

UFBU Bank Strike 11 September: देशभर में आज सरकारी बैंकों की हड़ताल जारी है। बैंक के कर्मचारियों का सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन जारी है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) और ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA) ने 5-दिन के वर्क वीक और बैंकिंग सुधारों की मांगों को लेकर यह विरोध प्रदर्शन किया।
हफ्ते में पांच कार्य दिवस को लागू करने और अन्य समस्याओं के लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (UFBU) ने शुक्रवार को हड़ताल की और इससे बैंकिंग सेवाओं विशेषकर सरकारी बैंकों पर असर हुआ है।
UFBU में कुल सात बैंकिंग यूनियन शामिल हैं और इसमें सरकारी बैंकों के करीब 90 प्रतिशत कर्मचारी शामिल हैं। हालांकि, इस हड़ताल का प्राइवेट बैंकों की सेवाओं पर असर नहीं हुआ है। हड़ताल में कई सरकारी बैंक कर्मचारियों के शामिल होने के कारण सरकारी बैंकों की ब्रांच या तो पूरी तरह से बंद हैं या फिर आंशिक रूप से कामकाज कर रही हैं।
कई शाखाओं में नकद जमा, निकासी, चेक क्लियरेंस और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हुए। हालांकि, सरकारी बैंकों की डिजिटल सेवाओं पर इस हड़ताल का कोई असर नहीं हुआ है। इंटरनेट बैंकिंग के साथ-साथ यूपीआई सेवाएं भी सामान्य बनी हुई है।
मध्य प्रदेश में बैंक हड़ताल से 7,000 ब्रांच में कामकाज रुक गया, जिससे 5,500 करोड़ रुपये के कारोबार पर असर पड़ा है। एसोसिएशन ने बताया कि बैंक कर्मचारियों के एक संगठन ने बताया कि हफ्ते में पांच दिन काम करने और अन्य लंबित मांगों को लेकर बुलाई गई देशव्यापी बैंक हड़ताल के कारण शुक्रवार को मध्य प्रदेश में करीब 7,000 ब्रांच में कामकाज ठप रहा, जिससे लगभग 5,500 करोड़ रुपये के रोजाना के कारोबार पर असर पड़ा।
असम में भी यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स ने एक दिन की बैंक हड़ताल बुलाई है। वे हफ्ते में पांच दिन काम करने की व्यवस्था को तुरंत लागू करने, PLI स्कीम में बदलाव करने और लंबित मुद्दों को सुलझाने की मांग कर रहे हैं।
गुजरात के राजकोट में भी बैंकों की हड़ताल जारी है। राजकोट ऑल इंडिया SBI ऑफिसर्स एसोसिएशन के डिप्टी जनरल सेक्रेटरी पवन शर्मा कहते हैं, "आज की हड़ताल UFBU की देखरेख में हो रही है, जो राष्ट्रीय स्तर पर 9 लाख बैंक कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले सात संगठनों का एक समूह है।"
पवन शर्मा ने आगे कहा, "हमारी मुख्य मांग हफ्ते में 5 दिन काम करने की व्यवस्था लागू करना है। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) ने 2022 के समझौते के दौरान इसे मंजूरी दी थी, लेकिन इसे लागू नहीं किया। एक और मुद्दा परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम से जुड़ा था, जिसे हमारे दबाव के बाद सरकार ने वापस ले लिया। हालांकि, हफ्ते में 5 दिन काम करने का मुद्दा अभी भी अनसुलझा है।"
ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA) के जनरल सेक्रेटरी सीएच वेंकटचलम ने कहा, "आज पूरे देश में हड़ताल सफल रही है। इसमें लगभग आठ लाख कर्मचारियों, अधिकारियों और मैनेजरों ने हिस्सा लिया है। हड़ताल सफल रही है। इस हड़ताल की मुख्य मांग यह है कि मार्च 2024 के समझौते के अनुसार, सरकार पांच दिन के बैंकिंग सप्ताह को लागू करने की मंजूरी दे।"
जनरल सेक्रेटरी ने आगे कहा, "अभी महीने में दो शनिवार की छुट्टी होती है; बाकी शनिवार काम के दिन होते हैं। हमने सोमवार से शुक्रवार तक अतिरिक्त काम के घंटे करने पर सहमति जताई है, इसलिए हमने सभी शनिवार को छुट्टी की मांग की है। अगली हड़ताल 28, 29 और 30 सितंबर को लगातार तीन दिनों तक होगी। अगर तब भी समाधान नहीं निकला, तो 26 अक्टूबर से लगातार अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो जाएगी।"
इसे लेकर कई सरकारी बैंक ग्राहकों को एडवाइजरी भी जारी कर चुके हैं और वैकल्पिक बैंकिंग सेवाओं को उपयोग करने की सलाह दी है। बैंक ऑफ बड़ौदा ने कहा है कि UFBU की 11 सितंबर को हड़ताल के कारण बैंकिंग ऑपरेशन प्रभावित हो सकते हैं। हम इस दौरान सभी जरूरी सेवाओं को देना का प्रयास करेंगे।
साथ ही, ग्राहकों को सलाह दी कि इस स्थिति में वे वैकल्पिक बैंकिंग सेवाएं जैसे मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और एटीएम एवं अन्य डिजिटल चैनल का उपयोग करें। वहीं, पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने कहा कि UFBU की 11 सितंबर, 2026 को एक दिवसीय हड़ताल प्रस्तावित है।
बैंकिंग सेवाओं को सामान्य बनाए रखने के लिए हम हर संभव प्रयास करेंगे। ग्राहकों से अनुरोध है कि अपनी बैंकिंग आवश्यकताओं के लिए वैकल्पिक माध्यमों जैसे पीएनबी वन, यूपीआई, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और अन्य डिजिटल चैनल का उपयोग करें।