<rss version="2.0" xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"><channel><title>यूटिलिटी</title><description></description><atom:link href="https://navbharatlive.com/api/v1/collections/utility-news.rss" rel="self" type="application/rss+xml"></atom:link><link>https://navbharatlive.com</link><language>hi-in</language><lastBuildDate>Thu, 24 Sep 2026 22:03:37 +0530</lastBuildDate><item><title>Cooking Oil Price: सोयाबीन-पाम से सूरजमुखी तक तेल पर घटा कस्टम्स ड्यूटी, आज से लागू होंगे नए रेट</title><link>https://navbharatlive.com/business/edible-oil-import-duty-cut-soybean-palm-sunflower-oil-pjs00</link><comments>https://navbharatlive.com/business/edible-oil-import-duty-cut-soybean-palm-sunflower-oil-pjs00#comments</comments><guid isPermaLink="false">a4cae7dc-5a69-4840-b045-fcef2433602e</guid><pubDate>Thu, 24 Sep 2026 07:04:03 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-24T07:04:03.150+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया जैस</atom:name><atom:uri>/api/author/2547964</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Business News,edible oil price</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/bzkmqd9t/edible-oil-price-rate.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ कुकिंग तेल]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ edible oil price rate]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/bzkmqd9t/edible-oil-price-rate.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>बिज़नेस</category><category>यूटिलिटी</category><category>देश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Edible Oil Price:</strong> त्योहारों के मौसम से पहले केंद्र सरकार ने खाने के तेल पर बड़ी राहत दी है। केंद्र सरकार ने कच्चे सोयाबीन तेल और कच्चे पाम तेल पर बेसिक कस्टम्स ड्यूटी (BCD) को कम कर दिया है। सरकार ने अब बेसिक कस्टम ड्यूटी 10% से घटाकर 5% और रिफाइंड सोयाबीन तेल और रिफाइंड पाम तेल पर 32.5% से घटाकर 27.5% कर दिया है। </p><p>इसके अलावा कच्चे सूरजमुखी तेल पर भी सरकार ने कस्टम्स ड्यूटी घटाते हुए BCD को 10% से घटाकर शून्य (Nil) कर दिया गया है, जबकि रिफाइंड <a href="https://navbharatlive.com/business/palm-and-palmolein-oil-prices-fall-due-to-high-prices-1103904.html">सूरजमुखी तेल</a> पर BCD को 32.5% से घटाकर 22.5% कर दिया गया है।</p><h3>आज से लागू होंगे नए रेट</h3><p>इन बदलावों को लागू करने के लिए 23 सितंबर, 2026 को नोटिफिकेशन नंबर 31/2026-कस्टम्स जारी किया गया है। ये बदलाव 24 सितंबर, 2026 से लागू हो रहे हैं।</p><figure><img alt="edible oil customs duty" src="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/yd5na05f/edible-oil-customs-duty.jpg" /><figcaption>कुकिंग तेल पर घटा कस्टम्स ड्यूटी</figcaption></figure><h3>चीनी डेकोर पेपर पर एंटी डंपिंग ड्यूटी बढ़ी</h3><p>इतना ही नहीं भारत ने चीनी डेकोर पेपर पर एंटी डंपिंग ड्यूटी भी बढ़ा दी है। अब चीन से आयात होने वाले डेकोर पेपर पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी की अवधि बढ़ाते हुए भारत सरकार ने घरेलू उद्योग को राहत दी है। वित्त मंत्रालय ने इस शुल्क को 26 मार्च 2027 तक जारी रखने का निर्णय लिया है, ताकि सस्ते आयात के कारण स्थानीय बाजार में पैदा होने वाले दबाव और रोजगार पर पड़ने वाले असर को कम किया जा सके। </p><p><a href="https://navbharatlive.com/business/epfo-interest-credit-update-government-transfer-money-to-member-account-soon-1805661.html">वित्त मंत्रालय</a> द्वारा जारी नोटिफिकेशन के तहत, यह एंटी-डंपिंग ड्यूटी पहले 26 दिसंबर 2026 तक लागू रहने वाली थी, लेकिन अब इसकी अवधि बढ़ाकर 26 मार्च 2027 तक कर दी गई है।</p><p>गौरतलब है कि दिसंबर 2021 में राजस्व विभाग ने चीन से आयात होने वाले डेकोर पेपर पर 110 डॉलर प्रति टन से 542 डॉलर प्रति टन तक की एंटी-डंपिंग ड्यूटी 5 सालों के लिए लगाई थी।</p><h3>सस्ते इम्पोर्ट से घरेलू प्रोड्यूसर्स का नुकसान</h3><p>एक नए नोटिफिकेशन में कहा गया है कि चीन से इम्पोर्ट या चीन को एक्सपोर्ट किए जाने वाले डेकोर पेपर पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी को मार्च 2027 तक बढ़ाया जा रहा है। यह फैसला कॉमर्स मिनिस्ट्री के तहत आने वाले डायरेक्टरेट जनरल ऑफ ट्रेड रेमेडीज (DGTR) की सिफारिश के बाद लिया गया है।</p><p>सरकार का मानना ​​है कि बहुत सस्ते इम्पोर्ट से घरेलू प्रोड्यूसर्स को नुकसान होता है, क्योंकि इससे लोकल मार्केट में कीमतें कम हो जाती हैं और घरेलू इंडस्ट्री की कॉम्पिटिटिवनेस पर बुरा असर पड़ता है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/business/bank-strike-september-2026-central-employees-salary-pension-25-september-ars24">Bank Strike: बैंक हड़ताल से पहले सरकार का बड़ा फैसला, 25 सितंबर को ही खाते में आएगी सैलरी-पेंशन</a></aside><h3>इन देशों के इम्पोर्ट पर बढ़ाई एंटी-डंपिंग ड्यूटी</h3><p>एक अलग नोटिफिकेशन में, फाइनेंस मिनिस्ट्री ने ईरान, ओमान, सऊदी अरब और यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) से इम्पोर्ट किए जाने वाले कैल्साइंड जिप्सम पाउडर पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी को 16 मार्च, 2027 तक बढ़ाने का ऐलान किया।</p><p>कैल्साइंड जिप्सम पाउडर को आम तौर पर प्लास्टर ऑफ पेरिस (PoP) के नाम से जाना जाता है और इसका इस्तेमाल कंस्ट्रक्शन, फार्मास्युटिकल और दूसरे इंडस्ट्रियल सेक्टर में बड़े पैमाने पर किया जाता है।</p><p>इसके अलावा, सरकार ने चीन से इम्पोर्ट किए जाने वाले नेचुरल माइका-बेस्ड पर्ल इंडस्ट्रियल पिगमेंट पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी को अगले साल 25 फरवरी तक बढ़ाने का फैसला किया है।</p><h3>एंटी-डंपिंग ड्यूटी कब लगता है?</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/business/india-imposed-anti-dumping-duty-on-these-four-cheap-products-of-china-1162378.html">एंटी-डंपिंग ड्यूटी</a> एक ट्रेड रेमेडी उपाय है जो तब लगाया जाता है जब कोई प्रोडक्ट घरेलू मार्केट में उसकी सामान्य कीमत से कम कीमत पर बेचा जाता है, जिससे लोकल इंडस्ट्री को नुकसान हो सकता है। इसका मकसद इम्पोर्ट पर पूरी तरह रोक लगाना नहीं, बल्कि अनुचित कीमत तय करने के तरीकों के असर को कम करना है।</p><p>डेकोर पेपर का इस्तेमाल मुख्य रूप से फ़र्नीचर और इंटीरियर डेकोरेशन इंडस्ट्री में किया जाता है। इसका इस्तेमाल डेकोरेटिव लैमिनेट्स, फर्नीचर, कैबिनेट, फ्लोरिंग और इंटीरियर डेकोरेशन के दूसरे प्रोडक्ट्स में बड़े पैमाने पर होता है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>ऋषिकेश में फिर शुरू हुआ गंगा राफ्टिंग का रोमांच, पर्यटकों के लिए जारी हुए नए नियम</title><link>https://navbharatlive.com/utility-news/rishikesh-river-rafting-season-kicks-off-new-rules-guidelines-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/utility-news/rishikesh-river-rafting-season-kicks-off-new-rules-guidelines-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">ae84a89e-6bd5-4d50-b3f9-ad39c2f6d86e</guid><pubDate>Wed, 23 Sep 2026 23:16:34 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-23T23:16:34.758+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Tourism News,Utility News,Uttarakhand,Uttarakhand Weather</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/olpl3s6g/rishikesh-river-rafting.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ ऋषिकेश रिवर राफ्टिंग]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Rishikesh River Rafting New Rules]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/olpl3s6g/rishikesh-river-rafting.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>यूटिलिटी</category><category>उत्तराखण्ड</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Rishikesh River Rafting New Rules:</strong> ऋषिकेश में मानसून सीजन की विदाई के बाद गंगा में रिवर राफ्टिंग का नया सीजन शुरू हो गया है। बुधवार 23 सितंबर 2026 से गंगा की लहरों पर पूजा अर्चना के साथ रंग बिरंगी राफ्टों का संचालन फिर से प्रारंभ कर दिया गया है। </p><p>इस साल एडवेंचर टूरिज्म को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए उत्तराखंड प्रशासन ने राफ्टिंग और क्याकिंग के लिए कई नए नियम लागू किए हैं। ऋषिकेश योग के साथ साथ अपनी विश्व प्रसिद्ध व्हाइट वॉटर राफ्टिंग और बीच कैंपिंग के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध माना जाता है।</p><h3>पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुआ राफ्टिंग सीजन</h3><p>ऋषिकेश में राफ्टिंग का नया सीजन शुरू होने के साथ ही गंगा में रंग-बिरंगी राफ्ट फिर दिखाई देने लगी हैं। मानसून के दौरान नदी का जलस्तर और तेज बहाव राफ्टिंग के लिए चुनौतीपूर्ण रहता है, इसलिए इस अवधि में गतिविधियां बंद रहती हैं।&nbsp;</p><p>मानसून के बाद जलस्तर और रैपिड्स की स्थिति का निरीक्षण करने के बाद संचालन शुरू किया जाता है। पर्यटन विभाग, साहसिक खेल विभाग और राफ्टिंग कारोबारियों की टीम ने हाल में गंगा के अलग-अलग हिस्सों का निरीक्षण किया था। अधिकारियों ने जलस्तर को राफ्टिंग के अनुकूल पाया था।</p><h3>ब्रह्मपुरी से मरीन ड्राइव तक राफ्टिंग रूट</h3><p>ऋषिकेश में पर्यटकों के लिए अलग-अलग दूरी के राफ्टिंग रूट उपलब्ध हैं। ब्रह्मपुरी से करीब 6 किलोमीटर और गोल्फ कोर्स से करीब 8 किलोमीटर के स्ट्रेच पर राफ्टिंग कराई जाती है।&nbsp;</p><p>वहीं शिवपुरी से करीब 18 किलोमीटर और मरीन ड्राइव से करीब 24 किलोमीटर तक के लंबे रूट भी लोकप्रिय हैं। जलस्तर और नदी की परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग रूट चरणबद्ध तरीके से खोले जाते हैं। इससे पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संचालन किया जाता है।</p><h3>लाइसेंस और गाइड को लेकर नए नियम</h3><p>इस सीजन में राफ्टिंग और कयाकिंग संचालन को लेकर लाइसेंस व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया है। पंजीकृत राफ्टिंग फर्मों को लाइसेंस वितरित किए गए हैं और करीब 700 रिवर गाइडों को प्रशिक्षण देने की योजना भी बताई गई है।</p><p>सुरक्षा नियमों के तहत राफ्टिंग में <a href="https://navbharatlive.com/uttar-pradesh/lucknow/up-government-to-train-450-participants-to-strengthen-meena-manch-sns03">प्रशिक्षित गाइड</a> की मौजूदगी जरूरी है। आधिकारिक नियमों में राफ्टिंग और कयाकिंग के दौरान हेलमेट पहनना अनिवार्य किया गया है। राफ्ट की क्षमता से अधिक लोगों को बैठाने की भी अनुमति नहीं है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/utility-news/fssai-action-amazon-swiggy-zepto-flipkart-bigbasket-non-compliance-pss06">Amazon, Swiggy और Flipkart पर FSSAI की बड़ी कार्रवाई, ऑनलाइन खाना मंगाने वाले जान लें वजह</a></aside><h3>लाइफ जैकेट और सुरक्षा उपकरण जरूरी</h3><p>राफ्टिंग के दौरान पर्यटकों की सुरक्षा के लिए प्रमाणित लाइफ जैकेट और हेलमेट जैसे सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल जरूरी है। आधिकारिक नियमों के अनुसार बिना हेलमेट राफ्टिंग या कयाकिंग की अनुमति नहीं है।</p><p>प्रशासन का उद्देश्य सुरक्षा मानकों को मजबूत करना और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राफ्टिंग संचालकों को तैयार रखना है। नए सीजन की शुरुआत के साथ ऋषिकेश में <a href="https://navbharatlive.com/viral/viral-paragliding-takeoff-video-sparks-debate-on-adventure-sports-safety-in-india-1843131.html">एडवेंचर टूरिज्म</a> से जुड़े कारोबार को भी गति मिलने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>Amazon, Swiggy और Flipkart पर FSSAI की बड़ी कार्रवाई, ऑनलाइन खाना मंगाने वाले जान लें वजह</title><link>https://navbharatlive.com/utility-news/fssai-action-amazon-swiggy-zepto-flipkart-bigbasket-non-compliance-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/utility-news/fssai-action-amazon-swiggy-zepto-flipkart-bigbasket-non-compliance-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">a8ca51e0-051b-4648-9b0b-234d2f184d66</guid><pubDate>Wed, 23 Sep 2026 22:57:59 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-23T22:57:59.224+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Utility News,Amazon,e-Commerce,Zepto,Swiggy Instamart,FSSAI,Grocery Stores,E-commerce websites,Flipkart</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/70yzp2l3/fssai-action-update.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ FSSAI का एक्शन]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ FSSAI Action Against E-Commerce]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/70yzp2l3/fssai-action-update.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>यूटिलिटी</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>FSSAI Action Against E-Commerce:</strong> देश में ऑनलाइन ग्रॉसरी और फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए एक बेहद बड़ी खबर सामने आई है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने देश की प्रमुख ई कॉमर्स और क्विक कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। </p><p>नियामक ने खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुपालन में गंभीर खामियां पाए जाने के बाद अमेजन, स्विगी, जेप्टो और फ्लिपकार्ट पर दंडात्मक कार्रवाई शुरू की है। FSSAI ने सोशल मीडिया के जरिए आम उपभोक्ताओं को जानकारी देते हुए बताया कि भ्रामक दावों और प्रतिबंधित खाद्य बिक्री पर यह कार्रवाई की गई है।</p><h3>Amazon, Swiggy Instamart, BigBasket, Flipkart और Zepto पर कार्रवाई</h3><p>FSSAI ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि उसने प्रमुख ई-कॉमर्स और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ बड़ा प्रवर्तन अभियान शुरू किया है। कार्रवाई के दायरे में Amazon, Swiggy Instamart, BigBasket, Flipkart India और Zepto शामिल हैं।</p><p>नियामक के अनुसार इन कंपनियों से जुड़े कुछ खाद्य उत्पादों की ऑनलाइन लिस्टिंग, जानकारी और दावों में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया। FSSAI ने कहा कि ऐसे मामलों में उपभोक्ताओं को उत्पाद की वास्तविक प्रकृति और गुणवत्ता को लेकर गलत जानकारी मिल सकती है।</p><h3>Happilo Date Bites से जुड़े भ्रामक दावे</h3><p>FSSAI ने बताया कि पांचों प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ Happilo Premium Date Bites - Zesty Orange से जुड़े भ्रामक दावों के मामले में दंडात्मक कार्रवाई शुरू की गई है।</p><p>इसके अलावा Swiggy Instamart और BigBasket पर Milky Mist के कुछ डेयरी उत्पादों से जुड़ी गैर-अनुपालन वाली प्रोडक्ट जानकारी और भ्रामक दावों को लेकर भी कार्रवाई की गई है। इनमें Milky Mist Fresh Low Fat Cream, Milky Mist Farm Fresh Curd और Milky Mist Greek Yoghurt शामिल हैं।</p><h3>ऑनलाइन प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर भी नजर</h3><p>FSSAI के मुताबिक Amazon Seller Services, Swiggy Instamart और BigBasket को Datura यानी Dhatura fruits/seeds की ऑनलाइन बिक्री, डिस्प्ले और बिक्री के लिए पेश किए जाने से जुड़े प्रावधानों का अनुपालन न करने वाला पाया गया।</p><p>नियामक ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई केवल खाद्य उत्पादों की बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/nagpur/indigo-online-services-technical-glitch-ticket-booking-web-check-in">ऑनलाइन प्लेटफॉर्म</a> पर उनकी जानकारी, डिस्प्ले और दावों की भी जांच की जा रही है। खाद्य सुरक्षा कानून के तहत गलत या भ्रामक जानकारी उपभोक्ताओं के लिए जोखिम पैदा कर सकती है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/business/lpg-cylinder-ekyc-mandatory-october-1-booking-rules-subsidy-status-step-by-step-maa19">LPG e-KYC: 1 अक्टूबर से नहीं बुक होगा सस्ता सिलेंडर! तुरंत कराएं ई-केवाईसी, जानें 3 आसान तरीके</a></aside><h3>पिछले छह महीनों में बढ़ी FSSAI की निगरानी</h3><p>FSSAI ने कहा है कि पिछले छह महीनों के दौरान उसने फूड बिजनेस ऑपरेटर्स यानी FBOs और <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/mumbai/ed-uncovers-parimatch-betting-racket-cod-money-laundering-rgs12">ई-कॉमर्स कंपनियों</a> के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई तेज की है। नियामक इन कार्रवाइयों की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से उपभोक्ताओं तक भी पहुंचा रहा है।</p><p>इससे पहले FSSAI ने ऑनलाइन फूड और ग्रॉसरी प्लेटफॉर्म्स को खाद्य सुरक्षा और हाइजीन नियमों का सख्ती से पालन करने की चेतावनी दी थी। नियामक ने यह भी स्पष्ट किया है कि उपभोक्ता ऑनलाइन फूड डिलीवरी और पैकेज्ड फूड से जुड़ी शिकायतें फ़ूड सेफ्टी कनेक्ट के जरिए दर्ज करा सकते हैं।</p>]]></content:encoded></item><item><title>LPG e-KYC: 1 अक्टूबर से नहीं बुक होगा सस्ता सिलेंडर! तुरंत कराएं ई-केवाईसी, जानें 3 आसान तरीके</title><link>https://navbharatlive.com/business/lpg-cylinder-ekyc-mandatory-october-1-booking-rules-subsidy-status-step-by-step-maa19</link><comments>https://navbharatlive.com/business/lpg-cylinder-ekyc-mandatory-october-1-booking-rules-subsidy-status-step-by-step-maa19#comments</comments><guid isPermaLink="false">28756404-697f-4e13-a6f4-6d9aaa0d5296</guid><pubDate>Wed, 23 Sep 2026 17:08:37 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-23T17:08:37.079+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>मनोज आर्या</atom:name><atom:uri>/api/author/2547982</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Utility News,Business News,LPG</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/v9a22j4d/lpg-cylinder.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ एलपीजी सिलेंडर]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ lpg cylinder e-kyc last date ]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/v9a22j4d/lpg-cylinder.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>बिज़नेस</category><category>यूटिलिटी</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>LPG e-KYC Deadline 1 October:</strong> अगले महीने की पहली तारीख यानी कि एक अक्टूबर से एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के लिए उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल, बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन की अनिवार्यता से भारी संख्या में उपभोक्ता प्रभावित हो सकते हैं। </p><p>इन ग्राहकों ने अभी तक ई-केवाईसी नहीं करवाई है, ऐसे में अगर एक अक्टूबर तक ई-केवाईसी नहीं होती है तो इनकी रिफिल बुकिंग ब्लॉक हो जाएगी।</p><h3>3.16 करोड़ वेरिफिकेशन अभी भी बाकी</h3><p>आपको बताते चलें कि देशभर में 27.43 करोड़ ग्राहक ई-केवाईसी करवा चुके हैं, जबकि 3.16 करोड़ का वेरिफिकेशन अभी भी बाकी है। ई-केवाईसी नहीं होने पर सब्सिडी वाले सिलेंडर की बुकिंग बंद हो जाएगी। उपभोक्ता को कंपनी के पोर्टल पर घोषणा करके बिना किसी सब्सिडी के बाजार दर पर 5 या 10 किग्रा का सिलेंडर ही खरीदना पड़ेगा।</p><h3>बिना ई-केवाईसी के 25 हजार उपभोक्ता </h3><p>गौरतलब है कि देशभर में एलपीजी के करोड़ों उपभोक्ता हैं, इनमें 10 फीसदी उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी बाकी है। एलपीजी डिस्ट्रिब्यूटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष अरविंद गुप्ता ने बताया कि कोटा में 25 हजार उपभोक्ता बिना ई-केवाईसी के हैं। अगर ये नहीं कराते हैं तो इन्हें सब्सिडी वाला सिलेंडर मिलना बंद हो जाएगा।</p><h3>ब्लॉक होंगे बिना ई-केवाईसी वाले कनेक्शन</h3><p>सरकार की ओर से लगातार गैस कनेक्शन उपभोक्ताओं से कहा जा रहा है कि वह अपने कनेक्शन की ई-केवाईसी करा लें। मगर गैस कनेक्शन उपभोक्ता ऐसे में जिनकी मुसीबत अब बढ़ने वाली है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि 30 सितंबर के बाद बिना ई-केवाईसी वाले कनेक्शन ब्लॉक कर दिए जाएंगे और सब्सिडी भी रोक दी जाएगी।</p><h3>फर्जी कनेक्शन रोकने के लिए सख्त कदम</h3><p>आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के मुताबिक,<a href="https://navbharatlive.com/utility-news/lpg-price-today-commercial-cylinder-rate-cut-1832439.html"> </a><strong><a href="https://navbharatlive.com/utility-news/lpg-price-today-commercial-cylinder-rate-cut-1832439.html">एलपीजी सिलेंडर</a></strong> के फर्जी कनेक्शन रोकने और डीबीटी के माध्यम से सब्सिडी का पैसा सीधे खाते में भेजने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य की है।   गैस एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर लाभार्थी का आधार सत्यापन कर बायोमेट्रिक से ई-केवाईसी करें। तमाम परिवार उधार के सिलिंडर से चला रहे काम चला रहे हैं।</p><h3>केवाईसी न कराने के नुकसान</h3><ul><li><p><strong>सब्सिडी का नुकसान:</strong> बैंक खाते में <strong><a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/wardha/nagpur-high-court-lpg-distributors-association-digital-booking-petition-1680101.html">एलपीजी सब्सिडी</a></strong> की राशि आना बंद हो जाएगी।</p></li><li><p><strong>महंगा सिलेंडर:</strong> एलपीजी कनेक्शन नॉन-केवाईसी श्रेणी में चला जाएगा, जिससे बिना सब्सिडी वाली कमर्शियल या बाजार दर पर सिलेंडर खरीदना पड़ेगा।</p></li></ul><h3>एलपीजी e-KYC के 3 आसान तरीके</h3><p><strong>1. मोबाइल ऐप और Aadhaar FaceRD से घर बैठे ऑथेंटिकेशन</strong></p><ul><li><p>Google Play Store से अपनी गैस एजेंसी का आधिकारिक ऐप (जैसे Indane का IndianOil One, HPGas या Bharatgas) और UIDAI का Aadhaar FaceRD ऐप डाउनलोड करें।</p></li><li><p>गैस कनेक्शन में दर्ज रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से ऐप में लॉगिन करें।</p></li><li><p>ऐप मेन्यू में 'Profile' या 'Services' सेक्शन में जाकर Aadhaar e-KYC या Biometric Authentication पर टैप करें।</p></li><li><p>कैमरा ओपन होने पर चेहरे को पर्याप्त रोशनी में रखें और दिए गए निर्देशों के अनुसार पलकें झपकाएं।</p></li><li><p>वेरिफिकेशन के बाद मोबाइल पर आए ओटीपी (OTP) को दर्ज कर प्रक्रिया पूरी करें।</p></li></ul><h3>2. mylpg.in पोर्टल से ऑनलाइन ऑथेंटिकेशन</h3><ul><li><p>सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल mylpg.in खोलें।</p></li><li><p>फिर दाईं तरफ दिख रहे इंडेन, भारत गैस या एचपी गैस के सिलेंडरों में से अपनी कंपनी का चयन करें।</p></li><li><p>उसके बाद कंज्यूमर नंबर और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज कर अकाउंट में लॉगिन करें।</p></li><li><p>डैशबोर्ड में Biometric Authentication या e-KYC विकल्प पर जाएं।</p></li><li><p>मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें, अपनी आधार जानकारी जांचें और फाइनल सबमिट करें।</p></li></ul><h3>3. सिलेंडर लेते समय बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन</h3><ul><li><p>ऑनलाइन या ऐप से ऑथेंटिकेशन न कर पाने की स्थिति में कहीं जाने की आवश्यकता नहीं है।</p></li><li><p>जब रिफिल सिलेंडर की डिलीवरी घर आए, तो डिलीवरी बॉय से बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के लिए कहें।</p></li><li><p>डिलीवरी बॉय के पास उपलब्ध POS मशीन या आधिकारिक ऐप से फिंगरप्रिंट अथवा फेस-स्कैन कराकर ऑथेंटिकेशन तुरंत पूरा किया जा सकता है।</p></li></ul><aside><a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/pune/lpg-e-kyc-fraud-cyber-crime-pune-news-warning-1930-helpline-vsj23">LPG e-KYC के नाम पर नया साइबर फ्रॉड, कनेक्शन बंद करने की धमकी देकर OTP मांग रहे ठग</a></aside><p>पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से पेश किए गए आंकड़ों पर नजर डालें, तो शनिवार 19 सितंबर तक देश के 27.43 करोड़ सक्रिय घरेलू LPG उपभोक्ताओं बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन पूरा कर लिया था। ये आंकड़ा कुल एलपीजी यूजर्स का करीब 89.9 फीसदी है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>28-30 सितंबर तक बैंक हड़ताल, ग्राहकों को राहत, 27 सितंबर रविवार को खुले रहेंगे सभी सरकारी बैंक</title><link>https://navbharatlive.com/india/bank-strike-banks-open-sunday-september-27-rbi-govt-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/india/bank-strike-banks-open-sunday-september-27-rbi-govt-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">2fa5a0af-455f-4ac8-8e9f-aed6ba731629</guid><pubDate>Wed, 23 Sep 2026 15:42:25 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-23T15:42:25.669+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>World News,Ministry of Finance,Reserve Bank of India,Employees Protest</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/wui74c9e/bank-strike.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ बैंक स्ट्राइक ]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Bank Strike In India 2026]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/wui74c9e/bank-strike.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>देश</category><category>यूटिलिटी</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Bank Strike In India 2026:</strong> देश भर के बैंक कर्मचारियों की आगामी तीन दिवसीय हड़ताल के चलते बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। 28 से 30 सितंबर 2026 तक बुलाई गई इस देशव्यापी हड़ताल को ध्यान में रखते हुए सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है।&nbsp;</p><p>वित्त मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक ने रविवार 27 सितंबर को देश के सभी सरकारी बैंकों को सामान्य रूप से खुला रखने का निर्देश दिया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वीकेंड की छुट्टी और हड़ताल के कारण आम नागरिकों को लगातार पांच दिनों तक परेशानी न झेलनी पड़े।</p><h3>रविवार को बैंक खोलने का फैसला क्यों लिया गया</h3><p>28 से 30 सितंबर तक यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस यानी UFBU ने देशव्यापी बैंक हड़ताल का आह्वान किया है। इससे पहले 26 सितंबर को चौथे शनिवार और 27 सितंबर को रविवार का अवकाश है। ऐसे में लगातार पांच दिनों तक बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ सकता था।</p><p>ग्राहकों को लंबे समय तक परेशानी से बचाने के लिए वित्त मंत्रालय ने 27 सितंबर को पब्लिक सेक्टर बैंकों और रीजनल रूरल बैंकों को सामान्य रूप से संचालित करने का फैसला किया है। RBI ने भी इस दिन शाखाओं, कार्यालयों, ATM-लिंक्ड शाखाओं और करेंसी चेस्ट को खोलने की मंजूरी दी है।</p><h3>बैंक कर्मचारियों की क्या हैं मांगें</h3><p>UFBU के अनुसार, हड़ताल की प्रमुख मांगों में हफ्ते में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करना शामिल है। UFBU करीब 90 प्रतिशत बैंकिंग वर्कफोर्स का प्रतिनिधित्व करने का दावा करता है। सरकार के मुताबिक, परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव यानी PLI से जुड़ी एक प्रमुख मांग को फिलहाल रोक दिया गया है, जबकि पांच दिन की बैंकिंग का मुद्दा अभी विचाराधीन है।