
सांकेतिक तस्वीर (Image- Social Media)
Gold-Silver Prices: सोने और चांदी की कीमतों में हाल ही में काफी वृद्धि देखी गई है, और इसलिए इस बार बजट पर सभी की निगाहें थीं। हालांकि, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गोल्ड और सिल्वर में निवेश से जुड़े नियमों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है। इस बीच, सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट आई। एमसीएक्स पर कारोबार के दौरान सोने की कीमत ₹13,000 प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत ₹26,000 तक गिर गई।
सोने की खरीद पर 3% जीएसटी लगता है, जबकि मेकिंग चार्ज पर 5% जीएसटी का प्रावधान है। अगर फिजिकल गोल्ड का होल्डिंग पीरियड 24 महीने तक है, तो शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगता है। वहीं, अगर होल्डिंग पीरियड 24 महीने से ज्यादा है, तो इनडेक्सेशन बेनिफिट्स के बिना 12.5% का लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन टैक्स लागू होता है। डिजिटल गोल्ड और सिल्वर पर भी वही टैक्स लागू होता है, जो फिजिकल गोल्ड पर होता है, हालांकि इस पर 5% का मेकिंग चार्ज नहीं लगता है।
विरासत में मिले सोने या चांदी पर कोई टैक्स नहीं लगता, चाहे वह माता-पिता, पति-पत्नी, या भाई-बहन से ही क्यों न मिला हो। लेकिन अगर किसी अन्य व्यक्ति से ₹50,000 से अधिक मूल्य का तोहफा मिलता है, तो उस पर टैक्स लागू होगा, और यह टैक्स तोहफा प्राप्त करने वाले को देना होगा। भारत में विरासत टैक्स नहीं है, और जब विरासत में मिला सोना या चांदी बेचा जाता है, तो कैपिटल गेन की गणना मूल मालिक की खरीद मूल्य पर की जाती है, जिसमें पिछले ऑनर का होल्डिंग पीरियड भी शामिल होता है।
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अगर गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ का होल्डिंग पीरियड 12 महीने तक है, तो उस पर स्लैब रेट्स के हिसाब से टैक्स लगता है। अगर होल्डिंग पीरियड 12 महीने से ज्यादा है, तो 12.5% टैक्स बिना टैक्सेशन के लगेगा। गोल्ड और सिल्वर म्यूचुअल फंड्स में, अगर होल्डिंग पीरियड 24 महीने तक है, तो उस पर स्लैब रेट्स के हिसाब से टैक्स लगेगा। 24 महीने से ज्यादा होल्डिंग पीरियड होने पर, टैक्स के बिना 12.5% टैक्स लगेगा।






