Delhi Government Disaster Preparedness: देश की राजधानी दिल्ली में आपदा के दौरान राहत और बचाव अभियानों को और तेज करने के लिए दिल्ली सरकार अपनी State Disaster Response Force (SDRF) तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। हालिया उच्चस्तरीय बैठकों में इस प्रस्ताव को लेकर तैयारियों की समीक्षा की गई है। सरकार का उद्देश्य ऐसी प्रशिक्षित और विशेषज्ञ रेस्क्यू फोर्स तैयार करना है, जो भूकंप, बाढ़, इमारत गिरने, आग, शहरी हादसों और अन्य प्राकृतिक या मानवजनित आपदाओं के दौरान मौके पर तेजी से पहुंचकर राहत-बचाव का काम को तुरंत संभाल सके।
SDRF के कर्मियों को सामान्य राहत कार्यों के साथ-साथ Collapsed Structure Search and Rescue (CSSR), बाढ़ बचाव, प्राथमिक चिकित्सा, आग से निपटने, रस्सी आधारित रेस्क्यू, खोज एवं बचाव तकनीक और आपदा स्थल पर कम्युनिकेशन जैसी क्षमताओं में प्रशिक्षित किए जाने की जरूरत होगी।
प्रस्तावित फोर्स के लिए राजधानी में स्थायी बुनियादी ढांचा तैयार करने की दिशा में भी काम चल रहा है। अलिपुर में करीब 19 एकड़ जमीन पर SDRF का मुख्यालय विकसित करने का प्रस्ताव लगभग अंतिम चरण में है। इसी परिसर में सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स के लिए प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करने की योजना की भी जानकारी सामने आई है।
राजधानी दिल्ली देश की सबसे घनी आबादी वाले महानगरों में शामिल है और यहां आपदा का जोखिम कई स्तरों पर मौजूद है। राजधानी दिल्ली भूकंप, शहरी बाढ़, इमारत गिरने, आग, औद्योगिक हादसों और अन्य शहरी आपदाओं के लिहाज से संवेदनशील है।
दिल्ली की SDRF बनने का मतलब यह नहीं है कि NDRF की भूमिका खत्म हो जाएगी। बल्कि दोनों के बीच बेहतर तालमेल और जिम्मेदारियों का स्पष्ट बंटवारा हो सकेगा।
दिल्ली लंबे समय से उन राज्यों/केंद्रशासित क्षेत्रों में रही है जहां अपनी समर्पित SDRF नहीं थी और गंभीर आपदा की स्थिति में NDRF समेत केंद्रीय एजेंसियों पर ही निर्भरता रहती थी। मार्च 2025 की DDMA बैठक में भी यह बात सामने आई थी कि दिल्ली में अपनी SDRF और आधुनिक कमांड-एंड-कंट्रोल व्यवस्था को मजबूत करने की बेहद जरूरत है।
चार बटालियन की योजना, चरणबद्ध तरीके से होगी तैनाती मिली जानकारी के मुताबिक दिल्ली की प्रस्तावित SDRF में चार बटालियन बनाने की योजना है। प्रत्येक बटालियन में करीब 140 से 210 कर्मियों की क्षमता रखने का प्रस्ताव बताया गया है।
दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने फोर्स के बुनियादी ऑपरेशनल ढांचे से जुड़ी सिफारिशें तैयार कर गृह विभाग को भेजी हैं। इसके बाद कैबिनेट नोट तैयार करने और संबंधित विभागों से सुझाव लेने की प्रक्रिया आगे बढ़नी है।
प्रस्तावित SDRF के लिए दिल्ली में पहले से मौजूद आपदा प्रबंधन संसाधनों और प्रशिक्षित मानवबल का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें राजधानी दिल्ली फायर सर्विस के कर्मचारियों और सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स की विशेषज्ञता महत्वपूर्ण होगी।