

Middle Class Tax Relief India: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में अपना 9वां केंद्रीय बजट 2026 पेश किया है। यह मोदी सरकार का 15वां और वित्त मंत्री का लगातार नौवां बजट भाषण रहा है। इस बजट में मध्यम वर्ग को टैक्स में राहत और आम जनता की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई बड़े बदलाव किए गए हैं। सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कई नई योजनाओं का ऐलान किया है।
बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बड़ी राहत देते हुए कैंसर की 17 दवाओं की कीमतों में कमी की गई है। इसके साथ ही शुगर और 7 अन्य गंभीर बीमारियों की दवाएं भी अब बाजार में सस्ती मिलेंगी। सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को आम जनता के लिए अधिक किफायती और सुलभ बनाना है।
नई घोषणाओं के अनुसार अब बाजार में मोबाइल फोन और उनके पार्ट्स की कीमतों में गिरावट देखने को मिलेगी। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बैटरी और माइक्रोवेव ओवन जैसे घरेलू उपकरण भी सस्ते हो गए हैं। तकनीक को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने इन उत्पादों पर टैक्स में राहत दी है।
आम आदमी के लिए राहत की खबर यह है कि जूते और चमड़े से बने अन्य उत्पाद अब कम दाम पर उपलब्ध होंगे। खेल-कूड के सामान, सोलर पैनल से जुड़ी वस्तुएं और कपड़ों की कीमतों में भी कटौती की गई है। इसके अलावा बायोगैस मिश्रित CNG और बीड़ी की कीमतों को भी बजट में घटाया गया है।
कुछ चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी भी की गई है, जिससे शराब पीना अब पहले से अधिक महंगा हो जाएगा। स्क्रैप, खनिज पदार्थ और फ्यूचर ऑप्शन ट्रेडिंग पर भी अब निवेशकों को अधिक खर्च करना पड़ेगा। सरकार ने इन क्षेत्रों में कर संरचना में बदलाव कर राजस्व बढ़ाने का प्रयास किया है।
कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए देश में 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का बड़ा फैसला लिया गया है। साथ ही विभिन्न शहरों के बीच यातायात सुगम करने हेतु 20 नए जलमार्गों की सेवाएं भी शुरू की जाएंगी। बुनियादी ढांचे के विकास के लिए यह बजट एक मजबूत नींव रखने वाला साबित होगा।
करदाताओं के लिए सबसे बड़ी खबर यह है कि नया इनकम टैक्स कानून 1 अप्रैल से लागू कर दिया जाएगा। इस नई कर प्रणाली में टैक्सपेयर्स की सहूलियत का खास ख्याल रखा गया है ताकि उन्हें रिटर्न भरने में आसानी हो। मध्यम वर्ग और वेतनभोगी वर्ग के लिए यह एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक सुधार माना जा रहा है।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को चैंपियन बनाने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का भारी निवेश किया जाएगा। इससे छोटे उद्योगों को नई ताकत मिलेगी और रोजगार के कई नए अवसर पैदा होने की संभावना काफी बढ़ जाएगी। यह कदम आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में मील का पत्थर है।
छात्राओं की शिक्षा और सुरक्षा के लिए हर शहर में विशेष कार्य कराए जाने की घोषणा भी की गई है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए भी बजट में कई प्रभावी प्रावधान किए गए हैं ताकि कृषि क्षेत्र समृद्ध हो सके। कुल मिलाकर यह बजट विकास और जनकल्याण के बीच एक संतुलन बनाने का प्रयास है।