<rss version="2.0" xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"><channel><title>जबलपुर</title><description></description><atom:link href="https://navbharatlive.com/api/v1/collections/jabalpur-madhya-pradesh.rss" rel="self" type="application/rss+xml"></atom:link><link>https://navbharatlive.com</link><language>hi-in</language><lastBuildDate>Thu, 24 Sep 2026 22:09:28 +0530</lastBuildDate><item><title>जबलपुर के सिहोरा में पिता-बेटी की मौत से हड़कंप; चिता से उठाकर पुलिस ले गई 15 वर्षीय बेटी का शव</title><link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-sihora-father-daughter-death-police-take-girl-body-from-pyre-investigation-srr21</link><comments>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-sihora-father-daughter-death-police-take-girl-body-from-pyre-investigation-srr21#comments</comments><guid isPermaLink="false">cd42a62b-e7b8-4d21-831d-4807ab8b3d29</guid><pubDate>Wed, 23 Sep 2026 20:58:41 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-23T20:58:41.293+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>पवन पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2557718</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>MP News,Madhya Pradesh News,Jabalpur News</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/f8oclbw3/Father-Daughter-Death-Case-Jabalpur.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ बसंत का अंतिम संस्कार करते परिजन]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ father and daughter deaths create sensation in Sihora]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/f8oclbw3/Father-Daughter-Death-Case-Jabalpur.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>जबलपुर</category><category>मध्य प्रदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Father Daughter Death Case Jabalpur:</strong> मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले से एक बेहद मार्मिक और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक परिवार पर कुछ ही घंटों के भीतर ऐसा दुखों का पहाड़ टूटा कि पूरे गांव में मातम छा गया।</p><p>पहले सांप के डसने से पिता की मौत हो गई और जब उनका शव घर पहुंचा तो सदमे के बीच उनकी 15 वर्षीय बेटी की भी अचानक मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने किशोरी की मौत को संदिग्ध मानते हुए जांच शुरू कर दी है।</p><h3>सोते समय सांप ने डसा, अस्पताल में हुई मौत</h3><p>यह घटना सिहोरा थाना क्षेत्र के बरखेड़ा गांव की है। जानकारी के अनुसार 40 वर्षीय बसंत कोल रविवार देर रात अपने घर में सो रहे थे। इसी दौरान उन्हें जहरीले सांप ने डस लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें तत्काल इलाज के लिए जबलपुर <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/morena/morena-district-hospital-ceiling-collapse-woman-injured-pjn28">जिला अस्पताल</a> लेकर पहुंचे। अस्पताल में चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया, लेकिन हालत लगातार गंभीर बनी रही। सोमवार दोपहर करीब एक बजे इलाज के दौरान बसंत कोल ने दम तोड़ दिया। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार और गांव में शोक की लहर फैल गई।</p><h3>पिता का शव पहुंचा, बेटी की अचानक बिगड़ी तबीयत</h3><p>बसंत कोल का शव जब अंतिम संस्कार के लिए गांव लाया गया तो परिवार के सदस्य गहरे सदमे में थे। इसी दौरान उनकी 15 वर्षीय बेटी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजनों के अनुसार वह काफी परेशान और दुखी थी। कुछ ही देर में उसकी हालत और खराब हो गई तथा उसने भी दम तोड़ दिया। घटना इतनी अचानक हुई कि परिवार के लोग उसे अस्पताल तक नहीं ले जा सके। एक ही घर में कुछ घंटों के अंतराल पर हुई दो मौतों ने सभी को स्तब्ध कर दिया।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/mp-top-10-news-23-september-madhya-pradesh-latest-news-srr21">Madhya Pradesh Top 10 News: पन्ना कलेक्टर पर वारंट से बीजेपी में नई नियुक्ति तक, पढ़ें प्रदेश की प्रमुख खबरें</a></aside><h3>एक साथ अंतिम संस्कार की थी तैयारी</h3><p>परिजन पिता और बेटी दोनों का <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/morena/morena-youth-suspicious-death-gujarat-bhavnagar-poisonous-liquor">अंतिम संस्कार</a> एक साथ करने की तैयारी कर रहे थे। गांव में शोक का माहौल था और बड़ी संख्या में लोग अंतिम विदाई में शामिल होने पहुंचे थे। इसी बीच किशोरी की मौत की सूचना पुलिस तक पहुंच गई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर पहुंचकर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया रुकवा दी।</p><h3>पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगा मौत का खुलासा</h3><p>पुलिस ने किशोरी के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल उसकी मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। प्रारंभिक तौर पर मौत को संदिग्ध मानकर जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि किशोरी की मौत किसी बीमारी, सदमे या अन्य किसी कारण से हुई। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।</p><figure class="op-interactive"><iframe allowfullscreen="allowfullscreen" frameborder="0" src="https://www.youtube.com/embed/IfQ5ECL7H0c?si=o8GGneookprZurOE"></iframe></figure>]]></content:encoded></item><item><title>MP High Court Action: पन्ना कलेक्टर उषा परमार के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी, छिंदवाड़ा SP पर भी सख्त रुख</title><link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/mp-high-court-arrest-warrant-panna-collector-usha-parmar-chhindwara-sp-srr21</link><comments>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/mp-high-court-arrest-warrant-panna-collector-usha-parmar-chhindwara-sp-srr21#comments</comments><guid isPermaLink="false">50206e77-8550-4afe-9f20-33bf4fdee756</guid><pubDate>Wed, 23 Sep 2026 15:51:33 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-23T15:51:33.703+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>सजल रघुवंशी</atom:name><atom:uri>/api/author/2548006</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>MP News,Madhya Pradesh News,Jabalpur News</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/szega30d/MP-High-Court-Action-On-Panna-Collector.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ पन्ना कलेक्टर उषा परमार]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Madhya Pradesh High Court issues arrest warrant against Panna Collector Usha Parmar in ongoing case]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/szega30d/MP-High-Court-Action-On-Panna-Collector.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>जबलपुर</category><category>मध्य प्रदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>MP High Court Action On Panna Collector:</strong> मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर बेंच ने पन्ना कलेक्टर उषा परमार के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। अदालत ने नियमितीकरण से जुड़े एक मामले में बार-बार निर्देश देने के बावजूद रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करने और सुनवाई में उपस्थित न होने को गंभीर लापरवाही माना है। </p><p>कोर्ट ने पन्ना एसपी निवेदिता नायडू को वारंट तामील कराने के निर्देश दिए हैं और कलेक्टर को 30 सितंबर को अदालत में पेश होने के लिए कहा है।</p><h3>नियमितीकरण मामले में नहीं दिया जवाब</h3><p>मामला पन्ना कलेक्ट्रेट की पूर्व कर्मचारी जाविन आरी रिजवी से जुड़ा है, जो सेक्शन ऑफिसर के पद पर कार्यरत थीं। उन्होंने नियमितीकरण की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। 13 अगस्त 2025 को हाईकोर्ट ने उनके अभ्यावेदन पर 90 दिनों के भीतर निर्णय लेने के निर्देश दिए थे। हालांकि, निर्धारित समयसीमा के भीतर आदेश का पालन नहीं किया गया। इसके बाद रिजवी ने अदालत में अवमानना याचिका दायर की।</p><h3>कोर्ट ने माना गंभीर लापरवाही</h3><p>अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान जस्टिस विवेक जैन की कोर्ट ने पाया कि कलेक्टर उषा परमार ने न तो अदालत को रिपोर्ट सौंपी और न ही व्यक्तिगत रूप से पेश हुईं। अदालत ने इसे न्यायालय के आदेशों की अवहेलना मानते हुए गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया। साथ ही पुलिस प्रशासन को वारंट का पालन सुनिश्चित करने और अगली सुनवाई पर कलेक्टर की उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/mp-bank-strike-september-customer-alert-pjn28">MP Bank Strike: 23 से 25 सितंबर के बीच निपटा लें बैंक के जरूरी काम, 28 से 30 तक हड़ताल पर रहेंगे बैंककर्मी</a></aside><h3>छिंदवाड़ा एसपी के खिलाफ भी गैर जमानती वारंट</h3><p>इसी तरह हाईकोर्ट ने छिंदवाड़ा के <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/ujjain/ujjain-youth-congress-protest-rising-crime-police-patrol-demand-pjn28">पुलिस अधीक्षक</a> के खिलाफ भी गैर जमानती वारंट जारी किया है। यह मामला रिटायर्ड पुलिसकर्मी संतोष तिवारी के निधन के बाद विभाग द्वारा की गई 2.24 लाख रुपये की रिकवरी से जुड़ा है। कोर्ट पहले ही रिकवरी आदेश को निरस्त कर राशि 8 प्रतिशत ब्याज सहित लौटाने के निर्देश दे चुका था, लेकिन आदेश का पालन नहीं हुआ।</p><h3>2025 से लंबित है अवमानना मामला</h3><p>सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि वर्ष 2025 में अवमानना नोटिस जारी होने के बाद भी आदेश के पालन की रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई। रिकॉर्ड के अनुसार, छिंदवाड़ा एसपी ने फरवरी 2026 में गृह विभाग को पत्र भेजकर आवश्यक मंजूरी की जानकारी दी थी, लेकिन इसके बाद भी कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। इस पर <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/mp-high-court-ias-arrest-warrant-vivek-porwal-sandeep-gr-pjn28">एमपी हाईकोर्ट</a> ने सख्त रुख अपनाते हुए एसपी को 1 अक्टूबर 2026 को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है।</p><figure class="op-interactive"><iframe allowfullscreen="allowfullscreen" frameborder="0" src="https://www.youtube.com/embed/IfQ5ECL7H0c?si=o8GGneookprZurOE"></iframe></figure>]]></content:encoded></item><item><title>जबलपुर: निलंबित CSP नेहा पच्चीसिया को नहीं मिली जमानत; भ्रष्टाचार निवारण बेंच में होगी सुनवाई</title><link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-neha-pachisia-csp-bail-rejected-anti-corruption-bench-hearing-srr21</link><comments>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-neha-pachisia-csp-bail-rejected-anti-corruption-bench-hearing-srr21#comments</comments><guid isPermaLink="false">ac11982f-d667-43bd-bfac-fdf2d21f20aa</guid><pubDate>Mon, 21 Sep 2026 20:00:58 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-21T20:00:58.138+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>पवन पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2557718</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>MP News,Madhya Pradesh News,Jabalpur News</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/import/wp-content/uploads/2026/07/CSP-Neha-Pachisiya-Bribery-Case.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ नेहा पच्चीसिया]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Neha Pachisia denied bail in Jabalpur case]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/import/wp-content/uploads/2026/07/CSP-Neha-Pachisiya-Bribery-Case.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>जबलपुर</category><category>मध्य प्रदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Neha Pachisia Denied Bail By Highcourt:</strong> कटनी की निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया से जुड़े मामले में सोमवार, 21 सितंबर को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त कराने और मामले में राहत की मांग को लेकर याचिका दायर की गई है। </p><p>सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने मामले को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से संबंधित विशेष बेंच में भेजने की मांग की। केस डायरी देखने के बाद हाईकोर्ट ने मामले को संबंधित स्पेशल बेंच को रेफर कर दिया। अब 22 सितंबर को अगली सुनवाई संभावित है।</p><h3>केस डायरी देखने के बाद स्पेशल बेंच को भेजा मामला</h3><p>सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से दलील दी गई कि नेहा पच्चीसिया के खिलाफ दर्ज एफआईआर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी शामिल हैं। ऐसे में मामले की सुनवाई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से संबंधित विशेष बेंच में की जानी चाहिए। नेहा पच्चीसिया की ओर से सरकार की इस मांग का विरोध किया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और केस डायरी का अवलोकन करने के बाद हाईकोर्ट ने मामले को संबंधित स्पेशल बेंच को रेफर कर दिया।</p><h3>एक करोड़ से ज्यादा की जमीन के सौदे का मामला</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/katni/katni-csp-neha-pachisia-suspension-land-dispute-fir-mp">नेहा पच्चीसिया</a> के खिलाफ कटनी के कुठला थाने में मामला दर्ज है। आरोप है कि हत्या के एक मामले में आरोपी को बचाने का झांसा देकर करीब एक करोड़ रुपये से अधिक कीमत की जमीन के सौदे में कथित तौर पर गड़बड़ी की गई। इसी एफआईआर को निरस्त कराने की मांग को लेकर नेहा पच्चीसिया ने हाईकोर्ट का रुख किया है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं, जिसको लेकर सुनवाई के अधिकार क्षेत्र का मुद्दा सामने आया।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/mp-top-10-news-21-september-madhya-pradesh-latest-news-srr21">Madhya Pradesh Top 10 News: कैलाश विजयवर्गीय के बयान से लेकर चंबल जल परियोजना तक; पढ़ें प्रदेश की प्रमुख खबरें</a></aside><h3>हाईकोर्ट से फिलहाल नहीं मिली अंतरिम राहत</h3><p>21 सितंबर की सुनवाई के बाद नेहा पच्चीसिया को फिलहाल <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/mp-medical-science-university-jabalpur-ujjain-high-court-case-pjn28">जबलपुर हाईकोर्ट</a> से कोई अंतरिम राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने मामले को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से संबंधित स्पेशल बेंच को भेज दिया है। अब इस बेंच के समक्ष मामले की सुनवाई होगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 22 सितंबर को मामले में आगे की सुनवाई हो सकती है। मामले की अगली कार्रवाई पर अब संबंधित विशेष बेंच के रुख पर नजर रहेगी।</p><h3>निलंबन के बाद तलाश तेज होने का दावा</h3><p>मामले के बीच नेहा पच्चीसिया के निलंबन के बाद से फरार होने की बात भी सामने आई है। पुलिस उनकी तलाश में कार्रवाई तेज कर रही है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों और पुलिस की कार्रवाई पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल हाईकोर्ट में मामला विशेष बेंच को भेजे जाने के बाद उनकी कानूनी स्थिति पर अगली सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।</p><figure class="op-interactive"><iframe allowfullscreen="allowfullscreen" frameborder="0" src="https://www.youtube.com/embed/S9-BYMbvR4Y?si=bEuX0KNBATTp2f-B"></iframe></figure>]]></content:encoded></item><item><title>व्यापारी को प्रेमजाल में फंसाकर ब्लैकमेल करने का आरोप, महिला गिरफ्तार, 2.50 लाख रुपए नकद बरामद</title><link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-blackmailing-case-woman-arrested-businessman-pjn28</link><comments>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-blackmailing-case-woman-arrested-businessman-pjn28#comments</comments><guid isPermaLink="false">3c26bcd7-3800-453d-9308-707cc61f2e27</guid><pubDate>Mon, 21 Sep 2026 08:27:43 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-21T08:27:43.950+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>पवन पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2557718</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Madhya Pradesh News,Crime News,MP Police,Jabalpur News</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-21/y266aa26/jabalpur-crime-news.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ पुलिस ने ब्लैकमेलर महिला को किया गिरफ्तार]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Woman arrested in Jabalpur for allegedly blackmailing a businessman]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-21/y266aa26/jabalpur-crime-news.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>जबलपुर</category><category>मध्य प्रदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Jabalpur Blackmailing Case : </strong>जबलपुर की कोतवाली थाना पुलिस ने उमरिया निवासी पूजा रैदास को एक व्यापारी को ब्लैकमेल करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिला के पास से करीब 2.50 लाख रुपए नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस मामले की जांच कर यह पता लगाने में जुटी है कि ब्लैकमेलिंग में उसके साथ कोई और व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।</p><p>पुलिस के अनुसार, पूजा की शादी हो चुकी है और उसके दो बच्चे हैं। वह जीवनयापन के लिए पब में डांसर के तौर पर काम करती है। इसी दौरान करीब एक साल पहले उसकी पहचान गौरीघाट निवासी व्यापारी सार्थक गौतम से हुई। दोस्ती के बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और वे अक्सर मिलने-जुलने और साथ घूमने लगे।</p><h3>शादी का दबाव बनाने लगी महिला</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-woman-officer-assaulted-district-panchayat-office-fir-registered-srr21">जबलपुर पुलिस</a> की जांच में सामने आया है कि कुछ समय बाद पूजा व्यापारी पर अपनी पत्नी को तलाक देकर उससे शादी करने का दबाव बनाने लगी। आरोप है कि सार्थक ने जब शादी से इनकार किया तो महिला ने उनके बीच के रिश्ते की जानकारी पत्नी और समाज के सामने सार्वजनिक करने की धमकी दी।</p><h3>20 लाख रुपए की मांग का आरोप</h3><p>पुलिस के मुताबिक, धमकी के साथ व्यापारी से बड़ी रकम की मांग की गई। शुरुआत में करीब 20 लाख रुपए की मांग किए जाने की बात सामने आई है। बाद में दोनों के बीच 7 लाख रुपए में मामला खत्म करने की बात तय होने की जानकारी पुलिस को मिली।</p><h3>होटल में रकम के लेनदेन के दौरान गिरफ्तारी</h3><p>सार्थक ने मामले की शिकायत <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/mp-police-headquarters-si-promotion-list-deceased-officers-error-1884020.html">पुलिस अधिकारियों</a> से की थी। इसके बाद पुलिस ने रकम के लेनदेन के दौरान महिला को पकड़ने की योजना बनाई। तय योजना के मुताबिक दोनों चेरीताल के पास स्थित एक होटल में मिले। जैसे ही रकम का लेनदेन हुआ, पुलिस टीम ने पूजा को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके बैग से करीब 2.50 लाख रुपए नकद बरामद किए गए।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/indore/kailash-vijayvargiya-statement-sandhya-yadav-viral-video-indore-pjn28">कैलाश विजयवर्गीय की महिला पार्षद को लेकर ‘चौड़ाई’ वाली टिप्पणी पर मचा बवाल, कांग्रेस ने बीजेपी से मांगा जवाब</a></aside><h3>पुराने रिकॉर्ड की भी जांच कर रही पुलिस</h3><p>गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी महिला से पूछताछ कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं। साथ ही महिला के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी भी जुटाई जा रही है। पुलिस के अनुसार, उमरिया में उसके खिलाफ पहले भी एफआईआर दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है।</p><figure class="op-interactive"><iframe allowfullscreen="allowfullscreen" frameborder="0" src="https://www.youtube.com/embed/lrKrWHU6ZmY?si=jDOGjMSt3ylGPYUi"></iframe></figure>]]></content:encoded></item><item><title>जबलपुर में रानी दुर्गावती यूनिवर्सिटी के क्लर्क पर आय से अधिक संपत्ति का केस, 85% ज्यादा मिली प्रॉपर्टी</title><link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-lokayukta-rani-durgavati-university-clerk-disproportionate-assets-pjn28</link><comments>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-lokayukta-rani-durgavati-university-clerk-disproportionate-assets-pjn28#comments</comments><guid isPermaLink="false">b8c01c91-63cc-4851-bcc1-c2087a441ebb</guid><pubDate>Sun, 20 Sep 2026 12:02:08 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-20T12:02:08.126+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>पवन पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2557718</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Madhya Pradesh News,Lokayukta,Jabalpur News,Madhya Pradesh Government</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-20/dxp9np64/jabalpur-lokayukt-action.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के क्लर्क पर एक्शन]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Jabalpur Rani Durgavati University clerk Bans Bahor Patel]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-20/dxp9np64/jabalpur-lokayukt-action.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>जबलपुर</category><category>मध्य प्रदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Jabalpur Rani Durgavati University :</strong> लोकायुक्त संगठन ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर में पदस्थ उच्च वर्ग लिपिक बंश बहोर पटेल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है।</p><p>लोकायुक्त के अनुसार शिकायत मिलने के बाद जांच की गई, जिसके आधार पर 18 सितंबर 2026 को FIR दर्ज की गई। जांच में सामने आए आय और व्यय के आंकड़ों के आधार पर लोकायुक्त ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।</p><h3>शिकायत के बाद शुरू हुई थी जांच</h3><p>लोकायुक्त से मिली जानकारी के अनुसार 62 वर्षीय बंश बहोर पटेल, पिता कालूराम पटेल, के खिलाफ <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/indore/mgm-medical-college-pharmacist-rakesh-gorkhe-disproportionate-assets-case-ewow-indore">आय से अधिक संपत्ति</a> को लेकर शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत के आधार पर उनकी आय और व्यय से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की गई। जांच के दौरान लोकायुक्त को अब तक उनकी कुल आय 91,88,611 रुपए मिली है, जबकि इसी अवधि में कुल व्यय 1,68,51,337 रुपए पाया गया।</p><h3>आय की तुलना में 85.57 प्रतिशत अनुपातहीन संपत्ति</h3><p>लोकायुक्त की जांच में आय की तुलना में 85.57 प्रतिशत अनुपातहीन संपत्ति होने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक यह आंकड़ा अब तक की जांच के आधार पर सामने आया है। जांच आगे बढ़ने के साथ आय और व्यय से जुड़े अन्य रिकॉर्ड भी खंगाले जाएंगे। लोकायुक्त इस बात की भी जांच कर रही है कि संबंधित संपत्ति और खर्च के लिए आय के कौन-कौन से स्रोत रहे हैं।</p><h3>भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत FIR</h3><p>लोकायुक्त ने बंश बहोर पटेल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(1)(बी) एवं 13(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। FIR दर्ज होने के बाद मामले को विवेचना में लिया गया है। जांच में सामने आए दस्तावेजों और आय के स्रोतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।</p><h3>जांच पूरी होने पर आंकड़े बढ़ने की संभावना</h3><p>लोकायुक्त की ओर से यह भी जांच की जा रही है कि संबंधित कर्मचारी ने आय के कौन-कौन से स्रोतों से संपत्ति अर्जित की। फिलहाल सामने आए आंकड़े प्रारंभिक जांच पर आधारित हैं और जांच पूरी होने के बाद अनुपातहीन संपत्ति से जुड़े आंकड़ों में बदलाव हो सकता है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/indore/india-west-indies-t20-indore-holkar-stadium-ticket-booking-pjn28">Indore T20 Match: 25 सितंबर से भारत-वेस्टइंडीज मुकाबले के टिकटों की बिक्री, छात्रों-दिव्यांगों को पहले मौका</a></aside><h3>विश्वविद्यालय के अन्य कर्मचारियों पर भी नजर</h3><p>बंश बहोर पटेल रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में लंबे समय तक कर्मचारी नेता भी रहे हैं। उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी-कर्मचारियों की संपत्ति और पूर्व में सामने आए भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, इस मामले में फिलहाल <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/indore/indore-property-tax-name-transfer-case-congress-lokayukta-demand-1825119.html">लोकायुक्त की जांच</a> बंश बहोर पटेल के खिलाफ दर्ज FIR और उनसे जुड़े आय-व्यय के रिकॉर्ड पर केंद्रित है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>MP हाईकोर्ट जस्टिस का एतिहासिक फैसला; रिटायरमेंट पर पत्नी संग देहदान और पीएम केयर्स फंड में 1.01 करोड़ दान</title><link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/mp-high-court-justice-body-donation-pm-cares-fund-one-crore-donation-srr21</link><comments>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/mp-high-court-justice-body-donation-pm-cares-fund-one-crore-donation-srr21#comments</comments><guid isPermaLink="false">39868a39-4593-4f80-98f2-015d0e704ab4</guid><pubDate>Fri, 18 Sep 2026 17:21:19 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-18T17:21:19.884+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>पवन पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2557718</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>MP News,High Court,Madhya Pradesh News,Jabalpur News</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-18/3qrc2kwp/MP-High-Court-Justice-Body-Donation.