
विदेश में पढ़ाई और इलाज हुआ सस्ता (सोर्स-सोशल मीडिया)
Study Abroad Tax Relief: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 पेश करते हुए शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। सरकार ने विशेष रूप से उन परिवारों को बड़ी राहत दी है जिनके बच्चे विदेश में पढ़ाई कर रहे हैं या जो विदेश में इलाज करा रहे हैं। इस प्रस्ताव के माध्यम से उदारीकृत प्रेषण योजना के तहत लगने वाले टैक्स के बोझ को काफी कम कर दिया गया है। यह निर्णय देश के मध्यम वर्ग के लिए एक बड़ी वित्तीय राहत के रूप में देखा जा रहा है।
वित्त मंत्री ने संसद में बजट पेश करते हुए घोषणा की कि शिक्षा और स्वास्थ्य उद्देश्यों के लिए TCS की दर को 5 प्रतिशत से घटाकर अब 2 प्रतिशत कर दिया गया है। यह नियम उन लोगों पर लागू होता है जो विदेश में शिक्षा या इलाज के लिए 10 लाख रुपये से अधिक की राशि भेजते हैं। इस बदलाव से अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उच्च शिक्षा प्राप्त करना और स्वास्थ्य सेवाएं लेना पहले के मुकाबले काफी किफायती हो जाएगा।
नए नियमों के अनुसार अगर कोई व्यक्ति विदेश में पढ़ाई के लिए 20 लाख रुपये भेजता है, तो पहले उसे 1 लाख रुपये का टैक्स चुकाना पड़ता था। अब TCS की दर 2 प्रतिशत होने के कारण यह राशि घटकर केवल 40 हजार रुपये रह जाएगी, जिससे सीधे 60 हजार रुपये की बचत होगी। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस छूट का लाभ लेने के लिए पैन कार्ड प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा अन्यथा टैक्स की दर दोगुनी हो सकती है।
बजट 2026 में केवल टैक्स कटौती ही नहीं बल्कि बुनियादी ढांचे के विकास के लिए भी कई बड़े ऐलान किए गए हैं जिसमें पांच नई यूनिवर्सिटी खोलना शामिल है। छात्राओं की सुविधा के लिए देश के हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाने की योजना बनाई गई है ताकि शिक्षा तक उनकी पहुंच आसान हो सके। साथ ही आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के लिए कंटेंट क्रिएटिव लैब की स्थापना भी की जाएगी जो युवाओं के कौशल विकास में सहायक होगी।
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वित्त मंत्री ने देश की आर्थिक सेहत की जानकारी देते हुए बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है। विदेश यात्रा करने वाले पर्यटकों के लिए भी TCS दरों में राहत दी गई है जिससे हॉलिडे पैकेज और ट्रैवल बुकिंग अब सस्ती हो जाएंगी। छोटे व्यापारियों, फ्रीलांसरों और आउटसोर्सिंग एजेंसियों के लिए भी टैक्स नियमों को सरल बनाया गया है ताकि व्यापार करने में आसानी हो सके।






