<rss version="2.0" xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"><channel><title>नवभारत विशेष</title><description></description><atom:link href="https://navbharatlive.com/api/v1/collections/special-coverage.rss" rel="self" type="application/rss+xml"></atom:link><link>https://navbharatlive.com</link><language>hi-in</language><lastBuildDate>Thu, 24 Sep 2026 22:07:44 +0530</lastBuildDate><item><title>नवभारत संपादकीय: लड़का-लड़की को साथ देखा तो भीड़ ने बनाया निशाना, जमुई-ढेंकनाल की घटनाओं पर बहस तेज</title><link>https://navbharatlive.com/special-coverage/jamui-dhenkanal-moral-policing-women-safety-assault-incidents-asp28</link><comments>https://navbharatlive.com/special-coverage/jamui-dhenkanal-moral-policing-women-safety-assault-incidents-asp28#comments</comments><guid isPermaLink="false">5610b20a-ea37-4032-aaa0-d31324df9bd3</guid><pubDate>Thu, 24 Sep 2026 08:11:42 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-24T08:11:42.947+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अंकिता पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2548001</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>ICC Women&apos;s Cricket Team,Social Media,Women&apos;s Safety,Navbharat Editorial,Viral Video</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/mv7ic4t8/vande-mataram-political-controversy-19.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ महिला सुरक्षा]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Women Safety Jamui Incident]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/mv7ic4t8/vande-mataram-political-controversy-19.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>नवभारत विशेष</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Women Safety Moral Policing:</strong> पुरुष वर्चस्व की विकृत मानसिकता और दकियानूसी विचारों की कुछ राज्यों में इतनी गहरी पैठ है कि वहां किसी लड़की या महिला की इज्जत व जीवन आज भी असुरक्षित है। बिहार व ओडिशा की घटनाएं चीख-चीखकर सवाल कर रही हैं कि स्त्रियों के मान-सम्मान व स्वतंत्रता पर कब तक आंच आती रहेगी ? बिहार के जमुई में सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी हुआ जिसमें कोचिंग क्लास से एक साथ लौट रहे एक नाबालिग लड़के व लड़की को लोगों की भीड़ ने घेर लिया, मारपीट की और लड़की से यौन दुर्व्यवहार किया। </p><p>इस मामले में पुलिस ने सभी 7 अत्याचारियों को गिरफ्तार किया और जांच के लिए एसआईटी गठित की गई। इसी तरह ओडिशा के ढेंकनाल जिले में लोगों के समूह ने युवक और युवती के साथ बदसलूकी व मारपीट की। खुद को नैतिकता के ठेकेदार बताने वाले ऐसे लोग दरिंदे होते हैं जो किसी युवक-युवती को साथ देखते ही गुंडागर्दी करने लग जाते हैं। </p><h3>मॉरल पुलिसिंग के नाम पर महिलाओं से दुर्व्यवहार पर सवाल</h3><p>यह लोग वास्तव में वासना के कीड़े होते हैं और मौके की ताक में रहते हैं। वह दिखाना चाहते हैं कि वह मॉरल पोलिसिंग कर रहे हैं और तत्काल अपने तरीके से तालिबानी फैसला कर रहे हैं। डिजिटल युग में तो यह मामला और भी गंभीर हो गया है। वह लड़की या महिला को दी जा रही सजा के नाम पर वीडियो बनाते हैं और उसे सर्कुलेट करते हैं। जमुई व ढेंकनाल के प्रकरणों में शामिल सभी दुष्टों को पकड़कर कड़ी सजा देनी होगी। </p><p>बिहार के नालंदा जिले में भी कुछ महीने पहले एक महिला से बीच सड़क पर दुर्व्यवहार किया गया था जिसका वीडियो सामने आया था। इससे नालंदा से लेकर सामने आया था। इससे नालंदा से लेकर पटना तक पुलिस प्रशासन में खलबली मच गई थी। इस तरह नारी अस्मिता के साथ खिलवाड़ किया जाना अत्यंत निंदनीय है। गुरुग्राम में सिया नामक युवती बाइक चला रही थी। तभी एक कार ने उसका पीछा किया और बाद में टक्कर मार दी जिससे सिया सड़क पर गिर पड़ी। </p><h3>महिला सुरक्षा के लिए कानून के साथ सोच बदलना जरूरी</h3><p>क्या लड़‌कियों का बाइक चलाना गुनाह है? ऐसे मामलों में तत्काल निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और सबूत सुरक्षित रखकर अदालत में तेजी से मामला चलाकर अभियुक्तों को कठोर सजा दी जानी चाहिए। ऐसे अत्याचार की घटना का राजनीतिकरण या जातीय ध्रुवीकरण करना कदापि उचित नहीं है। आम तौर पर हिंदी भाषी प्रदेशों में लड़के-लड़की की जाति को मुद्दा बनाकर मामले को तूल दिया जाता है। <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/thane/father-arrested-for-killing-daughter-over-intercaste-marriage-kalyan-1765985.html">अंतरजातीय विवाह</a> करने वालों की भी शामत आ जाती है। </p><aside><a href="https://navbharatlive.com/bihar/bihar-jamui-mosque-shooting-four-critical-tension-area-police-from-three-stations-deployed-1589951.html">बिहार के जमुई में मस्जिद के बाहर गोलीबारी, 4 लोग गंभीर रूप से घायल, तीन थानों की पुलिस ने संभाला मोर्चा</a></aside><p>मुद्दा यह है कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़े कानून होने पर भी ऐसी घटनाएं बार-बार क्यों होती हैं? लड़कियों व महिलाओं के प्रति समाज का दृष्टिकोण कब बदलेगा ? समाज को सोचना होगा कि स्कूल, कॉलेज, सार्वजनिक स्थलों पर व प्रवास के दौरान युवतियों की सुरक्षा के लिए कौन-से उपाय किए जाएं? यौन अपराधों के मामले लंबे नहीं चलने चाहिए अन्यथा आरोपी जमानत पर छूटकर पीड़िता के परिजनों और गवाहों को आतंकित करने लगता है। समाज में <a href="https://navbharatlive.com/uttar-pradesh/lucknow/up-kerala-media-dialogue-journalists-discuss-culture-media-practices-sns03">कानून-व्यवस्था</a> ही नहीं, मानसिकता में भी सुधार जरूरी है।</p><p><strong>लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी द्वारा</strong></p>]]></content:encoded></item><item><title>नवभारत विशेष: जापान में भारत का रोमांचक मैच, फिर महिला टीम ने एशियन गेम्स में रचा इतिहास</title><link>https://navbharatlive.com/special-coverage/india-japan-cricket-suzuki-cup-asian-games-2026-womens-cricket-gold-asp28</link><comments>https://navbharatlive.com/special-coverage/india-japan-cricket-suzuki-cup-asian-games-2026-womens-cricket-gold-asp28#comments</comments><guid isPermaLink="false">1bd1722c-afe9-4d7d-bb79-c804725b4049</guid><pubDate>Thu, 24 Sep 2026 07:52:12 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-24T07:52:12.023+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अंकिता पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2548001</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Indian Cricket Team,Navbharat Editorial,Asian Games 2026</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/kk63fw79/ISRO-Talent-Brain-Drain-5.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ भारतीय महिला क्रिकेट टीम]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Asian Games 2026 Indian Women Cricket Team]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/kk63fw79/ISRO-Talent-Brain-Drain-5.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>नवभारत विशेष</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Suzuki Cup India Japan:</strong> जापान में पहला रिकॉर्डेड क्रिकेट मैच 163 वर्ष पहले योकोहामा में खेला गया था, लेकिन इस खेल ने जापानियों के दिलोदिमाग में कभी घर नहीं बनाया। जापान क्रिकेट एसोसिएशन में लगभग 7,300 खिलाड़ी ही पंजीकृत हैं। इसके बावजूद जापान की हर संभव कोशिश है कि वह अपने यहां क्रिकेट जागृति में कोई कोर-कसर न छोड़े। 22 सितंबर को सानो, जापान में सुजुकी कप के लिए खेले गए मैच में मेन इन ब्लू जापान के विरुद्ध केले के छिलके पर फिसलते-फिसलते बचे। </p><p>2 दिन की लगातार बारिश की वजह से मैच को 5-5 ओवर का कर दिया गया था और भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट खोकर 32 रन बनाए, जवाब में वाइड बॉल विवाद के चलते जापान 3 विकेट खोकर 30 रन ही बना सका। फलस्वरूप टी-20 विश्व चैंपियन भारत ने 2 रन के अंतर से अपनी इज्जत बचाते हुए सुजुकी कप अपने नाम किया। एशियन गेम्स महिला क्रिकेट फाइनल में भारत की परियों ने श्रीलंका के खिलाफ प्रभावी जीत दर्ज की और आइची-नागोया में खेले जा रहे 20वें एशियाई खेल 2026 का स्वर्ण पदक अपने नाम किया।</p><h3>भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने भारत को दिलाया पहला गोल्ड</h3><p>सानो के विपरीत आइची-नागोया के कोरओगी स्पोर्ट्स पार्क में मंगलवार (22 सितंबर 2026) को धूप खिली। कप्तान हरमनप्रीत कौर का प्रसन्न होना स्वाभाविक था कि भारत ने आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स का अपना पहला स्वर्ण पदक जीता। हरमनप्रीत ने कहा, 'हमारे लिए यह बहुत बड़ी बात है क्योंकि हमारा उद्देश्य गोल्ड घर ले जाना था। इससे भी महत्वपूर्ण यह कि हम अपना झंडा सबसे ऊपर लहराता हुआ देखना चाहती थीं। </p><p>हां, हमने यह नहीं सोचा था कि हम अपने देश के लिए पहला गोल्ड जीतेंगी। मुझे यकीन है कि हमारे एथलीट्स और भी गोल्ड जीतेंगे।' स्मृति मानधना का कहना है, 'मैं वास्तव में खुश हूं कि हमने भारत की मेडल टैली में इजाफा किया। हर खिलाड़ी ने बहुत अच्छा क्रिकेट खेला। जब आप पदक जीतते हैं तो आप भारतीय दल में योगदान करते हैं। भारतीय तिरंगे को राष्ट्रगान के साथ ऊपर जाते हुए देखने का अनुभव एकदम अलग एहसास है।</p><h3>महिला क्रिकेट का अगला लक्ष्य ओलंपिक पदक</h3><p>हमें अपने आपको निरंतर बेहतर करना होगा अगले डेढ़-दो वर्ष में, ताकि हम ओलंपिक पदक जीतने की सबसे अच्छी स्थिति में हों।' एशिया में भारत को छोड़कर किसी देश की महिला क्रिकेट टीम अंतरराष्ट्रीय स्तर की नहीं है। ओलंपिक में पदक हासिल करना वास्तव में बहुत बड़ी बात होगी, क्योंकि मुकाबले पर ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड व न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीमें होंगी। </p><p>अगर संपूर्ण कैलंडर को और भारतीय महिला क्रिकेटरों की उपलब्धि को देखा जाए तो हरमनप्रीत के अनुसार, लड़कियां हमेशा से ही <a href="https://navbharatlive.com/sports/asian-games-india-womens-skeet-team-wins-historic-bronze-pm-congratulates-ags10">एशियन गेम्स</a>, राष्ट्रकुल खेलों व ओलंपिक का हिस्सा बनना चाहती थीं। भारतीय लड़कियों ने हमेशा ही द्विपक्षीय श्रृंखलाएं, विश्व कप व एशिया कप ही खेले हैं। पिछले एशियन गेम्स की तरह इस बार भी फाइनल में भारत के सामने श्रीलंका थी।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/sports/cricket/smriti-mandhana-100-t20i-sixes-record-shafali-verma-asian-games-2026-ssm01">स्मृति मंधाना ने रचा इतिहास, 100 T20I छक्के लगाने वाली पहली भारतीय महिला बनीं, शेफाली वर्मा का अर्धशतक</a></aside><h3>भारत ने श्रीलंका को 147 रन से रौंदकर जीता गोल्ड</h3><p>हाइब्रिड पिच पर खेले गए फाइनल में स्पिनर्स को काफी मदद मिल रही थी। लेकिन स्मृति ने काउंटर अटैक करते हुए 5 चौके व 7 छक्के लगाए और मात्र 45 गेंदों में 79 रन बनाए, जबकि शेफाली ने 3 चौके व इतने ही छक्कों की मदद से 29 गेंदों में 48 रन बनाए। इसके बाद ऋचा घोष ने 22 गेंदों में 49 नाबाद रन बनाए और भारत का स्कोर 216 तक पहुंचा दिया। </p><p>जवाब में श्रीलंका घुमाव लेती गेंदों पर दीप्ति शर्मा (3/6), शेफाली (2/3), श्रेयांका पाटिल (2/9) व श्री चरणी (2/13) के सामने संघर्ष ही करती रहीं और उसकी पूरी टीम 15.4 ओवर में 69 रन पर ही सिमट गई। भारत को रिकॉर्ड 147 रन से जीत हासिल हुई। इस प्रकार भारत की परियों ने श्रीलंका पर अपने दबदबे को बरकरार रखा है। 13 सितंबर 2026 को दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की स्पिन लेती पिच पर <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/morena/krishna-sharma-hockey-asia-cup-2026-morena-grand-welcome-rally-pjn28">एशिया कप</a> के फाइनल में भी भारत (5 विकेट खोकर 183 रन) ने श्रीलंका (111 रन) को 72 रन से पराजित करके रिकॉर्ड आठवीं बार यह प्रतियोगिता अपने नाम की थी।</p><p><strong>लेख-सारिम अन्ना के द्वारा</strong></p>]]></content:encoded></item><item><title>Navbharat Nishanebaaz: संबंध मजबूत करने का न्योता, विश्वास बढ़ाने का समझौता</title><link>https://navbharatlive.com/special-coverage/nishanebaaz-confidence-building-measures-neighbor-trust-political-satire-asp28</link><comments>https://navbharatlive.com/special-coverage/nishanebaaz-confidence-building-measures-neighbor-trust-political-satire-asp28#comments</comments><guid isPermaLink="false">748bd0a3-6517-4f6e-a608-6a655e7acc11</guid><pubDate>Thu, 24 Sep 2026 07:29:32 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-24T07:29:32.663+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अंकिता पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2548001</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Latest Hindi News,Navbharat Editorial,Navabharat Nishanebaaz</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/ocetxkzl/Navabharat-Nishanebaaz-17.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ निशानेबाज]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Confidence Building Measures]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/ocetxkzl/Navabharat-Nishanebaaz-17.