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ जस्टिस अवींद्र कुमार सिंह]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Justice Retirement, Body Donation After Retirement]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-18/3qrc2kwp/MP-High-Court-Justice-Body-Donation.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>जबलपुर</category><category>मध्य प्रदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>MP High Court Justice Body Donation:</strong> मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में आयोजित सेवानिवृत्ति विदाई समारोह में उस वक्त लोग सन्न रह गए जब रिटायरमेंट पर उद्बोधन देते समय जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने समाज और राष्ट्रसेवा से जुड़ा महत्वपूर्ण संकल्प लिया। </p><p>विदाई समारोह के दौरान उन्होंने अपनी पत्नी के साथ देहदान करने का ऐलान किया, साथ ही अपनी जीपीएफ राशि में से करीब 1 करोड़ 1 लाख रुपये पीएम केयर्स फंड में देने की घोषणा की।</p><h3>पीएम केयर्स फंड में डोनेट किए एक करोड़ रुपये</h3><p>जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने कहा कि मृत्यु के बाद उनके और उनकी पत्नी के शरीर का उपयोग मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के लिए किया जाएगा। वहीं न्यायिक सेवा के दौरान जमा हुई जीपीएफ राशि में से करीब 1.01 करोड़ रुपये पीएम केयर्स फंड को देने का संकल्प लिया गया है। </p><h3>31 मई 1990 को हुई न्यायिक सेवा की शुरुआत</h3><p>जस्टिस सिंह ने 31 मई 1990 को न्यायिक सेवा में कदम रखा था। करीब 36 वर्ष की न्यायिक यात्रा के बाद 1 मई 2023 को उन्हें <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/mp-heavy-rain-alert-cm-mohan-yadav-collectors-high-alert-relief-rescue-preparations-pjn28">मध्य प्रदेश</a> हाई कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया। अपने न्यायिक कार्यकाल में उन्होंने कुल 8,788 मामलों का निराकरण किया। जबलपुर हाईकोर्ट परिसर में आयोजित विदाई समारोह में स्टेट बार काउंसिल और बार एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने जस्टिस सिंह के कार्यकाल और उनके योगदान को याद किया।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/bhopal-biker-woman-harassment-car-occupants-chased-abida-srr21">भोपाल में बाइकर युवती से बदसलूकी, कार सवारों ने रास्ता रोककर किया पीछा; नवभारत को आबिदा ने बताई पूरी घटना</a></aside><h3>समारोह के दौरान जस्टिस अवनींद्र सिंह के भाषण से माहौल हुआ भावुक</h3><p>समारोह के दौरान जस्टिस अवनींद्र सिंह के भाषण को सुनकर माहौल भावुक हो गया। उन्होंने अपने सहकर्मियों, न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों और अधिवक्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/mp-medical-science-university-jabalpur-ujjain-high-court-case-pjn28">एमपी हाईकोर्ट</a> के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे को न्यायपालिका के सर्वोच्च दायित्वों के लिए शुभकामनाएं दीं। जीवनभर न्याय करने की जिम्मेदारी निभाने के बाद सेवानिवृत्ति के अवसर पर जस्टिस सिंह का देहदान और बड़ी राशि दान करने का संकल्प उनकी न्यायिक सेवा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े संदेश की न्याय जगत में सराहना हो रही है।</p><figure class="op-interactive"><iframe allowfullscreen="allowfullscreen" frameborder="0" src="https://www.youtube.com/embed/qnqJTsWbHYo?si=4s5q3ggnjCKlswiF"></iframe></figure>]]></content:encoded></item><item><title>जबलपुर में सीएम मोहन यादव ने जनजातीय नायकों को किया नमन; कहा- इन पर बनाएं फिल्में, सरकार करेगी सहयोग</title><link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/cm-mohan-yadav-jabalpur-tributes-tribal-heroes-film-support-srr21</link><comments>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/cm-mohan-yadav-jabalpur-tributes-tribal-heroes-film-support-srr21#comments</comments><guid isPermaLink="false">088c3afa-2c27-48bd-9008-253639877490</guid><pubDate>Fri, 18 Sep 2026 15:41:59 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-18T15:41:59.557+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>सुधीर दंडोतिया</atom:name><atom:uri>/api/author/2548008</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>MP News,Madhya Pradesh News,Jabalpur News</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-18/gy2smwne/CM-Mohan-Yadav-Pays-Tribute-To-Tribal-Heroes.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ सीएम मोहन यादव ने जनजातीय नायकों को किया नमन ]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ CM Mohan Yadav pays tribute to tribal heroes and freedom fighters during Jabalpur programme]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-18/gy2smwne/CM-Mohan-Yadav-Pays-Tribute-To-Tribal-Heroes.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>जबलपुर</category><category>मध्य प्रदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>CM Mohan Yadav Pays Tribute To Tribal Heroes:</strong> जबलपुर में जनजातीय महानायक अमर शहीद राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनजातीय महापुरुषों के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय नायकों के इतिहास, संस्कृति और बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है।</p><p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लंबे समय तक जनजातीय समाज के महापुरुषों को वह स्थान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मिलीं। साथ ही छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय जैसे जनजातीय नेता मुख्यमंत्री बने हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय नायकों के सम्मान और उनके इतिहास को संरक्षित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है।</p><h3>राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह के बलिदान को किया नमन</h3><p>समारोह में मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से पहले राजा शंकर शाह ने गीतों और कविताओं के माध्यम से लोगों में आजादी की चेतना जगाई थी। उनके पुत्र रघुनाथ शाह ने भी इस अभियान को आगे बढ़ाया। दोनों ने अंग्रेजों के सामने झुकने से इनकार किया और अपने धर्म, संस्कृति तथा स्वाभिमान की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।</p><h3>संस्कृति, साहित्य और संकल्प शक्ति का उदाहरण</h3><p>मुख्यमंत्री <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/indore-passenger-transport-vision-summit-2026-cm-mohan-yadav-inauguration-srr21">डॉ. मोहन यादव</a> ने कहा कि राजा शंकर शाह के गीतों ने जनता में नए जीवन का संचार किया। उन्होंने दमन के खिलाफ साहित्य और रचनात्मकता को हथियार बनाया। अंग्रेजों द्वारा धर्म परिवर्तन और अधीनता की शर्तें रखने के बावजूद उन्होंने आत्मसमर्पण नहीं किया। सीएम ने कहा कि दोनों जननायकों ने अपने अटूट संकल्प और साहस से आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का मार्ग प्रशस्त किया।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/mp-private-medical-college-fees-16-lakh-nri-fees-pjn28">मध्य प्रदेश के प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों ने मांगी 16 लाख तक फीस, विनियामक समिति ने मांगा 3 साल का हिसाब</a></aside><h3>पाठ्यक्रम और स्वास्थ्य योजनाओं में भी प्राथमिकता</h3><p>सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने राजा भभूत सिंह, राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह और रानी दुर्गावती जैसे महापुरुषों को पाठ्यक्रम में शामिल किया है। उन्होंने बताया कि सरकार जनजातीय महापुरुषों के जीवन पर फिल्म निर्माण जैसी योजनाओं को भी सहयोग देगी। मुख्यमंत्री ने सिकल सेल बीमारी के खिलाफ प्रधानमंत्री <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/ujjain/ujjain-deepotsav-25-lakh-diyas-pm-modi-birthday-srr21">नरेंद्र मोदी</a> द्वारा चलाए गए अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि आदिवासी समाज के स्वास्थ्य और विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही हैं।</p><figure class="op-interactive"><iframe allowfullscreen="allowfullscreen" frameborder="0" src="https://www.youtube.com/embed/qnqJTsWbHYo?si=4s5q3ggnjCKlswiF"></iframe></figure>]]></content:encoded></item><item><title>सीएम मोहन यादव का जबलपुर दौरा: राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस कार्यक्रम में हुए शामिल</title><link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/cm-mohan-yadav-jabalpur-visit-shankar-shah-raghunath-shah-pjn28</link><comments>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/cm-mohan-yadav-jabalpur-visit-shankar-shah-raghunath-shah-pjn28#comments</comments><guid isPermaLink="false">89d6602e-b3d0-42c4-8360-2c640e76468c</guid><pubDate>Fri, 18 Sep 2026 14:43:07 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-18T14:43:07.121+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>पवन पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2557718</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>BJP,Madhya Pradesh News,Mohan Yadav,Jabalpur News</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-18/96vy99qo/jabalpur-cm-mohan-yadav.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ बलिदान दिवस कार्यक्रम में शामिल सीएम मोहन यादव]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ CM Mohan Yadav Jabalpur Visit]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-18/96vy99qo/jabalpur-cm-mohan-yadav.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>जबलपुर</category><category>मध्य प्रदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>CM Mohan Yadav Jabalpur Visit :</strong> मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज जबलपुर दौरे पर हैं। यहां वे गोंडवाना के वीर शासक राजा शंकर शाह और उनके पुत्र कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री के जबलपुर पहुंचने पर कार्यक्रम से जुड़ी तैयारियों के बीच उन्होंने दोनों वीरों की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान और उनके योगदान को याद किया गया।</p><p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सबसे पहले राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित किए। उन्होंने दोनों वीरों को श्रद्धांजलि दी। बलिदान दिवस के मौके पर जबलपुर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम भी इसी क्रम में हुआ, जिसमें उन्होंने दोनों वीरों के प्रति सम्मान व्यक्त किया।</p><h3>संग्रहालय का किया अवलोकन</h3><p>प्रतिमाओं पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री रानी दुर्गावती चिकित्सालय के सामने स्थित राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के संग्रहालय पहुंचे। यहां उन्होंने संग्रहालय का अवलोकन किया। संग्रहालय में दोनों वीरों से जुड़ी जानकारी और उनके योगदान को प्रदर्शित किया गया है। मुख्यमंत्री ने यहां मौजूद सामग्री का अवलोकन किया और राजा शंकर शाह तथा कुंवर रघुनाथ शाह के इतिहास से जुड़े पहलुओं को देखा।</p><h3>सेवा संकल्प कार्यक्रम में हुए शामिल</h3><p>संग्रहालय के बाद मुख्यमंत्री नेताजी सुभाष चंद्र बोस कल्चरल एंड इन्फॉर्मेशन सेंटर में आयोजित सेवा संकल्प कार्यक्रम में शामिल हुए। इस कार्यक्रम का आयोजन सेवा संकल्प अभियान के तहत किया गया। कार्यक्रम के दौरान रक्तदान शिविर भी आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री ने हिस्सा लिया। <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/pm-modi-birthday-bjp-seva-sankalp-campaign-mobile-screen-srr21">सेवा संकल्प अभियान</a> के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में सेवा और सामाजिक सहभागिता से जुड़े आयोजन किए गए।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/indore/rahul-gandhi-chhatron-ki-goonj-indore-route-security-congress-police-meeting-pjn28">इंदौर में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ से पहले देर रात बैठक, रूट को लेकर पुलिस-कांग्रेस में नहीं बनी सहमति</a></aside><h3>बलिदान दिवस पर हो रहे विभिन्न आयोजन</h3><p>जबलपुर में राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/indore/gaurav-randive-kailash-vijayvargiya-mohan-yadav-comment-indore-bjp-event-pjn28">मुख्यमंत्री मोहन यादव</a> का दौरा भी इन्हीं आयोजनों का हिस्सा रहा। उन्होंने प्रतिमाओं पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ संग्रहालय का अवलोकन किया और सेवा संकल्प कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान को याद करते हुए उनके योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।</p><figure class="op-interactive"><iframe allowfullscreen="allowfullscreen" frameborder="0" src="https://www.youtube.com/embed/TZDS5FoVjis?si=H2gf48W2dRd8EZ2F"></iframe></figure>]]></content:encoded></item><item><title>कांग्रेस सांसद का पत्र मिलते ही 5 मिनट में आया गडकरी का फोन, तुरंत दिए कार्रवाई के निर्देश</title><link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/nitin-gadkari-called-vivek-tankha-after-highway-complaint-kns18</link><comments>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/nitin-gadkari-called-vivek-tankha-after-highway-complaint-kns18#comments</comments><guid isPermaLink="false">c05463e7-507a-4fe1-897b-2f170df40684</guid><pubDate>Fri, 18 Sep 2026 09:57:39 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-18T09:57:39.639+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>करुणा नंद शाहवाल</atom:name><atom:uri>/api/author/2548022</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Nitin Gadkari,MP News,Congress MP,Jabalpur News</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-18/w1lhhace/Congress-Vivek-Tankha" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Congress Vivek Tankha]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-18/w1lhhace/Congress-Vivek-Tankha?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>जबलपुर</category><category>मध्य प्रदेश</category><category>देश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Congress Vivek Tankha:</strong> मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में भोपाल-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े संपर्क मार्गों की बदहाल स्थिति को लेकर कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को एक पत्र लिखा। </p><p>तन्खा ने अपने पत्र में शाहपुरा क्षेत्र के दोनों संपर्क मार्गों के निर्माण में गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि सड़कें समय से पहले क्षतिग्रस्त हो गई हैं। उनका कहना था कि खराब सड़क की वजह से भारी वाहनों को पाटन मार्ग और हल्के वाहनों को शाहपुरा मार्ग से गुजरना पड़ रहा है, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। </p><p>विवेक तन्खा के अनुसार, पत्र भेजने के महज पांच मिनट बाद नितिन गडकरी का फोन आया। उन्होंने यात्रियों को हो रही असुविधा पर खेद जताया और संबंधित अधिकारियों को मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश देने का भरोसा दिया। </p><p>इसके बाद तन्खा ने सोशल मीडिया पर गडकरी की त्वरित प्रतिक्रिया की सराहना करते हुए लिखा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों की शिकायतों पर इतनी संवेदनशीलता और जवाबदेही दुर्लभ होती जा रही है। यह घटनाक्रम अब सड़क निर्माण की गुणवत्ता और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर चर्चा का विषय बन गया है।</p><figure><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="hi" dir="ltr">पत्र प्राप्ति के ५ मिनट में <a href="https://x.com/nitin_gadkari?ref_src=twsrc%5Etfw">@nitin_gadkari</a> जी का फ़ोन आया की जबलपुर- भोपाल राजमार्ग ब्रिज कलैप्स के कारण हज़ारो यात्रियो को जो दिक़्क़त हो रही है उस पर तुरंत कार्यवाही के आदेश दे रहे हैं ; और परेशानी के लिए खेद भी व्यक्त किया। नितिन जी जैसे सज्जन स्वभाव के मंत्री अब गिनती के है <a href="https://t.co/M7smVQAnWV">pic.twitter.com/M7smVQAnWV</a></p>&mdash; Vivek Tankha (@VTankha) <a href="https://x.com/VTankha/status/2100528317065789830?ref_src=twsrc%5Etfw">September 17, 2026</a></blockquote>
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</figure><h3>पत्र मिलने के 5 मिनट बाद आया मंत्री का फोन</h3><p>कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि राष्ट्रीय राजमार्ग की समस्या संबंधी उनका पत्र पहुंचने के करीब पांच मिनट बाद ही केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/mumbai/barrier-free-toll-system-india-nitin-gadkari-announcement-pmy20">नितिन गडकरी</a> का फोन आया। </p><p>गडकरी ने यात्रियों को हो रही असुविधा पर खेद जताते हुए अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।</p><h3>सोशल मीडिया पर विवेक तन्खा ने साझा किया अनुभव</h3><p>इसके बाद कांग्रेस नेता विवेक तन्खा ने सोशल मीडिया एक्स के माध्यम से नितिन गडकरी की सराहना करते हुए लिखा कि ऐसे सज्जन और संवेदनशील मंत्री अब बहुत कम देखने को मिलते हैं।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/indore/rajiv-gandhi-assassination-security-rahul-gandhi-indore-event-pjn28">राहुल गांधी के कार्यक्रम से पहले राजीव गांधी हत्याकांड का हवाला, ‘छात्रों की गूंज’ पर 31 सुरक्षा शर्तें</a></aside><h3>विपक्षी नेताओं ने की गडकरी की कार्यशैली की सराहना</h3><p>केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की कार्यशैली को लेकर विपक्ष के कई नेताओं ने भी सार्वजनिक रूप से सकारात्मक टिप्पणियां की हैं। कांग्रेस नेता <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/rahul-gandhi-mp-government-mohan-yadav-ground-reality-statement-srr21">राहुल गांधी</a> ने संसद में कहा था कि वे गडकरी की इसलिए सराहना करते हैं क्योंकि वह अपनी बात बेबाकी से रखते हैं।</p><p>वहीं, पूर्व भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी ने एक अनुभव साझा करते हुए बताया कि सड़क परियोजना से जुड़े मामले में मुलाकात के करीब एक महीने बाद गडकरी के कार्यालय से फोन कर उनके काम की प्रगति पूछी गई। बिधूड़ी के अनुसार, इससे उन्हें लगा कि गडकरी सांसदों की शिकायतों और पत्रों पर गंभीरता से फॉलो-अप करते हैं।</p>]]></content:encoded></item><item><title>जबलपुर: राज्यपाल को हटाने की मांग वाली याचिका खारिज, नई नियुक्ति तक पद पर रहेंगे मंगू भाई पटेल</title><link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-governor-mangubhai-patel-removal-petition-dismissed-srr21</link><comments>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-governor-mangubhai-patel-removal-petition-dismissed-srr21#comments</comments><guid isPermaLink="false">0967a71b-b75f-4fc5-b62a-1a0e4dd68acd</guid><pubDate>Thu, 17 Sep 2026 22:29:32 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-17T22:29:32.893+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>पवन पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2557718</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>MP News,Madhya Pradesh News,Jabalpur News</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/import/wp-content/uploads/2026/05/jabalpur-high-court.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ जबलपुर खंडपीठ, हाईकोर्ट]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ petition seeking removal of Mangubhai Patel dismissed]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/import/wp-content/uploads/2026/05/jabalpur-high-court.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>जबलपुर</category><category>मध्य प्रदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Petition Of Removal of Governor Dismissed MP:</strong> मध्य प्रदेश के राज्यपाल का कार्यकाल पूरा होने के बाद उन्हें पद से हटाने और नए राज्यपाल की नियुक्ति की मांग को लेकर दायर याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की डबल बेंच में गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के वकीलों ने संविधान की विभिन्न धाराओं और प्रावधानों की जानकारी सामने रखी।</p><p>जिसके बाद कोर्ट ने संविधान के प्रावधानों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि उत्तराधिकारी के पदभार संभालने तक मौजूदा राज्यपाल पद पर बने रह सकते हैं।</p><h3>रिटायर्ड प्रोफेसर ने दायर की थी याचिका</h3><p>मामला <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/indore/madhya-pradesh-free-land-registry-50-lakh-rural-beneficiaries-srr21">मध्य प्रदेश</a> के राज्यपाल मंगू भाई पटेल से जुड़ा है। जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के एक सेवानिवृत्त प्रोफेसर की ओर से याचिका दायर की गई थी। याचिकाकर्ता का कहना था कि राज्यपाल मंगू भाई पटेल का कार्यकाल 7 जुलाई 2026 को पूरा हो चुका है। ऐसे में प्रदेश में नए राज्यपाल की नियुक्ति की जानी चाहिए। याचिका में संविधान के अनुच्छेद 153 का हवाला देते हुए राज्य में राज्यपाल का पद सुनिश्चित करने की मांग की गई थी। साथ ही नए राज्यपाल की नियुक्ति होने तक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को कार्यवाहक राज्यपाल की जिम्मेदारी देने की मांग भी रखी गई थी।</p><h3>कोर्ट ने धारा 156(3) का उल्लेख कर सुनाया फैसला</h3><p>मामले की सुनवाई जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बीपी शर्मा की खंडपीठ ने की। कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 156(3) का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्यपाल अपने उत्तराधिकारी के पदभार ग्रहण करने तक पद पर बने रह सकते हैं। यानी केवल कार्यकाल पूरा होने से राज्यपाल का पद स्वतः रिक्त नहीं हो जाता। हाईकोर्ट ने याचिका को गलत धारणा पर आधारित मानते हुए इसे खारिज कर दिया। साथ ही नए राज्यपाल की तत्काल नियुक्ति को लेकर कोई निर्देश जारी नहीं किया।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/indore/rahul-gandhi-indore-program-verma-commission-security-issue-srr21">राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम पर फंसा पेंच; पुलिस ने वर्मा आयोग की सुरक्षा सिफारिशों का दिया हवाला</a></aside><h3>हाईकोर्ट के फैसले के बाद राज्यपाल मंगू भाई पटेल की संवैधानिक स्थिति हुई स्पष्ट</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-high-court-anand-mining-iron-ore-case-pjn28">एमपी हाईकोर्ट</a> के इस फैसले के बाद फिलहाल राज्यपाल मंगू भाई पटेल के पद पर बने रहने की संवैधानिक स्थिति स्पष्ट हो गई है। अदालत ने माना कि राज्यपाल का कार्यकाल पूरा होने के बाद भी उत्तराधिकारी के कार्यभार संभालने तक वह जिम्मेदारी निभा सकते हैं। ऐसे में केवल कार्यकाल समाप्त होने के आधार पर नए राज्यपाल की नियुक्ति या किसी अन्य व्यक्ति को अंतरिम जिम्मेदारी सौंपने की मांग को स्वीकार नहीं किया जा सकता। फैसले के साथ ही इस मामले में तत्काल नियुक्ति की मांग पर विराम लग गया।</p><figure class="op-interactive"><iframe allowfullscreen="allowfullscreen" frameborder="0" src="https://www.youtube.com/embed/TZDS5FoVjis?si=d6JOyaJby1LPLY71"></iframe></figure>]]></content:encoded></item><item><title>443 करोड़ की वसूली मामले में आनंद माइनिंग को हाईकोर्ट से झटका, याचिका खारिज, कलेक्टर के सामने रखना होगा पक्ष</title><link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-high-court-anand-mining-iron-ore-case-pjn28</link><comments>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-high-court-anand-mining-iron-ore-case-pjn28#comments</comments><guid isPermaLink="false">4c9f3ba1-c398-403c-980e-a805b49f2c83</guid><pubDate>Thu, 17 Sep 2026 08:09:10 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-17T08:09:10.191+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>पवन पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2557718</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>High Court,Madhya Pradesh News,Jabalpur News</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-17/7wuio3rc/jabalpur-high-court.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ जबलपुर हाई कोर्ट ने आनंद माइनिंग की याचिका की खारिज]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Jabalpur High Court]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-17/7wuio3rc/jabalpur-high-court.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>जबलपुर</category><category>मध्य प्रदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Anand Mining High Court Case :</strong> जबलपुर में आयरन ओर खदानों से जुड़े मामले में हाईकोर्ट ने आनंद माइनिंग की याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कंपनी को निर्देश दिया है कि वह अपना पक्ष जबलपुर कलेक्टर के समक्ष रखे। साथ ही कलेक्टर को प्रमाणित आदेश की प्रति मिलने के चार महीने के भीतर पूरे प्रकरण का निराकरण करने के निर्देश दिए हैं।