

Online PF Withdrawal Process: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़े खाताधारकों के लिए बड़ी जानकारी सामने आई है। एक RTI रिपोर्ट के अनुसार देश में 30.91 लाख इनएक्टिव PF खातों में करीब 9330 करोड़ रुपये की लावारिस राशि जमा है। अगर आपका पैसा भी पुराने या इनएक्टिव PF खाते में फंसा है, तो पात्रता पूरी होने पर इसे ऑनलाइन क्लेम किया जा सकता है।
RTI रिपोर्ट के मुताबिक 30.91 लाख इनएक्टिव PF खातों में लगभग 9330 करोड़ रुपये बिना दावे के जमा हैं। हालांकि, पिछले वित्त वर्ष की तुलना में इसमें कमी आई है। 31 मार्च 2025 तक ऐसे खातों की संख्या 31.83 लाख थी और इनमें करीब 10181 करोड़ रुपये की राशि जमा थी।
यानी एक साल में इनएक्टिव खातों की संख्या लगभग 92 हजार और लावारिस राशि करीब 851 करोड़ रुपये कम हुई है। यह संकेत देता है कि कई खाताधारक अपने पुराने PF फंड को क्लेम या ट्रांसफर कर रहे हैं।
यह जानकारी नई EPF Scheme 2026 लागू होने के समय सामने आई है। 29 जून 2026 से प्रभावी इस योजना का उद्देश्य PF से जुड़े नियमों को ज्यादा सरल, पारदर्शी और डिजिटल बनाना है। इससे करोड़ों कर्मचारियों के लिए अपने PF खाते और दावों को मैनेज करना आसान हो सकता है।
पुराने PF खाते से ऑनलाइन पैसा निकालने के लिए आपका UAN सक्रिय होना जरूरी है। साथ ही UAN से आधार, पैन और बैंक अकाउंट लिंक होना चाहिए। आपके UAN में दर्ज मोबाइल नंबर भी चालू होना चाहिए, क्योंकि ऑनलाइन क्लेम के दौरान आधार OTP से सत्यापन किया जाता है।
सबसे पहले EPFO Member Portal पर UAN, पासवर्ड और कैप्चा डालकर लॉगिन करें। इसके बाद Online Services में जाकर संबंधित क्लेम विकल्प चुनें। यहां Form 31, Form 19, Form 10C या Form 10D में से अपनी जरूरत के अनुसार फॉर्म चुनना होता है।
इसके बाद बैंक खाते की जानकारी को वेरिफाई करें और ऑनलाइन क्लेम के लिए आगे बढ़ें। स्क्रीन पर मांगी गई जानकारी भरकर निकासी की राशि दर्ज करें। जरूरत के अनुसार बैंक पासबुक या चेक की कॉपी भी अपलोड करनी पड़ सकती है।
नौकरी के दौरान बीमारी, शादी या मकान जैसी निर्धारित जरूरतों के लिए आंशिक PF निकासी करनी हो तो Form 31 इस्तेमाल किया जाता है। नौकरी छोड़ने के बाद पात्रता के अनुसार पूरा PF सेटलमेंट करने के लिए Form 19 उपयोगी है।
वहीं पेंशन से संबंधित निकासी या लाभ के लिए पात्रता के अनुसार Form 10C या Form 10D लागू हो सकता है। इसलिए क्लेम करने से पहले सही फॉर्म और अपनी पात्रता जरूर जांचें।
क्लेम फॉर्म जमा करने के बाद आधार OTP के जरिए डिजिटल वेरिफिकेशन किया जाता है। पंजीकृत मोबाइल पर आए OTP को दर्ज करके क्लेम सबमिट किया जा सकता है। इसके बाद EPFO पोर्टल के जरिए क्लेम का स्टेटस भी ट्रैक किया जा सकता है।
क्लेम स्वीकृत होने के बाद राशि सीधे लिंक बैंक खाते में भेजी जाती है। प्रक्रिया में लगने वाला समय क्लेम और सत्यापन पर निर्भर कर सकता है।