
टूरिज्म सेक्टर बजट (सौ. डिजाइन फोटो )
Tourism Sector Budget 2026: 1 फरवरी 2026 को पेश किए गए केंद्रीय बजट में सरकार ने पर्यटन क्षेत्र को लंबे समय तक आर्थिक विकास का मजबूत इंजन बनाने के लिए कई अहम पहलें घोषित की हैं।
बजट में मेडिकल टूरिज्म, विरासत संरक्षण, दूरदराज़ इलाकों की कनेक्टिविटी और शहरी अवसंरचना को प्राथमिकता दी गई है।
सरकार ने निजी क्षेत्र की भागीदारी से देश में पांच क्षेत्रीय मेडिकल टूरिज्म हब स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। इन हब्स में आधुनिक अस्पताल, डायग्नोस्टिक सुविधाएं और आयुष (आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी) को एकीकृत किया जाएगा। इसका उद्देश्य भारत को वैश्विक मेडिकल टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में मजबूत करना है।
बजट 2026 में 15 प्रमुख पुरातात्विक स्थलों के विकास की घोषणा की गई है, जिनमें सारनाथ और हस्तिनापुर जैसे ऐतिहासिक स्थल शामिल हैं। इन स्थानों को जीवंत सांस्कृतिक पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही देशभर के आध्यात्मिक और विरासत स्थलों की राष्ट्रीय स्तर पर मैपिंग और दस्तावेजीकरण किया जाएगा, ताकि संरक्षण और प्रबंधन बेहतर हो सके।
पर्यटन को अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए सी-प्लेन सेवाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए नई सी-प्लेन वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) स्कीम लाई जाएगी, जिससे स्वदेशी सी-प्लेन निर्माण और संचालन को प्रोत्साहन मिलेगा। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में नई माउंटेन ट्रेन सेवाएं शुरू करने की योजना है।
बजट में टियर-2 और टियर-3 शहरों, खासकर मंदिर नगरों की शहरी अवसंरचना मजबूत करने के लिए पांच वर्षों में 20,000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। इसके साथ ही पर्यटन क्षमता के आधार पर सिटी इकोनॉमिक रीजन (CER) की पहचान कर प्रत्येक को 5,000 करोड़ रुपये का आवंटन दिया जाएगा।
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तीन अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना, जामनगर स्थित डब्ल्यूएचओ पारंपरिक चिकित्सा केंद्र के उन्नयन और युवाओं के कौशल विकास के लिए राष्ट्रीय आतिथ्य संस्थान की स्थापना का भी ऐलान किया गया है।