</p><p>यह मामला सिहोरा तहसील की टिकरिया और प्रतापपुर स्थित दो आयरन ओर खदानों से जुड़ा है। आरोप है कि आनंद माइनिंग ने वर्ष 2004 से 2017 के बीच स्वीकृत क्षमता से अधिक खनन किया। इसी मामले में जांच के बाद कंपनी से वसूली की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।</p><h3>23 अप्रैल 2025 को बनी थी जांच समिति</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/mp-government-raise-2800-crore-loan-state-debt-crosses-5-lakh-crore-1815845.html">मध्यप्रदेश सरकार </a>ने इस मामले में 23 अप्रैल 2025 को जांच समिति का गठन किया था। समिति की रिपोर्ट के आधार पर जबलपुर कलेक्टर ने नवंबर 2025 में कार्रवाई शुरू की। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक टिकरिया खदान से 113 करोड़ 81 लाख 94 हजार 280 रुपये और प्रतापपुर खदान से 120 करोड़ 69 लाख 41 हजार 910 रुपये की वसूली प्रस्तावित की गई।</p><h3>तीन कंपनियों पर 443 करोड़ से ज्यादा की देनदारी</h3><p>जांच रिपोर्ट में तीन संबंधित कंपनियों के मामलों में कुल 443 करोड़ 4 लाख 86 हजार 890 रुपये की वसूली का उल्लेख किया गया है। इसके साथ जीएसटी की देनदारी का भी जिक्र है। यह मामला विधानसभा में भी उठ चुका है। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक जांच के बाद वसूली की कार्रवाई अभी लंबित है।</p><h3>कंपनी ने जांच पर उठाए थे सवाल</h3><p>आनंद माइनिंग ने हाईकोर्ट में दलील दी थी कि जांच समिति के गठन का वैधानिक आधार स्पष्ट नहीं है। कंपनी ने कलेक्टर के अधिकार क्षेत्र, जांच में इस्तेमाल दस्तावेजों और गणना की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए थे। हालांकि हाईकोर्ट ने इन दलीलों पर कंपनी की वास्तविक देनदारी को लेकर कोई अंतिम राय नहीं दी है।</p><h3>कलेक्टर स्वतंत्र रूप से करेंगे फैसला</h3><p>हाईकोर्ट ने कहा कि मामला अभी कलेक्टर के समक्ष विचाराधीन है और कंपनी को अपना पक्ष रखने के पर्याप्त अवसर मिले हैं। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच समिति की रिपोर्ट कलेक्टर के लिए बाध्यकारी नहीं है। कलेक्टर उपलब्ध रिकॉर्ड और कंपनी की आपत्तियों पर स्वतंत्र रूप से फैसला करेंगे।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/ujjain/ujjain-khade-hanuman-temple-protest-idol-road-widening-pjn28">उज्जैन में खड़े हनुमान को लेकर बड़ा आंदोलन: संतों के साथ जुटे हजारों लोग, प्रतिमा को यथास्थान पर रखने की मांग</a></aside><h3>चार महीने में प्रकरण का निराकरण</h3><p>कोर्ट ने निर्देश दिया है कि प्रमाणित आदेश की प्रति मिलने के चार महीने के भीतर कलेक्टर इस प्रकरण का निराकरण करें। साथ ही <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/mp-medical-science-university-jabalpur-ujjain-high-court-case-pjn28">जबलपुर हाईकोर्ट</a> ने स्पष्ट किया कि उसने कंपनी की वास्तविक देनदारी पर कोई राय नहीं दी है। अब 443 करोड़ रुपये से अधिक की प्रस्तावित वसूली को लेकर अंतिम प्रशासनिक फैसला जबलपुर कलेक्टर के स्तर पर होना है।</p><figure class="op-interactive"><iframe allowfullscreen="allowfullscreen" frameborder="0" src="https://www.youtube.com/embed/5AGdcFoo6vg?si=tgQztfIvy_-cjmTp"></iframe></figure>]]></content:encoded></item><item><title>छतरपुर गोलीकांड: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग को हाईकोर्ट से मिली जमानत</title><link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/shaligram-garg-bail-high-court-chhatarpur-shooting-case-pjn28</link><comments>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/shaligram-garg-bail-high-court-chhatarpur-shooting-case-pjn28#comments</comments><guid isPermaLink="false">2de6ccfd-886d-418a-ada6-a1120465523d</guid><pubDate>Wed, 16 Sep 2026 17:10:44 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-16T17:10:44.530+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>पवन पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2557718</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>High Court,Madhya Pradesh News,Dhirendra Krishna Shastri,Jabalpur News</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-16/jpnanno8/shaligram-garg-bail.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ शालिग्राम गर्ग को HC से मिली जमानत]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Shaligram Garg gets bail from Madhya Pradesh High Court]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-16/jpnanno8/shaligram-garg-bail.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>जबलपुर</category><category>मध्य प्रदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Shaligram Garg Bail :</strong> बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के छोटे भाई शालिग्राम गर्ग को छतरपुर के चर्चित गोलीकांड मामले में हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। जबलपुर हाईकोर्ट ने उन्हें 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर राहत दी है। शालिग्राम गर्ग इस मामले में 15 जुलाई से जेल में बंद थे।</p><p>मामला छतरपुर जिले के राजनगर थाना क्षेत्र के कोड़ा गांव का है। 14 जुलाई को जमीन विवाद के दौरान किसान मोतीलाल कुशवाहा के घायल होने की घटना सामने आई थी। मोतीलाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि विवाद के दौरान शालिग्राम गर्ग ने उन पर गोली चलाई।</p><h3>पुलिस ने चार लोगों को बनाया आरोपी</h3><p>पुलिस के मुताबिक, घटना की सूचना दो पक्षों के बीच विवाद और फायरिंग के रूप में मिली थी। शुरुआती जांच में घायल किसान के शरीर में गोली लगने की बात सामने आई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले में शालिग्राम गर्ग समेत चार लोगों को आरोपी बनाया। पुलिस ने शालिग्राम गर्ग और एक अन्य आरोपी अंकित मिश्रा को गिरफ्तार किया था, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही थी।</p><h3>बचाव पक्ष ने राजनीतिक रंजिश का दिया तर्क</h3><p>जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान शालिग्राम गर्ग की ओर से बचाव पक्ष ने अदालत में अपनी दलील रखी। बचाव पक्ष का कहना था कि शालिग्राम को राजनीतिक रंजिश के चलते साजिश के तहत मामले में फंसाया गया है। वहीं अभियोजन पक्ष ने मामले की गंभीरता और जांच से जुड़े तथ्यों का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया।</p><h3>50 हजार के निजी मुचलके पर मिली राहत</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/mp-medical-science-university-jabalpur-ujjain-high-court-case-pjn28">जबलपुर हाईकोर्ट</a> ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद शालिग्राम गर्ग को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत देने का आदेश दिया। जमानत मिलने का अर्थ है कि उन्हें इस मामले में फिलहाल जेल से बाहर आने की अनुमति मिल गई है। हालांकि, मामले की जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/ujjain/ujjain-religious-places-road-widening-city-qazi-statement-pjn28">उज्जैन में धर्मस्थलों पर कार्रवाई को लेकर शहर काजी ने प्रशासन को चेताया, बोले- अपने चश्मे का नंबर बराबर रखें</a></aside><h3>गोलीकांड के बाद चर्चा में आया था मामला</h3><p>राजनगर थाना क्षेत्र के कोड़ा गांव में जमीन विवाद के बाद हुई फायरिंग की घटना के चलते यह मामला चर्चा में आया था। <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/chhatarpur/shaligram-garg-arrested-in-firing-case-sent-to-jail-by-court-1866116.html">शालिग्राम गर्ग</a> की गिरफ्तारी के बाद उनकी न्यायिक हिरासत जारी रही। अब हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद वह जेल से बाहर आ सकेंगे। मामले में आरोपों पर अंतिम स्थिति आगे होने वाली न्यायिक प्रक्रिया में तय होगी।</p>]]></content:encoded></item><item><title>MP में राज्यपाल के कार्यकाल पर HC में सुनवाई, नए नियुक्ति तक चीफ जस्टिस को प्रभार देने की मांग, फैसला सुरक्षित</title><link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/mp-governor-mangubhai-patel-high-court-tenure-case-pjn28</link><comments>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/mp-governor-mangubhai-patel-high-court-tenure-case-pjn28#comments</comments><guid isPermaLink="false">4ce63623-6d6c-42e3-8e2e-6668ba9651fc</guid><pubDate>Wed, 16 Sep 2026 16:21:33 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-16T16:21:33.730+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>सुधीर दंडोतिया</atom:name><atom:uri>/api/author/2548008</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>High Court,Bhopal News,Madhya Pradesh News,Mohan Yadav,Jabalpur News</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-16/upjemu7b/mohan-yadav-and-mangubhai-patel-meeting.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ राज्यपाल मंगूभाई पटेल से मिले सीएम मोहन यादव]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Madhya Pradesh Governor Mangubhai Patel and CM Mohan Yadav]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-16/upjemu7b/mohan-yadav-and-mangubhai-patel-meeting.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>भोपाल</category><category>जबलपुर</category><category>मध्य प्रदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>MP Governor Mangubhai Patel Tenure :</strong> मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल के पांच साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद नए राज्यपाल की नियुक्ति को लेकर मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। जबलपुर में दायर जनहित याचिका में मांग की गई है कि नए राज्यपाल की नियुक्ति होने तक मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को राज्यपाल का प्रभार सौंपा जाए। न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति बीपी शर्मा की युगलपीठ ने मामले में सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया।</p><p>याचिका जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर से सेवानिवृत्त डॉ. एमए खान की ओर से दायर की गई है। इसमें कहा गया है कि मंगुभाई पटेल ने 8 जुलाई 2021 को मध्य प्रदेश के राज्यपाल के रूप में पदभार संभाला था और उनका पांच वर्ष का सामान्य कार्यकाल 8 जुलाई 2026 को पूरा हो गया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अजय रायजादा ने अदालत में संवैधानिक स्थिति स्पष्ट किए जाने की मांग रखी।</p><h3>याचिका में चीफ जस्टिस को प्रभार देने की मांग</h3><p>याचिकाकर्ता का तर्क है कि नए राज्यपाल की नियुक्ति होने तक राज्य में संवैधानिक व्यवस्था को लेकर स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। इसी आधार पर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को अंतरिम रूप से राज्यपाल का प्रभार सौंपने की मांग की गई है। हालांकि, इस मांग पर अंतिम फैसला हाईकोर्ट को करना है।</p><h3>अनुच्छेद 156 को लेकर भी सामने आया पक्ष</h3><p>सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से संविधान के अनुच्छेद 156 का हवाला दिए जाने की जानकारी सामने आई है। अनुच्छेद 156 के प्रावधान के अनुसार राज्यपाल पांच वर्ष की अवधि पूरी होने के बाद भी तब तक पद पर बने रह सकते हैं, जब तक उनका उत्तराधिकारी पदभार ग्रहण नहीं कर लेता। ऐसे में इस मामले का एक प्रमुख संवैधानिक सवाल यही है कि मौजूदा स्थिति में इस प्रावधान की व्याख्या किस तरह की जाए।</p><h3>हाईकोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित</h3><p>मंगलवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट की युगलपीठ ने मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया। फिलहाल अदालत की ओर से अंतिम आदेश नहीं आया है। इसलिए राज्यपाल के पद को लेकर याचिका में की गई मांग और मौजूदा संवैधानिक स्थिति पर अंतिम स्थिति हाईकोर्ट के आदेश के बाद ही स्पष्ट होगी।</p><h3>मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्यपाल से की मुलाकात</h3><p>इसी बीच मुख्यमंत्री डॉ. <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/mp-seva-sankalp-abhiyan-50-lakh-free-land-registry-pjn28">मोहन यादव</a> ने 16 सितंबर को लोकभवन पहुंचकर राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से शुरू हो रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ और ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026’ के तहत होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी राज्यपाल को दी।</p><h3>50 लाख से ज्यादा ग्रामीणों की नि:शुल्क रजिस्ट्री</h3><p>राज्य सरकार के मुताबिक, स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन अभियान के तहत 50 लाख से अधिक ग्रामीण हितग्राहियों की संपत्तियों की नि:शुल्क रजिस्ट्री कर उन्हें अधिकार संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराने की तैयारी है। वहीं ‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत 17 सितंबर से होगी। सरकार ने इस अभियान के पहले दिन प्रदेशभर में 58 लाख दीप जलाने की भी तैयारी की है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/mp-seva-sankalp-abhiyan-50-lakh-free-land-registry-pjn28">मुख्यमंत्री मोहन यादव बोले- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने हासिल कीं अभूतपूर्व उपलब्धियां</a></aside><h3>अब हाईकोर्ट के आदेश का इंतजार</h3><p>राज्यपाल के कार्यकाल और नई नियुक्ति को लेकर दायर जनहित याचिका पर फैसला सुरक्षित होने के बाद अब <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/rahul-gandhi-defamation-case-madhya-pradesh-high-court-hearing-today-1731765.html">मध्यप्रदेश हाईकोर्ट</a> के आदेश का इंतजार है। अदालत के फैसले से यह स्पष्ट होगा कि याचिका में उठाए गए संवैधानिक सवालों और मुख्य न्यायाधीश को प्रभार देने की मांग पर क्या रुख सामने आता है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>जबलपुर: 145 ट्रैक्टरों के साथ किसानों की रैली, MSP पर धान खरीदी समेत कई मांगें उठाईं, बलराम बनकर पहुंचा किसान</title><link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-farmers-tractor-rally-msp-paddy-procurement-demands-pjn28</link><comments>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-farmers-tractor-rally-msp-paddy-procurement-demands-pjn28#comments</comments><guid isPermaLink="false">f26f69c8-9403-4632-9f76-1b790ea9e8c5</guid><pubDate>Wed, 16 Sep 2026 14:33:28 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-16T14:33:28.961+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>पवन पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2557718</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Farmers Protest,Madhya Pradesh News,Jabalpur News</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-16/3wit2u4d/jabalpur-farmers-protest.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ प्रदर्शन में बलराम बनकर पहुंचा किसान]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Farmers take out a tractor rally with 145 tractors in Jabalpur]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-16/3wit2u4d/jabalpur-farmers-protest.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>जबलपुर</category><category>मध्य प्रदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Jabalpur Farmers Tractor Rally :</strong> जबलपुर में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर मंगलवार को ट्रैक्टर रैली निकाली गई। विजय नगर स्थित कृषि उपज मंडी से शुरू हुई रैली में करीब 145 ट्रैक्टर शामिल हुए। किसान करीब 8 किलोमीटर का सफर तय कर घंटाघर पहुंचे। यहां उन्होंने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया।</p><p>रैली के दौरान भगवान बलराम के रूप में एक किसान भी नजर आया। हाथ में हल लेकर कार में सवार होकर पहुंचे किसान ने लोगों का ध्यान खींचा। किसानों ने इस प्रदर्शन के जरिए कृषि से जुड़े मुद्दों के साथ अपनी अलग-अलग मांगों को प्रशासन के सामने रखा।</p><h3>MSP पर धान खरीदी की मांग</h3><p>किसानों ने धान की खरीदी <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/seoni/cm-mohan-yadav-announces-bhavantar-yojana-for-paddy-farmers-in-madhya-pradesh-1835643.html">भावांतर योजना</a> के बजाय न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर कराने की मांग की। किसानों का कहना है कि धान के लिए 3100 रुपए और गेहूं के लिए 2700 रुपए प्रति क्विंटल का वादा किया गया था। उन्होंने इन दरों पर खरीदी सुनिश्चित करने की मांग की। सहकारी समितियों में धान खरीदी की सीमा 25 क्विंटल प्रति एकड़ करने की मांग भी रखी गई।</p><h3>मंडियों में कम बोली और भुगतान का मुद्दा</h3><p>किसानों ने मंडियों में MSP से कम दर पर बोली लगाए जाने पर रोक लगाने की मांग की। इसके साथ ही शहपुरा में किसानों का भुगतान नहीं करने वाले व्यापारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। किसानों ने खराब या नकली बीज के मामलों में संबंधित कंपनियों पर कार्रवाई की मांग भी उठाई।</p><h3>पराली और राजस्व मामलों को लेकर भी मांगें</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/bhopal-farmers-protest-symbolic-strip-protest-against-mp-government-kisan-andolan-2026-1895630.html">किसान प्रदर्शन</a> में शामिल प्रदर्शनकारियों कहा कि जब तक पराली प्रबंधन के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं कराए जाते, तब तक पराली जलाने को लेकर किसानों पर कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। इसके अलावा लंबित राजस्व मामलों का जल्द निराकरण करने की मांग भी की गई। किसानों ने मंडियों में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए आधार और फोटो स्कैन की व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया।</p><h3>बिजली व्यवस्था सुधारने की मांग</h3><p>कृषि बिजली से जुड़े मुद्दे भी किसानों ने उठाए। उन्होंने दिन में 12 घंटे कृषि बिजली उपलब्ध कराने और बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग की। सिहोरा क्षेत्र में ओवरलोड ट्रांसफॉर्मर बदलने की मांग भी किसानों की ओर से रखी गई।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/asaduddin-owaisi-bhopal-rameshwar-sharma-missile-statement-pjn28">रामेश्वर शर्मा पर भड़के ओवैसी, बोले- माई के लाल हो तो काजी कैंप पर मिसाइल चलाकर दिखाओ, मैं अकेला खड़ा मिलूंगा</a></aside><h3>15 दिन का समय, मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन</h3><p>किसानों ने कलेक्टर के नाम अपना ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर सृष्टि प्रजापति को सौंपा। भारतीय किसान संघ की ओर से प्रशासन को मांगों पर कार्रवाई के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। किसान संघ ने कहा कि तय समय में मांगों पर समाधान नहीं हुआ तो जिला स्तर पर आंदोलन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में किसान शामिल होंगे।</p>]]></content:encoded></item><item><title>जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी के विखंडन पर हाईकोर्ट का नोटिस, राज्य सरकार और विधि विभाग से मांगा जवाब</title><link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/mp-medical-science-university-jabalpur-ujjain-high-court-case-pjn28</link><comments>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/mp-medical-science-university-jabalpur-ujjain-high-court-case-pjn28#comments</comments><guid isPermaLink="false">3b8e6068-dbc7-4d9d-bd80-29847c394bb0</guid><pubDate>Wed, 16 Sep 2026 12:16:21 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-16T12:16:21.195+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>पवन पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2557718</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>High Court,Madhya Pradesh News,Jabalpur News</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-16/m1dpjoz2/jabalpur-high-court.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी के विखंडन पर HC का नोटिस]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Madhya Pradesh High Court]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-16/m1dpjoz2/jabalpur-high-court.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>जबलपुर</category><category>मध्य प्रदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>MP Medical Science University :</strong> मध्य प्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी, जबलपुर के क्षेत्राधिकार और संसाधनों के पुनर्वितरण को लेकर दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। याचिका नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच की ओर से दायर की गई है। इसमें उज्जैन में नई मेडिकल यूनिवर्सिटी स्थापित किए जाने के बाद जबलपुर यूनिवर्सिटी के कॉलेजों, विद्यार्थियों और संसाधनों को दूसरी यूनिवर्सिटी के अधीन किए जाने पर आपत्ति जताई गई है।</p><p>याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट में कहा गया कि जबलपुर मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी से जुड़े करीब 80 कॉलेजों में से 64 कॉलेजों को नई यूनिवर्सिटी के अधीन किया गया है। याचिका के मुताबिक इन कॉलेजों में पढ़ने वाले करीब 16 हजार विद्यार्थियों में से लगभग 14 हजार विद्यार्थियों को भी नई यूनिवर्सिटी में स्थानांतरित किया गया है।</p><h3>ग्वालियर-चंबल संभाग को भी नई यूनिवर्सिटी में शामिल करने का दावा</h3><p>याचिका में यह भी कहा गया है कि नई व्यवस्था के तहत <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/morena/chambal-river-steamer-engine-fails-150-passengers-morena">ग्वालियर-चंबल संभाग</a> को भी उज्जैन की नई मेडिकल यूनिवर्सिटी के दायरे में शामिल किया गया है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि इस तरह क्षेत्राधिकार में किए गए बदलाव से जबलपुर मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी के कामकाज और भविष्य की व्यवस्थाओं पर असर पड़ सकता है।</p><h3>250 करोड़ के रिजर्व फंड का मुद्दा भी उठाया</h3><p>याचिकाकर्ता ने यूनिवर्सिटी के रिजर्व फंड को लेकर भी सवाल उठाए हैं। याचिका में दावा किया गया है कि करीब 250 करोड़ रुपए की राशि को भी नई यूनिवर्सिटी में स्थानांतरित किया गया है। मंच ने इस प्रक्रिया को नियमों के विपरीत बताते हुए कहा है कि इससे जबलपुर मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी की वित्तीय स्थिति प्रभावित हो सकती है।</p><h3>सरकार और मेडिकल यूनिवर्सिटी को नोटिस</h3><p>मामले में <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-nursing-college-scam-students-relief-high-court-exam-result">जबलपुर हाईकोर्ट</a> ने राज्य सरकार, विधि विभाग और मध्य प्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी किया है। अदालत ने संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। अब सरकार और अन्य अनावेदकों के जवाब के बाद ही इस मामले में उठाए गए आरोपों और पुनर्वितरण की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/khandwa/khandwa-farmers-protest-dog-submitted-memorandum-collector-pjn28">खंडवा: कलेक्टर कार्यालय में किसानों का अनोखा विरोध, अधिकारी नहीं मिले तो कुत्ते को सौंप दिया ज्ञापन</a></aside><h3>याचिका में पक्षपात का भी आरोप</h3><p>नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने याचिका में जबलपुर की उपेक्षा और पक्षपात का आरोप लगाते हुए क्षेत्राधिकार में किए गए बदलाव पर सवाल उठाए हैं। याचिका में कॉलेजों, विद्यार्थियों और फंड के स्थानांतरण की प्रक्रिया को चुनौती दी गई है। कोर्ट के सामने अब संबंधित पक्षों का जवाब आने के बाद मामले की आगे की सुनवाई होगी।</p>]]></content:encoded></item><item><title>जबलपुर में आंदोलन के नाम पर 50 हजार की मांग का आरोप, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष का ऑडियो वायरल, 4 महीने बाद खुलासा</title><link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-congress-leader-blackmailing-audio-50-thousand-demand-pjn28</link><comments>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-congress-leader-blackmailing-audio-50-thousand-demand-pjn28#comments</comments><guid isPermaLink="false">914db5c3-2cf3-41d4-a489-44753dfe2977</guid><pubDate>Tue, 15 Sep 2026 16:29:11 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-15T16:29:11.249+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>पवन पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2557718</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Congress,Madhya Pradesh News,liquor shops,Jabalpur News</media:keywords><media:content height="1211" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-15/efzz7bt9/1001571513.png" width="2140"><media:title type="html"><![CDATA[ शराब दुकान के बाहर प्रदर्शन करते हुए अभिषेक पाठक]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Protest infront Of wine shop]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-15/efzz7bt9/1001571513.png?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>जबलपुर</category><category>मध्य प्रदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Jabalpur Congress Leader Blackmailing Audio :</strong> जबलपुर के धनवंतरी नगर में आंदोलन और प्रदर्शन को लेकर सामने आए एक ऑडियो ने राजनीतिक गलियारों में सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष अभिषेक पाठक पर शराब दुकान संचालक से आंदोलन नहीं करने के बदले 50 हजार रुपए मांगने का आरोप लगा है।