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>नवभारत विशेष</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Mutual Trust Between Neighbors:</strong> पड़ोसी ने हमसे कहा, 'निशानेबाज, हम आपके साथ आपसी विश्वास बढ़ाने का समझौता करना चाहते हैं। इसे अंग्रेजी में कॉन्फिडेंस बिल्डिंग मेजर्स कहते हैं। ऐसा करने से एक-दूसरे की नीयत पर शक करना कम हो जाएगा।' </p><p>हमने कहा, 'यह तो बड़े शर्म की बात है। क्या अब तक आपको हम पर विश्वास नहीं था? आप हमारे पुराने पड़ोसी रहे हैं फिर भी इस तरह का बेढब प्रस्ताव रख रहे हैं। याद कीजिए वह दिन जब आप सपरिवार कहीं जाते समय अपने घर की चाबियां हमारे पास छोड़ जाते थे और हमसे अनुरोध करते थे कि हमारे अपार्टमेंट की रखवाली कीजिएगा और बिजली-पानी का बिल आए तो संभालकर अपने पास रख लीजिएगा। आज आप आपसी विश्वास बढ़ाने की बात किस मुंह से कर रहे हैं?' </p><p>पड़ोसी ने दृढ़ता से कहा, 'निशानेबाज, आप व्यर्थ ही भावुक हुए जा रहे हैं। समय के साथ थोड़ा प्रैक्टिकल बनिए। अब तक हमारे संबंध कैसे रहे, इसे भूल जाइए। आप खुद को भारत और हमें चीन मान लीजिए। परस्पर विश्वास मजबूत करने की दिशा में हम कदम उठाएं तो अच्छा रहेगा। जब सदियों पुराने पड़ोसी देश आपस में भरोसा बढ़ाने की पहल करते हैं तो हम और आप क्यों पीछे रहें? यदि आप इसके लिए तैयार हैं तो मैं <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/nashik/nashik-kumbh-mela-ndrf-sdrf-disaster-preparedness-ghats">उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल</a> लेकर आपके यहां आता हूं जिसमें हमारी झगड़ालू पत्नी और शरारती बच्चों का समावेश होगा। आप हमारे भव्य स्वागत और बढ़िया जलपान की तैयारी रखिएगा। विश्वास बढ़ाने के लिए कुछ परिश्रम तो आपको करना ही होगा।'</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/article/भारत-की-इन-जगहों-पर-मिलेगी-129710.html">भारत की इन जगहों पर मिलेगी सुकून और शांति</a></aside><p>हमने कहा, 'जब हम लोगों के बीच कोई विवाद या असहमति नहीं है तो समझौता कैसा? जरा सोचिए कि हमने इतने वर्षों में तरह-तरह की वस्तुओं और विचारों का आदान-प्रदान किया है।' </p><p>पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, इमोशनल बनने से काम नहीं चलेगा। पड़ोस के संबंध कब बिगड़ेंगे, कहा नहीं जा सकता! कितने ही लोग अपने बच्चों से पड़ोसी के घर की जासूसी करवाते हैं। अपने घर का सारा <a href="https://navbharatlive.com/uttar-pradesh/mathura/mathura-vrindavan-sanitation-workers-strike-garbage-crisis-pending-salary-amm02">कूड़ा-कचरा</a> चुपके से पड़ोसी के आंगन में फेंकते हैं। पड़ोसी के दरवाजे पर पड़ा अखबार या फूलों का गमला उठाकर ले जाते हैं। हम मानते हैं कि आप इस तरह के पड़ोसी नहीं हैं फिर भी पंचशील की भावना पर आधारित समझौता कर लेते हैं।' </p><p>हमने कहा, 'ऐसा समझौता तोड़कर चीन ने भारत की 22,000 वर्गमील जमीन हड़प ली थी। विश्वास कागज पर नहीं, दिलों में होना चाहिए।'</p><p><strong>लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी द्वारा</strong></p>]]></content:encoded></item><item><title>24 सितंबर का इतिहास : जब मंगल की कक्षा में पहुंचा भारत का मंगलयान, दुनिया ने माना ISRO का लोहा</title><link>https://navbharatlive.com/special-coverage/mangalyaan-mars-orbiter-mission-24-september-isro-india-space-history-asp28</link><comments>https://navbharatlive.com/special-coverage/mangalyaan-mars-orbiter-mission-24-september-isro-india-space-history-asp28#comments</comments><guid isPermaLink="false">b474e30d-4e00-4fe7-b45c-6a4db0da814f</guid><pubDate>Thu, 24 Sep 2026 07:13:04 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-24T07:13:04.016+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अंकिता पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2548001</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Indian History,History Of The Day,Historical Events,ISRO,Navbharat Editorial,Today In History</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/n2zx3qor/national-space-day-19.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ इसरो मंगल मिशन]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Mars Orbiter Mission]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/n2zx3qor/national-space-day-19.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>नवभारत विशेष</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>India Mars Orbiter Mission:</strong> अंतरिक्ष के क्षेत्र में 24 सितंबर की तारीख भारत की एक बड़ी उपलब्धि के लिए इतिहास में दर्ज है। इसी दिन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का मंगलयान सफलतापूर्वक मंगल ग्रह की कक्षा में पहुंचा और भारत ऐसा करने वाला दुनिया का चौथा देश बना। इस मिशन के साथ भारत ने पहली ही कोशिश में मंगल की कक्षा तक पहुंचने वाली चुनिंदा अंतरिक्ष शक्तियों में अपनी जगह बनाई।</p><p>मंगलयान की सफलता इसलिए भी खास रही, क्योंकि इससे पहले एशिया के दो बड़े देश चीन और जापान अपने शुरुआती मंगल अभियानों में सफलता हासिल नहीं कर पाए थे। भारत के इस मिशन ने न केवल देश की अंतरिक्ष क्षमता को दुनिया के सामने रखा, बल्कि कम लागत में जटिल अंतरिक्ष मिशन पूरा करने की इसरो की क्षमता को भी रेखांकित किया।	 </p><h3>देश-दुनिया के इतिहास में 24 सितंबर की तारीख पर दर्ज कुछ महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:-</h3><p>1726 : ईस्ट इंडिया कंपनी को बम्बई, कलकत्ता और मद्रास में नगर निगम और महापौर की अदालत स्थापित करने का अधिकार दिया गया। 	</p><p>1861 : भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली मैडम भीखाजी रुस्तम कामा का जन्म। 	</p><p>1971: रूस के 90 राजनयिकों को जासूसी के आरोप में ब्रिटेन से निकाला गया। 	</p><p>1983 : पाकिस्तान के मशहूर क्रिकेटर हाफिज मोहम्मद के पुत्र शोएब मोहम्मद ने भारत के खिलाफ अपने टेस्ट करियर की शुरूआत की। 	</p><p>1990 : पूर्वी जर्मनी वारसा संधि से हटा।</p><p>2004 : हैती में तूफान के बाद आई बाढ़ में कम से कम 1,070 लोग मारे गए। 	</p><p>2006 : पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने भारत के प्रधानमंत्री <a href="https://navbharatlive.com/india/sonia-gandhi-indian-express-column-manmohan-singh-supreme-court-clean-chit-coal-scam-pm-modi">डा. मनमोहन सिंह</a> को वार्ता का निमंत्रण दिया। 	</p><p>2009 : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने भारतीय उपग्रह ओशन सैट-2 समेत सात उपग्रह कक्षा में स्थापित किए।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/garchiroli/gadchiroli-5-students-selected-for-isro-bengaluru-educational-visit-1596747.html">Gadchiroli Students Selected for ISRO Visit: अहेरी के 5 छात्र इसरो बेंगलुरु के एजुकेशन टूर पर</a></aside><p>2014 : भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो मंगल ग्रह की कक्षा में सफलतापूर्वक अंतरिक्ष यान (मंगल यान) भेजने वाली विश्व की चौथी अंतरिक्ष एजेंसी बनी।</p><p>2024: श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने संसद भंग की।</p><p>2025: सीरिया के राष्ट्रपति ने 60 वर्ष में पहली बार <a href="https://navbharatlive.com/world/marco-rubio-unga-us-iran-talks-pezeshkian-strait-hormuz-pss06">संयुक्त राष्ट्र</a> को संबोधित किया।</p><p><strong>(इजेंसी इनपुट के साथ)</strong></p>]]></content:encoded></item><item><title>Navbharat Exclusive: स्मार्ट सिटी के दावों के बीच सड़कों पर प्रसव के आरोप, आगरा के विकास पर सपा ने उठाए सवाल</title><link>https://navbharatlive.com/uttar-pradesh/agra/agra-development-samajwadi-party-raised-questions-roads-tourist-safety-sns03</link><comments>https://navbharatlive.com/uttar-pradesh/agra/agra-development-samajwadi-party-raised-questions-roads-tourist-safety-sns03#comments</comments><guid isPermaLink="false">f61b30c8-d0ef-4aaa-9ff1-566d5098cb2a</guid><pubDate>Wed, 23 Sep 2026 19:51:16 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-23T19:51:16.266+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रदीप कुमार रावत</atom:name><atom:uri>/api/author/2557731</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Uttar Pradesh,UP Politics,Samajwadi Party,Agra News,Navbharat Exclusive</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/239xmedw/Shabbar-Abbas.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ शब्बीर अब्बास]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Agra Development: Samajwadi Party Raises Questions on Roads and Tourist Safety]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/239xmedw/Shabbar-Abbas.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>आगरा</category><category>नवभारत विशेष</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Agra Development Issues:</strong> विश्व प्रसिद्ध ताजमहल के शहर आगरा को स्मार्ट सिटी और मेट्रो सिटी के रूप में विकसित किए जाने के दावों के बीच समाजवादी पार्टी ने शहर की बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। सपा महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास ने आरोप लगाया कि सरकारी दावों और शहर की जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर दिखाई देता है। उन्होंने सड़क, जलभराव, गंदे पानी और पर्यटकों की सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर प्रशासन और सरकार से सवाल किए।</p><p>शब्बीर अब्बास ने कहा कि आगरा में करोड़ों रुपये सड़क और विकास कार्यों के नाम पर खर्च किए जाने की बात कही जाती है, लेकिन शहर में कई जगह सड़कें बदहाल हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इतनी बड़ी राशि विकास पर खर्च हुई है तो उसका असर आम लोगों को सड़कों पर क्यों दिखाई नहीं देता।</p><h3>‘गड्ढामुक्त सड़क’ अभियान पर भी उठाए सवाल</h3><p>सपा महानगर अध्यक्ष ने प्रदेश सरकार के ‘गड्ढामुक्त सड़क’ अभियान पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आगरा में ऐसी सड़कें तलाशना मुश्किल है, जहां गड्ढों की समस्या न हो। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार कागजों पर आगरा को स्मार्ट सिटी बता रही है, जबकि जमीन पर लोगों को बुनियादी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/uttar-pradesh/lucknow/up-power-supply-sldc-modernization-and-grid-stability-get-priority-sns03">बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने में जुटी योगी सरकार, ग्रिड फ्रीक्वेंसी और ओवरलोडिंग पर रहेगी नजर </a></aside><p>उन्होंने दावा किया कि सड़क की बदहाली का असर आम लोगों के साथ-साथ महिलाओं और मरीजों पर भी पड़ रहा है। सड़क पर महिला के प्रसव की घटना का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि यह स्थिति शहर की स्वास्थ्य और परिवहन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।</p><h3>महत्वपूर्ण विकास कार्य समाजवादी पार्टी की सरकार के कार्यकाल में हुए</h3><p>शब्बीर अब्बास ने आगरा के पुराने विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि ताजमहल के आसपास हुए कई महत्वपूर्ण विकास कार्य समाजवादी पार्टी की सरकार के कार्यकाल में हुए थे। उन्होंने भाजपा सरकार से सवाल किया कि मौजूदा समय में आगरा के विकास की वह तस्वीर कहां है, जिसका लगातार प्रचार किया जा रहा है।</p><p>महंगाई के मुद्दे पर भी सपा नेता ने सरकार को घेरा। उनका कहना था कि महंगाई के कारण हर वर्ग प्रभावित है और लोग खुद को परेशान महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए समाजवादी पार्टी केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि स्थानीय जनसमस्याओं को लेकर जनता के बीच जाएगी।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/uttar-pradesh/prayagraj/fatehpur-government-school-gains-parents-trust-students-shift-private-schools-sns03">फतेहपुर में निजी स्कूल छोड़कर सरकारी विद्यालय पहुंचे 25 बच्चे, 168 नामांकन और 90% उपस्थिति ने बदली तस्वीर</a></aside><h3>ताजमहल में बंदरों के हमले का मुद्दा भी उठाएगी सपा</h3><p>इसी कड़ी में <a href="https://navbharatlive.com/uttar-pradesh/keshav-prasad-maurya-claimed-26-mps-of-samajwadi-paty-joined-bjp-1804442.html">समाजवादी पार्टी </a>आगरा महानगर ने ताजमहल आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया है। पार्टी का आरोप है कि ताजमहल परिसर में बंदरों के हमलों की घटनाएं पर्यटकों के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं।</p><p>सपा महानगर की ओर से गुरुवार को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया गया है। पार्टी ने प्रदर्शन को ‘पूछता है आगरा’ नाम दिया है।</p><p>सपा का कहना है कि<a href="https://navbharatlive.com/uttar-pradesh/agra/hindu-mahasabha-workers-stopped-way-taj-mahal-seek-to-offer-ganga-water"> ताजमहल आगरा</a> की पहचान के साथ देश की महत्वपूर्ण पर्यटन धरोहर भी है। ऐसे में यहां आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए। पार्टी बंदरों के हमलों की समस्या पर जिम्मेदार विभाग से प्रभावी कार्रवाई की मांग करेगी।</p><p>सपा ने आरोप लगाया कि आगरा की पहचान केवल ताजमहल से नहीं, बल्कि शहर की सड़कों, साफ-सफाई, पेयजल और पर्यटक सुविधाओं से भी बनती है। ऐसे में पार्टी इन मुद्दों को लेकर प्रशासन और सरकार को घेरने की तैयारी में है।</p><p>अब ‘पूछता है आगरा’ अभियान के जरिए सपा किन मुद्दों को प्रमुखता से उठाती है और ASI व स्थानीय प्रशासन की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है, यह देखने वाली बात होगी। वहीं, शहर के विकास को लेकर लगाए गए राजनीतिक आरोपों पर भाजपा और संबंधित विभागों का पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी।