बजट 2026 पर विपक्ष का हमला, शशि थरूर बोले- केरल को किया नजरअंदाज, डिंपल यादव और मनीष तिवारी हुए नाराज

Budget 2026 Criticism: कांग्रेस नेता शशि थरूर ने केरल की अनदेखी का लगाया आरोप। डिंपल यादव बोलीं- आम आदमी के लिए बजट समझना मुश्किल। पढ़ें तीखी प्रतिक्रियाएं।
Shashi Tharoor & Dimple Yadav slam Budget 2026. Critics highlight neglect of Kerala, farmers, and women. Manish Tiwari questions private investment & GDP gaps.
निर्मला सीतारमण और शशि थरूर (सौजन्य-IANS)
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Opposition on Union Budget: केंद्रीय बजट 2026 को लेकर विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के सांसदों ने बजट में राज्यों, किसानों, निर्यातकों, महिलाओं और युवाओं के लिए ठोस प्रावधानों की कमी का आरोप लगाया है।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि बजट भाषण में केरल के लिए कुछ भी स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया, जो निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि अभी हमने केवल भाषण सुना है, पूरा बजट दस्तावेज नहीं पढ़ा है, इसलिए हो सकता है कि आगे विवरण में कुछ बातें सामने आएं। लेकिन फिलहाल भाषण में जरूरी जानकारियों की कमी साफ नजर आती है।

जेबी माथेर ने जताई नाराजगी

राज्यसभा सदस्य जेबी माथेर ने भी केरल को लेकर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि केरल के लिए कोई विशेष योजना या हाई-स्पीड रेलवे परियोजना की घोषणा नहीं हुई, जो बेहद निराशाजनक है। उनका कहना था कि केरल को एक बार फिर अनदेखा किया गया है, जबकि उम्मीद थी कि सरकार कम से कम राजनीतिक या विकास के लिहाज से राज्य पर ध्यान देगी। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने बजट को खाली करार देते हुए कहा कि इसमें किसानों के लिए कुछ भी खास नहीं है और निर्यातकों की समस्याओं को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और सहारनपुर जैसे क्षेत्रों से निर्यात पूरी तरह ठप हो चुका है, लेकिन बजट में टैरिफ और निर्यात से जुड़ी दिक्कतों पर कोई राहत नहीं दी गई।

मनीष तिवारी ने आर्थिक पहलुओं पर उठाए सवाल

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने बजट 2026 के आर्थिक पहलुओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की संरचनात्मक समस्याएं अभी भी जस की तस हैं। पिछले 10 वर्षों से नाममात्र जीडीपी में गिरावट देखने को मिली है और टैक्स ब्यूएंसी बेहद कम है, जिससे सरकारी राजस्व पर असर पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक पूंजीगत खर्च बढ़ाया गया है, जिससे साफ है कि निजी निवेश अभी भी गति नहीं पकड़ पा रहा है।

कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमन सिंह ने कहा, "यह एक निराशाजनक बजट था और यह देश को नई ऊर्जा देने में सक्षम नहीं है। इस बजट में किसानों, बेरोजगार युवाओं और खासकर उत्तर प्रदेश की उपेक्षा की गई है। मैं कहूंगा कि प्रयागराज को एक रिफाइनरी और एक एम्स की जरूरत थी। लोगों को उम्मीद थी कि सरकार बजट के ज़रिए कुछ घोषणा करेगी, लेकिन चूंकि इनका कोई जिक्र नहीं था, इसलिए लोग निराश हुए हैं।"

क्या बोली डिंपल यादव

वहीं समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने बजट की भाषा को आम जनता के लिए जटिल बताया। उन्होंने कहा कि बजट में न महिलाओं के लिए कुछ खास है, न युवाओं के लिए और न ही मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए कोई ठोस योजना दिखाई देती है।

समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव कुमार राय ने कहा, "मैं सालों से बजट सुन रहा हूं, लेकिन मैंने इतना निराशाजनक, उलझाने वाला बजट कभी नहीं सुना। इसमें किसी के लिए कुछ नहीं है। ऐसा लगता है कि यह बजट सिर्फ कुछ चुनिंदा कॉर्पोरेट घरानों के लिए बनाया गया है। इसे कहीं और लिखा गया और बस यहां पढ़कर सुना दिया गया।"

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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