</p><p>यूनियनों की ओर से पेंशन अपडेशन, महंगाई भत्ते से जुड़े सुधार और NPS के तहत आने वाले कर्मचारियों को OPS का विकल्प देने जैसी मांगें भी उठाई गई हैं। 22 सितंबर को हुई सुलह बैठक के बाद भी हड़ताल का आह्वान वापस नहीं लिया गया है। सरकार ने यूनियनों से हड़ताल टालकर बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।</p><h3>30 सितंबर को हाफ इयरली क्लोजिंग भी</h3><p>तीन दिवसीय हड़ताल का समय <a href="https://navbharatlive.com/business/big-move-by-rbi-on-indian-banks-direct-impact-on-customers-1816711.html">बैंकिंग सिस्टम</a> के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 30 सितंबर को हाफ इयरली क्लोजिंग होती है। यह तारीख अकाउंट्स रीकंसिलिएशन, प्रोविजनिंग, ट्रेजरी और मार्केट ऑपरेशंस के लिहाज से अहम होती है।</p><p>हड़ताल होने की स्थिति में शाखाओं से जुड़े कई काम प्रभावित हो सकते हैं। इनमें कैश जमा या निकासी, चेक से जुड़े काम, दस्तावेज जमा करना और अन्य कर्मचारी-आधारित बैंकिंग सेवाएं शामिल हैं। हालांकि ATM, UPI, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं उपलब्ध रहने की उम्मीद है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/india/bank-strike-2026-september-28-30-five-day-banking-week-impact-pjs00">Bank Strike: 28 सितंबर से देशभर में 3 दिन की बैंक हड़ताल, पहले निपटा लें ये काम; सरकार ने बुलाई अहम बैठक</a></aside><h3>ग्राहकों के लिए क्या है सलाह</h3><p>SBI समेत कई बैंकों ने ग्राहकों को जरूरी शाखा संबंधी काम पहले निपटाने की सलाह दी है। जिन लोगों को कैश, चेक या किसी दस्तावेज से जुड़ा जरूरी काम है, वे 27 सितंबर को बैंक खुलने का लाभ उठा सकते हैं।</p><p>वहीं, 28 से 30 सितंबर के दौरान सामान्य लेनदेन के लिए ग्राहक ATM, UPI, <a href="https://navbharatlive.com/india/bank-strike-today-11-september-2026-5-day-work-week-ufbu-pjs00">इंटरनेट बैंकिंग</a> और मोबाइल बैंकिंग जैसे डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर सकते हैं। बैंकिंग सेवाओं में संभावित व्यवधान को देखते हुए जरूरी काम आखिरी समय तक टालने से बचना बेहतर रहेगा।</p>]]></content:encoded></item><item><title>Bank Strike: 28 सितंबर से देशभर में 3 दिन की बैंक हड़ताल, पहले निपटा लें ये काम; सरकार ने बुलाई अहम बैठक</title><link>https://navbharatlive.com/india/bank-strike-2026-september-28-30-five-day-banking-week-impact-pjs00</link><comments>https://navbharatlive.com/india/bank-strike-2026-september-28-30-five-day-banking-week-impact-pjs00#comments</comments><guid isPermaLink="false">5a30f5eb-c93a-470c-bd59-d4f1cf2a646e</guid><pubDate>Wed, 23 Sep 2026 09:12:21 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-23T09:12:21.961+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया जैस</atom:name><atom:uri>/api/author/2547964</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Ministry of Finance,Utility News,Business News,Strike</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/5hcbw4wx/3-days-bank-strike.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ बैंक]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ UFBU 3 days bank strike]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/5hcbw4wx/3-days-bank-strike.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>देश</category><category>बिज़नेस</category><category>यूटिलिटी</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Three-Day Nationwide Bank Strike Services Impact:</strong> बैंक यूनियन ने 28 सितंबर से 3 दिन की देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। देशभर में तीन दिन के लिए बैंक के कामकाज बंद हो जाएंगे। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने कहा है कि वे 28 सितंबर से शुरू होने वाली तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल पर आगे बढ़ेंगे। </p><p>ऐसा इसलिए क्योंकि मंगलवार को डिप्टी चीफ लेबर कमिश्नर के सामने हुई सुलह बैठक बेनतीजा रही। इस हड़ताल का आह्वान <a href="https://navbharatlive.com/career/bank-of-india-recruitment-2026-205-specialist-officer-posts-apply-online-september-25-hrt23">यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस</a> (UFBU) ने किया है, जोकि 7 बैंक कर्मचारी और अधिकारी यूनियनों का संयुक्त संगठन है।</p><h3>बैंक यूनियनों की मुख्य मांग</h3><p>यूनियनों ने कई मांगें रखी हैं, जिनमें पांच दिन का बैंकिंग सप्ताह लागू करना एक मुख्य मुद्दा बनकर उभरा है। पांच दिन के काम के सप्ताह के अलावा, यूनियनें पेंशन लाभों में सुधार, पेंशनभोगियों के लिए एक समान महंगाई भत्ता (DA) फॉर्मूला लागू करने और नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना में स्विच करने का विकल्प चाहती हैं। UFBU का दावा है कि वह देश के लगभग 90 प्रतिशत बैंकिंग कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है।</p><figure><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr"> NOW OR NEVER! <br><br>No positive response. No 5-Day Banking yet.<br><br>✊ 28th • 29th • 30th SEPTEMBER — 3 DAYS STRIKE!<br><br>This is not the time to stay silent or sit back. This is the time to STAND UNITED, STAND STRONG &amp; STAND TOGETHER!<br><br> Every member. Every cadre. Every branch.<br>… <a href="https://t.co/Xvan2HOiCa">pic.twitter.com/Xvan2HOiCa</a></p>&mdash; United Forum Of Bank Unions (@UFBUPUNE) <a href="https://x.com/UFBUPUNE/status/2102366422345384246?ref_src=twsrc%5Etfw">September 22, 2026</a></blockquote>
<script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>

</figure><h3>11 सितंबर को भी देशव्यापी हड़ताल</h3><p>UFBU ने इसी मांग को लेकर पहले भी 11 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल की थी। पिछली हड़ताल से देश भर की बैंक शाखाओं में काउंटर सर्विस, कैश ट्रांजैक्शन और चेक क्लियरिंग पर असर पड़ा था।</p><p>मुंबई में बैंकिंग कामकाज तो सामान्य रहा, लेकिन मध्य प्रदेश, गोवा, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों से कामकाज में रुकावट की खबरें आईं। इसका असर खासकर छोटे शहरों और कस्बों में ज्यादा दिखा।</p><h3>वित्त मंत्रालय ने बैठक बुलाई</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/business/union-budget-2027-28-preparations-begin-pre-budget-meetings-from-october-12">वित्त मंत्रालय</a> ने हड़ताल से पहले बैंकों के साथ बातचीत करने की पहल की है। मंत्रालय ने 28 सितंबर से शुरू होने वाली तीन दिन की देशव्यापी बैंक हड़ताल के लिए तैयारियों और आपातकालीन योजनाओं की समीक्षा करने के मकसद से सोमवार को पब्लिक सेक्टर बैंकों (PSBs), रीजनल रूरल बैंकों (RRBs), इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और नाबार्ड (NABARD) के प्रमुख अधिकारियों के साथ एक बैठक बुलाई है।</p><p>डिपार्टमेंट ऑफ़ फाइनेंशियल सर्विसेज (DFS) के सेक्रेटरी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में मुख्य रूप से हड़ताल के दौरान बैंकिंग सेवाओं को जारी रखने और ग्राहकों के लिए जरूरी सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उपायों पर चर्चा होने की उम्मीद है। अधिकारी कामकाज में रुकावट को कम करने के लिए आपातकालीन इंतजामों पर भी चर्चा कर सकते हैं।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/business/gold-price-today-23-september-2026-22k-24k-gold-rate-silver-price-india-kns18">Gold-Silver Price Today: सोने की कीमत में मामूली गिरावट, 22K-24K दोनों सस्ते; जानें दिल्ली से चेन्नई तक के रेट</a></aside><p>यह बात इसलिए भी अहम है क्योंकि प्रस्तावित हड़ताल बैंकों के छमाही क्लोजिंग पीरियड के दौरान हो रही है। इस हड़ताल का ग्राहकों पर बड़ा असर पड़ सकता है, क्योंकि 26 और 27 सितंबर को वीकेंड है। नतीजतन, 26 सितंबर से 30 सितंबर तक लगातार पांच दिनों तक ब्रांच का कामकाज प्रभावित हो सकता है।</p><h3>इन सेवाओं पर पड़ेगा असर</h3><p>इससे चेक प्रोसेसिंग, कैश ट्रांजैक्शन और ब्रांच पर निर्भर अन्य सेवाओं को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। यूनियनों ने 26 अगस्त को हड़ताल का नोटिस दिया था। इसके बाद, यूनियन प्रतिनिधियों, IBA और सरकारी अधिकारियों के बीच सुलह-सफाई की बैठकें हुईं। हालांकि, 5 दिन के बैंकिंग सप्ताह की मांग को लेकर हुई बातचीत से कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया।</p>]]></content:encoded></item><item><title>ट्रेन की महिला बोगी में पुरुषों की नो एंट्री, अब लगेगा ज्यादा फाइन, ट्रांसजेंडर के लिए जाने नियम</title><link>https://navbharatlive.com/utility-news/railway-rules-fine-men-women-coach-transgender-rules-indian-railway-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/utility-news/railway-rules-fine-men-women-coach-transgender-rules-indian-railway-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">9907e448-53df-47be-a3df-2bad46aec41d</guid><pubDate>Tue, 22 Sep 2026 23:12:53 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-22T23:12:53.674+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Indian Railway,Transgenders,Indian Passengers</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-22/zpyrewul/railway-rules.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ भारतीय रेलवे नियम]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Railway Rules Fine]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-22/zpyrewul/railway-rules.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>यूटिलिटी</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Railway Rules For Women Coach:</strong> भारतीय रेलवे में यात्रा करने वाली महिला यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए ट्रेन में आरक्षित महिला कोच की विशेष व्यवस्था की गई है। अक्सर देखा जाता है कि कई रेलवे स्टेशनों पर पुरुष यात्री बिना अनुमति या जानबूझकर महिला आरक्षित डिब्बे में सवार हो जाते हैं।</p><p>रेलवे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा कर स्पष्ट किया है कि आरक्षित महिला कोच में पुरुषों का प्रवेश नियमों का उल्लंघन है। ऐसे अनाधिकृत रूप से चढ़ने वाले यात्रियों के खिलाफ भारतीय रेलवे की चेकिंग टीमों द्वारा तुरंत दंडात्मक कार्रवाई और भारी जुर्माना लगाया जाएगा।</p><h3>महिला कोच में अवैध प्रवेश पर 2500 रुपये की पेनल्टी</h3><p>रेलवे कानून के संशोधित सेक्शन 162 के अनुसार, महिला यात्रियों के लिए आरक्षित कोच या बर्थ में प्रवेश करने या वहां बने रहने वाले पुरुष यात्री पर 2500 रुपये की पेनल्टी लग सकती है। पहले इस तरह के उल्लंघन पर जुर्माने की राशि कम थी, लेकिन 2026 में किए गए संशोधन के बाद इसे बढ़ाया गया है।</p><p>अगर यात्री मौके पर निर्धारित पेनल्टी का भुगतान नहीं करता है तो रेलवे कर्मचारी मामले को आगे कानूनी प्रक्रिया के लिए भेज सकते हैं। ऐसी स्थिति में अदालत 5000 रुपये तक का जुर्माना लगा सकती है। यानी महिला कोच में अनधिकृत प्रवेश अब यात्रियों की जेब पर पहले की तुलना में ज्यादा भारी पड़ सकता है।</p><h3>रेलवे स्टाफ कर सकता है यात्री को कोच से बाहर</h3><p>नए प्रावधानों में केवल आर्थिक दंड ही नहीं, बल्कि <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/mumbai/tejasvee-ghosalkar-demands-reserved-mumbai-local-coaches-for-gen-z-gen-alpha">आरक्षित कोच</a> से अनधिकृत यात्री को हटाने का भी प्रावधान है। इसलिए ट्रेन में चढ़ते समय यात्रियों को कोच के बाहर लगे संकेत, कोच नंबर और आरक्षण संबंधी जानकारी ध्यान से देखनी चाहिए।</p><p>रेलवे की ओर से लागू किए गए इन बदलावों का उद्देश्य आरक्षित सुविधाओं के गलत इस्तेमाल को रोकना और महिला यात्रियों के लिए उपलब्ध विशेष व्यवस्था को बनाए रखना है। संशोधित प्रावधान 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हुए हैं।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/utility-news/igl-cng-hydro-test-rules-certificate-peso-verification-pss06">बिना सर्टिफिकेट नहीं मिलेगी CNG, IGL ने बदले नियम, गैस भरवाने से पहले जान लें ये जरूरी बातें</a></aside><h3>ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए क्या है नियम?</h3><p>महिला आरक्षित कोच से जुड़े संशोधित सेक्शन 162 में <a href="https://navbharatlive.com/entertainment/abhay-verma-birthday-special-struggle-transgender-role-1890757.html">ट्रांसजेंडर व्यक्तियों</a> को इस प्रावधान के तहत कार्यवाही से अलग रखा गया है। इसलिए महिला कोच में प्रवेश से जुड़े नियमों की जानकारी देते समय ट्रांसजेंडर यात्रियों पर लागू कानूनी प्रावधानों को अलग से समझना जरूरी है।</p><p>इस संशोधन के साथ रेलवे के कई अन्य नियमों में भी जुर्माने की राशि बढ़ाई गई है। बिना वैध टिकट या पास यात्रा करने पर अब किराए के साथ अतिरिक्त शुल्क देना होगा, जिसमें न्यूनतम 500 रुपये की पेनल्टी का प्रावधान है।</p><p>रेलवे सुविधाओं के दुरुपयोग और ट्रेन की छत, सीढ़ियों या इंजन पर यात्रा जैसे मामलों में भी आर्थिक दंड बढ़ाया गया है। रेल यात्रा के दौरान यात्रियों को अपने टिकट, कोच और आरक्षण से जुड़े नियमों का पालन करना चाहिए। </p><p>खास तौर पर महिला यात्रियों के लिए आरक्षित कोच में बिना अनुमति प्रवेश करने से बचना जरूरी है, क्योंकि नियमों के उल्लंघन पर तत्काल पेनल्टी और भुगतान न करने की स्थिति में अदालत की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>बिना सर्टिफिकेट नहीं मिलेगी CNG, IGL ने बदले नियम, गैस भरवाने से पहले जान लें ये जरूरी बातें</title><link>https://navbharatlive.com/utility-news/igl-cng-hydro-test-rules-certificate-peso-verification-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/utility-news/igl-cng-hydro-test-rules-certificate-peso-verification-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">8c4b4799-0721-4b02-bcdc-1f4c64cfcd1c</guid><pubDate>Tue, 22 Sep 2026 22:53:06 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-22T22:53:06.492+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Utility News,AI,Commercial Gas Cylinder,Petrol Pump,Delhi-NCR,CNG</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-22/ygb7ee5n/cng-hydro-test.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ CNG गैस]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ IGL CNG Hydro Test Rules]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-22/ygb7ee5n/cng-hydro-test.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>यूटिलिटी</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>IGL CNG Hydro Test Rules:</strong> इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड यानी IGL ने CNG चालकों के लिए नियमों को काफी सख्त कर दिया है। हाल ही में दिल्ली के CNG पंप पर हुए हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए यह फैसला लिया गया है। </p><p>कंपनी ने स्पष्ट किया है कि जब तक CNG सिलेंडर का वैध हाइड्रो टेस्ट सर्टिफिकेट नहीं दिखाया जाएगा, तब तक CNG नहीं भरी जाएगी। IGL ने अपने 10 CNG स्टेशनों पर ऑटोमैटेड वाहन पहचान और वेरिफिकेशन प्रणाली शुरू की है, जिससे फर्जीवाड़े पर तुरंत रोक लग सके।</p><h3>हाइड्रो टेस्ट सर्टिफिकेट अनिवार्य, बिना सर्टिफिकेट नहीं मिलेगी CNG</h3><p>IGL ने CNG पंपों पर सुरक्षा नियमों को सख्त करते हुए ‘नो सर्टिफिकेट, नो CNG’ व्यवस्था लागू की है। इसके तहत CNG भरवाने से पहले वाहन के सिलेंडर का वैध हाइड्रो टेस्ट सर्टिफिकेट दिखाना जरूरी होगा। कंपनी की ओर से चालकों को सलाह दी गई है कि वे अपने वाहन में CNG सिलेंडर का वैध परीक्षण प्रमाणपत्र रखें और जांच के दौरान पंप कर्मचारियों को उपलब्ध कराएं।&nbsp;</p><p>केवल सिलेंडर पर लगी टेस्ट प्लेट पर्याप्त नहीं मानी जाएगी, बल्कि वैध प्रमाणपत्र भी जरूरी होगा। इस कदम का उद्देश्य ऐसे वाहनों में CNG भरने से रोकना है, जिनके सिलेंडर का सुरक्षा परीक्षण पूरा नहीं हुआ है या जिसकी परीक्षण अवधि समाप्त हो चुकी है। IGL ने CNG उपभोक्ताओं से समय पर सिलेंडर की जांच कराने की अपील की है।</p><h3>कैमरे और डिजिटल रिकॉर्ड से होगी सिलेंडर की जांच</h3><p>IGL की सुरक्षा व्यवस्था में वाहन और सिलेंडर की जानकारी की जांच पर जोर दिया जा रहा है। कंपनी के मुताबिक, CNG सिलेंडर की वैधता और <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/amravati/amravati-birth-death-certificate-sms-download-online-asl01">परीक्षण प्रमाणपत्र</a> की जानकारी अधिकृत रिकॉर्ड के आधार पर जांची जाती है।</p><p>पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन यानी पेसो से अधिकृत हाइड्रो टेस्टिंग सेंटरों की सूची भी IGL उपलब्ध कराता है। दिल्ली-NCR में कई अधिकृत केंद्रों पर CNG सिलेंडर की जांच कराई जा सकती है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/utility-news/delhi-bus-saheli-pink-card-mandatory-october-1-2026-pss06">दिल्ली बसों में 1 अक्टूबर से बिना पिंक कार्ड के सफर नहीं कर सकेंगी महिलाएं, ऐसे करें पिंक कार्ड के लिए अप्लाई</a></aside><h3>हर 3 साल में हाइड्रो टेस्ट जरूरी</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/automobile/cng-car-buyers-swift-dzire-and-baleno-automatic-transmission-srs13">CNG सिलेंडर</a> की सुरक्षा के लिए समय-समय पर हाइड्रो टेस्ट कराया जाता है। IGL की सुरक्षा जानकारी के अनुसार, वाहन में लगे CNG सिलेंडर की परीक्षण अवधि 3 साल है। समय सीमा पूरी होने पर सिलेंडर का दोबारा परीक्षण कराना जरूरी है।</p><p>हाइड्रो टेस्ट में सिलेंडर की मजबूती और दबाव सहने की क्षमता की जांच की जाती है। CNG बहुत अधिक दबाव पर भरी जाती है, इसलिए सिलेंडर की नियमित जांच सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है।</p><p>यदि आपके वाहन के CNG सिलेंडर की हाइड्रो टेस्ट अवधि पूरी हो चुकी है, तो अधिकृत सेंटर से दोबारा जांच कराकर वैध सर्टिफिकेट लेना जरूरी है। इसके बाद ही CNG पंप पर ईंधन भरवाने में परेशानी से बचा जा सकेगा।</p>]]></content:encoded></item><item><title>दिल्ली बसों में 1 अक्टूबर से बिना पिंक कार्ड के सफर नहीं कर सकेंगी महिलाएं, ऐसे करें पिंक कार्ड के लिए अप्लाई</title><link>https://navbharatlive.com/utility-news/delhi-bus-saheli-pink-card-mandatory-october-1-2026-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/utility-news/delhi-bus-saheli-pink-card-mandatory-october-1-2026-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">7af7c544-b335-4195-b909-fa3b308426ed</guid><pubDate>Tue, 22 Sep 2026 17:32:11 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-22T17:32:11.406+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Delhi,Rekha Gupta,Utility News,Travel,Electric Bus,Bus Services</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-22/mzdjtu1l/saheli-pink-card-online-apply.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ सहेली पिंक कार्ड]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Saheli Pink Card Online Apply]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-22/mzdjtu1l/saheli-pink-card-online-apply.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>यूटिलिटी</category><category>दिल्ली</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Saheli Pink Card Online Apply:</strong> दिल्ली की बसों में यात्रा करने वाली महिलाओं के लिए परिवहन विभाग ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण नियम लागू कर दिया है। राजधानी में 1 अक्टूबर 2026 से गुलाबी कागज के टिकट की व्यवस्था पूरी तरह बंद कर दी जाएगी और केवल डिजिटल कार्ड मान्य होगा।&nbsp;</p><p>अब महिला यात्रियों को बसों में मुफ्त सफर का लाभ उठाने के लिए सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड बनवाना पूरी तरह अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने X पर ट्वीट करके जानकारी दी कि 2 मार्च 2026 को शुरू हुई इस योजना में अब तक 18.5 लाख से अधिक कार्ड जारी हो चुके हैं।</p><h3>1 अक्टूबर से पिंक कार्ड होगा जरूरी</h3><p>मौजूदा व्यवस्था के तहत महिलाओं को बस में मुफ्त यात्रा के लिए गुलाबी कागज का टिकट दिया जाता है। यह व्यवस्था 30 सितंबर 2026 तक जारी रहेगी। इसके बाद मुफ्त यात्रा के लिए सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड को इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन पर टैप करना होगा।</p><p>अगर किसी महिला के पास वैध पिंक कार्ड नहीं है, तो उसे मुफ्त यात्रा की सुविधा नहीं मिलेगी और सामान्य टिकट खरीदकर निर्धारित किराया देना होगा। सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड योजना 2 मार्च 2026 को शुरू की गई थी और अब तक 18.5 लाख से अधिक कार्ड जारी किए जा चुके हैं।</p><h3>कौन बनवा सकता है सहेली पिंक कार्ड?</h3><p>दिल्ली में रहने वाली 5 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाएं और ट्रांसजेंडर नागरिक इस कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं। कार्ड बनवाने के लिए आवेदक के पास आधार कार्ड और आधार से लिंक मोबाइल नंबर होना जरूरी है।</p><p>पहली बार सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड पूरी तरह मुफ्त में जारी किया जाता है। अगर कार्ड खो जाए या खराब हो जाए, तो रिप्लेसमेंट कार्ड के लिए 59 रुपये का शुल्क देना होगा। कार्ड जारी होने की तारीख से पांच साल तक वैध रहेगा।</p><h3>घर बैठे ऑनलाइन ऐसे करें आवेदन</h3><p>सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन MufinPay पोर्टल या ऐप के जरिए किया जा सकता है। सबसे पहले मोबाइल नंबर और आधार की जानकारी दर्ज करनी होगी। इसके बाद मोबाइल पर आए OTP के जरिए वेरिफिकेशन पूरा करना होगा।</p><p>OTP वेरिफिकेशन सफल होने के बाद QR एक्नॉलेजमेंट डाउनलोड करना होगा। इसके बाद किसी अधिकृत DTC केंद्र से फिजिकल सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड प्राप्त किया जा सकता है।</p><h3>ऑफलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध</h3><p>अगर कोई महिला ऑनलाइन आवेदन नहीं करना चाहती, तो वह नजदीकी डीटीसी केंद्र, डीएम कार्यालय या एसडीएम कार्यालय जा सकती है। वहां FOS एजेंट को अपना नाम, मोबाइल नंबर और आधार विवरण देना होगा।</p><p>OTP वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद कार्ड जारी किया जाता है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/mp-tet-offline-exam-cm-mohan-yadav-teachers-day-announcement-srr21">ऑफलाइन प्रक्रिया</a> में सफल सत्यापन के बाद उसी दिन कार्ड मिल सकता है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/utility-news/driving-license-address-change-online-parivahan-sarathi-portal-pss06">ड्राइविंग लाइसेंस में अब घर बैठे ऑनलाइन बदलें अपना एड्रेस, जानें जरूरी डॉक्यूमेंट्स, फीस और पूरी प्रोसेस</a></aside><h3>मेट्रो और RRTS में भी इस्तेमाल होगा</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/delhi/delhi-dtc-introduces-pink-saheli-smart-card-pink-tickets-to-be-discontinued-1-august-1854094.html">सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड</a> केवल DTC और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा के लिए ही नहीं है। यह कॉमन मोबिलिटी कार्ड की तरह दिल्ली मेट्रो और RRTS में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, मेट्रो और RRTS की यात्रा मुफ्त नहीं होगी।</p><p>इन सेवाओं में सफर करने के लिए कार्ड में पैसे रिचार्ज करने होंगे। कार्ड के पीछे दिए गए QR कोड को UPI ऐप से स्कैन करके इसमें राशि जोड़ी जा सकती है। दिल्ली मेट्रो में इस्तेमाल के लिए स्टेशन की ऐड वैल्यू मशीन के जरिए बैलेंस एक्टिवेट करना होगा।</p>]]></content:encoded></item><item><title>KYC अपडेट नहीं कराया तो क्या तुरंत बंद हो जाएगा बैंक अकाउंट? जानिए क्या कहते हैं RBI के नियम</title><link>https://navbharatlive.com/utility-news/rbi-kyc-rules-bank-account-closure-update-rbi-guidelines-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/utility-news/rbi-kyc-rules-bank-account-closure-update-rbi-guidelines-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">f0696542-9c92-4aa0-91ab-894a08d9a1e4</guid><pubDate>Sun, 20 Sep 2026 22:59:54 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-20T22:59:54.739+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Utility News,Business News,Reserve Bank of India,RBI,Banking System</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-20/4cf9ns1n/rbi-kyc-rules.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ KYC अपडेट]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ RBI KYC Rules Bank Account]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-20/4cf9ns1n/rbi-kyc-rules.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>यूटिलिटी</category><category>बिज़नेस</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>RBI KYC Rules Bank Account:</strong> आज के डिजिटल बैंकिंग दौर में बैंक अकाउंट हमारे दैनिक जीवन और आर्थिक लेनदेन का अभिन्न अंग बन चुका है। सैलरी पाने, बिलों के भुगतान, UPI ट्रांसफर और बचत तक हर बड़े काम के लिए हम पूरी तरह बैंक खातों पर निर्भर हैं। </p><p>ऐसे में KYC अपडेट न कराने पर बैंक खाता तुरंत फ्रीज होने की खबरें किसी भी आम नागरिक को आशंकित और चिंतित कर सकती हैं। हालांकि भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार KYC की डेडलाइन बीतने पर बैंक तुरंत अकाउंट बंद नहीं करते बल्कि ग्राहकों को राहत दी जाती है।</p><h3>क्या है KYC और बैंक के लिए क्यों जरूरी?</h3><p>KYC यानी Know Your Customer बैंकिंग व्यवस्था की एक जरूरी प्रक्रिया है। इसके तहत बैंक ग्राहक की पहचान, पता और अन्य जरूरी जानकारियों से जुड़े डॉक्यूमेंट की जांच करता है। KYC का मुख्य उद्देश्य बैंकिंग व्यवस्था को सुरक्षित और पारदर्शी बनाए रखना है। </p><p>इसके जरिए मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद के वित्तपोषण और बैंकिंग धोखाधड़ी जैसी अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद मिलती है। नया बैंक अकाउंट खोलते समय KYC जरूरी होती है। इसके अलावा बैंक ग्राहकों के जोखिम स्तर के आधार पर समय-समय पर Re-KYC भी कराते हैं।</p><h3>किन मामलों में KYC की जरूरत पड़ती है?</h3><p>RBI के नियमों के अनुसार नया बैंक अकाउंट खोलने वाले ग्राहक को KYC प्रक्रिया पूरी करनी होती है। इसके अलावा कुछ निर्धारित वित्तीय लेनदेन और बैंकिंग सेवाओं के दौरान भी ग्राहक से KYC दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।</p><p>उदाहरण के तौर पर, किसी गैर-खाताधारक की ओर से बैंक शाखा में 50000 रुपये या उससे अधिक का नकद लेनदेन होने पर KYC से जुड़े दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है। इसी तरह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पैसे भेजने, 50000 रुपये से अधिक के क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान और कुछ वित्तीय उत्पादों से जुड़ी सेवाओं में भी KYC जरूरी हो सकती है।</p><h3>KYC की डेडलाइन मिस होने पर क्या होगा?