

Bhadravati News: महंगाई की मार झेल रहे आम नागरिकों के लिए अब रसोई में रोजाना इस्तेमाल होने वाली शक्कर भी चिंता का कारण बनती जा रही है। बाजार में शक्कर के दामों में पिछले कुछ दिनों से तेजी देखने को मिल रही है। करीब 50 रुपए किलो के आसपास मिलने वाली शक्कर अब बाजार में 70 से 75 रुपए किलो तक बिक रही है।
शक्कर की कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी से गृहिणियों का घरेलू बजट बिगड़ गया है। वहीं आगामी दिनों में त्योहारों का मौसम शुरू होने वाला है, ऐसे में शक्कर की मांग बढ़ने के साथ कीमतों में और वृद्धि होने की आशंका से नागरिकों की चिंता बढ़ गई है।
शक्कर आम परिवार की रसोई में इस्तेमाल होने वाली रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं में शामिल है। सुबह की चाय से लेकर मिठाई, शरबत, विभिन्न खाद्य पदार्थों और त्योहारों पर बनाए जाने वाले पकवानों तक शक्कर की जरूरत होती है। ऐसे में अचानक शक्कर के दाम बढ़ने का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है। पहले से ही महंगाई के कारण घरेलू खर्च का संतुलन बिगड़ा हुआ है और अब शक्कर के बढ़ते दामों ने गृहिणियों के सामने नई परेशानी खड़ी कर दी है।
आगामी दिनों में विभिन्न त्योहारों का सिलसिला शुरू होने वाला है। त्योहारों के दौरान घरों में मिठाई और विभिन्न पकवान बनाए जाते हैं, वहीं बाजार में भी मिठाई की मांग बढ़ जाती है। इसके चलते शक्कर की खपत सामान्य दिनों की तुलना में अधिक रहती है। नागरिकों को आशंका है कि मांग बढ़ने के साथ शक्कर के दामों में यदि इसी तरह तेजी जारी रही तो आने वाले दिनों में इसका अतिरिक्त भार आम उपभोक्ताओं को उठाना पड़ सकता है।
शक्कर की कीमत बढ़ने का असर केवल घरों तक सीमित नहीं रहता। चाय-नाश्ते की दुकानों, मिठाई विक्रेताओं, होटल और अन्य खाद्य व्यवसायों पर भी इसका प्रभाव पड़ता है। शक्कर महंगी होने के कारण संबंधित खाद्य पदार्थों की लागत बढ़ सकती है और इसका बोझ अंततः ग्राहकों पर ही आने की संभावना रहती है। इस तरह शक्कर के दामों में बढ़ोतरी महंगाई की एक और कड़ी बन सकती है।
महंगाई के इस दौर में आम नागरिकों को राहत देने के लिए सरकार ने शक्कर के बढ़ते दामों की ओर तत्काल ध्यान देना चाहिए। आगामी त्योहारों को देखते हुए बाजार में शक्कर की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही कीमतों पर नियंत्रण रखने की मांग नागरिकों द्वारा की जा रही है।
आम नागरिकों का कहना है कि त्योहार खुशियों और उत्साह के होते हैं, लेकिन यदि रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं के दाम इसी तरह बढ़ते रहे तो त्योहारों का खर्च भी आम परिवारों के लिए परेशानी का कारण बन जाएगा। शक्कर के बढ़ते दामों ने फिलहाल लोगों के मुंह की मिठास ही कम नहीं की, बल्कि घर-घर के बजट का हिसाब भी बिगाड़ दिया है। सरकार और संबंधित प्रशासन ने समय रहते इस ओर ध्यान देकर आम जनता को बढ़ती कीमतों से राहत दिलाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।