

CM Mohan Yadav Big Action Against CSP Neha Pachisia: कटनी जिले की सीएसपी नेहा पच्चीसिया की मुश्किलें बढ़ गई हैं। करीब 1 करोड़ रुपये की जमीन के कथित विवाद में विभागीय जांच के बाद उनके खिलाफ गंभीर आरोप सामने आए हैं। भोपाल सतर्कता शाखा की शिकायत और जबलपुर जोन के निर्देश पर कटनी के कुठला थाने में सीएसपी नेहा पच्चीसिया समेत क्षितिज राज बारापत्रे और मारूफ अहमद हनफी के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने बीएनएस की धारा 61, 198, 199, 308(7) और 318(4) के तहत मामला दर्ज किया है।
आरोप है कि कुठला थाना क्षेत्र की खसरा नंबर 2618/1 की बेशकीमती जमीन को पुलिसिया दबाव और पद के कथित दुरुपयोग के जरिए नियम विरुद्ध तरीके से दूसरे व्यक्ति के नाम रजिस्टर्ड कराया गया। शिकायतकर्ता आकाश उर्फ रमेश लोधी का आरोप है कि उनके पिता की जमीन का सौदा करीब 1 करोड़ रुपये में तय था, लेकिन 15 अप्रैल 2026 को महज 18.20 लाख रुपये में रजिस्ट्री करा दी गई।
मामले की शिकायत भोपाल सतर्कता शाखा तक पहुंची थी, जिसे आगे जबलपुर जोन भेजा गया। एडीजीपी/आईजीपी जबलपुर के निर्देश पर एएसपी अनु बेनीवाल ने सीएसपी से जुड़े बैंक खातों, दस्तावेजों और लेनदेन की बिंदुवार जांच कर रिपोर्ट तैयार की। इसके आधार पर 18 अगस्त 2026 को जबलपुर जोन कार्यालय ने कटनी एसपी को वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद कुठला थाने में एफआईआर दर्ज हुई। पुलिस अब जमीन के नामांतरण, रजिस्ट्री प्रक्रिया, बैंक लेनदेन और मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
नेहा पच्चीसिया इससे पहले भी विभागीय कार्रवाई को लेकर चर्चा में रही हैं। जुलाई में वाहन चेकिंग के दौरान एक ट्रांसपोर्टर से 30 हजार रुपये मांगने के आरोप लगे थे। इसके बाद उनके ड्राइवर को निलंबित किया गया और सीएसपी से तीन थानों का प्रभार वापस ले लिया गया। वहीं कुठला थाने के हत्या मामले में समय पर चालान पेश नहीं होने के कारण मुख्य आरोपी को डिफॉल्ट जमानत मिलने पर भी वरिष्ठ अधिकारियों ने नाराजगी जताई थी। अपना प्रशासनिक कार्यक्षेत्र कम किए जाने के खिलाफ एसपी ने कटनी एसपी के विरुद्ध हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन उन्हें वहां से भी राहत नहीं मिली।
कटनी में सामने आए इस मामले को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गंभीरता से लिया है। सीएम ऑफिस ने आज ही इस मामले पर कार्रवाई की जानकारी देते हुए मुख्य सचिव को संबंधित एसपी के विरुद्ध तत्काल निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही, दबाव या पद के दुरुपयोग को स्वीकार नहीं किया जाएगा। सीएम ऑफिस के मुताबिक मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। एफआईआर के बाद अब पुलिस की जांच के साथ मुख्यमंत्री के निर्देश पर विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई तेज होने की संभावना है।