टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल का मुनाफा Q1 में 80% गिरा, रेवेन्यू बढ़ने के बाद भी फिसला मार्जिन

Tata Motors Q1: टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल का मुनाफा जून तिमाही में अस्सी प्रतिशत घटकर सात सौ पचहत्तर करोड़ रुपये रह गया है, जबकि कंपनी का कुल रेवेन्यू नौ प्रतिशत की बढ़त के साथ बढ़ा है।
Tata Motors Q1 Results
टाटा मोटर्सफोटो (सोर्स- AI जनरेटेड)
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Tata Motors Q1 Results: टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल ने चालू वित्त वर्ष की जून तिमाही (Q1) के लिए अपने वित्तीय नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी का वॉल्यूम ग्रोथ इस तिमाही के दौरान सालाना आधार पर छियालीस प्रतिशत रहा है। लेकिन कंपनी के शुद्ध मुनाफे में अस्सी प्रतिशत की भारी गिरावट आई है।

जून तिमाही में कंपनी के रेवेन्यू में नौ प्रतिशत का अच्छा उछाल दर्ज किया गया है। हालांकि, ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन यानी एबिटडा मार्जिन में इस दौरान भारी गिरावट दर्ज की गई है। कंपनी के कमजोर मार्जिन की वजह से मुनाफे पर काफी विपरीत असर पड़ा है और वह अस्सी प्रतिशत तक नीचे आ गया है।

रेवेन्यू और मार्जिन के आंकड़े

घरेलू पैसेंजर व्हीकल बाजार में कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 9.3% की बढ़त के साथ 95,799 करोड़ रुपये रहा है। इस दौरान कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट यानी एबिटडा 7.1 हजार करोड़ रुपये के स्तर पर रहा। जबकि कंपनी का एबिटडा मार्जिन 130 बेसिस प्वाइंट कमजोर होकर 7.4% पर आ गया है।

इस तिमाही में कंपनी का ब्याज और टैक्स भुगतान से पहले का प्रॉफिट यानी पीबीटी 1,606 करोड़ रुपये रहा है। जबकि पिछले साल की समान अवधि में कंपनी को 2,344 करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा था। इसके अलावा कंपनी का एबिट मार्जिन भी 90 बेसिस प्वाइंट गिरकर 2.4% पर आ गया है।

जेएलआर ब्रांड का प्रदर्शन

कंपनी के लिए उसका लग्जरी ब्रांड जेएलआर काफी महत्वपूर्ण है। जून तिमाही में जेएलआर का कुल रेवेन्यू 9.6% की गिरावट के साथ 5,973 मिलियन पाउंड रहा। जेएलआर का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन भी 120 बेसिस प्वाइंट कमजोर होकर 8.1 मिलियन पाउंड रहा।

ईवी सेगमेंट में दबदबा कायम

टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल के सीईओ शैलेश चंद्रा ने नतीजों पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि कंपनी ने शानदार शुरुआत की है। इस जून तिमाही में कंपनी ने ईवी सेगमेंट में अपना दबदबा पूरी तरह कायम रखा है। कंपनी ने कुल 34,000 इलेक्ट्रिक वाहन बेचे हैं, जो कि सालाना आधार पर 112% अधिक हैं।

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फ्री कैशफ्लो और कूटनीतिक योजनाएं

चंद्रशेखरन के टाटा संस के बाद अब नए चेयरमैन के रूप में कई दिग्गजों के नामों पर चर्चा तेज हो गई है। वहीं कंपनी का फ्री कैशफ्लो 11.8 हजार करोड़ रुपये रहा, जबकि शुद्ध कर्ज 42.2 हजार करोड़ रुपये है। कंपनी आगामी महीनों में बैटरी इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में 4 नए इलेक्ट्रिक प्रोडक्ट्स लॉन्च करेगी।

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