर के यानी थ्री टायर शहरों में &amp;#8216;कॉरपोरेट मित्रों&amp;#8217; का एक विशेष कैडर तैयार करने की योजना भी बनाई है। यह कैडर छोटे उद्योगों को कम लागत पर कानूनी और अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में पेशेवर मदद प्रदान करेगा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-nirmala-sitharaman-cheaper-costlier-items-list-income-tax-msme-update-1545931.html">Budget 2026: निर्मला सीतारमण के 9वें बजट में आम आदमी के लिए क्या, जानें क्या हुआ सस्ता और क्या महंगा</a></strong></p>
<h3>ग्रामीण अर्थव्यवस्था और बाजार सुधार</h3>
<p><a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-nirmala-sitharaman-big-announcement-for-rare-earth-metal-1545558.html">वित्त मंत्री</a> के अनुसार इन सभी सुधारों का मुख्य केंद्र ग्रामीण इकोनॉमी में बैंकिंग सेवाओं को बेहतर बनाना और उन्हें मुख्यधारा से पूरी तरह जोड़ना है। कॉर्पोरेट बॉन्ड मार्केट को विकसित करने के लिए टोटल रिटर्न स्वैप की शुरुआत करने का भी प्रस्ताव दिया गया है जो बाजार में निवेश बढ़ाएगा। सरकार का यह व्यापक दृष्टिकोण आने वाले समय में देश के बैंकिंग और औद्योगिक ढांचे को अधिक पारदर्शी और गतिशील बनाने में मदद करेगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: ट्रेडिंग करना हुआ महंगा! F&amp;#038;O पर STT में भारी बढ़ोतरी, जानें अब कितना कटेगा टैक्स</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/budget-2026-stt-hike-fando-share-buyback-tax-changes-1545958.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रिया जैस]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 08:02:07 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 08:02:07 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Business News]]></category>
		<category><![CDATA[Share Market]]></category>
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					<description><![CDATA[Budget 2026 Stock Market: F&amp;#038;O पर STT बढ़ा, शेयर बायबैक पर अब देना होगा भारी टैक्स। जानें फ्यूचर्स, ऑप्शंस और प्रमोटर्स के लिए क्या बदले नियम। बाजार में गिरावट।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/budget-2026-share-market-tax-update_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Budget 2026 Stt Hike Fando Share Buyback Tax Changes"     /></figure><p><strong>STT Hike on F&amp;O:</strong> वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में बजट पेश किया और इस दौरान उन्होंने शेयर बाजार में सट्टेबाजी को कम करने के लिए फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (एफएंडओ) पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) बढ़ाने का ऐलान किया। बजट 2026 में फ्यूचर्स पर एसटीटी को मौजूदा 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है।</p>
<p>ऑप्शंस पर अब एसटीटी बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत करने का प्रस्ताव दिया गया है। इसके अलावा, सरकार ने बायबैक में शेयर सरेंडर करने पर सभी प्रकार के शेयरधारकों को होने वाले फायदे को कैपिटन गेन में लाने का प्रस्ताव रखा है। इससे अब बायबैक से होने वाली आय पर अधिक टैक्स लगेगा।</p>
<h3>22 प्रतिशत का टैक्स लगेगा</h3>
<p>बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री <a href="https://navbharatlive.com/business/union-budget-2026-railway-high-speed-rail-corridors-infrastructure-1545752.html">निर्मला सीतारमण</a> ने शेयर बायबैक पर लगने वाले टैक्स पर कहा कि नए संरचना के अंतर्गत कॉरपोरेट प्रमोटर्स पर प्रभावी रूप से 22 प्रतिशत का टैक्स लगेगा और नॉन-कॉरपोरेट प्रमोटर्स पर बायबैक लेनदेन के लिए 30 प्रतिशत का टैक्स लगेगा।</p>
<p>इस कदम का उद्देश्य कराधान को सुव्यवस्थित करना, शेयरधारक वर्गों के बीच अंतर को कम करना और बायबैक से संबंधित आय के लिए अधिक समान और पारदर्शी टैक्स व्यवस्था सुनिश्चित करना है। हालांकि, इस बजट में सरकार की ओर से एलटीसीजी और एसटीसीजी को लेकर कोई ऐलान नहीं किया गया है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें &amp;#8211; <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-himachal-uttarakhand-jk-tourism-farming-benefits-1545854.html">Budget 2026: हिमाचल, उत्तराखंड और कश्मीर की चमकेगी किस्मत, सरकार बनाएगी ‘सस्टेनेबल माउंटेन ट्रेल्स’</a></strong></p>
<h3>शेयर बाजार में भारी गिरावट</h3>
<p>इस ऐलान के बाद स्टॉक मार्केट से जुड़े शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। दोपहर एक बजे तक <a href="https://navbharatlive.com/business/share-market-crash-after-budget-2026-sensex-fall-by-2000-points-nifty-decline-1545813.html">बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज</a> (बीएसई) का शेयर 10.50 प्रतिशत, सीडीएसएल का शेयर 5.27 प्रतिशत, ब्रोकरेज फर्म एंजेल वन का शेयर 11 प्रतिशत, ग्रो का शेयर 7.25 प्रतिशत और एचडीएफसी एएमसी का शेयर 3.82 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ।</p>
<p>शेयर बाजार में भी कमजोरी देखी जा रही है। सेंसेक्स 913 अंक या 1.11 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 81,356 और निफ्टी 284 अंक या 1.10 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 25,043 पर था।</p>
<p><strong>(एजेंसी इनपुट के साथ)</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: निर्मला सीतारमण के 9वें बजट में आम आदमी के लिए क्या, जानें क्या हुआ सस्ता और क्या महंगा</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/budget-2026-nirmala-sitharaman-cheaper-costlier-items-list-income-tax-msme-update-1545931.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रिया सिंह]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 07:55:21 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 07:55:21 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[यूटिलिटी]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Income Tax]]></category>
		<category><![CDATA[MSME]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
		<category><![CDATA[Utility News]]></category>
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					<description><![CDATA[Nirmala Sitharaman Presents 9th Budget: बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। कैंसर की दवाएं, मोबाइल और जूते सस्ते हुए हैं, जबकि शराब और ट्रेडिंग महंगी हो गई है।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/budget-2026-1-2_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Budget 2026 Nirmala Sitharaman Cheaper Costlier Items List Income Tax Msme Update"     /></figure><p><strong>Middle Class Tax Relief India:</strong> वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में अपना 9वां केंद्रीय बजट 2026 पेश किया है। यह मोदी सरकार का 15वां और वित्त मंत्री का लगातार नौवां बजट भाषण रहा है। इस बजट में मध्यम वर्ग को टैक्स में राहत और आम जनता की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई बड़े बदलाव किए गए हैं। सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कई नई योजनाओं का ऐलान किया है।</p>
<h3>सस्ती हुई दवाएं</h3>
<p>बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बड़ी राहत देते हुए कैंसर की 17 दवाओं की कीमतों में कमी की गई है। इसके साथ ही शुगर और 7 अन्य गंभीर बीमारियों की दवाएं भी अब बाजार में सस्ती मिलेंगी। सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को आम जनता के लिए अधिक किफायती और सुलभ बनाना है।</p>
<h3>इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल</h3>
<p>नई घोषणाओं के अनुसार अब बाजार में मोबाइल फोन और उनके पार्ट्स की कीमतों में गिरावट देखने को मिलेगी। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बैटरी और माइक्रोवेव ओवन जैसे घरेलू उपकरण भी सस्ते हो गए हैं। तकनीक को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने इन उत्पादों पर टैक्स में राहत दी है।</p>
<h3>रोजमर्रा की चीजें</h3>
<p>आम आदमी के लिए राहत की खबर यह है कि जूते और चमड़े से बने अन्य उत्पाद अब कम दाम पर उपलब्ध होंगे। खेल-कूड के सामान, सोलर पैनल से जुड़ी वस्तुएं और कपड़ों की कीमतों में भी कटौती की गई है। इसके अलावा बायोगैस मिश्रित CNG और बीड़ी की कीमतों को भी बजट में घटाया गया है।</p>
<h3>क्या हुआ महंगा</h3>
<p>कुछ चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी भी की गई है, जिससे शराब पीना अब पहले से अधिक महंगा हो जाएगा। स्क्रैप, खनिज पदार्थ और फ्यूचर ऑप्शन ट्रेडिंग पर भी अब निवेशकों को अधिक खर्च करना पड़ेगा। सरकार ने इन क्षेत्रों में कर संरचना में बदलाव कर राजस्व बढ़ाने का प्रयास किया है।</p>
<h3>इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास</h3>
<p>कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए देश में 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का बड़ा फैसला लिया गया है। साथ ही विभिन्न शहरों के बीच यातायात सुगम करने हेतु 20 नए जलमार्गों की सेवाएं भी शुरू की जाएंगी। बुनियादी ढांचे के विकास के लिए यह बजट एक मजबूत नींव रखने वाला साबित होगा।</p>
<h3>नया इनकम टैक्स</h3>
<p>करदाताओं के लिए सबसे बड़ी खबर यह है कि नया <a href="https://navbharatlive.com/business/income-tax-deduction-in-budget-2026-what-sitharaman-announce-for-middle-class-and-salaried-person-1545795.html">इनकम टैक्स कानून</a> 1 अप्रैल से लागू कर दिया जाएगा। इस नई कर प्रणाली में टैक्सपेयर्स की सहूलियत का खास ख्याल रखा गया है ताकि उन्हें रिटर्न भरने में आसानी हो। मध्यम वर्ग और वेतनभोगी वर्ग के लिए यह एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक सुधार माना जा रहा है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://navbharatlive.com/business/union-budget-2026-avgc-sector-jobs-tax-medicine-infrastructure-development-1545856.html">Budget 2026: युवाओं और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए बड़ी घोषणाएं, गेमिंग सेक्टर में मिलेंगी लाखों नौकरियां</a></strong></p>
<h3>MSME को प्रोत्साहन</h3>
<p>सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (<a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-msmes-sector-european-expansion-gst-relief-trade-resilience-fund-1541945.html">MSME</a>) को चैंपियन बनाने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का भारी निवेश किया जाएगा। इससे छोटे उद्योगों को नई ताकत मिलेगी और रोजगार के कई नए अवसर पैदा होने की संभावना काफी बढ़ जाएगी। यह कदम आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में मील का पत्थर है।</p>
<h3>अन्य महत्वपूर्ण पहल</h3>
<p>छात्राओं की शिक्षा और सुरक्षा के लिए हर शहर में विशेष कार्य कराए जाने की घोषणा भी की गई है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए भी बजट में कई प्रभावी प्रावधान किए गए हैं ताकि कृषि क्षेत्र समृद्ध हो सके। कुल मिलाकर यह बजट विकास और जनकल्याण के बीच एक संतुलन बनाने का प्रयास है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: पिछले साल से कितना अलग है इस बार का बजट? जानें फीस, स्कॉलरशिप और लोन पर क्या हुआ बड़ा बदलाव!</title>
		<link>https://navbharatlive.com/career/education-budget-2026-vs-2025-changes-in-fees-scholarships-and-loans-1545911.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रीति शर्मा]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 07:55:02 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 07:55:02 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[करियर]]></category>
		<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[Budget]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Budget Expecations]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://navbharatlive.com/?p=1545911</guid>

					<description><![CDATA[Education Budget 2026: इस बार शिक्षा क्षेत्र को लेकर कई अहम बदलाव देखने को मिले हैं जो इसे पिछले साल के बजट से अलग बनाते हैं। जिससे छात्रों और अभिभावकों दोनों को राहत मिलने की उम्मीद है।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/budget-ritual-1_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Education Budget 2026 Vs 2025 Changes In Fees Scholarships And Loans"     /></figure><p><strong>Budget 2026 vs 2025:</strong> वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 पेश कर दिया है। इस बार शिक्षा क्षेत्र के लिए उम्मीदें काफी ज्यादा थीं। 2025 की तुलना में इस साल के बजट में न केवल आवंटन में फेरबदल हुआ है बल्कि डिजिटल लर्निंग और रिसर्च पर विशेष जोर दिया गया है।</p>
<h3>कुल बजट आवंटन में इजाफा</h3>
<p>साल 2025 के मुकाबले बजट 2026 में शिक्षा मंत्रालय के लिए आवंटित राशि में करीब 8-10% की वृद्धि देखी गई है। सरकार ने इस बार उच्च शिक्षा के साथ-साथ स्कूली बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए अधिक फंड जारी किया है।</p>
<h3>डिजिटल यूनिवर्सिटी और एआई पर जोर</h3>
<p>2025 में <a href="https://navbharatlive.com/business/india-education-and-skill-development-economic-review-for-twenty-twenty-six-1541967.html">डिजिटल शिक्षा</a> की नींव रखी गई थी लेकिन 2026 में इसे और विस्तार दिया गया है। इस साल बजट का एक बड़ा हिस्सा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कोडिंग को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने के लिए सुरक्षित रखा गया है जो पिछले साल सीमित था।</p>
<h3>हायर एजुकेशन लोन और ब्याज राहत</h3>
<p>पिछले साल की तुलना में इस बार शिक्षा ऋण की प्रक्रियाओं को और सरल बनाया गया है। मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए लोन पर मिलने वाली ब्याज सब्सिडी में बढ़ोतरी की गई है जिससे विदेश में पढ़ाई और महंगे प्रोफेशनल कोर्स करना आसान होगा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:- <a href="https://navbharatlive.com/business/education-budget-2026-6-key-promises-from-university-townships-to-womens-hostels-1545782.html">Budget 2026: यूनिवर्सिटी टाउनशिप से लेकर हर जिले में महिला छात्रावास; शिक्षा क्षेत्र में सरकार के 6 बड़े वादे</a></strong></p>
<h3>पीएम श्री स्कूलों का विस्तार</h3>
<p>2025 में शुरू हुए पीएम श्री स्कूलों के लिए इस बार फंड दोगुना कर दिया गया है। लक्ष्य यह है कि पिछले साल की तुलना में इस साल अधिक सरकारी स्कूलों को &amp;#8216;स्मार्ट क्लासरूम&amp;#8217; और लैब सुविधाओं से लैस किया जाए।</p>
<h3>स्कॉलरशिप और शोध फंड</h3>
<p>शोधार्थियों के लिए नेशनल रिसर्च फाउंडेशन के तहत आवंटन बढ़ाया गया है। 2025 में फेलोशिप की कमी को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए सरकार ने बजट 2026 में पीएचडी और पोस्ट-डॉक्टोरल छात्रों के लिए अतिरिक्त ग्रांट की घोषणा की है।</p>
<h3>वोकेशनल ट्रेनिंग और स्किल इंडिया</h3>
<p>पिछले साल के मुकाबले स्किल इंडिया मिशन 2.0 पर फोकस बढ़ा है। नए बजट में उद्योगों की जरूरत के हिसाब से <a href="https://navbharatlive.com/business/union-budget-2026-six-pillars-economic-growth-nirmala-sitharaman-1545555.html">छात्रों को ट्रेनिंग</a> देने के लिए 500 से अधिक नए स्किलिंग सेंटर खोलने का प्रावधान है जो रोजगार के अवसर बढ़ाएंगे।</p>
<h3>इंफ्रास्ट्रक्चर और नए संस्थान</h3>
<p>2025 में पुराने संस्थानों के रखरखाव पर जोर था, जबकि 2026 के बजट में टियर-2 और टियर-3 शहरों में नए मेडिकल और नर्सिंग कॉलेज खोलने के लिए जमीन और फंड का विशेष आवंटन किया गया है।</p>
<p>कुल मिलाकर बजट 2026 पिछले साल की तुलना में अधिक फ्यूचरिस्टिक नजर आता है। जहां 2025 का बजट रिकवरी पर केंद्रित था वहीं 2026 का शिक्षा बजट तकनीक, पहुंच और गुणवत्ता पर प्रहार करता है।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: वित्त मंत्री ने &amp;#8216;आयुष&amp;#8217; और &amp;#8216;आयुर्वेद&amp;#8217; के लिए खोला खजाना, एलाइड हेल्थ सेक्टर में आएगा बड़ा उछाल!</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/budget-2026-allied-health-professionals-yoga-ayush-expansion-1545933.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रिया जैस]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 07:52:20 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 07:52:20 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[बजट]]></category>
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		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Business News]]></category>
		<category><![CDATA[Health Ministry]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
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					<description><![CDATA[Ayurveda Institutes India Budget 2026: 1 लाख नए एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स और 3 नए आयुर्वेद संस्थानों का ऐलान। पूर्वी भारत को मिलेगा नया NID। जानें योग और आयुष के लिए क्या है खास।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/budget-2026-health-sector-yoga-updates_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Budget 2026 Allied Health Professionals Yoga Ayush Expansion"     /></figure><p><strong>Yoga Global Expansion:</strong> दिल्ली से केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान युवाओं के लिए नए अवसर और योगा व डिजाइन उद्योग के विकास को लेकर कई घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं के लिए कुशल करियर के नए रास्ते बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े स्तर पर फोकस किया जाएगा।</p>
<p>वित्त मंत्री ने बताया कि एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स (एएचपी) के लिए मौजूदा संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा। सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में नए एएचपी संस्थान खोले जाएंगे। यह योजना 10 चयनित विषयों को कवर करेगी, जिनमें ऑप्टोमेट्री, रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया, ओटी टेक्नोलॉजी, एप्लाइड साइकोलॉजी और बिहेवियरल हेल्थ शामिल हैं। अगले पांच वर्षों में इस पहल के तहत एक लाख नए एएचपी तैयार किए जाएंगे।</p>
<h3>तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित</h3>
<p>केंद्रीय वित्त मंत्री <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-services-sector-standing-committee-employment-ai-impact-1545810.html">निर्मला सीतारमण</a> ने कहा, &amp;#8220;प्राचीन भारतीय योग, जिसे दुनिया के कई हिस्सों में पहले से ही सम्मान मिलता है, उसे तब बड़े पैमाने पर ग्लोबल पहचान मिली जब प्रधानमंत्री इसे यूएन ले गए। बढ़ती वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए, कुछ और कदम उठाए जा रहे हैं। तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित किए जाएंगे।&amp;#8221;</p>
<p>उन्होंने कहा, &amp;#8220;सर्टिफिकेशन इकोसिस्टम के उच्च मानकों के लिए आयुष फार्मेसियों और दवा परीक्षण प्रयोगशालाओं को अपग्रेड किया जाएगा और अधिक कुशल कर्मियों को उपलब्ध कराया जाएगा। पारंपरिक चिकित्सा के लिए साक्ष्य-आधारित अनुसंधान, प्रशिक्षण और जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए जामनगर में डब्ल्यूएचओ ग्लोबल ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर को अपग्रेड किया जाएगा।&amp;#8221;</p>
<h3>भारत में बनेगा नया नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन</h3>
<p>डिजाइन सेक्टर को लेकर भी वित्त मंत्री ने बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि भारतीय डिजाइन उद्योग तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन देश में कुशल डिजाइनरों की कमी है। इस कमी को दूर करने के लिए ‘चैलेंज रूट’ के माध्यम से पूर्वी भारत में एक नया नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन स्थापित किया जाएगा, जिससे डिजाइन शिक्षा और विकास को बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें &amp;#8211; <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-himachal-uttarakhand-jk-tourism-farming-benefits-1545854.html">Budget 2026: हिमाचल, उत्तराखंड और कश्मीर की चमकेगी किस्मत, सरकार बनाएगी ‘सस्टेनेबल माउंटेन ट्रेल्स’</a></strong></p>
