बाइक सवार पर तेंदुए के हमले का वायरल वीडियो निकला फर्जी, पड़ताल में सामने आई सच्चाई

Leopard Attack Fake Video : सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में तेंदुए को बाइक सवार पर हमला करते हुए दिखाया गया, लेकिन जांच में यह वीडियो फर्जी निकला। वीडियो में कई तकनीकी खामियां मिलीं।
The viral leopard attack video on a bike rider turned out to be fake and created using AI and VFX.
वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट। (सोर्स - सोशल मीडिया)
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Leopard Attack AI Generated Video : सोशल मीडिया पर आए दिन ऐसे वीडियो वायरल होते रहते हैं जो लोगों को हैरान कर देते हैं। कई बार इनमें जानवरों से जुड़े वीडियो सबसे ज्यादा ध्यान खींचते हैं क्योंकि लोग उन्हें वास्तविक मान लेते हैं। हाल ही में एक ऐसा वीडियो इंटरनेट पर तेजी से फैलने लगा, जिसमें एक तेंदुआ अचानक एक बाइक सवार पर हमला करता हुआ दिखाई देता है।

वीडियो देखने के बाद कई लोग इसे देखकर दंग रह गए और शख्स की बहादुरी की भी तारीफ करने लगे। वीडियो में दावा किया गया कि बाइक सवार व्यक्ति ने डरने के बजाय हिम्मत दिखाई, जिसके कारण तेंदुआ पीछे हट गया और वहां से भाग निकला।

बाइक सवार पर तेंदुए के हमले का वीडियो निकला फर्जी

वायरल वीडियो में रात का दृश्य दिखाई देता है, जहां एक व्यक्ति सड़क किनारे बाइक पर बैठा हुआ नजर आता है। कुछ ही सेकंड बाद झाड़ियों से एक तेंदुआ अचानक निकलकर उस व्यक्ति पर छलांग लगाता हुआ दिखता है।

शख्स बाइक से गिर जाता है लेकिन तुरंत उठकर अपने हाथ फैलाकर जानवर को डराने की कोशिश करता है। इसके बाद तेंदुआ पीछे हटता हुआ नजर आता है। पहली नजर में वीडियो पूरी तरह असली लगता है, लेकिन जब इसकी गहराई से जांच की गई तो कई ऐसी बातें सामने आईं जिन्होंने इसके फर्जी होने की ओर इशारा किया।

AI और एडिटिंग तकनीक की मदद से बनाया गया वीडियो

वायरल वीडियो के फ्रेम-दर-फ्रेम जांच में पाया गया कि तेंदुए के मूवमेंट में असामान्य ब्लर दिखाई दे रहा था। इसके अलावा वीडियो में मौजूद स्ट्रीट लाइट की रोशनी और तेंदुए की परछाई आपस में मेल नहीं खा रही थी। इतना ही नहीं, जब तेंदुआ व्यक्ति पर झपटता हुआ दिखता है तो किसी भी तरह का वास्तविक टकराव या प्रभाव महसूस नहीं होता।

विशेषज्ञों के अनुसार यह कंप्यूटर जनित ग्राफिक्स यानी CGI और VFX से जुड़ी एक सामान्य तकनीकी गलती हो सकती है। जांच के बाद यह साफ हो गया कि वीडियो किसी वास्तविक घटना का नहीं था, बल्कि इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एडिटिंग तकनीक की मदद से तैयार किया गया था। ऐसे वीडियो को बिना पुष्टि के सच मानकर शेयर करने से बचना चाहिए।

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