

Morena District Hospital News : मुरैना जिला अस्पताल के नए भवन में मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे बड़ा हादसा हो गया। उज्ज्वला बच्चा वार्ड के कमरा नंबर 34 में अचानक छत की सीलिंग भरभराकर नीचे गिर गई। हादसे के वक्त वार्ड में प्रसूताएं और उनके परिजन सो रहे थे। सीलिंग और लोहे की एंगल की चपेट में आने से 31 वर्षीय रवीना के सिर में गंभीर चोट लगी। उसके सिर से काफी खून बहने लगा।
बताया जा रहा है कि पहले सीलिंग का कुछ हिस्सा नीचे गिरा। इसके बाद देखते ही देखते करीब आधी सीलिंग भरभराकर जमीन पर आ गिरी। सीलिंग के टुकड़े और लोहे की एंगल सीधे रवीना के सिर पर जा गिरे। अचानक हुए हादसे से वार्ड में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। प्रसूताओं के परिजन उन्हें तत्काल वार्ड से बाहर निकालकर दूसरे कमरों में ले गए।
रवीना अपनी भाभी के प्रसव के लिए मुरैना जिला अस्पताल आई थी। उसकी भाभी इसी वार्ड में भर्ती थी। हादसे के समय वह खुद भी वार्ड में मौजूद थी। सीलिंग गिरने से घायल होने के बाद उसके सिर से लगातार खून बहता रहा। वहीं उसकी भाभी प्रसूता होने के कारण उस वक्त उसकी मदद करने की स्थिति में नहीं थी।
हादसे के बाद दूसरे कमरों में सभी प्रसूताओं के लिए तत्काल पलंग उपलब्ध नहीं हो सके। ऐसे में कुछ परिजन कमरा नंबर 34 से ही पलंग खींचकर दूसरी जगह ले गए। वार्ड में बिखरी सीलिंग और लोहे की एंगल के बीच मरीजों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की कोशिश की गई।
घायल रवीना के मुताबिक डॉक्टर ने उसके सिर में चार से पांच टांके लगाने की बात कही थी। हालांकि उसने ब्लड प्रेशर की समस्या का हवाला देते हुए टांके लगवाने से मना कर दिया। इसके बाद उसकी मरहम-पट्टी की गई। रवीना को इलाज के लिए पुराने भवन की ओर जाना पड़ा। इस दौरान उसके सिर से बहा खून अस्पताल के फर्श और बाहर सड़क तक दिखाई दिया।
हादसे के बाद जिला अस्पताल के नए भवन की निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि करीब 60 करोड़ रुपये की लागत से चार साल पहले बने पांच मंजिला भवन में पहले भी सीलिंग गिरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। अस्पताल के कुछ वार्डों में सीलिंग के हिस्से अभी भी कमजोर या लटके हुए बताए जा रहे हैं।
अस्पताल भवन को लेकर बारिश के दौरान दीवारों और छतों से पानी रिसने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। कई जगह दीवारों में दरारें होने की बात कही जा रही है। अस्पताल की छत को आकर्षक बनाने के लिए लगाई गई सीलिंग के हिस्से पहले भी तीन से चार बार गिरने की बात सामने आई है।
जिला अस्पताल में हर समय मरीजों और उनके परिजनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में प्रसूति वार्ड में सो रही महिलाओं के बीच सीलिंग गिरने की घटना ने अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे के बाद अब यह सवाल भी उठ रहा है कि पहले की घटनाओं और शिकायतों के बावजूद कमजोर सीलिंग की मरम्मत या उसे हटाने के लिए समय रहते कदम क्यों नहीं उठाए गए।