
CM ममता बनर्जी, PM मोदी
West Bengal Elections: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं। राज्य में मार्च-अप्रैल के बीच चुनाव कराए जा सकते हैं, जबकि चुनाव आयोग फरवरी के अंत तक तारीखों का ऐलान कर सकता है। इसी बीच सी वोटर के सर्वे में बंगाल के मतदाताओं का रुख जानने की कोशिश की गई है। सर्वे में यह सवाल पूछा गया कि अगर आज पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव होते हैं, तो जनता किसे चुनेगी।
हालांकि यह भी साफ है कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों में मतदाताओं का मिजाज अलग-अलग होता है। फिर भी ऐसे सर्वे से जनता के मौजूदा रुझान का अंदाजा जरूर लगाया जा सकता है। कई बार लोकसभा चुनाव का ट्रेंड विधानसभा चुनावों में भी असर दिखाता है।
लोकसभा चुनाव 2024 में पश्चिम बंगाल की 42 सीटों में से तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने 29 सीटों पर जीत दर्ज की थी। यह प्रदर्शन 2019 के मुकाबले बेहतर था। वहीं भाजपा ने 12 सीटें जीतकर राज्य में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी।
सी वोटर के ताजा सर्वे के मुताबिक, अगर अभी पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव होते हैं तो TMC अपने 2024 के प्रदर्शन को लगभग दोहरा सकती है। सर्वे में अनुमान लगाया गया है कि TMC को सिर्फ 1 सीट का नुकसान हो सकता है और वह 29 से घटकर 28 सीटों पर सिमट सकती है।
सर्वे के अनुसार भाजपा को हल्का फायदा मिलता दिख रहा है। पार्टी की सीटें 12 से बढ़कर 14 तक पहुंच सकती हैं। गौर करने वाली बात यह है कि अगस्त में हुए इसी MOTN सर्वे में भाजपा को 11 सीटें मिलने का अनुमान था। यानी बीते कुछ महीनों में भाजपा ने कुछ हद तक अपनी खोई जमीन वापस पाई है।
वहीं TMC को अगस्त के सर्वे की तुलना में नुकसान होता दिख रहा है। उस समय पार्टी को 31 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया था, जो अब घटकर 28 रह सकता है।
जनवरी के सर्वे में भाजपा के वोट शेयर में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अगस्त में जहां भाजपा का वोट शेयर 39 फीसदी था, वहीं अब यह बढ़कर 42 फीसदी तक पहुंच गया है। यानी कुछ ही महीनों में करीब 3 फीसदी की बढ़त।
हालांकि यह केवल एक सर्वे है और वास्तविक नतीजे इससे अलग भी हो सकते हैं। लेकिन अगर इसे जनता के मौजूदा मूड का संकेत माना जाए, तो साफ है कि पश्चिम बंगाल में TMC अब भी सबसे मजबूत पार्टी बनी हुई है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जनता का भरोसा कायम है।
यह भी पढ़ें- स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के आगे झुका मेला प्रशासन, माफी मांगने को तैयार…लेकिन शंकराचार्य ने रख दी शर्त!
फिलहाल विधानसभा चुनाव में अभी दो महीने से ज्यादा का समय बाकी है और वहां मुद्दे भी अलग होंगे। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि क्या ममता बनर्जी के नेतृत्व में TMC सत्ता बचाने में सफल रहती है, या भाजपा पहली बार बंगाल में सत्ता का स्वाद चख पाती है। इसका जवाब आने वाले कुछ महीनों में मिल जाएगा।






