Union Budget: संबलपुरी से कांजीवरम तक... हर बजट में दिखा अलग अंदाज, जानिए क्यों खास हैं ये साड़ियां

FM Nirmala Sitharaman Budget Day Saree: यूनियन बजट सिर्फ आर्थिक नीतियों तक सीमित नहीं होता बल्कि इसमें भारत की सांस्कृतिक पहचान भी झलकती है। हर साल बजट के दिन वित्त मंत्री की साड़ी चर्चा का विषय बनती है कभी संबलपुरी तो कभी कांजीवरम या बनारसी।
Union Budget Saree Tradition
केंद्रीय बजट के दौरान पारंपरिक साड़ी में नजर आती वित्त मंत्री (सौ. सोशल मीडिया)
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साल 2026 के बजट में वित्त मंत्री ने बैंगनी रंग की साड़ी पहनी है। बैंगनी रंग गरिमा और महत्वाकांक्षा का प्रतीक है जो विकसित भारत के लक्ष्य के साथ मेल खाता है। पिछले 9 सालों में संबलपुरी, पोचमपल्ली और कांजीवरम जैसी साड़ियों के जरिए उन्होंने भारतीय हैंडलूम को वैश्विक मंच दिया है।
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अपने पहले बजट साल 2019 में निर्मला सीतारमण ने सूटकेस की परंपरा तोड़कर बही-खाता पेश किया। उन्होंने सुनहरी बॉर्डर वाली गुलाबी रंग की मंगलगीरी साड़ी पहनी थी जो भारतीय परंपरा के प्रति उनके सम्मान को दर्शाती है।
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साल 2020 में उन्होंने चमकीले पीले रंग की सिल्क साड़ी चुनी। पीला रंग भारत में शुभता और नई उम्मीदों का प्रतीक माना जाता है। इसी बजट के दौरान उन्होंने अपना सबसे लंबा (2 घंटे 42 मिनट) भाषण दिया था।
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भारत का पहला पेपरलेस बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने लाल और सफेद रंग की पोचमपल्ली साड़ी पहनी थी। लाल रंग शक्ति का प्रतीक है और हाथ में टैबलेट डिजिटल इंडिया की नई शुरुआत थी।
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2022 में वित्त मंत्री ने ओडिशा की मशहूर संबलपुरी सिल्क साड़ी पहनी। मैरून बॉर्डर वाली इस नीली साड़ी ने हैंडलूम कारीगरों के प्रति सरकार के समर्थन का एक बड़ा संदेश दिया था।
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2023 के बजट में उन्होंने पारंपरिक टेंपल बॉर्डर वाली लाल साड़ी पहनी। यह लुक काफी 'पावरफुल' था, जो भारत की सांस्कृतिक विरासत और उभरती अर्थव्यवस्था के आत्मविश्वास को दिखाता है।
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साल 2024 में वित्त मंत्री ने नीले रंग की हैंडलूम साड़ी कैरी की थी। इस साड़ी पर भारतीय हथकरघा की खूबसूरती साफ नजर आ रही थी। इस साड़ी को लेकर खूब चर्चा हुई थी।
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2025 के बजट में भी उन्होंने दक्षिण भारतीय सिल्क को प्राथमिकता दी। वित्त मंत्री की साड़ियां अक्सर उन राज्यों के बुनकरों को ट्रिब्यूट होती हैं जिनकी कला को वैश्विक मंच की जरूरत है।

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