बजट 2026: क्या हुआ सस्ता और क्या महंगा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किए बड़े ऐलान, देखें लिस्ट

Budget Inflation Impact: बजट पेश होने के बाद अब आम आदमी की नजर उन वस्तुओं पर टिकी है जो सस्ती या महंगी होंगी।
Budget 2026: What became cheaper and what became more expensive?
निर्मला सीतारमण (Image- Social Media)
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Sasta Mehnga In Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज, 1 फरवरी रविवार को अपना लगातार नौवां बजट पेश किया। बजट के बाद अब आम जनता की नजर इस बात पर टिकी है कि कौन-सी चीजें सस्ती होंगी और किन पर खर्च बढ़ेगा। बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने आम लोगों को राहत देते हुए कई अहम घोषणाएं की हैं। आइए जानते हैं विस्तार से...

ये दवाएं होंगी सस्ती

आम लोगों को बड़ी राहत देते हुए वित्त मंत्री ने घोषणा की कि डायबिटीज और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाएं सस्ती की जाएंगी। इससे लाखों मरीजों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम होने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि इन कदमों से न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान होगी, बल्कि स्वास्थ्य और खेल जैसे अहम क्षेत्रों में समग्र विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

खेल इक्विपमेंट पर फोकस

वित्त मंत्री ने बताया कि बजट 2026–27 में खेल इक्विपमेंट को अधिक किफायती बनाने का प्रस्ताव किया गया है, जिससे युवाओं और खिलाड़ियों को सीधा फायदा मिलेगा। सरकार का उद्देश्य खेलों को प्रोत्साहित करना और जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को आगे बढ़ाना है।

शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में वित्त मंत्री के बड़े ऐलान

  • देशभर में 15,000 नए सेकेंडरी स्कूल और 500 नए कॉलेज खोले जाएंगे।
  • हर जिले में छात्राओं के लिए गर्ल्स हॉस्टल की सुविधा विकसित की जाएगी।
  • तीन नए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद की स्थापना की जाएगी।
  • जामनगर स्थित WHO ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर को अपग्रेड किया जाएगा।
  • वेटनरी डॉक्टरों को लोन-लिंक्ड सपोर्ट उपलब्ध कराया जाएगा।

सर्विस सेक्टर पर सरकार के बड़े ऐलान

बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार सर्विस सेक्टर में रोजगार बढ़ाने और हेल्थ इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए कई अहम कदम उठाने जा रही है।

  • सर्विस सेक्टर में रोजगार पर फोकस
  • सर्विस सेक्टर में नए रोजगार सृजित करने के लिए एक विशेष कमेटी बनाने का ऐलान।
  • 2047 तक वैश्विक सर्विस सेक्टर में भारत की हिस्सेदारी 10% तक पहुंचाने का लक्ष्य।

5 रीजनल मेडिकल हब

  • निजी क्षेत्र के सहयोग से 5 क्षेत्रीय मेडिकल हब स्थापित किए जाएंगे।
  • इनमें आयुष सेंटर, मेडिकल टूरिज्म और डायग्नोस्टिक सेक्टर शामिल होंगे।
  • इन हब्स से डॉक्टर, नर्स और अन्य हेल्थ प्रोफेशनल्स के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

AYUSH सेक्टर पर जोर

  • कोविड के बाद योग और आयुर्वेद को मिली लोकप्रियता को और आगे बढ़ाया जाएगा।
  • वैश्विक मांग को देखते हुए आयुर्वेद पर विशेष ध्यान।
  • तीन नए ऑल इंडिया आयुष संस्थानों की स्थापना।
  • आयुष फार्मेसी और ड्रग टेस्टिंग लैब्स को अपग्रेड किया जाएगा।
  • WHO ग्लोबल ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर, जामनगर का उन्नयन किया जाएगा।

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