सिडको में रिश्वतखोरी (pic credit; social media)
CIDCO Officer Disproportionate Assets Case: सिडको में भ्रष्टाचार के मुद्दे विधानसभा में कई बार उठाए जा चुके हैं, सिडको अधिकारी अक्सर रिश्वतखोरी के जाल में फंसते रहे हैं। सिडको के एक बर्खास्त अधिकारी की जांच से चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई है।
सिडको के बर्खास्त सहायक कॉलोनी ऑफिसर सागर तपाड़िया ने अपनी सैलरी के मुकाबले ढाई प्रतिशत बिना हिसाब की संपत्ति कमाई थी, इस मामले में खारघर पुलिस स्टेशन में तपाड़िया और उनकी पत्नी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
यह कार्रवाई नवी मुंबई रिश्वतखोरी और गबन विभाग ने की है। पता हो कि सिडको में विवादित बर्खास्त अधिकारी की आय से अधिक बेनामी संपत्ति को लेकर जांच चल रही थी। जैसे ही यह पता चला कि बेनामी संपत्ति उनकी पत्नी के नाम पर है, उनकी पत्नी के खिलाफ यह केस दर्ज किया गया है।
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CIDCO से निकाले गए अधिकारी सागर तपाडिया की कुल सैलरी इनकम 1 करोड 12 लाख 17 हजार 140 रुपये है, जबकि तपाड़िया ने अपनी पत्नी मनीषा के नाम पर 1 करोड़ 42 लाख 17 हजार 140 रुपये की प्रॉपर्टी खरीदी है। उन्होंने करोड़ 64 लाख 48 हजार 520 रुपये खर्च भी किए हैं। सिडको से मिली सैलरी और तपाड़िया की कमाई हुई प्रॉपर्टी में कोई मिलान नहीं है। पता चला है कि तपाड़िया की कमाई हुई प्रॉपर्टी सैलरी से 173 प्रतिशत ज्यादा है। इसलिए, एंटी करप्शन डिपार्टमेंट के डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस के मार्गदर्शन में पुलिस इंस्पेक्टर किरण कुमार वाघ ने खारघर पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कराया है।