Budget 2026: निर्मला सीतारमण का खेल प्रेमियों को बम्पर तोहफा, SME के लिए 10 हजार करोड़ के पैकेज का ऐलान

Nirmala Sitharaman: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने खेल सामग्री सस्ती करने और ग्रामीण क्षेत्रों में खेल विकास के लिए बड़ी योजना का ऐलान किया। SME के लिए 10 हजार करोड़ रुपये भी मंजूर किए गए।
Sports Budget 2026-27
निर्मला सीतारमण (फोटो-सोशल मीडिया)
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Sports Budget 2026-27: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यूनियन बजट 2026-27 में खेलकूद से जुड़े क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। उन्होंने कहा कि खेलकूद के सामान अब सस्ते होंगे, जिससे खिलाड़ियों और युवाओं को बेहतर सुविधा मिलेगी। खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी योजना का भी ऐलान किया गया है, जो गांवों के खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेगी।

इसके साथ ही, बच्चों और युवा खिलाड़ियों के खेल में रुचि बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए जाएंगे, जिससे खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। इस पहल के तहत खेल प्रतिभा विकास, कोचिंग स्टाफ की ट्रेनिंग, खेल विज्ञान एवं तकनीक का समावेश, प्रतियोगिताओं और लीग्स का आयोजन, और खेल प्रशिक्षण के लिए बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा।

वित्त मंत्री ने महात्मा गांधी स्वरोजगार योजना के तहत SME (स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज) के लिए 10 हजार करोड़ रुपये आवंटित करने की घोषणा की, जिससे ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे और वे खेल क्षेत्र में भी अपनी प्रतिभा को निखार सकेंगे।

इससे खिलाड़ियों को न केवल आर्थिक मदद मिलेगी, बल्कि ग्रामीण स्तर पर खेलकूद का स्तर भी सुधरेगा। बच्चों और युवाओं का खेलकूद की ओर रुझान बढ़ेगा, जिससे भारत में खेलों का समग्र विकास होगा। केन्द्रीय सरकार की यह पहल खेल क्षेत्र को मजबूत बनाने और वैश्विक स्तर पर भारत को खेलों में एक प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

भारत खेलों में बड़े बदलाव की दिशा में

भारत खेलों में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बदलाव की ओर बढ़ रहा है। यह बदलाव ऐसे समय आया है जब देश 2030 में अहमदाबाद में 100वें कॉमनवेल्थ गेम्स की मेज़बानी की तैयारी कर रहा है और 2036 के ओलंपिक गेम्स के लिए अपनी दावेदारी को मजबूत कर रहा है। सरकार ने अगले 10 वर्षों के लिए खेलों के विकास में बड़े निवेश और संरचनात्मक बदलाव की नींव रखी है, ताकि "खेलो इंडिया" की भावना भारत की राष्ट्रीय पहचान और आर्थिक ताने-बाने का स्थायी हिस्सा बन सके।

आज खेलो इंडिया केवल एक खेल कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत में खेल संस्कृति को मजबूत करने, प्रतिभाओं को अवसर देने और वैश्विक स्तर पर देश की प्रतिस्पर्धा बढ़ाने का प्रतीक बन गया है। इसकी उपलब्धियां और जमीनी प्रभाव इस बात का सबूत हैं कि भारत खेलों में आने वाले दशक में एक नई दिशा और पहचान बनाने के लिए तैयार है।

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