<p>यह बजट निर्मला सीतारमण का लगातार नौवां बजट है। इसके साथ ही वह पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के 10 बजट पेश करने के रिकॉर्ड के और करीब पहुंच गई हैं। देसाई ने 1959 से 1964 के बीच छह और 1967 से 1969 के बीच चार बजट पेश किए थे। वहीं, पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम और प्रणब मुखर्जी ने अलग-अलग प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल में क्रमशः नौ और आठ बजट पेश किए हैं।</p>
<p><strong>(एजेंसी इनपुट के साथ)</strong></p>
<p><iframe loading="lazy" title="Budget 2026 Sansad TV Lok Sabha Live: Nirmala Sitaraman | NDA | PM Modi Live | Union Budget Live" width="500" height="281" src="https://www.youtube.com/embed/ib90lV3UTDI" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen></iframe></p>
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			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: टियर 2 और टियर 3 शहर बनेंगे &amp;#8216;ग्रोथ सेंटर&amp;#8217;, इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार का फोकस, जानें खास घोषणाएं</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/infrastructure-growth-tier-2-3-cities-special-announcement-budget-2026-1545886.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[अक्षय साहू]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 07:44:03 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 07:44:03 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[बजट]]></category>
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		<category><![CDATA[Infrastructure]]></category>
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		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
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					<description><![CDATA[Budget 2026: निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में टियर-2 और टियर-3 शहरों को 'ग्रोथ सेंटर' बनाने, इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश बढ़ाने और वॉटरवे, फ्रेट कॉरिडोर, कोस्टल शिपिंग योजनाओं की घोषणा की।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/Budget-2026-Infrastructure_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Infrastructure Growth Tier 2 3 Cities Special Announcement Budget 2026"     /></figure><p><span style="font-weight: 400;"><strong>Budget 2026 Infrastructure:</strong> वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को प्रस्तुत अपने यूनियन बजट 2026 में विशेष रूप से 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों को लक्षित करते हुए इंफ्रास्ट्रक्चर को लगातार बढ़ावा देने की योजना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि टियर-2 और टियर-3 शहर अब &amp;#8220;ग्रोथ सेंटर&amp;#8221; बन चुके हैं। वित्त मंत्री रहते हुए यह उनका रिकाॅर्ड नौंवा बजट है। </span></p>
<p><span style="font-weight: 400;">संसद में बजट पेश करते हुए सीतारमण ने बताया कि पब्लिक कैपिटल खर्च FY2014-15 में ₹2 लाख करोड़ से बढ़कर BE2025-26 में ₹11.2 लाख करोड़ हो गया है, और FY2026-27 में इसे ₹12.2 लाख करोड़ तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि विकास की गति बनी रहे।</span></p>
<h3>सरकार का इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र पर जोर</h3>
<p><span style="font-weight: 400;">इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में निजी डेवलपर्स का भरोसा बढ़ाने के लिए उन्होंने लेंडर्स को कैलिब्रेटेड पार्शियल क्रेडिट गारंटी देने वाले एक इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड की घोषणा की। इसके साथ ही CPSEs के रियल एस्टेट एसेट्स की रीसाइक्लिंग को तेज करने के लिए डेडिकेटेड राइट्स बनाने का प्रस्ताव रखा।</span></p>
<h3>डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव</h3>
<p><span style="font-weight: 400;"><a href="https://navbharatlive.com/business/union-budget-2026-six-pillars-economic-growth-nirmala-sitharaman-1545555.html">बजट 2026</a> में निर्मला सीतारमण ने पूर्व से पश्चिम तक कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए दानकुनी को सूरत से जोड़ने वाला डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाने और अगले पांच साल में 20 नए वॉटरवे शुरू करने की योजना भी बताई। इन वॉटरवे के लिए आवश्यक मैनपावर विकसित करने हेतु रीजनल सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस और ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट बनाए जाएंगे, जिससे युवाओं को प्रशिक्षण और स्किल्स सीखने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, वाराणसी और पटना में शिप रिपेयर इकोसिस्टम बनाने की भी घोषणा की गई।</span></p>
<h3>कोस्टल कार्गो प्रमोशन स्कीम</h3>
<p><span style="font-weight: 400;">वित्त मंत्री <a href="https://navbharatlive.com/business/education-budget-2026-6-key-promises-from-university-townships-to-womens-hostels-1545782.html">निर्मला सीतारमण</a> ने 2047 तक इनलैंड वॉटरवे और कोस्टल शिपिंग का हिस्सा 6% से बढ़ाकर 12% करने के लिए कोस्टल कार्गो प्रमोशन स्कीम की घोषणा की। इसका उद्देश्य माल परिवहन को सस्ते और प्रभावी ढंग से बढ़ाना है। साथ ही, लास्ट-माइल कनेक्टिविटी और पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए स्वदेशी सीप्लेन बनाने की योजना पेश की गई।</span></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a title="Share Market: बजट के बाद शेयर बाजार में कोहराम, सेंसेक्स 2000 अंक टूटा, निवेशकों के डूबे लाखों करोड़" href="https://navbharatlive.com/business/share-market-crash-after-budget-2026-sensex-fall-by-2000-points-nifty-decline-1545813.html"> Share Market: बजट के बाद शेयर बाजार में कोहराम, सेंसेक्स 2000 अंक टूटा, निवेशकों के डूबे लाखों करोड़ </a></strong></p>
<p><span style="font-weight: 400;"> उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट की गुणवत्ता और घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए एक नई योजना की भी घोषणा की। इसमें फायरफाइटिंग उपकरण, लिफ्ट, टनल बोरिंग मशीन जैसी उच्च तकनीकी और मूल्यवान मशीनरी शामिल होगी, जिससे निर्माण और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में आत्मनिर्भरता और तकनीकी क्षमता दोनों बढ़ेंगी।</span></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: हिमाचल, उत्तराखंड और कश्मीर की चमकेगी किस्मत, सरकार बनाएगी &amp;#8216;सस्टेनेबल माउंटेन ट्रेल्स&amp;#8217;</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/budget-2026-himachal-uttarakhand-jk-tourism-farming-benefits-1545854.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रिया जैस]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 07:39:06 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 07:40:09 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[देश]]></category>
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					<description><![CDATA[Budget 2026 Hill States: हिमाचल, उत्तराखंड और J&amp;#038;K के लिए विशेष सौगात। अखरोट-काजू की खेती पर जोर और 10,000 टूर गाइड्स को IIM देगा ट्रेनिंग। जानें पूरी योजना।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/budget-2026-hills-tourism-updates_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Budget 2026 Himachal Uttarakhand Jk Tourism Farming Benefits"     /></figure><p><strong>J&amp;K Budget Highlights: </strong>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को पेश किए बजट में किसानों की आय बढ़ाने और पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के क्षेत्र में बड़े कदम उठाने की घोषणा की है। इन प्रस्तावों का मकसद देश के विकास को संतुलित और टिकाऊ बनाना बताया गया है।</p>
<p>सरकार ने तटीय इलाकों के किसानों को उच्च मूल्य वाली फसलों की ओर प्रोत्साहित करने का ऐलान किया है। इसके तहत नारियल, काजू और कोको जैसी फसलों के साथ-साथ पहाड़ी और अन्य क्षेत्रों में अखरोट और पाइन नट्स जैसी मेवों की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी और खेती अधिक लाभकारी बनेगी।</p>
<h3>टूरिजम सेक्टर के लिए बड़ी घोषणा</h3>
<p>वहीं, पर्यटन के क्षेत्र में सरकार ने कई अहम घोषणाएं की हैं। नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी को अपग्रेड कर एक नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी स्थापित किया जाएगा। यह संस्थान शिक्षा जगत, उद्योग और सरकार के साथ मिलकर हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में प्रशिक्षण और मानकों को बेहतर बनाएगा।</p>
<p>इसके अलावा, देश के 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 10,000 टूर गाइड्स को प्रशिक्षित करने के लिए एक पायलट योजना शुरू की जाएगी। यह 12 हफ्ते का मानकीकृत और उच्च गुणवत्ता वाला प्रशिक्षण हाइब्रिड मोड में भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) के सहयोग से दिया जाएगा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें &amp;#8211; <a href="https://navbharatlive.com/business/union-budget-2026-nirmala-sitharaman-atmanirbhar-bharat-highlights-1545702.html">Union Budget 2026: आत्मनिर्भर भारत और युवाशक्ति पर बड़ा दांव, वित्त मंत्री ने बजट में किए ये क्रांतिकारी बदलाव</a></strong></p>
<h3>बनाए जाएंगे टिकाऊ पर्वतीय ट्रेल्स</h3>
<p>सरकार एक राष्ट्रीय डिजिटल डेस्टिनेशन नॉलेज ग्रिड भी बनाएगी, जिसमें देश के सभी सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और विरासत स्थलों को डिजिटल रूप से दर्ज किया जाएगा। पर्यावरण और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और <a href="https://navbharatlive.com/jammu-kashmir/snowstorm-hits-jammu-and-kashmir-watch-the-video-to-see-how-snow-covers-all-the-buildings-1537781.html">जम्मू-कश्मीर</a> में टिकाऊ पर्वतीय ट्रेल्स विकसित किए जाएंगे।</p>
<p>इसके साथ ही पूर्वी घाट के अराकू घाटी और पश्चिमी घाट के पुडिगई मलै में भी ऐसे ट्रेल्स बनाए जाएंगे। वन्यजीव पर्यटन के लिए ओडिशा, कर्नाटक और केरल में कछुआ नेस्टिंग साइट्स पर टर्टल ट्रेल्स और पुलिकट झील के आसपास बर्ड-वॉचिंग ट्रेल्स तैयार किए जाएंगे।</p>
<p><iframe loading="lazy" title="Budget 2026 Sansad TV Lok Sabha Live: Nirmala Sitaraman | NDA | PM Modi Live | Union Budget Live" width="500" height="281" src="https://www.youtube.com/embed/ib90lV3UTDI" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen></iframe></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: युवाओं और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए बड़ी घोषणाएं, गेमिंग सेक्टर में मिलेंगी लाखों नौकरियां</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/union-budget-2026-avgc-sector-jobs-tax-medicine-infrastructure-development-1545856.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रिया सिंह]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 07:38:39 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 07:38:39 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[टेक्नॉलजी]]></category>
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		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
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					<description><![CDATA[Budget 2026 AVGC Sector Growth: बजट 2026 में गेमिंग और एनिमेशन (AVGC) सेक्टर के लिए बड़े ऐलान हुए हैं। 2030 तक 20 लाख नौकरियों का लक्ष्य और 15,000 स्कूलों में नई लैब बनाने की योजना है।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/Budget-2026-1-1_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Union Budget 2026 Avgc Sector Jobs Tax Medicine Infrastructure Development"     /></figure><p><strong>Digital Infrastructure Investment India:</strong> वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश को मजबूती देने के लिए कई बड़े और ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। इस बजट में मुख्य रूप से युवाओं के लिए रोजगार और आधुनिक तकनीकी शिक्षा के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया है। विशेष रूप से गेमिंग और एनिमेशन के क्षेत्र में नए अवसर पैदा करने के लिए सरकार ने एक बहुत ही व्यापक रोडमैप तैयार किया है। साथ ही, स्वास्थ्य सुविधाओं और कर प्रणाली में बड़े सुधार कर आम जनता को भविष्य के लिए बड़ी राहत प्रदान करने का प्रयास किया गया है।</p>
<h3>एवीजीसी सेक्टर में रोजगार</h3>
<p>बजट 2026 में वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि भारत एनिमेशन, गेमिंग, विजुअल इफेक्ट्स और कॉमिक्स (AVGC) के लिए एक बहुत बड़ा और तेजी से बढ़ता बाजार है। इस बढ़ते हुए क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने के लिए साल 2030 तक देश में लगभग 20 लाख कुशल प्रोफेशनल्स की बड़ी आवश्यकता होगी। सरकार का लक्ष्य भारत को इस क्षेत्र में एक ग्लोबल लीडर बनाना है ताकि हमारे देश के प्रतिभावान युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिल सके।</p>
<h3>स्कूलों और कॉलेजों में लैब</h3>
<p><a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/pune/maharashtra-higher-technical-education-workshop-pune-1532132.html">तकनीकी कौशल</a> को बिल्कुल जमीनी स्तर पर विकसित करने के लिए देश के 15 हजार सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में विशेष एवीजीसी लैब खोली जाएंगी। ये आधुनिक लैब मुंबई स्थित &amp;#8216;इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ क्रिएटिंग टेक्नोलॉजी&amp;#8217; (IICT) के सक्रिय सहयोग से स्थापित की जाएंगी ताकि छात्र कंटेंट क्रिएशन सीख सकें। इस पहल से बच्चों के अंदर ग्रासरूट लेवल पर आधुनिक डिजिटल स्किल्स को अपग्रेड करने और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी।</p>
<h3>स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी राहत</h3>
<p>आम जनता की सेहत का विशेष ख्याल रखते हुए सरकार ने कैंसर और शुगर जैसी 7 अत्यंत गंभीर बीमारियों की दवाओं को सस्ता करने का फैसला किया है। वित्त मंत्री ने फार्मा सेक्टर में 10 हजार करोड़ रुपये के नए निवेश की घोषणा की है ताकि देश में ही इलाज और जरूरी दवाएं सस्ती हो सकें। यह कदम उन लाखों परिवारों के लिए एक बहुत बड़ी राहत लेकर आएगा जो लंबे समय से महंगी दवाओं के भारी आर्थिक बोझ तले दबे हुए थे।</p>
<h3>नया टैक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर</h3>
<p>देश में नया <a href="https://navbharatlive.com/business/income-tax-deduction-in-budget-2026-what-sitharaman-announce-for-middle-class-and-salaried-person-1545795.html">इनकम टैक्स</a> कानून 1 अप्रैल 2026 से पूरी तरह प्रभावी होगा जिसमें करदाताओं की सुविधाओं और उनकी जरूरतों का विशेष रूप से ध्यान रखा गया है। इसके साथ ही सरकार ने देश के विभिन्न हिस्सों में 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और 20 नए जलमार्गों के निर्माण का भी एक बड़ा ऐलान बजट में किया है। डिजिटल नेटवर्क को मजबूत बनाने के लिए कुल 12.2 lakh करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया गया है ताकि कनेक्टिविटी बेहतर हो सके।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://navbharatlive.com/business/union-budget-2026-lakhpati-didi-self-help-entrepreneur-marts-women-empowerment-1545786.html">Budget 2026: लखपति दीदी अब बनेंगी बिजनेस वाली दीदी, सरकार खोलेगी खास ‘SHE-MART’</a></strong></p>
<h3>पर्यटन और क्षेत्रीय विकास</h3>
<p>बजट में पर्यटन क्षेत्र को और अधिक बढ़ावा देने के लिए देश भर में 10 हजार नए प्रोफेशनल टूरिस्ट गाइड तैयार करने की एक नई योजना पेश की गई है। इसके अलावा नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में बौद्ध सर्किट विकसित करने और वहां के आर्थिक विकास के लिए बजट में कई विशेष और लाभकारी प्रावधान किए गए हैं। खेल प्रेमियों के लिए भी अच्छी खबर है क्योंकि अब खेलकूद के सामान सस्ते होंगे जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए काफी प्रोत्साहन मिलेगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>Budget 2026: किसानों-महिलाओं से लेकर&amp;#8230;नौकरी पेशा लोगों तक, बजट में निर्मला सीतारमण ने किए ये 10 बड़े ऐलान</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/union-budget-2026-highlights-nirmala-sitharaman-tax-changes-major-schemes-for-farmers-women-salaried-class-full-summary-1545833.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[अभिषेक सिंह]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 07:36:38 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 07:36:38 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[बजट]]></category>
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		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
		<category><![CDATA[Union Budget]]></category>
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					<description><![CDATA[Budget 2026 big Announcement: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार का 15वां और अपना 9वां बजट पेश किया है। इस बजट में सरकार ने हर एक सेक्टर के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/budget-2026-10-major-announcement_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Union Budget 2026 Highlights Nirmala Sitharaman Tax Changes Major Schemes For Farmers Women Salaried Class Full Summary"     /></figure><p><strong>Union Budget 2026-27:</strong> केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार का 15वां और अपना 9वां बजट पेश किया है। इस बजट में सरकार ने हर एक सेक्टर के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं। जिसमें, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, महिलाओं और तकनीकी क्षेत्र के लिए मुख्य घोषणाएं की गई हैं।</p>
<p>केंद्र की मोदी सरकार ने बजट 2026-27 में आगामी वित्त वर्ष के लिए कुल खर्च 53.5 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया है, जो अहम कार्यक्रमों को लगातार सपोर्ट देने और साथ ही फिस्कल कंसोलिडेशन के रास्ते पर चलने को दिखाता है।</p>
<h3>वित्त मंत्री ने बताए मोदी के तीन कर्तव्य</h3>
<p>अपने बजट भाषण के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतरमण ने कहा कि हमारा बजट, तीन कर्तव्यों पर आधारित है। पहला कर्तव्य आर्थिक विकास को गति देना है। दूसरा कर्तव्य लोगों की महत्वाकाक्षाओं को विकसित करना है। और तीसरा कर्तव्य सबका साथ-सबका विकास है।</p>
<h3>अप्रैल से लागू होगी नई आयकर नियमावली</h3>
<p>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कर व्यवस्था को सरल बनाने के लिए नई आयकर नियमावली लागू करने का ऐलान किया है। एक अप्रैल से आयकर अधिनियम 2025 लागू हो जाएगा। इसके साथ ही सीतारमण ने टीडीएस का एक से दो प्रतिशत लगेगा। इससे प्राइवेट नौकरी करने वालों को बड़ी सहूलियत मिलेगी।</p>
<h3>हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का ऐलान</h3>
<p>निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए सात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की है। उन्होंने मुंबई से पुणे, पुणे से हैदराबाद, हैदराबाद से बेंगलुरु, हैदराबाद से चेन्नई, चेन्नई से बेंगुलुर, दिल्ली से वाराणसी, वाराणसी से सिलिगुड़ी कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया है। सरकार का यह ऐलान रेल यात्रा को सुगम बनाने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>
<h3>चार राज्यों में बनेगा &amp;#8216;रेयर अर्थ कॉरिडोर&amp;#8217;</h3>
<p>केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट में चार राज्यों में रेयर अर्थ कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि &amp;#8216;रेयर अर्थ स्थायी चुम्बकों के लिए एक योजना 2025 में शुरू की गई थी। इसी कड़ी में हम खनिज संपन्न राज्यों- ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु को समर्पित &amp;#8216;रेयर-अर्थ कॉरिडोर&amp;#8217; स्थापित करने में सहायता देने का प्रस्ताव करते हैं।</p>
<h3>&amp;#8216;इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0&amp;#8217; की सौगात</h3>