</p>]]></content:encoded></item><item><title>पाली में कांग्रेस की नाव डुबोने वाले तीन किरदारों की परिपाटी, प्रदीप हिंगड, हकीम भाई और विधायक भीमराज भाटी</title><link>https://navbharatlive.com/special-coverage/explainer-pali-congress-internal-conflict-pradeep-hingad-hakim-bhai-bhimraj-bhat-maa19</link><comments>https://navbharatlive.com/special-coverage/explainer-pali-congress-internal-conflict-pradeep-hingad-hakim-bhai-bhimraj-bhat-maa19#comments</comments><guid isPermaLink="false">f537f29d-8c4f-4182-b0fc-8769e21cacf2</guid><pubDate>Wed, 23 Sep 2026 18:28:21 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-23T18:28:21.403+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>आकाश तिवारी</atom:name><atom:uri>/api/author/2575069</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Congress,Rajasthan,Special Coverage,Navbharat Explainer</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/snrq68sx/bhimraj-bhati-pradeep-hingad-and-rajbala.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ भीमराज भाटी, राजबला और प्रदीप हिंगड़]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Pali Congress internal rift]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/snrq68sx/bhimraj-bhati-pradeep-hingad-and-rajbala.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>नवभारत विशेष</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Pali Congress Internal Rift:</strong> लंबे अरसे बाद पाली के निकाय चुनाव में जनता ने कांग्रेस के पक्ष में अपना फैसला सुनाया। आंकड़े कांग्रेस के साथ खड़े थे, जनादेश कांग्रेस के साथ था और तस्वीर ऐसी थी कि कांग्रेस के लिए बोर्ड बनाना महज एक औपचारिकता नजर आ रही थी। जो बोर्ड कांग्रेस को बनाना चाहिए था, उसकी चाबी आखिरकार भाजपा के हाथों में पहुंच गई। </p><p>पाली की इस पूरी सियासी कहानी को समझिए। यह कहानी है गुटबाजी की, महत्वाकांक्षाओं की, पर्दे के पीछे चलने वाली कवायद की और उन किरदारों की, जिनकी आपसी खींचतान ने कांग्रेस के सामने मौजूद आसान रास्ते को मुश्किल बना दिया। इस पूरे घटनाक्रम में तीन नाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहे- प्रदीप हिंगड, हकीम भाई और विधायक भीमराज भाटी।</p> <h3>यहीं से होती है कहानी की शुरुआत</h3><p>प्रदीप हिंगड कांग्रेस के पुराने और सक्रिय नेताओं में गिने जाते हैं। लेकिन उनके बारे में पाली की सियासत में एक धारणा लंबे समय से चर्चा में रही है कि अगर पार्टी से टिकट नहीं मिला तो वे निर्दलीय मैदान में उतरने से भी पीछे नहीं हटते। दूसरा नाम है पाली के चर्चित हकीम भाई का और तीसरा नाम है विधायक भीमराज भाटी का।</p><p><strong><a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/mumbai/rajasthan-civic-polls-maharashtra-bjp-leaders-campaign-rgs12">निकाय चुनाव</a></strong> के लिए कांग्रेस ने हेमसिंह शेखावत को पर्यवेक्षक बनाकर पाली भेजा। पाली पहुंचने के बाद शेखावत पर गोंच की तरह प्रदीप हिंगड, हकीम भाई और भीमराज भाटी चिपक गए और उन्हें अपने पाले में लिया।</p><h3>राकेश भाटी की एंट्री से बदला समीकरण</h3><p>उधर भाजपा के दिग्गज नेता ज्ञानचंद पारख और पूर्व चेयरमैन राकेश भाटी की अदावत बढ़ी तो राकेश भाटी भाजपा से बाहर हो गए। उन्होंने कांग्रेस में मौका खोजा। सूत्रों के मुताबिक, राकेश भाटी की कांग्रेस में एंट्री को लेकर पाली के स्थानीय संगठन और जिलाध्यक्ष का इंकार था क्योंकि वहां कांग्रेस लंबे समय से राकेश भाटी के शासन से ही लड़ती आई है।</p><p>हालांकि जिलाध्यक्ष को भी पूरी जानकारी नहीं दी गई और राकेश भाटी को सीधे जयपुर बुलाकर कांग्रेस में शामिल कराया गया। आखिर समय में जिलाध्यक्ष भी आनन फानन में पीसीसी पहुंचे और राकेश भाटी की ज्वाइनिंग प्रक्रिया में शामिल हुए।</p><h3>टिकट बंटवारे को लेकर भी विवाद</h3><p>अब बारी थी पार्षदों के टिकट तय करने की। यहीं से विवाद और गहरा गया। सूत्रों के अनुसार, जिलाध्यक्ष को विश्वास में लिए बिना पर्यवेक्षक हेमसिंह शेखावत, हकीम भाई, प्रदीप हिंगड और विधायक भीमराज भाटी की ओर से टिकटों को लेकर फैसले किए गए। इसी बीच प्रदीप हिंगड की महत्वाकांक्षा भी चर्चा में आ गई। बताया जाता है कि हिंगड चाहते थे कि उनकी पत्नी को बोर्ड अध्यक्ष की दौड़ में आगे किया जाए।</p><p>पाली के 65 वार्डों में चुनाव हुआ। कांग्रेस को 29 सीटें मिलीं और एक निर्दलीय पार्षद कांग्रेस समर्थित बताया गया। यानी कांग्रेस के साथ कुल 30 पार्षदों का आंकड़ा खड़ा था। भाजपा के खाते में 20 सीटें आईं। वहीं 15 <strong><a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/akola/akola-municipal-election-2026-64-former-councillors-102-independents-1502123.html">निर्दलीय पार्षद</a></strong> चुनाव जीतकर आए।</p><h3>चेयरमैन के नाम पर पार्टी में असहमति</h3><p>कांग्रेस के पार्षदों को पाली से बाहर ले जाकर ब्यावर के आगे विजयनगर में रखा गया। बाड़ेबंदी भी प्रदीप हिंगड, हकीम भाई और विधायक भीमराज भाटी द्वारा की गई। अब सवाल सिर्फ पार्षदों को सुरक्षित रखने का नहीं था। सवाल था- बोर्ड अध्यक्ष (महापौर) कौन बनेगा? यहीं पर कांग्रेस के भीतर मौजूद महत्वाकांक्षाएं खुलकर सामने आने लगीं।</p><p>बताया जाता है कि विधायक भीमराज भाटी ने अपनी ओर से सुमित्रा जैन का नाम चेयरमैन पद के लिए आगे बढ़ाया। इस नाम ने प्रदीप हिंगड खेमे को नाराज़ कर दिया।</p><h3>कांग्रेस के भीतर ही कई दावेदारियां</h3><p>सूत्रों के मुताबिक, इसी मुद्दे को लेकर दोनों खेमों में तनाव इतना बढ़ा कि बात नेताओं के घरों तक पहुंच गई। यहां तक कि भीमराज भाटी के भाई और प्रदीप हिंगड के भाई के बीच मारपीट होने की बात भी सामने आई। यानी जिस कांग्रेस को अपने 30 पार्षदों को एक साथ रखकर बोर्ड बनाना था, उसी के भीतर अब चेयरमैन की कुर्सी को लेकर खींचतान शुरू हो चुकी थी।</p><p>दरअसल, प्रदीप हिंगड अपनी पत्नी राजबाला को महापौर बनाना चाहते थे तो उन्होंने निर्दलीय पर्चा भी भरवा दिया। अब मुकाबला सिर्फ कांग्रेस बनाम भाजपा नहीं रह गया था। कांग्रेस के भीतर ही कई दावेदारियां खड़ी हो चुकी थीं।</p><h3>चुनाव में धनबल के इस्तेमाल का आरोप </h3><p>आरोप है कि इसी दौरान पार्षदों को अपने पक्ष में करने के लिए दबाव, प्रलोभन और धनबल का इस्तेमाल किया गया। सूत्रों के हवाले से दुबई ट्रिप, 25 लाख रुपये नकद और 5 लाख रुपये की शॉपिंग जैसी पेशकशों की चर्चा भी सामने आई। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अलग विषय है, लेकिन इतना जरूर हुआ कि कांग्रेस का मजबूत दिख रहा खेमा धीरे-धीरे बिखरने लगा।</p><p>और फिर हुई वोटिंग...कांग्रेस की ओर से सुमित्रा जैन मैदान में थीं। उन्हें महज़ 3 वोट मिले। निर्दलीय राजबाला को कुल 29 वोट मिले क्योंकि कांग्रेस के पार्षदों को यह एहसास होने लगा कि खेल बिगड़ जाएगा और भाजपा बोर्ड बना लेगी तो भाजपा को रोकने के लिए कांग्रेस पार्षदों ने राजबाला के पक्ष में मतदान किया।</p><h3>कांग्रेस की सुमित्रा जैन को महज 3 वोट </h3><p>नतीजा यह हुआ कि राजबाला के पक्ष में कुल 29 वोट चले गए और कांग्रेस की सुमित्रा जैन के हिस्से में सिर्फ 3 वोट रह गए। वहीं, 65 सदस्यीय सदन में भाजपा के पास 20 पार्षद थे। उसे बोर्ड बनाने के लिए निर्दलीयों की जरूरत थी। भाजपा की उम्मीदवार नमिता बुबकिया को भाजपा के 20 और निर्दलीय और क्रॉस मिलकर 13 और वोट मिल गए और 33 के साथ नमिता बुबकिया महापौर बन गईं।</p><p>यानी जनता ने कांग्रेस को सबसे बड़ा खेमे के रूप में चुना, लेकिन कांग्रेस अपनी आंतरिक खींचतान के चलते उस जनादेश को सत्ता में तब्दील नहीं कर पाई। तीन चेहरे और एक बिखरी हुई रणनीति। पाली की इस पूरी कहानी में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कांग्रेस से कहां चूक हुई?</p><h3>हेमसिंह शेखावत के भूमिका की चर्चा</h3><p>सबसे बड़ी चर्चा हेमसिंह शेखावत के रोल को लेकर भी है क्योंकि सूत्रों के अनुसार उन्होंने पूरी तरह निष्पक्ष होकर संगठन का काम नहीं किया बल्कि तीनों नेताओं के इनफ्लुएंस में आकर अपना काम किया। स्थानीय राजनीतिक हलकों में इसकी अलग-अलग व्याख्याएं हैं। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में बार-बार तीन नाम चर्चा में आते रहे- प्रदीप हिंगड, हकीम भाई और विधायक भीमराज भाटी।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/rajasthan/rajasthan-high-court-midnight-hearing-10-councillors-arrest-stay-pjs00">राजस्थान में पहली बार देर रात खुला हाई कोर्ट, 10 पार्षदों की गिरफ्तारी पर रोक लगाने हुई विशेष सुनवाई</a></aside><p>हालांकि, उपमहापौर चुनाव ने कुछ लाज बचाई है। लॉटरी के जरिए निर्दलीय महबूब टी उपमहापौर चुने गए। अगर यहां भी समीकरण भाजपा के पक्ष में जाता, तो पाली में कांग्रेस की मुश्किल और गहरी हो सकती थी।</p>]]></content:encoded></item><item><title>Navbharat Nishanebaaz: SIR के प्रति रखो सम्मान, नाम काट देना उनका है काम</title><link>https://navbharatlive.com/special-coverage/nishanebaaz-sir-word-guruji-british-title-film-urdu-meaning-asp28</link><comments>https://navbharatlive.com/special-coverage/nishanebaaz-sir-word-guruji-british-title-film-urdu-meaning-asp28#comments</comments><guid isPermaLink="false">e5e32837-61ad-4862-a593-9d6af891e599</guid><pubDate>Wed, 23 Sep 2026 08:43:13 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-23T08:43:13.772+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अंकिता पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2548001</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Latest Hindi News,Indian History,Navbharat Editorial,Navabharat Nishanebaaz,SIR</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/as11ctin/Navabharat-Nishanebaaz-16.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ निशानेबाज]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Sir Word Meaning History]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/as11ctin/Navabharat-Nishanebaaz-16.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>नवभारत विशेष</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Sir Word Meaning History:</strong> पड़ोसी ने हमसे कहा, 'निशानेबाज, हम जब तक नगरपालिका की प्राइमरी स्कूल में थे, तब अपने शिक्षक को गुरुजी कहते थे। जब मिडल स्कूल में गए तो हम अपने सारे शिक्षकों को 'सर' कहने लगे। अंग्रेजी बोलनी हो तो यस सर, नो सर, वेरी गुड सर बोलना सीख लो, काम चल जाएगा। ब्रिटिश शासनकाल में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर, आशुतोष मुखर्जी, सीवी रमन, जगदीशचंद्र बोस, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन और श्रीनिवास शास्त्री जैसे विद्वानों को 'सर' की उपाधि दी गई थी। जलियांवाला बाग के नरसंहार के विरोध में टैगोर ने 'सर' की उपाधि लौटा दी थी। अंग्रेजी पत्रलेखन में हर छात्र को डियर सर या रिस्पेक्टेड सर लिखना सिखाया जाता है। 1993 में नसीरुद्दीन शाह, पूजा भट और परेश रावल की फिल्म आई थी जिसका नाम भी 'सर' था।' </p><p>हमने कहा, 'आज आप 'सर' शब्द पर इतनी चर्चा क्यों कर रहे हैं? उर्दू में सर करने का मतलब फतेह करना या जीत हासिल करना होता है। कहा जाता है किला सर कर लिया। कुछ लोगों की आदत बिना सर-पैर की बातें करने की होती है। कहावत है- सर बड़ा सरदार का, पैर बड़ा गंवार का।' </p><h3>SIR पर बढ़ी चिंता, वोटर लिस्ट से नाम कटने पर सवाल</h3><p>पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, सर शब्द को लेकर इतना शीर्षासन करने की जरूरत नहीं! इस समय सर का अर्थ करने की जरूरत नहीं! इस समय सर का अर्थ SIR बदल गया है। एसआईआर का मतलब स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन है। हिंदी में इसे मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण कहेंगे। इसके जरिए चुनाव आयोग दिवंगत और अपने रहने का स्थान बदलकर अन्यत्र चले गए लोगों का नाम काटकर <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/mumbai/maharashtra-voter-list-sir-2026-special-registration-camps-rgs12">मतदाता सूची</a> से बाहर कर रहा है। बंगाल, बिहार में ऐसे करोड़ों नाम काटे जा चुके हैं। इससे अल्पसंख्यकों और आदिवासियों में भय है कि उनका नाम वोटर लिस्ट से हट गया तो वह सरकारी सुविधाओं और कल्याणकारी योजनाओं से वंचित कर दिए जाएंगे।' </p><aside><a href="https://navbharatlive.com/india/supreme-court-hears-matter-regarding-sir-process-in-delhi-directs-ec-to-take-steps-to-boost-voter-confidence-nkr24">दिल्ली में SIR प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, वोटरों का भरोसा बढ़ाने के लिए EC को कदम उठाने का निर्देश</a></aside><h3>SIR में दस्तावेजों की शर्त, गरीबों के वोट पर चिंता</h3><p>हमने कहा, 'जैसे परिवार नियोजन होता है, वैसे ही मतदाता नियोजन भी हो रहा है। <a href="https://navbharatlive.com/india/delhi-sir-ss-sandhu-notice-name-discrepancy-eci-voter-list-ars24">वोटर लिस्ट </a>बहुत फूल गई थी। उसे पतली और व्यवस्थित किया जा रहा है। जिसके पास डॉक्यूमेंट नहीं हैं, समझो वह गया काम से। मान लीजिए कि किसी व्यक्ति का जन्म अस्पताल की बजाय घर में हुआ। वह कम पढ़ा लिखा है और एसएससी पास नहीं कर पाया। उसके पास बर्थ सर्टिफिकेट, 10वीं पास करने का प्रमाणपत्र नहीं है। वह बाढ़ग्रस्त क्षेत्र का निवासी है जहां मकान व सारा सामान बाढ़ में बह जाता है तो डॉक्यूमेंट कहां से लाएगा? कंस्ट्रक्शन और ईंट भट्टे पर काम करने वाले मजदूरों के पास तो कुछ भी नहीं होता।' </p><p>पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज 'सर' का मिजाज बहुत सख्त है। वह ऐसे बहाने सुनने को तैयार नहीं हैं। जिसके पास डॉक्यूमेंट नहीं, वह वोटर नहीं!'</p><p><strong>लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी द्वारा</strong></p>]]></content:encoded></item><item><title>नवभारत संपादकीय: IIT Bombay और IIT Delhi में आत्महत्या के मामले क्यों बढ़े? समझें संभावित कारण</title><link>https://navbharatlive.com/special-coverage/iit-bombay-iit-delhi-student-suicides-academic-pressure-counselling-faculty-ratio-asp28</link><comments>https://navbharatlive.com/special-coverage/iit-bombay-iit-delhi-student-suicides-academic-pressure-counselling-faculty-ratio-asp28#comments</comments><guid isPermaLink="false">b7c2383f-7e34-48ec-8744-5bc7adcd9133</guid><pubDate>Wed, 23 Sep 2026 08:12:41 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-23T08:12:41.392+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अंकिता पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2548001</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Navbharat Editorial,Suicide,IIT Bombay,IIT</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/mk07xps5/vande-mataram-political-controversy-18.