

Ajay Vishnoi Government System Statement: मध्यप्रदेश में खराब सड़कों और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भाजपा के वरिष्ठ विधायक अजय विश्नोई ने एक बार फिर अपनी ही सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। विश्नोई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर सड़कों की बदहाल स्थिति, ठेकेदारों और सरकारी विभागों के बीच होने वाले कथित लेनदेन तथा निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर टिप्पणी की है।
अजय विश्नोई ने अपने पोस्ट में लिखा कि सड़क चाहे पीडब्ल्यूडी की हो या प्रधानमंत्री सड़क विभाग की, हालात लगभग एक जैसे हैं। खराब सड़कों के कारण नागरिक परेशान होते हैं और सरकार को जिम्मेदार ठहराते हैं। वहीं स्थानीय स्तर पर सबसे पहले विधायक को ही जनता के गुस्से का सामना करना पड़ता है।
विश्नोई ने कहा कि उन्होंने कई बार पत्र लिखकर सरकार का ध्यान सड़कों की दुर्दशा की ओर दिलाया है। उन्होंने शहपुरा-पाटन क्षेत्र में सड़क निर्माण और ब्रिज टूटने के बाद बने हालातों का भी जिक्र किया है। भारतीय जनता पार्टी के विधायक ने अपने एक्स पोस्ट में विभागीय भ्रष्टाचार को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार काम लेने की होड़ में कम दाम पर टेंडर ले लेते हैं। इसके बाद ठेकेदार की कमाई और विभाग में होने वाली कथित रिश्वत के बाद जो रकम बचती है, उसी से सड़कें बनाई जाती हैं और यही निर्माण की खराब गुणवत्ता की बड़ी वजह बनती है।
दरअसल, प्रदेश में खराब सड़कों को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट भी हाल ही में राज्य सरकार और पीडब्ल्यूडी विभाग को फटकार लगा चुका है। ऐसे में अजय विश्नोई का यह बयान सरकार के लिए मुश्किलें बढ़ाने वाला माना जा रहा है। विश्नोई ने हाईकोर्ट के रुख का स्वागत करते हुए कहा कि विभाग के जिम्मेदार लोगों को व्यवस्था में सुधार के लिए जल्द से जल्द जरूरी कदम उठाने चाहिए।
मीडिया से चर्चा के दौरान भी विधायक अजय विश्नोई ने सड़कों की बदहाली पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि जनता अपनी समस्याओं के लिए सबसे पहले स्थानीय विधायक को पकड़ती है और उसे ही जिम्मेदार ठहराती है। अब सवाल यह है कि वरिष्ठ भाजपा विधायक की ओर से उठाए गए इन सवालों पर राज्य सरकार और पीडब्ल्यूडी विभाग क्या जवाब देता है और सड़कों की गुणवत्ता सुधारने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।