

Gwalior Hospital Snake : ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल समूह के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में उस समय हड़कंप मच गया, जब पांचवीं मंजिल पर ऑपरेशन थिएटर (OT) के प्रवेश द्वार के पास सांप दिखाई दिया। सांप को देखते ही अस्पताल के स्टाफ और मरीजों के अटेंडरों में अफरा-तफरी मच गई। जिस जगह सांप मिला, उसके पास ही ओटी का स्टोर रूम भी मौजूद है। गनीमत रही कि समय रहते सांप को पकड़ लिया गया और किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
जानकारी के मुताबिक, पांचवीं मंजिल पर ओटी के प्रवेश द्वार के पास अस्पताल के स्टाफ ने सांप को देखा। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर सांप दिखाई देने के बाद वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। कुछ देर के लिए स्टाफ और मरीजों के अटेंडरों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। लोगों ने सुरक्षित दूरी बनाकर सांप को पकड़ने की कोशिश शुरू होने का इंतजार किया।
सांप को पकड़ने के लिए जयारोग्य अस्पताल के कर्मचारी कामता प्रसाद मरैया और ओटी टेक्नीशियन गवेंद्र राठौर ने हिम्मत दिखाई। दोनों ने काफी मशक्कत के बाद सांप को काबू में किया। इसके बाद वाइपर की मदद से सांप को सुरक्षित तरीके से एक प्लास्टिक की थैली में रखा गया। कर्मचारियों की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया।
सांप के सुरक्षित पकड़े जाने के बाद अस्पताल के कर्मचारियों और मरीजों के अटेंडरों ने राहत की सांस ली। बताया गया कि पकड़े गए सांप को बाद में सुरक्षित तरीके से जंगल में छोड़ दिया गया। इस दौरान किसी मरीज, अटेंडर या अस्पताल कर्मचारी को सांप ने नुकसान नहीं पहुंचाया।
सांप को पकड़ने के दौरान अस्पताल के स्टाफ ने मोबाइल फोन से वीडियो भी बना लिया। अब सांप पकड़ने का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोग अस्पताल के अंदर पांचवीं मंजिल तक सांप पहुंचने को लेकर तरह-तरह के सवाल और कमेंट कर रहे हैं।
सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की पांचवीं मंजिल पर सांप मिलने की घटना ने अस्पताल परिसर की सुरक्षा और साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर ओटी के प्रवेश द्वार और स्टोर रूम के पास सांप मिलने से लोगों में चिंता है। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन की ओर से मामले में फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
घटना में सबसे राहत की बात यह रही कि कर्मचारियों ने बिना घबराए सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया। अगर सांप भीड़भाड़ वाले हिस्से में पहुंच जाता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। कर्मचारियों के साहस और समय रहते की गई कार्रवाई से संभावित खतरा टल गया और अस्पताल में सामान्य गतिविधियां फिर से शुरू हो गईं।