<p>निर्मला सीतारमण ने कहा कि हम &amp;#8216;इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0&amp;#8217; लॉन्च करने जा रहे हैं। इसके अलावा हम तकनीक और कुशल कार्यबल विकसित करने के लिए उद्योग के नेतृत्व वाले अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्रों पर भी ध्यान केंद्रित करेंगे। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि मैं उच्च गुणवत्ता वाले खेल उपकरणों के विनिर्माण और अनुसंधान के लिए एक समर्पित पहल शुरू करने का प्रस्ताव करती हूं।</p>
<h3>AIIMS जैसे बनेंगे 3 आयुर्वेदिक अस्पताल</h3>
<p>मोदी सरकार आयुर्वेद के बढ़ावे पर भी जोर दे रही है। निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान कहा कि एम्स जैसे 3 नए आयुर्वेदिक हॉस्पिटल बनाए जाएंगे। भारत को मेडिकल टूरिज्म बनाने के लिए 5 क्षेत्रीय हब स्थापित करने के लिए राज्यों को सहायता देने का ऐलान किया है। इसके साथ ही पशु चिकित्सा के लिए भी डॉक्टर बनाने और सब्सिडी देने की घोषणा की गई है।</p>
<h3>MSME विकास के लिए 10 हजार करोड़</h3>
<p>केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एमएसमई को बढ़ावा देने के लिए बड़ा ऐलान किया है। बजट 2026-27 में 10 हजार करोड़ रुपये के समर्पित एसएमई विकास निधि की शुरुआत करेगी। इसके साथ ही आत्मनिर्भर भारत कोष में अतिरिक्त 2000 करोड़ रुपये डाले जाएंगे। इतना ही नहीं ट्रेड्स (TReDS) के साथ एमएसएमई के लिए 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि उपलब्धता पेशेवर सहायता दी जाएगी।</p>
<h3>किसानों के लिए किए गए बड़े ऐलान</h3>
<p>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किसानों की आय को बढ़ाने के लिए बजट 2026-27 में कई बड़ी घोषणाएं की हैं। मत्स्य पालकों के लिए 500 अमृत सरोवर, एनिमल हस्बैंड्री एंटरप्रेन्योरशिप को प्रोत्साहन, कोकोनट प्रमोशन स्कीम के साथ-साथ भारतीय काजू और कोकोआ को ग्लोबल ब्रांड बनाने की योजना है।</p>
<h3>कॉर्बन कैप्चर उद्योगों के लिए बड़ी घोषणा</h3>
<p><a href="https://navbharatlive.com/business/union-budget-2026-railway-high-speed-rail-corridors-infrastructure-1545752.html">निर्मला सीतारमण</a> नेकार्बन कैप्चर यूटिलाइजेशन एंड स्टोरेज (CCUS) प्रौद्योगिकियों के विस्तार देने और विभिन्न अंतिम-उपयोग अनुप्रयोगों में जल्द से जल्द हासिल करने के लिए आगामी 5 वर्षों में 20,000 करोड़ रुपये के परिव्यय का प्रस्ताव रखा है। इससे पॉवर, स्टील, सीमेंट, रिफाइनरी और केमिकल उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और इन सेक्टर्स में रोजगार के अवसर खुलेंगे।</p>
<h3>महिलाओं के लिए की गई ये बड़ी घोषणाएं</h3>
<p>महिलाओं के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि सरकार अब महिलाओं के लिए श्री योजना लेकर आएगी। जिसके तहत महिलाओं को आर्थिक विकास में हिस्सेदारी दी जाएगी। केंद्र सरकार की लखपति दीदी योजना पहले से ही जारी है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-what-is-mahatma-gandhi-gram-swaraj-how-will-it-benefit-farmers-1545745.html">Budget 2026: क्या है महात्मा गांधी ग्राम स्वराज, जिसका निर्मला सीतारमण ने किया जिक्र? किसानों को होगा फायदा</a></strong></p>
<h3>दिव्यागों के लिए दो योजनाओं का ऐलान</h3>
<p>निर्मला सीतरमण ने बजट 2026-27 में दिव्यांगजनों के लिए दो बड़ी योजनाओं का ऐलान किया है। पहली दिव्यांग कौशल योजना के तहत दिव्यांग समूह को उद्योग अनुकूल और विशिष्ट प्रशिक्षण के माध्यम से सम्मान से जीवन जीने के अवसरों को सुनिश्चित करना है। इसक दूसरी दिव्यांग सहारा योजना की घोषणा भी हुई। इसका उद्देश्य अनुसंधान एवं विकास में निवेश और एआई से एकीकरण के लिए मदद करना है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: आम आदमी के लिए नए टैक्स नियम से क्या बदलेगा? 10 प्वाइंट्स में समझें पूरी बात</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/budget-2026-what-will-change-for-common-man-with-the-new-tax-rules-complete-picture-in-10-points-1545830.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[अर्पित शुक्ला]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 07:36:19 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 07:36:19 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Latest News]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
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					<description><![CDATA[Tax Slab Budget: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट भाषण के दौरान घोषणा की कि नया इनकम टैक्स नियम 1 अप्रैल से लागू होगा।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/income-tax-slab_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Budget 2026 What Will Change For Common Man With The New Tax Rules Complete Picture In 10 Points"     /></figure><p><strong>Budget 2026 Tax Regime Changes: </strong>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, मैं छोटे करदाताओं के लिए एक नई योजना का प्रस्ताव रखती हूं, जिसके तहत नियम-आधारित स्वचालित प्रणाली के जरिए कम या शून्य टीडीएस कटौती का सर्टिफिकेट हासिल किया जा सकेगा। इसके लिए अब करदाताओं को असेसिंग ऑफिसर के पास आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी।</p>
<p>उन्होंने कहा, टैक्सपेयर्स की सहूलियत बढ़ाने के लिए, जिन निवेशकों के पास कई कंपनियों की सिक्योरिटीज हैं, उनके मामले में डिपॉजिटरीज़ को यह अनुमति देने का प्रस्ताव है कि वे Form 15G या Form 15H निवेशकों से स्वीकार कर सीधे संबंधित कंपनियों तक भेज सकें। आइए 10 प्वाइंट्स में समझते हैं आम आदमी के लिए क्या कुछ बदलेगा&amp;#8230;</p>
<h3>आम आदमी के लिए टैक्स में क्या बदलेगा?</h3>
<ul>
<li>नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल से लागू हो जाएगा।</li>
<li>जुलाई 2024 में लाए गए आयकर अधिनियम की समीक्षा पूरी हो चुकी है, नियमावली जल्द जारी होगी और फॉर्म पहले से ज्यादा आसान होंगे।</li>
<li>विदेश यात्रा पर टीसीएस घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया जाएगा।</li>
<li>टैक्स रिटर्न दाखिल करने के लिए ज्यादा समय मिलेगा, अब 31 मार्च तक रिटर्न फाइल किया जा सकेगा।</li>
<li>स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए टीसीएस 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत किया गया है।</li>
<li>एनआरआई को भारत में संपत्ति खरीदने या बेचने पर टीडीएस देना होगा।</li>
<li>हालांकि, एनआरआई को संपत्ति बेचने के लिए अब TAN लेने की जरूरत नहीं होगी।</li>
<li>Non‑audit business cases और Trusts के लिए रिटर्न फाइल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त होगी।</li>
<li>शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए TCS रेट घटाया गया. यह 5% से घटाकर 2% किया जाएगा।</li>
<li>रिटर्न संशोधन (Revised Returns) का समय बढ़ाया गया. नाममात्र फीस देकर रिवाइज रिटर्न फाइल करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।</li>
</ul>
<p><strong>यह भी पढ़ें- <a title="वित्त मंत्री ने किया ऐतिहासिक कमेटी का ऐलान, कैसा होगा देश में AI का भविष्य…छिनेगी नौकरी या देगा नया मौका" href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-services-sector-standing-committee-employment-ai-impact-1545810.html"> वित्त मंत्री ने किया ऐतिहासिक कमेटी का ऐलान, कैसा होगा देश में AI का भविष्य…छिनेगी नौकरी या देगा नया मौका </a></strong></p>
<p>बजट 2026 में टैक्‍सपेयर्स को<a href="https://navbharatlive.com/business/income-tax-deduction-in-budget-2026-what-sitharaman-announce-for-middle-class-and-salaried-person-1545795.html"> इनकम टैक्‍स स्‍लैब</a> के मोर्चे पर कोई राहत नहीं मिली है। इस बार इनकम टैक्स स्लैब में वित्त मंत्री ने कोई भी बदलाव नहीं किया है. यानी कि अगला बदलाव होने तक पुरानी व्‍यवस्‍था लागू रहेगी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: बजट के बाद शेयर बाजार में कोहराम, सेंसेक्स 2000 अंक टूटा, निवेशकों के डूबे लाखों करोड़</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/share-market-crash-after-budget-2026-sensex-fall-by-2000-points-nifty-decline-1545813.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[मनोज आर्या]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 07:24:59 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 10:06:08 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Business News]]></category>
		<category><![CDATA[Share Market]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://navbharatlive.com/?p=1545813</guid>

					<description><![CDATA[Share Market: बजट 2026 के मौके पर स्पेशल ट्रेडिंग सेशन के दौरान शेयर मार्केट में बड़ी देखने को मिल रही है। जहां बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। ]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/01/share-market-crash-2_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Share Market Crash After Budget 2026 Sensex Fall By 2000 Points Nifty Decline"     /></figure><p><strong>Budget 2026 Effect:</strong> यूनियन बजट 2026 के मौके पर विशेष ट्रेडिंग के दौरान भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। निफ्टी 50 इंडेक्स 25,333.75 पर खुला, जिसमें 13.10 अंकों या 0.05 परसेंट की मामूली बढ़त दर्ज की गई। जबकि BSE सेंसेक्स 82,445.97 पर खुला, जो 176.19 अंकों या 0.21 परसेंट ऊपर था। हालांकि, बजट पेश होने के बाद शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखी गई। सेंसेक्स में 2000 अंकों की बड़ी गिरावट आई। इससे शेयर बाजार में अफरा-तफरी का माहौल है।</p>
<p>अपने बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-nri-investment-limit-hike-stock-market-access-1546173.html">निर्मला सीतारमण</a> ने कहा कि फ्यूचर ट्रेड पर STT को 0.02 परसेंट से बढ़ाकर 0.05 परसेंट किया जाएगा। इसके अलावा, FM ने ऑप्शंस प्रीमियम पर STT को 0.1 परसेंट से बढ़ाकर 0.15 परसेंट करने का प्रस्ताव दिया। इसका शेयर बाजार पर बुरा असर पड़ा। ब्रॉडर मार्केट भी निचले स्तर पर ट्रेड करते दिखे। निफ्टी मिडकैप 100 में 2.7 परसेंट की गिरावट आई और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 3.4 परसेंट की गिरावट दर्ज की गई है।</p>
<h3>बजट भाषण के बीच धड़ाम हुआ निफ्टी-सेंसेक्स</h3>
<p>शेयर बाजार में 12:15 के आसपास तेज गिरावट लौटती दिखाई दी। बजट भाषण के बीच ही सेंसेक्स 800 अंकों से ज्यादा गिरकर 81,420 के लेवल पर पहुंच गया था। इंडेक्स अपने डे हाई से 1200 अंकों से ज्यादा के नुकसान पर था। वहीं, निफ्टी 300 अंक गिरकर 25,018 के पास पहुंच गया था। बैंक निफ्टी में भी 700 अंकों से ज्यादा की गिरावट थी। इंडेक्स अपने इंट्राडे हाई से 900 अंकों से ज्यादा नीचे था। हालांकि, कुछ देर बाद ही मार्केट पूरी तरह से क्रैश हो गया।</p>
<h3><strong>फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर STT बढ़ा</strong></h3>
<p>Securities Transaction Tax (STT) भारत में मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज पर होने वाले हर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन पर लगाया जाने वाला टैक्स है। जब कोई निवेशक शेयर, फ्यूचर्स या ऑप्शंस में ट्रेड करता है, तो उस सौदे की वैल्यू पर STT देना पड़ता है। STT की दर अलग-अलग इंस्ट्रूमेंट्स पर अलग होती है। इक्विटी शेयर में खरीद और बिक्री दोनों पर करीब 0.1% टैक्स लगता है।</p>
<p>वहीं, फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर यह दर कम होकर करीब 0.02% होती है। ऑप्शन ट्रेडिंग में आमतौर पर प्रीमियम वैल्यू पर करीब 0.1% STT लगाया जाता है। इस टैक्स का मकसद शेयर बाजार में होने वाले ट्रांजैक्शन पर सरकार को रेवेन्यू देना और ट्रेडिंग को ट्रैक करना होता है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-nirmala-sitharaman-cheaper-costlier-items-list-income-tax-msme-update-1545931.html">Budget 2026: निर्मला सीतारमण के 9वें बजट में आम आदमी के लिए क्या, जानें क्या हुआ सस्ता और क्या महंगा</a></strong></p>
<h3>एक झटके में निवेशकों का 8 लाख करोड़ स्वाहा</h3>
<p><a href="https://navbharatlive.com/business/stock-market-budget-2026-sunday-trading-sensex-nifty-live-updates-metal-defense-stocks-1545466.html">शेयर बाजार </a>में एकदम से बढ़ी इस गिरावट का असर निवेशकों की संपत्ति पर भी देखने को मिला है। उन्हें हुए नुकसान का अनुमान MSE Market Cap Data को देखकर लगाया जा सकता है। दरअसल, बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन में बड़ी गिरावट आई है। बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को बीएसई मार्केट कैप 460 लाख करोड़ रुपये था, जो आज 8 लाख करोड़ रुपये घटकर 52 लाख करोड़ रुपये पर आ गया है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: लखपति दीदी अब बनेंगी बिजनेस वाली दीदी, सरकार खोलेगी खास &amp;#8216;SHE-MART&amp;#8217;</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/union-budget-2026-lakhpati-didi-self-help-entrepreneur-marts-women-empowerment-1545786.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रिया सिंह]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 07:20:14 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 07:30:19 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Budget News]]></category>
		<category><![CDATA[Union Budget]]></category>
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					<description><![CDATA[Women Entrepreneurship Marts: बजट 2026 में लखपति दीदी योजना के विस्तार का ऐलान हुआ है। अब महिलाओं के लिए 'SHE-MART' खुलेंगे, जिससे वे सीधे उत्पाद बेचकर बड़ी बिजनेस लीडर बन सकेंगी।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/Budget-2025-This-time-the-budget-will-be-special-for-women_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Union Budget 2026 Lakhpati Didi Self Help Entrepreneur Marts Women Empowerment"     /></figure><p><strong>Union Budget 2026 Women Empowerment:</strong> बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने महिलाओं के लिए केंद्रीय बजट 2026 महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा क्रांतिकारी कदम उठाया है। लखपति दीदी योजना की सफलता के बाद अब उन्हें &amp;#8216;बिजनेस वाली दीदी&amp;#8217; बनाने का लक्ष्य रखा गया है ताकि वे छोटे काम से बाहर निकल सकें। इसके लिए देशभर में विशेष &amp;#8216;सेल्फ-हेल्प एंटरप्रेन्योर मार्ट्स&amp;#8217; की स्थापना की जाएगी जो महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूती प्रदान करेंगे। यह पहल स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को सीधे मुख्यधारा की उद्यमिता से जोड़कर उन्हें सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास है।</p>
<h3>नई योजना का आगाज</h3>
<p>सरकार ने महिलाओं को छोटे रोजगार से निकालकर बड़े व्यवसायी बनाने के लिए अब एक विस्तृत मास्टरप्लान तैयार कर लिया है। अब स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को न केवल आर्थिक सहायता दी जाएगी बल्कि उनके उत्पादों के लिए नया बाजार भी मिलेगा। वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि महिलाओं को अब उद्यमिता की मुख्यधारा में शामिल कर उन्हें भविष्य का व्यावसायिक लीडर बनाया जाएगा।</p>
<h3>एंटरप्रेन्योर मार्ट्स की भूमिका</h3>
<p>सेल्फ-हेल्प एंटरप्रेन्योर मार्ट्स आधुनिक रिटेल स्टोर होंगे जो विशेष क्लस्टर स्तर के फेडरेशन के माध्यम से संचालित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर महिलाएं अपने हाथों से तैयार अचार, पापड़ और हस्तशिल्प जैसे सामान सीधे ग्राहकों को आसानी से बेच सकेंगी। इस नई व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह खत्म होगी और सारा मुनाफा सीधे काम करने वाली ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा।</p>
<h3>आसान वित्तीय सहायता</h3>
<p>महिलाओं को अपना <a href="https://navbharatlive.com/business/business-ideas-for-women-enterprenuers-under-rs-10000-1067661.html">बिजनेस बढ़ाने</a> के लिए आसान शर्तों पर लोन और नवाचारी वित्तपोषण की विशेष वित्तीय सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इसके तहत क्रेडिट-लिंक्ड सपोर्ट के माध्यम से बैंकों से जोड़कर महिलाओं को जरूरी पूंजी उपलब्ध कराने का बड़ा लक्ष्य रखा गया है। यह कदम महिलाओं को केवल आजीविका चलाने के बजाय उन्हें सक्षम बिजनेस लीडर और अपना ब्रांड निर्माता बनाने के लिए है।</p>
<h3>तकनीकी और डिजिटल मदद</h3>
<p>आने वाले समय में इन मार्ट्स को <a href="https://navbharatlive.com/india/india-will-conduct-its-first-digital-census-2027-know-benefits-and-challenges-1458120.html">डिजिटल तकनीक</a> से जोड़ा जाएगा ताकि महिलाएं घर बैठे ऑनलाइन ऑर्डर भी प्राप्त कर सकें। इसके लिए उन्हें विशेष ट्रेनिंग और संसाधन दिए जाएंगे ताकि वे अपना खुद का एक बड़ा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ब्रांड बना सकें। यह तकनीकी समावेश भविष्य में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं के बीच की आर्थिक दूरी को कम करने में सहायक होगा।</p>
<h3>स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा</h3>
<p>यह पहल &amp;#8216;लोकल फॉर वोकल&amp;#8217; अभियान को मजबूती देगी और क्षेत्रीय कारीगरी को एक बहुत बड़ा मंच और नई पहचान प्रदान करेगी। जब महिलाएं खुद का बिजनेस चलाएंगी तो समाज में उनकी निर्णय लेने की क्षमता और उनका सम्मान बहुत अधिक बढ़ जाएगा। सरकार का यह कदम भविष्य में भारत को एक सुपर इकॉनमी बनाने की दिशा में बहुत बड़ा और ठोस फैसला साबित होगा।</p>
<h3>बजट के अन्य खास ऐलान</h3>
<p>बजट 2026 में केवल महिलाओं ही नहीं बल्कि मिडिल क्लास और किसानों के लिए भी कई अन्य बड़े राहत भरे ऐलान हुए हैं। शिक्षा और मेडिकल के लिए TCS दर को 5% से घटाकर केवल 2% करने का एक बहुत ही महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इसके अलावा कैंसर की दवाएं सस्ती होंगी और 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर 10 हजार करोड़ खर्च होंगे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-what-is-mahatma-gandhi-gram-swaraj-how-will-it-benefit-farmers-1545745.html">Budget 2026: क्या है महात्मा गांधी ग्राम स्वराज, जिसका निर्मला सीतारमण ने किया जिक्र? किसानों को होगा फायदा</a></strong></p>
<h3>भविष्य का आर्थिक रोडमैप</h3>
<p>वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि 1 अप्रैल 2026 से नया इनकम टैक्स सिस्टम लागू होगा जो छोटे करदाताओं को बड़ी राहत देगा। साथ ही बायो फार्मा और सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए भी 40 हजार करोड़ रुपये तक के भारी निवेश की योजना बनाई गई है। महिलाओं के लिए बनाई गई यह नई योजना इन्हीं बड़े आर्थिक सुधारों का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभावी हिस्सा है।</p>
<p><iframe loading="lazy" title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/ml0Lm1Oll_o" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
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			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: वित्त मंत्री ने किया ऐलान, कैसा होगा देश में AI का भविष्य… छिनेगी नौकरी या देगा नया मौका</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/budget-2026-services-sector-standing-committee-employment-ai-impact-1545810.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रिया जैस]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 07:19:33 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 07:34:14 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Business News]]></category>
		<category><![CDATA[Union Budget]]></category>
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					<description><![CDATA[Services Sector Global Leader Budget 2026: सर्विसेज सेक्टर को ग्लोबल लीडर बनाने के लिए बनेगी उच्चस्तरीय कमेटी। AI और कौशल विकास पर जोर। जानें विकसित भारत 2047 का पूरा रोडमैप।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/budget-2026-ai-job-updates_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Budget 2026 Services Sector Standing Committee Employment Ai Impact"     /></figure><p><strong>Education-to-Employment Committee: </strong>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट भाषण में कहा कि देश के सर्विसेज सेक्टर को मजबूत करने के लिए उच्च स्तरीय एजुकेशन-टू-एम्प्लॉयमेंट एंटरप्राइजेज स्टैंडिंग कमेटी का गठन किया जाएगा। यह कमेटी विकास, रोजगार सृजन और निर्यात के अवसरों की उच्च क्षमता वाले क्षेत्रों की पहचान करने पर ध्यान केंद्रित करेगी, जिसका उद्देश्य भारत को सर्विसेज क्षेत्र में ग्लोबल लीडर बनाना है।</p>
<p>वित्त मंत्री ने बजट भाषण के दौरान कहा कि हमारी सरकार ने युवा भारत की आकांक्षाओं को पूरा करने का मार्ग प्रशस्त करने के लिए सर्विसेज क्षेत्र पर नए सिरे से जोर देने का निर्णय लिया है, जिसके लिए कई उपाय करने का फैसला किया है।</p>
<h3>एजुकेशन-टू-एम्प्लॉयमेंट एंटरप्राइजेज स्टैंडिंग कमेटी</h3>
<p>उन्होंने भाषण में कहा कि मैं उच्च स्तरीय एजुकेशन-टू-एम्प्लॉयमेंट एंटरप्राइजेज स्टैंडिंग कमेटी के गठन का प्रस्ताव करती हूं, जो विकसित भारत के मुख्य चालक के रूप में सर्विसेज क्षेत्र पर केंद्रित उपायों की सिफारिश करेगी।</p>
<p>कमेटी विकास, रोजगार और निर्यात की संभावनाओं को अधिकतम करने के लिए क्षेत्रों को प्राथमिकता देगी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सहित उभरती टेक्नोलॉजी के रोजगार और कौशल आवश्यकताओं पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन करेंगी और इसके लिए उपाय प्रस्तावित करेंगी।</p>
<h3>12.2 लाख करोड़ रुपए का ऐलान</h3>
<p>दूसरी तरफ सरकार का फोकस इन्फ्रास्ट्रक्चर पर भी है। वित्त मंत्री <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-what-became-cheaper-and-what-became-more-expensive-1545678.html">निर्मला सीतारमण</a> ने बजट में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत खर्च बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपए करने का ऐलान किया है। इसके जरिए सरकार की कोशिश बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर फोकस कर देश में विकास दर और रोजगार को बढ़ाना है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें &amp;#8211; <a href="https://navbharatlive.com/business/union-budget-2026-railway-high-speed-rail-corridors-infrastructure-1545752.html">Budget 2026: रेलवे में आएगी ‘बुलेट’ की रफ्तार, दिल्ली से सिलीगुड़ी तक बनेंगे 7 हाई-स्पीड कॉरिडोर!</a></strong></p>
<p>बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि बड़ी परियोजनाओं के विकास में तेजी लाने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर रिस्क डेवलपमेंट फंड की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास को गति देने के लिए बजट में राजमार्गों, बंदरगाहों, रेलवे और बिजली परियोजनाओं सहित इन्फ्रास्ट्रक्चर को सशक्त प्रोत्साहन देने, 7 रणनीतिक क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और तेजी से लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को सृजित करने का प्रस्ताव है।</p>
<p><strong>(एजेंसी इनपुट के साथ)</strong></p>
<p><iframe loading="lazy" title="Budget 2026 Sansad TV Lok Sabha Live: Nirmala Sitaraman | NDA | PM Modi Live | Union Budget Live" width="500" height="281" src="https://www.youtube.com/embed/ib90lV3UTDI" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen></iframe></p>
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			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: यूनिवर्सिटी टाउनशिप से लेकर हर जिले में महिला छात्रावास; शिक्षा क्षेत्र में सरकार के 6 बड़े वादे</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/education-budget-2026-6-key-promises-from-university-townships-to-womens-hostels-1545782.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[अक्षय साहू]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 07:09:49 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 07:32:46 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[करियर]]></category>
		<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Indian Education]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
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					<description><![CDATA[Union Budget 2026: बजट में महिला शिक्षा, सुरक्षित छात्रावास, विश्वविद्यालय टाउनशिप, नए डिजाइन संस्थान, कौशल विकास और एवीजीसी सेक्टर को बढ़ावा देकर रोजगार व प्रतिस्पर्धा मजबूत करने पर जोर दिया गया।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/Education-Budget-2026_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Education Budget 2026 6 Key Promises From University Townships To Womens Hostels"     /></figure><p><strong>Education Budget 2026: </strong><span style="font-weight: 400;">आज पेश किए गए बजट में शिक्षा, रोजगार और डिजाइन सेक्टर को नई दिशा देने वाली कई अहम घोषणाएं की गईं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में ऐसी योजनाओं पर जोर दिया, जो छात्राओं की सुरक्षा, उच्च शिक्षा संस्थानों के समग्र विकास और डिजाइन व क्रिएटिव इंडस्ट्री की बढ़ती जरूरतों से सीधे तौर पर जुड़ी हैं।</span></p>
<h3>देश के हर जिले में महिला छात्रावास</h3>
<p><span style="font-weight: 400;">वित्त मंत्री ने महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से देश के हर जिले में महिला छात्रावास स्थापित करने की घोषणा की है। इसका लक्ष्य दूर-दराज के क्षेत्रों से पढ़ाई के लिए आने वाली छात्राओं को सुरक्षित, सुलभ और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है, ताकि आर्थिक या सामाजिक कारणों से उनकी शिक्षा बाधित न हो और उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी और मजबूत हो सके।</span></p>
<h3>विश्वविद्यालयों में आधुनिक टाउनशिप की योजना</h3>
<p><span style="font-weight: 400;">उच्च शिक्षा संस्थानों को केवल पढ़ाई तक सीमित न रखते हुए उन्हें समग्र शैक्षणिक शहर के रूप में विकसित करने के लिए विश्वविद्यालयों में टाउनशिप स्थापित करने का ऐलान किया गया है। इन टाउनशिप में आवास, शोध सुविधाएं, स्टार्टअप स्पेस, स्वास्थ्य सेवाएं और सांस्कृतिक ढांचा शामिल होगा, जिससे छात्रों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं को बेहतर और जीवंत शैक्षणिक वातावरण मिल सके।</span></p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">Union Finance Minister <a href="https://twitter.com/nsitharaman">@nsitharaman</a> proposed multiple steps in towards setting up new institutes, University townships, girls hostel and telescope infrastructure facilities in <a href="https://twitter.com/hashtag/investment">#investment</a> in higher education sector<a href="https://twitter.com/hashtag/ViksitBharatBudget">#ViksitBharatBudget</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/Budget2026">#Budget2026</a> <a href="https://t.co/fESnKcKGii">pic.twitter.com/fESnKcKGii</a></p>
<p>— PIB India (@PIB_India) <a href="https://twitter.com/PIB_India/status/2017846130089070791">February 1, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h3><b>डिजाइन सेक्टर को मजबूती</b></h3>
<p><a href="https://navbharatlive.com/technology/budget-2026-medicines-to-chips-new-opportunities-emerge-biopharma-manufacturing-hub-and-the-launch-of-ism-20-1545603.html">बजट 2026</a> में <span style="font-weight: 400;">डिजाइन उद्योग में बढ़ती मांग और कुशल प्रतिभाओं की कमी को देखते हुए सरकार ने नए राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है। निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार का मानना है कि इससे भारतीय डिजाइन उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने, नवाचार को बढ़ावा देने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने में मदद मिलेगी।</span></p>
<h3>भविष्य की अर्थव्यवस्था से जुड़ी शिक्षा पहल</h3>
<p><span style="font-weight: 400;">बजट में शिक्षा और कौशल विकास को भविष्य की अर्थव्यवस्था से जोड़ने के लिए उच्च शक्ति शिक्षा उपक्रम की भी घोषणा की गई है। यह पहल सेवा क्षेत्र को सशक्त बनाने पर केंद्रित होगी, जिसमें विकास, रोजगार और निर्यात पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण और आधुनिक कौशल विकास को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि भारतीय कार्यबल वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सके।</span></p>
<h3>कुशल करियर पाथवे उपक्रम</h3>
<p><span style="font-weight: 400;">इसके अलावा बजट में कुशल करियर पाथवे उपक्रम का भी ऐलान किया गया है, जिसके तहत स्वास्थ्य, शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी विभागों और निजी क्षेत्र में स्पष्ट व संरचित करियर मार्ग विकसित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य युवाओं को पढ़ाई के साथ उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण प्रदान करना है, ताकि शिक्षा और रोजगार के बीच की खाई को प्रभावी ढंग से पाटा जा सके।</span></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a title="Budget 2026: क्या है महात्मा गांधी ग्राम स्वराज, जिसका निर्मला सीतारमण ने किया जिक्र" href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-what-is-mahatma-gandhi-gram-swaraj-how-will-it-benefit-farmers-1545745.html"> Budget 2026: क्या है महात्मा गांधी ग्राम स्वराज, जिसका निर्मला सीतारमण ने किया जिक्र? किसानों को होगा फायदा </a></strong></p>
<h3>एवीजीसी सेक्टर पर खास फोकस</h3>
<p><span style="font-weight: 400;"><a href="https://navbharatlive.com/sports/sports-gets-major-push-khelo-india-mission-proposed-for-10-years-1545719.html">वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण</a> ने एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) सेक्टर की तेजी से बढ़ती भूमिका को रेखांकित करते हुए बताया कि यह उद्योग 2030 तक करीब 20 लाख पेशेवरों की मांग पैदा करेगा। इस क्षेत्र को मजबूती देने के लिए सरकार इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी को समर्थन देगी, जिससे युवाओं को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक और रचनात्मक कौशल विकसित करने के अवसर मिलेंगे और भारत वैश्विक AVGC हब के रूप में अपनी पहचान और मजबूत कर सकेगा।</span></p>
<p><iframe loading="lazy" title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/RgZ7MlMZS_k" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
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			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026 : हादसे में इलाज पर खर्च तो नहीं लगेगा टैक्‍स, 1 अप्रैल से लागू होंगे इनकम टैक्‍स के नए नियम</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/income-tax-deduction-in-budget-2026-what-sitharaman-announce-for-middle-class-and-salaried-person-1545795.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[अर्पित शुक्ला]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 07:04:49 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 07:32:23 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Income Tax]]></category>
		<category><![CDATA[Latest News]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://navbharatlive.com/?p=1545795</guid>

					<description><![CDATA[Income Tax Rules Change: वित्‍तमंत्री ने बजट 2026 में इनकम टैक्‍स छूट को लेकर फिर बड़े ऐलान किए हैं। उन्‍होंने कहा कि नया इनकम टैक्‍स नियम 1 अप्रैल से लागू होग जाएगा।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/new-tax-slab_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Income Tax Deduction In Budget 2026 What Sitharaman Announce For Middle Class And Salaried Person"     /></figure><p><strong>Union Budget 2026 Tax Slab Changes:</strong> वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट भाषण के दौरान घोषणा की कि नया इनकम टैक्स नियम 1 अप्रैल से लागू होगा। उन्होंने बताया कि सड़क हादसों में घायलों के इलाज पर होने वाला पूरा खर्च अब टैक्स फ्री होगा। इनकम टैक्स नियमों में बदलाव के साथ ही सभी आईटीआर फॉर्म को भी नए सिरे से तैयार किया जा रहा है।</p>
<p>वित्त मंत्री ने कहा कि नए टैक्स नियमों के तहत सभी आयकर रिटर्न (ITR) फॉर्म में संशोधन किया जाएगा और इन्हें जल्द ही अधिसूचित किया जाएगा। 1 अप्रैल से नया इनकम टैक्स बिल प्रभाव में आएगा, जिसके साथ सड़क दुर्घटना में घायलों के इलाज पर किया गया खर्च पूरी तरह कर-मुक्त हो जाएगा।</p>
<h3>टूर पैकेज पर TCS का बोझ हुआ हल्का</h3>
<p>पिछले कुछ समय से विदेशी यात्राओं पर ऊंचे टीसीएस को लेकर ट्रैवल इंडस्ट्री और आम यात्रियों में चिंता बनी हुई थी। तय सीमा पार करने पर 20% तक टैक्स कटने से लोगों की वर्किंग कैपिटल फंस जाती थी, जिसे बाद में रिफंड के जरिए वापस पाना पड़ता था। अब सरकार ने इसे घटाकर 2% कर दिया है। इसका सीधा फायदा यह होगा कि यात्रियों की नकदी पर दबाव कम पड़ेगा और विदेशी यात्रा का कुल बजट भी ज्यादा संतुलित रहेगा। इस फैसले से व्यक्तिगत पर्यटकों के साथ-साथ भारत की आउटबाउंड टूरिज्म इंडस्ट्री को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।</p>
<h3>विदेशी शिक्षा के लिए रेमिटेंस में भी बड़ी राहत</h3>
<p>सरकार ने <a href="https://navbharatlive.com/business/union-budget-2026-six-pillars-economic-growth-nirmala-sitharaman-1545555.html">बजट 2026</a> में शिक्षा के उद्देश्य से एलआरएस (LRS) के तहत किए जाने वाले रेमिटेंस नियमों में भी ढील दी है। विदेश में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों के लिए फंड ट्रांसफर पहले एक बड़ी चुनौती था, क्योंकि उस पर लगने वाला टैक्स परिवारों की बचत पर असर डालता था। अब टीडीएस दरों में कटौती से बैंक ट्रांजेक्शन पर टैक्स का बोझ कम होगा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- <a title="Budget 2026: मेडिकल टूरिज्म से विरासत संरक्षण तक, पर्यटन को मिलेगा नया विस्तार" href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-tourism-medical-heritage-connectivity-plan-india-1545778.html"> Budget 2026: मेडिकल टूरिज्म से विरासत संरक्षण तक, पर्यटन को मिलेगा नया विस्तार </a></strong></p>
<p>यह राहत उन छात्रों और परिवारों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है, जो आने वाले शैक्षणिक सत्र के लिए विदेश जाने की तैयारी कर रहे हैं या पहले से ही विदेश में पढ़ाई कर रहे हैं।</p>
<p><iframe loading="lazy" title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/RgZ7MlMZS_k" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
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			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: राष्ट्रपति की दही-चीनी रस्म के पीछे क्या है राज? सिर्फ परंपरा नहीं, ये है वजह</title>
		<link>https://navbharatlive.com/india/budget-2026-president-ritual-curd-sugar-significance-science-behind-it-1545733.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रीति शर्मा]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 06:57:55 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 06:57:55 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[लाइफस्टाइल]]></category>
		<category><![CDATA[हेल्थ]]></category>
		<category><![CDATA[Budget]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://navbharatlive.com/?p=1545733</guid>

					<description><![CDATA[Budget Ritual: यूनियन बजट से पहले राष्ट्रपति की दही-चीनी रस्म सिर्फ एक औपचारिक परंपरा नहीं, बल्कि शुभता और सकारात्मक शुरुआत का प्रतीक मानी जाती है। भारतीय संस्कृति में दही-चीनी को शुभ माना जाता है।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/budget-ritual_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Budget 2026 President Ritual Curd Sugar Significance Science Behind It"     /></figure><p><strong>Budget 2026 Curd Sugar Ritual:</strong> केंद्रीय बजट 2026 पेश करने से पहले राष्ट्रपति भवन में एक बेहद खास और पारंपरिक दृश्य दिखाई दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और उनकी टीम का मुंह मीठा कराकर दही-चीनी का शगुन किया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सदियों पुरानी यह परंपरा सिर्फ एक अंधविश्वास नहीं बल्कि विज्ञान और आयुर्वेद का एक सटीक मेल है।</p>
<p>रविवार को आम बजट पेश करने की औपचारिक शुरुआत से पहले <a href="https://navbharatlive.com/business/nirmala-sitharaman-handed-over-the-budget-copy-to-the-president-1545397.html">राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू</a> ने राष्ट्रपति भवन में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों की मेजबानी की। राष्ट्रपति ने पूरी टीम को पारंपरिक तरीके से दही-चीनी खिलाकर बड़ी जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। यह रस्म न केवल सफलता की कामना है बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का भी प्रतीक मानी जाती है।</p>
<h3>बजट और दही-चीनी का विज्ञान</h3>
<p>आमतौर पर हम इसे घर की बुजुर्ग महिलाओं का नुस्खा मानते हैं लेकिन इसके पीछे ठोस वैज्ञानिक तर्क है। बजट पेश करना एक बेहद तनावपूर्ण और लंबी प्रक्रिया है। दही प्रोबायोटिक्स से भरपूर होता है जो पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और <a href="https://navbharatlive.com/lifestyle/mental-stress-affects-body-ayurvedic-solutions-for-mind-body-balance-1535869.html">तनाव के कारण</a> होने वाली पेट की समस्याओं को रोकता है। वहीं चीनी ग्लूकोज का तत्काल स्रोत है जो मस्तिष्क को तुरंत ऊर्जा प्रदान करती है। यह मेल एकाग्रता बढ़ाने और थकान को दूर रखने में मदद करता है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:- <a href="https://navbharatlive.com/india/nirmala-sitharaman-budget-saree-looks-history-9-years-photos-1545359.html">Union Budget: संबलपुरी से कांजीवरम तक… हर बजट में दिखा अलग अंदाज, जानिए क्यों खास हैं ये साड़ियां</a></strong></p>
<h3>दही चीनी के फायदे</h3>
<p>आयुर्वेद के नजरिए से देखें तो दही एक कूलिंग एजेंट और सात्विक भोजन है। यह शरीर को ठंडक देता है और मन को स्थिर रखता है। चीनी के साथ मिलकर यह एक ऐसा संतुलन बनाता है जो शरीर में हैप्पी हार्मोन्स जैसे सेरोटोनिन और डोपामाइन के स्तर को बढ़ाता है। इससे व्यक्ति का मूड अच्छा रहता है और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होती है जो बजट जैसे महत्वपूर्ण दिन के लिए अनिवार्य है।</p>
<h3>सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व</h3>
<p>भारतीय संस्कृति में सफेद रंग और दही को शुद्धता और शांति का प्रतीक माना जाता है। वहीं मीठा अच्छे परिणामों और मधुरता का संकेत है। ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी दही का संबंध चंद्रमा से है और चीनी का संबंध गुरु से माना जाता है। इन दोनों का मेल मन को स्पष्ट और निर्णय लेने में सक्षम बनाता है।</p>
<p>चाहे वह परीक्षा हो इंटरव्यू हो या देश का बजट दही-चीनी का यह छोटा सा शगुन भारतीय संस्कृति की उस गहराई को दर्शाता है जहां परंपराएं और आधुनिक आवश्यकताएं एक साथ चलती हैं। यह परंपरा भारत के विभिन्न कोनों में कहीं दही-गुड़ तो कहीं दही-चीनी के रूप में मौजूद है लेकिन इसका मूल भाव एक ही है &amp;#8220;नई शुरुआत मीठी और सफल हो।&amp;#8221;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: क्या है महात्मा गांधी ग्राम स्वराज, जिसका निर्मला सीतारमण ने किया जिक्र? किसानों को होगा फायदा</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/budget-2026-what-is-mahatma-gandhi-gram-swaraj-how-will-it-benefit-farmers-1545745.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[अर्पित शुक्ला]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 06:54:37 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 07:32:47 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[देश]]></category>
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					<description><![CDATA[Agriculture Budget 2026: सरकार की नई राष्ट्रीय फाइबर योजना (National Fiber Plan) महात्मा गांधी ग्राम स्वराज को देश के टेक्सटाइल सेक्टर में क्रांतिकारी बदलाव की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/nirmala-sitharaman-news-1_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Budget 2026 What Is Mahatma Gandhi Gram Swaraj How Will It Benefit Farmers"     /></figure><p><strong>Union Budget 2026 Agriculture Sector:</strong> केंद्रीय वित्त मंत्री <strong>निर्मला सीतारमण</strong> ने बजट 2026–27 पेश करते हुए कपड़ा और विनिर्माण क्षेत्र के लिए कई बड़े और दूरगामी ऐलान किए। सरकार की नई राष्ट्रीय फाइबर योजना (National Fiber Plan) को देश के टेक्सटाइल सेक्टर में क्रांतिकारी बदलाव की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। यह योजना न सिर्फ रेशम और जूट जैसे प्राकृतिक रेशों के पुनरुद्धार पर केंद्रित है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती से मुख्यधारा से जोड़ने का रोडमैप भी पेश करती है।</p>
<p>सरकार का लक्ष्य वर्ष 2026 तक वैश्विक कपड़ा बाजार में भारत की हिस्सेदारी 5% से अधिक करने का है। इस दिशा में समर्थ-2.0 और <strong>महात्मा गांधी ग्राम स्वराज</strong> जैसी पहलें गेम-चेंजर साबित हो सकती हैं। कौशल विकास, नवाचार और निर्यात आधारित विकास के जरिए देशभर में रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर जोर दिया गया है।</p>
<h3>रेशम और जूट बने राष्ट्रीय फाइबर योजना का आधार</h3>
<p>नेशनल फाइबर प्लान के तहत रेशम और जूट के उत्पादन, वैल्यू एडिशन और विविधीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। वैश्विक मांग को देखते हुए किसानों और बुनकरों को आधुनिक तकनीक और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे उत्पाद की गुणवत्ता बढ़ेगी और ग्रामीण इलाकों में स्थायी रोजगार के अवसर सृजित होंगे।</p>
<h3>समर्थ-2.0 और हैंडलूम मिशन से कौशल को बढ़ावा</h3>
<ul>
<li>टेक्सटाइल सेक्टर में स्किल गैप को दूर करने के लिए समर्थ-2.0 लॉन्च किया गया है।</li>
<li>पारंपरिक बुनकरों और आधुनिक मशीन ऑपरेटरों के बीच की खाई पाटने पर फोकस।</li>
<li>हैंडलूम मिशन के तहत कारीगरों को वित्तीय सहायता और वैश्विक बाजार तक पहुंच।</li>
<li>युवाओं को आधुनिक डिजाइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग का प्रशिक्षण देकर रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा।</li>
</ul>
<h3>महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल</h3>
<p>ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए <a href="https://navbharatlive.com/india/mahatma-gandhi-death-story-sardar-patel-warning-security-lapse-godse-1541716.html">महात्मा गांधी</a> ग्राम स्वराज पहल शुरू की जा रही है। इसका उद्देश्य खादी, हैंडलूम और हस्तशिल्प के जरिए गांवों में ही रोजगार के अवसर पैदा करना है। एक जिला-एक उत्पाद (ODOP) से जोड़कर स्थानीय उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग। ग्रामीण युवाओं को पारंपरिक हुनर को व्यवसाय में बदलने के लिए तकनीकी और आर्थिक सहायता।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-semiconductor-incentives-electronics-manufacturing-announcement-1545581.html">भारत बनेगा सेमीकंडर का हब, वित्त मंत्री सीतारमण ने 40000 करोड़ का किया ऐलान</a></strong></p>
<h3>मेगा टेक्सटाइल पार्क और 200 लीगेसी क्लस्टर</h3>
<p>औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने के लिए देशभर में PM MITRA मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित किए जाएंगे, जो “फार्म से फॉरेन” रणनीति पर काम करेंगे। इसके साथ ही, 200 लीगेसी क्लस्टर्स की पहचान की गई है, जहां सदियों पुरानी बुनाई और शिल्प परंपराओं को आधुनिक सुविधाओं और नवाचार केंद्रों के साथ पुनर्जीवित किया जाएगा। इन पहलों के जरिए सरकार भारत को एक मजबूत ग्लोबल टेक्सटाइल हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ती दिख रही है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Railway Budget 2026: रेलवे में आएगी &amp;#8216;बुलेट&amp;#8217; की रफ्तार, दिल्ली से सिलीगुड़ी तक बनेंगे 7 हाई-स्पीड कॉरिडोर!</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/union-budget-2026-railway-high-speed-rail-corridors-infrastructure-1545752.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रिया जैस]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 06:54:27 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 07:27:36 +0530</modifiedDate>
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		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Business News]]></category>
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		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
		<category><![CDATA[Union Budget]]></category>
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					<description><![CDATA[Railway Budget 2026 Highlights: रेलवे को मिली 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की सौगात। 20 नए जलमार्ग और MSME के लिए 10,000 करोड़ का फंड। जानें इंफ्रास्ट्रक्चर की सभी बड़ी घोषणाएं।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/union-budget-2026-live-railways_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Union Budget 2026 Railway High Speed Rail Corridors Infrastructure"     /></figure><p><strong>Railway Budget 2026:</strong> केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण केंद्र सरकार के तीसरे कार्यकाल का तीसरा और अपना लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश कर रही हैं। बजट 2026-27 में सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया है। रेलवे, विमानन और जल परिवहन क्षेत्रों के लिए कई बड़ी और दूरगामी घोषणाएं की गई हैं, जिनका उद्देश्य कनेक्टिविटी बढ़ाना, लॉजिस्टिक्स लागत कम करना और आर्थिक विकास को गति देना है।</p>
<p>केंद्रीय बजट 2026 में रेलवे को लेकर एक अहम फैसला लेते हुए सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के निर्माण की घोषणा की गई है। इन कॉरिडोरों के जरिए देश के प्रमुख औद्योगिक और आर्थिक केंद्रों को तेज और आधुनिक रेल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर इस प्रकार हैं– मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी।</p>
<h3>5 सालों में 20 नए जलमार्ग</h3>
<p>इसके साथ ही वित्त मंत्री <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-nirmala-sitharaman-big-announcement-for-rare-earth-metal-1545558.html">निर्मला सीतारमण</a> ने घोषणा की कि अगले पांच वर्षों में 20 नए जलमार्ग चालू किए जाएंगे। इसकी शुरुआत ओडिशा के नेशनल वॉटरवे-5 से होगी, जो तालचेर और अंगुल जैसे खनिज-समृद्ध क्षेत्रों को कलिंगनगर औद्योगिक केंद्र और पारादीप व धमरा बंदरगाहों से जोड़ेगा। इससे पर्यावरण के अनुकूल और कम लागत वाले कार्गो मूवमेंट को बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p>अंतर्देशीय जलमार्गों को मजबूत करने के लिए वाराणसी और पटना में शिप रिपेयर और मेंटेनेंस से जुड़ा एक आधुनिक इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही समुद्री विमान के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) योजना शुरू करने की भी घोषणा की गई है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें &amp;#8211; <a class="title" title="Budget 2026: कौन से तीन कर्तव्य पूरे करना चाहती है मोदी सरकार" href="https://navbharatlive.com/business/union-budget-2026-six-pillars-economic-growth-nirmala-sitharaman-1545555.html">Budget 2026: कौन से तीन कर्तव्य पूरे करना चाहती है मोदी सरकार? निर्मला सीतारमण ने बजट में बताया ‘मास्टरप्लान’</a></strong></p>
<h3>एमएसएमई के लिए 10 हजार करोड़</h3>
<p><a href="https://navbharatlive.com/business/union-budget-2026-nirmala-sitharaman-atmanirbhar-bharat-highlights-1545702.html">बजट 2026</a> में छोटे और मझोले उद्योगों (एमएसएमई) के लिए सरकार ने 10 हजार करोड़ रुपए का ग्रोथ फंड लाने का ऐलान किया है। इससे उद्यमियों को अपने कारोबार के विस्तार में मदद मिलेगी। इसके अलावा, टेक्सटाइल सेक्टर को भी विशेष प्रोत्साहन देने की बात कही गई है, जिससे रोजगार और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p>वित्त मंत्री ने कहा कि इंफ्रा रिस्क गारंटी फंड बनाया जाएगा और कोस्टल कार्गो प्रमोशन स्कीम लॉन्च की जाएगी। साथ ही, जलमार्ग क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए युवाओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि इस सेक्टर में कुशल मानव संसाधन तैयार किया जा सके।</p>
<p><strong>(एजेंसी इनपुट के साथ)</strong></p>
<p><iframe loading="lazy" title="Budget 2026 Sansad TV Lok Sabha Live: Nirmala Sitaraman | NDA | PM Modi Live | Union Budget Live" width="500" height="281" src="https://www.youtube.com/embed/ib90lV3UTDI" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen></iframe></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>वित्त मंत्री सीतारमण ने देश को दिया तोहफा&amp;#8230;AIIMS जैसे तीन नए आयुर्वेदिक हॉस्पिटल, पशु चिकित्सा पर फोकस</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/budget-2026-nirmala-sitharaman-announces-3-ayurvedic-hospitals-aiims-model-veterinary-focus-1545704.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[अक्षय साहू]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 06:40:45 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 06:42:57 +0530</modifiedDate>
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		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Health News]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
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					<description><![CDATA[Union Budget 2026: बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने AIIMS की तर्ज पर तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, पशु चिकित्सा सब्सिडी और आयुष के आधुनिकीकरण की घोषणा की। ]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/Union-Budget-2026-3-New-AIIMS_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Budget 2026 Nirmala Sitharaman Announces 3 Ayurvedic Hospitals Aiims Model Veterinary Focus"     /></figure><p><span style="font-weight: 400;"><strong>Healthcare Budget India:</strong> </span><span style="font-weight: 400;">वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में स्वास्थ्य क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम घोषणा करते हुए देश में AIIMS की तर्ज पर तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (All India Institutes of Ayurveda) स्थापित करने की योजना पेश की है। इन संस्थानों का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद में शिक्षा, अनुसंधान और गुणवत्ता नियंत्रण को नई मजबूती देना है, ताकि आम जनता को सुरक्षित, प्रभावी और भरोसेमंद आयुर्वेदिक उपचार उपलब्ध कराया जा सके।</span></p>
<p><span style="font-weight: 400;">बजट भाषण के दौरान <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-nirmala-sitharaman-budget-history-fms-who-never-presented-budget-1545471.html">वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण</a> ने स्पष्ट किया कि आयुर्वेद केवल एक वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध विरासत है, जिसे आधुनिक वैज्ञानिक मानकों के साथ आगे बढ़ाया जाना आवश्यक है। प्रस्तावित नए आयुर्वेद संस्थान न केवल उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करेंगे, बल्कि आयुर्वेदिक शिक्षा और शोध के केंद्र के रूप में भी विकसित किए जाएंगे। इससे आयुर्वेदिक दवाओं की गुणवत्ता, मानकीकरण और वैश्विक स्वीकार्यता को बढ़ावा मिलेगा।</span></p>
<h3>पशु चिकित्सा क्षेत्र पर भी विशेष ध्यान</h3>
<p><span style="font-weight: 400;">इसके साथ ही बजट में पशु चिकित्सा क्षेत्र पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। सरकार पशु चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने, उनके प्रशिक्षण को सुदृढ़ करने और पशु स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सब्सिडी देने की योजना पर काम करेगी। यह कदम पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।</span></p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">To create a new range of skilled career pathways for our youth, Union Finance Minister <a href="https://twitter.com/nsitharaman">@nsitharaman</a><br />
proposed interventions in the following sectors:</p>
<p>👉 Allied Health Professionals (AHPs)<br />
👉Care Ecosystem<br />
👉Hubs for Medical Value Tourism<br />
👉 Set up a NIMHANS-2<br />
👉Strengthen and… <a href="https://t.co/4lRs688MEP">pic.twitter.com/4lRs688MEP</a></p>
<p>— PIB India (@PIB_India) <a href="https://twitter.com/PIB_India/status/2017848188900938057">February 1, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p><span style="font-weight: 400;">अन्य पहलों में AYUSH फार्मेसियों के उन्नयन, आयुर्वेदिक दवाओं की जांच प्रयोगशालाओं को मजबूत करने और अनुसंधान को गति देने पर जोर दिया गया है। आयुष मंत्रालय के माध्यम से पारंपरिक भारतीय चिकित्सा प्रणालियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने की रणनीति भी इस बजट का अहम हिस्सा है।</span></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a title="Budget 2026: अहमदाबाद-मुंबई के बाद हाई स्पीड रेल का विस्तार, मुंबई-पुणे रूट पर खास फोकस" href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-seven-new-high-speed-rail-corridors-india-plan-1545718.html"> Budget 2026: अहमदाबाद-मुंबई के बाद हाई स्पीड रेल का विस्तार, मुंबई-पुणे रूट पर खास फोकस </a></strong></p>
<h3><b>कई मायनों में ऐतिहासिक है बजट 2026</b></h3>
<p><span style="font-weight: 400;"><a href="https://navbharatlive.com/business/union-budget-2026-six-pillars-economic-growth-nirmala-sitharaman-1545555.html">बजट 2026</a> कई मायनों में ऐतिहासिक है। निर्मला सीतारमण ने लगातार नौवां बजट पेश कर एक नया रिकॉर्ड बनाया है। देश की पहली महिला वित्त मंत्री के रूप में उनका यह सफर ऐतिहासिक उपलब्धियों से भरा रहा है। इसके अलावा, कई वर्षों बाद रविवार के दिन बजट का प्रस्तुत किया जाना भी एक विशेष घटना मानी जा रही है। कुल मिलाकर, बजट 2026 आयुर्वेद के आधुनिकीकरण और देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।</span></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Union Budget 2026: आत्मनिर्भर भारत और युवाशक्ति पर बड़ा दांव, वित्त मंत्री ने बजट में किए ये क्रांतिकारी बदलाव</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/union-budget-2026-nirmala-sitharaman-atmanirbhar-bharat-highlights-1545702.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रिया जैस]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 06:39:18 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 07:33:27 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Business News]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
		<category><![CDATA[Union Budget]]></category>
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					<description><![CDATA[Viksit Bharat 2047: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया बजट 2026। 'सबका साथ, सबका विकास' और आत्मनिर्भर भारत पर जोर। जानें विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की बड़ी घोषणाएं।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/union-budget-2026-live-1_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Union Budget 2026 Nirmala Sitharaman Atmanirbhar Bharat Highlights"     /></figure><p><strong>Economic Reforms India:</strong> वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि वैश्विक हालात में अनिश्चितता के बावजूद सरकार ने हर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक दिशा स्थिर रही है और देश 2047 तक विकसित भारत बनने के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है। लगातार नौवां बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य आर्थिक विकास को मजबूत करना और लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना है।</p>
<p>यह बजट &amp;#8216;सबका साथ, सबका विकास&amp;#8217; के मंत्र पर आधारित है। निर्मला सीतारमण ने कहा, &amp;#8220;हमारी सरकार ने हमेशा असमंजस की जगह ठोस कदम उठाए हैं। हमने बड़े आर्थिक सुधार किए हैं, वित्तीय अनुशासन बनाए रखा है और मुद्रा स्थिरता के साथ-साथ सार्वजनिक निवेश पर विशेष ध्यान दिया है।&amp;#8221;</p>
<h3>वित्त मंत्री ने की बड़ी घोषणाएं</h3>
<p>वित्त मंत्री <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-27-india-7-percent-growth-reform-express-1545639.html">निर्मला सीतारमण</a> ने लोकसभा में कहा कि आज दुनिया में व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर संकट है। संसाधनों और आपूर्ति शृंखला में रुकावटें आ रही हैं। नई तकनीकें उत्पादन के तरीकों को बदल रही हैं और पानी, ऊर्जा व जरूरी खनिजों की मांग बढ़ा रही हैं। ऐसे माहौल में भारत संतुलन और समावेशन के साथ विकसित भारत की ओर कदम बढ़ाता रहेगा। इसके साथ ही वित्त मंत्री ने कई बड़ी घोषणाएं की हैं।</p>
<p>यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार का 15वां बजट है। इसके साथ ही यह 2024 में एनडीए के लगातार तीसरी बार सत्ता में आने के बाद दूसरा पूर्ण बजट है। निर्मला सीतारमण देश की पहली महिला वित्त मंत्री हैं, जिन्होंने संसद में लगातार नौ बार बजट पेश किया है। इस बजट में पूंजीगत खर्च पर खास ध्यान दिए जाने की संभावना है, खासकर उन क्षेत्रों में जो मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए रणनीतिक रूप से अहम माने जाते हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें &amp;#8211; <a class="title" title="Budget 2026: कौन से तीन कर्तव्य पूरे करना चाहती है मोदी सरकार" href="https://navbharatlive.com/business/union-budget-2026-six-pillars-economic-growth-nirmala-sitharaman-1545555.html">Budget 2026: कौन से तीन कर्तव्य पूरे करना चाहती है मोदी सरकार? निर्मला सीतारमण ने बजट में बताया ‘मास्टरप्लान’</a></strong></p>
<h3>बजट के बाद 30 कॉलजों के छात्रों से करेगी बातचीत</h3>
<p>केंद्रीय बजट 2026-27 पेश होने के बाद <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-nirmala-sitharaman-big-announcement-for-rare-earth-metal-1545558.html">वित्त मंत्री</a> देश के अलग-अलग हिस्सों से आए करीब 30 कॉलेज छात्रों से बातचीत करेंगी। ये छात्र लोकसभा गैलरी से बजट प्रस्तुति को लाइव देख रहे हैं, जिससे उन्हें संसद की अहम कार्यवाही को समझने का मौका मिला है। बजट तैयार करते समय सरकार ने युवाओं समेत देश के नागरिकों से अलग-अलग मंचों के जरिए सुझाव लिए हैं।</p>
<p>इन सुझावों की झलक आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 में देखने को मिलेगी। इस तरह यह बजट आत्मनिर्भर भारत, युवाओं की ताकत और विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।</p>
<p><iframe loading="lazy" title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/RgZ7MlMZS_k" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p><strong>(एजेंसी इनपुट के साथ)</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Gold-Silver Rate: इधर बजट पेश कर रही हैं सीतारमण, उधर सोने-चांदी का गिरा भाव, ये रहा आज का ताजा रेट</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/gold-and-silver-price-update-of-budget-day-2026-check-latest-rate-1545648.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[मनोज आर्या]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 06:37:21 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Mon, 02 Feb 2026 11:56:43 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[बजट]]></category>
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		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Business News]]></category>
		<category><![CDATA[Gold-Silver Rate]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
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					<description><![CDATA[Gold And Silver Price: बजट के दिन शेयर बाजार के साथ कमोडिटी मार्केट एमसीएक्स पर भी ट्रेडिंग जारी रही और ओपनिंग के साथ ही सोने और चांदी धड़ाम हो गईं। दोनों धातुओं में बड़ी गिरावट आई है।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/gold-silver-price-on-budget-day_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Gold And Silver Price Update Of Budget Day 2026 Check Latest Rate"     /></figure><p><strong>Gold And Silver Price Crash On Budget 2026 Day:</strong> बीते सप्ताह आई तेज गिरावट के बाद सोना-चांदी की कीमतों में रविवार को एक बार फिर जोरदार क्रैश देखने को मिला। बजट के दिन शेयर बाजार के साथ कमोडिटी मार्केट एमसीएक्स पर भी ट्रेडिंग जारी रही और ओपनिंग के साथ ही दोनों कीमती धातुएं धड़ाम हो गईं। बाजार खुलते ही चांदी की कीमतों में सबसे बड़ा झटका लगा। 1 किलो चांदी का भाव अचानक 27,000 रुपये तक टूट गया, जिससे निवेशकों में हड़कंप मच गया।</p>
