जिलाधिकारी दिलीप स्वामी, जल जीवन (सौ. सोशल मीडिया )
Chhatrapati Sambhajinagar Zilla Parishad News: छत्रपति संभाजीनगर जल जीवन मिशन के तहत अधूरे कार्यों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी दिलीप स्वामी ने निर्देश दिए हैं कि जिन स्थानों पर 75 से 99 प्रश तक काम पूरा हो चुका है, वहां शेष कार्य प्राथमिकता से जल्द पूरा किया जाए, साथ ही जहां कार्यों में अनावश्यक देरी हो रही है, वहां संबंधित ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए।
जिलाधिकारी कार्यालय में जिला पानी व स्वच्छता समिति की बैठक में ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के साथ ही नल कनेक्शन, तकनीकी स्वीकृति व जल सेवा मूल्यांकन की समीक्षा की गई। बैठक में जिप मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंकीत, कार्यकारी अभियंता शामकांत वारे, वरिष्ठ भूवैज्ञानिक जीवन बेड़वाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। जिले में कुल 1244 गांवों के लिए 1164 योजनाएं मंजूर की गई हैं, जिनमें से 702 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं।
वर्तमान में इनकी प्रगति लगभग 60.31 प्रश है। कुल अनुमानित लागत 743.81 करोड़ है, जिसमें से अब तक 323.50 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं। शेष को पूरा करने के लिए 420.31 करोड़ रुपये की आवश्यकता बताई गई। कुछ परियोजनाओं में सामग्री व सेवाओं की बढ़ती कीमतों तथा तकनीकी बदलावों के कारण संशोधित प्रशासनिक स्वीकृति लेने की जरूरत भी सामने आई।
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छत्रपति संभाजीनगर जिले की 860 योजनाओं में विभिन्न कारणों से संशोधन प्रस्तावित हैं। समीक्षा में गंगापुर, पैठण व वैजापुर में प्रगति संतोषजनक पाई गई, जबकि अन्य क्षेत्रों में कार्यों की गति बढ़ाने के निर्देश दिए गए, जिलाधिकारी ने सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण कर प्रत्येक गांव तक सुरक्षित व स्थायी जलापूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही जल स्रोत वाले क्षेत्रों में जल पुनर्भरण कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए।