ट्विशा शर्मा केस: सुप्रीम कोर्ट, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय और भोपाल जिला अदालत में सुनवाई

Twisha Sharma Case Hearing: ट्विशा शर्मा केस से जुड़े मामलों की सुप्रीम कोर्ट, MP हाई कोर्ट और भोपाल जिला अदालत में सुनवाई होनी है। HC में गिरीबाला की अग्रिम जमानत रद्द करने की याचिका पर सुनवाई होगी।
Twisha Sharma Death Case Update
ट्विशा शर्मा (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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Twisha Sharma Death Case Update: भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा डेथ केस ने अब देश की शीर्ष न्यायिक संस्थाओं तक हलचल मचा दी है। इस केस पर आज सुप्रीम कोर्ट, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट और भोपाल जिला अदालत में अलग-अलग स्तर पर सुनवाई होनी है। मामला अब जांच प्रक्रिया, पुलिस की भूमिका और संस्थागत निष्पक्षता जैसे गंभीर सवालों से जुड़ गया है।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने शनिवार को इस मामले पर स्वयं संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी किया था। सुप्रीम कोर्ट की बेंच इस केस में संस्थागत पक्षपात और जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सुनवाई करेगी। सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने भी चीफ जस्टिस से अनुमति मांगी थी कि इसे सुओ मोटो रिट पिटीशन (क्रिमिनल) के रूप में दर्ज किया जाए, ताकि संवेदनशील मामलों में निष्पक्ष जांच के लिए एक स्पष्ट प्रोटोकॉल तैयार किया जा सके। इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है।

MP हाई कोर्ट में सुनवाई

उधर, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में ट्विशा की सास रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह को भोपाल जिला अदालत से मिली अग्रिम जमानत को रद्द करने की मांग पर सुनवाई होनी है। यह याचिका मध्य प्रदेश शासन और ट्विशा के पिता की ओर से दायर की गई है। हालांकि, कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई को देखते हुए हाईकोर्ट की कार्यवाही फिलहाल टल भी सकती है।

भोपाल जिला अदालत में भी सुनवाई

भोपाल जिला अदालत में भी एक अहम सुनवाई होगी, जिसमें ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (12 मई से 20 मई तक) और भोपाल एम्स के सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने के आवेदन पर विचार किया जाएगा।

परिजनों ने लगाया है हत्या का आरोप

मामले में ट्विशा शर्मा परिवार के आरोपों और बचाव पक्ष के दावों के बीच स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। मायके पक्ष ने जहां हत्या का आरोप लगाया है, वहीं ससुराल पक्ष इसे आत्महत्या का मामला बता रहा है। अब सभी की नजरें सुप्रीम कोर्ट की आगे की कार्यवाही पर टिकी हैं, जो इस हाई-प्रोफाइल केस की दिशा तय कर सकती है।

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