<p>वहीं, सोना भी इस गिरावट से अछूता नहीं रहा और सोने के दाम में 13,000 रुपये से ज्यादा की तेज गिरावट दर्ज की गई। केंद्रीय बजट 2026-27 से पहले रविवार को वायदा कारोबार में सोने और चांदी की कीमतों में 9 प्रतिशत तक की गिरावट आई।</p>
<h3>एक ही दिन में 30% गिरा था चांदी का भाव</h3>
<p>इससे पहले बीते सप्ताह भी सोना-चांदी की कीमतों में भारी टूट देखने को मिली थी। एक ही दिन में चांदी करीब 30 फीसदी तक सस्ती हो गई थी, जबकि सोना लगभग 17 फीसदी फिसल गया था। जानकारों के मुताबिक, बजट से जुड़ी अनिश्चितता, वैश्विक संकेतों और मुनाफावसूली के दबाव के चलते कीमती धातुओं पर लगातार दबाव बना हुआ है।</p>
<h3>सोने-चांदी में लगातार गिरावट जारी</h3>
<p>पिछले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन सोना-चांदी बुरी तरह टूटे थे। खास बात यह रही कि गिरावट से ठीक एक दिन पहले गुरुवार को चांदी ने इतिहास रचते हुए पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलो का स्तर पार किया था। 5 मार्च एक्सपायरी वाली चांदी 4,20,048 रुपये के लाइफटाइम हाई पर पहुंची थी, लेकिन अगले ही दिन इसमें जोरदार गिरावट आई और भाव 1.28 लाख रुपये टूटकर 2,91,922 रुपये प्रति किलो पर आ गया। बजट वाले दिन रविवार को गिरावट और गहरी हो गई। चांदी करीब 9 फीसदी या 26,273 रुपये से ज्यादा सस्ती होकर 2,65,652 रुपये प्रति किलो पर आ गई।</p>
<h3>रविवार को कैसा रहा सोने का हाल?</h3>
<p>सोने का हाल भी कुछ ऐसा ही रहा। एमसीएक्स पर 2 अप्रैल एक्सपायरी वाला 10 ग्राम 24 कैरेट सोना गुरुवार को 1,93,096 रुपये के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंचने के बाद भरभराकर टूटा था और 42,247 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट के साथ 1,50,849 रुपये पर आ गया था। रविवार को कारोबार शुरू होते ही इसमें फिर तेज बिकवाली दिखी और सोना 8.80 फीसदी से ज्यादा फिसल गया। 10 ग्राम सोने का भाव करीब 13,711 रुपये गिरकर 1,38,634 रुपये पर आ गया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a class="title" title="Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने खोला जादुई पिटारा, रेयर अर्थ को लेकर बजट में बड़ा ऐलान" href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-nirmala-sitharaman-big-announcement-for-rare-earth-metal-1545558.html">Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने खोला जादुई पिटारा, रेयर अर्थ को लेकर बजट में बड़ा ऐलान</a></strong></p>
<h3>गिरावट की पहली से जताई गई थी उम्मीद</h3>
<p>बाजार जानकारों के मुताबिक, इस बार बजट रविवार को पेश होने के कारण कमोडिटी बाजार में भी ट्रेडिंग हो रही है। <a href="https://navbharatlive.com/business/gold-and-silver-prices-fall-the-most-in-13-years-know-the-latest-rates-1543095.html"><strong>सोना-चांदी में गिरावट</strong></a> की आशंका पहले से जताई जा रही थी। माना जा रहा था कि बीते सप्ताह की तेज गिरावट से निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर हुआ है और इसका असर बजट डे पर भारी बिकवाली के रूप में देखने को मिल सकता है। वायदा कारोबार शुरू होते ही यह अनुमान सच साबित होता नजर आया।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बजट 2026: क्या हुआ सस्ता और क्या महंगा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किए बड़े ऐलान, देखें लिस्ट</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/budget-2026-what-became-cheaper-and-what-became-more-expensive-1545678.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[अर्पित शुक्ला]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 06:33:13 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 06:40:58 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[बजट]]></category>
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		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
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					<description><![CDATA[Budget Inflation Impact: बजट पेश होने के बाद अब आम आदमी की नजर उन वस्तुओं पर टिकी है जो सस्ती या महंगी होंगी।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/nirmala-sitharaman-2-1_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Budget 2026 What Became Cheaper And What Became More Expensive"     /></figure><p><strong>Sasta Mehnga In Budget 2026:</strong> केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज, 1 फरवरी रविवार को अपना लगातार नौवां बजट पेश किया। बजट के बाद अब आम जनता की नजर इस बात पर टिकी है कि कौन-सी चीजें सस्ती होंगी और किन पर खर्च बढ़ेगा। बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने आम लोगों को राहत देते हुए कई अहम घोषणाएं की हैं। आइए जानते हैं विस्तार से&amp;#8230;</p>
<h3>ये दवाएं होंगी सस्ती</h3>
<p>आम लोगों को बड़ी राहत देते हुए वित्त मंत्री ने घोषणा की कि डायबिटीज और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाएं सस्ती की जाएंगी। इससे लाखों मरीजों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम होने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि इन कदमों से न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान होगी, बल्कि स्वास्थ्य और खेल जैसे अहम क्षेत्रों में समग्र विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।</p>
<h3>खेल इक्विपमेंट पर फोकस</h3>
<p>वित्त मंत्री ने बताया कि बजट 2026–27 में खेल इक्विपमेंट को अधिक किफायती बनाने का प्रस्ताव किया गया है, जिससे युवाओं और खिलाड़ियों को सीधा फायदा मिलेगा। सरकार का उद्देश्य खेलों को प्रोत्साहित करना और जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को आगे बढ़ाना है।</p>
<h3>शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में वित्त मंत्री के बड़े ऐलान</h3>
<ul>
<li>देशभर में 15,000 नए सेकेंडरी स्कूल और 500 नए कॉलेज खोले जाएंगे।</li>
<li>हर जिले में छात्राओं के लिए गर्ल्स हॉस्टल की सुविधा विकसित की जाएगी।</li>
<li>तीन नए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद की स्थापना की जाएगी।</li>
<li>जामनगर स्थित WHO ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर को अपग्रेड किया जाएगा।</li>
<li>वेटनरी डॉक्टरों को लोन-लिंक्ड सपोर्ट उपलब्ध कराया जाएगा।</li>
</ul>
<h3>सर्विस सेक्टर पर सरकार के बड़े ऐलान</h3>
<p>बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री<a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-nirmala-sitharaman-big-announcement-for-rare-earth-metal-1545558.html"> निर्मला सीतारमण</a> ने कहा कि सरकार सर्विस सेक्टर में रोजगार बढ़ाने और हेल्थ इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए कई अहम कदम उठाने जा रही है।</p>
<ul>
<li>सर्विस सेक्टर में रोजगार पर फोकस</li>
<li>सर्विस सेक्टर में नए रोजगार सृजित करने के लिए एक विशेष कमेटी बनाने का ऐलान।</li>
<li>2047 तक वैश्विक सर्विस सेक्टर में भारत की हिस्सेदारी 10% तक पहुंचाने का लक्ष्य।</li>
</ul>
<h3>5 रीजनल मेडिकल हब</h3>
<ul>
<li>निजी क्षेत्र के सहयोग से 5 क्षेत्रीय मेडिकल हब स्थापित किए जाएंगे।</li>
<li>इनमें आयुष सेंटर, मेडिकल टूरिज्म और डायग्नोस्टिक सेक्टर शामिल होंगे।</li>
<li>इन हब्स से डॉक्टर, नर्स और अन्य हेल्थ प्रोफेशनल्स के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।</li>
</ul>
<h3>AYUSH सेक्टर पर जोर</h3>
<ul>
<li>कोविड के बाद योग और आयुर्वेद को मिली लोकप्रियता को और आगे बढ़ाया जाएगा।</li>
<li>वैश्विक मांग को देखते हुए आयुर्वेद पर विशेष ध्यान।</li>
<li>तीन नए ऑल इंडिया आयुष संस्थानों की स्थापना।</li>
<li>आयुष फार्मेसी और ड्रग टेस्टिंग लैब्स को अपग्रेड किया जाएगा।</li>
<li>WHO ग्लोबल ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर, जामनगर का उन्नयन किया जाएगा।</li>
</ul>
<p><iframe loading="lazy" title="Budget 2026 Sansad TV Lok Sabha Live: Nirmala Sitaraman ने महिलाओं के लिए ऐलान |Union Budget Live" width="500" height="281" src="https://www.youtube.com/embed/2rGqLlyWP0w" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen></iframe></p>
<p><em><strong>खबर अपडेट की जा रही है&amp;#8230;</strong></em></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026 की अब तक की 10 बड़ी बातें, शुगर-कैंसर की दवाएं सस्ती; 4 राज्यों में खनिज कॉरिडोर</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/10-key-takeaways-from-nirmala-sitharamans-budget-speech-1545551.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[अर्पित शुक्ला]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 06:19:40 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 06:25:54 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
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					<description><![CDATA[Budget 2026 Highlights: निर्मला सीतारमण का लगातार नौवां बजट है, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है। देश की पहली महिला वित्त मंत्री के रूप में वे लगातार इतिहास रच रही हैं।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/nirmala-sitharaman-speech-1_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="10 Key Takeaways From Nirmala Sitharamans Budget Speech"     /></figure><p><strong>Nirmala Sitharaman Big Announcements:</strong> वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में FY27 के लिए कैपेक्स बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ करने का ऐलान किया। इसके साथ ही उन्होंने टेक्सटाइल सेक्टर के लिए एक इंटीग्रेटेड प्रोग्राम की घोषणा की। बजट भाषण के दौरान Semiconductor Mission 2.0 लॉन्च करने की जानकारी भी दी गई।</p>
<p>यह निर्मला सीतारमण का लगातार नौवां बजट है, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है। देश की पहली महिला वित्त मंत्री के रूप में वे लगातार इतिहास रच रही हैं। इसके अलावा, भारत में कई वर्षों बाद रविवार के दिन बजट पेश किया जा रहा है, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक घटना मानी जा रही है।</p>
<h3>निर्मला सीतारमण के बजट भाषण की अब तक की बड़ी बातें</h3>
<ul>
<li>देश में 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे</li>
<li>बायो-फार्मा सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान</li>
<li>शुगर और कैंसर की दवाएं सस्ती की जाएंगी</li>
<li>बड़े टेक्सटाइल पार्क स्थापित किए जाएंगे</li>
<li>शहरी आर्थिक क्षेत्रों पर हर साल 5 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे</li>
<li>20 नए जल मार्ग विकसित करने की तैयारी</li>
<li>4 राज्यों में खनिज कॉरिडोर बनाए जाएंगे</li>
<li>3 केमिकल पार्क का निर्माण होगा</li>
<li>एसएमई सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान</li>
<li>महात्मा गांधी स्वरोजगार योजना का ऐलान</li>
</ul>
<h3>सेमीकंडक्टर और खनिज कॉरिडोर का निर्माण</h3>
<p>भारत को तकनीकी क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए अब आईएसएम 2.0 (ISM 2.0) की औपचारिक शुरुआत की जा रही है। इससे देश में सेमीकंडक्टर के उत्पादन को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की स्थिति मजबूत होगी। दुर्लभ पृथ्वी खनिजों के लिए तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश में विशेष कॉरिडोर बनाने की भी योजना है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- <a title="Budget 2026: दुनिया की उथल-पुथल के बीच भारत की ताकत, बजट में निर्मला सीतारमण का भरोसेमंद संदेश" href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-27-india-7-percent-growth-reform-express-1545639.html"> Budget 2026: दुनिया की उथल-पुथल के बीच भारत की ताकत, बजट में निर्मला सीतारमण का भरोसेमंद संदेश </a></strong></p>
<h3>‘विकसित भारत’ की दिशा में आगे बढ़ता देश</h3>
<p><a href="https://navbharatlive.com/business/nirmala-sitharaman-to-revamp-traditional-format-budget-2026-strategic-part-b-statement-1545511.html">निर्मला सीतारमण</a> ने अपने भाषण में कहा कि भारत लगातार ‘विकसित भारत’ बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार की नीतियां दीर्घकालिक विकास, आर्थिक स्थिरता और समावेशी प्रगति को ध्यान में रखकर बनाई जा रही हैं, ताकि देश 2047 तक विकसित राष्ट्र के लक्ष्य को हासिल कर सके।</p>
<p><iframe loading="lazy" title="Budget 2026 Sansad TV Lok Sabha Live: Nirmala Sitaraman ने MSME के लिए खोला खजाना |Union Budget Live" width="500" height="281" src="https://www.youtube.com/embed/9YaofHw4uSc" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen></iframe></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: कौन से तीन कर्तव्य पूरे करना चाहती है मोदी सरकार? निर्मला सीतारमण ने बजट में बताया &amp;#8216;मास्टरप्लान&amp;#8217;</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/union-budget-2026-six-pillars-economic-growth-nirmala-sitharaman-1545555.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रिया जैस]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 06:19:23 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 06:35:38 +0530</modifiedDate>
				<media:thumbnail url="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/union-budget-2026-update_V_jpg--1280x720-4g.webp"/>
						<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Business News]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
		<category><![CDATA[Union Budget]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://navbharatlive.com/?p=1545555</guid>

					<description><![CDATA[Union Budget 2026: बजट 2026-27 के 6 मुख्य प्रस्ताव। निर्मला सीतारमण ने मैन्युफैक्चरिंग, MSME और इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए भारत की आर्थिक रफ्तार बढ़ाने का पेश किया खाका।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/union-budget-2026-update_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Union Budget 2026 Six Pillars Economic Growth Nirmala Sitharaman"     /></figure><p><strong>Union Budget 2026:</strong> केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज, 1 फरवरी, 2026 को लगातार नौवीं बार 2026-27 के लिए पूरा केंद्रीय बजट पेश किया। यह इतिहास में सिर्फ़ दूसरी बार है जब बजट रविवार को पेश किया। समाज के हर वर्ग, जिसमें नौकरीपेशा लोग, मध्यम वर्ग, महिलाएं और बिज़नेस वर्ग के लिए बजट पेश किया गया।</p>
<p>केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि यह कर्तव्य भवन में तैयार किया गया पहला बजट है। उन्होंने कहा, &amp;#8220;यह कर्तव्य भवन में तैयार किया गया पहला बजट है, इसलिए हम 3 कर्तव्यों से प्रेरित हैं। पहला कर्तव्य है प्रोडक्टिविटी और कॉम्पिटिटिवनेस बढ़ाकर और अस्थिर ग्लोबल हालात का सामना करने की क्षमता बनाकर आर्थिक विकास को तेज़ करना और उसे बनाए रखना।&amp;#8221;</p>
<p>इस बजट का कर्तव्य बताते हुए वित्त मंत्री ने कहा, &amp;#8220;दूसरा कर्तव्य है हमारे लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमता बढ़ाना, ताकि वे भारत की समृद्धि की राह में मज़बूत भागीदार बन सकें। तीसरा कर्तव्य, सबका साथ सबका विकास के विज़न के साथ, यह सुनिश्चित करना है कि हर परिवार, समुदाय, क्षेत्र और सेक्टर को सार्थक भागीदारी के लिए संसाधनों, सुविधाओं और अवसरों तक पहुँच मिले।&amp;#8221;</p>
<h3>6 क्षेत्रों को मिलेगा बढ़ावा</h3>
<p>केंद्रीय वित्त मंत्री <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-27-india-7-percent-growth-reform-express-1545639.html">निर्मला सीतारमण</a> ने अपने पहले कर्तव्य के तहत, आर्थिक विकास को तेज़ करने और बनाए रखने के लिए छह क्षेत्रों के अंतर्गत प्रस्ताव रखें।</p>
<ul>
<li>सात रणनीतिक और फ्रंटियर सेक्टरों में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाना</li>
<li>पुराने इंडस्ट्रियल सेक्टरों को फिर से ज़िंदा करना</li>
<li>चैंपियन MSME बनाना</li>
<li>इंफ्रास्ट्रक्चर को ज़ोरदार बढ़ावा देना</li>
<li>लंबे समय तक सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करना</li>
<li>शहरी आर्थिक क्षेत्रों का विकास करना।</li>
</ul>
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="500" data-dnt="true">
<p lang="hi" dir="ltr">केंद्रीय बजट 2026 में तीन कर्तव्य पर जोर</p>
<p>▶️अस्थिर वैश्विक परिदृश्य में सुदृढ़ता बनाए रखकर आर्थिक विकास में तेजी लाना और उसे बनाए रखना</p>
<p>▶️आम लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमताओं का विकास कर भारत की समृद्धि में उन्हें मजबूत साझेदार बनाना।</p>
<p>▶️सार्थक भागीदारी के लिए… <a href="https://t.co/HfYcgY5nG6">pic.twitter.com/HfYcgY5nG6</a></p>
<p>&amp;mdash; पीआईबी हिंदी (@PIBHindi) <a href="https://twitter.com/PIBHindi/status/2017834737524773149">February 1, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें &amp;#8211; <a class="title" title="Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने खोला जादुई पिटारा, रेयर अर्थ को लेकर बजट में बड़ा ऐलान" href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-nirmala-sitharaman-big-announcement-for-rare-earth-metal-1545558.html">Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने खोला जादुई पिटारा, रेयर अर्थ को लेकर बजट में बड़ा ऐलान</a></strong></p>
<p><iframe loading="lazy" title="Budget 2026 Sansad TV Lok Sabha Live: Nirmala Sitaraman | NDA | PM Modi Live | Union Budget Live" width="500" height="281" src="https://www.youtube.com/embed/ib90lV3UTDI" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen></iframe></p>
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		<item>
		<title>Budget 2026: भारत दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी बनने की ओर… निर्मला सीतारमण के भाषण की कुछ बड़ी बातें</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/budget-2026-nirmala-sitharaman-speech-highlights-focuses-on-becoming-worlds-largest-economy-1545557.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रिया सिंह]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 06:10:41 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 07:34:15 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Indian Economy]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
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					<description><![CDATA[Indian Economy Growth: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी 3.0 का तीसरा बजट पेश किया। इसमें किसान, गरीब और युवाओं पर फोकस करते हुए भारत को सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा गया है।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/budget-2026-live_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Budget 2026 Nirmala Sitharaman Speech Highlights Focuses On Becoming Worlds Largest Economy"     /></figure><p><strong>Largest Economy In The World:</strong> केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लोकसभा में मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का तीसरा बजट पेश कर रही हैं। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत में भारत को दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प दोहराया है। दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के इस लक्ष्य के साथ सरकार ने जीडीपी को 7 प्रतिशत से ऊपर बनाए रखा है। इस बजट में मुख्य रूप से गरीबों, किसानों और युवाओं की समृद्धि पर विशेष जोर दिया गया है।</p>
<h3>बजट में युवाओं और किसानों का कल्याण</h3>
