'तुम क्या हो? ...ये ही होना चाहिए', जनसुनवाई में लापरवाह अफसर पर भड़के राजस्थान सीएम भजनलाल शर्मा

Rajasthan News: मुख्यमंत्री निवास पर जनसुनवाई के दौरान सीएम भजनलाल शर्मा अधिकारियों की लापरवाही पर बिफर पड़े। उन्होंने एक अधिकारी को सरेआम फटकार लगाते हुए पीड़ित का काम तुरंत पूरा करने का आदेश दिया।
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सीएम भजनलाल शर्मा, फोटो- सोशल मीडिया
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Rajasthan CM Public Hearing: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का सोमवार को एक सख्त और नया अवतार देखने को मिला। जयपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित जनसुनवाई में जनता की पीड़ा सुनकर सीएम का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया, जिसके बाद उन्होंने लापरवाह अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आमतौर पर अपनी सादगी और जनता के बीच सुलभता के लिए पहचाने जाते हैं, लेकिन सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर नजारा बिल्कुल अलग था। जनसुनवाई के दौरान जब मुख्यमंत्री एक पीड़ित की गुहार सुन रहे थे, तो उन्हें सरकारी तंत्र की ढिलाई का एहसास हुआ। पीड़ित की समस्या का समाधान न होने की बात जानकर सीएम का गुस्सा फूट पड़ा और वहां मौजूद अधिकारियों के बीच अचानक सन्नाटा पसर गया। मुख्यमंत्री ने किसी भी प्रकार की हीला-हवाली को बर्दाश्त न करने के संकेत देते हुए सीधे तौर पर जवाबदेही तय करने की बात कही।

'तुम क्या हो?' जब मुख्यमंत्री ने सीधे अधिकारी को घेरा

सोशल मीडिया पर इस घटना का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री का 'एक्शन मोड' साफ नजर आ रहा है। एक विशेष शिकायत पर कार्रवाई न होने से नाराज मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारी को सीधे निशाने पर लिया। वीडियो में सीएम बेहद कड़े लहजे में अधिकारी से पूछते नजर आ रहे हैं, "पी. रमेश जी क्यों है? तुम क्या हो? इनका काम आज ही हो जाना चाहिए।" मुख्यमंत्री के इन तीखे तेवरों और सार्वजनिक रूप से पूछी गई इस 'हैसियत' ने वहां मौजूद अन्य अधिकारियों के पसीने छुड़ा दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि फाइलों को अटकाना अब नहीं चलेगा।

लापरवाही पर 'नो टॉलरेंस', अधिकारियों को दी चेतावनी

मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि प्रशासन में लापरवाही के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने अफसरों से तीखे सवाल किए कि आखिर साधारण कामों के लिए जनता को बार-बार दफ्तरों के चक्कर क्यों काटने पड़ रहे हैं? मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन कार्यों में अनावश्यक देरी हुई है, उनकी जिम्मेदारी तय की जाए और संबंधित दोषियों पर कार्रवाई हो। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा, "दोबारा वही शिकायत मेरे पास नहीं आनी चाहिए।" यह कड़ा रुख दर्शाता है कि मुख्यमंत्री अब धरातल पर परिणाम चाहते हैं, न कि केवल कागजी आश्वासन।

गरीब, किसान और युवाओं के काम में ढिलाई पर सख्त आदेश

भजनलाल शर्मा ने जनसुनवाई के दौरान सरकार की प्राथमिकताओं को एक बार फिर दोहराया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का मुख्य फोकस समाज के अंतिम पायदान पर खड़े गरीब, युवा, किसान और महिलाओं पर है। यदि इन वर्गों से जुड़ी किसी भी योजना या व्यक्तिगत कार्य में कोई भी कार्मिक ढिलाई बरतता है, तो उस पर तत्काल प्रभाव से अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कई लंबित मामलों में मौके पर ही रिपोर्ट तलब की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जन समस्याओं के प्रति अधिक संवेदनशील बनें।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, जनता ने की तारीफ

राजस्थान की इस जनसुनवाई का यह वीडियो इंटरनेट पर आते ही चर्चा का विषय बन गया है। लोग मुख्यमंत्री के इस कड़े अंदाज की सराहना कर रहे हैं और इसे 'सुशासन' की दिशा में एक बड़ा कदम मान रहे हैं। जनता का मानना है कि जब तक शीर्ष स्तर से इस तरह की सख्ती नहीं होगी, तब तक निचले स्तर पर बैठे अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से नहीं लेंगे। सीएम के इस 'एक्शन मोड' ने न केवल अधिकारियों को एक कड़ा संदेश दिया है, बल्कि आम जनता में भी विश्वास जगाया है कि उनकी समस्याओं को सीधे सुना और सुलझाया जा रहा है। मुख्यमंत्री की यह नाराजगी अब प्रदेश की नौकरशाही के लिए एक बड़ी चेतावनी बन गई है।

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