
सोने-चांदी का गिरा भाव, (कॉन्सेप्ट फोटो)
Gold And Silver Price Crash: तूफानी गति से भाग रहीं सोना-चांदी की कीमतों में ऊंचे मूल्यों पर चौतरफा मुनाफावसूली दबाव बनने के कारण लगातार दूसरे दिन जबरदस्त गिरावट आई। वैश्विक स्तर पर इतना भारी बिकवाली दबाव बना कि गोल्ड कीमतों में 11% तो चांदी में 20% की भयंकर गिरावट आई। दोनों में लोअर सर्किट भी लगा। यह एक दिन में 13 वर्षों की सबसे बड़ी गिरावट है। अफरा-तफरी में वैश्विक बाजारों में सोना 5,000 डॉलर तो चांदी 100 डॉलर के नीचे लुढ़क गई।
भारतीय बाजार में तो ऊपरी स्तरों से जहां सोना 23,000 रुपये प्रति दस ग्राम सस्ता हुआ, वहीं चांदी 79,000 हजार रुपये सस्ती हो गयी। इसी के साथ दोनों कीमती धातुओं में जारी रिकॉर्डतोड़ तेजी के दौर को बड़ा झटका लगा है और सर्राफा व्यापारियों, कारीगरों एवं शादियों के लिए खरीदी के इच्छुक लोगों को कुछ राहत मिली है क्योंकि एकतरफा तेजी के कारण पिछले कई दिनों से खुदरा ग्राहकी पूरी तरह ठप हो गयी थी।
अमेरिका में गुरुवार रात से बिकवाली का जो क्रम शुरू हुआ, वह शुक्रवार को एशिया और यूरोप के बाजार खुलने पर भूचाल में तब्दील हो गया। खबर है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लॉबी ही बुलियन व मेटल की तेजी में सबसे अधिक एक्टिव थी और उसने कल अचानक बिकवाली शुरू कर दी, जिससे विश्व स्तर पर बिकवाली दबाव बन गया। इस कारण सोने की वायदा कीमत 600 डॉलर से अधिक यानी 11% की जबरदस्त गिरावट के साथ 5,000 डॉलर प्रति औंस के नीचे आ गयी। कल के कारोबार में सोना 5625 डॉलर की रिकॉर्ड ऊंचाई तक पहुंच गया था. जनवरी में सोना 20% महंगा हुआ था।
सोने से अधिक चांदी में गिरावट आई। न्यूयॉर्क में चांदी की वायदा कीमत 22 की जबरदस्त गिरावट के साथ 100 डॉलर के नीचे लुढ़क गयी। जो कल के कारोबार में 121.75 डॉलर प्रति औंस की नई ऊंचाई तक पहुंच गयी थी। जनवरी में ही चांदी में 50% की रिकॉर्ड तेजी आई थी। कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स में दोनों धातुओं में लोअर सर्किट लगा। खबर लिखे जाने तक चांदी की फरवरी वायदा कीमत 72,000 रुपये की जबरदस्त गिरावट के साथ 3.46 लाख रुपये प्रति किलो रह गयी। जबकि सोने की फरवरी वायदा कीमत 23,000 रुपये की भारी गिरावट के साथ 1.59 लाख रुपये प्रति दस ग्राम रह गयी।
कल सोना 1.82 लाख रुपये और चांदी 4.27 लाख रुपये की ऐतिहासिक ऊंचाई पर पर पहुंच गयी थी। सोना-चांदी के साथ साथ तांबा, एल्युमिनियम और जिंक कीमतों में 3 से 5% की बड़ी गिरावट आई।
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विशेषज्ञों का कहना है कि सोने-चांदी में एकबारगी तेजी का दौर शांत गया है। चूंकि पिछले महीनों में रिकॉर्डतोड़ तेजी आई थी, लिहाजा अब ऊंचे मूल्यों पर चौतरफा मुनाफावसूली दबाव बन गया। जिस तरह कीमतों में 11 से लेकर 22% की रिकॉर्ड गिरावट आई है, उसे देखते हुए अब जल्द तेजी की उम्मीद बहुत कम है। निवेशकों को जोखिम से बचने के लिए अब कीमतों में स्थिरता के बाद ही नए निवेश पर विचार करना चाहिए।
मुंबई से विष्णु भारद्वाज की रिपोर्ट-