</h3><p>अगर ग्राहक तय समय सीमा तक KYC अपडेट नहीं कराता है तो बैंक आमतौर पर तुरंत अकाउंट बंद नहीं करता। RBI के निर्देशों के तहत बैंकों को ग्राहकों को पहले सूचना और रिमाइंडर देने होते हैं। बार-बार सूचना देने के बावजूद KYC अपडेट नहीं होने पर <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/nagpur/nmc-garbage-collection-nagpur-contract-security-guards-bank-accounts-salary-irregularity-mgb06">बैंक खाते</a> पर आंशिक रोक यानी Partial Freezing लगा सकता है। </p><p>इसका मतलब यह नहीं है कि खाते में जमा पूरी रकम जब्त या खत्म हो जाती है, बल्कि कुछ विशेष लेनदेन या सेवाओं पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। 2025 में KYC फ्रेमवर्क में किए गए बदलावों के तहत बैंकों को KYC की समय सीमा से पहले ग्राहकों को अग्रिम सूचना और रिमाइंडर भेजने पर जोर दिया गया है। बैंक को यह भी बताना होता है कि KYC अपडेट नहीं कराने पर ग्राहक के खाते पर किस तरह की पाबंदियां लग सकती हैं।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/utility-news/driving-license-address-change-online-parivahan-sarathi-portal-pss06">ड्राइविंग लाइसेंस में अब घर बैठे ऑनलाइन बदलें अपना एड्रेस, जानें जरूरी डॉक्यूमेंट्स, फीस और पूरी प्रोसेस</a></aside><h3>KYC अपडेट कराने के लिए क्या करें?</h3><p>अगर बैंक से <a href="https://navbharatlive.com/technology/account-to-be-blocked-if-kyc-is-not-updated-such-messages-rbi-issues-warning">KYC अपडेट</a> करने का मैसेज मिलता है तो ग्राहक को इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। आवश्यक पहचान और पते से जुड़े दस्तावेज बैंक की शाखा में जाकर या बैंक द्वारा उपलब्ध कराए गए ऑनलाइन माध्यम से जमा किए जा सकते हैं।</p><p>अगर KYC को लेकर कोई समस्या या भ्रम है तो ग्राहक को सीधे अपने बैंक से संपर्क करना चाहिए। समय पर Re-KYC पूरा करने से खाते की सेवाओं पर संभावित प्रतिबंध से बचने में मदद मिल सकती है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>ड्राइविंग लाइसेंस में अब घर बैठे ऑनलाइन बदलें अपना एड्रेस, जानें जरूरी डॉक्यूमेंट्स, फीस और पूरी प्रोसेस</title><link>https://navbharatlive.com/utility-news/driving-license-address-change-online-parivahan-sarathi-portal-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/utility-news/driving-license-address-change-online-parivahan-sarathi-portal-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">cbc58666-96c4-4093-be7e-3e739ab218a8</guid><pubDate>Sat, 19 Sep 2026 22:51:16 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-19T22:51:16.002+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Utility News,Driving License,Aadhaar Card,RTO officer,Ministry of Road Transport and Highways</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-19/x9nv9s3c/driving-license.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ ड्राइविंग लाइसेंस]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Driving License Address Change Online]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-19/x9nv9s3c/driving-license.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>यूटिलिटी</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Driving License Address Change Online:</strong> सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने ड्राइविंग लाइसेंस में पता बदलने की प्रक्रिया को बेहद आसान और डिजिटल बना दिया है। अगर आपने हाल ही में अपना मकान बदला है या नए राज्य में शिफ्ट हुए हैं, तो DL में नया पता अपडेट कराना अत्यंत आवश्यक है। </p><p>अब RTO ऑफिस के चक्कर काटने या एजेंटों को अतिरिक्त पैसे देने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि यह सुविधा घर बैठे उपलब्ध है। परिवहन सारथी पोर्टल पर आधार आधारित eKYC के जरिए ऑनलाइन आवेदन करके आप बिना RTO जाए अपने ड्राइविंग लाइसेंस में पता बदल सकते हैं।</p><h3>ड्राइविंग लाइसेंस में एड्रेस बदलना क्यों जरूरी</h3><p>ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाने की परमिशन के साथ एक महत्वपूर्ण आइडेंटिटी और एड्रेस प्रूफ के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में लाइसेंस पर पुराना या गलत एड्रेस होने पर कई सरकारी और लीगल प्रोसेसेज में परेशानी हो सकती है।</p><p>ट्रैफिक चालान, लाइसेंस रिन्यूअल, वाहन से जुड़ी प्रोसेसेज या अन्य डॉक्यूमेंटेशन के दौरान सही एड्रेस दर्ज होना जरूरी हो सकता है। इसी वजह से घर बदलने या दूसरे स्टेट में शिफ्ट होने के बाद DL में एड्रेस अपडेट करा लेना बेहतर है।</p><p>सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ऑनलाइन फैसिलिटी के जरिए अब यह प्रोसेस पहले की तुलना में आसान हो गई है। आधार बेस्ड eKYC उपलब्ध होने पर एप्लीकेंट घर से ही प्रोसेस पूरी कर सकता है और अपडेटेड ड्राइविंग लाइसेंस पोस्ट के जरिए प्राप्त कर सकता है।</p><h3>एड्रेस बदलने के लिए कौन से डॉक्यूमेंट जरूरी</h3><p>ऑनलाइन एड्रेस चेंज के लिए मौजूदा <a href="https://navbharatlive.com/utility-news/new-driving-license-traffic-rules-point-system-pss06">ड्राइविंग लाइसेंस</a> की स्कैन कॉपी की जरूरत होती है। एड्रेस प्रूफ के तौर पर आधार कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आईडी, राशन कार्ड, रेंट एग्रीमेंट या तीन महीने से कम पुराना बिजली अथवा पानी का बिल इस्तेमाल किया जा सकता है।</p><p>इसके अलावा आइडेंटिटी प्रूफ के लिए पैन कार्ड, पासपोर्ट या आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो और सफेद कागज पर डिजिटल सिग्नेचर की आवश्यकता हो सकती है। एप्लीकेंट को फॉर्म 1 में मेडिकल सेल्फ डिक्लेरेशन भी देना होता है।</p><p>अगर आपने एक स्टेट से दूसरे स्टेट में शिफ्ट किया है, तो पुराने RTO से NOC यानी अनापत्ति प्रमाण पत्र की जरूरत पड़ सकती है। NOC प्राप्त करने के बाद उसे नए RTO के रिकॉर्ड में जमा करना होता है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/world/imaan-mazari-hadi-ali-chattha-rearrest-pojk-council-concern-pss06">ईमान मज़ारी और हादी अली की फिर गिरफ्तारी, PoJK ह्यूमन राइट्स काउंसिल ने जताई गहरी चिंता, उठाए सवाल</a></aside><h3>परिवहन सारथी पर ऐसे करें ऑनलाइन एप्लीकेशन</h3><p>सबसे पहले <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/mp-transport-department-checkpost-closure-60-percent-revenue-loss-1885073.html">परिवहन विभाग</a> की ऑफिशियल वेबसाइट <strong>sarathi.parivahan.gov.in</strong> खोलें और अपना स्टेट चुनें। इसके बाद ड्राइवर्स लाइसेंस से जुड़ी सर्विसेज में जाकर <strong>चेंज ऑफ एड्रेस</strong> का ऑप्शन चुनें। अब अपना ड्राइविंग लाइसेंस नंबर और डेट ऑफ बर्थ दर्ज करके DL डिटेल्स प्राप्त करें। स्क्रीन पर दिखाई गई अपनी जानकारी की जांच करने के बाद नया RTO ऑफिस चुनें।</p><p>इसके बाद सर्विसेज की लिस्ट में <strong>चेंज ऑफ एड्रेस इन DL</strong> ऑप्शन को चुनें। अगर उपलब्ध हो तो <strong>आधार बेस्ड eKYC</strong> का ऑप्शन चुनकर अपनी आइडेंटिटी वेरिफाई करें। फॉर्म में अपना नया और परमानेंट एड्रेस सावधानी से दर्ज करें। इसके बाद मांगे गए <strong>एड्रेस प्रूफ, फॉर्म 1, फोटो और सिग्नेचर जैसे डॉक्यूमेंट</strong> अपलोड करें।</p><p>अंत में निर्धारित सरकारी फीस का ऑनलाइन पेमेंट करें और एप्लीकेशन सबमिट कर दें। एप्लीकेशन पूरा होने के बाद मिलने वाली एक्नॉलेजमेंट स्लिप डाउनलोड करके सुरक्षित रखें। इससे आगे एप्लीकेशन का स्टेटस ट्रैक करने में मदद मिल सकती है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>नया पासपोर्ट बनवाना हुआ महंगा? नियमों में संशोधन के बाद तय हुई नई फीस, जानें पूरी डिटेल्स</title><link>https://navbharatlive.com/utility-news/passport-rules-mea-new-fee-structure-normal-tatkaal-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/utility-news/passport-rules-mea-new-fee-structure-normal-tatkaal-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">9664f113-340e-4f29-9c69-eff4d3cde96c</guid><pubDate>Fri, 18 Sep 2026 20:54:22 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-18T20:54:22.632+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Utility News,Ministry of External Affairs</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-18/tb56bpz2/passport-rules-fee.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ नए पासपोर्ट नियम घोषित]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Passport Rules New Fee Structure]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-18/tb56bpz2/passport-rules-fee.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>यूटिलिटी</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Passport Rules New Fee Structure:</strong> विदेश मंत्रालय ने देश में पासपोर्ट बनवाने और पुराना पासपोर्ट रिन्यू कराने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। मंत्रालय द्वारा जारी नए पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 के लागू होते ही नॉर्मल और तत्काल पासपोर्ट की फीस में भारी बढ़ोतरी हो गई है। </p><p>संयुक्त सचिव और मुख्य पासपोर्ट अधिकारी बीएस मुबारक द्वारा हस्ताक्षरित यह नया नियम 15 सितंबर को गजट में प्रकाशित होते ही लागू हो चुका है। इन नए बदलावों के बाद 15 साल से कम उम्र के बच्चों के पासपोर्ट आवेदन शुल्क और वैधता की नई शर्तों में भी विशेष संशोधन किए गए हैं।</p><h3>15 सितंबर से लागू हुए नए पासपोर्ट रूल्स</h3><p>विदेश मंत्रालय यानी MEA ने पासपोर्ट (अमेंडमेंट) रूल्स, 2026 की घोषणा की है। जॉइंट सेक्रेटरी और चीफ पासपोर्ट ऑफिसर बीएस मुबारक के सिग्नेचर से जारी नोटिफिकेशन 15 सितंबर को गजट में पब्लिश हुआ। गजट में पब्लिकेशन के साथ ही नए रूल्स और रिवाइज्ड फीस पूरे देश में लागू हो गई हैं।&nbsp;</p><p>इसका असर नया पासपोर्ट बनवाने के साथ-साथ पुराने पासपोर्ट को रिन्यू कराने वाले आवेदकों पर भी पड़ेगा। नए रूल्स में 15 साल से कम उम्र के बच्चों के पासपोर्ट एप्लीकेशन फीस और वैलिडिटी से जुड़ी कंडीशंस में भी बदलाव किया गया है। ऐसे में एप्लीकेशन करने से पहले नई फीस और रूल्स की जानकारी रखना जरूरी होगा।</p><h3>36 और 60 पेज वाले नॉर्मल पासपोर्ट की नई फीस</h3><p>वयस्कों के लिए 36 पेज वाले नॉर्मल पासपोर्ट की फीस में 1000 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। पहले इसके लिए 1500 रुपये शुल्क लिया जाता था, जो अब बढ़कर 2500 रुपये हो गया है।</p><p>इसी तरह 60 पेज वाले नॉर्मल पासपोर्ट के लिए भी आवेदकों को ज्यादा पेमेंट करना होगा। इसकी पुरानी फीस 2000 रुपये थी, जिसे अब बढ़ाकर 3500 रुपये कर दिया गया है। इस तरह 36 पेज वाले पासपोर्ट पर 1000 रुपये और 60 पेज वाले पासपोर्ट पर 1500 रुपये की सीधी बढ़ोतरी हुई है।</p><h3>तत्काल पासपोर्ट बनवाना भी हुआ महंगा</h3><p>इमरजेंसी में जल्दी <a href="https://navbharatlive.com/utility-news/ration-card-new-rules-documents-list-how-to-apply-pss06">पासपोर्ट बनवाने</a> वाले आवेदकों के लिए तत्काल पासपोर्ट की फीस में भी इजाफा किया गया है। 36 पेज वाले तत्काल पासपोर्ट की फीस पहले 3500 रुपये थी, जो अब बढ़कर 5000 रुपये हो गई है।</p><p>वहीं 60 पेज वाले तत्काल पासपोर्ट के लिए पहले 4000 रुपये शुल्क देना पड़ता था। अब इसकी फीस 6000 रुपये निर्धारित की गई है। यानी दोनों कैटेगरी में आवेदकों को पहले की तुलना में ज्यादा रकम चुकानी होगी।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/utility-news/fastag-port-rules-bank-change-limit-6-months-onetag-pss06">FASTag पोर्टेबिलिटी का नया नियम, बैंक बदलते ही लागू होगा 6 महीने का लॉक-इन, जानें लिमिट और प्रोसेस</a></aside><h3>खोए या खराब पासपोर्ट के रिप्लेसमेंट की नई फीस</h3><p>पासपोर्ट खो जाने या खराब हो जाने की स्थिति में तत्काल रिप्लेसमेंट की फीस में भी बदलाव किया गया है। 60 पेज वाले पासपोर्ट के तत्काल रिप्लेसमेंट के लिए पहले 5500 रुपये शुल्क था, जिसे बढ़ाकर 8500 रुपये कर दिया गया है।</p><p>इसके अलावा 15 साल से कम उम्र के बच्चों के पासपोर्ट एप्लीकेशन फीस और उनकी <a href="https://navbharatlive.com/business/telecom-companies-28-days-recharge-plan-how-they-earned-extra-money-from-users-1802451.html">वैलिडिटी पीरियड</a> से जुड़े रूल्स में भी संशोधन किया गया है। नए रूल्स का उद्देश्य पासपोर्ट सर्विसेज की प्रोसेस को ज्यादा ऑर्गनाइज्ड और ट्रांसपेरेंट बनाना बताया गया है।</p><p>अब नया पासपोर्ट बनवाने, रिन्यू कराने या तत्काल फैसिलिटी लेने वाले आवेदकों को एप्लीकेशन से पहले लागू फीस की जानकारी जरूर देखनी होगी। नई फीस अरेंजमेंट के बाद पासपोर्ट सर्विस से जुड़े कई एप्लीकेशंस की टोटल कॉस्ट पहले के मुकाबले बढ़ गई है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>FASTag पोर्टेबिलिटी का नया नियम, बैंक बदलते ही लागू होगा 6 महीने का लॉक-इन, जानें लिमिट और प्रोसेस</title><link>https://navbharatlive.com/utility-news/fastag-port-rules-bank-change-limit-6-months-onetag-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/utility-news/fastag-port-rules-bank-change-limit-6-months-onetag-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">592b2034-8ab2-4d1c-b78a-75919600bd46</guid><pubDate>Fri, 18 Sep 2026 20:09:22 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-18T20:09:22.877+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>India,Utility News,Banking System,Fastag,Traffic Rules,Money Transfer</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-18/15oqn2ih/fastag-port-rules.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ FASTag के नए नियम]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ FASTag Port New Bank Rules]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-18/15oqn2ih/fastag-port-rules.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>यूटिलिटी</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>FASTag Port New Bank Rules:</strong> देश में नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए फास्टैग से जुड़ा एक बेहद इंपॉर्टेंट रूल जानना बहुत जरूरी है। अगर आप अपने फास्टैग को एक बैंक से दूसरे बैंक में पोर्ट कराने की प्लानिंग कर रहे हैं या हाल ही में पोर्ट कराया है, तो यह खबर आपके काम की है। </p><p>भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी NHAI और संबंधित फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस द्वारा फास्टैग पोर्टेबिलिटी को लेकर क्लियर रूल्स निर्धारित किए गए हैं। इन रूल्स के अनुसार फास्टैग का बैंक बदलने के बाद वाहन चालक तुरंत या बार-बार अपना बैंक नहीं बदल सकते हैं, बल्कि इसके लिए तय टाइम लिमिट लागू होती है।</p><h3>फास्टैग पोर्ट कराने पर नहीं बदलना होगा टैग</h3><p>फास्टैग को एक बैंक से दूसरे बैंक में पोर्ट कराने पर वाहन मालिक को विंडस्क्रीन पर लगा पुराना फास्टैग हटाने की जरूरत नहीं होती। पोर्टिंग के दौरान गाड़ी पर लगा फिजिकल टैग वही रहता है और नया टैग लगाने की जरूरत नहीं पड़ती। इस प्रोसेस में फास्टैग से जुड़ा बैंक अकाउंट और डिजिटल वॉलेट बदला जाता है।</p><p>यानी वाहन चालक को केवल बैंक से जुड़ी इंफॉर्मेशन में बदलाव करना होता है, जबकि गाड़ी पर लगा फास्टैग पहले की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। फास्टैग पोर्टेबिलिटी की यह फैसिलिटी वनटैग के जरिए उपलब्ध कराई जाती है। इसके जरिए वाहन चालक बिना नया फास्टैग खरीदे अपने मौजूदा टैग को किसी दूसरे ऑथराइज्ड बैंक या वॉलेट से जोड़ सकते हैं।</p><h3>बैंक बदलने के बाद 6 महीने का इंतजार जरूरी</h3><p>फास्टैग पोर्ट करने की फैसिलिटी होने के बावजूद बैंक को बार-बार बदलने पर टाइम लिमिट लागू है। अगर वाहन चालक एक बार अपने फास्टैग को किसी दूसरे बैंक में पोर्ट कराता है, तो उसके तुरंत बाद किसी तीसरे बैंक में इसे ट्रांसफर नहीं किया जा सकता।</p><p>फास्टैग पोर्टिंग रूल्स के अनुसार दोबारा बैंक बदलने के लिए 6 महीने यानी 180 दिनों की अवधि पूरी होने का इंतजार करना होगा। इसका मतलब है कि बैंक बदलने के बाद अगले 180 दिनों तक फास्टैग नए बैंक और उससे जुड़े वॉलेट के साथ एक्टिव रहेगा।</p><p>180 दिन पूरे होने के बाद ही वाहन चालक दोबारा किसी अन्य ऑथराइज्ड बैंक में फास्टैग पोर्ट कराने के लिए एलिजिबल होगा। इसलिए बैंक बदलने से पहले अपनी जरूरत और सुविधा के अनुसार सही ऑप्शन चुनना जरूरी है।</p><h3>बार-बार फास्टैग बैंक बदलने पर क्यों है रोक?</h3><p>फास्टैग में 6 महीने की लॉक-इन पीरियड रखने का उद्देश्य टोल कलेक्शन सिस्टम में स्टेबिलिटी बनाए रखना है। बार-बार बैंक बदलने से डिजिटल वॉलेट, केवाईसी वेरिफिकेशन और टोल प्लाजा पर लगे ऑटोमैटिक स्कैनर सिस्टम में टेक्निकल प्रॉब्लम आने की आशंका रहती है।</p><p>बैंक बदलने की तय अवधि से टोल फीस के पेमेंट, <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/mumbai/rhea-chakraborty-bank-accounts-unfreeze-ndps-court-order-1699261.html">बैंक अकाउंट्स</a> के सेटलमेंट और फास्टैग से जुड़े रिकॉर्ड को ऑर्गनाइज्ड रखने में मदद मिलती है। इससे सिस्टम में ट्रांसपेरेंसी बनाए रखने और संभावित गड़बड़ियों को कंट्रोल करने में भी सुविधा होती है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/utility-news/passport-new-rule-2026-child-passport-validity-5-years-kns18">Passport Rules Changed: 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए पासपोर्ट वैधता और फीस दोनों बदले, जाने नया नियम</a></aside><h3>फास्टैग पोर्ट कराने से पहले इन बातों का रखें ध्यान</h3><p>अगर वाहन चालक फास्टैग का बैंक बदलने की प्लानिंग कर रहा है, तो उसे यह ध्यान रखना चाहिए कि पोर्टिंग के बाद तुरंत दूसरा बैंक चुनने का ऑप्शन नहीं मिलेगा। नए बैंक से जुड़ने के बाद 180 दिनों की अवधि पूरी करनी होगी।</p><p>इस दौरान वाहन पर लगा फास्टैग इस्तेमाल किया जा सकता है और <a href="https://navbharatlive.com/world/iran-collects-first-hormuz-strait-transit-toll-cash-us-war-1693066.html">टोल पेमेंट</a> की प्रोसेस नॉर्मल रूप से जारी रहती है। 6 महीने की अवधि पूरी होने के बाद ही जरूरत के अनुसार फास्टैग को किसी अन्य ऑथराइज्ड बैंक में दोबारा पोर्ट कराया जा सकता है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>Passport Rules Changed: 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए पासपोर्ट वैधता और फीस दोनों बदले, जाने नया नियम</title><link>https://navbharatlive.com/utility-news/passport-new-rule-2026-child-passport-validity-5-years-kns18</link><comments>https://navbharatlive.com/utility-news/passport-new-rule-2026-child-passport-validity-5-years-kns18#comments</comments><guid isPermaLink="false">77313314-2179-43ae-9012-bc7d63e5926e</guid><pubDate>Fri, 18 Sep 2026 10:34:33 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-18T10:34:33.235+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>करुणा नंद शाहवाल</atom:name><atom:uri>/api/author/2548022</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>India,Ministry of External Affairs</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-18/zcjsbdmw/Passport-New-Rule-2026.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट नियमों में बड़ा बदलाव किया है]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Indian Passport News Rules]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-18/zcjsbdmw/Passport-New-Rule-2026.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>यूटिलिटी</category><category>बिज़नेस</category><category>देश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Indian Passport News Rules 2026:</strong> विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए नया नियम लागू कर दिया है। अब इस आयु वर्ग के बच्चों को जारी होने वाला 36 पन्नों का साधारण भारतीय पासपोर्ट 5 साल या 18 वर्ष की आयु पूरी होने तक, </p><p>जो भी पहले हो, वैध रहेगा। यह बदलाव पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 के तहत लागू किया गया है, जिसमें पासपोर्ट शुल्क से जुड़े नियमों में भी संशोधन किया गया है।</p><h3>किस उम्र के बच्चों पर लागू हुआ नया नियम?</h3><p>पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026, गुरुवार को भारत के राजपत्र में प्रकाशित किया गया है, जो पासपोर्ट नियम, 1980 में संशोधित करता है। </p><p>संशोधित नियम 12(1ए) के तहत, 15 साल से कम उम्र के बच्चे को जारी किया गया 36 पन्नों वाला साधारण पासपोर्ट जारी होने की तारीख से पांच साल की अवधि तक, या बच्चे के 18 साल की उम्र पूरी होने तक, जो भी पहले हो, वैध रहेगा। </p><p>15 सितंबर की अधिसूचना में पासपोर्ट आवेदन शुल्क से संबंधित नियम 8 में भी संशोधन किया गया है, जिसमें कहा गया है कि आवेदन की प्रत्येक श्रेणी के लिए देय शुल्क नियमों की अनुसूची IV में निर्दिष्ट के अनुसार होगा।</p><h3>विदेश मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना</h3><p>संशोधित नियम आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से लागू हो गए हैं। <a href="https://navbharatlive.com/world/mea-highlights-indias-growing-capabilities-after-isro-gslv-f17-launch-success-eos-05-satellite-pss06">विदेश मंत्रालय </a>ने 1 जुलाई से पासपोर्ट से जुड़ी सेवाओं के शुल्क में बढ़ोतरी की थी।</p><p>बढ़ा हुआ शुल्क नए पासपोर्ट आवेदन, नवीनीकरण, तत्काल सेवाओं, खोए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट के बदले नए पासपोर्ट, पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (पीसीसी) और अन्य पासपोर्ट से जुड़ी सेवाओं पर लागू है।</p><h3>बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों को 10% छूट जारी रहेगी</h3><p>आठ साल से कम उम्र के बच्चों और 60 साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के लिए नए पासपोर्ट आवेदन पर 10 प्रतिशत की छूट जारी रहेगी। हालांकि, यह छूट पासपोर्ट के पुनः जारी आवेदनों पर लागू नहीं होगी।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/world/indian-sailor-missing-off-oman-coast-rescue-operation-underway-pss06">MEA Action: ओमान के तट से गायब भारतीय नाविक का सुराग नहीं, विदेश मंत्रालय ने तेज किया सर्च ऑपरेशन</a></aside><h3>36 और 60 पन्नों के नए पासपोर्ट में कितनी लगेगी फिस</h3><p>वयस्कों के मामले में, 36 पन्नों वाले नए <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/bhopal-gwalior-fake-passport-racket-bangladeshis-indian-identity-srr21">भारतीय पासपोर्ट</a> या नवीनीकरण के लिए सामान्य आवेदन पर शुल्क मौजूदा 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दिया गया है। 60 पन्नों वाले पासपोर्ट (वयस्क, सामान्य) के लिए शुल्क 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,500 रुपये कर दिया गया है।</p><p>तत्काल योजना के तहत 36 पन्नों वाले वयस्क पासपोर्ट के लिए शुल्क 3,500 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये कर दिया गया है, जबकि इस श्रेणी में 60 पन्नों वाले पासपोर्ट के लिए शुल्क 4,000 रुपये से बढ़कर 6,000 रुपये हो गया है।</p><h3>नए पासपोर्ट और तत्काल सेवा की फीस भी बढ़ी</h3><p>तत्काल श्रेणी में 60 पन्नों वाले वयस्क पासपोर्ट के रिप्लेसमेंट के लिए शुल्क 5,500 रुपये से बढ़ाकर 8,500 रुपये कर दिया गया है। 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए भी पासपोर्ट सेवाएं महंगी हो गई हैं।</p><p>नाबालिगों के लिए 36 पन्नों वाले नए या पुनः जारी (सामान्य) पासपोर्ट के मामले में, शुल्क 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,750 रुपये कर दिया। तत्काल श्रेणी में नाबालिगों के लिए 36 पन्नों वाले नए या पुनः जारी पासपोर्ट के मामले में, शुल्क 3,000 रुपये से 4,250 रुपये किया गया।</p>]]></content:encoded></item><item><title>IndiGo से सफर हुआ महंगा: गोद में बच्चे को बैठाने से ज्यादा सामान ले जाने तक, एयरलाइन ने बढ़ा दिए ये चार्जेस</title><link>https://navbharatlive.com/business/indigo-increases-domestic-flight-service-charges-infant-baggage-fee-pjs00</link><comments>https://navbharatlive.com/business/indigo-increases-domestic-flight-service-charges-infant-baggage-fee-pjs00#comments</comments><guid isPermaLink="false">bc870f3e-2a03-49d2-8d79-37395fbb4e17</guid><pubDate>Fri, 18 Sep 2026 10:16:54 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-18T10:16:54.368+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया जैस</atom:name><atom:uri>/api/author/2547964</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Utility News,IndiGo</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/import/wp-content/uploads/2026/07/indiGo-lite-fare.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ इंडिगो एयरलाइंस]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ IndiGo Ticket Extra Charges Increase]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/import/wp-content/uploads/2026/07/indiGo-lite-fare.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>बिज़नेस</category><category>यूटिलिटी</category><category>देश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>IndiGo Flight Extra Charges:</strong> अगर आप अक्सर फ्लाइट से सफर करते हैं और इंडिगो एयरलाइन की सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। देश की सबसे बड़ी किफायती एयरलाइंस में शुमार इंडिगो ने अपनी घरेलू उड़ानों के लिए कई जरूरी सेवाओं के शुल्क में बढ़ोतरी कर दी है। हालांकि अच्छी बात यह है कि बेस फेयर में कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन अतिरिक्त सुविधाओं के लिए अब आपको ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे।</p><h3>शिशुओं और बच्चों के साथ सफर पर बढ़ा खर्च</h3><p>अगर आप अपने साथ छोटे बच्चे को लेकर इंडिगो की उड़ान भर रहे हैं, तो अब आपको ज्यादा किराया चुकाना होगा। 3 दिन से लेकर 2 साल तक के छोटे बच्चे का किराया अब 2,000 रुपए से बढ़ाकर सीधे 3,000 रुपए कर दिया गया है। </p><p>नियम के मुताबिक, बच्चे को अलग सीट नहीं मिलेगी और उसे आपकी गोद में ही सफर करना होगा। इसके अलावा, बिना अभिभावक अकेले सफर करने वाले बच्चों (Unaccompanied Minor) के लिए दी जाने वाली खास सर्विस का चार्ज भी 5,000 रुपए से बढ़ाकर 5,999 रुपए कर दिया गया है।</p><h3>एक्स्ट्रा सामान ले जाना भी पड़ेगा महंगा</h3><p>हवाई सफर के दौरान थोड़ा भी अतिरिक्त सामान ले जाना अब आपके बजट पर भारी पड़ने वाला है। इंडिगो ने <a href="https://navbharatlive.com/uttar-pradesh/delhi-weather-flights-diverted-lucknow-emergency-landing-medical-scare-1761662.html">डोमेस्टिक फ्लाइट्स</a> पर एक्सेस बैगेज का चार्ज 700 रुपए प्रति किलोग्राम से बढ़ाकर 800 रुपए प्रति किलोग्राम कर दिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आपके बैग का वजन तय लिमिट से ऊपर जाता है, तो आपको हर एक किलो पर 100 रुपए ज्यादा चुकाने पड़ेंगे।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/india/air-india-express-crew-suspended-delayed-post-flight-breathalyzer-test-pjs00">Air India Express: पोस्ट-फ्लाइट ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट में 35 मिनट की देरी, 8 क्रू मेंबर्स सस्पेंड</a></aside><h3>सर्टिफिकेट शुल्क में भी की गयी है बढ़ोतरी</h3><p>एयरलाइन ने एयरपोर्ट पर लंबी लाइनों से बचने के लिए ली जाने वाली प्रायोरिटी सेवाओं के रेट भी रिवाइज किए हैं। प्रायोरिटी चेक-इन और प्रायोरिटी बोर्डिंग का कंबाइंड शुल्क अब 450 रुपए से बढ़कर 650 रुपए हो गया है, यानी इस पर 200 रुपए का इजाफा हुआ है। </p><p>इसके साथ ही, यात्रा का प्रमाण देने वाले ट्रैवल सर्टिफिकेट जारी कराने की फीस को भी 200 रुपए से बढ़ाकर 300 रुपए कर दिया गया है। कुल मिलाकर अब <a href="https://navbharatlive.com/videos/indigo-flight-viral-video-family-food-feast-civic-sense-debate">इंडिगो फ्लाइट</a> में सफर के दौरान मिलने वाली अतिरिक्त सुविधाएं महंगी हो गई हैं।