

China AI Robots: Artificial Intelligence और रोबोटिक्स अब सिर्फ फिल्मों या साइंस फिक्शन तक सिमित नहीं रहा हैं। वो भविष्य में लोगों की रोजमर्रा कि जिंदगी का हिस्सा भी बन जाएगा। ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले समय में इंसानों के कई मुश्किल कामों को मशीनें करती नजर आ सकती हैं। जिसको पूरा करने की दिशा में China बड़ा कदम उठाने जा रहा है। बात यह है कि चीन अपनी तेजी से घटती कामकाजी आबादी की समस्या का समाधान अब Humanoid Robots के रूप में देख रहा है। यह इस तरह के रोबोट होते हैं जो इंसानों की तरह चल-फिर सकते हैं, सामान उठा सकते हैं और फैक्ट्रियों में काम भी कर सकते है।
रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि अगले 10 सालों में चीन को भारी श्रमिक संकट का सामना करना पड़ सकता है। बताया जा रहा है कि 2035 तक चीन में करीब 3.7 करोड़ कामगारों की कमी हो सकती है। वहीं इस स्थिति को चीन के विशाल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए बड़ी परेशानी बताया जा रहा है, क्योंकि वहां की अर्थव्यवस्था काफी हद तक फैक्ट्री प्रोडक्शन पर ही चल रही है। इसके अलावा विशेषज्ञों का कहना है कि चीन में बुजुर्गों की आबादी इतनी बढ़ गई है कि जन्म दर रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच चुकी है। ऐसे में कम बच्चों के जन्म की वजह से काम करने वाली युवा आबादी तेजी से घट रही है।
दावा किया जा रहा है कि अगर रोबोटिक्स तकनीक इसी रफ्तार से आगे बढ़ती रही तो 2035 तक चीन की फैक्ट्रियों में लगभग 2.4 करोड़ Humanoid Robots काम करते देखे जाएगे। जानकारी में बताया जा रहा है कि इन रोबोट्स का इस्तेमाल वेयरहाउस, डिलीवरी सेंटर और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में किया जा सकता है, जहां बार-बार एक जैसे काम करना होता है। वहीं कंपनियों को उम्मीद है कि इससे उत्पादन की गति कम नहीं होगी और कर्मचारियों की कमी का असर भी कम हो जाएगा। वहीं इसमें जानने वाली सबसे खास बात यह है कि नए Humanoid Robots अब पहले से ज्यादा स्मार्ट और फुर्तीले हो रहे हैं। जो अब इंसानों की तरह चलने, चीजें पकड़ने और मशीनों को ऑपरेट करने में सक्षम हैं।
एक्सपर्ट्स इसकों लेकर बताते है कि यह बदलाव इतना आसान नहीं होगा। इस काम को पूरा करने के लिए तेज AI डेवलपमेंट, कम लागत में बड़े पैमाने पर उत्पादन और बेहतर सॉफ्टवेयर सिस्टम की जरूरत होती है। लेकिन अभी के लिए यह योजना भविष्य की संभावनाओं पर आधारित है। जिसमें इतना तो तय है कि Humanoid Robots अब सिर्फ कल्पना नहीं आने वाले सालों में इसको भविष्य की नई तस्वीर के रूप में देखा जा रहा था।