<p><a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-finance-minister-nirmala-sitharman-reached-parliament-1545412.html">वित्त मंत्री</a> ने स्पष्ट किया कि यह बजट पूरी तरह से युवा शक्ति और किसानों के हितों को समर्पित है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्राथमिक लक्ष्य ग्रामीण समृद्धि और मध्यम वर्ग को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। समाज के हर वर्ग के साथ-साथ गरीबों के विकास के लिए नई योजनाओं का खाका तैयार किया गया है।</p>
<h3>GDP और राजकोषीय घाटा नियंत्रण</h3>
<p>भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का प्रमाण इसकी 7 प्रतिशत से अधिक की जीडीपी विकास दर में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। सरकार अब राजस्व घाटे को कम करने और सार्वजनिक निवेश को बढ़ाने के कर्तव्यों पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित कर रही है। घरेलू निर्यात को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण नीतिगत सुधारों की घोषणा की गई है।</p>
<h3>MSME और इलेक्ट्रॉनिक्स को बढ़ावा</h3>
<p>MSME क्षेत्र की प्रगति के लिए सरकार ने 10000 करोड़ रुपये के ग्रोथ फंड के आवंटन का महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए 40000 करोड़ रुपये का विशाल प्रावधान किया गया है। ईएमएस पीएलआई योजना की राशि को भी बढ़ाकर अब 40 हजार करोड़ रुपये करने का लक्ष्य रखा गया है।</p>
<h3>सेमीकंडक्टर और खनिज कॉरिडोर का निर्माण</h3>
<p>भारत को तकनीकी क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए अब आईएसएम 2.0 (ISM 2.0) की औपचारिक शुरुआत की जा रही है। इससे देश में सेमीकंडक्टर के उत्पादन को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की स्थिति मजबूत होगी। दुर्लभ पृथ्वी खनिजों के लिए तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश में विशेष कॉरिडोर बनाने की भी योजना है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://navbharatlive.com/business/nirmala-sitharaman-began-her-speech-by-invoking-the-name-of-saint-ravidas-1545496.html">संत रविदास का नाम लेकर निर्मला सीतारमण ने शुरू किया भाषण, कहा- गरीबी हटाने के लिए हमने काम किए</a></strong></p>
<h3>इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार सृजन की राह</h3>
<p>सरकार का मुख्य फोकस बुनियादी ढांचे के विकास और देश में बड़े पैमाने पर नए रोजगार के अवसर पैदा करने पर है। मजबूत निवेश जुटाने के लिए <a href="https://navbharatlive.com/business/key-points-budget-2026-public-traders-companies-should-know-1536146.html">व्यापार सुधारों</a> को और अधिक सरल बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। विकास के इन तीन कर्तव्यों के माध्यम से भारत अपनी अर्थव्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने की ओर अग्रसर है।</p>
<p><iframe loading="lazy" title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/RgZ7MlMZS_k" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
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			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किया तीन नए NIPER का ऐलान, 7 मौजूदा संस्थानों होंगे अपग्रेड</title>
		<link>https://navbharatlive.com/india/budget-2026-finance-minister-nirmala-sitharaman-announces-three-new-niper-institutes-seven-upgraded-1545600.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[अक्षय साहू]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 06:04:53 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 06:30:12 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[करियर]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Medical Education Department]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://navbharatlive.com/?p=1545600</guid>

					<description><![CDATA[Union Budget 2026: निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि देश में तीन नए NIPER स्थापित होंगे और मौजूदा संस्थानों को उन्नत सुविधाओं से लैस किया जाएगा, जिससे फार्मास्यूटिकल शिक्षा और अनुसंधान मजबूत होंगे।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/Budget-Speech-Live_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Budget 2026 Finance Minister Nirmala Sitharaman Announces Three New Niper Institutes Seven Upgraded"     /></figure><p><span style="font-weight: 400;"><strong>Nirmala Sitharaman Speech Live:</strong> वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में केंद्रीय बजट 2026 पेश कर रही है। यह उनका रिकाॅर्ड नौंवा बजट है। </span><span style="font-weight: 400;">उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत करते हुए कहा कि, “माघ पूर्णिमा और गुरु रविदास जयंती के पावन अवसर पर मैं आज बजट पेश कर रही हूं। पिछले साल भारत की आर्थिक स्थिति अच्छी रही है।</span></p>
<p><b>तीन नए NIPER संस्थान का ऐलान </b></p>
<p><span style="font-weight: 400;">वित्त मंत्री <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-nirmala-sitharaman-big-announcement-for-rare-earth-metal-1545558.html">निर्मला सीतारमण</a> ने घोषणा की है कि देश में तीन नए राष्ट्रीय औषधि शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (NIPER) स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही मौजूदा सात NIPER संस्थानों को उन्नत बनाने और उन्हें बेहतर सुविधाओं से लैस करने का भी निर्णय लिया गया है। यह कदम फार्मास्यूटिकल शिक्षा और अनुसंधान को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। नए संस्थान और अपग्रेडेड संस्थान उच्च गुणवत्ता की शिक्षा, शोध और नवाचार में योगदान देंगे। यह पहल देश में दवा उद्योग और अनुसंधान को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद करेगी। </span></p>
<p><b>भारत में फिलहाल कितने NIPER? </b></p>
<p><span style="font-weight: 400;">भारत में राष्ट्रीय औषधि शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (NIPER) की कुल 7 संस्थाएँ स्थापित हैं। ये संस्थान फार्मेसी और दवा अनुसंधान के क्षेत्र में <a href="https://navbharatlive.com/business/india-budget-2026-education-sector-global-knowledge-hub-innovation-research-1539637.html">उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा</a>, उन्नत शोध तथा व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करते हैं। NIPER का उद्देश्य फार्मास्यूटिकल विज्ञान को मजबूत करना और कुशल वैज्ञानिक तैयार करना है। भारत को दुनिया का फार्मेसी कैपिटल कहा जाता है, क्योंकि यहाँ बड़े पैमाने पर दवाओं का निर्माण होता है। भारत हर वर्ष अरबों रुपये मूल्य की दवाओं का उत्पादन करता है, जिन्हें अमेरिका, यूरोप सहित कई प्रमुख देशों में निर्यात किया जाता है।</span></p>
<h3>भारत में NIPER कहां-कहां हैं</h3>
<ul>
<li style="font-weight: 400;" aria-level="1"><span style="font-weight: 400;">NIPER मोहाली (पंजाब) – पहला और सबसे पुराना NIPER</span></li>
<li style="font-weight: 400;" aria-level="1"><span style="font-weight: 400;">NIPER अहमदाबाद (गुजरात)</span></li>
<li style="font-weight: 400;" aria-level="1"><span style="font-weight: 400;">NIPER हैदराबाद (तेलंगाना)</span></li>
<li style="font-weight: 400;" aria-level="1"><span style="font-weight: 400;">NIPER कोलकाता (पश्चिम बंगाल)</span></li>
<li style="font-weight: 400;" aria-level="1"><span style="font-weight: 400;">NIPER गुवाहाटी (असम)</span></li>
<li style="font-weight: 400;" aria-level="1"><span style="font-weight: 400;">NIPER रायबरेली (उत्तर प्रदेश)</span></li>
<li style="font-weight: 400;" aria-level="1"><span style="font-weight: 400;">NIPER हाजीपुर (बिहार)</span></li>
</ul>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a title="Budget 2026: कोरी बयानबाजी नहीं, सुधारों पर भरोसा, निर्मला सीतारमण का बड़ा संदेश" href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-27-nirmala-sitharaman-reforms-viksit-bharat-1545615.html"> Budget 2026: कोरी बयानबाजी नहीं, सुधारों पर भरोसा, निर्मला सीतारमण का बड़ा संदेश </a></strong></p>
<h3>NIPER क्या करते हैं?</h3>
<p><span style="font-weight: 400;">NIPER का मुख्य उद्देश्य भारत में फार्मास्यूटिकल शिक्षा और रिसर्च को विश्व-स्तर पर मजबूत करना है। ये संस्थान</span></p>
<ul>
<li style="font-weight: 400;" aria-level="1"><span style="font-weight: 400;">M.S. (Pharm), M.Tech (Pharm), MBA (Pharm) और PhD जैसे कोर्स कराते हैं</span></li>
<li style="font-weight: 400;" aria-level="1"><span style="font-weight: 400;">नई दवाओं की खोज, वैक्सीन, बायोटेक्नोलॉजी और ड्रग रेगुलेशन पर रिसर्च करते हैं</span></li>
<li style="font-weight: 400;" aria-level="1"><span style="font-weight: 400;">फार्मा इंडस्ट्री और सरकारी संस्थाओं के लिए उच्च-स्तरीय वैज्ञानिक और विशेषज्ञ तैयार करते हैं</span></li>
<li style="font-weight: 400;" aria-level="1"><span style="font-weight: 400;">Drug Quality, Clinical Research और Regulatory Affairs में ट्रेनिंग देते हैं</span></li>
</ul>
<p><span style="font-weight: 400;">NIPER, भारत सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अंतर्गत आते हैं और इन्हें राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का दर्जा प्राप्त है।</span></p>
<p><iframe loading="lazy" title="Budget 2026 Sansad TV Lok Sabha Live: Nirmala Sitaraman ने महिलाओं के लिए ऐलान |Union Budget Live" width="500" height="281" src="https://www.youtube.com/embed/2rGqLlyWP0w" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen></iframe></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: भारत बनेगा सेमीकंडर का हब, वित्त मंत्री सीतारमण ने 40000 करोड़ का किया ऐलान</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/budget-2026-semiconductor-incentives-electronics-manufacturing-announcement-1545581.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[अर्पित शुक्ला]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 05:54:55 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 06:24:29 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://navbharatlive.com/?p=1545581</guid>

					<description><![CDATA[Union Budget 2026 Semiconductor: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत को सेमीकंडर हब बनाने के लिए सरकार काम कर रही है। सेमीकंडक्टर के लिए 40 हजार करोड़ रुपये अलॉट किए गए हैं।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/nirmala-sitharaman-speech_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Budget 2026 Semiconductor Incentives Electronics Manufacturing Announcement"     /></figure><p><strong>Nirmala Sitharaman Speech:</strong> वित्त मंत्री ने उपकरण और सामग्री उत्पादन, पूर्ण-स्टैक भारतीय बौद्धिक संपदा डिजाइन करने और आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने के लिए इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की घोषणा की। हम उन्नत प्रौद्योगिकी के विकास के लिए उद्योग-नेतृत्व वाले अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्रों पर भी ध्यान केंद्रित करेंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत को सेमीकंडर हब बनाने के लिए सरकार काम कर रही है। सेमीकंडक्टर के लिए 40 हजार करोड़ रुपये अलॉट किए गए हैं।</p>
<p>आईएसएम 2.0 के शुभारंभ के साथ भारत सेमीकंडक्टर मिशन का विस्तार किया जाएगा और घरेलू उत्पादन को मजबूत करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक घटक निर्माण के लिए आवंटन बढ़ाकर ₹40,000 करोड़ किया जाएगा।</p>
<h3>सेमीकंडक्टर सेक्टर में बड़े निवेश की तैयारी</h3>
<p>सेमीकंडक्टर सेक्टर में वैश्विक खिलाड़ी बनने के लिए बड़े निवेश की जरूरत है। निवेश आकर्षित करने के लिए सरकार अमेरिका की प्रमुख तकनीकी और सेमीकंडक्टर कंपनियों के साथ बातचीत कर रही है, जिनमें एचपी, डेल, इंटेल और गूगल जैसी कंपनियां शामिल हैं।</p>
<p>दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी सेमीकंडक्टर कंपनी माइक्रॉन टेक्नोलॉजी भारत में अपना असेंबली, परीक्षण, मार्किंग और पैकेजिंग (ATMP) प्लांट स्थापित करने की योजना बना रही है। इस प्लांट का इस्तेमाल दुनिया भर में बन रहे वेफर्स की प्रोसेसिंग के लिए किया जाएगा और इसके लिए लगभग एक अरब डॉलर का निवेश प्रस्तावित है।</p>
<h3>सेमीकंडक्टर मार्केट हब बनने की राह पर भारत</h3>
<p>फॉर्च्यून बिजनेस इनसाइट्स के अनुसार, वैश्विक सेमीकंडक्टर बाजार 2022 में 573.44 बिलियन डॉलर था और यह 2029 तक 1,380.79 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। वहीं, इंटरनेशनल डेटा कॉरपोरेशन (IDC) के मुताबिक, 2022 में वैश्विक सेमीकंडक्टर का राजस्व 661 बिलियन डॉलर को पार कर गया।</p>
<p>इतने विशाल बाजार में भारत भी अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। 2026 में भारत में घरेलू सेमीकंडक्टर खपत 80 अरब डॉलर से अधिक होने का अनुमान है। इस सेक्टर के महत्व को देखते हुए भारत ग्लोबल सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में एक प्रमुख भागीदार बनने की दिशा में काम कर रहा है और विश्व स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- <a class="title" title="संत रविदास का नाम लेकर निर्मला सीतारमण ने शुरू किया भाषण, कहा- गरीबी हटाने के लिए हमने काम किए" href="https://navbharatlive.com/business/nirmala-sitharaman-began-her-speech-by-invoking-the-name-of-saint-ravidas-1545496.html">संत रविदास का नाम लेकर निर्मला सीतारमण ने शुरू किया भाषण, कहा- गरीबी हटाने के लिए हमने काम किए</a></strong></p>
<h3><strong data-start="250" data-end="300">7% ग्रोथ रेट की दर से बढ़ी देश की अर्थव्यवस्था</strong></h3>
<p>केंद्रीय बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा, &amp;#8220;<a href="https://navbharatlive.com/business/pm-modi-cabinet-approves-union-budget-2026-27-1545441.html">पीएम मोदी</a> के नेतृत्व में कई प्रकार के बदलाव किए गए हैं। आत्मनिर्भरता हमारी अर्थव्यवस्था का मूल मंत्र है। सरकार के फैसलों से हमने नागरिकों को लाभ पहुंचाने की पूरी कोशिश की है। पिछले साल देश की अर्थव्यवस्था 7 फीसदी ग्रोथ रेट की दर से बढ़ी है।&amp;#8221;</p>
<p><iframe loading="lazy" title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/ib90lV3UTDI" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: संत रविदास का नाम लेकर निर्मला सीतारमण ने शुरू किया भाषण, कहा- गरीबी हटाने के लिए हमने काम किए</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/nirmala-sitharaman-began-her-speech-by-invoking-the-name-of-saint-ravidas-1545496.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[अर्पित शुक्ला]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 05:44:17 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 06:18:43 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://navbharatlive.com/?p=1545496</guid>

					<description><![CDATA[Budget Speech Live: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'माघ पूर्णिमा और गुरु रविदास जयंती के पावन अवसर पर मैं बजट पेश कर रही हूं। भारत में पिछले साल आर्थिक स्थिति अच्छी रही है।']]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/nirmala-sitharaman-1-1_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Nirmala Sitharaman Began Her Speech By Invoking The Name Of Saint Ravidas"     /></figure><p><strong>Nirmala Sitharaman Speech Live:</strong> वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, &amp;#8220;माघ पूर्णिमा और गुरु रविदास जयंती के पावन अवसर पर मैं आज बजट पेश कर रही हूं। पिछले साल भारत की आर्थिक स्थिति अच्छी रही है।&amp;#8221; उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार पिछले 12 साल से निवेश बढ़ाने पर लगातार काम कर रही है।</p>
<h3>7% ग्रोथ रेट की दर से बढ़ी देश की अर्थव्यवस्था</h3>
<p>केंद्रीय बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा, &amp;#8220;पीएम मोदी के नेतृत्व में कई प्रकार के बदलाव किए गए हैं। आत्मनिर्भरता हमारी अर्थव्यवस्था का मूल मंत्र है। सरकार के फैसलों से हमने नागरिकों को लाभ पहुंचाने की पूरी कोशिश की है। पिछले साल देश की अर्थव्यवस्था 7 फीसदी ग्रोथ रेट की दर से बढ़ी है।&amp;#8221;</p>
<h3>आत्मनिर्भरता को बनाया मार्गदर्शक</h3>
<p>केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, &amp;#8220;आत्मनिर्भरता को मार्गदर्शक सिद्धांत मानते हुए, हमने घरेलू विनिर्माण क्षमता और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत किया है तथा आयात पर निर्भरता कम की है। साथ ही यह सुनिश्चित किया गया है कि सरकार के हर कदम का सीधा लाभ नागरिकों तक पहुंचे। हमने रोजगार सृजन, कृषि उत्पादकता, घरेलू क्रय शक्ति और लोगों को सार्वभौमिक सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कई सुधार किए हैं। इन प्रयासों से लगभग 7% की उच्च विकास दर हासिल हुई है और गरीबी कम करने तथा नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।&amp;#8221;</p>
<h3>विकसित भारत की ओर बढ़ रहा देश</h3>
<p>वित्त मंत्री<a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-nirmala-sitharaman-big-announcement-for-rare-earth-metal-1545558.html"> निर्मला सीतारमण</a> ने कहा कि भारत आत्मविश्वास के साथ विकसित भारत की ओर बढ़ रहा है, जहां आकांक्षा और समावेशन के बीच संतुलन बनाए रखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि एक तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में भारत को वैश्विक बाजारों से गहराई से जुड़ा रहना होगा, ताकि निर्यात बढ़े और विदेशी निवेश आकर्षित हो।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- <a title="भारत बनेगा सेमीकंडर का हब, वित्त मंत्री सीतारमण ने 40000 करोड़ का किया ऐलान" href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-semiconductor-incentives-electronics-manufacturing-announcement-1545581.html"> भारत बनेगा सेमीकंडर का हब, वित्त मंत्री सीतारमण ने 40000 करोड़ का किया ऐलान </a></strong></p>
<p>उन्होंने कहा कि सरकार ने वित्तीय अनुशासन और मौद्रिक स्थिरता बनाए रखते हुए सार्वजनिक निवेश पर जोर दिया है। साथ ही, नई तकनीकें उत्पादन बढ़ा रही हैं, लेकिन इससे पानी और ऊर्जा की मांग भी तेजी से बढ़ रही है, जिसे संतुलित और सतत तरीके से प्रबंधित करना जरूरी है।</p>
<p><iframe loading="lazy" title="Budget 2026 Sansad TV Lok Sabha Live: Nirmala Sitaraman | NDA | PM Modi Live | Union Budget Live" width="500" height="281" src="https://www.youtube.com/embed/ib90lV3UTDI" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen></iframe></p>
<p>&amp;nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: निर्मला सीतारमण बदलेंगी बजट का पारंपरिक स्वरूप, पार्ट-B पर रहेगा सरकार का विशेष ध्यान</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/nirmala-sitharaman-to-revamp-traditional-format-budget-2026-strategic-part-b-statement-1545511.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रिया सिंह]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 05:35:07 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 05:35:07 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Indian Economy]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
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					<description><![CDATA[Budget 2026 Part-B Evolution: निर्मला सीतारमण बजट 2026 का प्रारूप बदल सकती हैं। इस बार भाषण के 'पार्ट-B' में वित्तीय आंकड़ों के बजाय रणनीतिक नीति और वैश्विक उद्देश्यों पर अधिक ध्यान दिया जाएगा।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/union-budget-nirmala-sitharaman_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Nirmala Sitharaman To Revamp Traditional Format Budget 2026 Strategic Part B Statement"     /></figure><p><strong>Strategic Economic Policy Framework:</strong> केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में देश का महत्वपूर्ण बजट 2026 पेश करने जा रही हैं। इस बार का बजट पिछले सात दशकों से चली आ रही पारंपरिक प्रक्रिया से काफी अलग होने वाला है। रणनीतिक आर्थिक नीति को ध्यान में रखते हुए सरकार ने भाषण के प्रारूप में बदलाव करने का निर्णय लिया है। इस नए बदलाव का मुख्य उद्देश्य भारत को एक वैश्विक आर्थिक महाशक्ति के रूप में मजबूती से स्थापित करना है।</p>
