
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, फोटो- सोशल मीडिया
Economic Survey 2026 India: केंद्रीय बजट 2026-27 से ठीक पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद के पटल पर ‘आर्थिक सर्वेक्षण 2026’ (Economic Survey) रखा है। यह महत्वपूर्ण दस्तावेज न केवल पिछले एक साल की आर्थिक उपलब्धियों का लेखा-जोखा पेश करता है, बल्कि आने वाले समय में 7.2% की विकास दर और नई तकनीकों के भविष्य का खाका भी खींचता है।
आर्थिक सर्वेक्षण 2026 के अनुसार, वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था एक मज़बूत विकास पथ पर बनी हुई है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के FY26 के पहले अग्रिम अनुमानों (FAE) के अनुसार, देश की रियल GDP ग्रोथ रेट 7.4 प्रतिशत और GVA ग्रोथ रेट 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था विभिन्न वैश्विक चुनौतियों और पूर्व के अनुमानों की तुलना में कहीं अधिक लचीली और गतिशील साबित हुई है।
आगामी वित्त वर्ष 2027 (FY27) के लिए सरकार ने उत्साहजनक संभावनाएं जताई हैं। सर्वेक्षण में जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 6.8% से 7.2% के बीच रखा गया है। इस बार के सर्वेक्षण की सबसे बड़ी विशेषता आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर दिया गया विशेष ध्यान है। पहली बार इस दस्तावेज़ में AI के लिए एक अलग समर्पित चैप्टर शामिल किया गया है, जो यह स्पष्ट करता है कि भारत सरकार आने वाले समय में नई टेक्नोलॉजी और डिजिटल क्रांति को आर्थिक विकास का मुख्य इंजन बनाने पर पूरा फोकस कर रही है।
इस साल का आर्थिक सर्वेक्षण कुल 16 अध्यायों (Chapters) में विस्तृत है। इसमें महंगाई, बेरोजगारी, विदेशी व्यापार और वित्तीय सेहत जैसे प्रमुख संकेतकों का गहराई से विश्लेषण किया गया है। रिपोर्ट में विशेष रूप से वैश्विक अनिश्चितताओं का जिक्र किया गया है ताकि भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले अंतरराष्ट्रीय प्रभावों को कम करने के लिए प्रभावी नीतियां तैयार की जा सकें। इसके अतिरिक्त, दस्तावेज में सोने और चांदी के आर्थिक पहलुओं को लेकर भी खास चर्चा की गई है।
आर्थिक सर्वेक्षण की प्रस्तुति से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर में संबोधित करते हुए संकेत दिया कि भारत अब ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर सवार हो चुका है। उन्होंने भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुई ट्रेड डील को एक मील का पत्थर बताया। वहीं, वित्त मंत्रालय में ‘हलवा सेरेमनी’ के साथ ही बजट को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अब सभी की निगाहें 1 फरवरी पर टिकी हैं, जब निर्मला सीतारमण अपना नौवां बजट पेश करेंगी, जिसमें इन आर्थिक अनुमानों को धरातल पर उतारने के लिए ठोस योजनाओं की घोषणा की जाएगी।
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आर्थिक सर्वेक्षण वित्त मंत्रालय द्वारा तैयार किया जाने वाला एक आधिकारिक सरकारी दस्तावेज है, जिसे मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) की देखरेख में तैयार किया जाता है। यह बजट से ठीक पहले अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति को समझने का सबसे विश्वसनीय जरिया है। इसमें न केवल पिछले प्रदर्शन का मूल्यांकन होता है, बल्कि आने वाली चुनौतियों और नीतिगत सुधारों की दिशा के बारे में भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए जाते हैं।
Ans: वित्त वर्ष 2027 (FY27) के लिए जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 6.8% से 7.2% के बीच रखा गया है
Ans: इसमें पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए एक अलग और विशेष चैप्टर शामिल किया गया है
Ans: इस पूरे दस्तावेज़ में कुल 16 चैप्टर रखे गए हैं।