</p>]]></content:encoded></item><item><title>UP Old Age Pension: यूपी में बदला वृद्धावस्था पेंशन का नियम, अब तय समय में खाते में आएंगे 1500 रुपये</title><link>https://navbharatlive.com/utility-news/up-pension-new-rules-1500-rupees-every-45-days-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/utility-news/up-pension-new-rules-1500-rupees-every-45-days-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">6203aa1c-f8c0-45f8-ae89-140cafbf6f7a</guid><pubDate>Thu, 17 Sep 2026 21:56:22 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-17T21:56:22.213+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Uttar Pradesh,Utility News,Income Tax,Atal Pension Yojana,National Pension Scheme</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-17/mehqd29l/up-old-age-pension.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ वृद्धावस्था पेंशन योजना]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ UP Pension Scheme New Rules]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-17/mehqd29l/up-old-age-pension.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>यूटिलिटी</category><category>उत्तर प्रदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>UP Pension Scheme New Rules:</strong> उत्तर प्रदेश सरकार ने बुजुर्ग नागरिकों के लिए वृद्धावस्था पेंशन योजना में बड़ा बदलाव किया है। अब लाभार्थियों को तीन महीने के लंबे इंतजार के बजाय हर 45 दिन में पेंशन की किस्त जारी की जाएगी। </p><p>पेंशन की 3000 रुपये की कुल राशि को अब 1500 तथा 1500 रुपये की दो किस्तों में सीधे बैंक खातों में भेजा जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार के इस बड़े फैसले से राज्य के लगभग 1.19 लाख वृद्धावस्था पेंशन लाभार्थियों को राहत मिलेगी।</p><h3>90 दिन की जगह अब हर 45 दिन में मिलेगी पेंशन</h3><p>वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत पहले लाभार्थियों को हर तीन महीने में एक बार 3000 रुपये की पूरी राशि मिलती थी। यानी दो किस्तों के बीच करीब 90 दिनों का अंतर होता था। अब सरकार ने इसी राशि को दो हिस्सों में बांटने का फैसला किया है।</p><p>नई व्यवस्था में 45 दिन के अंतराल पर 1500 रुपये की किस्त खाते में भेजी जाएगी। इसके बाद अगले 45 दिन में दूसरी 1500 रुपये की किस्त जारी होगी। राशि बैंक खाते में पहुंचने के बाद लाभार्थियों को पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिए जानकारी मिलने की व्यवस्था भी बताई गई है।</p><h3>60 से 79 और 80 साल से अधिक उम्र वालों के लिए अलग अंशदान</h3><p>उत्तर प्रदेश की वृद्धावस्था पेंशन योजना में केंद्र और राज्य सरकार दोनों की हिस्सेदारी होती है। 80 वर्ष से अधिक उम्र के लाभार्थियों के लिए कुल 3000 रुपये में केंद्र सरकार और राज्य सरकार का योगदान बराबर है। इसमें केंद्र से 1500 रुपये और राज्य से 1500 रुपये का अंशदान होता है।</p><p>वहीं 60 से 79 वर्ष की उम्र वाले लाभार्थियों के लिए राज्य सरकार का हिस्सा अधिक है। इस आयु वर्ग में 3000 रुपये की कुल राशि में राज्य सरकार 2400 रुपये और केंद्र सरकार 600 रुपये का योगदान देती है।</p><h3>UP Old Age Pension के लिए उम्र और आय की शर्त</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/uttar-pradesh/prayagraj/allahabad-high-court-eligible-citizens-cannot-be-denied-old-age-pension-1867503.html">वृद्धावस्था पेंशन योजना</a> का लाभ लेने के लिए आवेदक की उम्र कम से कम 60 वर्ष होना जरूरी है। इसके साथ ही परिवार की वार्षिक आय भी निर्धारित सीमा के भीतर होनी चाहिए।</p><p>ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के लिए अधिकतम वार्षिक आय सीमा 46080 रुपये है। वहीं शहरी क्षेत्र के आवेदकों के लिए यह सीमा 56460 रुपये निर्धारित है। आवेदक के पास आयु प्रमाण पत्र और आधार से लिंक बैंक खाता होना भी जरूरी है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/utility-news/ration-card-new-rules-documents-list-how-to-apply-pss06">Ration Card New Rules: राशन कार्ड बनवाने के नियम हुए सख्त, अब घर की फोटो समेत ये 6 डॉक्यूमेंट्स होंगे जरूरी</a></aside><h3>आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज</h3><p>नया आवेदन करते समय आवेदक को पंचायत या संबंधित निकाय से परिवार रजिस्टर की नकल की प्रति देनी होगी। इसके अलावा आधार कार्ड और <a href="https://navbharatlive.com/photos/upi-payment-mistakes-safety-tips-fraud-alert-qr-code-scam-asp28">बैंक अकाउंट</a> पासबुक की प्रति भी आवश्यक दस्तावेजों में शामिल है।</p><p>आवेदन के साथ पासपोर्ट साइज फोटो और उपलब्ध होने पर शैक्षिक योग्यता का प्रमाण पत्र भी लगाया जा सकता है। सभी दस्तावेजों की जांच और सत्यापन के बाद पात्र बुजुर्गों का नाम पेंशन सूची में शामिल किया जाएगा। नई भुगतान व्यवस्था से लाभार्थियों को कम अंतराल पर पेंशन की राशि मिलने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>Ration Card New Rules: राशन कार्ड बनवाने के नियम हुए सख्त, अब घर की फोटो समेत ये 6 डॉक्यूमेंट्स होंगे जरूरी</title><link>https://navbharatlive.com/utility-news/ration-card-new-rules-documents-list-how-to-apply-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/utility-news/ration-card-new-rules-documents-list-how-to-apply-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">a8c5b285-3591-4fac-a700-e72fa2fb1c34</guid><pubDate>Thu, 17 Sep 2026 21:41:47 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-17T21:41:47.973+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Latest Photo,Birth Certificate,Ration Card</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-17/gk5mymd1/ration-card.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ राशन कार्ड]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Ration Card New Application Rules]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-17/gk5mymd1/ration-card.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>यूटिलिटी</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Ration Card New Application Rules:</strong> खाद्य आपूर्ति विभाग ने नया राशन कार्ड बनवाने और पुराने कार्ड में संशोधन की प्रक्रिया में बड़े बदलाव किए हैं। अब केवल आधार कार्ड या साधारण पते के प्रमाण से नया राशन कार्ड बनवाना किसी भी आवेदक के लिए संभव नहीं होगा। </p><p>फर्जीवाड़े को रोकने और केवल पात्र परिवारों तक राशन पहुंचाने के लिए विभाग ने घर की फोटो समेत कुल 6 दस्तावेज अनिवार्य कर दिए हैं। नए डिजिटल पोर्टल पर इन सभी आवश्यक दस्तावेजों को अपलोड करने और ईकेवाईसी सत्यापन के बाद ही आवेदन फॉर्म स्वीकार किया जाएगा।</p><h3>राशन कार्ड के लिए 6 दस्तावेज जरूरी</h3><p>नए राशन कार्ड के आवेदन के दौरान कुल 6 जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। इनमें आवेदक के घर की फोटो, आधार कार्ड, वैध निवास प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र शामिल हैं।</p><p>इसके अलावा बैंक पासबुक का पूरा विवरण और नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो भी आवेदन के साथ अपलोड करनी होगी। इनमें से किसी जरूरी दस्तावेज की कमी होने पर ऑनलाइन पोर्टल आवेदन फॉर्म स्वीकार नहीं करेगा।</p><p>विभाग के अपडेट किए गए पोर्टल पर सभी दस्तावेजों की जानकारी और जरूरी प्रमाण अपलोड करने के बाद ही आवेदन प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।</p><h3>परिवार के सदस्य का नाम जोड़ने पर भी सख्ती</h3><p>राशन कार्ड में किसी नए सदस्य का नाम जोड़ने के लिए भी अतिरिक्त दस्तावेज जरूरी होंगे। जिस सदस्य का नाम कार्ड में शामिल किया जाना है, उसका जन्म प्रमाण पत्र अपलोड करना होगा।</p><p>अगर जन्म प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं है तो 10वीं कक्षा का अंकपत्र या प्रमाण पत्र मान्य दस्तावेज के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसके साथ आवेदन में परिवार के प्रत्येक सदस्य का सक्रिय मोबाइल नंबर दर्ज करना जरूरी होगा। मोबाइल नंबर पर भेजे गए वन टाइम पासवर्ड यानी OTP का सत्यापन होने के बाद ही आवेदन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।</p><h3>मकान और आय की जानकारी भी देनी होगी</h3><p>आवेदन के दौरान परिवार की आर्थिक स्थिति और संपत्ति से जुड़ी जानकारी भी देनी होगी। आवेदक को अपनी आजीविका और कमाई के मुख्य स्रोत की जानकारी फॉर्म में दर्ज करनी होगी।</p><p>इसके अलावा पक्के मकान में कितने कमरे हैं, इसका विवरण भी देना होगा। आवेदक को यह स्वघोषणा करनी होगी कि वह आयकर का भुगतान करता है या नहीं। इन जानकारियों का उद्देश्य पात्रता की जांच को अधिक प्रभावी बनाना है।</p><h3>राशन डीलर के पास eKYC जरूरी</h3><p>ऑनलाइन आवेदन से पहले संबंधित राशन डीलर के पास जाकर परिवार के सभी सदस्यों की eKYC करानी होगी। eKYC पूरी होने के बाद ही आवेदन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी।</p><p>फॉर्म जमा होने के बाद <a href="https://navbharatlive.com/uttar-pradesh/kanpur/kanpur-food-safety-cloud-kitchen-shut-down-spoiled-eggs-food-items-destroyed-sns03">खाद्य आपूर्ति विभाग</a> की ओर से दिए गए पते का भौतिक सत्यापन भी किया जाएगा। अधिकारी आवेदक के घर जाकर पते और आवेदन में अपलोड की गई घर की फोटो की जांच करेंगे।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/utility-news/delhi-government-doubles-asha-workers-salary-from-3000-to-6000-pss06">दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: आशा वर्करों का मानदेय हुआ दोगुना, अब 3000 की जगह मिलेंगे 6000 रुपये</a></aside><h3>सत्यापन के बाद जारी होगा राशन कार्ड</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/thane/thane-zp-animal-husbandry-subsidy-scheme-online-apply-gsp26">ऑनलाइन आवेदन</a>, दस्तावेजों की जांच, eKYC और फील्ड वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद ही नया राशन कार्ड जारी किया जाएगा। इससे आवेदन में दी गई जानकारी की वास्तविकता की जांच की जा सकेगी।</p><p>नए नियमों के तहत आवेदकों को आवेदन से पहले सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखने और परिवार के प्रत्येक सदस्य की eKYC पूरी कराने की जरूरत होगी। प्रक्रिया सख्त होने से अपात्र लोगों के राशन योजना का लाभ लेने पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: आशा वर्करों का मानदेय हुआ दोगुना, अब 3000 की जगह मिलेंगे 6000 रुपये</title><link>https://navbharatlive.com/utility-news/delhi-government-doubles-asha-workers-salary-from-3000-to-6000-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/utility-news/delhi-government-doubles-asha-workers-salary-from-3000-to-6000-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">95fc1a4d-99f6-45da-94ba-2e27997ad8fa</guid><pubDate>Wed, 16 Sep 2026 18:59:13 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-16T18:59:13.971+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Delhi,Rekha Gupta,Utility News,Salary Hike</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-16/p9gvk1fw/asha-workers-salary.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ रेखा गुप्ता और आशा वर्कर्स]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Delhi ASHA Workers Salary]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-16/p9gvk1fw/asha-workers-salary.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>यूटिलिटी</category><category>दिल्ली</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Delhi ASHA Workers Salary:</strong> दिल्ली सरकार ने राजधानी दिल्ली में कार्यरत आशा वर्करों के आर्थिक कल्याण के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित राज्य कैबिनेट की बैठक में आशा वर्करों के मासिक प्रोत्साहन भत्ते को सीधे दोगुना कर दिया गया है। </p><p>इस फैसले के तहत अब दिल्ली में काम कर रही आशा वर्करों को हर महीने 3000 रुपये के स्थान पर 6000 रुपये का मानदेय भत्ता मिलेगा। सरकार के इस कल्याणकारी कदम से दिल्ली में सेवाएं दे रही 6725 आशा वर्करों की आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी और उनका मनोबल काफी बढ़ेगा।</p><h3>कैबिनेट बैठक में लिया गया बड़ा फैसला</h3><p>मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई दिल्ली कैबिनेट की बैठक में आशा वर्करों के मासिक प्रोत्साहन भत्ते में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके तहत अब उन्हें हर महीने 6000 रुपये मिलेंगे।</p><p>इससे पहले आशा वर्करों को 3000 रुपये का मासिक प्रोत्साहन भत्ता दिया जाता था। नई व्यवस्था के तहत यह राशि सीधे दोगुनी हो गई है। यह बढ़ोतरी दिल्ली में वर्तमान में सेवाएं दे रही सभी 6725 आशा वर्करों पर लागू होगी।</p><p>सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि आशा वर्करों को विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत मिलने वाले अन्य प्रोत्साहन भत्ते पहले की तरह जारी रहेंगे। यानी मासिक भत्ते में बढ़ोतरी के अलावा उनकी मौजूदा प्रोत्साहन राशि में कोई बदलाव नहीं किया गया है।</p><h3>प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था की अहम कड़ी हैं ASHA Workers</h3><p>मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आशा वर्करों को दिल्ली की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी बताया। आशा वर्कर आम लोगों और स्वास्थ्य सेवाओं के बीच संपर्क स्थापित करने में अहम भूमिका निभाती हैं।</p><p>दिल्ली में सामान्य तौर पर एक आशा वर्कर करीब 2000 लोगों या लगभग 400 परिवारों की प्राथमिक स्वास्थ्य जरूरतों से जुड़ी होती है। वे नियमित रूप से घर-घर जाकर लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी देती हैं।</p><p>इसके साथ ही आशा वर्कर बच्चों के समय पर टीकाकरण को लेकर परिवारों को जागरूक करती हैं और जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बनाने में मदद करती हैं।</p><h3>मातृ-शिशु स्वास्थ्य और जागरूकता में अहम योगदान</h3><p>आशा वर्कर गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लिए जागरूक करने के साथ-साथ नई माताओं और नवजात बच्चों की देखभाल से जुड़ी सेवाओं में भी सहयोग करती हैं।</p><p>वे स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस, सामुदायिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम, स्वास्थ्य सर्वे और स्थानीय स्तर पर आयोजित बैठकों में भी सक्रिय भूमिका निभाती हैं। उनके काम का एक बड़ा हिस्सा लोगों को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना और जरूरी सावधानियों के बारे में जानकारी देना है।</p><h3>कोविड महामारी के दौरान भी किया काम</h3><p>कोविड-19 महामारी के दौरान आशा वर्करों ने घर-घर जाकर स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं और जागरूकता अभियान में योगदान दिया था। कठिन परिस्थितियों में उनकी भूमिका को स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना गया।</p><p>आशा वर्करों की जिम्मेदारियों और लंबे समय से की जा रही भत्ते में बढ़ोतरी की मांग को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है। मासिक प्रोत्साहन राशि बढ़ने से उनकी <a href="https://navbharatlive.com/world/trump-claims-severe-iran-prison-abuse-against-women">आर्थिक स्थिति</a> को अतिरिक्त सहायता मिलने की उम्मीद है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/utility-news/railway-digital-locker-facility-delhi-railway-stations-how-to-use-pss06">रेलवे स्टेशनों पर मिलेगी डिजिटल लॉकर सुविधा, जानें कैसे करें इस्तेमाल और कहां है लोकेशन</a></aside><h3>महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/delhi/delhi-to-form-modern-disaster-response-force-for-quick-action-ars24">दिल्ली सरकार</a> के अनुसार, आशा वर्करों के भत्ते में बढ़ोतरी उनके योगदान को मान्यता देने के साथ-साथ आर्थिक सुरक्षा मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम है।</p><p>सरकार का कहना है कि आर्थिक सहायता बढ़ने से आशा वर्करों को अपने काम के प्रति प्रोत्साहन मिलेगा और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी। दिल्ली में 6725 आशा वर्करों को मिलने वाला यह बढ़ा हुआ मासिक भत्ता महिला कार्यबल के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>रेलवे स्टेशनों पर मिलेगी डिजिटल लॉकर सुविधा, जानें कैसे करें इस्तेमाल और कहां है लोकेशन</title><link>https://navbharatlive.com/utility-news/railway-digital-locker-facility-delhi-railway-stations-how-to-use-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/utility-news/railway-digital-locker-facility-delhi-railway-stations-how-to-use-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">22793508-0404-43b4-91d8-5fcae4fc11b7</guid><pubDate>Wed, 16 Sep 2026 18:25:45 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-16T18:25:45.065+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Delhi,New Delhi,Utility News,UPI Payment,Indian Railway</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-16/6d3vtci4/railway-digital-locker.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ रेलवे स्टेशनों पर मिलेगी डिजिटल लॉकर सुविधा]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Railway Digital Locker Facility Delhi]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-16/6d3vtci4/railway-digital-locker.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>यूटिलिटी</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Railway Digital Locker Facility Delhi:</strong> उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल ने रेल यात्रियों के सफर और ठहराव को सुगम बनाने के लिए एक बड़ी डिजिटल तकनीक आधारित पहल शुरू की है। ट्रेन के आने-जाने के दौरान घंटों इंतजार करने वाले या शहर घूमने की योजना बना रहे यात्रियों को अब स्टेशनों पर भारी भरकम सामान साथ लेकर घूमने की बिल्कुल जरूरत नहीं पड़ेगी।&nbsp;</p><p>दिल्ली के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर आधुनिक तकनीक आधारित ऑटोमेटिक, सुरक्षित और पूरी तरह कैशलेस स्मार्ट डिजिटल लॉकर सुविधा आधिकारिक तौर पर चालू कर दी गई है। पारंपरिक चाबी या क्लॉक रूम की कागजी रसीद के बजाय केवल मोबाइल OTP और ऑनलाइन UPI पेमेंट की मदद से इन लॉकरों का बेहद आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है।&nbsp;</p><h3>दिल्ली के चार प्रमुख स्टेशनों पर डिजिटल लॉकर</h3><p>उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल ने चार प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर डिजिटल लॉकर सुविधा उपलब्ध कराने की पहल की है। इनमें नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (NDLS), हजरत निजामुद्दीन (NZM), दिल्ली जंक्शन (DLI) और आनंद विहार टर्मिनल (ANVT) शामिल हैं।</p><p>नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर डिजिटल लॉकर सेवा शुरू हो चुकी है। यहां यात्री 24 घंटे और सातों दिन इस सुविधा का इस्तेमाल कर सकते हैं। वहीं दिल्ली जंक्शन और आनंद विहार टर्मिनल पर इसके लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा चुका है और जल्द ही यहां भी सेवा शुरू होने की उम्मीद है।</p><h3>कहां लगाए गए हैं डिजिटल लॉकर?</h3><p>उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय के अनुसार, डिजिटल लॉकर यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लगाए गए हैं।</p><p>नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर यह लॉकर प्लेटफॉर्म नंबर 16 की तरफ डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड के नीचे मेन हॉल में मौजूद है। वहीं हजरत निजामुद्दीन स्टेशन पर मुख्य प्रवेश द्वार के पास सीढ़ियों के ठीक बगल में डिजिटल लॉकर लगाए गए हैं।</p><p>यात्रियों की अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इनमें मिनी, स्मॉल, मीडियम, लार्ज और एक्स्ट्रा लार्ज यानी कुल पांच साइज के लॉकर उपलब्ध हैं।</p><h3>सामान जमा करने के लिए कैसे करें बुकिंग?</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/world/nepal-bank-locker-washed-in-by-the-waters-29-people-to-steal-cash-recovered-92-lakh-srs13">डिजिटल लॉकर</a> में सामान रखना काफी आसान है। इसके लिए स्क्रीन पर दिए गए स्टार्ट बटन को दबाकर अपना 10 अंकों का सक्रिय मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी डालकर उसे सत्यापित करना होगा।</p><p>OTP वेरिफिकेशन के बाद यात्री अपने सामान के हिसाब से लॉकर का उपयुक्त साइज चुन सकते हैं। इसके साथ ही कितने घंटे के लिए लॉकर चाहिए, यह भी चुनना होगा। इसके बाद Google Pay, PhonePe, Paytm या किसी अन्य UPI माध्यम से निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा।</p><p>पेमेंट सफल होने के बाद लॉकर का दरवाजा अपने आप खुल जाएगा। यात्री इसमें अपना सामान रखकर लॉकर बंद कर सकते हैं। पूरी प्रक्रिया में पारंपरिक चाबी या कागजी रसीद की जरूरत नहीं है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/utility-news/rapido-fine-ccpa-imposes-10-lakh-penalty-dark-patterns-pss06">Rapido पर CCPA का बड़ा एक्शन, डार्क पैटर्न के इस्तेमाल पर लगा 10 लाख रुपये का जुर्माना</a></aside><h3>सामान वापस निकालने का तरीका</h3><p>लॉकर से सामान निकालने के लिए भी मोबाइल OTP का इस्तेमाल किया जाएगा। यात्री को स्क्रीन पर स्टार्ट विकल्प चुनकर वही रजिस्टर्ड 10 अंकों का मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा।</p><p>इसके बाद मोबाइल पर प्राप्त नए OTP को स्क्रीन पर दर्ज करके सत्यापन करना होगा। <a href="https://navbharatlive.com/utility-news/visa-payment-passkey-launched-india-stop-otp-online-fraud-news-1837418.html">ओटीपी वेरिफिकेशन</a> पूरा होने के बाद स्क्रीन पर दिखाई देने वाले रिलीज विकल्प को चुनना होगा।</p><p>रिलीज विकल्प दबाते ही लॉकर का दरवाजा ऑटोमेटिक खुल जाएगा। यात्री अपना सामान निकालने के बाद लॉकर का दरवाजा बंद कर सकते हैं। इस डिजिटल सुविधा से यात्रियों को स्टेशन पर सामान रखने का आसान, कैशलेस और सुविधाजनक विकल्प मिलेगा।</p>]]></content:encoded></item><item><title>Rapido पर CCPA का बड़ा एक्शन, डार्क पैटर्न के इस्तेमाल पर लगा 10 लाख रुपये का जुर्माना</title><link>https://navbharatlive.com/utility-news/rapido-fine-ccpa-imposes-10-lakh-penalty-dark-patterns-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/utility-news/rapido-fine-ccpa-imposes-10-lakh-penalty-dark-patterns-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">436ecfd2-1fa9-437e-b638-c6f92d978fcb</guid><pubDate>Tue, 15 Sep 2026 22:56:28 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-15T22:56:28.950+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Utility News,Rapido,Ola Cabs,Uber</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-15/n9ednzg5/rapido-fine-ccpa.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ Rapido पर लगा जुर्माना]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ CCPA Rapido Fine News]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-15/n9ednzg5/rapido-fine-ccpa.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>यूटिलिटी</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>CCPA Rapido Fine News:</strong> राइड बुकिंग प्लेटफॉर्म 'रैपिडो' का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने रैपिडो की मूल कंपनी पर 10 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। </p><p>जांच में पाया गया कि कंपनी ऐप पर डार्क पैटर्न का इस्तेमाल करके ग्राहकों को एक्स्ट्रा पैसे देने के लिए मजबूर करती थी। उपभोक्ता मामलों के विभाग की इस कड़ी कार्रवाई से अब कैब और बाइक एग्रीगेटर ऐप्स में मनमानी पर रोक लगेगी।</p><h3>रैपिडो पर CCPA की बड़ी कार्रवाई</h3><p>राइड बुकिंग ऐप रैपिडो का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों से जुड़ा बड़ा अपडेट सामने आया है। सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी यानी CCPA ने रैपिडो संचालित करने वाली कंपनी रोपेन ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।</p><p>CCPA की जांच में ऐप पर ऐसे तरीकों के इस्तेमाल की बात सामने आई, जिनसे ग्राहकों को ज्यादा किराया देने के लिए प्रभावित किया जा रहा था। उपभोक्ता मामलों के विभाग की यह कार्रवाई कैब और बाइक टैक्सी एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म्स पर उपभोक्ताओं के हितों और पारदर्शिता को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।</p><h3>‘कन्फर्म शेमिंग’ के जरिए ज्यादा किराया देने का दबाव</h3><p>जांच के दौरान अथॉरिटी ने रैपिडो के बुकिंग इंटरफेस की जांच की। इसमें पाया गया कि राइड बुक करते समय ग्राहकों को ऐसे मैसेज दिखाए जाते थे, जिनमें ज्यादा कीमत देने पर राइड मिलने की संभावना बढ़ने की बात कही जाती थी।</p><p>ऐप पर यह भी दिखाया जाता था कि कैप्टन 60 रुपये पर राइड स्वीकार नहीं कर रहे हैं। इसके बाद ग्राहकों को 10, 20 या 30 रुपये अतिरिक्त जोड़ने के लिए प्रेरित किया जाता था, ताकि राइड जल्दी कंफर्म हो सके।</p><p>CCPA ने इस तरीके को ‘कन्फर्म शेमिंग’ माना। अथॉरिटी के मुताबिक, यह ‘डार्क पैटर्न्स की रोकथाम और नियमन के लिए गाइडलाइंस, 2023’ के तहत अनुचित तरीका है।</p><h3>‘Set Your Price’ स्लाइडर पर भी उठे सवाल</h3><p>CCPA ने रैपिडो के ‘Set Your Price’ यानी अपनी कीमत तय करें फीचर की भी जांच की। इसमें मौजूद कलर कोडेड स्लाइडर को लेकर अथॉरिटी ने इंटरफेस में हेरफेर किए जाने की बात कही।</p><p>जांच के मुताबिक, जब ग्राहक किराया बढ़ाते थे तो स्लाइडर हरे रंग में दिखाई देता था और राइड मिलने की संभावना ज्यादा बताई जाती थी। इसके विपरीत किराया कम करने पर लाल या नारंगी रंग की चेतावनी दिखाई देती थी।</p><p>CCPA ने इसे ‘इंटरफेस इंटरफेरेंस’ नाम के डार्क पैटर्न के रूप में माना। अथॉरिटी के अनुसार, इस तरह का विजुअल डिजाइन ग्राहक के फैसले को प्रभावित कर सकता है और उसे ज्यादा भुगतान की ओर ले जा सकता है।</p><h3>राइड खत्म होने के बाद ही मिले टिप का विकल्प</h3><p>CCPA ने राइड के दौरान या राइड पूरी होने से पहले टिप देने से जुड़े नियमों को लेकर भी स्पष्टता दी है। अथॉरिटी के अनुसार, टिप ग्राहक की इच्छा से दिया जाने वाला भुगतान है और इसे सेवा लेने की अनिवार्य शर्त नहीं बनाया जा सकता।</p><p>‘<a href="https://navbharatlive.com/utility-news/helmet-rules-traffic-challan-motor-vehicle-act-fine-india-1853762.html">मोटर व्हीकल</a> एग्रीगेटर गाइडलाइंस, 2025’ का हवाला देते हुए CCPA ने कहा कि टिपिंग का विकल्प राइड पूरी होने के बाद ही उपलब्ध होना चाहिए। इसका उद्देश्य ग्राहकों को बिना दबाव के टिप देने का विकल्प देना है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/utility-news/zomato-cod-charges-how-to-avoid-pay-on-delivery-fee-pss06">Zomato COD Fee: जोमैटो ने कैश ऑन डिलीवरी पर लगाया नया चार्ज, इन 4 तरीकों से बचाएं अपना एक्स्ट्रा पैसा</a></aside><h3>ओला-उबर समेत अन्य प्लेटफॉर्म भी जांच के दायरे में</h3><p>इससे पहले CCPA ने उबर, ओला, रैपिडो और नम्मा यात्री जैसे प्लेटफॉर्म्स को नोटिस जारी किए थे। इनमें <a href="https://navbharatlive.com/utility-news/government-bans-ola-uber-rapido-advance-tip">ओला और उबर</a> से जुड़े मामलों की जांच अभी जारी है।