<h3>बजट भाषण में बड़ा बदलाव</h3>
<p>इस साल के केंद्रीय बजट में भाषण के पार्ट-B को पहले की तुलना में बहुत अधिक विस्तार दिया जाएगा। आमतौर पर बजट का पार्ट-B संक्षिप्त होता था, लेकिन इस बार इसमें विस्तृत नीतिगत बयान और भविष्य के लक्ष्य होंगे। यह रणनीतिक बदलाव देश के दीर्घकालिक आर्थिक विकास को और अधिक गति प्रदान करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।</p>
<h3>पार्ट-B पर रहेगा विशेष ध्यान</h3>
<p>मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के भाषण का मुख्य केंद्र इस बार बजट का पार्ट-B ही रहने वाला है। इसमें तात्कालिक कर प्रस्तावों के साथ-साथ कई वर्षों के लिए तैयार किए गए रणनीतिक उद्देश्यों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार मौजूदा वित्तीय जरूरतों और भविष्य की आर्थिक चुनौतियों के Bच एक सटीक संतुलन बनाने का गंभीर प्रयास कर रही है।</p>
<h3>वैश्विक चुनौतियों और भारत का रोडमैप</h3>
<p>पार्ट-B में अब केवल टैक्स प्रस्ताव ही नहीं बल्कि एक व्यापक रणनीतिक रोडमैप होगा जो भारत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेगा। इसका मुख्य मकसद भारत की स्थानीय ताकत और भविष्य में विकास की संभावनाओं को दुनिया के सामने बेहतर तरीके से प्रदर्शित करना है। यह बदलाव ऐसे समय में हो रहा है जब भारत अमेरिका द्वारा लगाए गए ऊंचे टैरिफ का सामना कर रहा है।</p>
<h3>विदेशी निवेशकों के लिए स्पष्ट संकेत</h3>
<p>सरकार विदेशी निवेशकों को भरोसा दिलाने के लिए बजट भाषण के जरिए एक स्पष्ट लॉन्ग-टर्म नीतिगत वक्तव्य जारी करना चाहती है। भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच भारत खुद को एक स्थिर और विकासशील बाजार के रूप में वैश्विक स्तर पर पेश करने का इच्छुक है। आने वाले वर्षों में विकास की रफ्तार को बनाए रखने के लिए यह नीतिगत स्पष्टता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अत्यंत आवश्यक है।</p>
<h3>आर्थिक सर्वेक्षण और निवेश रणनीति</h3>
<p>हाल ही में पेश किए गए इकोनॉमिक सर्वे में भी देश के निवेश माहौल को मजबूत करने के लिए बहुआयामी रणनीति सुझाई गई है। इसमें स्थिरता, मैक्रोइकोनॉमिक मजबूती और बाजार के आकार जैसे फायदों को बढ़ावा देने की बात कही गई है ताकि निवेश बढ़े। सरकार संरचनात्मक और चक्रीय कारकों को संबोधित करके देश की आर्थिक नींव को और अधिक मजबूत बनाना चाहती है।</p>
<h3>पारंपरिक ढांचे से हटकर नई सोच</h3>
<p>पारंपरिक रूप से <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-nirmala-sitharaman-unique-presentation-part-b-details-1545258.html">बजट भाषणों</a> में अब तक केवल पार्ट-ए पर ही ज्यादा ध्यान दिया जाता था जिसमें प्रमुख वित्तीय डेटा होता था। पार्ट-B हमेशा से संक्षिप्त नीतिगत बयानों और समापन की टिप्पणियों तक ही सीमित रहा है लेकिन अब यह पूरी तरह बदलेगा। इस नए पैटर्न का उद्देश्य भारत को वैश्विक मंच पर और भी अधिक खास और मजबूत स्थिति प्रदान करना है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-why-curd-sugar-served-for-finance-minister-before-the-budget-story-behind-this-sweet-tradition-1545476.html">Budget 2026: बजट से पहले क्यों खिलाई जाती है ‘दही-चीनी’? जानिए राष्ट्रपति भवन की इस मीठी परंपरा की कहानी</a></strong></p>
<h3>नौवीं बार बजट और विकास की राह</h3>
<p>वित्त मंत्री <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-finance-minister-nirmala-sitharman-reached-parliament-1545412.html">निर्मला सीतारमण</a> आज अपना लगातार नौवां बजट पेश कर रही हैं, जो पी चिदंबरम के रिकॉर्ड की बराबरी कर रहा है। वर्तमान में भारत की आर्थिक विकास दर लगभग 7.4 प्रतिशत है, जो इस बजट की रणनीतियों को और भी महत्वपूर्ण बनाती है। यह बजट न केवल वर्तमान वित्तीय वर्ष बल्कि अगले कई वर्षों के लिए भारत की आर्थिक दिशा तय करेगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026 से पहले याद आया 1973 का ‘ब्लैक बजट’, जब आर्थिक संकट और भुखमरी से जूझ रहा था देश</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/budget-2026-lessons-from-1973-black-budget-economic-crisis-starvation-1545517.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[अक्षय साहू]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 05:26:51 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 05:26:51 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Business News Updates]]></category>
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					<description><![CDATA[Union Budget 2026: साल 1973 का ‘ब्लैक बजट’ भारत की अर्थव्यवस्था को हिला गया। भारी राजकोषीय घाटा, युद्ध, सूखा और भुखमरी ने सरकार को कठिन फैसले लेने पर मजबूर किया।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/Black-Budget-of-India_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Budget 2026 Lessons From 1973 Black Budget Economic Crisis Starvation"     /></figure><p><span style="font-weight: 400;"><strong>Black Budget of India:</strong> भारत के बजट इतिहास में साल 1973 का बजट हमेशा चर्चा में रहता है। इसे ‘ब्लैक बजट’ कहा गया क्योंकि इसने देश की आर्थिक स्थिति को हिला दिया था। भारी घाटा, युद्ध का बोझ, सूखा और भुखमरी इन सब वजहों से यह बजट ऐतिहासिक रूप से काले दौर का प्रतीक बन गया।</span></p>
<p><span style="font-weight: 400;">आज जब <a href="https://navbharatlive.com/business/union-budget-2026-27-meet-the-nirmala-sitharaman-core-team-1545444.html">वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण</a> संसद में केंद्रीय बजट 2026 पेश करेंगी। यह उनका लगातार 9वां बजट होगा, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। हर बजट में देश की अर्थव्यवस्था, नई योजनाओं और भविष्य की दिशा का संकेत मिलता है।</span></p>
<h3><b>ब्लैक बजट क्या था?</b></h3>
<p><span style="font-weight: 400;">साल 1973 में पेश किया गया यह बजट तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के समय वित्त मंत्री यशवंतराव बी. चव्हाण ने पेश किया था। इस बजट में सरकार को लगभग 550 करोड़ रुपये का भारी घाटा हुआ। उस समय यह रकम बेहद बड़ी थी। इस भारी घाटे को राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) कहा जाता है।</span></p>
<p><b>राजकोषीय घाटा क्या होता है?</b></p>
<p><span style="font-weight: 400;">जब सरकार की आमदनी कम और खर्च ज्यादा हो जाता है, तो जो अंतर बचता है, उसे राजकोषीय घाटा कहते हैं। अधिक घाटा होने पर सरकार को देश चलाने के लिए कर्ज लेना पड़ता है, जिससे आर्थिक संकट बढ़ता है।</span></p>
<h3><b>देश की आर्थिक हालत क्यों बिगड़ी थी?</b></h3>
<p><span style="font-weight: 400;">1973 में भारत कई मुश्किल दौर से गुजर रहा था, जिसमें पाकिस्तान के साथ युद्ध के बाद भारी खर्च, लगभग 1 करोड़ शरणार्थियों की देखभाल, रक्षा बजट बढ़कर 1600 करोड़ रुपये, सूखा और फसलों की बर्बादी और गांवों में खाने की कमी जैसी बड़ी समस्याएं थी। </span></p>
<h3><b>सरकार ने क्या कदम उठाए?</b></h3>
<p><span style="font-weight: 400;">आर्थिक हालात सुधारने के लिए सरकार ने कई बड़े फैसले लिए-</span></p>
<ul>
<li style="font-weight: 400;" aria-level="1"><span style="font-weight: 400;">कोयला खदानों, बीमा कंपनियों और तांबे की कंपनियों का राष्ट्रीयकरण (लगभग 56 करोड़ रुपये खर्च)</span></li>
<li style="font-weight: 400;" aria-level="1"><span style="font-weight: 400;">सूखा राहत के लिए 220 करोड़ रुपये</span></li>
<li style="font-weight: 400;" aria-level="1"><span style="font-weight: 400;">विदेशों से 20 लाख टन अनाज मंगाना और इसके लिए 160 करोड़ रुपये खर्च</span></li>
</ul>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a title="मोदी कैबिनेट ने बजट 2026-27 को दी मंजूरी, थोड़ी देर में बजट पेश करेंगी निर्मला सीतारमण" href="https://navbharatlive.com/business/pm-modi-cabinet-approves-union-budget-2026-27-1545441.html"> मोदी कैबिनेट ने बजट 2026-27 को दी मंजूरी, थोड़ी देर में बजट पेश करेंगी निर्मला सीतारमण </a></strong></p>
<h3><b>नजर Budget 2026 पर</b></h3>
<p><span style="font-weight: 400;">आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी। यह उनका 9वां लगातार बजट है। बजट सुबह 11 बजे पेश होगा। देश की उम्मीद है कि <a href="https://navbharatlive.com/business/stock-market-budget-2026-sunday-trading-sensex-nifty-live-updates-metal-defense-stocks-1545466.html">बजट 2026</a> विकास, रोजगार और महंगाई में राहत देने वाला होगा।</span></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>असम-बंगाल से लेकर&amp;#8230;केरल-तमिलनाडु तक: चुनावी राज्यों को मिलेगा मोदी का स्पेशल गिफ्ट, जानिए क्या होंगे ऐलान?</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/modi-special-gift-for-election-states-from-assam-bengal-to-kerala-tamil-nadu-budget-2026-1545493.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[अभिषेक सिंह]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 05:24:25 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 07:52:32 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Assembly Election 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Narendra Modi]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://navbharatlive.com/?p=1545493</guid>

					<description><![CDATA[Budget 2026: केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में बजट पेश कर रही हैं। इस साल कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में चुनावी समीकरणों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/pm-modi-and-nirmala-sitharaman_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Modi Special Gift For Election States From Assam Bengal To Kerala Tamil Nadu Budget 2026"     /></figure><p><strong>Budget 2026 Expectations for Election States:</strong> केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में बजट पेश कर रही हैं। इस साल कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में चुनावी समीकरणों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसकी पहली बानगी निर्मला सीतारमण के पहनावे में दिख गई है। इस बार वित्त मंत्री ने बैंगनी रंग की कांजीवरम साड़ी पहनी हुई है, जो कि तमिलनाडु की संस्कृति का हिस्सा है। इससे यह तो साफ है कि चुनावी राज्यों के लिए बजट में खास प्रावधान होने वाले हैं।</p>
<p>पिछली बार निर्मला सीतारमण ने मधुबनी प्रिंट की साड़ी पहनी थी। पिछले साल बिहार में विधानसभा चुनाव होने थे। तब बजट में बिहार के लिए कई बड़े ऐलान किए गए थे। जिनमें मखाना बोर्ड का गठन, एयरपोर्ट, फूड प्रोसेसिंग इंस्टीट्यूट, पटना IIT और हवाई अड्डों का विस्तार शामिल था। इसके साथ ही कई अन्य बड़े ऐलान भी किए गए थे।</p>
<h3>चुनावी राज्यों के लिए होगा बड़ा ऐलान</h3>
<p>देश के बड़े राज्यों में पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव होने हैं। गौर करने वाली बात यह है कि असम और पुडुचेरी के अलावा अन्य किसी राज्य में भाजपा की सरकार नहीं है। इन राज्यों में वह खुद खुद को एक मजबूत विकल्प के रूप में पेश कर रही है और सत्ता पर काबिज होने की कोशिश में जुटी है। ऐसे में जानते हैं कि चुनावी राज्यों को इस बजट से क्या-क्या उम्मीदें हो सकती हैं&amp;#8230;</p>
<h3>पिछले बजट में क्या कुछ मिला था?</h3>
<p>पिछले बजट में आवास, नदी प्रबंधन, स्वास्थ्य, आर्थिक विकास और पर्यटन पर खास ज़ोर दिया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद पिछले दिसंबर में पश्चिम बंगाल गए थे, जहां उन्होंने कई हाईवे प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया था। सरकार का कहना था कि ये हाईवे प्रोजेक्ट्स कोलकाता और सिलीगुड़ी के बीच एक मजबूत कनेक्टिविटी लिंक प्रदान करेंगे।</p>
<h3>बंगाल और असम पर PM का ध्यान</h3>
<p>इससे पहले <a href="https://navbharatlive.com/business/pm-modi-cabinet-approves-union-budget-2026-27-1545441.html">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी</a> ने पश्चिम बंगाल के लिए पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लॉन्च की। यह ट्रेन गुवाहाटी-हावड़ा के बीच चल रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, मोदी सरकार इस बजट में कोलकाता मेट्रो के विस्तार के लिए और ज्यादा फंड आवंटित कर सकती है। वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे जैसे एक्सप्रेसवे के बारे में भी एक बड़ी घोषणा की उम्मीद है।</p>
<p>असम के मामले में पिछले बजट में कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और खाद्य सुरक्षा पर भी ध्यान केंद्रित किया गया था। मोदी सरकार ने हाल के वर्षों में पूर्वोत्तर राज्यों को प्राथमिकता दी है। बजट के आंकड़े बताते हैं कि सरकार ने असम की रेल कनेक्टिविटी, आपदा प्रबंधन और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खास जोर दिया है।</p>
<p>हाल ही में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 1 हजार 715 करोड़ रुपये की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की आधारशिला रखी। डिब्रूगढ़ में भी कई विकास परियोजनाओं की घोषणा की गई है। केंद्रीय मंत्रियों ने कहा है कि डिब्रूगढ़ को राज्य की दूसरी राजधानी के रूप में विकसित किया जाएगा।</p>
<h3>तमिलनाडु को बजट्स में क्या मिला?</h3>
<p>चुनाव वाले राज्य तमिलनाडु में मोदी सरकार ने हाल के वर्षों में बजट के दौरान शिक्षा, आवास और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पर काफी खर्च किया है। कई हाईवे और कॉरिडोर प्रोजेक्ट भी शुरू किए गए हैं। उदाहरण के तौर पर मदुरै-कोल्लम कॉरिडोर सामने है। इस प्रोजेक्ट ने न केवल दोनों शहरों के बीच की दूरी कम की है, बल्कि उद्योग और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत किया है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://navbharatlive.com/business/trump-tariff-challenge-india-budget-2026-move-nirmala-sitharaman-strategy-1545354.html">ट्रंप के टैरिफ को मिलेगा मोदी का करारा जवाब, सीतारमण ने सेट कर दिए समीकरण, बजट में बड़ा दांव खेलेगी सरकार?</a></strong></p>
<p>चेन्नई-महाबलीपुरम-पुडुचेरी कॉरिडोर को लेकर भी चर्चाएं तेज़ हो रही हैं। तटीय क्षेत्र में स्थित यह प्रोजेक्ट कनेक्टिविटी में सुधार करेगा और पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय उद्योगों को भी बढ़ावा देगा। इसके साथ ही दक्षिणी राज्य केरल को इस साल के बजट से काफी उम्मीदें हैं।</p>
<h3>21 हजार करोड़े के पैकेज की मांग</h3>
<p>राज्य अपने लिए एक विशेष योजना चाहता है और अपने इंफ्रास्ट्रक्चर और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मोदी सरकार से मदद मांग रहा है। बताया जा रहा है कि केरल के वित्त मंत्री के.एन. बालगोपाल ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को एक पत्र लिखकर 29 मांगें रखी हैं। केरल 21 हजार करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग कर रहा है। ऐसे में उम्मीद है कि बजट में केरल और अन्य चुनावी राज्यों के लिए खास ऐलान होने वाले हैं।</p>
<p><iframe loading="lazy" title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/RgZ7MlMZS_k" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Budget 2026: आज निर्मला सीतारमण का नौवां बजट, जानें कौन हैं वे वित्त मंत्री जिन्होंने कभी नहीं पेश किया बजट?</title>
		<link>https://navbharatlive.com/business/budget-2026-nirmala-sitharaman-budget-history-fms-who-never-presented-budget-1545471.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रिया सिंह]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 05:13:05 +0000</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 01 Feb 2026 05:13:05 +0530</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[बजट]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Budget 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Budget History]]></category>
		<category><![CDATA[Budget News]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://navbharatlive.com/?p=1545471</guid>

					<description><![CDATA[Indian Budget History: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज अपना 9वां बजट पेश कर रही हैं। बजट इतिहास में केसी नियोगी और एचएन बहुगुणा ऐसे दो वित्त मंत्री रहे हैं जिन्हें कभी बजट पेश करने का अवसर नहीं मिला।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/02/fms-who-never-presented-budget_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Budget 2026 Nirmala Sitharaman Budget History Fms Who Never Presented Budget"     /></figure><p><strong>FMs Who Never Presented Budget:</strong> आज भारत का केंद्रीय बजट 2026 संसद में पेश किया जा रहा है जिसे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सुबह 11 बजे प्रस्तुत करेंगी। यह उनके कार्यकाल का लगातार नौवां बजट भाषण है जिसमें एक अंतरिम बजट भी शामिल है और वे एक नया कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। इस बजट के साथ वे पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के नौ बजट पेश करने के रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगी। केंद्रीय बजट के इस महत्वपूर्ण अवसर पर हमें उन ऐतिहासिक तथ्यों को भी जानना चाहिए जो भारतीय बजट के सफर को रोचक बनाते हैं।</p>
<h3>इतिहास के वो दो अभागे वित्त मंत्री</h3>
<p>भारतीय बजट के लंबे इतिहास में दो ऐसे दुर्लभ मौके आए जब देश के नियुक्त वित्त मंत्री एक भी बजट पेश नहीं कर सके थे। इन मंत्रियों में पहला नाम केसी नियोगी का है जिन्होंने साल 1948 में देश के वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली थी। वे आजाद भारत के दूसरे वित्त मंत्री थे लेकिन अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले ही उन्हें अपने पद से हटना पड़ा था।</p>
<h3>केसी नियोगी का सबसे छोटा कार्यकाल</h3>
<p>केसी नियोगी केवल 35 दिनों के लिए ही वित्त मंत्री के पद पर आसीन रहे थे जिसके कारण उन्हें बजट पेश करने का मौका नहीं मिला। उन्होंने आरके शणमुखम चेट्टी के बाद यह पद संभाला था लेकिन बजट की तारीख आने से पहले ही उन्होंने अपना इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे के बाद जॉन मथाई ने कार्यभार संभाला और उन्होंने ही उस समय संसद में देश का बजट पेश किया था।</p>
<h3>हेमवती नंदन बहुगुणा की अधूरी पारी</h3>
<p>दूसरे <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-nirmala-sitharaman-record-for-ninth-consecutive-budget-presentation-1545349.html">वित्त मंत्री</a> हेमवती नंदन बहुगुणा थे जिन्हें वित्त मंत्री रहने के बावजूद संसद में बजट भाषण पढ़ने का अवसर कभी प्राप्त नहीं हो सका। बहुगुणा साल 1979 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार में वित्त मंत्री के रूप में नियुक्त किए गए थे और कार्यभार संभाला था। उनका कार्यकाल भी नियोगी की तरह छोटा था जो लगभग साढ़े पांच महीने तक ही चला और इस दौरान बजट सत्र नहीं आया।</p>
<h3>कार्यकाल और बजट की बड़ी चुनौतियां</h3>
<p>इन दोनों दिग्गज नेताओं के कार्यकाल के दौरान बजट की कोई भी निर्धारित तारीख नहीं आई जिसके कारण वे अपनी आर्थिक योजनाएं नहीं रख सके। नियोगी और बहुगुणा दोनों के साथ स्थिति लगभग समान थी क्योंकि उनके इस्तीफे बजट सत्र शुरू होने से पहले ही स्वीकार हो गए थे। यह भारतीय संसदीय लोकतंत्र के इतिहास में एक अत्यंत दुर्लभ और रोचक घटनाक्रम माना जाता है जिसे आज भी याद किया जाता है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://navbharatlive.com/videos/budget-2026-common-man-wishlist-tax-relief-impact-pocket-1545326.html">Budget 2026: आम आदमी की धड़कने तेज, क्या है विशलिस्ट? कम होगा टैक्स का बोझ या जेब पर पड़ेगा असर</a></strong></p>
<h3>वर्तमान बजट और महंगाई का बड़ा झटका</h3>
<p>आज <a href="https://navbharatlive.com/business/budget-2026-finance-minister-nirmala-sitharman-reached-parliament-1545412.html">निर्मला सीतारमण</a> के सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं जिनमें राजकोषीय घाटा कम करना और आम मध्यम वर्गीय जनता को बड़ी राहत देना शामिल है। बजट के इस महत्वपूर्ण दिन पर एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 50 की बढ़ोतरी का एक बड़ा झटका भी देशवासियों को लगा है। दिल्ली से लेकर मुंबई तक गैस के दाम बढ़ गए हैं जिससे लोगों की जेब पर सीधा बोझ पड़ा है।</p>
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