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ आईआईटी में छात्रों की आत्महत्या]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ IIT Students Academic Pressure]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/mk07xps5/vande-mataram-political-controversy-18.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>नवभारत विशेष</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>IIT Students Academic Pressure:</strong> पिछले कुछ महीनों में आईआईटी बॉम्बे के 4 छात्रों की खुदकुशी और 2023 से लेकर अब तक आईआईटी दिल्ली के 8 विद्यार्थियों की आत्महत्या की क्या वजह हो सकती है? शैक्षणिक दबाव, परीक्षा में अनुत्तीर्ण होना, जातिवाद तथा अवसाद जैसे कारण सामने आए हैं। कुछ मामलों में फैकल्टी व प्रबंधन को ऐसी त्रासदी के लिए जबाबदार माना गया है। वैसे किसी आत्महत्या के लिए आंतरिक जांच के नतीजे आए बिना प्राध्यापकों व अधिकारियों को दोषी ठहराना उचित नहीं है। </p><p>इसमें शक नहीं कि आईआईटी में बहुत ऊंचा शैक्षणिक स्तर है जो कि उनकी विशेषता माना जाता है। छात्रों को एकाग्रता से काफी पढ़ाई और मेहनत भी करनी पड़ती है। इसलिए उन्हें काउंसलिंग, सलाह व परामर्श देने की भी आवश्यकता है। यह भी देखना होगा कि आईआईटी में कौन सी दिक्कतें हैं? वहां शिक्षक और विद्यार्थियों के बीच 1:10 का अनुपात होना चाहिए, ऐसा नहीं हो पा रहा है। छात्रों की तादाद बढ़ रही है लेकिन फैकल्टी का विस्तार नहीं हो रहा है। </p><h3>IIT में बढ़ती छात्र संख्या</h3><p>देश के 23 आईआईटी में छात्रों की संख्या एक दशक में 65,000 से बढ़कर 1.35 लाख हो गई है। यदि शिक्षकों की तादाद पर्याप्त हो तो छात्रों की दिक्कतों का उचित तरीके से निराकरण किया जा सकता है। कहm सकते हैं कि आईआईटी में स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसेस जैसे कि जांच ऑपरेटिंग प्रोसेस जैसे कि जांच समिति, शिकायत निवारण केंद्र मौजूद हैं लेकिन उनका सार्थक उपयोग भी तो होना चाहिए, आईआईटी दिल्ली में एक बाहरी जांच समिति गठित की गई है। </p><p><a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/mumbai/iit-bombay-placement-2025-average-salary-rise-ai-impact-1746644.html">आईआईटी बॉम्बे</a> के निदेशक ने कहा कि एक समिति आत्महत्या के मामलों तथा छात्रों के प्रतिनिधित्व संबंधी चिंताओं पर विचार करेगी। यह देखना होगा कि शिकायत निवारण प्रणाली, मूल्यांकन पद्धति, छात्रावास आदि की व्यवस्था में कौन सा सुधार जरूरी है। छात्रों के मानसिक तनाव की भी प्रशिक्षित विशेषज्ञों द्वारा जांच की जानी चाहिए। </p><aside><a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/mumbai/mpower-survey-49-percent-urban-youth-hide-mental-stress-rgs12">मुंबई समेत 10 शहरों में युवाओं का मानसिक स्वास्थ्य सर्वे, 49.5% परेशानियां छिपाकर खुद ही कर रहे सामना</a></aside><h3><strong>IIT में छात्रों की समस्याओं पर संवाद और पारदर्शिता जरूरी</strong></h3><p>छात्रों की समस्या शैक्षणिक ओवरलोड, भेदभाव, गैरजिम्मेदार प्रशासन तथा छात्रावास संबंधी दिक्कतों से जुड़ी हो सकती है। क्या कैम्पस में कोई छात्र अपने सुपरवाइजर से असहमत हो सकता है? उसे दिए गए ग्रेड पर सवाल उठा सकता है? क्या ग्रेडिंग प्रणाली को पारदर्शी बनाया जा सकता है? क्या किसी पिछड़े वर्ग के छात्र के साथ भेदभाव या अपमान को टाला नहीं जा सकता ? आईआईटी बॉम्बे ने छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला को डीन पद से हटा दिया। </p><p>उन पर छात्र के <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/nashik/nashik-dindori-vani-minor-harassment-love-jihad-allegation-bjp-protest-sunil-kedar-1591811.html">मानसिक उत्पीड़न </a>का आरोप था। मनमाना दंड, अवसरों से वंचित रखना जैसी बातें नहीं होनी चाहिए। न तो छात्र हर समय सही होते हैं और न फैकल्टी हर समय गलत होती है। छात्रों की देखभाल और मानसिक स्वास्थ्य को पर्याप्त महत्व दिया जाना चाहिए। यह स्वीकार किया जाए कि दृष्टिकोण में मतभेद होना गलत नहीं है। चर्चा के माध्यम से समस्याओं व प्रश्नों का हल निकाला जा सकता है।</p><p><strong>लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी द्वारा</strong></p>]]></content:encoded></item><item><title>नवभारत विशेष: नवोदय विद्यालय विवाद: तमिलनाडु को SC से 3 महीने की मोहलत, केंद्र से बातचीत के निर्देश</title><link>https://navbharatlive.com/special-coverage/supreme-court-tamil-nadu-navodaya-schools-hindi-language-row-asp28</link><comments>https://navbharatlive.com/special-coverage/supreme-court-tamil-nadu-navodaya-schools-hindi-language-row-asp28#comments</comments><guid isPermaLink="false">e407c175-11f9-4a7c-ac75-3e4573e855d0</guid><pubDate>Wed, 23 Sep 2026 07:25:35 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-23T07:25:35.251+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अंकिता पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2548001</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Supreme Court,Tamil Nadu,Jawahar Navodaya Vidyalaya,Navbharat Editorial</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/k39c19hq/ISRO-Talent-Brain-Drain-4.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ सुप्रीम कोर्ट]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Supreme Court Tamil Nadu Navodaya]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/k39c19hq/ISRO-Talent-Brain-Drain-4.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>नवभारत विशेष</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Supreme Court Tamil Nadu Navodaya:</strong> सुप्रीम कोर्ट ने लताड़ते हुए तमिलनाडु से कहा कि उसे अपनी यह 'मानसिकता' बदलनी होगी कि राज्य की धरती पर हिंदी नहीं पढ़ाई जा सकती, क्योंकि 'कोई भी राज्य इस तरह व्यवहार नहीं कर सकता कि जैसे वह एक अलग देश हो'। न्यायाधीश बी।वी। नागरत्ना की यह मौखिक टिप्पणी तमिलनाडु द्वारा नवोदय विद्यालय योजना अपनाने के संदर्भमें हुई लगभग एक घंटे की सुनवाई के दौरान आई। सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु को 3 माह का समय दिया है, उसके 15 दिसंबर 2025 के आदेश का पालन करने के लिए, (जिसके तहत राज्य के हर जिले में नवोदय स्कूल स्थापित करने हेतु आवश्यक भूमि की पहचान करना है)। </p><p>इसके आधार पर ही बाद में अंतिम आदेश पारित किए जाएंगे। इस बीच राज्य व केंद्र के प्रतिनिधियों से कहा गया है कि वह तमिलनाडु में नवोदय स्कूल स्थापित करने की नीति पर आपस में चर्चा करें। न्यायाधीश नागरत्ना की खंडपीठ, जिसमें न्यायाधीश ए।जी। मसीह भी हैं, ने कहा, 'दोनों चेन्नई व दिल्ली को एक-दूसरे के अलग-थलग नहीं करना चाहिए।' सुप्रीम कोर्ट में ही तमिलनाडु ने केंद्र से कहा कि वह नए सिरे से नवोदय स्कूल स्थापित करने की बजाय वर्तमान में जो मॉडल स्कूल हैं उन्हें चलाने में मदद करे। </p><h3>तमिलनाडु में 3 भाषा नीति पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई</h3><p>मद्रास हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि तमिलनाडु के हर जिले में जवाहर नवोदय विद्यालय स्थापित किए जाएं, जो 3 भाषा नीति का पालन करते हैं। चूंकि तमिलनाडु में 2 भाषा फॉर्मूला का पालन किया जाता है, इसलिए उसकी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दस्तक दी थी, जबकि 3 भाषा नीति को चुनौती देने वाली याचिकाएं भारत के मुख्य न्यायाधीश के नेतृत्व वाली खंडपीठ के समक्ष विचाराधीन हैं। सीबीएसई ने इसी साल से कक्षा 6 से 10 तक 3 भाषा नीति लागू करने का नोटिफिकेशन जारी किया था, जिसके तहत छात्रों को 3 भाषाओं का चयन करना था, जिनमें से 2 का देशज होना अनिवार्य है। </p><p>बीच सत्र में आए सीबीएसई के इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अनेक याचिकाएं यह कहते हुए दायर की गई गई कि ट्रेंड टीचर्स व इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी है, आवश्यक पाठ्यपुस्तकों का अभाव है और छात्र अपनी पसंद की भाषाएं नहीं पढ़ सकेंगे। इसके अतिरिक्त सरकार अंग्रेजी को देशज भाषा मानने के लिए तैयार नहीं है, जबकि वह अनेक राज्यों में पहली या दूसरी भाषा है। कौन-सी भाषा देशज है, इस पर अनेक विवाद हैं, इसलिए मुख्य <a href="https://navbharatlive.com/india/supreme-court-demands-affidavit-from-manipur-chief-secretary-over-relief-camp-deaths-aks03">न्यायाधीश सूर्यकांत</a>, न्यायाधीश जॉयमाल्या बागची व न्यायाधीश वी। </p><h3>तमिलनाडु में त्रिभाषा फॉर्मूले पर टकराव, SC में मामला</h3><p>मोहना की खंडपीठ ने इस विषय पर तो बाद में फैसला करने के लिए कहा, लेकिन सीबीएसई से कहा कि वह छठी कक्षा में इसी साल से त्रि-भाषा फॉर्मूला थोपने की अपनी जिद पर पुनः विचार करे। सीबीएसई इस बात पर सहमत हो गई है कि कक्षा 7 से 10 तक के लिए यह फॉर्मूला अगले साल से लागू होगा। बहरहाल, न्यायाधीश नागरत्ना की अदालत में तमिलनाडु ने त्रि-भाषा योजना को राज्य की दो-भाषा नीति के 'मौलिक विरोध' में बताया। </p><p>तमिलनाडु की पूर्व द्रमुक सरकार ने इस साल मार्च में दायर अपने शपथपत्र में कहा था कि नवोदय योजना, जो त्रि-भाषा फॉर्मूला पर आधारित है, तमिलनाडु\ तमिल लर्निंग एक्ट, 2006 के विरोध में है। शपथपत्र में आरोप लगाया गया था कि त्रि-भाषा फॉर्मूला को थोपा जाना 'पिछले दरवाजे से' हिंदी को अनिवार्य बनाना है। अबm राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी टीवीके ने भी त्रि-भाषा फॉर्मूला का यह कहते हुए विरोध किया है कि भाषा का चयन मौलिक अधिकार है। राज्य का कहना है कि एक योजना, जो केवल एक नीति है, उसे राज्य की अपनी नीतियों व कानूनों के विरुद्ध उस पर थोपा नहीं जा सकता।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/uttar-pradesh/lucknow/cm-yogi-distributes-appointment-letters-selected-candidates-uttar-pradesh-sns03">नियुक्ति पत्र पाकर बोले चयनित शिक्षक; पारदर्शी प्रक्रिया से मिला रोजगार, मुख्यमंत्री योगी का जताया आभार</a></aside><h3>नवोदय विद्यालय योजना अपनाएं</h3><p>हर राज्य की अपनी नीतियां हैं। अगर <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/bhandara/bhandara-gnt-school-student-trisha-hatwar-jnv-selection-felicitation-1626416.html">केंद्र नवोदय </a>पॉलिसी को हर जगह लागू करना चाहता है, तो उसे इस सिलसिले में कानून बनाना चाहिए था। इसमें कोई दो राय नहीं हैं कि त्रि-भाषा फॉर्मूला वास्तव में बहुत अच्छा है कि इसमें राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की संभावना है और वह छात्र अतिरिक्त बुद्धिमान हो जाता है, जो एक से अधिक भाषा जानता है। इसके अलावा अगर वह कोई विदेशी भाषा भी सीख लेता है, तो उसके लिए रोजगार के अवसर बढ़ जाते हैं।</p><p><strong>लेख-विजय कपूर के द्वारा</strong></p>]]></content:encoded></item><item><title>23 सितंबर का इतिहास : जब भारत-पाकिस्तान के बीच छिड़ी भीषण जंग, जानें पूरी कहानी</title><link>https://navbharatlive.com/special-coverage/india-pakistan-1965-war-ceasefire-23-september-history-asp28</link><comments>https://navbharatlive.com/special-coverage/india-pakistan-1965-war-ceasefire-23-september-history-asp28#comments</comments><guid isPermaLink="false">da0aecd9-8b8e-4df1-b46d-cb5c94cd2a0c</guid><pubDate>Wed, 23 Sep 2026 07:07:34 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-23T07:07:34.658+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अंकिता पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2548001</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Indian History,History Of The Day,Historical Events,Navbharat Editorial,Today In History</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/4ny0bt24/national-space-day-18.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ भारत-पाकिस्तान युद्ध]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ India Pakistan War 1965]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/4ny0bt24/national-space-day-18.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>नवभारत विशेष</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>1965 War Ceasefire:</strong> भारत और पाकिस्तान के बीच आजादी के बाद से चला आ रहा तनाव कई बार सैन्य संघर्ष में बदल चुका है। वर्ष 1965 में दोनों देशों के बीच ऐसा ही एक भीषण युद्ध हुआ, जिसने दोनों देशों के साथ-साथ पूरे क्षेत्र को प्रभावित किया। कई मोर्चों पर चले इस युद्ध में दोनों ओर से सैन्य कार्रवाई हुई और स्थिति लगातार गंभीर होती गई। लगातार बढ़ते संघर्ष के बीच संयुक्त राष्ट्र ने युद्ध रोकने के लिए पहल की। </p><p>अंतरराष्ट्रीय दबाव और कूटनीतिक प्रयासों के बाद 23 सितंबर 1965 को भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम लागू हुआ। इस तरह करीब तीन सप्ताह तक चले युद्ध का अंत हुआ और दोनों देशों के बीच आगे की बातचीत का रास्ता खुला।1965 का युद्ध भारत-पाकिस्तान के संबंधों और दक्षिण एशिया के इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना माना जाता है। इसके बाद जनवरी 1966 में सोवियत संघ के ताशकंद में दोनों देशों के बीच ताशकंद समझौता हुआ, जिसके तहत युद्ध से पहले की स्थिति बहाल करने पर सहमति बनी।