Budget 2026: बजट के बाद शेयर बाजार में कोहराम, सेंसेक्स 2000 अंक टूटा, निवेशकों के डूबे लाखों करोड़

Share Market: बजट 2026 के मौके पर स्पेशल ट्रेडिंग सेशन के दौरान शेयर मार्केट में बड़ी देखने को मिल रही है। जहां बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं।
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शेयर मार्केट, ( डिजाइन फोटो/नवभारत)
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Budget 2026 Effect: यूनियन बजट 2026 के मौके पर विशेष ट्रेडिंग के दौरान भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। निफ्टी 50 इंडेक्स 25,333.75 पर खुला, जिसमें 13.10 अंकों या 0.05 परसेंट की मामूली बढ़त दर्ज की गई। जबकि BSE सेंसेक्स 82,445.97 पर खुला, जो 176.19 अंकों या 0.21 परसेंट ऊपर था। हालांकि, बजट पेश होने के बाद शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखी गई। सेंसेक्स में 2000 अंकों की बड़ी गिरावट आई। इससे शेयर बाजार में अफरा-तफरी का माहौल है।

अपने बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि फ्यूचर ट्रेड पर STT को 0.02 परसेंट से बढ़ाकर 0.05 परसेंट किया जाएगा। इसके अलावा, FM ने ऑप्शंस प्रीमियम पर STT को 0.1 परसेंट से बढ़ाकर 0.15 परसेंट करने का प्रस्ताव दिया। इसका शेयर बाजार पर बुरा असर पड़ा। ब्रॉडर मार्केट भी निचले स्तर पर ट्रेड करते दिखे। निफ्टी मिडकैप 100 में 2.7 परसेंट की गिरावट आई और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 3.4 परसेंट की गिरावट दर्ज की गई है।

बजट भाषण के बीच धड़ाम हुआ निफ्टी-सेंसेक्स

शेयर बाजार में 12:15 के आसपास तेज गिरावट लौटती दिखाई दी। बजट भाषण के बीच ही सेंसेक्स 800 अंकों से ज्यादा गिरकर 81,420 के लेवल पर पहुंच गया था। इंडेक्स अपने डे हाई से 1200 अंकों से ज्यादा के नुकसान पर था। वहीं, निफ्टी 300 अंक गिरकर 25,018 के पास पहुंच गया था। बैंक निफ्टी में भी 700 अंकों से ज्यादा की गिरावट थी। इंडेक्स अपने इंट्राडे हाई से 900 अंकों से ज्यादा नीचे था। हालांकि, कुछ देर बाद ही मार्केट पूरी तरह से क्रैश हो गया।

फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर STT बढ़ा

Securities Transaction Tax (STT) भारत में मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज पर होने वाले हर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन पर लगाया जाने वाला टैक्स है। जब कोई निवेशक शेयर, फ्यूचर्स या ऑप्शंस में ट्रेड करता है, तो उस सौदे की वैल्यू पर STT देना पड़ता है। STT की दर अलग-अलग इंस्ट्रूमेंट्स पर अलग होती है। इक्विटी शेयर में खरीद और बिक्री दोनों पर करीब 0.1% टैक्स लगता है।

वहीं, फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर यह दर कम होकर करीब 0.02% होती है। ऑप्शन ट्रेडिंग में आमतौर पर प्रीमियम वैल्यू पर करीब 0.1% STT लगाया जाता है। इस टैक्स का मकसद शेयर बाजार में होने वाले ट्रांजैक्शन पर सरकार को रेवेन्यू देना और ट्रेडिंग को ट्रैक करना होता है।

एक झटके में निवेशकों का 8 लाख करोड़ स्वाहा

शेयर बाजार में एकदम से बढ़ी इस गिरावट का असर निवेशकों की संपत्ति पर भी देखने को मिला है। उन्हें हुए नुकसान का अनुमान MSE Market Cap Data को देखकर लगाया जा सकता है। दरअसल, बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन में बड़ी गिरावट आई है। बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को बीएसई मार्केट कैप 460 लाख करोड़ रुपये था, जो आज 8 लाख करोड़ रुपये घटकर 52 लाख करोड़ रुपये पर आ गया है।

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