</p><p>CCPA की कार्रवाई से यह संकेत मिलता है कि कैब और बाइक टैक्सी प्लेटफॉर्म्स के किराया तय करने, बुकिंग इंटरफेस और टिपिंग जैसे फीचर्स पर उपभोक्ता हितों के नजरिए से निगरानी बढ़ सकती है। रैपिडो पर लगाया गया 10 लाख रुपये का जुर्माना इसी दिशा में उठाया गया एक अहम कदम है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>Zomato COD Fee: जोमैटो ने कैश ऑन डिलीवरी पर लगाया नया चार्ज, इन 4 तरीकों से बचाएं अपना एक्स्ट्रा पैसा</title><link>https://navbharatlive.com/utility-news/zomato-cod-charges-how-to-avoid-pay-on-delivery-fee-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/utility-news/zomato-cod-charges-how-to-avoid-pay-on-delivery-fee-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">6e8f2caf-7796-4cf6-9a11-5cf3d584116a</guid><pubDate>Sun, 13 Sep 2026 19:31:07 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-13T19:31:07.896+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Utility News,UPI Payment,Zomato,Swiggy,Swiggy Instamart,Paytm</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-13/qtbyplsi/zomato-cod-fee.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ जोमैटो कैश ऑन डिलीवरी चार्ज]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Tips To Avoid Zomato COD Charges]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-13/qtbyplsi/zomato-cod-fee.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>यूटिलिटी</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Tips To Avoid Zomato COD Charges:</strong> ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो ने कैश ऑन डिलीवरी ऑर्डर्स पर एक नया अतिरिक्त शुल्क वसूलना शुरू कर दिया है। कंपनी द्वारा लागू किए गए इस नए शुल्क को ऑफिशियल पे ऑन डिलीवरी फीस का नाम दिया गया है। </p><p>अगर आप भी खाना डिलीवर होने पर नकद भुगतान करते हैं तो आपके बिल में 5 से 20 रुपए तक ज्यादा जोड़े जाएंगे। हालांकि सही जानकारी और सही डिजिटल विकल्पों का उपयोग करके आप इस एक्स्ट्रा चार्ज से आसानी से बच सकते हैं।</p><h3>डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने का उद्देश्य</h3><p>देश भर में युवाओं के बीच लोकप्रिय फूड डिलीवरी ऐप जोमैटो ने कैश ऑन डिलीवरी पर नया चार्ज लगा दिया है। अगर आप खाना मंगवाते समय नकद भुगतान चुनते हैं तो आपके कुल बिल में अतिरिक्त शुल्क जोड़ा जाएगा। </p><p>कंपनी ने इसे पे ऑन डिलीवरी फीस का नाम दिया है जो हर नकद ऑर्डर पर 5 से 20 रुपए तक वसूला जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य नकद लेन देन में होने वाली दिक्कतों को कम करना और ग्राहकों को डिजिटल पेमेंट से जोड़ना है।</p><h3>ऑनलाइन डिजिटल पेमेंट मोड का चयन करें</h3><p>जोमैटो के इस अतिरिक्त पे ऑन डिलीवरी शुल्क से बचने का सबसे आसान तरीका ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम को अपनाना है। जब भी आप जोमैटो ऐप से खाना ऑर्डर करें तो पेमेंट पेज पर कैश ऑन डिलीवरी का विकल्प चुनने से बचें। </p><p>इसके बजाय आप ऑर्डर कंफर्म करते समय UPI, नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड का चयन कर सकते हैं। ऑनलाइन डिजिटल मोड से भुगतान करने पर कंपनी कोई एक्स्ट्रा पे ऑन डिलीवरी चार्ज नहीं वसूलती है।</p><h3>जोमैटो गोल्ड मेंबरशिप का लाभ उठाएं</h3><p>अगर आप अक्सर ऑनलाइन खाना मंगवाते हैं तो Zomato Gold मेंबरशिप आपके लिए एक काफी अच्छा विकल्प साबित हो सकती है। यद्यपि यह मेंबरशिप सीधे कैश ऑन डिलीवरी फीस माफ नहीं करती परंतु यह आपके कुल बिल को काफी कम कर देती है। </p><p>जोमैटो गोल्ड मेंबरशिप से ग्राहकों को फ्री डिलीवरी सुविधा के साथ चुनिंदा रेस्टोरेंट्स पर 30 प्रतिशत तक की छूट मिलती है। इस 30 प्रतिशत छूट और फ्री डिलीवरी से मिलने वाली बचत आपके अतिरिक्त पे ऑन डिलीवरी चार्ज की भरपाई कर देती है।</p><h3>प्स्विगी और ONDC का उपयोग करें</h3><p>अगर आपके पास <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/bhopal-double-murder-case-property-dispute-sit-investigation-online-payment-clue-1834861.html">ऑनलाइन पेमेंट</a> की सुविधा उपलब्ध नहीं है और आप नकद ही भुगतान करना चाहते हैं तो दूसरा ऐप चुनें। जोमैटो के प्रमुख कॉम्पटीटर प्लेटफॉर्म स्विगी पर फिलहाल कैश ऑन डिलीवरी के लिए कोई भी एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लिया जा रहा है। </p><p>इसके अलावा आप पेटीएम या मैजिकपिन ऐप से ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स यानी ONDC नेटवर्क से खाना मंगवा सकते हैं। ONDC नेटवर्क पर जोमैटो और स्विगी के मुकाबले खाना काफी सस्ता मिलता है तथा डिलीवरी चार्ज भी कम रहता है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/utility-news/morth-draft-rule-vehicle-headlight-rules-india-safety-pss06">Vehicle Light Rules: गाड़ियों की लाइट को लेकर आ रहे कड़े नियम, जानें सरकारी ड्राफ्ट रूल में क्या-क्या बदला</a></aside><h3>अपने नजदीकी रेस्टोरेंट को सीधे फोन करके खाना मंगवाएं</h3><p>अतिरिक्त <a href="https://navbharatlive.com/business/union-finance-minister-nirmala-sitharaman-on-upi-charges-claim">प्लेटफॉर्म चार्ज</a> और COD शुल्क से बचने का एक और बेहतरीन उपाय लोकल रेस्टोरेंट से सीधे संपर्क करना है। आप अपने घर के आसपास मौजूद नजदीकी रेस्टोरेंट को सीधे कॉल करके बिना किसी ऐप के भोजन ऑर्डर कर सकते हैं।</p><p>अधिकांश स्थानीय रेस्टोरेंट सीधे होम डिलीवरी सुविधा प्रदान करते हैं और नकद पेमेंट पर कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं वसूलते हैं। इस तरह आप जोमैटो के 5 से 20 रुपए तक के अतिरिक्त पे ऑन डिलीवरी चार्ज से बचकर पैसे बचा सकते हैं।</p>]]></content:encoded></item><item><title>Vehicle Light Rules: गाड़ियों की लाइट को लेकर आ रहे कड़े नियम, जानें सरकारी ड्राफ्ट रूल में क्या-क्या बदला</title><link>https://navbharatlive.com/utility-news/morth-draft-rule-vehicle-headlight-rules-india-safety-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/utility-news/morth-draft-rule-vehicle-headlight-rules-india-safety-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">19ce77c8-bb96-4fb1-aace-291a9fae4cc7</guid><pubDate>Sun, 13 Sep 2026 19:09:04 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-13T19:09:04.286+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>India,Utility News,Road Safety Campaign,Ministry of Road Transport and Highways</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-13/m1qsd7ug/headlight-rules.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ नए वेहिकल हेडलाइट रूल्स]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ MoRTH New Headlight Rules]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-13/m1qsd7ug/headlight-rules.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>यूटिलिटी</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>MoRTH New Headlight Rules:</strong> रात के समय सड़कों पर वाहनों की तेज हाई बीम हेडलाइट्स से आंखों में लगने वाली चकाचौंध को रोकने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में व्यापक संशोधन करने के लिए नया ड्राफ्ट प्रस्ताव जारी किया है। </p><p>मंत्रालय द्वारा चलाए गए जागरूकता अभियानों के बावजूद हाई बीम का गलत इस्तेमाल न रुकने की वजह से अब कड़े कानूनी नियम लागू किए जा रहे हैं। नए नियमों के लागू होने के बाद दोपहिया और चौपहिया वाहनों में ऑटोमेटिक लो बीम और ब्राइटनेस सीमा में बड़े सुधार देखने को मिलेंगे।</p><h3>दोपहिया वाहनों में केवल लो बीम पर चालू होगा ऑटोमेटिक हेडलाइट सिस्टम</h3><p>मौजूदा समय में दोपहिया वाहनों में मौजूद ऑटोमेटिक हेडलाइट ऑन (AHO) सिस्टम लो बीम या हाई बीम दोनों पर ही चालू हो सकता है। परंतु नए नियम लागू होने के बाद निर्मित होने वाले सभी नए दोपहिया वाहनों में AHO सिस्टम ऑटोमेटिक चालू होने पर हेडलाइट केवल लो बीम में ही काम करेगी। सड़क परिवहन मंत्रालय का यह नया नियम केवल भविष्य में बनने वाले नए दोपहिया वाहनों पर लागू होगा, पुरानी गाड़ियों पर इसका प्रभाव नहीं पड़ेगा।</p><h3>हेडलाइट्स की ब्राइटनेस और कैंडेला लिमिट घटाने का प्रस्ताव</h3><p>रात में सामने से आ रहे चालकों को चकाचौंध से बचाने के लिए मंत्रालय ने हेडलाइट्स की अधिकतम लाइट इंटेंसिटी घटाने का प्रस्ताव रखा है। प्रस्ताव के अनुसार हेडलाइट की अधिकतम स्वीकार्य तीव्रता को 1.5 लाख कैंडेला (cd) से घटाकर 1 लाख कैंडेला निर्धारित किया जा सकता है। वहीं कार और अन्य चार पहिया वाहनों के लिए अधिकतम लाइट इंटेंसिटी को 2.25 लाख कैंडेला से घटाकर 1.5 लाख कैंडेला करने का प्रावधान है।</p><h3>सफेद लाइट की चुभन कम करने के लिए कलर टेम्परेचर सीमा</h3><p>रिसर्च में पाया गया है कि अत्यधिक सफेद और हाई कलर टेम्परेचर वाली हेडलाइट्स तथा फॉग लैंप्स से सड़कों पर अत्यधिक चकाचौंध पैदा होती है। इस चकाचौंध से सामने वाले चालकों की विजिबिलिटी प्रभावित होती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा काफी बढ़ जाता है। </p><p>इसलिए ड्राफ्ट नियमों के अंतर्गत वाहन की रोशनी का अधिकतम कलर टेम्परेचर 6,500K तय करने का प्रस्ताव शामिल किया गया है। इसके साथ ही मेन बीम हेडलाइट्स की माउंटिंग हाइट को भी पासिंग बीम हेडलाइट्स के समान स्तर पर रखने की बात कही गई है।</p><h3>कम स्पीड पर बजेगा स्पीड सेंसिटिव हाई बीम ऑडियो अलार्म</h3><p>शहरों के भीतर बेवजह हाई बीम का इस्तेमाल रोकने के लिए नई कारों और मोटरसाइकिलों में स्पीड सेंसिटिव ऑडियो अलार्म दिया जाएगा। अगर ड्राइवर शहरों में कम स्पीड पर मैनुअली हाई बीम पर स्विच करता है, तो गाड़ी में एक साउंड वार्निंग बजेगी। </p><p>यह <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/mumbai/bmc-mumbai-schools-anti-theft-fire-extinguishers-tender-2026-rgs12">ऑडियो अलार्म</a> ड्राइवर को तुरंत लो बीम पर आने का सुझाव देगा, जिससे हादसों पर रोक लग सकेगी। यह अलार्म स्पीड सेंसिटिव होगा, जिससे गाड़ी 60 किमी प्रति घंटा से ज्यादा स्पीड में चलने पर यह अलार्म नहीं बजेगा।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/utility-news/instant-debit-card-from-atm-machine-rules-pss06">ATM New Rule: अब एटीएम से सिर्फ कैश ही नहीं, तुरंत हाथ में मिलेगा नया डेबिट और क्रेडिट कार्ड</a></aside><h3>भारी वाहनों के लिए रिफ्लेक्टिव टेप और नियम लागू होने की समयसीमा</h3><p>रात में सड़कों पर खड़े या चल रहे <a href="https://navbharatlive.com/bihar/bihar-private-vehicle-toll-tax-clarification-samrat-choudhary-road-user-fee-policy-1848695.html">कमर्शियल वाहनों</a> की दृश्यता बढ़ाने के लिए भी कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। ड्राफ्ट प्रस्ताव के अनुसार सभी बसों, ट्रकों और कमर्शियल भारी वाहनों पर प्रमाणित रिफ्लेक्टिव टेप लगाना अनिवार्य किया जाएगा। </p><p>रिफ्लेक्टिव टेप लगने से पीछे या सामने से आने वाली गाड़ियां दूर से ही भारी वाहनों को पहचान सकेंगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक ये नए कड़े सेफ्टी नॉर्म्स अगले साल अप्रैल से लागू किए जा सकते हैं।</p>]]></content:encoded></item><item><title>ATM New Rule: अब एटीएम से सिर्फ कैश ही नहीं, तुरंत हाथ में मिलेगा नया डेबिट और क्रेडिट कार्ड</title><link>https://navbharatlive.com/utility-news/instant-debit-card-from-atm-machine-rules-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/utility-news/instant-debit-card-from-atm-machine-rules-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">7b17da09-ee10-4405-9d9e-4e215f4b8f71</guid><pubDate>Sat, 12 Sep 2026 23:01:30 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-12T23:01:30.586+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Utility News,RuPay,Debit Card,Credit Card</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-12/6osyc4bx/instant-debit-card-atm.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ ATM मशीन]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Getting Instant Debit Card From ATM]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-12/6osyc4bx/instant-debit-card-atm.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>यूटिलिटी</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Getting Instant Debit Card From ATM:</strong> बैंकिंग सर्विसेज को आसान और तेज बनाने के लिए नए डिजिटल रिफॉर्म्स की अनाउंसमेंट की गई है। इसके तहत फ्यूचर में कस्टमर एटीएम मशीन से ही नया डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और NCMC कार्ड तुरंत प्राप्त कर सकेंगे। इससे बैंक ब्रांच में जाने और कार्ड के लिए लंबे समय तक वेट करने की जरूरत कम होगी।</p><h3>ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में हुआ बड़ा अनाउंसमेंट</h3><p>मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में वित्तीय सेवा विभाग यानी डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज (DFS) ने बैंकिंग सर्विसेज को अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए कई डिजिटल रिफॉर्म्स की रूपरेखा पेश की है।</p><p>इनमें ओपन-सोर्स एंड्रॉयड आधारित नया एटीएम सॉल्यूशन खास तौर पर महत्वपूर्ण है। इस टेक्नोलॉजी के जरिए एटीएम मशीनों को सिर्फ कैश निकालने और बैलेंस चेक करने तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इनके जरिए कई बैंकिंग सर्विसेज उपलब्ध कराने की तैयारी है।</p><p>नई व्यवस्था लागू होने के बाद कस्टमर्स को नया कार्ड लेने के लिए बार-बार बैंक ब्रांच जाने या कूरियर से कार्ड पहुंचने का वेट नहीं करना पड़ेगा।</p><h3>ATM से तुरंत मिलेंगे तीन तरह के कार्ड</h3><p>अब तक एटीएम का इस्तेमाल मुख्य रूप से कैश निकालने, बैलेंस चेक करने और पिन बदलने जैसे कामों के लिए होता रहा है। लेकिन नए एटीएम सॉल्यूशन के तहत इसकी भूमिका काफी बढ़ने वाली है।</p><p>इस व्यवस्था में कस्टमर एटीएम मशीन से रुपे डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड यानी NCMC प्राप्त कर सकेंगे। कार्ड मशीन से ही प्रिंट होकर बाहर आएगा, जिससे कस्टमर को उसे हासिल करने के लिए अलग से बैंक ब्रांच जाने की जरूरत नहीं होगी।</p><p>इस फैसिलिटी से कार्ड जारी होने की प्रोसेस तेज हो सकती है और बैंकिंग सर्विसेज तक कस्टमर्स की पहुंच आसान हो सकती है।</p><h3>9 बड़े बैंक और NPCI कर रहे ट्रायल</h3><p>फिलहाल इस ओपन-सोर्स एंड्रॉयड आधारित एटीएम सॉल्यूशन का ट्रायल किया जा रहा है। इसमें देश के 9 प्रमुख बैंक, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और एटीएम कंपनियां शामिल हैं।</p><p>टेस्टिंग में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), <a href="https://navbharatlive.com/career/bank-of-baroda-lbo-recruitment-2026-2482-local-bank-officer-vacancy-apply-online">बैंक ऑफ बड़ौदा</a> (BOB), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), बैंक ऑफ इंडिया (BOI), यूको बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शामिल हैं।</p><p>इसके अलावा स्लाइस स्मॉल फाइनेंस बैंक और एयरटेल पेमेंट्स बैंक भी इस ट्रायल का हिस्सा हैं। इसका उद्देश्य नई टेक्नोलॉजी को रियल बैंकिंग जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/utility-news/bhu-aadhaar-ulpin-land-record-scheme-rules-pss06">बदल रहा है जमीन रजिस्ट्री का पूरा सिस्टम! जानिए क्या है 'भू-आधार' और कैसे मिलेगी अलग पहचान</a></aside><h3>ATM बनेंगी मिनी बैंक ब्रांच</h3><p>फ्यूचर में एटीएम मशीनें केवल कैश निकालने की जगह नहीं रहेंगी, बल्कि मिनी बैंक ब्रांच की तरह काम कर सकती हैं। इनमें चेक जमा करने, नया बैंक अकाउंट खोलने और इंस्टेंट लोन के लिए अप्लाई करने जैसी फैसिलिटीज जोड़ने की तैयारी है।</p><p>ऐसी सर्विसेज शुरू होने से कस्टमर्स को छोटे बैंकिंग कामों के लिए ब्रांच में लंबी कतारों में खड़े होने की जरूरत कम हो सकती है।</p><p>नई <a href="https://navbharatlive.com/technology/finance-minister-nirmala-sitharaman-issues-a-major-warning-on-ai-srs13">डिजिटल व्यवस्था</a> खासकर उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है, जिन्हें बैंकिंग सर्विसेज के लिए ब्रांच तक पहुंचने में परेशानी होती है। इसके जरिए देश के दूर-दराज क्षेत्रों तक मॉडर्न बैंकिंग फैसिलिटीज पहुंचाने की दिशा में भी मदद मिल सकती है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>बदल रहा है जमीन रजिस्ट्री का पूरा सिस्टम! जानिए क्या है &apos;भू-आधार&apos; और कैसे मिलेगी अलग पहचान</title><link>https://navbharatlive.com/utility-news/bhu-aadhaar-ulpin-land-record-scheme-rules-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/utility-news/bhu-aadhaar-ulpin-land-record-scheme-rules-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">a2d58353-0bbf-49c3-b593-36f4fea6e2ac</guid><pubDate>Fri, 11 Sep 2026 23:01:55 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-11T23:01:55.397+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Utility News,Aadhaar Card,Land Owner,Digital India</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-11/7tr1keay/bhu-aadhaar-ulpin-scheme.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ भू-आधार ]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Land Record Bhu Aadhaar ULPIN]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-11/7tr1keay/bhu-aadhaar-ulpin-scheme.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>यूटिलिटी</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Land Record Bhu Aadhaar ULPIN:</strong> केंद्र सरकार ने देश में जमीन की रजिस्ट्री और भू-अभिलेखों को डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब हर जमीन और प्लॉट को 14 अंकों का यूनिक पहचान नंबर दिया जा रहा है। इसे भू-आधार या ULPIN के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। यह व्यवस्था जमीन की पहचान, नक्शे और रिकॉर्ड को डिजिटल सिस्टम से जोड़ने में मदद करेगी।</p><h3>DILRMP 3.0 के तहत शुरू हुआ नया सिस्टम</h3><p>केंद्र सरकार ने जमीन से जुड़े रिकॉर्ड को आधुनिक और डिजिटल बनाने के लिए डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड्स मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम 3.0 यानी DILRMP 3.0 की शुरुआत की है। सितंबर 2026 में जारी ऑफिशियल दिशा-निर्देशों के तहत इसके राष्ट्रव्यापी क्रियान्वयन की फॉर्मल शुरुआत की गई है।</p><p>सरकार ने वर्ष 2026 से 2031 तक पांच साल की अवधि के लिए इस प्रोग्राम का खाका तैयार किया है। इसे देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फेज-वाइज तरीके से लागू किया जा रहा है। इसका उद्देश्य जमीन के रिकॉर्ड को ज्यादा व्यवस्थित, सिक्योर और ट्रांसपेरेंट बनाना है।</p><h3>14 अंकों का ULPIN क्या है?</h3><p>भू-आधार ULPIN के तहत देश के प्रत्येक भूखंड और प्लॉट को 14 अंकों की स्पेसिफिक आइडेंटिटी संख्या दी जाएगी। यह नंबर जमीन के डिजिटल आइडेंटिटी कार्ड की तरह काम करेगा। इसके जरिए संबंधित जमीन की सटीक पहचान और ज्योग्राफिकल लोकेशन दर्ज की जाएगी।</p><p>इस व्यवस्था में GIS यानी जियोग्राफिकल इन्फॉर्मेशन सिस्टम टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे जमीन के नक्शे, उसकी पहचान, ओनरशिप और रजिस्ट्री से जुड़ी जानकारी को इंटीग्रेटेड डिजिटल सिस्टम में जोड़ा जा सकेगा। इससे जमीन से संबंधित जानकारी को ट्रैक करना आसान होगा।</p><h3>जमीन के फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम</h3><p>भू-आधार सिस्टम का सबसे बड़ा फायदा जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े को रोकने में हो सकता है। डिजिटल आइडेंटिटी मिलने के बाद एक ही जमीन को अलग-अलग लोगों को बेचने जैसी धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।</p><p>फर्जी डॉक्यूमेंट्स और जाली रजिस्ट्री के जरिए जमीन पर कब्जा करने की घटनाओं को भी रोकने में यह डिजिटल व्यवस्था उपयोगी हो सकती है। जमीन के रिकॉर्ड सिक्योर और इंटीग्रेटेड होने से मालिकाना हक से जुड़ी जानकारी को बेहतर तरीके से प्रोटेक्ट किया जा सकेगा।</p><h3>रेवेन्यू कोर्ट्स के रिकॉर्ड भी होंगे डिजिटल</h3><p>इस स्कीम के तहत गांवों और शहरों की प्रॉपर्टीज से जुड़े डेटा को सेंट्रल डिजिटल सिस्टम से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है। पुरानी जमीनों और प्रॉपर्टीज के रजिस्ट्री डॉक्यूमेंट्स को स्कैन कर डिजिटल रिकॉर्ड में सिक्योर किया जाएगा।</p><p>इसके अलावा राज्यों में रेवेन्यू कोर्ट्स के रिकॉर्ड को भी मेन <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/mumbai/maharashtra-land-records-department-expansion-new-offices-2-1746489.html">लैंड रिकॉर्ड सिस्टम</a> से जोड़ा जाएगा। इससे जमीन से जुड़े मामलों और डिस्प्यूट्स की जानकारी एक ही डिजिटल व्यवस्था में उपलब्ध हो सकेगी। इससे लंबे समय से पेंडिंग भूमि विवादों के निपटारे की प्रोसेस को भी आसान बनाने में मदद मिल सकती है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/india/festival-special-trains-2026-diwali-chhath-anand-vihar-bihar-up-rishikesh-muzaffarpur-dadar-aks03">दिवाली-छठ पर घर जाने वालों को रेलवे का बड़ा तोहफा, 4 नई स्पेशल ट्रेनों का ऐलान, चेक करें रूट, नंबर और टाइमिंग</a></aside><h3>जमीन की खरीद-बिक्री होगी आसान</h3><p>DILRMP 3.0 के तहत डिजिटल लैंड रिकॉर्ड सिस्टम के मॉडर्न होने से भविष्य में जमीन की खरीद-बिक्री, दाखिल-खारिज और <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/nagpur/illegal-construction-builders-occupancy-certificate-property-registration">रजिस्ट्री की प्रोसेस</a> अधिक ट्रांसपेरेंट और व्यवस्थित हो सकती है।</p><p>सिटीजन्स को जमीन से जुड़ी जानकारी के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत कम हो सकती है। भू-आधार ULPIN के जरिए जमीन की डिजिटल आइडेंटिटी तैयार होने से देश में सिक्योर और ट्रांसपेरेंट लैंड रिकॉर्ड सिस्टम डेवलप करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>दिवाली-छठ पर घर जाने वालों को रेलवे का बड़ा तोहफा, 4 नई स्पेशल ट्रेनों का ऐलान, चेक करें रूट, नंबर और टाइमिंग</title><link>https://navbharatlive.com/india/festival-special-trains-2026-diwali-chhath-anand-vihar-bihar-up-rishikesh-muzaffarpur-dadar-aks03</link><comments>https://navbharatlive.com/india/festival-special-trains-2026-diwali-chhath-anand-vihar-bihar-up-rishikesh-muzaffarpur-dadar-aks03#comments</comments><guid isPermaLink="false">5c7370e4-c4e7-46ae-87f7-3d06646c9bca</guid><pubDate>Thu, 10 Sep 2026 12:30:20 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-10T12:30:20.437+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अक्षय साहू</atom:name><atom:uri>/api/author/2547990</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Festival Special,Indian Railway,Train Ticket Booking</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-10/mbf1sprg/Festival-Special-Trains.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ भारतीय रेलवे त्योहार के लिए 4 विशेष ट्रेनें चलाएगी]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Festival Special Trains 2026]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-10/mbf1sprg/Festival-Special-Trains.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>देश</category><category>यूटिलिटी</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Festival Special Trains 2026:</strong> भारत में त्योहार का सीजन आते ही सबसे बड़ी समस्या उन लोगों को उठानी पड़ती है, जिन्हें किसी दूसरे शहर या राज्य से अपने अपने शहर या राज्य जाना होता है। भारतीय रेसले ने इसी समस्या को समझते हुए यात्रियों को बड़ा तोहफा दिया है। रेलवे ने दिवाली और छठ जैसे त्योहारों के लिए&nbsp; चार फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है।</p><p>जानकारी के मुकाबिक, इन ट्रेनों का संचालन सितंबर और अक्टूबर 2026 से शुरू होगा और नवंबर के अंत तक जारी रहेगा। इससे दिल्ली, बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और महाराष्ट्र के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।</p><h3>किन-किन शहरों के बीच चलेगी नई ट्रेन&nbsp;</h3><p>रेलवे की ओर से आनंद विहार टर्मिनल से लौकहा बाजार और पाटलिपुत्र के लिए ट्रेनें चलाई जाएंगी। इसके अलावा योग नगरी ऋषिकेश से मुजफ्फरपुर और हजरत निजामुद्दीन से दादर के बीच भी स्पेशल ट्रेनें चलेंगी। इन ट्रेनों में यात्रियों की जरूरत के अनुसार एसी, स्लीपर और सामान्य श्रेणी के कोच उपलब्ध होंगे। दादर जाने वाली ट्रेन में केवल एसी कोच होंगे।</p><h3>आनंद विहार से लौकहा बाजार के बीच नई ट्रेन</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/viral/british-tourist-olly-praises-indian-railways-2ac-coach-comfortable-affordable-travel-viral-review">भारतीय रेलवे</a> की ओर से पहली ट्रेन दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल और लौकहा बाजार के बीच रोजाना चलेगी। ट्रेन संख्या 04014 आनंद विहार से 16 सितंबर 2026 से 29 नवंबर 2026 तक चलेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 04013 लौकहा बाजार से 17 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक चलेगी।</p><h3>ऋषिकेश से मुजफ्फरपुर के बीच साप्ताहिक स्पेशल</h3><p>दूसरी ट्रेन योग नगरी ऋषिकेश और मुजफ्फरपुर के बीच साप्ताहिक स्पेशल के रूप में चलेगी। ट्रेन संख्या 04314 ऋषिकेश से 4 अक्टूबर से 29 नवंबर 2026 तक प्रत्येक रविवार को चलेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 04313 मुजफ्फरपुर से प्रत्येक सोमवार को 5 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक चलेगी।</p><h3>हजरत निजामुद्दीन-दादर साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन</h3><p>तीसरी ट्रेन हजरत निजामुद्दीन और दादर के बीच सुपरफास्ट साप्ताहिक स्पेशल होगी। ट्रेन संख्या 04002 हजरत निजामुद्दीन से 13 अक्टूबर से 24 नवंबर 2026 तक प्रत्येक मंगलवार को चलेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 04001 दादर से 15 अक्टूबर से 26 नवंबर 2026 तक प्रत्येक गुरुवार को चलेगी।</p><h3>आनंद विहार-पाटलिपुत्र स्पेशल ट्रेन</h3><p>चौथी ट्रेन आनंद विहार टर्मिनल और पाटलिपुत्र के बीच रोजाना चलेगी। ट्रेन संख्या 04096 आनंद विहार से 1 अक्टूबर से 29 नवंबर 2026 तक चलेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 04095 पाटलिपुत्र से 2 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक चलेगी। इस ट्रेन को <a href="https://navbharatlive.com/utility-news/irctc-diwali-chhath-ticket-booking-warning-updates-pss06">दिवाली और छठ </a>मानने के लिए बिहार जाने वाले यात्रियों को ध्यान में रखकर चलाया गए है। </p><aside><a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/mumbai/western-railway-man-of-the-month-gm-safety-award-gsp26">रेलवे कर्मियों की मुस्तैदी से टले हादसे, GM रामाश्रय पाण्डेय ने 6 कर्मचारियों को किया सम्मानित</a></aside><p>रेलवे द्वारा इन चार स्पेशल ट्रेनों से त्योहारों के दौरान घर जाने वाले यात्रियों को पहले से अधिक विकल्प मिल जाएंगे। इसके अलावा त्योहारों के सीजन में रेवले पर पड़ने वाला अतिरिक्त भार भी कम हो जाएगा।