</p><h3>देश-दुनिया के इतिहास में 23 सितंबर की तारीख पर दर्ज महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:-</h3><p>1739 : रूस और तुर्की ने बेलग्राद शांति संधि पर हस्ताक्षर किए। 	</p><p>1857 : रूस का जंगी जहाज लेफोर्ट फिनलैंड की खाड़ी में तूफान के कारण लापता, 826 लोगों की मौत। 	</p><p>1879 : रिचर्ड रोड्स ने सुनने में मदद करने वाली शुरूआती मशीन बनाई, इसे ऑडियोफोन नाम दिया गया। 	</p><p>1929 : बाल विवाह निषेध विधेयक को मंजूरी दी गई। यह शारदा कानून के नाम से जाना गया। 	</p><p>1955 : पाकिस्तान ने बगदाद की संधि पर हस्ताक्षर किए।</p><p>1965 : भारत और पाकिस्तान के बीच जंग में युद्ध विराम की घोषणा। 	</p><p>1976 : अंतरिक्ष यान सोयूज-22 पृथ्वी पर वापस लौटा। 	</p><p>2009 : <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/mumbai/navbharat-inspiring-women-summit-mumbai-vijaya-rahatkar-awards-1688171.html">भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन</a> (इसरो) ने भारतीय उपग्रह ओशन सैट-2 समेत सात उपग्रह कक्षा में स्थापित किए।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/india/bihar-seemanchal-west-bengal-new-union-territory-rumor-pib-fact-check-1596619.html">सीमांचल और उत्तर बंगाल को मिलाकर बनेगा नया केंद्र शासित प्रदेश? सोशल मीडिया पर मचा बवाल, जानें क्या है सच्चाई</a></aside><p>2020 : भारतीय संसद ने <a href="https://navbharatlive.com/india/two-terrorists-eliminated-in-udhampur-jammu-kashmir-search-operation-conducted-late-wednesday-night-nkr24">जम्मू कश्मीर</a> आधिकारिक भाषा विधेयक-2020 को मंजूरी प्रदान की, जिसमें पांच भाषाओं हिन्दी, अंग्रेजी, उर्दू, कश्मीरी और डोगरी को केंद्र शासित प्रदेश की आधिकारिक भाषा का दर्जा देने का प्रावधान था।</p><p>2024: अंतरिक्ष स्टेशन से दो रूसी और एक अमेरिकी नागरिक को लेकर कैप्सूल पृथ्वी पर लौटा।</p><p>2025 : गायक जुबिन गर्ग का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।</p><p><strong>(इजेंसी इनपुट के साथ)</strong></p>]]></content:encoded></item><item><title>Agra: ईदगाह मोड़ ROB पर मंडराया खतरा, जर्जर पुल दे रहा हादसे को न्योता, नीचे से गुजरती हैं करीब 200 ट्रेनें</title><link>https://navbharatlive.com/uttar-pradesh/agra/old-railway-overbridge-in-agra-raises-safety-concerns-sns03</link><comments>https://navbharatlive.com/uttar-pradesh/agra/old-railway-overbridge-in-agra-raises-safety-concerns-sns03#comments</comments><guid isPermaLink="false">8d094e25-cf95-4e21-a34e-5e690c40f21a</guid><pubDate>Tue, 22 Sep 2026 16:29:11 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-22T16:29:11.664+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रदीप कुमार रावत</atom:name><atom:uri>/api/author/2557731</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Uttar Pradesh,Indian Railway,railway over bridge,Agra News</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-22/d37zcgo8/agra.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ ईदगाह-खेरिया मोड़ ]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Over 60 Year Old Railway Overbridge in Agra Raises Safety Concerns]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-22/d37zcgo8/agra.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>आगरा</category><category>नवभारत विशेष</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Agra Railway Overbridge:</strong> भारतीय रेल देश की लाइफलाइन ही नहीं, बल्कि करोड़ों यात्रियों के भरोसे का प्रतीक भी है। पिछले एक दशक में रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार, नई रेल लाइनों और आधुनिक सुविधाओं पर तेजी से काम हुआ है। लेकिन इसी विकास के बीच आगरा में रेलवे की व्यवस्थाओं से जुड़ी कुछ तस्वीरें चिंता बढ़ाने वाली हैं।</p><p>आगरा में रेलवे से जुड़े कई मामले हाल के दिनों में चर्चा में रहे हैं। इसी बीच नवभारत की टीम ने खेरिया मोड़ और ईदगाह बस अड्डे के बीच बने रेलवे ओवरब्रिज की जमीनी हकीकत सामने लाने का प्रयास किया है। रेलवे और लोक निर्माण विभाग से जुड़े इस ओवरब्रिज का रेलवे वाला हिस्सा रेलवे के अधीन है, जबकि सड़क से संबंधित हिस्सा लोक निर्माण विभाग से जुड़ा है।</p><h3>1963-64 में बना ROB, छह दशक बाद भी कायाकल्प का इंतजार</h3><p>स्थानीय जानकारी के मुताबिक, ईदगाह-खेरिया मोड़ के बीच बना यह रेलवे ओवरब्रिज करीब 1963-64 के दौरान तैयार किया गया था। यानी इसके निर्माण को छह दशक से भी अधिक समय बीत चुका है। इतने लंबे समय के बाद भी पुल के पुराने हिस्सों के व्यापक कायाकल्प और संरचनात्मक मजबूती को लेकर सवाल उठ रहे हैं।</p><figure><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="hi" dir="ltr">आगरा के ईदगाह-खेरिया मोड़ ROB की जर्जर हालत ने सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुल के कई हिस्सों में सरिया बाहर निकल आई हैं और ढांचे में जगह-जगह खराबी दिखाई दे रही है।<a href="https://x.com/hashtag/Agra?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#Agra</a> <a href="https://x.com/hashtag/ROB?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#ROB</a> <a href="https://x.com/hashtag/AgraNews?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#AgraNews</a> <a href="https://x.com/hashtag/RoadSafety?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#RoadSafety</a> <a href="https://x.com/hashtag/UttarPradesh?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#UttarPradesh</a> <a href="https://x.com/hashtag/navbharatlive?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#navbharatlive</a> <a href="https://t.co/GS4tjpxZaC">pic.twitter.com/GS4tjpxZaC</a></p>&mdash; NavBharat Live (@TheNavbharatliv) <a href="https://x.com/TheNavbharatliv/status/2102351177795154209?ref_src=twsrc%5Etfw">September 22, 2026</a></blockquote>
<script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>

</figure><aside><a href="https://navbharatlive.com/uttar-pradesh/meerut/yuva-samvad-cm-yogi-bjp-national-president-nitin-naveen-interacting-sns03">युवा संवाद कार्यक्रम की खास तस्वीरें, युवाओं से संवाद करते नजर आए CM योगी और BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन</a></aside><p>मौके की तस्वीरों में रेलवे वाले हिस्से में कई जगह सरिया बाहर निकली हुई दिखाई दे रही हैं और पुल के कुछ हिस्से जर्जर नजर आ रहे हैं। हालांकि पुल की वास्तविक संरचनात्मक स्थिति का आकलन तकनीकी विशेषज्ञों की जांच के बाद ही किया जा सकता है, लेकिन मौजूदा तस्वीरें तत्काल निरीक्षण और आवश्यक मरम्मत की जरूरत जरूर दिखाती हैं।</p><h3>ROB निर्माण से बढ़ा ट्रैफिक का दबाव</h3><p>इस समय रुई की मंडी, बाराखंभा और नगला छउआ क्षेत्र में ROB निर्माण कार्य चल रहा है। इन निर्माण कार्यों के कारण कई मार्गों पर यातायात डायवर्ट किया गया है। इसका सीधा असर ईदगाह-खेरिया मोड़ ROB पर भी दिखाई दे रहा है।</p><p>ट्रैफिक डायवर्जन के चलते इस पुल पर वाहनों का दबाव बढ़ गया है। रोजाना बड़ी संख्या में वाहन यहां से गुजर रहे हैं और लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। ऐसे में पुराने पुल पर बढ़ता यातायात दबाव उसकी सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ा देता है।</p><h3>भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक, फिर भी गुजर रहे वाहन</h3><p>सबसे अहम सवाल यह है कि इस पुल पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित बताया जाता है, इसके बावजूद बड़ी संख्या में भारी वाहन यहां से गुजरते दिखाई देते हैं।</p><p>भारी वाहनों की लगातार आवाजाही और बढ़ते ट्रैफिक के बीच पुल के जर्जर हिस्से चिंता बढ़ा रहे हैं। यदि पुल की भार क्षमता और मौजूदा स्थिति को लेकर समय रहते तकनीकी जांच नहीं कराई गई तो किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/uttar-pradesh/lucknow/cm-yogi-distributes-appointment-letters-teachers-slams-saifai-syndicate-amm02">हम नियुक्ति पत्र देते जाएंगे, वे गिनते जाएं...विपक्ष पर बरसे CM योगी, 6 महीने में 1 लाख और नौकरियों का ऐलान</a></aside><h3>नीचे से गुजरती हैं ट्रेनें, ऊपर से हजारों लोगों का आवागमन</h3><p>इस ओवरब्रिज के नीचे से प्रतिदिन बड़ी संख्या में ट्रेनों का आवागमन होता है, जबकि ऊपर से हजारों लोग और वाहन गुजरते हैं। पुल की मौजूदा स्थिति को देखते हुए सवाल उठता है कि रेलवे प्रशासन और संबंधित विभाग इसकी नियमित तकनीकी निगरानी कितनी गंभीरता से कर रहे हैं।</p><p>आगरा उत्तर मध्य रेलवे का महत्वपूर्ण केंद्र होने के साथ ही देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए प्रमुख पर्यटन नगरी है। ताजमहल समेत शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले लोगों के लिए भी यह मार्ग महत्वपूर्ण है।</p><h3>G-20 के दौरान हुआ था सौंदर्यीकरण</h3><p>बताया जाता है कि <a href="https://navbharatlive.com/world/donald-trump-boycotts-g20-summit-south-africa-over-leaders-row-news-1431134.html">G-20 सम्मेलन</a> के दौरान इस ओवरब्रिज का सौंदर्यीकरण और मरम्मत कार्य कराया गया था। इसके बावजूद वर्तमान में पुल के कुछ हिस्सों की जर्जर स्थिति रखरखाव को लेकर सवाल खड़े करती है।</p><p>स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुराने पुल की नियमित तकनीकी जांच, भार क्षमता का परीक्षण और समय-समय पर मरम्मत होती रहे तो संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सकता है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/uttar-pradesh/kc-tyagi-clarifies-rld-stand-swabhiman-yatra-ucc-nda-alliance-sns03">Hathras: RLD की ‘स्वाभिमान यात्रा’ पर केसी त्यागी का बड़ा बयान, किसानों और युवाओं के सम्मान का उठाया मुद्दा</a></aside><h3>बड़ा हादसा होने से पहले जागने की जरूरत</h3><p>रेलवे के विकास और आधुनिक सुविधाओं के बीच छह दशक से अधिक पुराने इस ओवरब्रिज की स्थिति पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। पुल पर बढ़ते ट्रैफिक, भारी वाहनों की आवाजाही और मौजूदा जर्जर हिस्सों को देखते हुए इसकी तकनीकी जांच महत्वपूर्ण हो जाती है।</p><p>हालांकि पुल की वास्तविक मजबूती और संरचनात्मक सुरक्षा का आकलन तकनीकी विशेषज्ञ ही कर सकते हैं, लेकिन मौके की तस्वीरें तत्काल निरीक्षण की जरूरत जरूर बता रही हैं। जिससे किसी बड़े हादसे से पहले रेलवे जाग जाए।</p><p>अब सवाल यह है कि रेलवे और <a href="https://navbharatlive.com/uttar-pradesh/kanpur/cm-yogi-issues-strict-directives-at-a-public-works-department-meeting-1807421.html">लोक निर्माण विभाग </a>कब संयुक्त रूप से इस पुल की तकनीकी जांच कराएंगे? कब इसकी भार क्षमता और संरचनात्मक स्थिति का परीक्षण होगा? और कब इसका व्यापक जीर्णोद्धार शुरू होगा?</p><p>किसी हादसे के बाद जिम्मेदारी तय करने से बेहतर है कि समय रहते पुल की स्थिति का आकलन कर जरूरी कदम उठाए जाएं। उद्देश्य किसी विभाग को कठघरे में खड़ा करना नहीं, बल्कि हजारों यात्रियों, राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और संभावित हादसे को पहले ही रोकना है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>Navbharat Nishanebaaz: व्यक्तिपूजा में नहीं कोई दूजा, अंधभक्तों को इसी में मजा</title><link>https://navbharatlive.com/special-coverage/personality-cult-politics-indira-modi-bhakti-political-satire-asp28</link><comments>https://navbharatlive.com/special-coverage/personality-cult-politics-indira-modi-bhakti-political-satire-asp28#comments</comments><guid isPermaLink="false">a1d1baea-983b-4b30-a2cf-e50c6c3e7843</guid><pubDate>Tue, 22 Sep 2026 09:34:20 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-22T09:34:20.936+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अंकिता पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2548001</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Indian Politics,Navbharat Editorial,Navabharat Nishanebaaz</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-22/s6brswzq/Navabharat-Nishanebaaz-15.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ निशानेबाज]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Personality Cult in Politics]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-22/s6brswzq/Navabharat-Nishanebaaz-15.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>नवभारत विशेष</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Personality Cult in Politics:</strong> पड़ोसी ने हमसे कहा, 'निशानेबाज, राजनीति में व्यक्तिपूजा हद से ज्यादा बढ़ गई है। अंधभक्त अपने नेता को भगवान मानने लगे हैं। यह स्थिति लोकतंत्र के लिए अच्छी नहीं है।' </p><p>हमने कहा, 'अच्छे-बुरे का फैसला करने वाले आप कौन होते हैं? देश की राजनीति बिना व्यक्तिपूजा के चल ही नहीं सकती। आप आज के मोदी भक्तों को देख रहे हैं लेकिन यह हमेशा से चलता आया है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष देवकांत बरुआ ने कहा था- इंदिरा इज इंडिया एंड इंडिया इज इंदिरा ! उन्होंने उस जमाने में संजय गांधी की तुलना शंकराचार्य और स्वामी विवेकानंद से की थी। इस तरह स्तुति करने में भी सूझबूझ लगती है। पहले पूजा में माखन-मिश्री का भोग लगा करता था। आज की व्यक्तिपूजा में भक्त स्वयं मिश्री खाकर अपनी जबान मीठी कर लेता है। इसके बाद जिसकी पूजा करता है, उसे खूब मक्खन लगाता है। देश के चप्पे-चप्पे में कितने ही चापलूसों ने चमत्कारी ढंग से चौतरफा तरक्की की है। </p><p>व्यक्तिपूजा एक उत्तम निवेश या इन्वेस्टमेंट है। होशियार कार्यकर्ता सबसे पहले किसी तिकड़मबाज नेता को पहचान कर उसके साथ चिपक जाता है। उस नेता की झिड़कियां व फटकार सुनता । है, है, मगर पीछा नहीं छोड़ता। उसे छोड़ने और रिसीव करने के लिए गुलदस्ता व हार लेकर एयरपोर्ट जाता है। उसकी अटैची उठाता है। उस नेता की प्रेस कॉन्फ्रेंस और सार्वजनिक सत्कार करवाता है। </p><p>उसके जन्मदिन पर बड़े-बड़े विज्ञापन छपवाता है। ऐसे निष्ठावान कार्यकर्ता की तकदीर पलटा खाती है। फुटाने खाने वाला कार्यकर्ता बादाम खाने लगता है। उसकी किस्मत चकाचक हो जाती है। नेता उस पर मेहरबान होकर उसे <a href="https://navbharatlive.com/delhi/delhi-public-holiday-11-september-brics-summit-latest-update-maa19">स्कूल-कॉलेज</a> खोलने की सौगात देता है। कभी झोपड़ी में रहने वाला कार्यकर्ता फार्महाउस का मालिक बन जाता है। उन्नति का एकमात्र मार्ग व्यक्तिपूजा है। हमने आपको व्यक्तिपूजा की लुभावनी कथा सुनाई। अब और क्या कहें?'