</p><p>इस कथित बातचीत का ऑडियो अब वायरल हो रहा है। हालांकि, इस मामले में शराब दुकान संचालक की ओर से अब तक कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है और अभिषेक पाठक की तरफ से भी कोई सार्वजनिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।</p><h3>कर्मचारी ने किया था अभिषेक पाठक से संपर्क</h3><p>मामला धनवंतरी नगर स्थित एक शराब दुकान से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक, शराब दुकान संचालक आकर्ष जायसवाल के कर्मचारी नीरज श्रीवास्तव ने प्रदर्शन के बाद अभिषेक पाठक से संपर्क किया था। नीरज ने आंदोलन नहीं करने की बात कही थी। आरोप है कि इसी दौरान अभिषेक पाठक ने आंदोलन रोकने के बदले 50 हजार रुपए देने की मांग की।</p><h3>40 हजार की पेशकश, 50 हजार पर अड़े रहने का आरोप</h3><p>नीरज श्रीवास्तव उर्फ लक्की और अभिषेक पाठक के बीच हुई कथित फोन बातचीत का ऑडियो सामने आया है। इसमें नीरज दुकान संचालक की ओर से 40 हजार रुपए देने की पेशकश करता सुनाई दे रहा है, जबकि आरोप है कि अभिषेक 50 हजार रुपए की मांग पर कायम रहे। हालांकि, दुकान संचालक की ओर से यह रकम नहीं दी गई।</p><h3>आंदोलन कर दुकान बंद कराने की कोशिश का दावा</h3><p>आरोप है कि रकम नहीं मिलने के बाद अभिषेक पाठक ने आंदोलन जारी रखा और दुकान बंद करवाने का प्रयास किया। हालांकि, संबंधित दुकान शासकीय होने के कारण इसे बंद नहीं कराया जा सका। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर उस समय दुकान संचालक की ओर से पुलिस या प्रशासन में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी।</p><h3>चार महीने बाद सामने आया ऑडियो</h3><p>घटना के करीब चार महीने बाद कथित ऑडियो वायरल होने के बाद नीरज श्रीवास्तव मीडिया के सामने आए और पूरे मामले का खुलासा किया। नीरज ने बातचीत और पैसे की मांग से जुड़े आरोप लगाए हैं। वायरल ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए इसमें कही गई बातों को आरोप के तौर पर ही देखा जा रहा है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/mp-government-offices-biometric-attendance-from-november-1-pjn28">MP के सरकारी दफ्तरों में 1 नवंबर से बायोमेट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य, कर्मचारियों की लेटलतीफ पर लगेगी रोक</a></aside><h3>अब उठ रहे आंदोलन की राजनीति पर सवाल</h3><p>मामला सामने आने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या जनहित के मुद्दों को लेकर होने वाले आंदोलनों की आड़ में कहीं दबाव या अवैध वसूली का खेल तो नहीं चलता। हालांकि, इस मामले में आरोपों की स्वतंत्र जांच और ऑडियो की सत्यता की पुष्टि होना बाकी है। अभी तक अभिषेक पाठक की ओर से कोई स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है और कांग्रेस की ओर से भी कार्रवाई को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश की अनदेखी पड़ी भारी, दो वरिष्ठ IAS अफसरों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी</title><link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/mp-high-court-ias-arrest-warrant-vivek-porwal-sandeep-gr-pjn28</link><comments>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/mp-high-court-ias-arrest-warrant-vivek-porwal-sandeep-gr-pjn28#comments</comments><guid isPermaLink="false">067ac8b8-ed72-4fd9-bb65-b102923bf1db</guid><pubDate>Tue, 15 Sep 2026 12:45:39 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-15T12:45:39.220+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>पवन पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2557718</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>High Court,Madhya Pradesh News,IAS officers,Jabalpur News</media:keywords><media:content height="469" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-14/hpxfg505/1001571736.jpg" width="654"><media:title type="html"><![CDATA[ IAS विवेक पोरवाल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ IAS officer Vivek Porwal]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-14/hpxfg505/1001571736.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>जबलपुर</category><category>मध्य प्रदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>MP High Court News :</strong> मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश की अनदेखी करना दो वरिष्ठ IAS अधिकारियों के लिए मुश्किल खड़ी कर गया है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान IAS अधिकारी विवेक पोरवाल और संदीप जीआर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने के निर्देश दिए हैं। दोनों अधिकारियों को अगली सुनवाई में अदालत के सामने पेश कराने के निर्देश दिए गए हैं।</p><p>मामले की सुनवाई जस्टिस विवेक जैन की अदालत में हुई। कोर्ट ने दोनों अधिकारियों को 21 सितंबर 2026 को अदालत के सामने पेश कराने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद प्रशासनिक अधिकारियों के बीच भी मामला चर्चा में है।</p><h3>सागर कलेक्टर कार्यालय की अधिकारी से जुड़ा मामला</h3><p>पूरा मामला सागर <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/indore/indore-collector-jansunwai-youth-suicide-attempt-dj-vehicle-dispute-srr21">कलेक्टर कार्यालय</a> में पदस्थ अनुभाग अधिकारी शीला सेन के नियमितीकरण से जुड़ा है। शीला सेन की ओर से नियमितीकरण के दावे को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने 19 मार्च 2025 को राज्य सरकार और सागर कलेक्टर को नियमितीकरण के दावे पर 90 दिनों के भीतर विचार कर उचित निर्णय लेने का निर्देश दिया था।</p><h3>तय समय में आदेश का उचित पालन नहीं हुआ</h3><p>हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद तय समय सीमा में आदेश का उचित तरीके से पालन नहीं किया गया। इसके बाद मामले में अवमानना याचिका दायर की गई। याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस भी जारी किए थे।</p><h3>तत्कालीन सागर कलेक्टर पर भी सवाल</h3><p>मामले में तत्कालीन सागर कलेक्टर संदीप जीआर से भी कोर्ट के आदेश के पालन को लेकर जवाब मांगा गया था। आरोप है कि अदालत के निर्देशों को गंभीरता से नहीं लिया गया और आदेश का अपेक्षित तरीके से पालन नहीं हुआ। इसके बाद कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/sagar/sagar-banda-liquor-case-minister-govind-singh-rajput-bmc-pjn28">सागर शराबकांड: BMC में मरीजों से मिले मंत्री गोविंद राजपूत, 3 मरीज AIIMS भोपाल भेजे, 3 दिन में मुआवजे का ऐलान</a></aside><h3>अब गिरफ्तारी वारंट के निर्देश</h3><p>अदालत की ओर से की गई कार्रवाई को कोर्ट के आदेश की अवहेलना के मामले में बड़ी सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है। <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/madhya-pradesh-high-court-new-chief-justice-alpesh-yashwant-kogje-oath-srr21">मध्य प्रदेश हाईकोर्ट</a> ने दोनों अधिकारियों को अगली सुनवाई में पेश कराने के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी करने के निर्देश दिए हैं। अब 21 सितंबर की सुनवाई में दोनों अधिकारियों की पेशी होगी और मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी।</p><figure class="op-interactive"><iframe allowfullscreen="allowfullscreen" frameborder="0" src="https://www.youtube.com/embed/TtvaciybI7g?si=1qhINkb6y0Cv1BIb"></iframe></figure>]]></content:encoded></item><item><title>जबलपुर: जिला पंचायत कार्यालय में महिला अफसर से मारपीट, सहकर्मी के पति ने काटा बवाल; पुलिस ने दर्ज की एफआईआर</title><link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-woman-officer-assaulted-district-panchayat-office-fir-registered-srr21</link><comments>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-woman-officer-assaulted-district-panchayat-office-fir-registered-srr21#comments</comments><guid isPermaLink="false">3079e691-e831-4bd5-9c99-6cd92a337354</guid><pubDate>Thu, 10 Sep 2026 22:21:43 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-10T22:21:43.122+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>पवन पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2557718</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Madhya Pradesh News,Jabalpur News</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-10/2hvpb4hu/Jabalpur-Woman-Officer-Assault-Case.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ महिला अधिकारी से मारपीट करने वाले को कर्मचारियों ने पकड़ा]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ woman officer assaulted inside Jabalpur district panchayat office]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-10/2hvpb4hu/Jabalpur-Woman-Officer-Assault-Case.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>जबलपुर</category><category>मध्य प्रदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Jabalpur Woman Officer Assault Case:</strong> जबलपुर के जिला पंचायत कार्यालय में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक महिला अधिकारी के साथ कार्यालय में ही मारपीट हो गई। आरोप है कि पत्नी के खिलाफ चल रही आर्थिक अनियमितता की जांच से नाराज उसके पति ने जांच टीम में शामिल महिला अधिकारी के साथ पहले गाली-गलौज की और फिर मारपीट कर दी।</p><p>जानकारी के मुताबिक जिला पंचायत कार्यालय में सहायक विकासखण्ड प्रबंधक के पद पर पदस्थ आरती सोनी के खिलाफ सिहोरा में आर्थिक अनियमितता और फर्जीवाड़े से जुड़ी शिकायत सामने आई थी। मामले की जांच के लिए जिला पंचायत सीईओ की ओर से एक जांच टीम गठित की गई थी। इस टीम में डीपीएम मंजुला झा को भी शामिल किया गया था।</p><h3>महिला के पति ने जांच टीम में शामिल डीपीएम के साथ किया विवाद</h3><p>बुधवार दोपहर आरती सोनी के पति योगेश सोनी इसी मामले को लेकर <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/rajgarh/rajgarh-government-programme-zila-panchayat-president-slap-controversy-1885875.html">जिला पंचायत</a> कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने जांच टीम में शामिल डीपीएम अंजुला झा से बातचीत के दौरान विवाद शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि योगेश सोनी ने अंजुला झा के साथ मारपीट शुरू कर दी।</p><h3>आरोपी ने पहले मारा थप्पड़, फिर करने लगा अपशब्दों का प्रयोग</h3><p>पीड़िता के मुताबिक आरोपी ने पहले उन्हें थप्पड़ मारा। इसके बाद गाली-गलौज करते हुए लात से भी मारपीट की। कार्यालय में अचानक हुई इस घटना से वहां मौजूद कर्मचारी सकते में आ गए। कर्मचारियों ने बीच-बचाव करते हुए आरोपी को पकड़कर कार्यालय से बाहर निकाला।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/sagar/sagar-liquor-tragedy-women-protest-wine-shop-baherol-video-srr21">सागर जहरीली शराब कांड के बाद नारी शक्ति ने काटा बवाल, बहरोल में वाइन शॉप पर महिलाओं का हंगामा- VIDEO</a></aside><h3>घटना के बाद योगेश सोनी मौके से हुआ फरार</h3><p>बताया जा रहा है कि घटना के बाद योगेश सोनी मौके से फरार हो गया। वहीं मारपीट की घटना के बाद पीड़ित महिला अधिकारी ने बेलबाग थाने पहुंचकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।शिकायत के आधार पर बेलबाग थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-woman-constable-varsha-patel-mount-elbrus-mp-police-tiranga">जबलपुर पुलिस</a> अब घटनास्थल पर मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ करने के साथ ही विवाद की वजह और मारपीट से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।</p><p>फिलहाल पूरा मामला उस शिकायत और उसके बाद शुरू हुई जांच से जुड़ा है, जिसे लेकर आरोपी पक्ष की नाराजगी सामने आई है। हालांकि आर्थिक अनियमितता से जुड़ी मूल शिकायत में क्या तथ्य सामने आते हैं और जांच में क्या निष्कर्ष निकलता है, यह संबंधित जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।</p><figure class="op-interactive"><iframe allowfullscreen="allowfullscreen" frameborder="0" src="https://www.youtube.com/embed/KvrRbLuDX7g?si=o4LRJdRyIR5uDfQV"></iframe></figure>]]></content:encoded></item><item><title>फेसबुक पर प्यार, दुबई में 6 साल साथ रहे, जबलपुर में शादी...डेढ़ साल बाद पति की तलाश में भटक रही पत्नी</title><link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-facebook-love-story-dubai-couple-wife-searching-missing-husband-srr21</link><comments>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-facebook-love-story-dubai-couple-wife-searching-missing-husband-srr21#comments</comments><guid isPermaLink="false">19e50a1c-025f-426d-a75a-cf936f36e8d7</guid><pubDate>Thu, 10 Sep 2026 21:24:37 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-10T21:24:37.981+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>पवन पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2557718</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>MP News,Madhya Pradesh News,Jabalpur News</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-10/2jv89js8/Facebook-Love-Story-Case-Jabalpur.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ सुनील और अश्विंदर की तस्वीर]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Facebook friendship turned into love and marriage in Jabalpur]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-10/2jv89js8/Facebook-Love-Story-Case-Jabalpur.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>जबलपुर</category><category>मध्य प्रदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Facebook Love Story Case Jabalpur:</strong> 12 साल छोटे युवक से की तीसरी शादी, दरअसल यह कहानी है सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती और फिर असल जिंदगी में आए मोड़ के बाद रिश्तों में दरार की। यह मामला मुंबई निवासी अश्विंदर कौर और जबलपुर के त्रिमूर्ति नगर निवासी सुनील ठाकुर से जुड़ा है। अश्विंदर के मुताबिक वह दुबई में मल्टीनेशनल कंपनी में सॉफ्टवेयर सेल मैनेजर है जबकि सुनील दुबई में एक गारमेंट्स कंपनी में नौकरी करता था।</p><p>अश्विंदर के पहले पति की बीमारी के कारण मृत्यु हो गई थी, फिर एक व्यापारी से शादी की लेकिन कुछ महीनों बाद वह दोनों अलग हो गए फिर उसकी मुलाकात 12 साल छोटे सुनील से हुई और दोनों का रिश्ता आगे बढ़ा।</p><h3>फेसबुक से शादी के मंडप तक का सफर</h3><p>दोनों की मुलाकात अक्टूबर 2020 में फेसबुक के जरिए हुई थी। इंडियन होने के कारण दोनों के बीच दोस्ती हो गई और धीरे धीरे उन्हें एक दूसरे से प्यार हो गया सुनील अश्विंदर से 12 साल छोटा है फिर भी दोनों दुबई में करीब 6 साल लाइव इन रिलेशन में साथ रहे। इसके बाद उन्होंने शादी कर पूरी जिंदगी एक दूसरे के साथ रहने का फैसला लिया और 23 फरवरी 2025 को दोनों ने <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/mumbai/jabalpur-nagpur-greenfield-expressway-samruddhi-highway-rgs12">जबलपुर जिले</a> के सिविक सेंटर स्थित गुरुद्वारे में शादी की। गया सुनील अश्विंदर से 12 साल छोटा है फिर भी दोनों दुबई में करीब 6 साल लाइव इन रिलेशन में साथ रहे। इसके बाद उन्होंने शादी कर पूरी जिंदगी एक दूसरे के साथ रहने का फैसला लिया और 23 फरवरी 2025 को दोनों ने जबलपुर के सिविक सेंटर स्थित गुरुद्वारे में शादी की।</p><h3>पैसों ने डाली रिश्ते में दरार, परिवार बना दीवार</h3><p>शादी के कुछ समय बाद से ही आर्थिक स्थिति को लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हुआ। अश्विंदर का कहना है कि जब तक वह पति की आर्थिक मदद करती रही, तब तक सब ठीक था, लेकिन आर्थिक परेशानियां बढ़ने के बाद सुनील ने उनसे दूरी बनाना शुरू कर दी। अश्विंदर के मुताबिक 31 जुलाई 2026 को दोनों दुबई से भारत लौटे। इसके बाद सुनील जबलपुर आ गया लेकिन उसे अपने साथ नहीं लाया, कई दिनों तक वह सुनील से संपर्क करने का प्रयास करती रहीब्लेकिन सुनील का व्यवहार अचानक बदल गया और उसने बात करना बंद कर दिया। जिसके बाद वह सुनील को तलाशते हुए अश्विंदर सतना और फिर जबलपुर पहुंची लेकिन यहां भी सुनील उससे मिलने नहीं आया।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/ladli-behna-yojana-donald-trump-dividend-5000-dollar-promise-viral-memes-srr21">ग्लोबल हो गई लाडली बहना योजना! जानिए क्यों अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के 'डिविडेंड' ऐलान पर हंस पड़ा इंटरनेट</a></aside><h3>कानून की दहलीज पर पहुंची प्यार की कहानी</h3><p>अश्विंदर ने पति सुनील सहित ससुराल पक्ष पर दहेज का सामान, ज्वेलरी और नकदी अपने पास रखने तथा मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। अश्विंदर की शिकायत के आधार पर गोहलपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-karni-sena-protest-ugc-rollback-demand-police-detention-before-defence-minister-meeting">जबलपुर पुलिस</a> के मुताबिक पति-पत्नी के बीच विवाद और पत्नी को घर में प्रवेश नहीं देने की शिकायत मिली थी। फिलहाल पुलिस सभी आरोपों की जांच कर रही है। ऐसे में जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा कि इस रिश्ते में दरार की असली वजह क्या थी।</p><figure class="op-interactive"><iframe allowfullscreen="allowfullscreen" frameborder="0" src="https://www.youtube.com/embed/KvrRbLuDX7g?si=o4LRJdRyIR5uDfQV"></iframe></figure>]]></content:encoded></item><item><title>प्रमोशन में आरक्षण पर हाईकोर्ट का बड़ा निर्देश: 50% की सीमा नहीं लांघ सकती सरकार, मुख्य सचिव को दी जिम्मेदारी</title><link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/mp-promotion-reservation-high-court-50-percent-limit-pjn28</link><comments>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/mp-promotion-reservation-high-court-50-percent-limit-pjn28#comments</comments><guid isPermaLink="false">68c1d8df-885a-43a5-a971-f4c71efb6ab9</guid><pubDate>Thu, 10 Sep 2026 09:35:36 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-10T09:35:36.458+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>पवन पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2557718</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>High Court,Madhya Pradesh News,Jabalpur News</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-10/r211o79g/1001517728.png" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ पदोन्नति में आरक्षण पर हाईकोर्ट का अंतरिम आदेश]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Madhya Pradesh High Court]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-10/r211o79g/1001517728.png?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>जबलपुर</category><category>मध्य प्रदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>MP Promotion Reservation :</strong> मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के प्रमोशन में आरक्षण को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार कर्मचारियों को प्रमोशन दे सकती है, लेकिन आरक्षण की निर्धारित 50 प्रतिशत सीमा का उल्लंघन नहीं होना चाहिए। </p><p>कोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों का फैसला आने तक प्रमोशन प्रक्रिया में इस सीमा का सख्ती से पालन हो।</p><h3>मुख्य सचिव को व्यक्तिगत जिम्मेदारी</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/mp-nursing-students-high-court-relief-pending-exams-results-order-srr21">मध्य प्रदेश हाईकोर्ट</a> ने कहा कि प्रमोशन की प्रक्रिया में कर्मचारियों के अधिकारों का ध्यान रखा जाए, लेकिन आरक्षण की तय सीमा को किसी भी स्थिति में पार नहीं किया जा सकता। मुख्य सचिव को निर्देश दिया गया है कि वे व्यक्तिगत रूप से इसकी निगरानी करें। यह व्यवस्था तब तक लागू रहेगी, जब तक इस मामले या सुप्रीम कोर्ट में लंबित आरबी राय और जरनैल सिंह मामलों में अंतिम फैसला नहीं आ जाता।</p><h3>प्रमोशन के बाद रिवर्ट करना मुश्किल</h3><p>सुनवाई के दौरान भोपाल की वेटरनरी सर्जन डॉ. स्वाति तिवारी समेत अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से दायर याचिकाओं पर बहस हुई। वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज शर्मा ने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार की ओर से कर्मचारियों को लगातार प्रमोशन दिए जा रहे हैं। एक बार प्रमोशन मिलने के बाद संबंधित कर्मचारी को बाद में पदावनत यानी रिवर्ट करना व्यावहारिक रूप से मुश्किल हो जाता है।</p><h3>RB राय केस का दिया हवाला</h3><p>याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने आरबी राय मामले का हवाला देते हुए कहा कि स्पष्ट कानूनी स्थिति सामने आने के बावजूद अब तक प्रभावित कर्मचारियों को रिवर्ट नहीं किया गया है। इसी वजह से प्रमोशन प्रक्रिया में आरक्षण की सीमा और उसके पालन को लेकर अदालत के समक्ष स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई।</p><h3>इंद्रा साहनी फैसले का भी जिक्र</h3><p>सुनवाई के दौरान डिवीजन बेंच ने सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक इंद्रा साहनी बनाम भारत संघ फैसले में निर्धारित 50 प्रतिशत आरक्षण की सीमा का उल्लेख किया। कोर्ट ने कहा कि कर्मचारियों को प्रमोशन के लिए विचार किए जाने का अधिकार है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आरक्षण की निर्धारित ऊपरी सीमा को पार किया जा सकता है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/indore/apollo-tower-indore-sealed-fire-safety-600-shops-offices-pjn28">अपोलो टावर पर नगर निगम का बड़ा एक्शन: फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन पर 600 दुकानें सील, व्यापारियों में हड़कंप</a></aside><h3>प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तरीके से सीमा नहीं टूटे</h3><p>हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि 50 प्रतिशत की सीमा का उल्लंघन प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष किसी भी तरीके से नहीं होना चाहिए। यानी प्रमोशन की प्रक्रिया में कर्मचारियों पर विचार किया जा सकता है, लेकिन आरक्षण के लागू होने के दौरान निर्धारित सीमा का पालन अनिवार्य रहेगा।</p><h3>1 दिसंबर को अगली सुनवाई</h3><p>कोर्ट ने <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/ashok-barnwal-appointed-madhya-pradesh-new-chief-secretary-1882531.html">मुख्य सचिव</a> को निर्देश दिए हैं कि लंबित मामलों में अंतिम निर्णय आने तक प्रमोशन प्रक्रिया में 50 प्रतिशत आरक्षण की सीमा का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। मामले की अगली सुनवाई 1 दिसंबर को होगी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह और अतिरिक्त महाधिवक्ता जान्हवी पंडित ने सरकार का पक्ष रखा।</p>]]></content:encoded></item><item><title>मध्य प्रदेश के नर्सिंग छात्रों को हाईकोर्ट से राहत; अटकी परीक्षाएं कराने और रिजल्ट जारी करने के आदेश</title><link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/mp-nursing-students-high-court-relief-pending-exams-results-order-srr21</link><comments>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/mp-nursing-students-high-court-relief-pending-exams-results-order-srr21#comments</comments><guid isPermaLink="false">c6d2c6aa-6076-467d-8362-20c1adcac0c8</guid><pubDate>Wed, 09 Sep 2026 23:25:44 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-09T23:25:44.151+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>पवन पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2557718</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>MP News,Madhya Pradesh News,Jabalpur News</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/import/wp-content/uploads/2026/05/jabalpur-high-court-1.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ जबलपुर हाई कोर्ट]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Jabalpur nursing college scam students get relief from High Court]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/import/wp-content/uploads/2026/05/jabalpur-high-court-1.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>जबलपुर</category><category>मध्य प्रदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>MP Nursing Exams High Court Relief Order:</strong> मध्य प्रदेश में लंबे समय से अटकी नर्सिंग परीक्षाओं और परीक्षा परिणामों को लेकर हाईकोर्ट ने नर्सिंग स्टूडेंट्स को राहत दी है। जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बी.पी. शर्मा की युगलपीठ ने लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट विशाल बघेल की जनहित याचिका समेत संबंधित मामलों की सुनवाई की। सुनवाई के दौरान सीबीआई की रिपोर्ट में कॉलेजों की फैकल्टी को लेकर सामने आई डुप्लीकेसी का मुद्दा भी रखा गया।</p><p>कोर्ट ने डुप्लीकेट टीचिंग फैकल्टी पाए गए संबंधित कॉलेजों के लिए प्रति डुप्लीकेट फैकल्टी 3 लाख रुपये का जुर्माना तय किया है। इसमें 2 लाख रुपये एमपी नर्सिंग रजिस्ट्रेशन काउंसिल और 1 लाख रुपये जुवेनाइल जस्टिस फंड में जमा कराने होंगे। एक महीने के भीतर जुर्माना जमा करने के बाद संबंधित कॉलेजों को उपयुक्त मानते हुए परीक्षाएं आयोजित की जा सकेंगी और परिणाम जारी किए जा सकेंगे।</p><h3>जिन कॉलेजों में नहीं मिली डुप्लीकेट फैकल्टी उनके छात्रों को मिली परीक्षा में शामिल होने की अनुमति</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/twisha-sharma-death-mystery-cbi-questions-aiims-bhopal-doctors-1817986.html">सीबीआई जांच</a> में जिन 35 सूटेबल कॉलेजों में डुप्लीकेट फैकल्टी नहीं मिली है, उनके छात्रों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गई है। इसके साथ ही पहले परीक्षा दे चुके छात्रों के परिणाम भी जारी किए जाएंगे। यह राहत बीएससी नर्सिंग, एमएससी नर्सिंग और पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग के विद्यार्थियों को मिलेगी।