</p>]]></content:encoded></item><item><title>पुराने मकान को बनाना चाहते हैं PG? शुरू करने से पहले जान लें ये जरूरी नियम</title><link>https://navbharatlive.com/utility-news/rules-for-converting-house-into-pg-guidelines-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/utility-news/rules-for-converting-house-into-pg-guidelines-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">9fdea6a1-8222-42d7-aeee-f9dfcfbe1911</guid><pubDate>Wed, 09 Sep 2026 23:11:54 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-09T23:11:54.408+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Utility News,Municipal Corporation,Fire Safety,hostels</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-09/fovfn5gg/house-into-pg.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ PG]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Rules For Converting House Into PG]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-09/fovfn5gg/house-into-pg.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>यूटिलिटी</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Rules For Converting House Into PG:</strong> अगर आप अपने पुराने मकान को पेइंग गेस्ट यानी PG में बदलने की योजना बना रहे हैं, तो केवल कमरों का निर्माण और फर्नीचर लगाना पर्याप्त नहीं है। पुराने रिहायशी भवन को PG में बदलते समय उसकी स्ट्रक्चरल सेफ्टी, स्थानीय नियमों और सिक्योरिटी व्यवस्था का ध्यान रखना जरूरी है। </p><p>इसके लिए सबसे पहले योग्य सिविल इंजीनियर से स्ट्रक्चरल ऑडिट कराना चाहिए। साथ ही नगर निगम या संबंधित डेवलपमेंट अथॉरिटी से जरूरी परमिशन, बिजली कनेक्शन और फायर सेफ्टी जैसे नियमों की जानकारी लेना भी आवश्यक है।</p><h3>सबसे पहले कराएं स्ट्रक्चरल ऑडिट</h3><p>पुराने मकान को PG में बदलने से पहले किसी योग्य सिविल इंजीनियर से पूरी बिल्डिंग का स्ट्रक्चरल ऑडिट करवाना जरूरी है। इससे मकान की नींव, छत, दीवारों और अन्य स्ट्रक्चरल हिस्सों की मजबूती का पता चलता है।</p><p>PG में एक्स्ट्रा बाथरूम, पानी की बड़ी टंकियां, गीजर, AC और अन्य फैसिलिटीज लगाने से बिल्डिंग पर ज्यादा लोड पड़ सकता है। इसलिए किसी भी तरह का कंस्ट्रक्शन या बदलाव करने से पहले उसकी स्ट्रक्चरल कैपेसिटी की जांच कराना जरूरी है।</p><h3>कमरों और जगह का सही इस्तेमाल</h3><p>पुराने मकानों में अक्सर एक या दो कॉमन बाथरूम होते हैं, जबकि PG में रहने वाले लोगों की संख्या के अनुसार एक्स्ट्रा बाथरूम की जरूरत पड़ सकती है। बड़े हॉल या कमरों में पार्टिशन करके जगह का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है।</p><p>हालांकि कमरे बढ़ाने के चक्कर में हवा और रोशनी की व्यवस्था से समझौता नहीं करना चाहिए। प्रत्येक कमरे में पर्याप्त नैचुरल लाइट और वेंटिलेशन के लिए खिड़कियां या रोशनदान होना जरूरी है।</p><h3>नगर निगम की परमिशन और बिजली कनेक्शन</h3><p>रिहायशी मकान में PG जैसी कमर्शियल एक्टिविटी शुरू करने से पहले स्थानीय नगर निगम या डेवलपमेंट अथॉरिटी के नियमों की जांच करनी चाहिए। कई शहरों में PG ऑपरेशन के लिए रजिस्ट्रेशन, NOC या अन्य परमिशन की जरूरत हो सकती है।</p><p>इसी तरह बिजली और पानी के कनेक्शन के नियम भी स्थानीय प्रावधानों पर निर्भर करते हैं। PG को घरेलू कनेक्शन पर चलाने से पहले यह जरूर जांच लें कि संबंधित डिपार्टमेंट के नियम क्या कहते हैं। नियमों का उल्लंघन होने पर जुर्माना या अन्य कार्रवाई हो सकती है।</p><h3>CCTV और सिक्योरिटी व्यवस्था रखें मजबूत</h3><p>PG में छात्र, छात्राएं और वर्किंग प्रोफेशनल्स रह सकते हैं, इसलिए सिक्योरिटी व्यवस्था मजबूत रखना बेहद जरूरी है। मुख्य एंट्री गेट पर केयरटेकर या <a href="https://navbharatlive.com/viral/security-guard-rs-10-company-lunch-viral-instagram-video-wholesome-meal-1898453.html">सिक्योरिटी गार्ड</a> की व्यवस्था की जा सकती है।</p><p>इसके अलावा एंट्री पॉइंट, कॉमन एरिया और कॉरिडोर में CCTV कैमरे लगाए जाने चाहिए। किरायेदारों के टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर के लिए पर्याप्त पार्किंग स्पेस की व्यवस्था भी जरूरी है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/gujarat/gandhinagar-kudasan-boski-the-empire-construction-site-slab-collapse-workers-trapped-ars24">गांधीनगर में बड़ा हादसा, स्लैब गिरने से मचा हड़कंप, मलबे में दबे 10 लोग; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी</a></aside><h3>फायर सेफ्टी को बिल्कुल न करें नजरअंदाज</h3><p>किसी भी PG में <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/chhatrapati-sambhajinagar/asian-hospital-nicu-fire-nine-newborns-among-58-patients-safe-chhatrapati-sambhajinagar-auk01">फायर सेफ्टी</a> सबसे महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं में से एक है। इमारत में पर्याप्त फायर एक्सटिंग्विशर्स, इमरजेंसी एग्जिट और सुरक्षित बाहर निकलने का रास्ता होना चाहिए।</p><p>आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए इमरजेंसी इवैक्युएशन प्लान तैयार रखना भी जरूरी है। पुराने मकान को PG में बदलते समय बिजली की वायरिंग, पानी की पाइपलाइन और अन्य जरूरी फैसिलिटीज की भी जांच व मरम्मत करानी चाहिए।</p><p>कुल मिलाकर, पुराने घर को PG में बदलने से पहले केवल कमाई की संभावना पर ध्यान देने के बजाय स्ट्रक्चरल सेफ्टी, स्थानीय कानूनी नियम और रहने वाले लोगों की सिक्योरिटी को प्राथमिकता देना जरूरी है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>Ration Card Surrender: अपात्र लोगों को करना होगा राशन कार्ड सरेंडर, सरकार ने सख्त किए नियम</title><link>https://navbharatlive.com/utility-news/ration-card-surrender-government-changes-eligibility-criteria-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/utility-news/ration-card-surrender-government-changes-eligibility-criteria-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">fad01a62-e80f-4830-a055-5d61b3d69ae1</guid><pubDate>Wed, 09 Sep 2026 21:30:47 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-09T21:30:47.193+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Utility News,Ration Card</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-09/t4n6rxyg/ration-card-surrender.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ राशन कार्ड सरेंडर]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Government Rules For Ration Card Surrender]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-09/t4n6rxyg/ration-card-surrender.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>यूटिलिटी</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Government Rules For Ration Card Surrender:</strong> फ्री राशन योजना का लाभ सही पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए सरकार ने राशन वितरण व्यवस्था में नियमों को सख्त किया है। ऐसे परिवार जो अब पात्रता की शर्तें पूरी नहीं करते हैं, उन्हें अपना राशन कार्ड सरेंडर करना पड़ सकता है। सरकार डिजिटल वेरिफिकेशन, आधार ई-केवाईसी और बायोमेट्रिक प्रोसेस के जरिए अपात्र लाभार्थियों की पहचान कर रही है। अगर कोई व्यक्ति अपात्र होने के बावजूद सरकारी राशन का लाभ लेता है, तो उसके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई और राशन की लागत की वसूली हो सकती है।</p><h3>पांच साल में 2.49 करोड़ से ज्यादा कार्ड कैंसिल</h3><p>सरकारी आंकड़ों के अनुसार, साल 2020 से 2025 के बीच देश में 2.49 करोड़ से ज्यादा राशन कार्ड कैंसिल या सरेंडर किए गए हैं। डिजिटाइजेशन और सख्त वेरिफिकेशन प्रोसेस के चलते फर्जी और अपात्र लाभार्थियों की पहचान करना आसान हुआ है।</p><p>ऑफिशियल आंकड़ों में 2013 से अब तक करीब 6 करोड़ फर्जी और इनएलिजिबल राशन कार्ड सिस्टम से हटाए जाने की जानकारी दी गई है। सरकार का उद्देश्य पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम यानी PDS के तहत मिलने वाला खाद्यान्न वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाना है।</p><h3>किन लोगों को राशन कार्ड सरेंडर करना होगा?</h3><p>अगर परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी या सरकारी सर्विस में है और परिवार BPL कैटेगरी के लिए एलिजिबल नहीं है, तो राशन कार्ड की एलिजिबिलिटी खत्म हो सकती है। इसी तरह इनकम निर्धारित सीमा से अधिक होने पर भी बेनिफिशियरी इनएलिजिबल माना जा सकता है।</p><p>इनकम की लिमिट राज्य के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। उदाहरण के तौर पर दी गई जानकारी में दिल्ली में 2.5 लाख रुपये, हरियाणा में 1.8 लाख रुपये और कर्नाटक में 1.20 लाख रुपये की एनुअल इनकम लिमिट का उल्लेख है।</p><p>इसके अलावा पक्का मकान, फोर-व्हीलर, एसी या कुछ प्रकार की प्रॉपर्टी और बिजनेस स्टेटस जैसी परिस्थितियां भी कुछ कैटेगरी में एलिजिबिलिटी को प्रभावित कर सकती हैं। परिवार में कोई सदस्य इनकम टैक्स पेयर है, तो भी राशन कार्ड की एलिजिबिलिटी की जांच जरूरी है।</p><h3>इन वजहों से भी बंद हो सकता है कार्ड</h3><p>इनएलिजिबिलिटी के अलावा राशन कार्ड के डीएक्टिवेट या कैंसिल होने के कुछ अन्य कारण भी हो सकते हैं। अगर कोई परिवार लगातार छह महीने तक राशन नहीं लेता है, तो कार्ड को अस्थायी रूप से डीएक्टिवेट किया जा सकता है।</p><p>आधार ई-केवाईसी या <a href="https://navbharatlive.com/india/bihar-neet-solver-gang-re-exam-proxy-candidates-arrest-latest-news-1813374.html">बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन</a> पूरा नहीं करने पर भी बेनिफिशियरी का रिकॉर्ड प्रभावित हो सकता है। वहीं परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु होने या शादी के बाद किसी सदस्य के स्थायी रूप से दूसरे परिवार में चले जाने पर राशन कार्ड में उसका नाम अपडेट कराना जरूरी है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/uttar-pradesh/up-online-electricity-connection-jhatpat-portal-uppcl-pss06">Electricity Connection: यूपी में घर बैठे मिलेगा नया बिजली कनेक्शन, झटपट पोर्टल पर करें आवेदन</a></aside><h3>फॉर्म 7 से कर सकते हैं राशन कार्ड सरेंडर</h3><p>जो लोग अपनी वर्तमान स्थिति के कारण <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/amravati/amravati-news-12-275-fake-ration-cards-cancelled-in-amravati-major-action-in-mission-reform-campaign-1894064.html">राशन कार्ड</a> के लिए एलिजिबल नहीं हैं, वे स्वेच्छा से कार्ड सरेंडर कर सकते हैं। इसके लिए फॉर्म 7 के जरिए राशन कार्ड सरेंडर करने की प्रोसेस उपलब्ध है।</p><p>समय पर कार्ड सरेंडर करने से इनएलिजिबल होकर राशन लेने की स्थिति से बचा जा सकता है। डिजिटल राशन कार्ड, ई-केवाईसी और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन जैसी व्यवस्थाओं का उद्देश्य राशन डिस्ट्रीब्यूशन में ट्रांसपेरेंसी बढ़ाना और वास्तविक बेनिफिशियरीज को उनका हक दिलाना है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>Electricity Connection: यूपी में घर बैठे मिलेगा नया बिजली कनेक्शन, झटपट पोर्टल पर करें आवेदन</title><link>https://navbharatlive.com/uttar-pradesh/up-online-electricity-connection-jhatpat-portal-uppcl-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/uttar-pradesh/up-online-electricity-connection-jhatpat-portal-uppcl-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">ec1da049-633e-4fb8-b2ea-08cad015f552</guid><pubDate>Wed, 09 Sep 2026 16:35:01 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-09T16:35:01.705+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Uttar Pradesh,Utility News,Electricity Meters,Aadhaar Card,Online Booking,Electricity Problem</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-09/c1p258q4/up-new-electricity-connection.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[  नया बिजली कनेक्शन ऑनलाइन आवेदन]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Apply New Electricity Connection]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-09/c1p258q4/up-new-electricity-connection.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>उत्तर प्रदेश</category><category>यूटिलिटी</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Apply New Electricity Connection:</strong> उत्तर प्रदेश में नया बिजली कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए प्रक्रिया अब पहले की तुलना में आसान हो गई है। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने नए बिजली कनेक्शन के लिए झटपट ऑनलाइन पोर्टल की सुविधा उपलब्ध कराई है। इसके जरिए उपभोक्ता घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर से आवेदन कर सकते हैं। इस डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाना है, ताकि लोगों को आवेदन के लिए बार-बार बिजली विभाग के कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।</p><h3>सरकारी ऑफिस जाने की जरूरत कम</h3><p>नया मकान बनाने या किसी व्यवसाय के लिए बिजली कनेक्शन लेने के दौरान लोगों को पहले काफी कागजी कार्रवाई करनी पड़ती थी। आवेदन जमा करने से लेकर दस्तावेजों के सत्यापन तक कई चरणों में विभागीय कार्यालय जाना पड़ सकता था।</p><p>झटपट पोर्टल के जरिए आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन होने से उपभोक्ता अपने स्मार्टफोन या कंप्यूटर से घर बैठे आवेदन कर सकते हैं। इससे समय की बचत होने के साथ आवेदन की प्रक्रिया को भी अधिक सुविधाजनक बनाया गया है।</p><h3>मोबाइल और आधार से कर सकते हैं आवेदन</h3><p>UPPCL की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, नया बिजली कनेक्शन लेने के लिए उपभोक्ता झटपट ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं। आवेदन के दौरान मोबाइल नंबर और आधार कार्ड जैसी जानकारी की आवश्यकता होती है।</p><p>ऑनलाइन आवेदन में उपभोक्ता को अपने कनेक्शन से संबंधित जरूरी व्यक्तिगत और संपत्ति की जानकारी दर्ज करनी होती है। इससे आवेदन को डिजिटल तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिलती है और कनेक्शन की प्रक्रिया का रिकॉर्ड भी ऑनलाइन उपलब्ध रहता है।</p><h3>कौन से पेपर्स और क्या फीस लगेगी?</h3><p>नए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन करते समय उपभोक्ता को पहचान से जुड़े दस्तावेज और घर या संपत्ति के स्वामित्व से संबंधित जरूरी कागजात अपलोड करने होते हैं। दस्तावेजों को पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड किया जा सकता है।</p><p>इसके अलावा, लागू कनेक्शन शुल्क या अन्य निर्धारित चार्ज का भुगतान भी ऑनलाइन किया जा सकता है। इसके लिए नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या UPI जैसे डिजिटल भुगतान माध्यमों का इस्तेमाल किया जा सकता है।</p><h3>आवेदन के बाद होगी साइट की जांच</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/utility-news/pan-card-name-change-online-utiitsl-correction-process-guide-pss06">ऑनलाइन आवेदन</a> और शुल्क भुगतान पूरा होने के बाद बिजली विभाग की ओर से दी गई जानकारी और संबंधित परिसर का आवश्यक सत्यापन किया जाता है। जरूरत पड़ने पर विभाग के तकनीकी अधिकारी साइट का निरीक्षण कर सकते हैं।</p><p>निरीक्षण के दौरान बिजली की उपलब्धता, प्रस्तावित लोड और तकनीकी जरूरतों की जांच की जाती है। इसके आधार पर विभाग की ओर से तकनीकी रिपोर्ट तैयार की जाती है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/business/how-to-remove-bank-hold-amount-reasons-pss06">क्या आपके खाते में भी दिख रहा है होल्ड अमाउंट? जानिए बैंक क्यों होल्ड करता है आपके पैसे</a></aside><h3>जांच पूरी होने के बाद लगेगा मीटर</h3><p>अगर आवेदन से जुड़े दस्तावेज, तकनीकी जांच और जरूरी सुरक्षा मानक सही पाए जाते हैं, तो <a href="https://navbharatlive.com/uttar-pradesh/mathura/mathura-surir-nagla-oha-electrocution-death-33kv-high-tension-wire-two-dead">बिजली विभाग</a> आगे की कनेक्शन प्रक्रिया पूरी करता है। इसके बाद संबंधित परिसर में नया बिजली मीटर लगाया जा सकता है।</p><p>इस ऑनलाइन सुविधा से यूपी के उपभोक्ताओं को नया बिजली कनेक्शन लेने के लिए प्रक्रिया को डिजिटल तरीके से पूरा करने की सुविधा मिलती है। आवेदन करने से पहले पोर्टल पर मांगी गई जानकारी, दस्तावेज और लागू शुल्क की ताजा जानकारी जरूर जांच लेना चाहिए।</p>]]></content:encoded></item><item><title>क्या आपके खाते में भी दिख रहा है होल्ड अमाउंट? जानिए बैंक क्यों होल्ड करता है आपके पैसे</title><link>https://navbharatlive.com/business/how-to-remove-bank-hold-amount-reasons-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/business/how-to-remove-bank-hold-amount-reasons-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">84cbef92-793d-4a8e-acc2-18cff312debb</guid><pubDate>Tue, 08 Sep 2026 21:19:24 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-08T21:19:24.550+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Utility News,Business News,Banking System</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-08/kezoadmj/bank-hold-amount.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ होल्ड अमाउंट अमाउंट]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Understanding Bank Hold Amount Reasons]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-08/kezoadmj/bank-hold-amount.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>बिज़नेस</category><category>यूटिलिटी</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Understanding Bank Hold Amount Reasons:</strong> अगर आपके बैंक स्टेटमेंट या मोबाइल बैंकिंग ऐप में अचानक होल्ड अमाउंट दिखाई देने लगे, तो जरूरी नहीं कि आपका पैसा हमेशा के लिए फंस गया हो। आमतौर पर इसका मतलब होता है कि बैंक ने खाते की किसी निश्चित राशि को अस्थायी रूप से इस्तेमाल करने या ट्रांसफर करने से रोक दिया है। यह पूरे बैंक अकाउंट के फ्रीज होने से अलग स्थिति है। होल्ड के दौरान केवल एक निर्धारित रकम पर अस्थायी रोक लगती है और कारण दूर होने के बाद बैंक उस राशि को दोबारा इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कर सकता है।</p><h3>बैंक खाते में अमाउंट होल्ड क्यों होता है?</h3><p>बैंक कई परिस्थितियों में किसी राशि को होल्ड पर रख सकता है। इसका एक प्रमुख कारण संदिग्ध या असामान्य लेनदेन हो सकता है। अगर बैंक के सिस्टम को किसी ट्रांजैक्शन में असामान्य गतिविधि दिखाई देती है, तो सुरक्षा और जांच के लिए संबंधित रकम को अस्थायी रूप से ब्लॉक किया जा सकता है।</p><p>इसके अलावा, नया चेक जमा करने पर उसके क्लियर होने तक संबंधित राशि पर होल्ड लगाया जा सकता है। अधूरी KYC, जरूरी दस्तावेजों का अपडेट न होना, बैंक का बकाया भुगतान या ओवरड्राफ्ट से जुड़ी देनदारी भी कुछ मामलों में इसका कारण बन सकती है। वहीं, कानूनी या सरकारी आदेश के तहत भी किसी खाते की रकम पर रोक लगाई जा सकती है।</p><h3>होल्ड अमाउंट और अकाउंट फ्रीज में अंतर</h3><p>होल्ड अमाउंट और अकाउंट फ्रीज को एक ही समझना सही नहीं है। होल्ड में बैंक आमतौर पर खाते की केवल एक निश्चित राशि को अस्थायी रूप से रोकता है, जबकि अकाउंट फ्रीज होने पर खाते से जुड़े लेनदेन पर पूरी तरह रोक लगाया जा सकता है।</p><p>इसलिए बैंकिंग ऐप में होल्ड अमाउंट देखकर यह मान लेना कि पूरा खाता बंद या फ्रीज हो गया है, जरूरी नहीं है। सही स्थिति जानने के लिए बैंक से कारण की पुष्टि करना बेहतर होता है।</p><h3>होल्ड अमाउंट को कैसे हटाएं?</h3><p>सबसे पहले बैंक की कस्टमर केयर सेवा, मोबाइल बैंकिंग सहायता या नजदीकी शाखा से संपर्क करके होल्ड का कारण पता करें। अगर बैंक ने KYC या किसी दस्तावेज को अपडेट करने के लिए कहा है, तो मांगी गई प्रक्रिया जल्द पूरी करें।</p><p>अगर होल्ड किसी चेक के क्लियरेंस से जुड़ा है, तो चेक के सफलतापूर्वक क्लियर होने तक इंतजार करना पड़ सकता है। संदिग्ध ट्रांजैक्शन या <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/mumbai/ravindra-chavan-mns-allegations-baseless-bjp-legal-action-warning-vsj23">कानूनी जांच</a> से जुड़े मामलों में बैंक अतिरिक्त सत्यापन या दस्तावेज मांग सकता है। ऐसे मामलों में बैंक द्वारा बताई गई प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/world/brics-trade-delhi-summit-de-dollarization-russia-india-currencies-pss06">BRICS में 90% व्यापार अपनी करेंसी में, रूस ने की भारत की जमकर तारीफ, डॉलर का वर्चस्व खत्म</a></aside><h3>कितने समय में हटता है बैंक होल्ड?</h3><p>होल्ड अमाउंट हटने का समय उसके कारण पर निर्भर करता है। चेक क्लियरेंस से जुड़ा होल्ड <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/chhatrapati-sambhajinagar/cyber-fraud-83-year-old-7-lakh-bank-accountdigital-identity-theft">बैंकिंग प्रक्रिया</a> पूरी होने के बाद हट सकता है, जबकि संदिग्ध लेनदेन, धोखाधड़ी की जांच या कानूनी आदेश से जुड़े मामलों में अधिक समय लग सकता है।</p><p>इसलिए बैंक स्टेटमेंट में अचानक होल्ड अमाउंट दिखने पर घबराने के बजाय पहले उसका कारण समझें। बैंक से संपर्क कर जानकारी लें और अगर कोई दस्तावेज या सत्यापन जरूरी हो, तो उसे जल्द पूरा करें। इससे राशि जारी होने की प्रक्रिया आसान हो सकती है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>मोदी सरकार की बड़ी योजना, शहर में रहने वालों को मिलेंगे सस्ते किराये के मकान; जानें किसे मिलेगा फायदा</title><link>https://navbharatlive.com/business/pradhan-mantri-awas-yojana-urban-20-affordable-rental-housing-scheme-urban-poor-maa19</link><comments>https://navbharatlive.com/business/pradhan-mantri-awas-yojana-urban-20-affordable-rental-housing-scheme-urban-poor-maa19#comments</comments><guid isPermaLink="false">7698eeca-eb68-42df-ae11-f240f5fb02cb</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 21:25:15 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-07T21:25:15.819+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>मनोज आर्या</atom:name><atom:uri>/api/author/2547982</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Narendra Modi,Utility News,Business News</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-07/ql0uo6sc/narendra-modi.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Pradhan Mantri Awas Yojana-Urban 2.0]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-07/ql0uo6sc/narendra-modi.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>बिज़नेस</category><category>यूटिलिटी</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Pradhan Mantri Awas Yojana-Urban 2.0: </strong>शहरों में तेजी से बढ़ती आबादी के बीच घर खरीदना काफी महंगा हो गया है। यही कारण है कि ज्यादातर नौकरीपेशा लोग घर खरीदने की जगह किराए के घर में रहना पंसद कर रहे हैं। हालांकि, शहरों में किफायती रेट पर किराए का मकान मिलना भी काफी चुनौतीपूर्ण हो चुका है। </p><p>दूसरे शहरों से पढ़ाई, नौकरी या काम की तलाश में आने वाले लोगों को किफायती दर पर किराए का घर ढूंढना आसान काम नहीं है। ऐसे लोगों के लिए के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदीर सरकार एक खास योजना  शुरू की है। यह योजना की मदद से लोग सस्ते किराए के घर में रह सकते हैं।</p><h3>प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0</h3><p>आपको बताते चले कि यह सुविधा<a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/yavatmal/yavatmal-pmay-home-beneficiaries-protest-ubatha-jhunka-bhakar-bdo-statement-2026-1789507.html"> प्रधानमंत्री आवास योजना</a>-शहरी 2.0 स्कीम के तहत मिलती है। इस खास योजना के तहत अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग (ARH) व्यवस्था राहत देने वाली है। इस स्कीम के पीछे केंद्र सरकार का मकसद है शहरों में रहने वाले लोगों को किफायती रेट पर साफ-सुथरा मकान मुहैया कराना। आइए इस खास स्कीम के बारे में सबकुछ जानते हैं।</p><h3>PMAY-U 2.0 में क्या खास?</h3><p>सरकार का यह खास स्कीम शहरों में रहने वाले लोगों के लिए शुरू की गई है। जो रहने के लिए किफायती और साफ-सुथरी जगह सुनिश्चित करता है। जो लोग घर खरीदना नहीं चाहते हैं, लेकिन उन्हें कुछ समय के लिए घर की जरूर है। यह योजना उनलोगों के लिए भी काफी मददगार है जिनके पास घर नहीं है, और वे घर बनाने में सक्ष्म नहीं है।</p><h3>इस योजना से किसे फायदा? </h3><p>इसमें ईडब्ल्यूएस (EWS) और LIG वर्ग के लोग, शहरी प्रवासी, बेघर और जरूरतमंद लोग, औद्योगिक मजदूर, काम करने वाली महिलाएं, निर्माम श्रमिक, स्ट्रीट वेंटर, रिक्शा चालक और अन्य छोटे सेवा प्रदता शामिल हो सकते  हैं। वहीं संविदा कर्मचारियों के लिए भी किराए पर घर उपलब्ध कराने का प्रावधान है।</p><h3>राज्य सरकारें भी करेंगी मदद</h3><p>इस योजना के लिए राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को इन आवासीय परिसरों में जरूरी इंफ्रा उपलब्ध कराने पर फोकस करना होगा। इन आवासीय परिसरों में पीने का पानी, सीवर या सेप्टेज व्यवस्था, साफ-सफाई, सड़क, सामुदायिक केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र और क्रेच जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा परिसर के आसपास जरूरत के मुताबिक छोटी दुकानें और अन्य व्यावसायिक सुविधाएं भी विकसित की जा सकती हैं, ताकि यहां रहने वाले लोगों को जरूरत की चीजों के लिए दूर न जाना पड़े। </p><h3>सरकार कैसे लागू करेगी यह स्कीम?</h3><p>मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस स्कीम को <strong><a href="https://navbharatlive.com/business/real-estate-market-shift-premium-vs-affordable-housing-trends-india-2026-1577654.html">अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग</a></strong> को 2 मॉडल के जरिए लागू किया जाएगा। पहले मॉडल में सरकार द्वारा पहले से बनाए गए लेकिन खाली पड़े मकानों को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) या सार्वजनिक एजेंसियों के माध्यम से किराये के मकानों में बदलने का काम करेगी।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/business/rural-domestic-lpg-cylinder-refill-booking-25-days-new-rules-maa19">25 दिन में दोबारा मिलेगा LPG सिलेंडर, ग्रामीण ग्राहकों को मिली बड़ी राहत; जानें क्या है नया नियम</a></aside><p>पहले से मौजूद खाली सरकारी मकानों का इस योजना के तहत इस्तेमाल किया जा सकेगा। दूसरे मॉडल में निजी या सरकारी संस्थाएं जरूरतमंद लोगों के लिए नए किराये के मकान बनाएंगी और उनका संचालन, रखरखाव भी करेंगी।</p>]]></content:encoded></item><item><title>25 दिन में दोबारा मिलेगा LPG सिलेंडर, ग्रामीण ग्राहकों को मिली बड़ी राहत; जानें क्या है नया नियम</title><link>https://navbharatlive.com/business/rural-domestic-lpg-cylinder-refill-booking-25-days-new-rules-maa19</link><comments>https://navbharatlive.com/business/rural-domestic-lpg-cylinder-refill-booking-25-days-new-rules-maa19#comments</comments><guid isPermaLink="false">7c99998c-01b4-4d98-bf10-148ebeca5da6</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 19:55:55 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-07T19:55:55.558+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>मनोज आर्या</atom:name><atom:uri>/api/author/2547982</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Utility News,Business News,LPG</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-07/vrqlx03m/lpg-cylinder-new-rule.