</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/nagpur/jaripatka-police-station-head-constable-sachin-tayde-acb-nagpur-trap-bribery-case-pmy20">नागपुर पुलिस विभाग में हड़कंप, 20,000 रुपए की रिश्वत लेते जरीपटका थाने का हेड कांस्टेबल रंगे हाथों गिरफ्तार</a></aside><p>पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, आपको ज्यादा कुछ कहने की जरूरत नहीं। इस तरह की पूजा में चमचागिरी के मंत्र पढ़े जाते हैं। <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/pune/aap-criticizes-potholes-and-alleged-tender-irregularities-pune">रिश्वत व कमीशन</a> का चढ़ावा अर्पित किया जाता है। दलबदल का भव्य अनुष्ठान किया जाता है। व्यक्तिपूजा करने वाले मुफ्त का चंदन घिसते हैं और अपने नेता की आरती उतारने में लगे रहते हैं, क्योंकि व्यक्तिपूजा में नहीं कोई दूजा !'</p><p><strong>लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी द्वारा</strong></p>]]></content:encoded></item><item><title>नवभारत संपादकीय:  TMC में बंटवारा, चुनाव आयोग पर पड़ेगा सुको के निर्णय का असर</title><link>https://navbharatlive.com/special-coverage/tmc-symbol-freeze-mamata-banerjee-football-player-arup-roy-envelope-asp28</link><comments>https://navbharatlive.com/special-coverage/tmc-symbol-freeze-mamata-banerjee-football-player-arup-roy-envelope-asp28#comments</comments><guid isPermaLink="false">5757cc2c-18ae-4cfa-889f-57469b9b7842</guid><pubDate>Tue, 22 Sep 2026 07:24:54 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-22T07:24:54.824+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अंकिता पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2548001</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>West Bengal,Election Commission of India,Mamata Banerjee,TMC,Navbharat Editorial</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-22/vfaospyt/vande-mataram-political-controversy-17.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ ममता बनर्जी]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ TMC Election Commission Decision]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-22/vfaospyt/vande-mataram-political-controversy-17.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>नवभारत विशेष</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>TMC Election Commission Decision:</strong> विभाजित हो चुकी टीएमसी के मूल चुनाव चिन्ह को फ्रीज कर चुनाव आयोग ने वैसा ही कदम उठाया, जैसा उसने शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस के संबंध में उठाया था। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को नया चुनाव चिन्ह 'फुटबाल खिलाड़ी' दिया गया जबकि अरूप राय व ऋतब्रत बनर्जी के गुट को लिफाफा चुनाव चिन्ह दिया गया। आयोग के इस निर्णय को ममता बनर्जी अदालत में चुनौती देने जा रही हैं, जबकि उनकी पार्टी के बागियों ने चुनाव आयोग के निर्णय का स्वागत किया है। </p><p>बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी के हाथों से सत्ता चली गई, तब पार्टी के बागी सांसदों और विधायकों ने अलग पार्टी बना ली और मूल पार्टी के नाम व चुनाव चिन्ह पर दावा किया। टीएमसी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का कार्यकाल गत वर्ष ही समाप्त हो गया था। लेकिन पार्टी संविधान का आधार लेकर पार्टी संविधान का आधार लेकर ममता बनर्जी ने अगले वर्ष तक पुराने पदाधिकारियों के कायम रहने का दावा किया। </p><h3>TMC चुनाव चिन्ह पर फैसला</h3><p>इस मामले पर चुनाव आयोग विचार कर रहा था, तभी मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे की वजह से खाली नंदीग्राम विधानसभा सीट पर उपचुनाव में दोनों गुटों के उम्मीदवारों ने टीएमसी के चुनाव चिन्ह पर अपना दावा जताया। इसे देखते हुए <a href="https://navbharatlive.com/india/will-the-election-commission-decision-be-overturned-supreme-court-agrees-to-hear-mamata-banerjee-plea-nkr24">चुनाव आयोग </a>को इस संबंध में तत्काल निर्णय लेना आवश्यक हो गया। इसी समय शिवसेना के पार्टी व चुनाव चिन्ह पर हक को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट में नाटकीय मोड़ पर जा पहुंचा है। </p><p>इस घटनाक्रम का कुछ न कुछ प्रभाव चुनाव आयोग के टीएमसी संबंधी निर्णय पर भी पड़ सकता है। किसी पार्टी में फूट पड़ने के बाद उसके बारे में अंतिम निर्णय होने तक चुनाव चिन्ह फ्रीज करने के निर्णय पहले भी लिए जा चुके हैं। शिवसेना का नाम व धनुष-बाण चिन्ह एकनाथ शिंदे को तथा एनसीपी की घड़ी अजीत पवार गुट को देने का आयोग का निर्णय विवाद के घेरे में आ सकता है। ऐसा ही निर्णय टीएमसी के संबंध में होने की संभावना थी।</p><h3>शिवसेना विवाद पर SC का फैसला</h3><p>शिवसेना के मामले में एक ही गुट को चुनाव चिन्ह देकर उसको लाभ पहुंचाने की बजाय दोनों गुटों को स्वतंत्र चुनाव चिन्ह क्यों नहीं दिए गए? अदालत ने पूछा है कि मतदाता किसी उम्मीदवार को नहीं, बल्कि विचारधारा को मत देता है अथवा अपात्रता की लटकती तलवार वाले जनप्रतिनिधि के संख्याबल को कैसे स्वीकार किया जा सकता है? बंगाल के <a href="https://navbharatlive.com/uttar-pradesh/up-assembly-elections-2027-bsp-declares-imtiaz-ahmed-bhutto-candidate-sultanpur-amm02">विधानसभा चुनाव</a> में टीएमसी की पराजय के बाद इस पार्टी को पूरी तरह उखाड़ फेंकने का बीजेपी ने मन बना लिया था। नंदीग्राम में दोनों पार्टियों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/article/न्यायालय-ने-कांग्रेस-नेत-62608.html">न्यायालय ने कांग्रेस नेता पूनिया के खिलाफ दर्ज एफआईआर को खारिज करने से किया इनकार</a></aside><p>वहां टीएमसी प्रत्याशी की नाम वापसी फिर ममता द्वारा कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देना और कांग्रेस के उस प्रत्याशी को 2007 के हत्या मामले में गिरफ्तार किया जाना किसी फिल्मी पटकथा के समान रहा। किसी पार्टी के विधायकों की संख्या के आधार पर उनके मूल संगठन व संस्थापक को अलग करना संविधान के अनुसार है या नहीं, इस पर सुप्रीम कोर्ट जो निर्णय देगा वह बंगाल ही नहीं, सारे देश के संसदीय लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।</p><p><strong>लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी द्वारा</strong></p>]]></content:encoded></item><item><title>नवभारत विशेष: चीन क्यों बना रहा दुनिया का सबसे बड़ा हाइड्रो प्रोजेक्ट? भारत के सामने क्या हैं चुनौतियां</title><link>https://navbharatlive.com/special-coverage/china-yarlung-tsangpo-dam-brahmaputra-india-impact-60-gw-asp28</link><comments>https://navbharatlive.com/special-coverage/china-yarlung-tsangpo-dam-brahmaputra-india-impact-60-gw-asp28#comments</comments><guid isPermaLink="false">f93f1f84-2b00-45c9-9a8d-1ae6648f6227</guid><pubDate>Tue, 22 Sep 2026 07:07:58 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-22T07:07:58.216+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अंकिता पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2548001</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>China,India China Relations,Navbharat Editorial,Water Scarcity</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-22/aznh0rjj/sergio-gor-india-US-relations-10.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ चीन का मेगा डैम]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ फोटो सोर्स- नवभारत डिजाइन]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-22/aznh0rjj/sergio-gor-india-US-relations-10.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>नवभारत विशेष</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Yarlung Tsangpo Dam India Impact:</strong> नेपाल-चीन सीमा पर 26 अगस्त को ग्लेशियर फटने से ऐसी भयावह तबाही आई, जैसी पहले न देखी गई थी और न ही सुनी गई थी। यह काफी हद तक मानव निर्मित आपदा थी। इस त्रासदी के बाद अनुमान यह था कि चीन यारलुंग त्संगपो नदी जो अरुणाचल प्रदेश में आकर ब्रह्मपुत्र नदी बन जाती है, पर विशाल हाइड्रोइलेक्ट्रिक बांध, जिसे वह 'प्रोजेक्ट ऑफ द सेंचुरी' कहता है, के निर्माण का इरादा त्याग देगा, विशेषकर इसलिए कि निर्माण-स्थल भारत से लगी सीमा के निकट तिब्बत के भूकंप सक्रिय क्षेत्र में है। प्रस्तावित बांध की अनुमानित लागत 137 बिलियन डॉलर है और इससे 60 गीगावॉट्स बिजली का उत्पादन होगा। इस बांध का भारत पर बहुत गहरा असर पड़ेगा।</p><p>सवाल यह है कि चीन यह बांध क्यों बना रहा है और इस संदर्भ में भारत को क्या करना चाहिए? यह बांध बीजिंग के विशाल ऊर्जा सुरक्षा लक्ष्यों का हिस्सा है या सीमा वार्ता पर दिल्ली को बैकफुट पर करने की गहरी साजिश ? तथ्य यह है कि यारलुंग को लेकर चीन की महत्वाकांक्षी योजनाएं बहुत पुरानी हैं। </p><p>अपनी 12वीं पंचवर्षीय योजना (2011-2015) में बीजिंग ने यारलुंग के ऊपरी व बीच के हिस्सों में अनेक बांध बनाना प्रस्तावित किया था, जिसमें डागू डैम (640 मेगावाट), जन्गामू डैम (510) मेगावाट) व जीअचा डैम (320 मेगावाट) के अतिरिक्त एक अन्य जेक्सु डैम भी था। जन्गामू डैम चल रहा है जबकि 3 अन्य डैम रुके हुए हैं। क्योंकि उनमें तकनीकी व लॉजिस्टिकल चुनौतियां बाधा उत्पन्न किए हुए हैं।</p><h3>चीन के सुपर डैम से खतरा, भारत को सतर्क रहना होगा</h3><p>ऊबड़-खाबड़ जमीन, तीव्र ढलान वाले पहाड़ और गहरी खाइयां 'सुपर डैम' के निर्माण में बहुत बड़ी चुनौती है। इसलिए यह संभव है कि चीन की बड़ी घोषणा वास्तविक निर्माण की बजाय भारत को परेशान करने के लिए हो। सबसे अधिक डरावनी बात यह है कि <a href="https://navbharatlive.com/india/earthquake-today-leh-assam-tibet-afghanistan-multiple-tremors-kns18">तिब्बत में भूकंप</a> के खतरे हमेशा बने रहते हैं। मेडोग काउंटी जहां सुपर डैम बनाना प्रस्तावित है, वहां से तिनगरी लगभग 1,200 किमी के फासले पर है। </p><p>क्या यह प्राकृतिक आपदाएं चीन की महत्वाकांक्षी योजना को पटरी से उतार देंगी? नहीं। चीन सुपर डैम बनाने के लिए इन खतरों को अनदेखा कर देगा। उसकी अतीत की हरकतें बताती हैं कि वह प्रकृति की परवाह नहीं करता है। भारत के साथ सीमा विवाद में नदी उसके लिए राजनीतिक हथियार बन गई है। भारत को उत्तर-पूर्व क्षेत्र में अपनी क्षमता व गुंजाइश को निरंतर मजबूत करते रहना चाहिए। इसमें शामिल है कि चीन से जो नदियां आ रही हैं, उनके जल प्रवाह की स्वयं निगरानी को बढ़ा देना चाहिए, जिसके लिए बाढ़ के खतरे को मैप व भविष्यवाणी करने के लिए सुपीरियर सैटेलाइट्स प्रयोग करना होगा और टेलीमेट्री स्टेशनों को अपग्रेड करना होगा। </p><h3>ब्रह्मपुत्र पर भारत की तैयारी</h3><p>दूसरा यह कि स्टोरेज सुविधाओं, तटबंध, बाढ़ के पानी को मोड़ देने व शमन के लिए ब्लूप्रिंट तैयार करना होगा। ब्रह्मपुत्र पर स्टोरेज सुविधाएं बनाना आवश्यक है, जिसमें जगह के चयन, भूकंप की आशंका, इकोलॉजी और स्थानीय जरूरतों का ख्याल रखा गया हो। तीसरा यह कि <a href="https://navbharatlive.com/world/nepal-gorkha-flood-alert-budhigandaki-river-basin-damage-pss06">ब्रह्मपुत्र बेसिन</a> में अंदरूनी नौपरिवहन को अधिक बढ़ाना होगा। </p><p>अंदरूनी जलमार्गों पर अधिक निवेश करना होगा ताकि ब्रह्मपुत्र नेशनल वॉटर-वे 2 आर्थिक गलियारे के रूप में काम करे और उसका सीधा संपर्क चिट्टागोंग (बांग्लादेश) और हल्दिया (पश्चिम बंगाल) की बंदरगाहों से हो जाए। चीन के साथ जल समझौता होना मुश्किल ही लगता है। ऐसे में भारत यह कर सकता है कि पानी की मात्रा से आगे बढ़कर अपना वॉटर एजेंडा तैयार करे और सीमा पर क्लाइमेट चेंज, आर्द्रभूमि व जैव-विविधता की विस्तृत चिंताओं को सामने लेकर आए। इन पर दोनों भारत व चीन ने संबंधित कन्वेंशनों में हस्ताक्षर किए हुए हैं।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/article/center-package-for-agricultural-sector-like-any-five-year-plan-pawar-47466.html">कृषि क्षेत्र के लिए केन्द्र का पैकेज, किसी पंचवर्षीय योजना जैसा : पवार</a></aside><h3>चीन के मेगा बांध से भारत की चिंता बढ़ी</h3><p>भारत के लिए यह अत्यधिक चिंता व खतरे का विषय है। लेकिन लगता यह है कि चीन मेगा बांध बनाने की अपनी योजना को रोकने के लिए तैयार नहीं है। उसने रीन्यूएबल एनर्जी के लिए अपनी 15वीं पंचवर्षीय योजना में इस बांध को शामिल किया है। चीन यारलुंग त्संगपो नदी पर एक बांध पहले ही बना चुका है, जिसके बारे में उसका कहना है कि इस बांध से दक्षिण-पश्चिम चीन के शिजंग स्वायत्त क्षेत्र (जो वास्तव में तिब्बत है) की लगभग 26 प्रतिशत बिजली मांग की पूर्ति हो गई है।