</p><h3>हाईकोर्ट ने पर्यावरण संरक्षण की भी दी जिम्मेदारी</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/madhya-pradesh-rain-four-days-heavy-rain-alert-six-districts-pjn28">मध्य प्रदेश</a> हाईकोर्ट ने अपने फैसले में एक अहम आदेश जारी करते हुए कॉलेजों को पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी भी दी है। प्रत्येक संबंधित कॉलेज को परिसर या आसपास 50 पौधे लगाने और उन्हें पेड़ बनने तक संरक्षित करने के निर्देश दिए गए हैं। पौधारोपण की तस्वीरें निसर्ग ऐप पर अपलोड भी करनी होंगी ताकि आदेश का पालन सुनिश्चित किया जा सके।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/sagar/sagar-liquor-case-administrative-reshuffle-dilip-kumar-new-commissioner-irshad-wali-ig-srr21">शुरू हुआ एक्शन...सागर शराबकांड के बाद बड़ा फेरबदल; संभाग को मिले नए कमिश्नर दिलीप कुमार और IG इरशाद वली</a></aside><h3>नर्सिंग रजिस्ट्रेशन काउंसिल को नए कॉलेजों को मान्यता देने में पूरी सतर्कता बरतने की दी हिदायत</h3><p>न्यायालय ने अपने आदेश में नर्सिंग रजिस्ट्रेशन काउंसिल को नए कॉलेजों को मान्यता देने में पूरी सतर्कता बरतने की सख्त हिदायत दी है। निरीक्षण या निर्धारित मापदंडों के पालन में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी। बहरहाल मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर 2026 को होगी।</p><figure class="op-interactive"><iframe allowfullscreen="allowfullscreen" frameborder="0" src="https://www.youtube.com/embed/tuyvYfcTSdc"></iframe></figure>]]></content:encoded></item><item><title>बालाघाट: 30 बच्चों की मौत के मामले में हाईकोर्ट सख्त, याचिकाकर्ता ने पेश की ग्राउंड रिपोर्ट; जानें पूरा मामला</title><link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/balaghat/balaghat-30-children-deaths-high-court-petitioner-ground-report-srr21</link><comments>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/balaghat/balaghat-30-children-deaths-high-court-petitioner-ground-report-srr21#comments</comments><guid isPermaLink="false">d3ccbeb5-dd03-4f9e-95f2-35482583c489</guid><pubDate>Wed, 09 Sep 2026 18:27:19 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-09T18:27:19.740+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>पवन पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2557718</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>MP News,Madhya Pradesh News</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-09/tu841ajf/High-Court-On-Balaghat-Children-Death-Case.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ याचिकाकर्ता ने पेश की ग्राउंड रिपोर्ट]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ High Court action in Balaghat children deaths case]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-09/tu841ajf/High-Court-On-Balaghat-Children-Death-Case.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>बालाघाट</category><category>मध्य प्रदेश</category><category>जबलपुर</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>High Court On Balaghat Children Death Case:</strong> बालाघाट जिले में मल्टीपल डिसीज से 30 से ज्यादा बच्चों की मौत के मामले में दायर जनहित याचिका पर जबलपुर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने याचिकाकर्ता को प्रभावित इलाके में जाकर जमीनी स्थिति की पड़ताल करने और ग्राउंड रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए थे। इसी के तहत याचिकाकर्ता की ओर से आज कोर्ट में ग्राउंड रिपोर्ट पेश की गई।</p><p>याचिकाकर्ता ने अपनी ग्राउंड रिपोर्ट में बालाघाट के बिरसा क्षेत्र के हालात को लेकर कई गंभीर दावे किए गए हैं। याचिकाकर्ता के मुताबिक गांव के लोगों को आज भी पीने के लिए साफ पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। रिपोर्ट तैयार करने के दौरान याचिकाकर्ता ने करीब आठ परिवारों से संपर्क कर उनकी हालिया स्थिति जानी। </p><h3>मौतों से प्रभावित परिवार बेहद खराब परिस्थितियों में- ग्राउंड रिपोर्ट</h3><p>ग्राउंड रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बीमारी और मौतों से प्रभावित परिवार आज भी बेहद खराब परिस्थितियों में जीवन गुजार रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ परिवारों को सरकारी राशन में इल्ली और घुन लगा चावल दिया जा रहा है। इतना ही नहीं गांव में सड़क और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को लेकर भी सवाल खड़े किए गए हैं। याचिकाकर्ता की रिपोर्ट में दावा है कि आजादी के बाद से अब तक गांव में सड़क, बिजली और साफ पानी जैसी बुनियादी सुविधा पूरी तरह उपलब्ध नहीं हो सकी है।</p><h3>याचिकाकर्ता ने अपनी रिपोर्ट में उठाए कई गंभीर सवाल</h3><p>याचिकाकर्ता ने अपनी रिपोर्ट में सरकारी अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि उन्हें अस्पताल के अंदर जाने से रोक दिया गया और करीब एक घंटे बाद अस्पताल के दूसरे वार्ड का निरीक्षण कराया गया। इन तमाम बिंदुओं को लेकर <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/twisha-sharma-death-case-supreme-court-mp-hc-bhopal-district-court-hearing-1752951.html">हाई कोर्ट</a> ने अब राज्य सरकार से जवाब मांगा है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/indore/indore-nagar-nigam-basement-sealing-fire-safety-violation-action">इंदौर में बेसमेंट के गलत इस्तेमाल पर निगम की बड़ी कार्रवाई; फायर सेफ्टी नियम तोड़ेने पर सील किए होटल और क्लब </a></aside><h3>याचिकाकर्ता ने रखी ग्राउंड रिपोर्ट को इनकॉरपोरेट करने की मांग</h3><p>कोर्ट ने याचिकाकर्ता से यह भी कहा है कि पूरी ग्राउंड रिपोर्ट को जनहित याचिका के साथ इनकॉरपोरेट किया जाए ताकि रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों और दावों पर सरकार का पक्ष भी सामने आ सके। यह जनहित याचिका नरसिंहपुर निवासी अधिवक्ता अतुल तिवारी ने दायर की है। अब मामले में <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/mp-ministers-instagram-report-card-mohan-yadav-government-social-media-reach">मध्य प्रदेश सरकार</a> के जवाब और कोर्ट के अगले निर्देश पर सभी की नजर रहेगी।</p><figure class="op-interactive"><iframe allowfullscreen="allowfullscreen" frameborder="0" src="https://www.youtube.com/embed/-0EGShCX08g?si=RXliHtwoZO_ATHMc"></iframe></figure>]]></content:encoded></item><item><title>पेट्रोल-डीजल की बजाय CNG से दौड़ेंगे कचरे के वाहन; जबलपुर में शुरू हुआ ग्रीन कचरा कलेक्शन</title><link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-cng-garbage-vehicles-green-waste-collection-srr21</link><comments>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-cng-garbage-vehicles-green-waste-collection-srr21#comments</comments><guid isPermaLink="false">25f3dec4-21ac-4f89-9b14-b8436398d572</guid><pubDate>Tue, 08 Sep 2026 23:15:34 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-08T23:15:34.127+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>पवन पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2557718</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>MP News,Madhya Pradesh News,Jabalpur News</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-08/6i4k2y8u/Jabalpur-CNG-Garbage-Vehicles.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ सीएनजी टिप्पर को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Jabalpur starts green waste collection with CNG vehicles]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-08/6i4k2y8u/Jabalpur-CNG-Garbage-Vehicles.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>जबलपुर</category><category>मध्य प्रदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Jabalpur CNG Garbage Vehicles:</strong> नगर निगम ने ग्रीन इंडिया अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अपने स्वास्थ्य विभाग के बेड़े में 40 नए CNG टिप्पर वाहनों को शामिल किया है।</p><p>महापौर और नगर निगम के अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर इन वाहनों को शहर के अलग-अलग क्षेत्रों के लिए रवाना किया। इस दौरान महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू और नगर निगम अध्यक्ष रिंकुज विज ने खुद भी टिप्पर चलाकर सफाई कर्मचारियों का हौसला बढ़ाया। नगर निगम का यह नवाचार सिर्फ 40 वाहनों तक सीमित नहीं है। आने वाले करीब 6 महीनों में लगभग 100 और वाहनों को डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन व्यवस्था में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।</p><h3>प्रदूषण कम करने की दिशा में बड़ा कदम</h3><p>यानी आने वाले समय में शहर में कचरा उठाने वाले वाहनों का बड़ा हिस्सा पारंपरिक पेट्रोल-डीजल से हटाकर सीएनजी आधारित किया जाएगा। नगर निगम की इस पहल के पीछे दो बड़े उद्देश्य बताए जा रहे हैं—पहला, शहर की सफाई व्यवस्था को और मजबूत करना और दूसरा, कचरा परिवहन के दौरान होने वाले वायु प्रदूषण को कम करना।</p><h3>कचरा कलेक्शन में 700 वाहनों का होता है नियमित उपयोग</h3><p>दरअसल जबलपुर नगर निगम लंबे समय से डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन व्यवस्था संचालित कर रहा है। मध्यप्रदेश विधानसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक नगर निगम जबलपुर स्वयं कचरा संग्रहण और परिवहन का काम कर रहा है। वर्ष 2024 के विधानसभा रिकॉर्ड में निगम के पास 459 टिपर, 154 टायरसाइकिल रिक्शा और 102 हैंडकार्ट का उल्लेख भी मिलता है। अब इसी व्यवस्था को सीएनजी वाहनों के जरिए ज्यादा पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/sagar/sagar-banda-liquor-case-minister-denies-relative-connection-srr21">सागर: बंडा शराब कांड पर मंत्री का बयान, बोले-जिसे मेरा रिश्तेदार बताया जा रहा; उससे मेरा कोई संबंध नहीं</a></aside><h3>हाईटेक और आधुनिक तकनीक से संपन्न हैं सीएनजी टिप्पर</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/gwalior/gwalior-municipal-corporation-property-id-fraud-four-fir-srr21">नगर निगम</a> की 40 सीएनजी हॉपर टिपर वाहनों की खरीद प्रक्रिया के रिकॉर्ड में इन वाहनों के लिए बीएस-6 मानक, सीएनजी इंजन, करीब 3 घन मीटर या उससे अधिक कचरा क्षमता और लगभग 1 टन या उससे अधिक पेलोड जैसी तकनीकी आवश्यकताएं निर्धारित की गई हैं। इसका मतलब साफ है, शहर में कचरा उठाने वाली गाड़ियों का बेड़ा सिर्फ बढ़ाया नहीं जा रहा, बल्कि उसे ज्यादा पर्यावरण-अनुकूल बनाने की कोशिश भी की जा रही है।</p><h3>स्वास्थ्य विभाग के खर्च में कमी की उम्मीद</h3><p>अगर अगले छह महीनों में प्रस्तावित करीब 100 अतिरिक्त वाहन भी व्यवस्था में शामिल हो जाते हैं, तो डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन की क्षमता में बड़ा इजाफा हो सकता है इसके साथ ही <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/ujjain/ujjain-h1n1-death-woman-influenza-a-positive-report">स्वास्थ्य विभाग</a> के खर्च में कटौती भी हो सकती है। अब देखना होगा कि सीएनजी वाहनों के संचालन के साथ शहर में कचरा संग्रहण की नियमितता, ईंधन लागत, वाहन संचालन और प्रदूषण में कितनी वास्तविक कमी आती है। फिलहाल नगर निगम की इस पहल को स्वच्छता के साथ पर्यावरण संरक्षण को जोड़ने वाला अहम कदम माना जा रहा है।</p><figure class="op-interactive"><iframe allowfullscreen="allowfullscreen" frameborder="0" src="https://www.youtube.com/embed/o3yLvGeJL78?si=CQM68INCpwHGWcK0"></iframe></figure>]]></content:encoded></item><item><title>गणेशोत्सव स्पेशल: जिन हाथों से हुए अपराध वही हाथ बना रहे गणपति की मूर्तियां, कैदियों ने चुनी नई राह</title><link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/ganeshotsav-prisoners-making-ganpati-idols-new-path-rehabilitation-srr21</link><comments>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/ganeshotsav-prisoners-making-ganpati-idols-new-path-rehabilitation-srr21#comments</comments><guid isPermaLink="false">b03da37d-337d-4931-ac29-1cc1be8f6847</guid><pubDate>Tue, 08 Sep 2026 19:43:47 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-08T19:43:47.918+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>पवन पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2557718</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>MP News,Ganesh Chaturthi,Madhya Pradesh News,Jabalpur News</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-08/2vmy5ngg/Prisoners-Making-Ganpati-Idols-Jabalpur.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ सेंट्रल जेल में मूर्तियां बनाते हुए कैदी]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ prisoners make Ganpati idols during Ganeshotsav]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-08/2vmy5ngg/Prisoners-Making-Ganpati-Idols-Jabalpur.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>जबलपुर</category><category>मध्य प्रदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Prisoners Making Ganpati Idols Jabalpur:</strong> जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस केंद्रीय जेल में बंद कैदी भगवान गणेश की प्रतिमाएं तैयार कर रहे हैं। जेल की चारदीवारी के भीतर तैयार हो रही ये प्रतिमाएं सिर्फ आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और बंदियों के पुनर्वास का संदेश भी दे रही हैं। खास बात यह है कि इन गणपति प्रतिमाओं को मिट्टी और गोबर के मिश्रण से तैयार किया जा रहा है। </p><p>प्रतिमाओं में तुलसी के बीज भी रखे गए हैं। यानी गणेशोत्सव के बाद जब इन प्रतिमाओं का घर में विसर्जन किया जाएगा तो प्रतिमा की मिट्टी को गमले या आंगन में रखा जा सकता है और उसी मिट्टी से तुलसी का पौधा पनप सकता है। </p><h3>12 कैदियों ने बनाईं 125 से ज्यादा प्रतिमाएं</h3><p>जिन हाथों ने कभी कानून तोड़ा था, वही हाथ अब भगवान गणेश की प्रतिमा गढ़ रहे हैं। जेल प्रबंधन द्वारा बंदियों को अलग-अलग रचनात्मक और उपयोगी कार्यों का प्रशिक्षण देकर उन्हें अपराध की दुनिया से दूर रखने और समाज में दोबारा बेहतर नागरिक के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/mumbai/best-extra-buses-for-mumbai-ganeshotsav-night-commuters-rgs12">गणेशोत्सव पर्व</a> के लिए केंद्रीय जेल में करीब 125 गणेश प्रतिमाएं तैयार की गई हैं। इन प्रतिमाओं को देखकर आम नागरिक भी खासा प्रभावित हो रहे हैं और कई लोग जेल में बनी इन पर्यावरण अनुकूल प्रतिमाओं को अपने घरों में स्थापित करने के लिए ले जा रहे हैं।</p><h3>जेल में प्रतिभाशाली को दिया जाता है अवसर</h3><p>जेल पहुंचने वाला हर शख्स अपराधी नहीं होता, बल्कि उनमें प्रतिभाएं भी होती हैं, जिन्हें सही दिशा दी जाए तो वे अपनी क्षमताओं से कुछ अलग कर सकते हैं। जेल प्रबंधन द्वारा ऐसे कैदियों की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें मार्गदर्शन और सहयोग दिया जाता है, जिसका परिणाम यह है कि कई कैदी जेल्स बाहर निकालने के बाद नई जिंदगी भी शुरू कर चुके हैं। जेल प्रबंधन द्वारा किया जा रहा यह प्रयास जेल में बंद कैदियों को नया रास्ता दिखा रहा है, जिससे वह भविष्य में अपराध का रास्ता छोड़कर समाज में सम्मान के साथ जीवन यापन कर सकें।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/mp-top-10-news-08-september-madhya-pradesh-latest-news-srr21">Madhya Pradesh Top 10 News: इंटर्न डॉक्टरों का प्रदर्शन, रीवा में सियासी घमासान और बारिश का अपडेट</a></aside><h3>रचनात्मक काम से विकसित हो रहा बंदियों का हुनर</h3><p>इन प्रतिमाओं की खासियत सिर्फ इनका पर्यावरण अनुकूल होना नहीं है, बल्कि इनके जरिए बंदियों को आत्मनिर्भरता और जिम्मेदारी की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर भी मिल रहा है। प्रतिमा निर्माण जैसे रचनात्मक काम से बंदियों में हुनर विकसित हो रहा है, वहीं तैयार प्रतिमाओं की बिक्री से उन्हें अपने श्रम का महत्व समझने का मौका मिल रहा है। इस पहल के जरिए <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/mandla/mandla-jail-prisoner-death-before-release-family-alleges-negligence-1767949.html">जेल प्रशासन</a> का उद्देश्य बंदियों में सकारात्मक सोच विकसित करना और उन्हें समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए तैयार करना है।</p><figure class="op-interactive"><iframe allowfullscreen="allowfullscreen" frameborder="0" src="https://www.youtube.com/embed/vapauXfSEsE?si=93tRFzGyi8yIE7eT"></iframe></figure>]]></content:encoded></item><item><title>नवभारत Ground Report : मुरम के लिए छलनी हो रहीं पहाड़ियां, 3 साल से शिकायत फिर भी नहीं थमा खनन का खेल </title><link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/ground-report-on-nigri-jabalpur-illegal-murum-mining-pjn28</link><comments>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/ground-report-on-nigri-jabalpur-illegal-murum-mining-pjn28#comments</comments><guid isPermaLink="false">aa526bb7-02d6-4caf-acf3-2621986c19b8</guid><pubDate>Tue, 08 Sep 2026 07:47:09 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-08T07:47:09.054+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>पवन पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2557718</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Madhya Pradesh News,Jabalpur News,Navbharat Ground Report</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-08/knbyap5o/jabalpur-ground-report.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ मुरम के लिए छलनी हो रहीं पहाड़ियां]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Jabalpur Ground Report]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-08/knbyap5o/jabalpur-ground-report.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>जबलपुर</category><category>मध्य प्रदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Jabalpur Nigri Illegal Mining :</strong> जबलपुर शहर से दूर बरगी इलाके के निगरी गांव में कभी ऊंची दिखाई देने वाली मुरम की पहाड़ियों पर अब खनन के गहरे निशान नजर आते हैं। मौके की तस्वीरें और ग्रामीणों के दावे जिम्मेदार सरकारी विभागों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले तीन से चार वर्षों में इलाके की कई पहाड़ियां धीरे-धीरे गायब हो गईं। दावा है कि मुरम का यह खेल दिन के बजाय रात के अंधेरे में ज्यादा चलता है और मुरम से भरे हाइवा दूसरे इलाकों की ओर जाते हैं।</p><p>निगरी गांव के ग्रामीणों का कहना है कि रात होते ही खनन क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही बढ़ जाती है। ग्रामीणों के मुताबिक मुरम निकालने के बाद उसे दूसरी जगह ले जाकर बेचा जाता है। शिकायतकर्ता मिठाई लाल पटेल और ग्रामीण धर्मेंद्र पटेल का दावा है कि इस मामले को लेकर पिछले करीब तीन वर्षों में प्रशासन और खनिज विभाग से कई बार शिकायत की गई। ग्रामीणों के अनुसार आधा दर्जन से ज्यादा शिकायतों के बावजूद अब तक ऐसी ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई, जिससे खनन पर पूरी तरह रोक लग सके।</p><h3>पहाड़ियां कम होती गईं, अब प्रशासन से मौके की पैमाइश की मांग</h3><p>ग्रामीणों का सबसे बड़ा सवाल है कि अगर यहां हो रहा खनन अवैध है तो इतने लंबे समय तक जिम्मेदार विभागों को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई। ग्रामीण चाहते हैं कि प्रशासन मौके पर पहुंचकर खनन क्षेत्र का भौतिक सत्यापन करे और यह पता लगाए कि पिछले तीन-चार वर्षों में यहां कितनी मात्रा में मुरम निकाली गई। साथ ही जिस जमीन से मुरम निकाली गई, उसकी स्थिति और वहां खनन की अनुमति थी या नहीं, इसकी भी जांच की जाए।</p><h3>जबलपुर में अवैध खनन पर पहले भी हो चुकी है कार्रवाई</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-rs-600-crore-t72-tank-project-rajnath-singh-foundation-stone">जबलपुर जिले</a> में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ पहले भी कार्रवाई होती रही है। जून 2026 में सामने आई जानकारी के मुताबिक करीब पांच महीने में अवैध खनन से जुड़े मामलों में 14 करोड़ 60 लाख रुपये से अधिक का अर्थदंड लगाया गया था। इस दौरान पोकलेन, जेसीबी, हाइवा, डंपर और ट्रैक्टर-ट्रॉली जैसे वाहन भी जब्त किए गए थे। बरगी क्षेत्र में भी अवैध रेत खनन को लेकर पहले सवाल उठ चुके हैं। 2025 में नर्मदा नदी से बरगी बांध तक अवैध रेत खनन की शिकायत पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने स्वतः संज्ञान लिया था। संयुक्त जांच में अवैध रूप से संग्रहित 55 घनमीटर रेत जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई थी।</p><h3>सरपंच-सचिव बोले- मुरम खनन की जानकारी नहीं, शिकायतों में संरक्षण का दावा</h3><p>निगरी में पड़ताल के दौरान ग्रामीणों ने गांव में बड़े पैमाने पर मुरम निकाले जाने का दावा किया। गांव के बच्चों ने भी मुरम खनन वाले स्थानों की ओर इशारा किया। वहीं गांव की सरपंच रेखा कोल और सचिव जयश्री ने इस संबंध में जानकारी होने से इनकार किया। दूसरी ओर, ग्रामीणों की शिकायतों में सरपंच और सचिव के संरक्षण में मुरम निकाले जाने का दावा किए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में इन आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/videos/bhopal-intern-doctors-protest-stipend-demand-cm-house-march-srr21">भोपाल: इंटर्न डॉक्टरों का जोरदार प्रदर्शन, स्टाइपेंड की मांग को लेकर CM हाउस की ओर कूच- देखें पूरी रिपोर्ट</a></aside><h3>खनिज विभाग के रिकॉर्ड से खुलेगा पहाड़ियों के गायब होने का राज?</h3><p>जबलपुर <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/sehore/sehore-illegal-sand-mining-on-narmada-river-ngt-guidelines-allegedly-violated-1839842.html">जिला प्रशासन</a> के पास खनिज शाखा के साथ जिले की खनन गतिविधियों से संबंधित जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट यानी DSR भी उपलब्ध है। ऐसे में अब सवाल सिर्फ मुरम निकालने का नहीं, बल्कि पिछले वर्षों में हुई पूरी गतिविधि की जांच का है। क्या प्रशासन निगरी में मौके की पैमाइश कर यह पता लगाएगा कि कितनी मुरम निकाली गई? क्या खनन के लिए अनुमति ली गई थी? और अगर अनुमति नहीं थी तो शिकायतों के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई? अगर ग्रामीणों के आरोप जांच में सही पाए जाते हैं, तो मामला सरकारी राजस्व के नुकसान के साथ पर्यावरणीय क्षति से भी जुड़ सकता है। अब निगाहें खनिज विभाग और जिला प्रशासन की जांच और कार्रवाई पर हैं।</p><figure class="op-interactive"><iframe allowfullscreen="allowfullscreen" frameborder="0" src="https://www.youtube.com/embed/snWB8EieH1E?si=-aZBTJgyiC_goKXV"></iframe></figure>]]></content:encoded></item><item><title>शिक्षक दिवस विशेष: नर्मदा किनारे लगती है घाट की पाठशाला, पराग सर के जुनून ने सैकड़ों बच्चों की बदल दी जिंदगी</title><link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/teachers-day-special-parag-diwan-ghat-ki-pathshala-jabalpur-srr21</link><comments>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/teachers-day-special-parag-diwan-ghat-ki-pathshala-jabalpur-srr21#comments</comments><guid isPermaLink="false">eedbf294-4fbb-471b-9215-a81414033d80</guid><pubDate>Sat, 05 Sep 2026 11:59:02 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-05T11:59:02.836+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>पवन पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2557718</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Madhya Pradesh News,Jabalpur News,Teachers Day​</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-05/w1av92xt/Ghat-Ki-Pathshala-Jabalpur.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ घाट की पाठशाला, जबलपुर]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Ghat Ki Pathshala changing lives of poor children in Jabalpur]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-05/w1av92xt/Ghat-Ki-Pathshala-Jabalpur.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>जबलपुर</category><category>मध्य प्रदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Ghat Ki Pathshala Jabalpur:</strong> मां नर्मदा का तट, शाम का वक्त, घाट पर आरती की तैयारियां और श्रद्धालुओं की भीड़ लेकिन इसी भीड़ के दूसरी तरफ एक ऐसा नजारा भी दिखाई देता है, जो जबलपुर को एक अलग पहचान देता है। यह नजारा है प्राकृतिक वातावरण में लगने वाली घाट की पाठशाला का। नर्मदा किनारे लगने वाले इस स्कूल में न यहां कोई आलीशान स्कूल बिल्डिंग है, न महंगी स्मार्ट क्लास, न टेबल-कुर्सियां और न ही स्कूल जैसा पारंपरिक माहौल। </p><p>पराग सर कभी आश्रम तो कभी नर्मदा घाट की सीढ़ियों पर क्लास लगाते हैं इसके बावजूद यहां पढ़ने वाले बच्चे गणित, विज्ञान, अंग्रेजी और संस्कृत जैसे विषयों में ऐसी पकड़ बना रहे हैं कि उनकी प्रतिभा देखकर हर कोई हैरान रह जाता है।</p><h3>मां की इच्छा बनी जिंदगी का मिशन</h3><p>पराग दीवान बताते हैं कि उनका गौरीघाट से पुराना जुड़ाव रहा है। उनकी मां जब नर्मदा तट पर आती थीं तो यहां फूल-माला, दीपक बेचने, नाव चलाने वाले और दूसरे छोटे-मोटे काम करने वाले बच्चों को देखा करती थीं। इन बच्चों की स्थिति देखकर उनकी मां की इच्छा थी कि ऐसे बच्चों को शिक्षा मिलनी चाहिए। साल 2016 में पराग सर की मां की मृत्यु हो गई। मां के निधन के बाद पराग ने उनकी इसी इच्छा को अपने जीवन का मिशन बना लिया। </p><h3>5 बच्चों से की थी शुरुआत</h3><p>पराग सर ने जब यहां पढ़ाना शुरू किया तो महज चार-पांच बच्चों से क्लास शुरु हुई। अधिकतर बच्चे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति के चलते रोजगार या मजदूरी में माता पिता का साथ देते थे लेकिन जब पराग सर के पढ़ाने का तरीका लोगों ने देखा तो धीरे-धीरे बच्चों की संख्या बढ़ती गई और खुले आसमान के नीचे लगने वाली यह छोटी-सी क्लास एक पाठशाला बन गई। जिसमें आज 237 बच्चे नियमित पढ़ने आते हैं।