
1 फरवरी रविवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी बजट (सोर्स-डिज़ाइन)
India Economic Growth Budget 2026: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को रविवार के दिन अपना नौवां बजट पेश करने जा रही हैं जिसे लेकर उत्सुकता है। वैश्विक व्यापार तनाव और भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच इस बजट से आम जनता को काफी राहत मिलने की उम्मीदें हैं। भारत की आर्थिक वृद्धि की दिशा में यह बजट एक महत्वपूर्ण कवच साबित हो सकता है जिससे प्रगति होगी। सरकार इस बार टैरिफ के असर को कम करने और घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर अपना पूरा ध्यान देगी।
बजट 2026 से पहले ओल्ड टैक्स रिजीम को लेकर चर्चाएं काफी तेज हो गई हैं क्योंकि नए सिस्टम को अधिक बढ़ावा मिल रहा है। विशेषज्ञों को उम्मीद है कि इस बार बजट में स्टैंडर्ड डिडक्शन को 75,000 रुपये से बढ़ाकर 1,00,000 रुपये किया जा सकता है। हालांकि होम लोन ब्याज और 80C के फायदों के कारण ओल्ड टैक्स रिजीम के फिलहाल खत्म होने की संभावना काफी कम है।
अमेरिका द्वारा लगाए जाने वाले ट्रंप टैरिफ के कारण भारतीय निर्यातकों के बीच इस समय काफी चिंता का माहौल बना हुआ है। सरकार का मुख्य फोकस इन चुनौतियों के बीच देश के एक्सपोर्ट इंजन की रक्षा करने और नई नीतियां बनाने पर होगा। बजट में निर्यात शुल्कों को युक्तिसंगत बनाने और भारतीय निर्माताओं को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए प्रोत्साहन मिल सकते हैं।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को देखते हुए इस साल रक्षा बजट में बड़ा इजाफा हो सकता है। सरकार घरेलू रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए रक्षा आवंटन में वृद्धि कर सकती है जिससे इस क्षेत्र को ऊर्जा मिलेगी। निवेशकों की नजर BEL, कोचीन शिपयार्ड और मझगांव डॉक जैसी बड़ी रक्षा कंपनियों के शेयरों पर विशेष रूप से टिकी हुई है।
भारत में पहली बार जॉइंट टैक्सेशन यानी पति-पत्नी की आय को जोड़कर टैक्स लगाने की सुविधा पर विचार किया जा सकता है। अगर यह फैसला लागू होता है तो यह भारतीय टैक्स प्रणाली में पिछले कई दशकों का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव होगा। अमेरिका और जर्मनी जैसे देशों की तरह इस सिस्टम से एक ही व्यक्ति कमाने वाले परिवारों को काफी राहत मिलेगी।
यह भी पढ़ें: Budget 2026 Wishlist: टैक्स राहत से लेकर सस्ती शिक्षा तक, जानें क्या है आम आदमी की विशलिस्ट
किसान उम्मीद कर रहे हैं कि पीएम किसान सम्मान निधि की राशि को 6000 रुपये से बढ़ाकर सालाना 12000 रुपये किया जाए। साथ ही दलहन और तिलहन जैसी फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी की मांग भी बजट में प्रमुखता से शामिल की गई है। महिला उद्यमी भी MSME सेक्टर में टैक्स राहत और कम ब्याज दरों पर लोन की सुविधा के लिए बजट की ओर देख रही हैं।