</p><p><strong>लेख-नौशाबा परवीन के द्वारा</strong></p>]]></content:encoded></item><item><title>22 सितंबर का इतिहास : ईस्ट इंडिया कंपनी के गठन की शुरुआत कैसे हुई, जानिए पूरी कहानी</title><link>https://navbharatlive.com/special-coverage/22-september-1599-east-india-company-formation-history-india-asp28</link><comments>https://navbharatlive.com/special-coverage/22-september-1599-east-india-company-formation-history-india-asp28#comments</comments><guid isPermaLink="false">8cd7a0e0-73c3-457d-8f3b-ebd396d01bd3</guid><pubDate>Tue, 22 Sep 2026 06:47:33 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-22T06:47:33.299+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अंकिता पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2548001</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Indian History,History Of The Day,Historical Events,Navbharat Editorial,Today In History</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-22/60n2k7gs/national-space-day-17.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ ईस्ट इंडिया कंपनी]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ East India Company Formation]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-22/60n2k7gs/national-space-day-17.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>नवभारत विशेष</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>East India Company Formation:</strong> इस बात को कौन नहीं जानता कि ब्रिटेन की ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना भारत के साथ कारोबार के लिए की गई थी, लेकिन भारत की धन धान्य से भरपूर रियासतों की आपस की लड़ाई और मजबूत नेतृत्व की कमी को देखते हुए कंपनी की साम्राज्यवादी आकांक्षाएं जाग गईं और उसने भारत का इतिहास और भूगोल सब बदलकर रख दिया। </p><p>ईस्ट इंडिया कंपनी के निर्माण में 22 सितंबर का एक खास महत्व है। दरअसल 1599 में वह 22 सितंबर का ही दिन था जब लंदन में 21 कारोबारियों की एक बैठक हुई थी। इस बैठक में भारत के साथ कारोबार करने के लिए एक कंपनी के गठन पर विचार किया गया। इसे ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना की दिशा में पहला कदम कहा जा सकता है। </p><h3>देश दुनिया के इतिहास में 22 सितंबर की तारीख पर दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:-</h3><p>1539 : सिख संप्रदाय के पहले गुरु नानक देव जी का करतारपुर में निधन। पाकिस्तान स्थित इस जगह को अब डेरा बाबा नानक के नाम से जाना जाता है। 	</p><p>1599 : लंदन के फाउंडर हॉल में 21 व्यापारियों की बैठक हुई जिसमें भारत के साथ कारोबार के लिए एक नयी कंपनी स्थापित करने के बारे में चर्चा की गई।  	</p><p>1903 : अमेरिकी नागरिक इटालो मार्चिओनी को आइसक्रीम कोन के लिए पेटेंट मिला। 	</p><p>1914 : मद्रास बंदरगाह पर जर्मनी के युद्धपोत इम्देन ने बमबारी की। 	</p><p>1949 : सोवियत संघ ने परमाणु बम का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। </p><p>1955 : ब्रिटेन में टेलीविजन का व्यावसायीकरण शुरू। 	</p><p>1965 : संयुक्त राष्ट्र की पहल पर भारत पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम। 	</p><p>1977 : विश्व प्रसिद्ध खिलाड़ी पेले के नेतृत्व में अमेरिका की कोसमोस फुटबॉल टीम दो प्रदर्शनी मैच खेलने के लिए कलकत्ता पहुंची। 	</p><p>1979 : जमात-ए-इस्लाम संगठन के संस्थापक सदस्य मौलाना अब्दुल अली मौदूदी का निधन। 	</p><p>1980 : ईरान और इराक के बीच का सीमा संघर्ष युद्ध में बदला। 	</p><p>1988 : कनाडा सरकार ने <a href="https://navbharatlive.com/special-coverage/world-war-2-end-europe-germany-surrender-may-8-history-1719838.html">द्वितीय विश्व युद्ध</a> में जापान और कनाडा के नागरिकों की नजरबंदी के लिए माफी मांगी।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/india/external-affairs-minister-s-jaishankar-to-address-the-81st-session-of-the-unga-nkr24">संयुक्त राष्ट्र के 81वें सत्र में MEA एस जयशंकर का संबोधन, वैश्विक शांति समेत कई मुद्दों पर होगी चर्चा</a></aside><p>2011 : <a href="https://navbharatlive.com/sports/cricket/asian-games-2026-indian-cricket-team-schedule-women-semifinal-ssm01">भारतीय क्रिकेट टीम</a> के पूर्व कप्तान मंसूर अली खान पटौदी का निधन।  	</p><p>2018 : ईरान में वार्षिक सैन्य परेड पर आतंकवादियों का हमला, महिलाओं और बच्चों समेत 29 लोग मारे गए। हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली। 	</p><p>2020: दिग्गज मराठी अदाकारा आशालता वाबगांवकर का निधन।	</p><p>2025: फ्रांस ने फलस्तीन को राष्ट्र के तौर पर मान्यता दी।</p><p>1992 : संयुक्त राष्ट्र महासभा ने बोस्निया और हरजेगोविना के बीच युद्ध में भूमिका के लिए यूगोस्लाविया को निष्कासित किया। </p><p><strong>(इजेंसी इनपुट के साथ)</strong></p>]]></content:encoded></item><item><title>नवभारत संपादकीय: महाराष्ट्र के 20 जिलों में सूखे का संकट, गांव छोड़ने को मजबूर हो रहे ग्रामीण</title><link>https://navbharatlive.com/special-coverage/maharashtra-drought-20-districts-rural-migration-farm-labour-crisis-asp28</link><comments>https://navbharatlive.com/special-coverage/maharashtra-drought-20-districts-rural-migration-farm-labour-crisis-asp28#comments</comments><guid isPermaLink="false">a21b3585-a80d-480a-8e4a-f9c4a3bff3bb</guid><pubDate>Mon, 21 Sep 2026 07:52:19 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-21T07:52:19.691+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अंकिता पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2548001</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Maharashtra News,Navbharat Editorial,Marathwada Water Crisis</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-21/zn4a8bui/vande-mataram-political-controversy-16.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ महाराष्ट्र सूखा]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Maharashtra Drought Rural Migration]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-21/zn4a8bui/vande-mataram-political-controversy-16.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>नवभारत विशेष</category><category>महाराष्ट्र</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Maharashtra Drought Rural Migration:</strong> इस समय महाराष्ट्र के 36 में से 20 जिलों में सूखा स्थिति देखी जा रही है। वहां जलस्रोतों में बहुत कम पानी शेष रह गया है। विदर्भ, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र के अनेक जिलों में स्थिति गंभीर है। वर्षा की अनिश्चितता की वजह से कृषि रोजगार घटते जा रहे हैं जिससे भूमिहीन कृषि मजदूर, अल्प भूधारक किसान व असंगठित ग्रामीण श्रमिकों का बुरा हाल हो गया है। गांव में काम उपलब्ध नहीं होने से जीवनयापन मुश्किल हो जाता है और कर्ज का बोझ लद जाता है। </p><p>ऐसी परिस्थिति में गांव छोड़ने की नौबत आ जाती है। गांव से दूर जाकर शहर में मजदूरी करने पर ठेकेदार उनका शोषण करते हैं। असुरक्षित स्थितियों में जोखिम का काम करना पड़ता है। अपना गांव छोड़कर जाने से बच्चों की पढ़ाई, पोषण, अन्नसुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा व टीकाकरण प्रभावित होता है। महिलाओं को भी मजदूरी करने के साथ ही घर व बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी संभालनी पड़ती है। </p><h3><strong>सूखे से पलायन का खतरा, गांव में रोजगार देना जरूरी</strong></h3><p>गन्ना तुड़ाई या ईंट भट्टे के काम में लगने से सामान्य जीवन बदल जाता है। गांव की सामाजिक आधार व्यवस्था पीछे छूट जाती है। नई जगह पर हर प्रकार की असुरक्षा घेर लेती है। सूखे की वजह से मराठवाड़ा और <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/aurangabad/chhatrapati-sambhajinagar-rain-update-marathwada-yellow-alert-imd-1895042.html">विदर्भ मराठवाड़ा</a> और विदर्भके ग्रामीण क्षेत्र से बड़ी तादाद में लोग शहरों में रोजगार खोजने जाएंगे। </p><p>प्रशासन को विचार करना होगा कि क्या गांव के लोगों को कोई विकल्प देकर उनका पलायन रोका जा सकता है? उन्हें गांव में ही वीबी-जी रामजी योजना में काम उपलब्ध कराया जाए। यदि वह गांव छोड़कर जाते हैं तो उनकी सामाजिक सुरक्षा व बुनियादी सुविधाओं का ध्यान रखना होगा। बड़ी तादाद में गन्ना तुड़ाई करने वाले मजदूरों के परिवारों का अपने गांव से बाहर पलायन होगा। शक्कर आयुक्तालय ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कहीं भी श्रमिकों के शोषण का मामला सामने आया तो शक्कर कारखाने का लाइसेंस रद्द किया जाएगा।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/yavatmal/yavatmal-ner-farmer-suicide-soybean-crop-failed-double-sowing-yavatmal-mgb06">यवतमाल में किसान ने आर्थिक संकट से परेशान होकर फांसी लगाकर की आत्महत्या, फसल ने नहीं दिया साथ, कर्ज बना चिंता</a></aside><h3>सूखे से फसलें बर्बाद, किसानों ने मांगी राहत और कर्जमाफी</h3><p>मुद्दा उन्हें समय पर सही मजदूरी देने का भी है। मजदूरों का स्थलांतर बढ़ना तय है। क्या प्रशासन इसके लिए तैयार है? मौसम की मार से किसानों की उम्मीदें चूर-चूर हो गई हैं। मूंग, उड़द सहित खरीफ की फसलें सूख गई हैं। वर्षा नहीं होने से पौधे में दाना ही नहीं भरा! त्योहार के मौके पर किसान भारी अभाव व आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। लगातार दूसरे वर्ष किसानों की फजीहत हो रही है। </p><p>ऐसी विषम परिस्थिति में विपक्ष ने राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए तुरंत सूखा घोषित करने की मांग की है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/nashik/ncp-protest-congress-office-sunetra-pawar-gungi-gudiya-row">हर्षवर्धन सपकाल</a> ने फसलें सूखने की वजह से किसानों को प्रति हेक्टेयर 50,000 रुपये मुआवजा देने और पूर्ण कर्ज माफी की मांग की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नुकसान का पंचनामा कर किसानों को हर संभव राहत प्रदान करने का आश्वासन दिया है।</p><p><strong>लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी द्वारा</strong></p>]]></content:encoded></item><item><title>नवभारत विशेष: AI की दौड़ के बीच अफवाहों का दौर! जयपुर में मेहंदी के लिए उमड़ी 18 लाख की भीड़</title><link>https://navbharatlive.com/special-coverage/jaipur-moti-dungri-ganesh-temple-mehendi-rumor-18-lakh-crowd-asp28</link><comments>https://navbharatlive.com/special-coverage/jaipur-moti-dungri-ganesh-temple-mehendi-rumor-18-lakh-crowd-asp28#comments</comments><guid isPermaLink="false">13d7c03a-391a-4769-ae1f-b8b08297159d</guid><pubDate>Mon, 21 Sep 2026 07:35:08 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-21T07:35:08.944+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अंकिता पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2548001</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Ganesh Chaturthi,Jaipur,Viral News,Navbharat Editorial</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-21/cj7xih57/ISRO-Talent-Brain-Drain-3.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ जयपुर मोती डूंगरी मंदिर]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Jaipur Ganesh Temple Crowd]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-21/cj7xih57/ISRO-Talent-Brain-Drain-3.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>नवभारत विशेष</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Jaipur Ganesh Temple Crowd:</strong> एआई, समय को मात देने को बेकरार है। पूरी दुनिया इसके खतरों को भांपकर इससे सतर्क रहने की बात कर रही है। यहां तक इसके माध्यम से इंसान की दुनिया में दखल देने की होड़ इस कदर मची है कि हर देश इसके लिए दीवानगी की हद तक जा रहा है। </p><p>चिप शरीर में लगाकर तमाम बातें जानी जा रही हैं और हम हैं कि 80 के दशक में जाने को बेताब हैं। हालत इतनी बिगड़ चुकी है कि हम अपनी आस्था को भी भीड़तंत्र के हाथों गिरवी रखकर उस दौर में जा रहे हैं। हाल की जयपुर की एक घटना ने हमें अफवाहों की दुनिया का सिरमौर बना दिया है।</p><p>गणेश चतुर्थी पर जयपुर के मोती डूंगरी गणेश मंदिर में मेहंदी लेने वालों की इतनी भीड़ उमड़ी कि पूरे शहर की व्यवस्था ही बिगड़ गई। गणेश जी के सिंजारे की मेहंदी लगाने से शादी 6 माह में हो जाने की अफवाह कारण तकरीबन 18 लाख लोग पूरे भारत से आ जुटे। </p><p>मंदिर के महंत ने साफ कर दिया कि शादी वाली बात पूरी तरह से निराधार है। 2011 की जनगणना के अनुसार जयपुर शहर की आबादी 33.5 लाख और जयपुर जिले की आबादी 66.26 लाख थी। मतलब यह उस आबादी के हिसाब से लगभग आधा जयपुर शहर करीब 10 किलोमीटर में उपस्थित के था।</p><h3>अफवाहों का जाल, सोशल मीडिया से बढ़ता अंधविश्वास</h3><p>इस रील से फैली अफवाह के कारण जयपुर ही नहीं राजस्थान के हर गणेश मंदिर में जबरदस्त भीड़ जमा हो गई। इससे पहले सन 1995 में सितंबर माह में ही गणेश जी ने पूरे भारत में दूध पीया था और तब दूध कीमत से 20 गुना अधिक तक महंगा बिका था। सदी के आरंभ में दिल्ली में मंकी मैन की अफवाह किसने नहीं सुनी। अभिषेक बच्चन की फिल्म दिल्ली 6 इसी पर बनी है। थोड़ा और पीछे जाएं तो 1975 के बाद की स्थिति क्या थी? संतोषी माता, लक्ष्मी जी तथा हनुमान जी के नाम के 100 पोस्टकार्ड लिख डालिए, तो आपकी किस्मत खुल जाएगी ने धूम मचा दी थी। उस वक्त जब पोस्टकार्ड घर का महत्वपूर्ण हिस्सा था।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/aurangabad/garware-stadium-tree-cutting-protest-students-postcard-campaign-sambhajinagar-1610736.html">पेड़ बचाओ, भविष्य बचाओ, गरवारे स्टेडियम में पेड़ कटाई के खिलाफ छात्रों का पोस्टकार्ड आंदोलन</a></aside><p>कोरोना में धर्म विशेष के लोग टीका लगवाने से बचने लगे, पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। अफवाह थी कि इससे नपुंसकता आ जाएगी। भारत सरकार 14 वर्ष तक की लड़कियों को एचपीवी का टीका मुफ्त लगा रही है, जो महिलाओं को गर्भाशय, ग्रीवा के कैंसर से बचाएगा। मगर इसे लगवाने को लोग तैयार नहीं हैं। जयपुर की एक वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी का कहना है कि अफवाह है इससे बच्चे नहीं होंगे। कितनी अफवाहें हैं? चोटी कटवा, बच्चा चोर, 2000 के नोट में चिप होने से सारी जानकारी सरकार के पास चली जाएगी, मोम से बने चावल तथा दूसरी खाद्य वस्तुएं और भी न जाने क्या-क्या? <a href="https://navbharatlive.com/videos/rahul-gandhi-indore-rally-pm-modi-mimicry-viral-kns18">सोशल मीडिया </a>की ही कारस्तानी जून में मुंबई में देखने को मिली थी।