</p><h3>सिर्फ ज्ञान नहीं, हर परिस्थिति का सहारा</h3><p>यहां पढ़ने वाले इन बच्चों में नाविकों, घाट के छोटे दुकानदारों, मजदूरों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे शामिल हैं। कई बच्चे ऐसे भी रहे हैं जिनका परिवार पढ़ाई का खर्च उठाने की स्थिति में नहीं था। पराग सर सिर्फ बच्चों को पढ़ाते ही नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर उनके स्कूल में दाखिले, किताब-कॉपी, ड्रेस और पढ़ाई से जुड़ी दूसरी जरूरतों में भी मदद करते रहे हैं। उन्होंने कई बच्चों का सरकारी और कुछ बच्चों का निजी स्कूलों में दाखिला कराने में भी सहयोग किया। यानी घाट की यह पाठशाला सिर्फ ट्यूशन सेंटर नहीं है... बल्कि उन बच्चों के लिए ऐसा सहारा है, जो आर्थिक मजबूरियों के कारण शिक्षा की मुख्यधारा से दूर हो सकते थे।</p><h3>गणित की ऐसी ट्रिक कि उंगलियां बन जाती हैं कैलकुलेटर</h3><p>पराग दीवान का पढ़ाने का तरीका भी इस पाठशाला को खास बनाता है। वे बच्चों को वैदिक गणित और अलग-अलग आसान ट्रिक्स के जरिए कठिन से कठिन कैलकुलेशन आसानी से समझाते हैं। जिससे छोटे छोटे बच्चे भी बड़े अंकों के स्क्वायर और क्यूब के कैलकुलेशन भी उंगलियों पर कर लेते हैं। उसके अलावा विज्ञान, अंग्रेजी, सामान्य ज्ञान और संस्कृत के साथ व्यावहारिक शिक्षा भी इस पाठशाला की खासियत है।</p><h3>शिक्षा सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं</h3><p>पराग के लिए शिक्षक होने का मतलब सिर्फ पाठ्यक्रम पूरा कर देना नहीं है। उनका प्रयास बच्चों के अंदर आत्मविश्वास पैदा करना है। ऐसे बच्चे जो दिन में घाट पर फूल-माला या दूसरे सामान बेचने में परिवार की मदद करते हैं, शाम को उसी घाट पर किताब लेकर बैठते हैं और यही इस पाठशाला की सबसे बड़ी तस्वीर है जहां दिन में संघर्ष दिखाई देता है, वहीं शाम को सपने आकार लेते हैं।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/indore/teachers-day-special-cyber-guru-rajesh-dandotiya-digital-safety-awareness-srr21">शिक्षक दिवस विशेष: खाकी में साइबर गुरु, कलम से राजेश दंडोतिया सिखा रहे डिजिटल सुरक्षा का पाठ</a></aside><h3>प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने बढ़ाया हौसला</h3><p>इस पहल की चर्चा <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/sehore/sehore-illegal-sand-mining-on-narmada-river-ngt-guidelines-allegedly-violated-1839842.html">जिला प्रशासन</a> तक भी पहुंची। 2022 में तत्कालीन जबलपुर कलेक्टर इलैयाराजा टी ने ग्वारीघाट पहुंचकर इस पाठशाला को देखा और पराग दीवान के प्रयास की सराहना की थी। इसके बाद समय समय पर शहर के समाजसेवी और जनप्रतिनिधि भी पराग सर की मदद करते रहते हैं।</p><h3>शिक्षा के व्यवसायीकरण को आईना दिखाती है घाट की पाठशाला</h3><p>गौरीघाट की सीढ़ियां भले ही किसी स्कूल की तरह न दिखती हों, लेकिन यहां बैठने वाले बच्चों की आंखों में स्कूल से भी बड़े सपने हैं। इन बच्चों के पास शायद महंगी फीस देने के लिए पैसे नहीं हैं, लेकिन उनके पास एक ऐसा शिक्षक है, जो उन्हें यह विश्वास दिलाता है कि गरीबी मंजिल नहीं, सिर्फ एक चुनौती है। यह घाट की पाठशाला बड़े बड़े शिक्षा माफियाओं और सरकारी शिक्षा व्यवस्था को आइना दिखाती है और शायद <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/indore/teachers-day-special-cyber-guru-rajesh-dandotiya-digital-safety-awareness-srr21">शिक्षक दिवस</a> पर पराग दीवान की कहानी का सबसे खूबसूरत संदेश है।</p><figure class="op-interactive"><iframe allowfullscreen="allowfullscreen" frameborder="0" src="https://www.youtube.com/embed/b-pEK2u09zs?si=DIBjLBJjx3-P9HOP"></iframe></figure>]]></content:encoded></item><item><title>जन्माष्टमी विशेष: जबलपुर का ऐतिहासिक बलदाऊ मंदिर, तीन संस्कृतियों की धरोहर के रूप में है विशेष पहचान</title><link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/janmashtami-special-jabalpur-baldaau-temple-three-cultures-cultural-heritage-srr21</link><comments>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/janmashtami-special-jabalpur-baldaau-temple-three-cultures-cultural-heritage-srr21#comments</comments><guid isPermaLink="false">529450d6-6694-4058-9d16-7e516cb37b05</guid><pubDate>Fri, 04 Sep 2026 05:00:00 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-04T05:00:00.000+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>पवन पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2557718</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Madhya Pradesh News,Jabalpur News</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-03/gtvo9uiv/Historic-Baldaau-Temple-Jabalpur.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ बलदाऊ जी की पाषाण प्रतिमा]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ historic Baldaau Temple in Jabalpur represents three cultures]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-03/gtvo9uiv/Historic-Baldaau-Temple-Jabalpur.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>जबलपुर</category><category>मध्य प्रदेश</category><category>धर्म</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Historic Baldaau Temple Jabalpur:</strong> श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व देशभर में धूमधाम से मनाया जा रहा है कहीं मटकी फोड़ कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं तो कहीं राधा कृष्ण मंदिरों में विशेष पूजन आयोजित हो रहे हैं ऐसे में आज हम आपको दर्शन करवा रहे हैं श्री कृष्ण के बड़े भाई बलदाऊ मंदिर के जहां बलदाऊ यानी बलराम की प्राचीन मूर्ति भी स्थित है।</p><p>जबलपुर के कोतवाली इलाके के उपरेन गंज में स्थित यह मंदिर भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई भगवान बलराम यानी बलदाऊ जी को समर्पित है।</p><h3>147 साल पुराना है इतिहास</h3><p>ऐतिहासिक तथ्यों के अनुसार मंदिर का निर्माण वर्ष 1879 में कराया गया था। इसका निर्माण राय बहादुर सेठ बंशीलाल अबीरचंद द्वारा करवाया गया था, जबकि मंदिर की नींव संवत 1879 में राय साहब पंडित गोविंद लाल पुरोहित द्वारा रखी गई थी। इसके बाद मुनीम वल्लभदास कोठारी द्वारा मंदिर को मूर्त रूप दिए जाने का उल्लेख है।</p><h3>मराठा शैली में बना है मंदिर</h3><p>मंदिर की सबसे खास पहचान इसकी मराठा शैली की वास्तुकला है। बाहर से देखने पर यह किसी छोटे किले या राजमहल जैसा दिखाई देता है। प्रवेश द्वार पर ऊंची बुर्जनुमा संरचनाएं, झरोखे, परकोटा और छतरियां इसकी स्थापत्य शैली को विशिष्ट बनाते हैं। मंदिर में लगभग डेढ़ सौ वर्ष पुराने लकड़ी के दरवाजे और पुराने पत्थरों से बना फर्श भी इसकी प्राचीनता को दर्शाते हैं। वहीं मंदिर के गर्भगृह में काले पाषाण की भगवान बलराम की प्रतिमा विराजमान है। मंदिर परिसर से जुड़ी एक बड़ी गौशाला भी इसकी महत्वपूर्ण विशेषता रही है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/umaria/umaria-murder-theft-suspicion-15-thousand-nh43-body-srr21">उमरिया: 15 हजार रुपये की चोरी के शक में हत्या, शराब पिलाकर पाइप से पीटा; NH-43 किनारे फेंका शव</a></aside><h3>यहां भैंस के दूध का भोग लगता है</h3><p>बलराम जी को भारतीय परंपरा में हलधर भी कहा जाता है और उन्हें कृषि, पशुधन तथा ग्रामीण जीवन से जोड़ा जाता है। इसी वजह से मंदिर में हलषष्ठी/हरछठ और बलराम जयंती, <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/umaria/bandhavgarh-janmashtami-lord-ram-becomes-krishna-sita-becomes-radha-rani-srr21">कृष्ण जन्माष्टमी</a> और होली के अवसर पर विशेष पूजा होती है। इस मंदिर की एक अनोखी परंपरा यह है कि भगवान बलदाऊ को भैंस के दूध और माखन का भोग लगाया जाता है। यह परंपरा मंदिर को दूसरे कृष्ण-बलराम मंदिरों से अलग पहचान देती है।</p><h3>इसलिए महत्वपूर्ण है जबलपुर का यह मंदिर</h3><p>एक दिलचस्प बात यह भी है कि <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-rs-600-crore-t72-tank-project-rajnath-singh-foundation-stone">जबलपुर शहर</a> का यह मंदिर इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भगवान बलराम को समर्पित ऐसे प्राचीन मंदिर देश में अपेक्षाकृत कम हैं। मध्य प्रदेश में यह दूसरा बलदाऊ मंदिर है जो सनातन परम्परा के साथ तीन संस्कृतियों को भी जोड़ता है। मराठा शैली में बने इस मंदिर में बल्लभ पंथ के अनुसार बलराम जी की मूर्ति स्थापित कर पूजन किया जाता है और पूजन एवं मंदिर की देखरेख की जिम्मेदारी राजस्थानी मारवाड़ी परिवार पर है जिनकी चार पीढ़ियां निरंतर यहां अपनी सेवाएं दे रहा है। इसलिए इसे जबलपुर की धार्मिक और स्थापत्य विरासत के एक अनोखे हिस्से के रूप में देखा जाता है।</p><figure class="op-interactive"><iframe allowfullscreen="allowfullscreen" frameborder="0" src="https://www.youtube.com/embed/DVgDA3H1fmI?si=iR8R8jncC8XnnlqF"></iframe></figure>]]></content:encoded></item><item><title>पूर्व कांग्रेस विधायक संजय शर्मा के ठिकानों पर ED की रेड, टोल वसूली में कथित फर्जीवाड़े की जांच, 14 जगह सर्च</title><link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/sanjay-sharma-ed-raid-toll-scam-money-laundering-narsinghpur-pjn28</link><comments>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/sanjay-sharma-ed-raid-toll-scam-money-laundering-narsinghpur-pjn28#comments</comments><guid isPermaLink="false">49e124e1-ec9c-4cae-813c-dc1b7541a261</guid><pubDate>Thu, 03 Sep 2026 13:23:21 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-03T13:23:21.105+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>पवन पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2557718</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Madhya Pradesh News,Enforcement Directorate,Jabalpur News</media:keywords><media:content height="1220" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-03/x9uvng0g/1001520102.png" width="2166"><media:title type="html"><![CDATA[ ईडी की जांच के दौरान सुरक्षा करते प्रहरी]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ ED Raid at Former Congress MLA Sanjay Sharma Premises]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-03/x9uvng0g/1001520102.png?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>जबलपुर</category><category>मध्य प्रदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Sanjay Sharma ED Raid :</strong> नरसिंहपुर के तेंदूखेड़ा से पूर्व कांग्रेस विधायक संजय शर्मा से जुड़े ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। NHAI के टोल प्लाजा पर कथित तौर पर गलत तरीके से टोल वसूली और रकम की हेराफेरी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों में एक साथ सर्च ऑपरेशन चलाया। यह कार्रवाई PMLA की धारा 17 के तहत की जा रही है।</p><p>उत्तरप्रदेश जोन से पहुंची ED की टीम सुबह तेंदूखेड़ा में हाईवे स्थित वंशिका कंस्ट्रक्शन के कार्यालय पहुंची। कई वाहनों से पहुंची जांच टीम ने कार्यालय के अंदर मौजूद दस्तावेजों, रिकॉर्ड और अन्य सामग्री की जांच शुरू की। जानकारी के मुताबिक ED की टीमें तेंदूखेड़ा और देवरी में संजय शर्मा से जुड़े अन्य कार्यालयों पर भी पहुंचीं।</p><h3>टोल सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ का आरोप</h3><p>जांच एजेंसी के अनुसार मामला NHAI के अलग-अलग टोल प्लाजा पर कथित अनधिकृत टोल वसूली और उससे प्राप्त रकम की हेराफेरी से जुड़ा है। आशंका है कि टोल कलेक्शन के लिए इस्तेमाल होने वाले आधिकारिक सॉफ्टवेयर के समानांतर एक अनधिकृत सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया गया। इसके जरिए कथित तौर पर फर्जी टोल रसीदें तैयार की जाती थीं और वसूली गई रकम के एक हिस्से को NHAI के आधिकारिक अकाउंटिंग सिस्टम से बाहर रखा जाता था।</p><h3>डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की भी जांच</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/ed-action-madhya-pradesh-24-crore-property-attached-corruption-money-laundering-1846432.html">ED की टीम</a> दस्तावेजों के साथ डिजिटल रिकॉर्ड और संभावित वित्तीय साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसी कथित टोल फर्जीवाड़े से जुड़े लेनदेन, रकम के प्रवाह और इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है। एजेंसी यह भी जांच रही है कि कथित तौर पर NHAI के आधिकारिक सिस्टम से बाहर रखी गई रकम आखिर किन खातों या माध्यमों के जरिए इधर-उधर की गई।</p><h3>नरसिंहपुर-छिंदवाड़ा हाईवे का टोल कलेक्शन भी जांच के दायरे में</h3><p>ED की जांच में <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-narsinghpur-highway-accident-protest-road-block-family-alleges-planned-murder-1877157.html">नरसिंहपुर-छिंदवाड़ा नेशनल हाईवे</a> पर हुई टोल वसूली भी शामिल है। इस रूट पर टोल कलेक्शन का काम संजय शर्मा से जुड़ी कंपनी के पास रहा है। इसी कनेक्शन के आधार पर जांच एजेंसी टोल कलेक्शन से जुड़े दस्तावेजों, सॉफ्टवेयर रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रही है।</p><h3>MP समेत कई राज्यों में 14 परिसरों पर सर्च</h3><p>ED की कार्रवाई केवल मध्यप्रदेश तक सीमित नहीं रही। जांच एजेंसी की टीमें उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली-NCR और कोलकाता समेत कई स्थानों पर एक साथ तलाशी ले रही हैं। कुल 14 परिसरों में सर्च ऑपरेशन चलाए जाने की जानकारी सामने आई है। बताया गया कि करीब 22 घंटे तक चली जांच के बाद देर रात करीब 3 बजे ED की टीम वापस लौटी।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/indore/indore-sayaji-hotel-food-samples-fail-quality-test-pjn28">इंदौर के नामचीन सयाजी होटल के 8 में से 5 खाद्य सैंपल फेल, दो फर्मों के 16 घी नमूने भी जांच में मिले असुरक्षित</a></aside><h3>जनवरी 2025 की FIR और मई 2025 की ECIR से जुड़ी जांच</h3><p>बताया जा रहा है कि ED की यह जांच जनवरी 2025 में दर्ज FIR और मई 2025 में दर्ज ECIR के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। जांच एजेंसी का उद्देश्य कथित टोल फर्जीवाड़े से जुड़े दस्तावेज और डिजिटल सबूत जुटाना, नेटवर्क से जुड़े लोगों और कथित लाभार्थियों की पहचान करना तथा संदिग्ध वित्तीय लेनदेन का पता लगाना है। तलाशी पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि ED को जांच के दौरान क्या-क्या दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मिले हैं और मामले में आगे किन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>जेल से वकालतनामे दिलाने का हैरान करने वाला मामला, जिसे अधिवक्ता बताया वह निकला सरकारी स्कूल का गेस्ट लेक्चरर</title><link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/mp-high-court-jail-vakalatnama-neeraj-saket-rewa-case-pjn28</link><comments>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/mp-high-court-jail-vakalatnama-neeraj-saket-rewa-case-pjn28#comments</comments><guid isPermaLink="false">02d78a83-815f-49b3-9921-38439402cdc9</guid><pubDate>Thu, 03 Sep 2026 11:13:44 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-03T11:13:44.668+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>पवन पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2557718</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>High Court,Madhya Pradesh News,Jabalpur News</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-03/xlitmgm2/1001517728.png" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ मध्य प्रदेश हाईकोर्ट]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Jabalpur High Court]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-03/xlitmgm2/1001517728.png?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>जबलपुर</category><category>मध्य प्रदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>MP High Court Vakalatnama Case :</strong> मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ में जेलों से वकालतनामे जारी होने और कथित तौर पर बिचौलियों के जरिए इन्हें अधिवक्ताओं तक पहुंचाए जाने का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अवनीन्द्र कुमार सिंह की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए पूरे प्रकरण की जांच के निर्देश दिए हैं। सुनवाई के दौरान कोर्ट के सामने कई ऐसे तथ्य आए, जिनसे जेलों से वकालतनामे जारी करने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।</p><p>सुनवाई के दौरान सबसे चौंकाने वाली जानकारी यह सामने आई कि जिस नीरज कुमार साकेत को अधिवक्ता बताया गया था, वह वास्तव में रीवा जिले के एक शासकीय स्कूल में अंग्रेजी विषय के गेस्ट लेक्चरर ग्रेड-2 के पद पर कार्यरत है। अधिवक्ता राम प्रकाश यादव की ओर से दाखिल शपथपत्र में नीरज कुमार साकेत को अधिवक्ता बताया गया था। हाईकोर्ट ने प्रथमदृष्टया इस कथन को असत्य माना और मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।</p><h3>अलग-अलग जेल अधिकारियों से लिए गए करीब 30 वकालतनामे</h3><p>मामले की सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि नीरज कुमार साकेत ने अधिवक्ता राम प्रकाश यादव के लिए करीब 30 वकालतनामे अलग-अलग जेल अधिकारियों से प्राप्त किए थे। इस तथ्य के सामने आने के बाद हाईकोर्ट ने सवाल उठाया कि आखिर एक ऐसे व्यक्ति को अन्य आरोपियों के वकालतनामे लेने का अधिकार किस आधार पर मिला, जो अधिवक्ता के तौर पर पंजीकृत नहीं है।</p><h3>रीवा सेंट्रल जेल से 300 से ज्यादा वकालतनामे लेने का दावा</h3><p>कोर्ट के सामने यह जानकारी भी रखी गई कि रीवा <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/bhopal-central-jail-raksha-bandhan-sisters-tied-rakhi-to-brothers">सेंट्रल जेल</a> से अधिवक्ता राम प्रकाश यादव के लिए 300 से अधिक वकालतनामे प्राप्त किए गए। हाईकोर्ट ने प्रथमदृष्टया नीरज कुमार साकेत की भूमिका को अधिवक्ता के लिए ‘टाउट’ यानी बिचौलिये के तौर पर देखे जाने की बात कही है। हालांकि कोर्ट ने इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है और पूरी तस्वीर जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।</p><h3>रिश्तेदारी के बावजूद दूसरे आरोपियों के वकालतनामे पर सवाल</h3><p>हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि यदि नीरज साकेत और राजेंद्र साकेत के बीच रिश्तेदारी भी मान ली जाए, तब भी नीरज को अधिकतम राजेंद्र साकेत का वकालतनामा लेने का अधिकार हो सकता था। लेकिन अन्य आरोपियों के वकालतनामे लेने का अधिकार उसके पास कैसे था, यह जांच का महत्वपूर्ण बिंदु है। कोर्ट ने इसी पहलू को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को जांच करने के निर्देश दिए हैं।</p><h3>शिक्षा विभाग, जेल प्रशासन और बार काउंसिल करेगी जांच</h3><p>हाईकोर्ट ने मामले की जांच तीन स्तरों पर कराने के निर्देश दिए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग नीरज कुमार साकेत के आचरण और पूरे मामले में उनकी भूमिका की जांच करेगा। जेल एवं सुधार प्रशासन रीवा सेंट्रल जेल के तत्कालीन अधीक्षक की भूमिका की जांच करेगा और यह देखा जाएगा कि वकालतनामे प्रमाणित करने से पहले आरोपियों और वकालतनामा लेने वाले व्यक्ति के संबंधों का पर्याप्त सत्यापन किया गया था या नहीं। वहीं मध्यप्रदेश स्टेट बार काउंसिल अधिवक्ता राम प्रकाश यादव के खिलाफ कथित टाउटिज्म और शपथपत्र में गलत जानकारी दिए जाने के आरोपों पर आवश्यक कार्रवाई करेगी।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/gwalior/gwalior-super-speciality-hospital-snake-five-floor-ot-entry-pjn28">ग्वालियर : जयारोग्य अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर निकला सांप, स्टाफ और अटेंडरों में मचा हड़कंप</a></aside><h3>30 दिन में रिपोर्ट, अप्रैल में भी हाईकोर्ट ने जताई थी नाराजगी</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-nursing-college-scam-students-relief-high-court-exam-result">जबलपुर हाईकोर्ट</a> ने तीनों संबंधित प्राधिकरणों को 30 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि इसी मामले में अप्रैल 2026 में भी हाईकोर्ट ने जेलों में वकालतनामा जारी करने की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे। कोर्ट ने जेल प्रशासन को व्यापक जांच करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए दिशा-निर्देश तैयार करने को कहा था। अब ताजा आदेश के बाद जांच में नीरज साकेत, संबंधित जेल अधिकारियों और अधिवक्ता राम प्रकाश यादव की भूमिका को लेकर सामने आने वाले तथ्यों पर नजर रहेगी।</p>]]></content:encoded></item><item><title>जबलपुर में 600 करोड़ के T-72 टैंक प्रोजेक्ट का भूमि पूजन; रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी बड़ी सौगात</title><link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-rs-600-crore-t72-tank-project-rajnath-singh-foundation-stone</link><comments>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-rs-600-crore-t72-tank-project-rajnath-singh-foundation-stone#comments</comments><guid isPermaLink="false">2dc311bd-d1c8-438c-a395-c8a0e9a2d203</guid><pubDate>Thu, 27 Aug 2026 16:56:59 +0530</pubDate><atom:updated>2026-08-27T16:56:59.105+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>पवन पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2557718</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>MP News,Jabalpur News</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-08-27/m90hnx4k/T-72-Tank-Project-Jabalpur.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ सीएम मोहन यादव और राजनाथ सिंह]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Rajnath Singh inaugurates ₹600 crore T-72 tank project in Jabalpur]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-08-27/m90hnx4k/T-72-Tank-Project-Jabalpur.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>जबलपुर</category><category>मध्य प्रदेश</category><category>देश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Rajnath Singh Jabalpur Defence Project:</strong> भारतीय सेना की ताकत माने जाने वाले T-72 टैंकों के अत्याधुनिक ओवरहॉलिंग प्रोजेक्ट की शुरुआत जबलपुर में हो गई है। करीब 600 करोड़ रुपये की लागत से शुरू हुए इस प्रोजेक्ट के भूमि पूजन समारोह में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने T-72 टैंकों के महत्व से लेकर भारत की बढ़ती रक्षा उत्पादन क्षमता और बदलते युद्ध के स्वरूप पर विस्तार से जानकारी दी।</p><p>व्हीकल फैक्ट्री परिसर में आयोजित भव्य सरोह के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय सेना में इस्तेमाल होने वाले T-72 टैंक दुश्मन के लिए काल और देश के जवानों की ताकत बनकर खड़े हैं। युद्ध के दौरान ये टैंक सीमाओं पर आयरन वॉल की तरह काम करते हैं और कठिन से कठिन परिस्थितियों में सेना का साथ देते हैं।</p><h3>हर साल 150 टैंकों की होगी ओवरहॉलिंग</h3><p>मंच से अपने संबोधन के दौरान रक्षामंत्री ने कहा कि ये अत्याधुनिक टैंक लगातार कठिन और विपरीत परिस्थितियों में काम करते हैं। ऐसे में लंबे समय तक उनकी युद्धक क्षमता बनाए रखने के लिए समय-समय पर उनकी ओवरहॉलिंग जरूरी होती है। इसी जरूरत को देखते हुए जबलपुर में अत्याधुनिक ओवरहॉलिंग प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। इस प्रोजेक्ट के तहत फिलहाल हर साल 150 T-72 टैंकों की ओवरहॉलिंग की क्षमता विकसित की जाएगी। सरकार का लक्ष्य जल्द ही इस क्षमता को बढ़ाकर हर साल 230 टैंकों की ओवरहॉलिंग तक ले जाना है।</p><h3>हर दिन बदल रही युद्ध की तकनीक और संसाधन</h3><p>रक्षा मंत्री ने कहा कि आर्मर्ड व्हीकल निगम लिमिटेड द्वारा अब तक करीब 4400 टैंकों की सप्लाई की जा चुकी है और यह आंकड़ा देश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि भारत लगातार अपनी रक्षा उत्पादन क्षमता को मजबूत कर रहा है। <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-karni-sena-protest-ugc-rollback-demand-police-detention-before-defence-minister-meeting">राजनाथ सिंह</a> ने बदलते युद्ध के स्वरूप का जिक्र करते हुए कहा कि आज के दौर में वॉर फेयर का चरित्र पूरी तरह बदल चुका है। पहले युद्ध मुख्य रूप से सीमाओं तक सीमित रहते थे, लेकिन अब नई तकनीक, साइबर क्षमता और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने युद्ध की रणनीति को पूरी तरह बदल दिया है।</p><h3>देश की सुरक्षा के लिए आत्मनिर्भर है भारत</h3><p>रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत एडवांस टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, इन्फॉर्मेशन और साइबर क्षमताओं समेत तमाम आधुनिक तकनीकों के साथ रक्षा उत्पादन को आगे बढ़ा रहा है। भारत का प्रयास सिर्फ अपनी सेना को आधुनिक बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि देश को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।</p><h3>बीजेपी ने सेना को मजबूत बनाने बढ़ाया रक्षा बजट</h3><p>रक्षा मंत्री ने देश के बढ़ते रक्षा बजट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले देश का रक्षा बजट करीब 46 हजार करोड़ रुपये हुआ करता था, जो अब बढ़कर करीब 1 लाख 80 हजार करोड़ रुपये हो चुका है। बजट बढ़ने के साथ ही सेनाओं को तमाम सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/bhopal-arif-masood-raksha-bandhan-sugar-packets-distribution-message">भोपाल: रक्षाबंधन पर आरिफ मसूद की अनोखी पहल, बहनों को बांट रहे शक्कर के पैकेट; दिया यह संदेश</a></aside><h3>डिफेंस एक्सपोर्ट भी बढ़ा</h3><p>भारतीय सेनाओं की क्षमता के साथ ही देश की डिफेंस फैक्टरीज की प्रोडक्शन क्षमता भी बढ़ी है, डिफेंस एक्सपोर्ट को लेकर भी उन्होंने भारत की उपलब्धियां गिनाईं। राजनाथ सिंह के मुताबिक वर्ष 2014 में देश का रक्षा निर्यात महज करीब 1000 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 39 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। सरकार ने वर्ष 2028-29 तक इसे बढ़ाकर 50 हजार करोड़ रुपये करने का लक्ष्य रखा है।