Budget 2026: जनगणना 2027 के लिए सरकार ने खोला खजाना, बजट में ₹6,000 करोड़ का आवंटन; कब से शुरू होगी प्रक्रिया?

Budget For Census: जनगणना के लिए केंद्र सरकार ने ₹6,000 करोड़ का बड़ा बजट आवंटित किया है। 1 अप्रैल से शुरू होने वाली इस विशाल कवायद में लद्दाख और शेष भारत के लिए अलग-अलग संदर्भ तिथियां तय की गई हैं।
fund for census in budget 2026
Published on
Updated on

Fund For Census In Budgete 2026: केंद्र सरकार ने बहुप्रतीक्षित जनगणना 2027 को लेकर अपनी तैयारी पूरी कर ली है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट 2026-27 में जनगणना, सर्वेक्षण और सांख्यिकी कार्यों के लिए ₹6,000 करोड़ की भारी-भरकम राशि आवंटित की गई है। यह आवंटन पिछले वित्त वर्ष के संशोधित अनुमान (₹1,040 करोड़) से लगभग छह गुना अधिक है।

कोविड-19 महामारी के कारण भारत की जनगणना में लगभग छह साल की देरी हुई है। अब यह कवायद 1 अप्रैल से आधिकारिक तौर पर शुरू होने जा रही है। बजट दस्तावेजों के अनुसार, इस राशि का उपयोग भारत के महापंजीयक (RGI) के कार्यालय द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी (NPR) के अपडेट और जनगणना 2027 के संपूर्ण खर्चों के लिए किया जाएगा।

लद्दाख और शेष भारत के लिए अलग तिथियां

भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने जनगणना के लिए दो संदर्भ तिथियां (Reference Dates) तय की हैं। लद्दाख (बर्फ से ढके क्षेत्र) इन क्षेत्रों के लिए संदर्भ तिथि 1 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। वहीं, देश के अन्य सभी हिस्सों के लिए जनगणना की संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 होगी।

डेटा और प्रशासन का सुदृढ़ीकरण

यह 16वीं जनगणना देश के भविष्य की नीतियों और योजनाओं के निर्धारण में निर्णायक भूमिका निभाएगी। बजट में की गई वृद्धि यह संकेत देती है कि इस बार जनगणना प्रक्रिया में अत्याधुनिक डिजिटल तकनीकों का व्यापक उपयोग किया जाएगा, जिससे डेटा संग्रह अधिक सटीक और पारदर्शी हो सके। सांख्यिकी और महापंजीयक कार्यालय को मिलने वाला यह वित्तीय संबल प्रशासनिक तंत्र को जमीनी स्तर पर मजबूत करेगा।

आज भारत का ऐतिहासिक बजट

आज 1 फरवरी, 2026 का दिन भारत के इतिहास में दर्ज होने जा रहा है। पहली बार रविवार के दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना लगातार 9वां और मोदी सरकार का 15वां बजट 2026 पेश किया। संसद की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, लेकिन उससे पहले ही हलचल तेज हो गई थी। आज का बजट इसलिए भी ऐतिहासिक रहा, क्योंकि NSE, BSE और MCX जैसे शेयर बाजार संडे को भी खुले। हालांकि, निवेशकों को बाजार में गिरावट से बड़ा झटका लगा।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com