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ 25 दिन में दोबारा मिलेगा LPG सिलेंडर]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ lpg cylinder booking new rule for village consumer ]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-07/vrqlx03m/lpg-cylinder-new-rule.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>बिज़नेस</category><category>यूटिलिटी</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>LPG Cylinder Booking New Rule:</strong>  केंद्र सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए गैस सिलेंडर की दोबारा बुकिंग के लिए निर्धारित न्यूनतम अंतराल को घटाकर 25 दिन कर दिया है। इस फैसले के साथ अब ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी रिफिल बुकिंग का नियम समान हो गया है। </p><p>केंद्रीय पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस एवं पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने सोमवार को कहा कि देश में एलपीजी आपूर्ति की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार और लंबित रिफिल बुकिंग में भारी कमी आने के बाद सरकार ने पहले से लागू प्रतिबंधों में ढील देने का निर्णय लिया है।</p><h3>45 दिन बाद मिल रहा था दूसरा सिलेंडर</h3><p><strong><a href="https://navbharatlive.com/india/industrial-diesel-prices-surge-by-22-per-liter-in-india-amid-iran-us-conflict-and-oil-crisis-1617901.html">अमेरिका-ईरान संघर्ष</a></strong><a href="https://navbharatlive.com/india/industrial-diesel-prices-surge-by-22-per-liter-in-india-amid-iran-us-conflict-and-oil-crisis-1617901.html"> </a>और होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति बाधित होने के दौरान देश में एलपीजी की उपलब्धता पर दबाव बढ़ गया था। उस अवधि में सरकार ने शहरी उपभोक्ताओं को 25 दिन के अंतराल पर रिफिल बुकिंग की अनुमति दी थी, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के ग्राहकों के लिए यह अवधि 45 दिन निर्धारित की गई थी।</p><h3>केंद्रीय राज्य मंत्री ने दी जानकारी</h3><p>सुरेश गोपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा कि एलपीजी की आपूर्ति स्थिति में सुधार और रिफिल बैकलॉग में उल्लेखनीय कमी को देखते हुए केंद्र सरकार ने यह प्रतिबंध हटा दिया है। अब सभी घरेलू एलपीजी उपभोक्ता, चाहे वे शहरी क्षेत्र के हों या ग्रामीण क्षेत्र के, 25 दिन के अंतराल पर गैस सिलेंडर की बुकिंग कर सकेंगे।</p><h3>देश में एलपीजी की उपलब्धता में सुधार</h3><p>मंत्री ने <strong><a href="https://navbharatlive.com/business/fall-in-crude-oil-prices-does-not-mean-immediate-cheapness-in-petrol-diesel-price-1806880.html">पेट्रोलियम मंत्रालय</a></strong> द्वारा ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसी) को भेजे गए निर्देश की कॉपी भी साझा की, जिसमें इस संशोधित व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा गया है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब सरकार द्वारा ऊर्जा संकट के दौरान उठाए गए विभिन्न कदमों के कारण एलपीजी की उपलब्धता में सुधार हुआ है। </p><p>वैश्विक तेल एवं गैस आपूर्ति शृंखलाओं में आए व्यवधानों के बावजूद घरेलू मांग को पूरा करने के लिए सरकार लगातार स्थिति की निगरानी कर रही थी।</p><h3>केंद्र सरकार ने नियमों में दी छूट</h3><p>गौरतलब है कि जून में सरकार ने वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति पर लगाए गए प्रतिबंध भी वापस ले लिए थे। इसके तहत पेट्रोलियम मंत्रालय ने तेल विपणन कंपनियों को गैर-घरेलू पैक्ड एलपीजी की आपूर्ति को संघर्ष-पूर्व स्तरों के अनुसार सामान्य करने का निर्देश दिया था।</p><p>इससे पहले उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को राहत देने के लिए सरकार ने वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति को संकट-पूर्व खपत स्तर के 50 प्रतिशत तक बहाल करने की अनुमति भी दी थी, ताकि उत्पादन और व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित न हों।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/utility-news/lpg-price-today-commercial-cylinder-rate-cut-1832439.html">LPG Price Today: 1 जुलाई को एलपीजी सिलेंडर हुआ 183.50 रुपये सस्ता, जानिए ताजा रेट</a></aside><h3>अमेरिका-ईरान युद्ध से सप्लाई पर दबाव</h3><p>गौरतलब है कि फरवरी में अमेरिका-इजरायल और ईरान से जुड़े संघर्ष तथा होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग व्यवधान के बाद वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया था। उस समय सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रावधानों का उपयोग करते हुए एलपीजी की घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित करने और संभावित कमी से बचाव के लिए विभिन्न नियंत्रणात्मक उपाय लागू किए थे।</p>]]></content:encoded></item><item><title>कंट्रोल में आईं चीनी की कीमतें, सरकार के कड़े फैसलों से थमी महंगाई, ग्राहकों को बड़ी राहत</title><link>https://navbharatlive.com/utility-news/indias-sugar-price-surge-and-government-interventions-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/utility-news/indias-sugar-price-surge-and-government-interventions-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">b2c2a37f-eb31-48f5-bc69-96e0c8947f9a</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 22:57:42 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-06T22:57:42.304+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>India,Central Government,Utility News,Petroleum</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-06/rb3dqi67/sugar-price.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ चीनी की कीमतें]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Stable Indian Sugar Price]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-06/rb3dqi67/sugar-price.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>यूटिलिटी</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Stable Indian Sugar Price:</strong> त्योहारी सीजन से पहले देश में चीनी की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले कुछ समय में खुदरा बाजार में चीनी के दाम 48.18 रुपये प्रति किलो से बढ़कर करीब 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए। कीमतों में इस तेजी के पीछे अत्यधिक बारिश, गन्ने की फसल को नुकसान, उत्पादन में गिरावट और जमाखोरी जैसे कई कारण बताए जा रहे हैं। बढ़ती मांग और वैश्विक बाजार में चीनी की कमी ने भी दबाव बढ़ाया है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने स्टॉक लिमिट समेत कई कदम उठाए हैं।</p><h3>बारिश और बीमारियों से गन्ने की फसल प्रभावित</h3><p>चीनी की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी के पीछे मौसम की भी बड़ी भूमिका रही है। देश के कई गन्ना उत्पादक राज्यों में भारी बारिश और जलभराव के कारण खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहा। इससे गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचा।</p><p>इसके अलावा रेड रॉट और टॉप बोरर जैसी बीमारियों ने भी खड़ी फसल को प्रभावित किया। इसका असर अनुमानित चीनी उत्पादन पर पड़ा। उत्पादन का अनुमान 343 लाख मीट्रिक टन से घटकर करीब 306 लाख मीट्रिक टन रह गया।</p><h3>वैश्विक कमी ने बढ़ाई कीमतों की चिंता</h3><p>घरेलू उत्पादन में कमी के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चीनी की उपलब्धता को लेकर दबाव है। इस साल दुनियाभर में करीब 33 लाख मीट्रिक टन चीनी की कमी का अनुमान लगाया गया है।</p><p>वैश्विक स्तर पर आपूर्ति की कमी के चलते अंतरराष्ट्रीय चीनी कीमतों में करीब 16 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई। घरेलू बाजार में बढ़ती मांग के बीच कुछ व्यापारियों और मिलों पर जमाखोरी तथा सट्टेबाजी के आरोप भी सामने आए, जिससे कीमतों पर और दबाव बढ़ा।</p><h3>सरकार ने लागू की स्टॉक लिमिट</h3><p>बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार ने चीनी व्यापारियों, थोक विक्रेताओं और खुदरा कारोबारियों के लिए स्टॉक लिमिट के नियम लागू किए हैं। इसका उद्देश्य बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करके रखने और कृत्रिम कमी पैदा करने की संभावनाओं को रोकना है।</p><p>इसके साथ ही घरेलू बाजार में आपूर्ति बढ़ाने के लिए सरकार ने टैक्स फ्री आयात की सुविधा भी दी है। सरकार को उम्मीद है कि अक्टूबर से शुरू होने वाले नए पेराई सीजन में बाजार में नई <a href="https://navbharatlive.com/uttar-pradesh/agra/sugar-price-hike-hits-agra-petha-industry-sweet-prices-rise-sns03">चीनी की आपूर्ति</a> बढ़ने के बाद कीमतों पर दबाव कम होगा।</p><h3>10 साल में गन्ने का उत्पादन बढ़ा</h3><p>लंबी अवधि के आंकड़ों पर नजर डालें तो भारत में गन्ने के उत्पादन और खेती के रकबे में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2015-16 में देश में गन्ने का उत्पादन करीब 348.44 मिलियन मीट्रिक टन था।</p><p>वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर लगभग 500 मिलियन मीट्रिक टन हो गया। इसी अवधि में गन्ने की खेती का रकबा भी 49.27 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 58.87 लाख हेक्टेयर हो गया।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/utility-news/unclaimed-money-inactive-jan-dhan-accounts-rti-reveal-pss06">Jan Dhan Accounts: जन-धन योजना पर RTI में बड़ा खुलासा, 5.72 करोड़ खातों में जीरो बैलेंस</a></aside><h3>किसानों के लिए बढ़ी FRP</h3><p>गन्ना किसानों की आय और भुगतान व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने 2026-27 <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/bhopal-sugar-price-hike-festive-season-shakkar-62-rupees">चीनी सीजन</a> के लिए गन्ने की उचित और लाभकारी कीमत यानी FRP को बढ़ाकर 365 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। वर्ष 2016-17 में यह 230 रुपये प्रति क्विंटल थी।</p><p>इसके अलावा अतिरिक्त गन्ने से एथेनॉल उत्पादन ने चीनी मिलों के लिए आय का एक और स्रोत तैयार किया है। अगस्त 2026 तक करीब 97 फीसदी गन्ना किसानों को उनके बकाया भुगतान का सीधा वितरण किए जाने की जानकारी दी गई है। ऐसे में सरकार की कोशिश है कि त्योहारी मांग के बीच चीनी की कीमतों को नियंत्रित रखते हुए किसानों और उपभोक्ताओं दोनों के हितों के बीच संतुलन बनाया जाए।</p>]]></content:encoded></item><item><title>Jan Dhan Accounts: जन-धन योजना पर RTI में बड़ा खुलासा, 5.72 करोड़ खातों में जीरो बैलेंस</title><link>https://navbharatlive.com/utility-news/unclaimed-money-inactive-jan-dhan-accounts-rti-reveal-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/utility-news/unclaimed-money-inactive-jan-dhan-accounts-rti-reveal-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">920543cd-de82-4758-ab9e-211ca3bdc621</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 22:36:28 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-06T22:36:28.958+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Uttar Pradesh,Ministry of Finance,Banking System</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-06/uh9nymnj/jan-dhan-inactive-accounts.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ जन-धन योजना जीरो बैलेंस]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ RTI Report Jan Dhan Inactive Accounts]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-06/uh9nymnj/jan-dhan-inactive-accounts.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>यूटिलिटी</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>RTI Report Jan Dhan Inactive Accounts:</strong> प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खोले गए बैंक खातों को लेकर एक बड़ा आंकड़ा सामने आया है। RTI के जरिए मिली जानकारी के मुताबिक, 12 अगस्त 2026 तक देश में जन धन खातों की संख्या 59.03 करोड़ से अधिक हो चुकी है। इनमें 5.72 करोड़ से ज्यादा खाते ऐसे हैं, जिनमें फिलहाल कोई राशि जमा नहीं है। वहीं करीब 15.36 करोड़ खाते इनऑपरेटिव यानी निष्क्रिय बताए गए हैं। इन आंकड़ों ने वित्तीय समावेशन के साथ-साथ बैंक खातों के नियमित इस्तेमाल को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।</p><h3>59 करोड़ से ज्यादा जन धन खाते</h3><p>केंद्रीय वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग ने RTI के जवाब में बताया कि 12 अगस्त 2026 तक देश में कुल 59,03,74,907 जन धन खाते खोले जा चुके थे। इन खातों में कुल मिलाकर 3.15 लाख करोड़ रुपये से अधिक की जमा राशि मौजूद है।</p><p>इनमें महिलाओं के नाम पर 32.89 करोड़ खाते हैं, जिसमें ट्रांसजेंडर खाताधारक भी शामिल हैं। वहीं करीब 26.14 करोड़ खाते पुरुषों के नाम पर दर्ज हैं। इससे पता चलता है कि जन धन योजना के जरिए बड़ी संख्या में महिलाओं को भी औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया है।</p><h3>5.72 करोड़ खाते जीरो बैलेंस</h3><p>RTI कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ के आवेदन के जवाब में मिले आंकड़ों के अनुसार, देश में 5.72 करोड़ से अधिक जन धन खातों में वर्तमान में जीरो बैलेंस है।</p><p>इसके अलावा लगभग 15.36 करोड़ खाते इनऑपरेटिव यानी निष्क्रिय घोषित किए गए हैं। बड़ी संख्या में निष्क्रिय और जीरो बैलेंस खाते होने से यह सवाल उठता है कि बैंकिंग सुविधाओं से जुड़े कितने खाते वास्तव में नियमित रूप से इस्तेमाल किए जा रहे हैं।</p><h3>जीरो बैलेंस में उत्तर प्रदेश सबसे आगे</h3><p>राज्यों की बात करें तो जीरो बैलेंस जन धन खातों के मामले में उत्तर प्रदेश सबसे आगे है। यहां 95.92 लाख खाते ऐसे हैं, जिनमें कोई राशि नहीं है। इसके बाद बिहार में 62.35 लाख और पश्चिम बंगाल में 37.20 लाख जीरो बैलेंस खाते हैं।</p><p>असम में 36.30 लाख और महाराष्ट्र में 36.04 लाख जन धन खातों में भी फिलहाल कोई बैलेंस नहीं है।</p><h3>इनएक्टिव खातों में भी यूपी नंबर वन</h3><p>इनऑपरेटिव खातों की संख्या के मामले में भी <a href="https://navbharatlive.com/uttar-pradesh/varanasi/up-rain-news-chitrakoot-mandakini-flood-varnasi-ganga-alert-pjs00">उत्तर प्रदेश</a> सबसे ऊपर है। राज्य में 3.23 करोड़ जन धन खाते निष्क्रिय बताए गए हैं। बिहार में 1.59 करोड़ और मध्य प्रदेश में 1.35 करोड़ खाते इनऑपरेटिव हैं।</p><p>पश्चिम बंगाल में 1.02 करोड़ और महाराष्ट्र में 97.94 लाख खाते निष्क्रिय हैं। कुल जन धन खातों की संख्या में भी उत्तर प्रदेश 10.51 करोड़ और बिहार 7.01 करोड़ खातों के साथ प्रमुख राज्यों में शामिल हैं।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/photos/ai-features-tools-10-smartphone-tips-work-minutes-asp28">AI की मदद से मिनटों में होंगे ये 10 काम, हर Smartphone यूजर जरूर जानें ये कमाल के टिप्स</a></aside><h3>RTI में कई आंकड़ों की जानकारी नहीं</h3><p>RTI के जवाब में केंद्र ने यह भी बताया कि <a href="https://navbharatlive.com/utility-news/pnb-warning-inactive-bank-accounts-with-zero-balance-to-be-closed-after-april-15-1615458.html">जीरो बैलेंस खातों</a> का लिंग के आधार पर अलग केंद्रीय आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा 100 रुपये से कम बैलेंस वाले खातों और पिछले पांच वर्षों में बंद किए गए खातों की जानकारी भी केंद्रीय स्तर पर उपलब्ध नहीं है।</p><p>संदिग्ध लेनदेन या साइबर फ्रॉड के कारण फ्रीज किए गए खातों का अलग डेटा भी केंद्रीय स्तर पर नहीं रखा जाता है। जन धन योजना की शुरुआत 2014 में देश के परिवारों को बैंकिंग और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से की गई थी।</p>]]></content:encoded></item><item><title>AI की मदद से मिनटों में होंगे ये 10 काम, हर Smartphone यूजर जरूर जानें ये कमाल के टिप्स</title><link>https://navbharatlive.com/photos/ai-features-tools-10-smartphone-tips-work-minutes-asp28</link><comments>https://navbharatlive.com/photos/ai-features-tools-10-smartphone-tips-work-minutes-asp28#comments</comments><guid isPermaLink="false">00525ce3-f333-4f41-b982-d608bfc8fcc5</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 10:33:29 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-06T10:33:29.761+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अंकिता पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2548001</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Lifestyle News,Utility News,Artificial Intelligence,AI,Smartphone</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-06/envsrcip/AI-tools-6.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ एआई टूल्स स्मार्टफोन टिप्स]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Artificial Intelligence Smartphone Tips]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-06/envsrcip/AI-tools-6.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>फोटो</category><category>यूटिलिटी</category><content:encoded><![CDATA[ <figure><img alt="Artificial Intelligence Smartphone Tips" src="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-06/0x9551ua/AI-tools.jpg" /><figcaption>किसी को प्रोफेशनल मैसेज, ईमेल या जवाब भेजना हो तो AI की मदद ली जा सकती है। बस अपनी बात सामान्य भाषा में लिखें और AI से उसे छोटा, स्पष्ट या प्रोफेशनल बनाने के लिए कहें। काम आएगा: ऑफिस मैसेज, ईमेल, आवेदन और सोशल मीडिया कैप्शन लिखने में मदद होगी।</figcaption></figure><figure><img alt="Artificial Intelligence Smartphone Tips" src="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-06/p0ppyot3/Dr-sarvepalli-radhakrishnan-22.jpg" /><figcaption>किसी दस्तावेज, स्क्रीनशॉट, मेन्यू या तस्वीर में क्या लिखा है, समझना हो तो AI की मदद ली जा सकती है। कई AI टूल तस्वीर को देखकर उसमें मौजूद जानकारी समझाने, उसका सार बताने या टेक्स्ट निकालने में मदद करते हैं। टिप: जरूरी दस्तावेज अपलोड करने से पहले निजी जानकारी और संवेदनशील डेटा को लेकर सावधानी रखें।</figcaption></figure><figure><img alt="Artificial Intelligence Smartphone Tips" src="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-06/ilv3nm3w/Dr-sarvepalli-radhakrishnan-23.jpg" /><figcaption>किसी मुश्किल विषय को आसान भाषा में समझना हो, नोट्स बनाने हों या किसी लंबे टेक्स्ट का सार चाहिए-AI इसमें मदद कर सकता है। आप अपनी जरूरत के मुताबिक कह सकते हैं कि जवाब छोटा, विस्तृत या बुलेट पॉइंट्स में चाहिए।</figcaption></figure><figure><img alt="Artificial Intelligence Smartphone Tips" src="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-06/ub8fh0fn/Dr-sarvepalli-radhakrishnan-24.jpg" /><figcaption>Instagram Reel का आइडिया हो, YouTube वीडियो का विषय या वेबसाइट के लिए Article-AI शुरुआती Ideas तैयार करने में मदद कर सकता है। आप अपने Topic और Audience के बारे में जितनी स्पष्ट जानकारी देंगे, सुझाव उतने उपयोगी हो सकते हैं।</figcaption></figure><figure><img alt="Artificial Intelligence Smartphone Tips" src="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-06/kxvttfgz/AI-tools" /><figcaption>आज के AI Assistant सिर्फ बातचीत तक सीमित नहीं हैं। कुछ नए Android फीचर्स में Gemini को रोजमर्रा के कामों को आसान बनाने, जानकारी समझने और कुछ कामों को Automate करने की दिशा में इस्तेमाल किया जा रहा है।</figcaption></figure><figure><img alt="Artificial Intelligence Smartphone Tips" src="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-06/x0gtnxdo/AI-tools-1.jpg" /><figcaption>AI की मदद से किसी हिंदी टेक्स्ट को अंग्रेजी में या अंग्रेजी को हिंदी में समझना आसान हो सकता है। सिर्फ अनुवाद ही नहीं, कठिन शब्दों को सरल भाषा में समझाने के लिए भी AI का इस्तेमाल किया जा सकता है।</figcaption></figure><figure><img alt="Artificial Intelligence Smartphone Tips" src="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-06/dzxubma3/AI-tools-2.jpg" /><figcaption>कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं? AI से अपनी पसंद, बजट और उपलब्ध समय के आधार पर यात्रा का शुरुआती प्लान तैयार कराया जा सकता है। Bonus Tip: होटल, टिकट, मौसम और स्थानीय नियमों जैसी जानकारी बुकिंग से पहले जरूर Verify करें।</figcaption></figure><figure><img alt="Artificial Intelligence Smartphone Tips" src="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-06/r35v0ngf/AI-tools-3.jpg" /><figcaption>घर में मौजूद सामान से क्या बनाया जा सकता है, यह समझ नहीं आ रहा? AI को Ingredients की लिस्ट बताकर Recipe Ideas मांगे जा सकते हैं।
काम आएगा: Breakfast, Lunch, Dinner या अचानक आए मेहमानों के लिए।</figcaption></figure><figure><img alt="Artificial Intelligence Smartphone Tips" src="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-06/ux17w74d/AI-tools-4.jpg" /><figcaption>लंबी बातचीत या Meeting के जरूरी Points को व्यवस्थित करने में AI मदद कर सकता है। इससे Important Tasks, Ideas और Action Points को अलग-अलग समझना आसान हो जाता है। ध्यान रखें: किसी Meeting या बातचीत को AI Tool में डालने से पहले Privacy और Permission का ध्यान रखें।</figcaption></figure><figure><img alt="Artificial Intelligence Smartphone Tips" src="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-06/ieip348h/AI-tools-5.jpg" /><figcaption>AI कई काम तेजी से कर सकता है, लेकिन हर जवाब सही हो, यह जरूरी नहीं। इसलिए AI को एक Smart Assistant की तरह इस्तेमाल करें, अंतिम निर्णय लेने वाले के रूप में नहीं।</figcaption></figure>]]></content:encoded></item><item><title>UPI इस्तेमाल करते हैं? इन 10 गलतियों से खाली हो सकता है आपका बैंक अकाउंट</title><link>https://navbharatlive.com/photos/upi-payment-mistakes-safety-tips-fraud-alert-qr-code-scam-asp28</link><comments>https://navbharatlive.com/photos/upi-payment-mistakes-safety-tips-fraud-alert-qr-code-scam-asp28#comments</comments><guid isPermaLink="false">7fd7e7af-3f11-45dc-a46e-c2b57dba719b</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 09:40:30 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-06T09:40:30.462+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अंकिता पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2548001</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Utility News,UPI Payment,Online Scam,Cyber Fraud</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-06/tn45uth2/UPI-safety-6.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ UPI से पेमेंट प्रतीकात्मक तस्वीर]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ UPI Fraud Safety]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-06/tn45uth2/UPI-safety-6.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>फोटो</category><category>यूटिलिटी</category><content:encoded><![CDATA[ <figure><img alt="UPI Fraud Safety" src="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-06/uv9h9smt/UPI-safety.jpg" /><figcaption>दुकान, सोशल मीडिया या किसी अनजान व्यक्ति से मिले QR कोड को तुरंत स्कैन करके पेमेंट न करें। QR कोड स्कैन करने से पहले देखें कि पेमेंट किस नाम या व्यक्ति को जा रहा है। याद रखें: QR स्कैन करना आमतौर पर पैसे पाने का तरीका नहीं है।</figcaption></figure><figure><img alt="UPI Fraud Safety" src="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-06/gppmasyz/Dr-sarvepalli-radhakrishnan-18.jpg" /><figcaption>UPI PIN आपके बैंक खाते की सुरक्षा से जुड़ा बेहद जरूरी पासकोड है। बैंक कर्मचारी, पुलिस, कस्टमर केयर या कोई परिचित बनकर भी कोई PIN मांगे, तो उसे न बताएं। PIN सिर्फ भुगतान को अधिकृत करते समय खुद दर्ज करें।</figcaption></figure><figure><img alt="UPI Fraud Safety" src="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-06/a6p29s00/Dr-sarvepalli-radhakrishnan-19.jpg" /><figcaption>अगर कोई कहता है कि पैसे आपके खाते में भेजने के लिए UPI PIN डालना होगा, तो सावधान हो जाएं। UPI PIN डालने की जरूरत आम तौर पर तब होती है जब आप अपने खाते से भुगतान कर रहे होते हैं। ऐसे मामलों में पहले पूरी जानकारी जांचें।</figcaption></figure><figure><img alt="UPI Fraud Safety" src="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-06/v1waotaf/Dr-sarvepalli-radhakrishnan-21.jpg" /><figcaption>कभी-कभी आपके UPI ऐप पर Payment Request आ सकती है। अगर आपने खुद भुगतान शुरू नहीं किया है, तो ऐसी Request को Accept करने से पहले ध्यान से जांचें कि पैसे किसे और क्यों भेजे जा रहे हैं। अनजान Request को Reject करना बेहतर है।</figcaption></figure><figure><img alt="UPI Fraud Safety" src="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-06/mi7hwifd/teachers-day-gift-13.jpg" /><figcaption>किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल की Screen Sharing या Remote Access App शुरू न करें। ऐसे Access से सामने वाला आपके फोन पर दिखाई देने वाली संवेदनशील जानकारी देख सकता है। जरूरत न हो तो ऐसे Apps को तुरंत बंद या हटाएं।</figcaption></figure><figure><img alt="UPI Fraud Safety" src="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-06/g2ucuiss/UPI-safety-1.jpg" /><figcaption>हर पेमेंट के बाद अपने बैंक खाते का SMS या UPI Notification जरूर देखें। अगर कोई ऐसा Transaction दिखाई दे जिसे आपने नहीं किया है, तो तुरंत अपने बैंक और संबंधित UPI ऐप की आधिकारिक सहायता सेवा से संपर्क करें।</figcaption></figure><figure><img alt="UPI Fraud Safety" src="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-06/a0vhf2ad/UPI-safety-2.jpg" /><figcaption>UPI Payment करने से पहले Receiver का नाम और UPI ID ध्यान से जांचें। सिर्फ नाम देखकर जल्दबाजी में पैसे न भेजें। एक बार Payment सफल होने के बाद पैसा वापस पाना हमेशा आसान नहीं होता।</figcaption></figure><figure><img alt="UPI Fraud Safety" src="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-06/ljv8dsk1/UPI-safety-3.jpg" /><figcaption>Cashback मिलेगा, KYC Update करें, Reward जीत गए या Account बंद हो जाएगा जैसे मैसेज देखकर तुरंत दिए गए Link पर क्लिक न करें। पहले जांचें कि संदेश वास्तव में किस संस्था से आया है। संदेह हो तो Link खोलने के बजाय आधिकारिक App या Website पर खुद जाएं।</figcaption></figure><figure><img alt="UPI Fraud Safety" src="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-06/55mt216w/UPI-safety-4.jpg" /><figcaption>पब्लिक Wi-Fi इस्तेमाल करते समय Banking या Payment से जुड़े कामों में अतिरिक्त सावधानी रखें। अगर नेटवर्क भरोसेमंद नहीं है, तो महत्वपूर्ण वित्तीय लेनदेन के लिए Mobile Data का इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प हो सकता है।