</p><h3>भारत पर दुनिया का बढ़ा भरोसा</h3><p>रक्षा मंत्री ने कहा कि दुनिया अब भारत को एक ट्रस्टेड डिफेंस और टेक्नोलॉजी पार्टनर के रूप में देख रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना और देश की तीनों सेनाएं दुनिया की शक्तिशाली फोर्सेस में शामिल हैं। <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-13-year-old-shashwat-rajput-suspense-thriller-novel-young-author">जबलपुर जिले</a> में शुरू हुआ T-72 टैंकों का यह ओवरहॉलिंग प्रोजेक्ट न सिर्फ सेना के पुराने लेकिन महत्वपूर्ण युद्धक टैंकों की क्षमता को बढ़ाने और बनाए रखने में मदद करेगा बल्कि रक्षा क्षेत्र में जबलपुर की भूमिका को भी और मजबूत करेगा।</p><figure class="op-interactive"><iframe allowfullscreen="allowfullscreen" frameborder="0" src="https://www.youtube.com/embed/oMLd0m3eVPg?si=MFcSRqxQ1VEIlINN"></iframe></figure>]]></content:encoded></item><item><title>जबलपुर: UGC रोल बैक की मांग को लेकर करणी सेना का प्रदर्शन, रक्षामंत्री से मिलने के पहले पुलिस ने किया नजरबंद</title><link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-karni-sena-protest-ugc-rollback-demand-police-detention-before-defence-minister-meeting</link><comments>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-karni-sena-protest-ugc-rollback-demand-police-detention-before-defence-minister-meeting#comments</comments><guid isPermaLink="false">64adb248-8670-4cb2-9d39-c67f2348e3cc</guid><pubDate>Thu, 27 Aug 2026 16:10:28 +0530</pubDate><atom:updated>2026-08-27T16:10:28.084+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>पवन पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2557718</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>MP News,Jabalpur News</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-08-27/303bgrls/Police-Detain-Karni-Sena-Members-Jabalpur.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ यूजीसी रोल बैक को लेकर करणी सेना का जबलपुर में प्रदर्शन]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Karni Sena stages protest demanding UGC rollback in Jabalpur]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-08-27/303bgrls/Police-Detain-Karni-Sena-Members-Jabalpur.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>जबलपुर</category><category>मध्य प्रदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Police Detain Karni Sena Members Jabalpur:</strong> यूजीसी के इक्विटी रेगुलेशंस और आरक्षण व्यवस्था को लेकर देशभर में चल रहा विरोध अब जबलपुर तक पहुंच गया है। गुरुवार को करणी सेना के पदाधिकारी और कार्यकर्ता यूजीसी रोल बैक की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए, इस दौरान उन्होंने नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश जाहिर किया।</p><p>करणी सेना की प्रमुख मांग है कि आरक्षण व्यवस्था में जाति के बजाय आर्थिक स्थिति को आधार बनाया जाए। संगठन का कहना है कि जरूरतमंद व्यक्ति की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए आरक्षण और सरकारी सुविधाओं का लाभ दिया जाना चाहिए।</p><h3>यूजीसी लागू करने के पहले विचार करे सरकार</h3><p>प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि यूजीसी के विवादित इक्विटी रेगुलेशंस को लागू करने से पहले उसके प्रावधानों पर दोबारा विचार किया जाए। उनका आरोप है कि नए नियमों को लेकर सवर्ण समाज में गंभीर असंतोष है और सरकार को सभी पक्षों से चर्चा के बाद ही आगे बढ़ना चाहिए। गौरतलब है कि यूजीसी के 2026 के इक्विटी रेगुलेशंस को लेकर देशभर में बहस तेज है। इन नियमों का उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव और असमानता से निपटना है, लेकिन इसके कुछ प्रावधानों को लेकर विरोध भी सामने आया है।</p><h3>सुप्रीम कोर्ट में उठ चुका है मामला</h3><p>सुप्रीम कोर्ट ने इन नियमों पर रोक लगाई थी और 20 अगस्त को केंद्र सरकार ने अदालत में कहा कि नियमों पर पुनर्विचार किया जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर बीते दिनों दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी बड़ा प्रदर्शन हुआ था। प्रदर्शनकारियों ने जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा और आर्थिक आधार को प्राथमिकता देने की मांग उठाई थी। इन प्रदर्शनों में करणी सेना समेत कई संगठनों की अपनी भागीदारी देकर यूजीसी का विरोध किया है।</p><h3>भारी पुलिस बल के बीच करनी सेना कार्यकर्ता नजरबंद</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-13-year-old-shashwat-rajput-suspense-thriller-novel-young-author">जबलपुर शहर</a> में प्रदर्शन के दौरान करणी सेना पदाधिकारियों ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात करने की कोशिश भी की। वी रसल चौक पर प्रदर्शन के बाद रक्षामंत्री से मिलने जा रहे थे तभी पुलिस ने उन्हें रोक लिया और एक होटल में नजरबंद कर लिया।</p><h3>रक्षामंत्री के बयान पर जताई नाराजगी</h3><p>प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे बयान पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि सरकार को आरक्षण के मुद्दे पर स्पष्ट नीति सामने रखनी चाहिए और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाने चाहिए।</p><h3>आज जबलपुर दौरे पर हैं रक्षा मंत्री</h3><p>गौरतलब है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/mukhyamantri-jan-vishwas-abhiyan-mp-balaghat-cm-mohan-yadav">मध्य प्रदेश</a> के जबलपुर दौरे पर हैं। ऐसे में राजनाथ सिंह के जबलपुर दौरे के बीच करणी सेना का यूजीसी और आरक्षण के मुद्दे पर प्रदर्शन राजनीतिक और सामाजिक रूप से चर्चा का विषय बन गया है। अब देखना होगा कि सरकार और यूजीसी की ओर से इन मांगों और नियमों को लेकर आगे क्या रुख अपनाया जाता है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/bhopal-rkdf-university-fake-degree-marksheet-scam-rajasthan-sog-action">भोपाल: राजस्थान SOG का भोपाल की RKDF यूनिवर्सिटी पर शिकंजा; फर्जी डिग्री-मार्कशीट मामले में बड़ी कार्रवाई</a></aside>]]></content:encoded></item><item><title>डेयरियों से बढ़ रहा नदियों में प्रदूषण, संकट में जीवनदायिनी मां नर्मदा; NGT के आदेशों की उड़ रही धज्जियां</title><link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/narmada-river-pollution-dairy-waste-ngt-orders-violation</link><comments>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/narmada-river-pollution-dairy-waste-ngt-orders-violation#comments</comments><guid isPermaLink="false">94da1d7e-0fff-4840-80f7-cb474a861c00</guid><pubDate>Mon, 24 Aug 2026 16:35:21 +0530</pubDate><atom:updated>2026-08-24T16:35:21.415+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>पवन पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2557718</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>MP News,Madhya Pradesh News,Jabalpur News</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-08-24/e82gzcw7/Dairy-Waste-Increasing-Pollution-In-Narmada-River.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ डेयरियों से बढ़ रहा नदियों का प्रदूषण]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Narmada river pollution from dairies]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-08-24/e82gzcw7/Dairy-Waste-Increasing-Pollution-In-Narmada-River.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>जबलपुर</category><category>मध्य प्रदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Dairy Waste Increasing Pollution In Narmada River:</strong> जबलपुर की जीवनदायिनी नदियों को प्रदूषण से बचाने की कवायद एक बार फिर सवालों के घेरे में है। जबलपुर में नदी किनारे संचालित हो रही डेयरियों से निकलने वाला गोबर, गंदा पानी और अन्य अपशिष्ट नदियों के प्रदूषण की बड़ी वजह बनते जा रहे हैं। अब नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने इस मामले को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है और नदी किनारे संचालित डेयरियों को जल्द से जल्द हटाकर निर्धारित डेयरी स्टेट में शिफ्ट करने की मांग की है। </p><p>नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच का आरोप है कि परियट नदी के बाद अब गौर नदी में भी प्रदूषण का खतरा लगातार बढ़ रहा है। जबलपुर की परियट, गौर और हिरन नदियां क्षेत्र की प्रमुख सहायक नदियां हैं और इनका पानी आगे चलकर नर्मदा नदी में मिलता है। ऐसे में इन नदियों में पहुंचने वाला प्रदूषित पानी नर्मदा के लिए भी चिंता का विषय बन सकता है।</p><h3>नदियों किनारे सालों से चल रही डेरियां</h3><p>जानकारी के मुताबिक जबलपुर और आसपास नदी किनारे करीब 150 डेयरियां संचालित हो रही हैं जो कई सालों से नदियों में अपशिष्ट पदार्थ बहा रही हैं। इन डेयरियों से निकलने वाले अपशिष्ट के उचित प्रबंधन की व्यवस्था नहीं होने पर गोबर और गंदा पानी जलस्रोतों तक पहुंच रहा है और यही वजह है कि इन नदियों का पानी किसी भी कार्य में उपयोग नहीं हो पा रहा। मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी जबलपुर की कई डेयरियों के खिलाफ जल अधिनियम के तहत कार्रवाई की और दूषित जल के निवारण के निर्देश दिए।</p><h3>50 एकड़ में बनाया गया आधुनिक डेयरी इस्टेट</h3><p>नदियों को प्रदूषण से बचाने के लिए नदी किनारे संचालित डेयरियों को शहर से बाहर शिफ्ट करने की योजना बनाई गई। <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/sehore/sehore-narmada-river-illegal-mining-dumper-ngt-violation-1883680.html">नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल</a> के निर्देशों के बाद जबलपुर के खमरिया में डेयरी एस्टेट विकसित करने का प्लान बना जिसके बाद खमरिया में करीब 50 एकड़ जमीन आवंटित की गई। जगह उपलब्ध होने के साथ ही लगभग 9.99 करोड़ रुपये की राशि बुनियादी सुविधाओं के लिए स्वीकृत की गई। 24 फरवरी 2022 को खमरिया में प्रदेश के पहले डेयरी स्टेट का उद्घाटन किया गया। डेयरी इस्टेट में डेयरी संचालकों को एक स्थान पर सड़क, ड्रेनेज और दूसरी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई। इसके अलावा डेयरी स्टेट में अपशिष्ट प्रबंधन के लिए गोबर गैस प्लांट जैसी व्यवस्था भी प्रस्तावित की गई थी, ताकि डेयरियों से निकलने वाले अपशिष्ट का उपयोग ऊर्जा और जैविक खाद बनाने में किया जा सके।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/gwalior/gwalior-kaner-lake-ghati-gaon-ancient-lake-madhya-pradesh-tourism">ग्वालियर के पास कुदरत का अनमोल खजाना, घाटीगांव के जंगलों में बसा कनेर झिरी बना पर्यटकों का पसंदीदा ठिकाना</a></aside><h3>डेयरियां शिफ्ट ना होने पर उठे सवाल</h3><p>खमरिया में सुविधायुक्त डेयरी इस्टेट बनने के बाद भी सवाल यही है कि जब समाधान की व्यवस्था वर्षों पहले तैयार हो चुकी है, तो नदी किनारे चल रही डेयरियां अब तक पूरी तरह शिफ्ट क्यों नहीं हुईं? मंच के मुताबिक 68 डेयरियों के लिए जगह आवंटित किए जाने के बावजूद अब तक महज आधा दर्जन के आसपास डेयरियां ही शिफ्ट हो सकी हैं। यानी बड़ी संख्या में डेयरियां अभी भी पुराने स्थानों पर संचालित हो रही हैं और इसी वजह से नदियों में प्रदूषण का खतरा बना हुआ है।</p><h3>मंच ने दी आंदोलन की चेतावनी</h3><p>अब नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/sehore/sehore-illegal-sand-mining-on-narmada-river-ngt-guidelines-allegedly-violated-1839842.html">जिला प्रशासन</a> से मांग की है कि नदी किनारे संचालित डेयरियों को चिन्हित कर उन्हें निर्धारित डेयरी स्टेट में शिफ्ट कराया जाए और अपशिष्ट को नदियों में जाने से रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए। मंच ने साफ चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो वह सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगा। यानी जबलपुर की नदियों को बचाने के लिए अब सवाल सिर्फ डेयरियों की शिफ्टिंग का नहीं, बल्कि परियट, गौर और हिरन के रास्ते नर्मदा तक पहुंच रहे प्रदूषण को रोकने का भी है। वर्षों से चली आ रही डेयरी शिफ्टिंग की योजना अब जमीन पर कितनी तेजी से लागू होती है, यही आने वाले दिनों में सबसे बड़ा सवाल होगा।</p><figure class="op-interactive"><iframe allowfullscreen="allowfullscreen" frameborder="0" src="https://www.youtube.com/embed/Fm-NrFjnS8A?si=lSOE05lU60ty_9JE"></iframe></figure>]]></content:encoded></item><item><title>मोबाइल छोड़ हाथ में थमी कलम, जबलपुर के 13 वर्षीय शाश्वत राजपूत ने लिखा सस्पेंस थ्रिलर नॉवेल</title><link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-13-year-old-shashwat-rajput-suspense-thriller-novel-young-author</link><comments>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-13-year-old-shashwat-rajput-suspense-thriller-novel-young-author#comments</comments><guid isPermaLink="false">e8bd97ad-3984-489e-bdfd-a6397073c1b2</guid><pubDate>Mon, 24 Aug 2026 14:59:39 +0530</pubDate><atom:updated>2026-08-24T14:59:39.989+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>पवन पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2557718</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>MP News,Madhya Pradesh News,Jabalpur News</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-08-24/9ijy1pw7/Shashwat-Rajput-Suspense-Thriller-Novel.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ 13 वर्षीय शाश्वत राजपूत ने लिखा सस्पेंस थ्रिलर]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ 13-year-old Shashwat Rajput writes suspense thriller novel]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-08-24/9ijy1pw7/Shashwat-Rajput-Suspense-Thriller-Novel.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>जबलपुर</category><category>मध्य प्रदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Shashwat Rajput Suspense Thriller Novel:</strong> जबलपुर में आज के दौर में छोटे छोटे बच्चे भी मोबाइल और सोशल मीडिया में ही डूबे रहते हैं और किताबों से उनका सीधा संपर्क नहीं हो पा रहा ऐसे में किसी बच्चे के द्वारा किताब लिखना और उस किताब में अपनी कल्पनाओं को शब्दों में ढालना असंभव नजर आता है लेकिन संस्कारधानी के 7 वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र ने "चेजिंग द अननोन" किताब लिख डाली।</p><p>ग्रीन सिटी में रहने वाले 13 वर्षीय शाश्वत राजपूत ने सस्पेंस और थ्रिलर पर आधारित किताब लिखी है जिसका हाल ही में अनावरण हुआ है, एक भव्य कार्यक्रम में शाश्वत के परिवार और शहर के गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी में इस किताब का लोकार्पण किया गया। इस समारोह में शहर के साहित्यकार, लेखक और सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाले लोग शामिल हुए थे जिन्होंने उसकी प्रतिभा की जमकर सराहना की।</p><h3>न्यूयॉर्क से पेरिस तक घूमती है पारिवारिक रहस की कहानी</h3><p>"चेजिंग द अननोन" किताब की कहानी की बात की जाए तो यह एक परिवार के इतिहास और उसके रहस्यों पर आधारित है जो शाश्वत के मन में धीरे धीरे कहानी गढ़ रही थी। कहानी में 14 वर्षीय जाॅन नामक बालक है जो अपने परिवार के साथ पेरिस से न्यूयॉर्क आता है। जहां उसे महसूस होता है कि उसका परिवार किसी पुराने और खौफनाक रहस्य से भाग रहा है। एक तूफानी रात जब वह अपने घर में अकेला रहता है तब बिजली गुल हो जाती है, सभी फोन बंद हो जाते हैं और घर के बाहर एक रहस्यमयी व्यक्ति का साया दिखाई देता है। चेहरे पर सफेद मुखौटे पर तीन लाल रंग की धारियों वाला यह अंजान शख्स जॉन के परिवार से जुड़ी ऐसी सच्चाई को सामने लाता है जो पूरे परिवार के लिए मुसीबत बन जाती है। इसके बाद लगातार हुए घटनाक्रम जॉन के जीवन में चुनौतियां और बदलाव लेकर आते हैं।</p><h3>बचपन से किस्से कहानियों का रहा है शौक</h3><p>पिता शैलेंद्र और मां भावना ने बेटे शाश्वत को हमेशा मोटिवेट किया और उसकी कल्पनाओं को कभी नकारात्मक भाव से नहीं देखा। शाश्वत ने अपने बारे में बताया कि एक आम बच्चे की तरह उसे भी बचपन से कहानियां पढ़ने और कल्पनाओं का शौक रहा है, वह अक्सर कहानियां पढ़ते पढ़ते उसे खुद से जोड़ने लगता था। धीरे धीरे इन्हीं कल्पनाओं को गढ़ते गढ़ते उसने किताब लिखना शुरू किया और अब <a href="https://navbharatlive.com/entertainment/raakh-trailer-raakh-web-series-ali-fazal-sonali-bendre-prime-video-1789313.html">सस्पेंस थ्रिल</a> से भरी यह किताब लिख डाली। शाश्वत ने यह किताब लिखने में किसी की मदद नहीं ली और पढ़ाई के साथ साथ किताब लिखने का समय भी निकाला।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/ujjain/ujjain-government-office-assistant-engineer-royal-birthday-elephant-cash">उज्जैन: सरकारी दफ्तर में रविवार को ‘राजसी’ जन्मदिन, हाथी पर सवार सहायक यंत्री, नोटों की गड्डियों के बीच जश्न</a></aside><h3>बच्चों के लिए प्रेरणा बने शाश्वत</h3><p>जहां एक तरफ आज के <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/bhopal-neelam-park-gen-alpha-school-bachao-andolan-children-parents-protest">जेन-अल्फा पीढ़ी</a> और जेन जी अपना ज्यादातर समय रील्स बनाने और खुद को दिखावे में डुबोकर समय खराब कर रहे हैं और अपनी बुद्धिमत्ता को कमजोर करने में जुटे हैं वहीं शहशवत जैसे बच्चे समाज को दिशा देने का काम रहे हैं, बुद्धिजीवियों की मानें तो शाश्वत आज के जेन अल्फा के लिए प्रेरणा हैं जो अपनी अलग रह चुनते हैं और शिक्षा के साथ साथ अपनी इच्छाशक्ति से मंजिल तय करते हैं।</p><figure class="op-interactive"><iframe allowfullscreen="allowfullscreen" frameborder="0" src="https://www.youtube.com/embed/Fm-NrFjnS8A?si=lSOE05lU60ty_9JE"></iframe></figure>]]></content:encoded></item><item><title>क्या मैं सारी जिंदगी BSC नर्सिंग करते ही निकाल दूं? PM मोदी से रोते हुए बोली नर्सिंग छात्रा, देखें VIDEO</title><link>https://navbharatlive.com/videos/nursing-student-aarti-kushwaha-pm-modi-appeal-result-delay</link><comments>https://navbharatlive.com/videos/nursing-student-aarti-kushwaha-pm-modi-appeal-result-delay#comments</comments><guid isPermaLink="false">eca25d8e-5007-42f4-beaa-946dd8458f5b</guid><pubDate>Sun, 23 Aug 2026 20:44:45 +0530</pubDate><atom:updated>2026-08-23T20:44:45.727+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>करुणा नंद शाहवाल</atom:name><atom:uri>/api/author/2548022</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>PM Narendra Modi,Madhya Pradesh News,Mohan Yadav,Jabalpur News,Viral Video,Nursing Staff,Medical Education Department</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-08-23/d7cwo2ww/Aarti-Kushwaha-BSc-Nursing-Result" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ आरती कुशवाहा बीएससी नर्सिंग]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Aarti Kushwaha BSc Nursing Result]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-08-23/d7cwo2ww/Aarti-Kushwaha-BSc-Nursing-Result?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>वीडियो</category><category>मध्य प्रदेश</category><category>जबलपुर</category><content:encoded><![CDATA[ <figure class="op-interactive"><iframe allowfullscreen="allowfullscreen" frameborder="0" src="https://www.youtube.com/embed/F8TAeWh-C5w?si=FHYdVcqfD4rc6n1Y"></iframe></figure><p><strong>PM Modi Nursing Student Appeal:</strong> मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले की एक बीएससी नर्सिंग छात्रा आरती कुशवाहा का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपना लंबित परीक्षा परिणाम जल्द जारी करने की गुहार लगा रही हैं। आरती ने वीडियो में अपनी व्यथा साझा करते हुए बताया कि उन्होंने साल 2020 में बीएससी नर्सिंग में एडमिशन लिया था, लेकिन छह साल बीत जाने के बाद भी उनकी पढ़ाई पूरी नहीं हुई है। </p><p>थर्ड ईयर की परीक्षा होने के महीनों बाद भी रिजल्ट घोषित नहीं किया गया है। आरती ने रोते हुए कहा कि पढ़ाई करते-करते उनकी शादी हो गई और बच्चा भी हो गया, लेकिन अब उन्हें डर है कि वे बूढ़ी हो जाएंगी और उनकी डिग्री पूरी नहीं होगी। इस देरी के कारण वे डिप्रेशन का शिकार हो रही हैं और फॉर्म न भर पाने के कारण उनका भविष्य अधर में लटका है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द परिणाम नहीं आया तो वे चुनावों में वोट नहीं देंगी।</p>]]></content:encoded></item><item><title>जबलपुर: महिला आरक्षक वर्षा पटेल ने एमपी पुलिस का बढ़ाया मान, यूरोप के माउंट एल्ब्रुस पर फहराया तिरंगा</title><link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-woman-constable-varsha-patel-mount-elbrus-mp-police-tiranga</link><comments>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-woman-constable-varsha-patel-mount-elbrus-mp-police-tiranga#comments</comments><guid isPermaLink="false">5cbafc56-edb0-4991-8872-ec662bee4cc5</guid><pubDate>Sun, 23 Aug 2026 16:48:29 +0530</pubDate><atom:updated>2026-08-23T16:48:29.347+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>पवन पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2557718</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>MP News,Madhya Pradesh News,Jabalpur News</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-08-23/xjn1si74/Jabalpur-woman-constable-Varsha-Patel-climbs-Mount-Elbrus.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ महिला आरक्षक वर्षा पटेल ने एमपी पुलिस का बढ़ाया मान]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Jabalpur Woman Constable Varsha Patel Climbs Mount Elbrus]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-08-23/xjn1si74/Jabalpur-woman-constable-Varsha-Patel-climbs-Mount-Elbrus.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>जबलपुर</category><category>मध्य प्रदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Jabalpur Woman Constable Achievement:</strong> मध्य प्रदेश पुलिस की महिला आरक्षक वर्षा पटेल ने यूरोप महाद्वीप की सर्वोच्च चोटी माउंट एल्ब्रुस को फतह कर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। 21 अगस्त 2026 को वर्षा पटेल ने 18,510 फीट ऊंची "माउंट एल्ब्रुस" की चोटी पर पहुंचकर भारत का तिरंगा और मध्य प्रदेश पुलिस का ध्वज फहराया।</p><p>जबलपुर में आरक्षक के पद पर कार्यरत वर्षा पटेल को बचपन से ही खेल और पर्वतारोहण का जुनून रहा है। वह राष्ट्रीय स्तर की बेसबॉल खिलाड़ी भी रह चुकी हैं और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 10 से ज्यादा पदक अपने नाम कर चुकी हैं।</p><h3>ऑस्ट्रेलिया के बाद यूरोप की चोटी पर तिरंगा</h3><p>वर्षा पटेल की यह पहली बड़ी पर्वतारोहण उपलब्धि नहीं है। वर्ष 2024 में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप की सर्वोच्च चोटी माउंट कोजियास्को पर तिरंगा फहराया था। अब माउंट एल्ब्रुस फतह कर उन्होंने अपने पर्वतारोहण अभियान में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ ली है।</p><h3>खराब मौसम ने बढ़ाई चुनौती</h3><p>माउंट एल्ब्रुस अभियान की शुरुआत 11 अगस्त से हुई थी। अभियान के दौरान मौसम लगातार चुनौती बना रहा। तेज हवाओं, कड़ाके की ठंड और खराब मौसम के कारण पर्वतारोहियों को कई दिनों तक अनुकूल परिस्थितियों का इंतजार करना पड़ा। इसके बावजूद वर्षा ने हार नहीं मानी और 20 और 21 अगस्त को मौसम अनुकूल होने के बाद शिखर अभियान शुरू किया गया। कठिन परिस्थितियों के बीच वर्षा पटेल ने हौसले और दृढ़ संकल्प के साथ चढ़ाई जारी रखी और 21 अगस्त की सुबह 9 बजकर 7 मिनट पर माउंट एल्ब्रुस के शिखर पर पहुंच गईं।</p><figure><img alt="" src="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-08-23/qp57rrea/Jabalpur-woman-constable-Varsha-Patel-climbs-Mount-Elbrus-1.jpg" /><figcaption>महिला आरक्षक वर्षा पटेल ने यूरोप के माउंट एल्ब्रुस पर दिखाई एमपी पुलिस की पहचान</figcaption></figure><h3>प्रदेश और पुलिस के लिए गर्व का क्षण</h3><p>शिखर पर पहुंचते ही वर्षा ने गर्व के साथ तिरंगा और मध्य प्रदेश पुलिस का ध्वज फहराया। यह पल उनके परिवार, जबलपुर और पूरे <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/madhya-pradesh-police-acting-promotion-system-restart-high-court-order-1717842.html">मध्य प्रदेश पुलिस</a> विभाग के लिए गौरव का क्षण बन गया। वर्षा ने तिरंगा फहराने की तस्वीरें भी शेयर की हैं जिसे देखकर हर कोई खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा है।</p><h3>सातों महाद्वीपों की चोटियां फतह करने का सपना</h3><p>वर्षा पटेल का लक्ष्य दुनिया के सातों महाद्वीपों की सर्वोच्च चोटियों को फतह कर सेवन समिट अभियान पूरा करना है। माउंट एल्ब्रुस के बाद उनका अगला लक्ष्य अफ्रीका की सर्वोच्च चोटी माउंट किलिमंजारो को फतह करना है। वर्षा पटेल का कहना है कि पर्वतारोहण उनके लिए सिर्फ साहसिक गतिविधि नहीं, बल्कि दुनिया की ऊंची चोटियों तक भारत का तिरंगा पहुंचाने का संकल्प है। यह अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण अभियान एनएसवाई आउटडोर्स के नेतृत्व में आयोजित किया गया था। अभियान का नेतृत्व प्रसिद्ध भारतीय पर्वतारोही नरेंद्र सिंह यादव ने किया।