
रोड बजट (फोटो-सोशल मीडिया)
Road Transport Budget 2026: बुनियादी ढांचे के विकास को भारत की आर्थिक प्रगति का इंजन मानते हुए, केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को बड़ी सौगात दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस मंत्रालय के लिए ₹3.09 लाख करोड़ आवंटित करने का प्रस्ताव पेश किया है, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में करीब 8 प्रतिशत अधिक है।
वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष (2025-26) में यह आवंटन ₹2.87 लाख करोड़ था, जिसे अब बढ़ाकर ₹3.09 लाख करोड़ कर दिया गया है। इस बजट का एक बड़ा हिस्सा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के खाते में जाएगा। एनएचएआई के लिए आवंटन को पिछले वर्ष के ₹1.70 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹1.87 लाख करोड़ करने का प्रस्ताव है। यह वृद्धि न केवल नई सड़क परियोजनाओं के निर्माण में तेजी लाएगी, बल्कि देश के सुदूर क्षेत्रों को प्रमुख व्यापारिक केंद्रों से जोड़ने के लक्ष्य को भी पूरा करेगी।
बजट घोषणाओं के बीच एक सकारात्मक खबर एनएचएआई की ऋण देनदारी को लेकर भी आई है। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, एनएचएआई मार्च 2026 में समाप्त होने वाले चालू वित्त वर्ष तक अपने कुल कर्ज को ₹2 लाख करोड़ से नीचे लाने की योजना बना रहा है।
गौरतलब है कि साल 2021-22 में एनएचएआई का कर्ज ₹3.5 लाख करोड़ के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था, जिससे संगठन की वित्तीय स्थिरता पर सवाल उठ रहे थे। हालांकि, प्रभावी प्रबंधन और निरंतर भुगतान के चलते 31 दिसंबर, 2025 तक यह घटकर ₹2.35 लाख करोड़ रह गया है।
यह भी पढ़ें: Budget 2026: तमिलनाडु के लिए बड़ी सौगात, हाई-स्पीड रेल और दुर्लभ खनिज गलियारा मंजूर
मंत्रालय को मिले इस अतिरिक्त फंड का उपयोग रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे, आर्थिक गलियारों और ग्रीनफील्ड परियोजनाओं को पूरा करने में किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य सड़क निर्माण की गति को बढ़ाकर लॉजिस्टिक्स लागत (Logistics Cost) में कमी लाना है, जिससे भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके।
वित्त मंत्री की यह घोषणा स्पष्ट करती है कि सरकार बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ाकर रोजगार सृजन और दीर्घकालिक आर्थिक विकास की नींव मजबूत करना चाहती है।