</figcaption></figure><figure><img alt="UPI Fraud Safety" src="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-06/m664uh8q/UPI-safety-5.jpg" /><figcaption>अगर आपको लगता है कि आपके साथ UPI Fraud हुआ है, तो समय बर्बाद न करें। अपने बैंक को तुरंत सूचित करें और भारत में वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की शिकायत के लिए 1930 हेल्पलाइन तथा आधिकारिक National Cyber Crime Reporting Portal का इस्तेमाल करें।</figcaption></figure>]]></content:encoded></item><item><title>Egg Price Rise: महंगाई का ट्रिपल अटैक, चीनी और प्याज के बाद अंडे ने बिगाड़ा बजट</title><link>https://navbharatlive.com/business/egg-price-rise-sugar-onion-inflation-budget-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/business/egg-price-rise-sugar-onion-inflation-budget-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">08bc3593-1806-4e91-97a2-cd26d0d1e68e</guid><pubDate>Sat, 05 Sep 2026 22:45:33 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-05T22:45:33.645+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>India,Utility News,Budget,Business News,Vegetable Price Hike,Milk Price</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-05/9exmispn/price-hike.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ चीनी और प्याज के बाद अंडे के बड़े दाम]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Food Inflation Massive Egg Price Rise]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-05/9exmispn/price-hike.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>बिज़नेस</category><category>यूटिलिटी</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Food Inflation Massive Egg Price Rise:</strong> देश में रोजमर्रा की खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। चीनी और प्याज के दाम पहले ही घरेलू बजट पर दबाव बना रहे थे, अब अंडों की कीमतों में भी तेज बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। बीते एक साल में अंडे करीब 40% तक महंगे हुए हैं, जिससे मध्यमवर्गीय और कम आय वाले परिवारों का रसोई खर्च बढ़ गया है।</p><h3>एक साल में 40% तक महंगे हुए अंडे</h3><p>अंडों की कीमतों में पिछले एक साल के दौरान करीब 40% की वृद्धि दर्ज की गई है। कई शहरों के खुदरा बाजारों में अब एक अंडा 9 से 10 रुपये तक बिक रहा है।</p><p>NECC के 5 सितंबर 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के थोक बाजार में एक अंडे का भाव करीब 6 रुपये रहा। वहीं कोलकाता में यह कीमत लगभग 6.20 रुपये प्रति अंडा दर्ज की गई, जो थोक बाजार में ऊंचे स्तर को दिखाती है।</p><h3>थोक और खुदरा कीमतों में बड़ा अंतर</h3><p>4 सितंबर को NECC की सुझाई गई थोक कीमत करीब 4.90 रुपये प्रति अंडा थी। इस हिसाब से 30 अंडों की एक ट्रे की कीमत लगभग 147 रुपये बैठती है।</p><p>वहीं बड़े थोक व्यापारियों के लिए 210 अंडों वाली एक पेटी की कीमत करीब 1,029 रुपये तक पहुंच गई थी। थोक और खुदरा बाजार के बीच अंतर बढ़ने से ग्राहकों को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है।</p><h3>पोल्ट्री फीड और मक्के ने बढ़ाई लागत</h3><p>अंडों की कीमत बढ़ने की प्रमुख वजहों में पोल्ट्री फीड की बढ़ती लागत शामिल है। मुर्गियों के खाने में इस्तेमाल होने वाले मक्के की कीमत कुछ बाजारों में 22 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 30 रुपये तक पहुंच गई है।</p><p>पोल्ट्री फार्म की कुल उत्पादन लागत में फीड की हिस्सेदारी करीब 65% से 70% होती है। इसलिए मक्के और अन्य फीड की कीमत बढ़ने का सीधा असर अंडों की उत्पादन लागत पर पड़ता है।</p><h3>दिसंबर तक और बढ़ सकते हैं दाम</h3><p>उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार मक्के की मौजूदा कीमत करीब 26500 रुपये प्रति टन है, जबकि तीन साल पहले यह करीब 14000 रुपये प्रति टन थी।</p><p>अनुमान के अनुसार दिसंबर तक इनपुट लागत में 15% से 20% तक बढ़ोतरी हो सकती है। सर्दियों में अंडों की मांग बढ़ने और आपूर्ति में अंतर आने पर कीमतों पर और दबाव पड़ने की संभावना है।</p><h3>चीनी और प्याज ने भी बढ़ाया रसोई का खर्च</h3><p>अंडों के साथ चीनी और प्याज की बढ़ती कीमतों ने भी <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/chandrapur/bhadravati-sugar-price-hike-70-75-rupees-per-kg">घरेलू बजट</a> को प्रभावित किया है। पहले करीब 48 रुपये किलो बिकने वाली चीनी दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और हैदराबाद जैसे शहरों में 60 रुपये प्रति किलो से ऊपर पहुंच गई है।</p><p>वहीं प्रमुख शहरों में प्याज 50 से 65 रुपये किलो के बीच बिक रहा है। इसका राष्ट्रीय औसत खुदरा भाव करीब 50.50 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/utility-news/epfo-unclaimed-money-pf-withdrawal-online-process-guide-pss06">कहीं आपका पैसा तो नहीं फंसा? EPFO के 31 लाख खातों में 9000 करोड़ अनक्लेम्ड, जानें निकालने का प्रोसेस</a></aside><h3>एक महीने में 42% बढ़ा प्याज का भाव</h3><p>अगस्त में प्याज का औसत खुदरा भाव 35.47 रुपये प्रति किलो था, जो सितंबर की शुरुआत में बढ़कर 50.50 रुपये हो गया। यानी करीब एक महीने में कीमत लगभग 42% बढ़ी है।</p><p>पिछले साल इसी अवधि में राष्ट्रीय औसत भाव 28.48 रुपये प्रति किलो था। कुछ बाजारों में प्याज की <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/mumbai/festive-season-sugar-prices-drop-no-shortage-india-awm08">खुदरा कीमत</a> 70 से 82 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की जानकारी है। ऐसे में अंडे, चीनी और प्याज की बढ़ती कीमतें मिलकर आम परिवारों के मासिक रसोई बजट पर अतिरिक्त बोझ डाल रही हैं।</p>]]></content:encoded></item><item><title>JLR UK Layoffs: टाटा करेगी 4000 कर्मचारियों की छंटनी, जानिए किस कंपनी में आई छंटनी की तैयारी</title><link>https://navbharatlive.com/utility-news/tata-owned-jlr-uk-layoffs-trump-tariff-impact-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/utility-news/tata-owned-jlr-uk-layoffs-trump-tariff-impact-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">fab02dff-9009-411c-96d9-ec4b58f51f5f</guid><pubDate>Sat, 05 Sep 2026 21:27:39 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-05T21:27:39.454+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Donald Trump,Utility News,Middle East,Career News,UK,Tariff War,Job Layoffs,Tata Motors,Tata Group</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-05/8jfq943g/jlr-uk-layoffs.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ टाटा जगुआर लैंड रोवर]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Massive JLR UK Layoffs]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-05/8jfq943g/jlr-uk-layoffs.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>यूटिलिटी</category><category>करियर</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Massive JLR UK Layoffs:</strong> टाटा मोटर्स के स्वामित्व वाली लग्जरी कार कंपनी जगुआर लैंड रोवर (JLR) ब्रिटेन में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी कर रही है। बढ़ती उत्पादन लागत, अमेरिकी टैरिफ और कमजोर कारोबारी माहौल के बीच कंपनी अगले दो वर्षों में करीब 4000 पदों को खत्म करने की योजना बना रही है। इस फैसले का असर कंपनी के कर्मचारियों के साथ-साथ ब्रिटेन की ऑटो इंडस्ट्री और सप्लाई चेन पर भी पड़ सकता है।</p><h3>अमेरिकी टैरिफ से बढ़ा दबाव</h3><p>JLR के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में अमेरिकी आयात शुल्क भी शामिल है। ब्रिटेन से अमेरिका भेजी जाने वाली कारों पर 10 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ ने कंपनी के निर्यात कारोबार पर दबाव बढ़ाया है।</p><p>अमेरिकी बाजार JLR के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। कंपनी की कुल वैश्विक बिक्री में उत्तरी अमेरिकी बाजार की हिस्सेदारी करीब 29 फीसदी बताई गई है। ऐसे में टैरिफ बढ़ने से लागत और मुनाफे पर सीधा असर पड़ने की चिंता बढ़ गई है।</p><h3>कंपनी ने रखा 1.7 अरब यूरो बचत का लक्ष्य</h3><p>JLR को हाल के समय में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। कमजोर बिक्री और वैश्विक कारोबारी अनिश्चितता के अलावा कंपनी एक बड़े साइबर हमले से भी प्रभावित हुई थी। इस हमले ने उसके अंतरराष्ट्रीय कारोबार को काफी समय तक बाधित किया।</p><p>इन चुनौतियों के बीच कंपनी ने अगले दो वर्षों में करीब 1.7 अरब यूरो की बचत का लक्ष्य रखा है। कर्मचारियों की संख्या कम करना इसी लागत-कटौती रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।</p><h3>स्वैच्छिक रिडंडेंसी का विकल्प</h3><p>छंटनी के असर को कम करने के लिए JLR ने ट्रेड यूनियनों और कर्मचारियों के साथ बातचीत शुरू की है। कंपनी की ओर से वॉलंटरी रिडंडेंसी प्रोग्राम भी चलाया जा रहा है, जिसके तहत वेतनभोगी अधिकारियों और मैनेजमेंट से जुड़े कर्मचारियों को स्वेच्छा से कंपनी छोड़ने का विकल्प दिया जा रहा है।</p><p>फिलहाल JLR ब्रिटेन में करीब 34000 लोगों को रोजगार देती है। कंपनी के वेस्ट मिडलैंड्स के तीन प्लांट और हेलवुड की सुविधा इसके प्रमुख रोजगार केंद्र हैं। इसके अलावा ब्रिटेन की सप्लाई चेन में करीब 1.2 लाख नौकरियां भी कंपनी की गतिविधियों से जुड़ी हुई हैं।</p><h3>बिक्री में गिरावट से बढ़ी चिंता</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/business/passenger-vehicle-q1-profit-drops-eighty-percent-to-rs-775-crore-while-revenue-rises">टाटा मोटर्स</a> के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की जून तिमाही में JLR की थोक बिक्री में सालाना आधार पर 9.2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। कंपनी के कारोबार पर सप्लाई चेन में रुकावट, एक पार्ट्स सप्लायर की फैक्ट्री में आग और पश्चिम एशिया में जारी तनाव का भी असर पड़ा।</p><p>इन परिस्थितियों ने कंपनी की उत्पादन क्षमता और बिक्री दोनों पर दबाव बढ़ाया है। ऐसे में लागत घटाने के लिए कर्मचारियों की संख्या कम करने का फैसला लिया जा रहा है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/utility-news/epfo-unclaimed-money-pf-withdrawal-online-process-guide-pss06">कहीं आपका पैसा तो नहीं फंसा? EPFO के 31 लाख खातों में 9000 करोड़ अनक्लेम्ड, जानें निकालने का प्रोसेस</a></aside><h3>इलेक्ट्रिक वाहनों पर कंपनी का फोकस</h3><p>JLR अब अपने भविष्य के कारोबार को इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर तेजी से मोड़ रही है। कंपनी जगुआर के पारंपरिक मॉडलों के उत्पादन को धीरे-धीरे बंद करने की रणनीति पर काम कर रही है।</p><p>आने वाले महीनों में कंपनी BEV यानी बैटरी <a href="https://navbharatlive.com/automobile/ev-revolution-gains-momentum-in-india-67657-chargers-ready">इलेक्ट्रिक व्हीकल</a> सेगमेंट में चार नए उत्पाद पेश करने की योजना बना रही है। ऐसे में एक तरफ जहां कर्मचारियों की छंटनी से ब्रिटेन में चिंता बढ़ी है, वहीं दूसरी ओर कंपनी इलेक्ट्रिक कारों के जरिए बदलते ऑटोमोबाइल बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>कहीं आपका पैसा तो नहीं फंसा? EPFO के 31 लाख खातों में 9000 करोड़ अनक्लेम्ड, जानें निकालने का प्रोसेस</title><link>https://navbharatlive.com/utility-news/epfo-unclaimed-money-pf-withdrawal-online-process-guide-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/utility-news/epfo-unclaimed-money-pf-withdrawal-online-process-guide-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">0e868432-9a90-40ea-8f58-c2bdf54a1e8f</guid><pubDate>Sat, 05 Sep 2026 20:59:00 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-05T20:59:00.170+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Utility News,Business News,Aadhaar Card,EPFO,PAN Card,PF Account</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-05/2c10a0j8/epfo-pf-withdrawal.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ EPFO अनक्लेम्ड]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Online PF Withdrawal Process]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-05/2c10a0j8/epfo-pf-withdrawal.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>यूटिलिटी</category><category>बिज़नेस</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Online PF Withdrawal Process:</strong> कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़े खाताधारकों के लिए बड़ी जानकारी सामने आई है। एक RTI रिपोर्ट के अनुसार देश में 30.91 लाख इनएक्टिव PF खातों में करीब 9330 करोड़ रुपये की लावारिस राशि जमा है। अगर आपका पैसा भी पुराने या इनएक्टिव PF खाते में फंसा है, तो पात्रता पूरी होने पर इसे ऑनलाइन क्लेम किया जा सकता है।</p><h3>RTI में सामने आया इनएक्टिव PF खातों का आंकड़ा</h3><p>RTI रिपोर्ट के मुताबिक 30.91 लाख इनएक्टिव PF खातों में लगभग 9330 करोड़ रुपये बिना दावे के जमा हैं। हालांकि, पिछले वित्त वर्ष की तुलना में इसमें कमी आई है। 31 मार्च 2025 तक ऐसे खातों की संख्या 31.83 लाख थी और इनमें करीब 10181 करोड़ रुपये की राशि जमा थी।</p><p>यानी एक साल में इनएक्टिव खातों की संख्या लगभग 92 हजार और लावारिस राशि करीब 851 करोड़ रुपये कम हुई है। यह संकेत देता है कि कई खाताधारक अपने पुराने PF फंड को क्लेम या ट्रांसफर कर रहे हैं।</p><h3>EPF Scheme 2026 में क्या बदला?</h3><p>यह जानकारी नई EPF Scheme 2026 लागू होने के समय सामने आई है। 29 जून 2026 से प्रभावी इस योजना का उद्देश्य PF से जुड़े नियमों को ज्यादा सरल, पारदर्शी और डिजिटल बनाना है। इससे करोड़ों कर्मचारियों के लिए अपने PF खाते और दावों को मैनेज करना आसान हो सकता है।</p><h3>PF Withdrawal के लिए जरूरी शर्तें</h3><p>पुराने PF खाते से ऑनलाइन पैसा निकालने के लिए आपका UAN सक्रिय होना जरूरी है। साथ ही UAN से आधार, पैन और बैंक अकाउंट लिंक होना चाहिए। आपके UAN में दर्ज मोबाइल नंबर भी चालू होना चाहिए, क्योंकि ऑनलाइन क्लेम के दौरान आधार OTP से सत्यापन किया जाता है।</p><h3>EPFO Portal पर ऐसे करें ऑनलाइन क्लेम</h3><p>सबसे पहले EPFO Member Portal पर UAN, पासवर्ड और कैप्चा डालकर लॉगिन करें। इसके बाद Online Services में जाकर संबंधित क्लेम विकल्प चुनें। यहां Form 31, Form 19, Form 10C या Form 10D में से अपनी जरूरत के अनुसार फॉर्म चुनना होता है।</p><p>इसके बाद बैंक खाते की जानकारी को वेरिफाई करें और ऑनलाइन क्लेम के लिए आगे बढ़ें। स्क्रीन पर मांगी गई जानकारी भरकर निकासी की राशि दर्ज करें। जरूरत के अनुसार बैंक पासबुक या चेक की कॉपी भी अपलोड करनी पड़ सकती है।</p><h3>किस काम के लिए कौन सा Form?</h3><p>नौकरी के दौरान बीमारी, शादी या मकान जैसी निर्धारित जरूरतों के लिए आंशिक <a href="https://navbharatlive.com/technology/government-new-e-praapti-portal-will-get-the-job-done-in-minutes-1896901.html">PF निकासी</a> करनी हो तो Form 31 इस्तेमाल किया जाता है। नौकरी छोड़ने के बाद पात्रता के अनुसार पूरा PF सेटलमेंट करने के लिए Form 19 उपयोगी है।</p><p>वहीं पेंशन से संबंधित निकासी या लाभ के लिए पात्रता के अनुसार Form 10C या Form 10D लागू हो सकता है। इसलिए क्लेम करने से पहले सही फॉर्म और अपनी पात्रता जरूर जांचें।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/india/essel-group-subhash-chandra-cbi-case-lic-housing-loan-fraud-pss06">सुभाष चंद्रा की बढ़ीं मुश्किलें, 1322 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में CBI ने दर्ज की FIR</a></aside><h3>OTP से पूरा होगा डिजिटल वेरिफिकेशन</h3><p>क्लेम फॉर्म जमा करने के बाद आधार OTP के जरिए <a href="https://navbharatlive.com/career/btsc-staff-nurse-result-2026-released-11389-posts-merit-list-document-verification-details">डिजिटल वेरिफिकेशन</a> किया जाता है। पंजीकृत मोबाइल पर आए OTP को दर्ज करके क्लेम सबमिट किया जा सकता है। इसके बाद EPFO पोर्टल के जरिए क्लेम का स्टेटस भी ट्रैक किया जा सकता है।</p><p>क्लेम स्वीकृत होने के बाद राशि सीधे लिंक बैंक खाते में भेजी जाती है। प्रक्रिया में लगने वाला समय क्लेम और सत्यापन पर निर्भर कर सकता है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>बार-बार चालान कटा तो रद्द होगा ड्राइविंग लाइसेंस, सड़क सुरक्षा के लिए लागू होगा नया पॉइंट सिस्टम</title><link>https://navbharatlive.com/utility-news/new-driving-license-traffic-rules-point-system-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/utility-news/new-driving-license-traffic-rules-point-system-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">1140536e-f139-430a-b6c0-749052042239</guid><pubDate>Fri, 04 Sep 2026 23:43:29 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-04T23:43:29.973+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Nitin Gadkari,Utility News,Traffic Jam,Traffic Safety,Traffic Challan,Traffic Rules</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-04/e1giv3tx/traffic-rule-point-system.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ ट्रैफिक पॉइंट सिस्टम]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Proposed Driving Point System]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-04/e1giv3tx/traffic-rule-point-system.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>यूटिलिटी</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Proposed Driving Point System:</strong> सड़क पर बार-बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के लिए सरकार अब सख्त व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लापरवाह ड्राइविंग पर लगाम लगाने के लिए ग्रेडेड पॉइंट सिस्टम की घोषणा की है। इसके तहत ट्रैफिक नियम तोड़ने पर वाहन चालक के ड्राइविंग लाइसेंस से अंक काटे जाएंगे। लगातार नियम तोड़ने पर लाइसेंस सस्पेंड और गंभीर स्थिति में स्थायी रूप से रद्द भी किया जा सकता है।</p><h3>सड़क सुरक्षा के लिए लागू होगा ग्रेडेड पॉइंट सिस्टम</h3><p>नितिन गडकरी ने SIAM यानी Society of Indian Automobile Manufacturers के 66वें वार्षिक सम्मेलन में इस प्रस्तावित व्यवस्था की जानकारी दी। सरकार का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना और वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति अधिक जिम्मेदार बनाना है।</p><p>नई व्यवस्था के तहत छोटे-बड़े ट्रैफिक उल्लंघनों को डिजिटल तरीके से रिकॉर्ड करने की योजना है। इससे किसी चालक के बार-बार नियम तोड़ने का रिकॉर्ड उसके ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ा रहेगा।</p><h3>कैसे काम करेगा नया पॉइंट सिस्टम?</h3><p>इस ड्राइविंग पॉइंट सिस्टम में प्रत्येक ड्राइविंग लाइसेंस से एक निश्चित क्रेडिट या अंक व्यवस्था जोड़ी जाएगी। अगर कोई चालक रेड लाइट जंप करता है, ओवरस्पीडिंग करता है या हेलमेट और सीटबेल्ट जैसे जरूरी सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करता है, तो उसके अंक कम किए जाएंगे।</p><p>लगातार उल्लंघन करने पर जब चालक के अंक निर्धारित न्यूनतम सीमा तक पहुंच जाएंगे, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड किया जा सकता है। इसके बाद भी अगर चालक खतरनाक तरीके से नियमों का उल्लंघन जारी रखता है, तो लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द करने की कार्रवाई हो सकती है।</p><p>इस व्यवस्था का सबसे बड़ा उद्देश्य यह है कि बार-बार चालान भरने के बजाय वाहन चालक अपने लाइसेंस और ड्राइविंग अधिकार को लेकर गंभीर हों।</p><h3>देश में खुल रहे 1600 ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर</h3><p>सड़क सुरक्षा के साथ सरकार प्रोफेशनल ड्राइविंग ट्रेनिंग पर भी जोर दे रही है। जनवरी 2025 में शुरू की गई विशेष नीति के तहत देशभर में करीब 1600 अत्याधुनिक ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर विकसित किए जा रहे हैं।</p><p>इन केंद्रों के माध्यम से अब तक लगभग 10 लाख ड्राइवरों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। सभी केंद्र पूरी तरह एक्टिव होने के बाद हर साल करीब 1.5 लाख नए ड्राइवरों को प्रोफेशनल और <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/amravati/sgbau-sports-award-ceremony-in-amaravati-on-july-3-1822918.html">अंतरराष्ट्रीय स्तर</a> की ट्रेनिंग देने का लक्ष्य है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/utility-news/irctc-diwali-chhath-ticket-booking-warning-updates-pss06">Ticket Booking: दिवाली और छठ पूजा टिकट बुकिंग पर IRCTC की बड़ी चेतावनी, डूब सकते हैं पैसे, जानें कैसे?</a></aside><h3>पुराने वाहनों के प्रदूषण पर भी फोकस</h3><p>सम्मेलन में वाहन प्रदूषण को कम करने के लिए भी महत्वपूर्ण पहल की जानकारी दी गई। पुराने वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए विशेष प्रदूषण नियंत्रण उपकरण को रेट्रोफिट लगाने की मंजूरी दी जा रही है।</p><p>सरकार के अनुसार इस डिवाइस की अधिकतम कीमत 4000 रुपये से कम रखने का फैसला किया गया है। इसका उद्देश्य पुराने वाहनों को कम लागत में क्लीन टेक्नोलॉजी से जोड़ना और उनके उत्सर्जन स्तर को नियंत्रित करना है।</p><p>नई ट्रैफिक पॉइंट सिस्टम व्यवस्था, <a href="https://navbharatlive.com/automobile/now-comes-an-opportunity-for-employment-government-is-opening-driving-training-centers-1629569.html">ड्राइविंग ट्रेनिंग</a> और प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को सड़क सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि तकनीक और सख्त नियमों के जरिए भारतीय सड़कों पर लापरवाही कम हो और वाहन चालक यातायात नियमों का गंभीरता से पालन करें।</p>]]></content:encoded></item><item><title>Ticket Booking: दिवाली और छठ पूजा टिकट बुकिंग पर IRCTC की बड़ी चेतावनी, डूब सकते हैं पैसे, जानें कैसे?</title><link>https://navbharatlive.com/utility-news/irctc-diwali-chhath-ticket-booking-warning-updates-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/utility-news/irctc-diwali-chhath-ticket-booking-warning-updates-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">1a3e8bc1-da13-4fd8-9994-5d3fdb719587</guid><pubDate>Fri, 04 Sep 2026 23:25:35 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-04T23:25:35.309+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Utility News,Chhath Puja,Diwali,Indian Railway,Train Ticket Booking,IRCTC</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-04/1u1ilich/ticket-booking-warning.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ ट्रेन टिकट बुकिंग]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Irctc Ticket Booking Warning]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-04/1u1ilich/ticket-booking-warning.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>यूटिलिटी</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Irctc Ticket Booking Warning:</strong> दिवाली और छठ पूजा के मौके पर घर जाने की तैयारी कर रहे यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे और IRCTC ने जरूरी चेतावनी जारी की है। त्योहारों के दौरान ट्रेनों में भारी भीड़ रहती है और कन्फर्म टिकट की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में टिकट बुकिंग करते समय छोटी सी गलती यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। IRCTC ने यात्रियों को टिकट बुक करते समय सभी जानकारी सावधानी से भरने और फर्जी एजेंटों से बचने की सलाह दी है।</p><h3>टिकट बुक करते समय जानकारी करें चेक</h3><p>IRCTC ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए यात्रियों से टिकट रिजर्वेशन के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है। टिकट बुक करने की जल्दबाजी में अक्सर यात्री व्यक्तिगत जानकारी गलत दर्ज कर देते हैं।</p><p>बुकिंग से पहले नाम की स्पेलिंग, उम्र, जेंडर और पंजीकृत मोबाइल नंबर को अच्छी तरह जांचना जरूरी है। खासतौर पर मोबाइल नंबर सही होना चाहिए, क्योंकि टिकट से जुड़े कन्फर्मेशन मैसेज, यात्रा संबंधी अपडेट और रिफंड की जानकारी इसी नंबर पर भेजी जाती है।</p><h3>गलत जानकारी से हो सकती है परेशानी</h3><p>टिकट बुकिंग के दौरान गलत जानकारी दर्ज करने पर यात्रा के समय परेशानी हो सकती है। अगर टिकट पर दर्ज जानकारी और यात्री के दस्तावेजों में अंतर पाया जाता है तो TTE की जांच के दौरान सवाल उठ सकते हैं।</p><p>गलत विवरण वाले टिकट को कैंसिल करने पर रिफंड से जुड़ी दिक्कत भी हो सकती है। खासतौर पर उम्र या जेंडर जैसी जानकारी गलत भरने पर यात्री को टिकट की वैधता और रिफंड प्रक्रिया को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए भुगतान करने से पहले बुकिंग फॉर्म में दर्ज हर जानकारी को दोबारा जांचना जरूरी है।</p><h3>फर्जी एजेंटों से रहें सावधान</h3><p>दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहारों के दौरान कन्फर्म टिकट की मांग बढ़ने का फायदा उठाकर फर्जी एजेंट यात्रियों को निशाना बना सकते हैं। ऐसे लोग टिकट दिलाने के नाम पर यात्रियों से ज्यादा पैसे वसूल सकते हैं और फर्जी या अमान्य टिकट देने का जोखिम रहता है।</p><p>IRCTC यात्रियों को सलाह देता है कि वे किसी अनजान व्यक्ति या अनधिकृत एजेंट के जरिए टिकट बुक न कराएं। टिकट की बुकिंग हमेशा अधिकृत माध्यम से ही करें। इससे फर्जीवाड़े और पैसों के नुकसान से बचने में मदद मिल सकती है।</p><h3>IRCTC के आधिकारिक माध्यम का करें इस्तेमाल</h3><p>रेलवे यात्रियों को सलाह दी गई है कि टिकट बुकिंग के लिए IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करें। ऑनलाइन बुकिंग करते समय अपना एक्टिव मोबाइल नंबर इस्तेमाल करना भी जरूरी है।</p><p>त्योहारों के दौरान ट्रेन के समय, रूट, टिकट स्टेटस और अन्य जरूरी बदलावों से जुड़े अपडेट समय पर मिल सकें, इसके लिए <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/indore/indore-crime-branch-cyber-action-80-sim-15-mobile-imei-blocked">मोबाइल नंबर</a> सही दर्ज होना चाहिए। साथ ही भुगतान करने से पहले ट्रेन, यात्रा की तारीख, यात्री की जानकारी और किराए को ध्यान से देखना चाहिए।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/utility-news/delhi-maharashtra-draft-voter-list-deletion-pss06">वोटर लिस्ट से कट गया है नाम? जानिए 30 सितंबर तक ऑनलाइन और ऑफलाइन दोबारा नाम जोड़ने का तरीका</a></aside><h3>त्योहारों की यात्रा में थोड़ी सावधानी जरूरी</h3><p>दिवाली और <a href="https://navbharatlive.com/religion/claim-offer-provide-me-shorttail-longtail-keywords-for-this-in-variation-of-15-keywords-in-single-line-separated-with-comma-each-first-letter-of-word-should-be-capital-chaiti-chhat-1605175.html">छठ पूजा</a> के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने घरों की ओर यात्रा करते हैं। ऐसे में टिकट की मांग बढ़ने के साथ फर्जी बुकिंग और गलत जानकारी जैसी समस्याओं का खतरा भी बढ़ सकता है।</p><p>यात्रियों को सलाह है कि टिकट बुकिंग में जल्दबाजी न करें और केवल आधिकारिक चैनलों का इस्तेमाल करें। बुकिंग के बाद टिकट की सभी जानकारी भी एक बार जांच लें। थोड़ी सी सावधानी न सिर्फ पैसे के नुकसान से बचा सकती है, बल्कि त्योहारों के दौरान यात्रा को भी आसान और सुरक्षित बना सकती है।</p>]]></content:encoded></item></channel></rss>