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/bhopal-neelam-park-gen-alpha-school-bachao-andolan-children-parents-protest">भोपाल के नीलम पार्क में जेन-अल्फा का स्कूल बचाओ आंदोलन; प्रदेशभर से पहुंचे बच्चे और अभिभावक</a></aside><h3>बेटियों के लिए प्रेरणा - नारी शक्ति का उदाहरण</h3><p>एक पुलिसकर्मी, राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी और अब अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही के रूप में वर्षा पटेल की यह उपलब्धि देश की बेटियों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने अपने साहस संघर्ष और संकल्प से तिरंगे को एक और नई ऊंचाई दी है। बतौर पुलिस कर्मी भी उन्होंने <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-ajay-vishnoi-government-system-public-anger-statement">जबलपुर जिले</a> में ड्यूटी के समय कई उपलब्धियां हासिल की हैं, अब जबलपुर पुलिस को भी उनके वापस लौटने का इंतजार है।</p><figure class="op-interactive"><iframe allowfullscreen="allowfullscreen" frameborder="0" src="https://www.youtube.com/embed/K9DTxk_slfs?si=2vx8w4FvE6kXnpUB"></iframe></figure>]]></content:encoded></item><item><title>छिंदवाड़ा NICU हादसा: परिजनों से मिले डिप्टी CM, दिया भरोसा; जबलपुर मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों को दिए निर्देश</title><link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/chhindwara-nicu-fire-rajendra-shukla-jabalpur-medical-college</link><comments>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/chhindwara-nicu-fire-rajendra-shukla-jabalpur-medical-college#comments</comments><guid isPermaLink="false">b4bc5013-9c72-4aa1-b273-5e65d9cd483d</guid><pubDate>Sun, 23 Aug 2026 12:25:05 +0530</pubDate><atom:updated>2026-08-23T12:25:05.295+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>पवन पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2557718</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>MP News,Madhya Pradesh News,Jabalpur News</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-08-23/yz3t46cy/Rajendra-Shukla-Visit-Jabalpur-Medical-College.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ जबलपुर मेडिकल कॉलेज पहुंचे डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Rajendra Shukla meets families of newborns injured in Chhindwara NICU fire]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-08-23/yz3t46cy/Rajendra-Shukla-Visit-Jabalpur-Medical-College.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>जबलपुर</category><category>मध्य प्रदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Rajendra Shukla Visit Jabalpur Medical College:</strong> छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के एनआईसीयू में वॉर्मर मशीन में आग लगने की घटना के बाद गंभीर रूप से झुलसे दो नवजात शिशुओं को बेहतर इलाज के लिए जबलपुर रेफर किया गया है। </p><p>दोनों बच्चों को नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। हादसे के बाद दोनों बच्चों को तत्काल उपचार की जरूरत थी, जिसके चलते उन्हें उच्च चिकित्सा सुविधा वाले केंद्र में भेजा गया।</p><h3>आईसीयू में डॉक्टरों की टीम कर रही लगातार निगरानी</h3><p>जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में दोनों नवजातों का इलाज विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में चल रहा है। डॉक्टर बच्चों की हालत पर लगातार नजर रख रहे हैं और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। फिलहाल अस्पताल प्रबंधन के अनुसार दोनों नवजातों की हालत स्थिर बनी हुई है। बच्चों के परिजन भी अस्पताल में मौजूद हैं और डॉक्टरों से लगातार उनके स्वास्थ्य की जानकारी ले रहे हैं।</p><h3>डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने अस्पताल पहुंचकर जाना हाल</h3><p>घटना की जानकारी मिलने के बाद मध्य प्रदेश के डिप्टी सीएम <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/rewa/hundreds-of-bikes-reach-mangawan-for-rajendra-shukla-birthday">राजेंद्र शुक्ल</a>ा जबलपुर पहुंचे। उन्होंने सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती दोनों नवजात शिशुओं का हाल जाना। इस दौरान उन्होंने बच्चों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और मुश्किल समय में सरकार की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। डिप्टी सीएम ने अस्पताल के चिकित्सकों से दोनों बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति और उपचार की जानकारी भी ली। उन्होंने डॉक्टरों को नवजातों को बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/chhatarpur/chhatarpur-four-arms-four-legs-baby-born-lavkushnagar">4 हाथ-4 पैर और 24 अंगुलियां...छतरपुर में जन्मा अनोखा बच्चा, मेडिकल साइंस का अनोखा मामला; जानें पूरा मामला</a></aside><h3>छिंदवाड़ा जिला अस्पताल में देर रात हुआ था हादसा</h3><p>गौरतलब है कि <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/chhindwara/chhindwara-district-hospital-nicu-fire-three-newborns-injured-one-death">छिंदवाड़ा जिला अस्पताल</a> के एनआईसीयू वार्ड में शुक्रवार देर रात वॉर्मर मशीनों में तकनीकी खराबी के चलते आग लग गई थी। हादसे में एक नवजात बच्ची समेत तीन शिशु झुलस गए थे। घटना के कुछ देर बाद गंभीर रूप से झुलसी एक नवजात बच्ची की मौत हो गई। वहीं, बाकी दो नवजातों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर उपचार के लिए जबलपुर रेफर किया गया। फिलहाल दोनों बच्चों का इलाज सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के आईसीयू में जारी है और चिकित्सकों की टीम उनकी हालत पर लगातार नजर रख रही है।</p><figure class="op-interactive"><iframe allowfullscreen="allowfullscreen" frameborder="0" src="https://www.youtube.com/embed/5inSzS7r5aA?si=_TU1FoL2d7x_XO8M"></iframe></figure>]]></content:encoded></item><item><title>जबलपुर: समस्या आने पर विधायक की कॉलर पकड़ती है जनता, सरकारी सिस्टम पर भड़के अजय विश्नोई; लगाए गंभीर आरोप</title><link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-ajay-vishnoi-government-system-public-anger-statement</link><comments>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-ajay-vishnoi-government-system-public-anger-statement#comments</comments><guid isPermaLink="false">63fb104c-7a68-4319-a1b6-edac97cd49c0</guid><pubDate>Fri, 21 Aug 2026 18:40:07 +0530</pubDate><atom:updated>2026-08-21T18:40:07.954+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>पवन पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2557718</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>MP News,Madhya Pradesh News,Jabalpur News</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-08-21/jokqvrja/Ajay-Vishnoi-Government-System-Statement.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ भाजपा विधायक अजय विश्नोई]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Ajay Vishnoi criticizes government system in Jabalpur]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-08-21/jokqvrja/Ajay-Vishnoi-Government-System-Statement.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>जबलपुर</category><category>मध्य प्रदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Ajay Vishnoi Government System Statement:</strong> मध्यप्रदेश में खराब सड़कों और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भाजपा के वरिष्ठ विधायक अजय विश्नोई ने एक बार फिर अपनी ही सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। विश्नोई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर सड़कों की बदहाल स्थिति, ठेकेदारों और सरकारी विभागों के बीच होने वाले कथित लेनदेन तथा निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर टिप्पणी की है।</p><p>अजय विश्नोई ने अपने पोस्ट में लिखा कि सड़क चाहे पीडब्ल्यूडी की हो या प्रधानमंत्री सड़क विभाग की, हालात लगभग एक जैसे हैं। खराब सड़कों के कारण नागरिक परेशान होते हैं और सरकार को जिम्मेदार ठहराते हैं। वहीं स्थानीय स्तर पर सबसे पहले विधायक को ही जनता के गुस्से का सामना करना पड़ता है।</p><h3>भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की खोली पोल</h3><p>विश्नोई ने कहा कि उन्होंने कई बार पत्र लिखकर सरकार का ध्यान सड़कों की दुर्दशा की ओर दिलाया है। उन्होंने शहपुरा-पाटन क्षेत्र में सड़क निर्माण और ब्रिज टूटने के बाद बने हालातों का भी जिक्र किया है। <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/khandwa/omkareshwar-bjp-workers-join-congress-15-members-switch-party-1884447.html">भारतीय जनता पार्टी</a> के विधायक ने अपने एक्स पोस्ट में विभागीय भ्रष्टाचार को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार काम लेने की होड़ में कम दाम पर टेंडर ले लेते हैं। इसके बाद ठेकेदार की कमाई और विभाग में होने वाली कथित रिश्वत के बाद जो रकम बचती है, उसी से सड़कें बनाई जाती हैं और यही निर्माण की खराब गुणवत्ता की बड़ी वजह बनती है।</p><h3>हाईकोर्ट ने जमकर लगाई फटकार</h3><p>दरअसल, प्रदेश में खराब सड़कों को लेकर <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/rahul-gandhi-defamation-case-madhya-pradesh-high-court-hearing-today-1731765.html">मध्यप्रदेश हाईकोर्ट</a> भी हाल ही में राज्य सरकार और पीडब्ल्यूडी विभाग को फटकार लगा चुका है। ऐसे में अजय विश्नोई का यह बयान सरकार के लिए मुश्किलें बढ़ाने वाला माना जा रहा है। विश्नोई ने हाईकोर्ट के रुख का स्वागत करते हुए कहा कि विभाग के जिम्मेदार लोगों को व्यवस्था में सुधार के लिए जल्द से जल्द जरूरी कदम उठाने चाहिए।</p><figure><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="hi" dir="ltr">सड़क चाहे PWD की हो या प्रधानमंत्री सड़क विभाग की, सबकी हालत ऐसी ही है। नागरिक परेशान होते हैं। सरकार को गालियाँ देते हैं। स्थानीय विधायक की कॉलर पकड़ते हैं।<br><br>मैंने भी अनेकों बार सड़कों की दुर्दशा की ओर सरकार का ध्यान दिलाने के लिए पत्र लिखा है।<br><br>यह सच है कि विभागीय भ्रष्टाचार… <a href="https://t.co/t1V3RfXQVx">pic.twitter.com/t1V3RfXQVx</a></p>&mdash; Ajay Vishnoi (@AjayVishnoiBJP) <a href="https://x.com/AjayVishnoiBJP/status/2090652783544541244?ref_src=twsrc%5Etfw">August 21, 2026</a></blockquote>
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</figure><h3>विधायक की कॉलर पकड़ती है जनता</h3><p>मीडिया से चर्चा के दौरान भी विधायक अजय विश्नोई ने सड़कों की बदहाली पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि जनता अपनी समस्याओं के लिए सबसे पहले स्थानीय विधायक को पकड़ती है और उसे ही जिम्मेदार ठहराती है। अब सवाल यह है कि वरिष्ठ भाजपा विधायक की ओर से उठाए गए इन सवालों पर राज्य सरकार और पीडब्ल्यूडी विभाग क्या जवाब देता है और सड़कों की गुणवत्ता सुधारने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/sagar/sagar-kesli-50-acre-fake-land-mutation-government-id-password-scam">कंप्यूटर सेंटर वाले को दे दिया सरकारी आईडी-पासवर्ड! सागर के केसली में 50 एकड़ जमीन का फर्जी नामांतरण</a></aside>]]></content:encoded></item><item><title>कंधे पर कांवड़ और मन में आस्था; संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र लोधी की अगुवाई में भेड़ाघाट से बांदकपुर की यात्रा</title><link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/121-km-kanwar-yatra-jageshwarnath-dham-mahakaushal-longest-pilgrimage</link><comments>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/121-km-kanwar-yatra-jageshwarnath-dham-mahakaushal-longest-pilgrimage#comments</comments><guid isPermaLink="false">f1b80e3c-e6f6-457d-8ba6-e32f0490492b</guid><pubDate>Thu, 20 Aug 2026 16:21:19 +0530</pubDate><atom:updated>2026-08-20T16:21:19.849+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>पवन पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2557718</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>MP News,Madhya Pradesh News,Jabalpur News</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-08-20/wshvhsti/121-Km-Kanwar-Yatra-Jabalpur.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ महाकौशल की सबसे लंबी 121 किलोमीटर की लंबी कांवड़ यात्रा]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Kanwariyas undertake 121 kilometer foot pilgrimage to Jageshwarnath Dham]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-08-20/wshvhsti/121-Km-Kanwar-Yatra-Jabalpur.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>जबलपुर</category><category>मध्य प्रदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>121 Km Kanwar Yatra Jabalpur:</strong> कंधे पर कांवड़, मन में भोलेनाथ के प्रति आस्था और जुबां पर बम भोले के जयकारे। यह नजारा है महाकौशल की अब तक की सबसे लंबी कांवड़ यात्रा का। जबलपुर के भेड़ाघाट से दमोह के बांदकपुर तक निकली 121 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा इन दिनों आस्था और भक्ति का बड़ा केंद्र बनी हुई है।</p><p>सावन माह में कांवड़ यात्रा निकालना पुरानी परंपरा है जिसमें श्रद्धालु अपनी क्षमता के अनुसार दूरी तय करके महादेव के प्रति अपनी भक्ति दर्शाते हैं, लेकिन यह यात्रा अपने आप में अलग पहचान बन गई है क्योंकि पहली बार किसी सत्ता में बैठे जनप्रतिनिधि ने खुद इतनी लंबी कांवड़ यात्रा की अगुवाई की है। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी के नेतृत्व में निकाली जा रही इस पांच दिवसीय कांवड़ यात्रा की शुरुआत भेड़ाघाट के पंचवटी घाट पर विधि-विधान से पूजन के बाद हुई। नर्मदा जल को कांवड़ में लेकर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के जयकारों के साथ बांदकपुर की ओर कदम बढ़ाए।</p><h3>यात्रा मार्ग पर जगह जगह हुआ स्वागत</h3><p>इस यात्रा की खास बात सिर्फ इसकी 121 किलोमीटर की दूरी नहीं है… बल्कि वह संकल्प है, जो श्रद्धालुओं को लगातार पांच दिनों तक पैदल चलने की ताकत दे रहा है। यात्रा में दमोह और जबेरा विधानसभा क्षेत्र के हजारों श्रद्धालु शामिल हुए हैं। कोई परिवार के साथ कांवड़ लेकर चल रहा है, तो कोई दोस्तों और साथी श्रद्धालुओं के साथ। रास्ते में ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष माहौल को पूरी तरह शिवमय बना रहे हैं। यह यात्रा जहां से भी गुजर रही है वहां स्थानीय लोग यात्रा में शामिल कावड़ियों का पुष्पवर्षा कर स्वागत कर रहे हैं साथ ही उन्हें कोई परेशानी ना हो इसके लिए उनकी मदद कर रहे हैं।</p><h3>तकनीक और आस्था के बीच समन्वय</h3><p>इस यात्रा में मंत्री <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/baglamukhi-temple-donation-controversy-dharmendra-lodhi-exclusive-interview-1849169.html">धर्मेंद्र लोधी</a> के भाई और पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर सत्येंद्र लोधी भी कांवड़ लेकर पैदल चल रहे हैं। आधुनिक तकनीक की दुनिया से जुड़े सत्येंद्र लोधी का कांवड़ लेकर इस तरह पैदल यात्रा करना भी लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-sarauli-panchayat-violence-cctv-cameras-furniture-damaged-jcb-attacked">जबलपुर: सरौली पंचायत में भारी उपद्रव, उग्र भीड़ ने तोड़े सीसीटीवी कैमरे और फर्नीचर; जेसीबी पर भी हमला</a></aside><h3>5 दिनों में पहुंचेगी दमोह के बांदकपुर</h3><p>पांच दिनों तक चलने वाली इस यात्रा में श्रद्धालु रास्ते में आने वाले धार्मिक और आस्था से जुड़े स्थलों पर रुकेंगे। यहां पूजा-अर्चना और विश्राम के बाद यात्रा दोबारा आगे बढ़ेगी। दरअसल, यह सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि नर्मदा और शिव की आस्था को जोड़ने वाला 121 किलोमीटर लंबा पैदल सफर है। भेड़ाघाट में <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/dindori/dindori-narmada-river-flood-heavy-rain-ghats-temples-submerged">नर्मदा नदी</a> के तट से उठी कांवड़ जब बांदकपुर के जागेश्वरनाथ धाम पहुंचेगी, तो श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा अपने संकल्प की पूर्णता का क्षण होगी।</p><h3>राजनैतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी यह यात्रा</h3><p>एक तरफ भाजपा सरकार के मंत्री कांवड़ यात्रा निकालकर धर्म के प्रति अपनी आस्था और संस्कृति का परिचय दे रहे हैं वहीं राजनैतिक गलियारों में भी यह चर्चा का विषय बन गई है, क्योंकि जबलपुर में बीते कई सालों से कांवड़ यात्राएं निकाली जा रही हैं लेकिन किसी भी सत्तासीन विधायक या मंत्री ने कभी खुद इस तरह खुद कांवड़ लेकर इतनी दूरी तक यात्रा नहीं की।</p><figure class="op-interactive"><iframe allowfullscreen="allowfullscreen" frameborder="0" src="https://www.youtube.com/embed/_PeD1DK9Uhc?si=0AHpMKteHSl_mWsk"></iframe></figure>]]></content:encoded></item><item><title>जबलपुर: सरौली पंचायत में भारी उपद्रव, उग्र भीड़ ने तोड़े सीसीटीवी कैमरे और फर्नीचर; जेसीबी पर भी हमला</title><link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-sarauli-panchayat-violence-cctv-cameras-furniture-damaged-jcb-attacked</link><comments>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-sarauli-panchayat-violence-cctv-cameras-furniture-damaged-jcb-attacked#comments</comments><guid isPermaLink="false">34151f7b-3806-4a1e-976a-d0ef3697688e</guid><pubDate>Thu, 20 Aug 2026 16:03:58 +0530</pubDate><atom:updated>2026-08-20T16:03:58.344+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>पवन पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2557718</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>MP News,Madhya Pradesh News,Jabalpur News</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-08-20/tmg9x32h/Sarauli-Panchayat-Mob-Violence-CCTV-Damage.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ सरौली पंचायत में भारी उपद्रव]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ violent crowd vandalizes property in Sarauli Panchayat Jabalpur]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-08-20/tmg9x32h/Sarauli-Panchayat-Mob-Violence-CCTV-Damage.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>जबलपुर</category><category>मध्य प्रदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Sarauli Panchayat Mob Violence CCTV Damage:</strong> जबलपुर के मझगवां थाना क्षेत्र की सरौली पंचायत में अतिक्रमण हटाने को लेकर जमकर हंगामा हो गया। अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम की कार्रवाई से नाराज कुछ लोगों ने पंचायत कार्यालय पर पथराव कर दिया। </p><p>इस दौरान पंचायत भवन में घुसकर तोड़फोड़ भी की गई। जिससे वहां रखा फर्नीचर, सीसीटीवी कैमरे, और अन्य सामग्री क्षतिग्रस्त हुए हैं। इस पूरे विवाद का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। जिसमें भीड़ द्वारा पंचायत भवन की ओर पथराव और तोड़फोड़ करते हुए नजर आ रही है।</p><h3>एसडीएम के निर्देश पर हुई थी कार्यवाही</h3><p>बताया जा रहा है कि एसडीएम के निर्देश पर पंचायत क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही थी। टीम मौके पर अतिक्रमण हटाने में जुटी थी, इसी दौरान कुछ लोग कार्रवाई का विरोध करने लगे। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।</p><h3>सचिव और पंचों ने कमरे में छुपकर बचाई जान</h3><p>आरोप है कि अतिक्रमण हटाने से नाराज भीड़ ने <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/arrawati-panchayat-scam-villagers-stage-protest-outside-zila-panchayat-office-1758597.html">पंचायत कार्यालय</a> को निशाना बनाते हुए पथराव शुरू कर दिया। पंचायत भवन में मौजूद सचिव और पंचों ने खुद को एक कमरे में बंद कर अपनी जान बचाई। जब भीड़ वहां से बाहर निकली तब सचिव ने अधिकारियों को फोन करके पूरी घटना की जानकारी दी। वहीं अतिक्रमण हटाने वाली टीम पर भी हमला किए जाने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि हंगामे के दौरान जेसीबी मशीन में भी तोड़फोड़ की गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पंचायत कर्मियों ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की है।</p><h3>पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की जांच</h3><p>घटना के बाद मझगवां थाना पुलिस ने पंचायत कर्मियों की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक चंदन वंशकार और खिलो बाई द्वारा शासकीय भूमि पर कब्जा कर मकान बना लिए गए थे, जिसे हटाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा निर्देश दिए गए, मौके पर तहसीलदार भी मौजूद थे जिनके सामने कार्यवाही की जा रही थी। बहरहाल <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/ujjain/ujjain-medicine-market-girl-stabbed-one-sided-lover-cctv-video-1823474.html">सीसीटीवी फुटेज</a> के आधार पर घटना में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>जबलपुर: ट्रेनों को सिग्नल देने वाली केबल हुई चोरी, 4 घंटे लेट हुई ट्रेन; चोरों की करतूत सीसीटीवी में कैद</title><link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-railway-signal-cable-theft-train-delayed-four-hours-cctv</link><comments>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-railway-signal-cable-theft-train-delayed-four-hours-cctv#comments</comments><guid isPermaLink="false">8d4d1447-8612-4fce-8cdc-3b0af260c247</guid><pubDate>Wed, 19 Aug 2026 21:21:38 +0530</pubDate><atom:updated>2026-08-19T21:21:38.879+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>पवन पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2557718</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>MP News,Madhya Pradesh News,Jabalpur News</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-08-19/t0gicqox/Train-Signal-Cable-Theft-Jabalpur.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ जबलपुर में ट्रोनों को सिग्नल देने वाली केबल हुई चोरी]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Jabalpur railway signal cable theft causes train delay]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-08-19/t0gicqox/Train-Signal-Cable-Theft-Jabalpur.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>जबलपुर</category><category>मध्य प्रदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Train Signal Cable Theft Jabalpur:</strong> जबलपुर में चोरों की करतूत ने रेलवे के सिग्नल सिस्टम को कई घंटे तक प्रभावित कर दिया। यार्ड के पास सिग्नल बॉक्स से केबल चोरी होने के कारण चार ट्रेनों को निर्धारित समय पर सिग्नल नहीं मिल सका। करीब तीन से चार घंटे तक रेलवे अधिकारी लगातार सिग्नल देने की कोशिश करते रहे, लेकिन सिस्टम काम नहीं कर रहा था। </p><p>जब रेलवे कंट्रोल रूम में यार्ड के पास दो युवकों की गतिविधियां दिखाई दीं, तब मामले की असल वजह सामने आई। जांच में पता चला कि सिग्नल बॉक्स से केबल काटकर चोरी कर ली गई थी।</p><h3>तीन युवकों ने मिलकर काटी सिग्नल केबल</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/ujjain/ujjain-medicine-market-girl-stabbed-one-sided-lover-cctv-video-1823474.html">सीसीटीवी फुटेज</a> की जांच में चोरी की वारदात सामने आने के बाद रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए। आरपीएफ ने तेजी से कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों में गाजीपुर निवासी असलम अंसारी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि उसने अपने भाई अकबर अंसारी और साथी जप्पू नाटी के साथ मिलकर सिग्नल केबल चोरी की थी। चोरी की गई केबल को रेलवे यार्ड में ट्रैक के किनारे झाड़ियों में छिपाकर रखा गया था। आरपीएफ ने आरोपी की निशानदेही पर केबल बरामद कर ली।</p><h3>चार ट्रेनों का संचालन प्रभावित, यात्री भी हुए परेशान</h3><p>सिग्नल केबल चोरी होने से जबलपुर-रीवा एक्सप्रेस, एलटीटी-राजगीर एक्सप्रेस, निजामुद्दीन-जबलपुर एक्सप्रेस और लखनऊ-यशवंतपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस का संचालन प्रभावित हुआ। सिग्नल नहीं मिलने के कारण ट्रेनों को आगे बढ़ाने में परेशानी हुई और यात्री भी काफी देर तक परेशान रहे। रेलवे के तकनीकी विभाग ने स्थिति को संभालते हुए जल्द ही दूसरी केबल लगाकर सिग्नल सिस्टम को दोबारा चालू किया। इसके बाद प्रभावित ट्रेनों को सुरक्षित तरीके से रवाना किया गया।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/datia/datia-malnutrition-child-death-collector-tribal-settlement-visit">दतिया में कुपोषण से मासूम की मौत पर मचा हड़कंप; पीएम से सम्मानित आदिवासी डेरे में पहुंचे कलेक्टर</a></aside><h3>एक आरोपी गिरफ्तार, दो साथियों की तलाश जारी</h3><p>आरपीएफ ने असलम अंसारी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ रेलवे संपत्ति से जुड़ी चोरी के मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं उसके भाई अकबर अंसारी और साथी जप्पू नाटी की तलाश की जा रही है। पुलिस और आरपीएफ आरोपियों से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। रेलवे यार्ड जैसे संवेदनशील क्षेत्र से सिग्नल केबल चोरी होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। सिग्नल सिस्टम में छेड़छाड़ से न केवल ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती थी। ऐसे में रेलवे की ओर से यार्ड और सिग्नल उपकरणों की निगरानी और <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/madhya-pradeshbhopalbhopal-mlb-girls-college-student-safety-security-concerns">सुरक्षा व्यवस्था</a> को और मजबूत करने की जरूरत सामने आई है।</p><figure class="op-interactive"><iframe allowfullscreen="allowfullscreen" frameborder="0" src="https://www.youtube.com/embed/NmNXEUd1h00?si=j8ZfQaDmjRkS82fH"></iframe></figure>]]></content:encoded></item></channel></rss>