

Bank Strike Services Impact: बैंक यूनियन ने 28 सितंबर से 3 दिन की देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। देशभर में तीन दिन के लिए बैंक के कामकाज बंद हो जाएंगे। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने कहा है कि वे 28 सितंबर से शुरू होने वाली तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल पर आगे बढ़ेंगे।
ऐसा इसलिए क्योंकि मंगलवार को डिप्टी चीफ लेबर कमिश्नर के सामने हुई सुलह बैठक बेनतीजा रही। इस हड़ताल का आह्वान यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने किया है, जोकि 7 बैंक कर्मचारी और अधिकारी यूनियनों का संयुक्त संगठन है।
यूनियनों ने कई मांगें रखी हैं, जिनमें पांच दिन का बैंकिंग सप्ताह लागू करना एक मुख्य मुद्दा बनकर उभरा है। पांच दिन के काम के सप्ताह के अलावा, यूनियनें पेंशन लाभों में सुधार, पेंशनभोगियों के लिए एक समान महंगाई भत्ता (DA) फॉर्मूला लागू करने और नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना में स्विच करने का विकल्प चाहती हैं। UFBU का दावा है कि वह देश के लगभग 90 प्रतिशत बैंकिंग कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है।
UFBU ने इसी मांग को लेकर पहले भी 11 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल की थी। पिछली हड़ताल से देश भर की बैंक शाखाओं में काउंटर सर्विस, कैश ट्रांजैक्शन और चेक क्लियरिंग पर असर पड़ा था।
मुंबई में बैंकिंग कामकाज तो सामान्य रहा, लेकिन मध्य प्रदेश, गोवा, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों से कामकाज में रुकावट की खबरें आईं। इसका असर खासकर छोटे शहरों और कस्बों में ज्यादा दिखा।
वित्त मंत्रालय ने हड़ताल से पहले बैंकों के साथ बातचीत करने की पहल की है। मंत्रालय ने 28 सितंबर से शुरू होने वाली तीन दिन की देशव्यापी बैंक हड़ताल के लिए तैयारियों और आपातकालीन योजनाओं की समीक्षा करने के मकसद से सोमवार को पब्लिक सेक्टर बैंकों (PSBs), रीजनल रूरल बैंकों (RRBs), इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और नाबार्ड (NABARD) के प्रमुख अधिकारियों के साथ एक बैठक बुलाई है।
डिपार्टमेंट ऑफ़ फाइनेंशियल सर्विसेज (DFS) के सेक्रेटरी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में मुख्य रूप से हड़ताल के दौरान बैंकिंग सेवाओं को जारी रखने और ग्राहकों के लिए जरूरी सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उपायों पर चर्चा होने की उम्मीद है। अधिकारी कामकाज में रुकावट को कम करने के लिए आपातकालीन इंतजामों पर भी चर्चा कर सकते हैं।
यह बात इसलिए भी अहम है क्योंकि प्रस्तावित हड़ताल बैंकों के छमाही क्लोजिंग पीरियड के दौरान हो रही है। इस हड़ताल का ग्राहकों पर बड़ा असर पड़ सकता है, क्योंकि 26 और 27 सितंबर को वीकेंड है। नतीजतन, 26 सितंबर से 30 सितंबर तक लगातार पांच दिनों तक ब्रांच का कामकाज प्रभावित हो सकता है।
इससे चेक प्रोसेसिंग, कैश ट्रांजैक्शन और ब्रांच पर निर्भर अन्य सेवाओं को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। यूनियनों ने 26 अगस्त को हड़ताल का नोटिस दिया था। इसके बाद, यूनियन प्रतिनिधियों, IBA और सरकारी अधिकारियों के बीच सुलह-सफाई की बैठकें हुईं। हालांकि, 5 दिन के बैंकिंग सप्ताह की मांग को लेकर हुई बातचीत से कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया।