Pune में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा पर मंथन, मंत्री चंद्रकांत पाटील ने किया राज्यस्तरीय कार्यशाला का उद्घाटन

Maharashtra की उच्च एवं तकनीकी शिक्षा को गुणवत्ता, कौशल और रोजगारोन्मुख बनाने के उद्देश्य से पुणे में राज्यस्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। मंत्री चंद्रकांत पाटील ने कार्यशाला का उद्घाटन किया।
Chandrakant Patil
चंद्रकांत पाटिल (सौ. सोशल मीडिया )
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Pune News In Hindi: महाराष्ट्र की उच्च एवं तकनीकी शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और रोजगारोन्मुख बनाने के उद्देश्य से पुणे में एक दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्घाटन राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील के हाथों संपन्न हुआ।

कार्यशाला के दौरान राज्य की उच्च शिक्षा प्रणाली में सुधार, कौशल-आधारित पाठ्यक्रमों, डिजिटल नवाचार और विद्यार्थियों को रोजगार के लिए तैयार करने जैसी नीतिगत पहलों पर गहन चर्चा की गई।

नीतिगत सुधारों पर हुआ मंथन

इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव वेणुगोपाल रेड्डी, राज्य परियोजना निदेशक राजेंद्र भारुड, उच्च शिक्षा निदेशक शैलेंद्र देवलाणकर और तकनीकी शिक्षा निदेशक डॉ. विनोद मोहितकर मौजूद रहे। साथ ही सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सुरेश गोसावी, प्र-कुलपति डॉ. पराग काळकर, पूर्व कुलपति डॉ. नितीन करमळकर सहित राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति, प्राध्यापक और शिक्षा विशेषज्ञों ने भाग लिया।

महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर

कार्यशाला के दौरान उच्च शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया। मंत्री चंद्रकांत पाटील की उपस्थिति में महाराष्ट्र शासन के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग और इन्फ्लिबनेट (INFLIBNET) केंद्र, गांधीनगर के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

इस मौके पर इन्फ्लिबनेट की निर्देशिका प्रो. डॉ. देविका मदल्ली भी उपस्थित रहीं। इस एमओयू के तहत राज्य संस्थागत रैंकिंग प्रणाली और राज्य उच्च शिक्षा सूचना प्रबंधन प्रणाली जैसी एकीकृत वेब-आधारित प्रणालियों का विकास किया जाएगा।

डिजिटल और पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था की ओर कदम

इन प्रणालियों के माध्यम से उच्च शिक्षा संस्थानों के प्रदर्शन का मूल्यांकन, डेटा प्रबंधन और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा। इससे न केवल शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि नीति निर्माण और निर्णय प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी बन सकेगी। कार्यशाला में यह स्पष्ट किया गया कि महाराष्ट्र सरकार उच्च शिक्षा को आधुनिक तकनीक, कौशल विकास और रोजगार से जोड़ने के लिए ठोस और दीर्घकालिक रणनीति पर काम कर रही है।

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