</p><p>यहां के बेस्ट उपक्रम में भारी संख्या में नौकरी की बात जैसे ही फैली वहां पर आवेदन ही नहीं खुद बेरोजगार भी पहुंचने लगे। मामले को संभालने के लिए बेस्ट के अधिकारियों ने कहा कि यह फर्जी खबर है और ऐसी कोई भर्ती नहीं हो रही। भारत में पुलिस अफवाह फैलाने और शांति भंग करने के तहत सालाना 1500 तक बड़े कानूनी मामले दर्ज करती है। पीआईबी ने गत 3 वर्षों में अब तक 1200 से 1450 तक बड़ी अफवाहों को रोकने के लिए उनकी सत्यता बताई है। मनोचिकित्सक कहते हैं कि आजकल लोग विश्वास करने के मामले में बहुत जल्दी कर रहे हैं। </p><p>देश में इस समय जितनी अफवाहें आ रही हैं, वह एआई युग में एक अच्छा संदेश नहीं दे रहीं। यदि इस तरह की बातों को सीधे गणित से देखें तो बेरोजगारी तथा समयाभाव के कारण सब कुछ जल्दी पाने की लालसा भी इसका एक कारण है कि हम अपनी आस्था, समझ तथा सामाजिकता को अफवाहों पर कुर्बान कर रहे हैं। नौकरी के नाम पर हो रहा फ्रॉड, धर्म के लिए हर कहीं मिल रही सीख और भविष्य की जिम्मेदारियों को लेकर जो चिंता है, उसके कारण भी इस तरह की खबरों पर लोग अंधाधुंध विश्वास कर रहे हैं।</p><h3>लोग आंख मूंदकर भरोसा कर लेते हैं</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/special-coverage/ai-control-misuse-human-intelligence-artificial-intelligence-danger-asp28">एआई </a>के दौर में जब नौकरियों का संकट दिन-प्रतिदिन गहरा रहा है, तो भावनाएं भी प्रभावित हो रही हैं। आम आदमी सुनी-सुनाई बातों पर अधिक विश्वास कर लेता है।</p><p><strong>लेख- मनोज वार्ष्णेय के द्वारा</strong></p>]]></content:encoded></item><item><title>Navbharat Nishanebaaz: भतीजे को साथ रखना नामंजूर, मायावती ने आनंद को किया दूर</title><link>https://navbharatlive.com/special-coverage/mayawati-akash-anand-party-responsibilities-political-satire-asp28</link><comments>https://navbharatlive.com/special-coverage/mayawati-akash-anand-party-responsibilities-political-satire-asp28#comments</comments><guid isPermaLink="false">a1283e37-b5bc-4887-b26c-58a30d71a3ca</guid><pubDate>Mon, 21 Sep 2026 07:11:21 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-21T07:11:21.336+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अंकिता पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2548001</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Mayawati,BSP,Akash Anand,Navabharat Nishanebaaz</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-21/i536fxxc/Navabharat-Nishanebaaz-14.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ निशानेबाज]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Mayawati Akash Anand BSP]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-21/i536fxxc/Navabharat-Nishanebaaz-14.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>नवभारत विशेष</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Mayawati Akash Anand BSP:</strong> पड़ोसी ने हमसे कहा, 'निशानेबाज, बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे प आकाश आनंद को पार्टी की सारी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया। इस पर आपकी क्या राय है?' </p><p>हमने कहा, 'आनंद या हर्ष हमेशा मुक्त ही रहना चाहिए। मराठी में कहते हैं- आनंदी आनंद गडे, जिकडे-तिकडे चोहीकडे अर्थात आनंद सर्वत्र व्याप्त होना चाहिए, यहां-वहां और चारों ओर। जमीन से लेकर आकाश तक संपूर्ण वातावरण आनंदमय हो तो कहना ही क्या! जिंदादिल व्यक्ति हमेशा आनंदित रहता है। फिल्मों में देव आनंद, चेतन आनंद और विजय आनंद रहे हैं। आपने आनंद मोहन, आनंद कुमार, आनंद प्रकाश, आनंद सिंह जैसे नाम सुने होंगे।</p><p>आनंद को अंग्रेजी में ब्लिस या हैपीनेस कहते हैं। लोग आनंद पाने के लिए तरह-तरह की खटपट या उपक्रम करते हैं। सामान्य व्यक्ति सिनेमा, नाटक, टीवी देखकर आनंद महसूस करता है। लखनऊ के नवाब मुजरा या नृत्य देखकर आनंदित होते थे। साहित्यिक प्रवृत्ति के लोग कवि सम्मेलन या साहित्य गोष्ठी में आनंद अनुभव करते हैं। खिलाड़ी को खेल में आनंद आता है। कुछ संगीत के सुरों में डूबकर आनंद पाते हैं।'</p><p>पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, हम मायावती के भतीजे आकाश आनंद की बात कर रहे हैं जिसे उन्होंने अपने से दूर कर दिया है।' हमने कहा, '<a href="https://navbharatlive.com/uttar-pradesh/mayawati-big-decision-bsp-aakash-anand-sacked-ishan-anand-new-responsibility-amm02">पूर्व मुख्यमंत्री मायावती</a> की पार्टी को 2024 के लोकसभा चुनाव में एक सीट तक नहीं मिली। अब उन्होंने खुद को आनंद से भी वंचित कर लिया। बगैर आनंद के जीवन किस काम का। ऐसा व्यक्ति गाने लगता है- तेरे बिना भी क्या जीना !' </p><aside><a href="https://navbharatlive.com/uttar-pradesh/up-top-10-news-20-september-2026-uttar-pradesh-today-latest-updates-state-news-amm02">UP Top 10 News: मायावती का ऐलान, राजा भैया को CBI कोर्ट से राहत, अखिलेश का PDA रथ, आगरा में बवाल</a></aside><p>पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, मायावती के <a href="https://navbharatlive.com/uttar-pradesh/mayawati-big-decision-bsp-aakash-anand-sacked-ishan-anand-new-responsibility-amm02">भतीजे आकाश आनंद</a> के साथ दलित वोटों का आधार है। उन्हें सपा या कांग्रेस अपने साथ ले सकती है। निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद ने भी आकाश आनंद को अपनी पार्टी में आने का ऑफर दिया है। आकाश आनंद चाहें तो महाराष्ट्र के रामदास आठवले के समान अपनी एक व्यक्ति की पार्टी बना सकते हैं।'</p><p><strong>लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी द्वारा</strong></p>]]></content:encoded></item><item><title>21 सितंबर का इतिहास : 1857 की क्रांति के बाद बहादुर शाह जफर को क्यों किया गया गिरफ्तार? जानिए पूरी कहानी</title><link>https://navbharatlive.com/special-coverage/bahadur-shah-zafar-1857-revolt-arrest-exile-rangoon-history-asp28</link><comments>https://navbharatlive.com/special-coverage/bahadur-shah-zafar-1857-revolt-arrest-exile-rangoon-history-asp28#comments</comments><guid isPermaLink="false">5a5ed50a-a99b-40c8-af93-1ef3c02afb88</guid><pubDate>Mon, 21 Sep 2026 06:50:21 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-21T06:50:21.586+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अंकिता पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2548001</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Indian History,History Of The Day,Historical Events,Navbharat Editorial,Today In History</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-21/wy4uxr3x/national-space-day-16.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ बहादुर शाह जफर]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Bahadur Shah Zafar 1857 Revolt]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-21/wy4uxr3x/national-space-day-16.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>नवभारत विशेष</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Bahadur Shah Zafar 1857 Revolt:</strong> मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर का जिक्र आते ही उनकी उर्दू शायरी और हिंदुस्तान से उनकी मोहब्बत की भी बात होती है। कहने को तो वह 1837 में बादशाह बने, लेकिन तब तक देश के काफी बड़े इलाके पर अंग्रेजों का कब्जा हो चुका था। सल्तनत के नाम पर उनके पास कुछ ही इलाके बचे थे। </p><p>सन 1857 में क्रांति की चिंगारी भड़की तो सभी विद्रोही सैनिकों और राजा-महाराजाओं ने उन्हें हिंदुस्तान का सम्राट माना और उन्होंने भी अंग्रेजों को खदेड़ने का आह्वान किया, लेकिन 82 बरस के बूढ़े बहादुर शाह जफर की अगुवाई में लड़ी गई यह लड़ाई कुछ ही दिन चली और 21 सितंबर को अंग्रेजों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उन पर मुक़दमा चलाया गया और उन्हें रंगून (आज का म्यांमा) निर्वासित कर दिया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।  </p><h3>देश और दुनिया के इतिहास में 21 सितंबर की तारीख पर दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:-</h3><p>1677 : नीदरलैंड के जॉन और निकोल्स वान डर हेडेन को अग्निशामक यंत्र के लिए पेटेंट मिला। 	</p><p>1784 : पेनसिलवेनिया पैकेट एंड जनरल एडवरटाइजर नाम से अमेरिका का पहला दैनिक अखबार छपा। 	</p><p>1790 : पालघाट ने 60 बंदूकों के साथ जनरल मिडोज के नेतृत्व वाली ब्रिटिश सेना की टुकड़ी के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। 	</p><p>1792 : फ्रेंच नेशनल कन्वेंशन ने राजशाही को समाप्त करने के लिए मतदान किया। 	</p><p>1857 : अंग्रेजों ने अंतिम मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर को गिरफ्तार किया। इससे एक दिन पहले वह ब्रिटिश फौज के हाथों दिल्ली हार बैठे थे तथा उनके सामने आत्मसमर्पण के अलावा और कोई चारा नहीं था।</p><p>1866 : ब्रिटेन के प्रख्यात लेखक व इतिहासकार हर्बर्ट जॉर्ज वेल्ज़ का जन्म। 	</p><p>1883 : अमेरिका और ब्राजील के बीच टेलीग्राफ सेवा शुरू। 	</p><p>1921 : जर्मनी के ओपू में एक केमिकल प्लांट में धमाके में 800 लोगों की मौत। 	</p><p>1934 : जापान के होंसू द्वीप पर आए भयंकर तूफान से 4000 लोगों की मौत। 	</p><p>1949 : चीन में कम्युनिस्ट नेताओं ने 'पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना' पार्टी की घोषणा की। 	</p><p>1964 : माल्टा ने ब्रिटेन से स्वतंत्रता हासिल की। 	</p><p>1985 : उत्तर और <a href="https://navbharatlive.com/sports/asian-games-2026-north-korea-national-anthem-played-by-mistake-south-korea-hockey-match-ssm01">दक्षिण कोरिया</a> ने परिवारों की मुलाकात के लिए अपनी सीमाएं खोली। 	</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/delhi/delhi-okhla-oxygen-cylinder-blast-one-dead-four-injured-kns18">दिल्ली के ओखला फेज-1 में ऑक्सीजन सिलेंडर से भीषण धमाका, एक की मौत, 4 घायल; जानें कैसे हुआ हादसा</a></aside><p>1991 : आर्मेनिया को सोवियत संघ से स्वतंत्रता मिली। 	1999 : मध्य ताइवान में भूकंप से 2400 लोगों की मौत। 	</p><p>2004 : अमेरिका ने लीबिया से आर्थिक प्रतिबंध हटाए। 	</p><p>2020: दुनिया के सबसे ऊंचे पर्वत माउंट एवरेस्ट के शिखर पर ऑक्सीजन सिलेंडर के बिना 10 बार चढ़ने वाले नेपाल के मशहूर पर्वतारोही अंग रीता शेरपा का निधन। 	</p><p>2023: संसद ने 128वें संविधान संशोधन विधेयक को मंजूरी दी, जिसमें लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण का प्रावधान है।	   	</p><p>2024: <a href="https://navbharatlive.com/punjab/aap-campaign-in-punjab-manish-sisodia-door-to-door-pss06">आम आदमी पार्टी </a>की वरिष्ठ नेता आतिशी ने दिल्ली की आठवीं मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। सुषमा स्वराज और शीला दीक्षित के बाद वह दिल्ली की तीसरी महिला मुख्यमंत्री बनीं।	  	 </p><p>2025 : ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा ने अमेरिका और इजराइल के विरोध को दरकिनार करते हुए फलस्तीनी राष्ट्र को औपचारिक रूप से मान्यता देने की पुष्टि की।</p><p><strong>(एजेंसी इनपुट के साथ)</strong></p>]]></content:encoded></item><item><title>20 सितंबर का इतिहास : 1857 के विद्रोह का अहम मोड़, जब बहादुर शाह जफर को करना पड़ा आत्मसमर्पण</title><link>https://navbharatlive.com/special-coverage/20-september-1857-bahadur-shah-zafar-capture-delhi-history-asp28</link><comments>https://navbharatlive.com/special-coverage/20-september-1857-bahadur-shah-zafar-capture-delhi-history-asp28#comments</comments><guid isPermaLink="false">b102bf09-a8c8-4165-9bcb-32fea631867c</guid><pubDate>Sun, 20 Sep 2026 06:51:50 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-20T06:51:50.346+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अंकिता पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2548001</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Indian History,History Of The Day,Historical Events,Navbharat Editorial,Today In History</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-20/588x6w11/national-space-day-15.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ बहादुर शाह जफर]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Bahadur Shah Zafar 1857 Revolt]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-20/588x6w11/national-space-day-15.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>नवभारत विशेष</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Bahadur Shah Zafar 1857 Revolt:</strong> भारत के इतिहास में 20 सितंबर की तारीख बहुत अहम है। वर्ष 1857 में इसी दिन अंतिम मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर को आत्मसमर्पण करना पड़ा था और उन्हें ब्रिटिश मेजर होसॉन ने पकड़ लिया था। दरअसल, मई 1857 में आजादी की पहली लड़ाई शुरू हुई थी, जिसके बाद अंग्रेजों ने मौजूदा पुरानी दिल्ली की तीन महीने तक घेराबंदी की थी। </p><p>14 सितंबर को ब्रिटिश फौज की जीत हुई थी तथा शहर पर उसका कब्जा हो गया था। 17 सितंबर को बहादुर शाह जफर को लालकिला छोड़ना पड़ा, जबकि 20 सितंबर को उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद उन्हें कैदी बनाकर उसी किले में लाया गया था जहां उनका हुक्म चलता था।  	 </p><h3>देश-दुनिया के इतिहास में 20 सितंबर की तारीख में दर्ज अन्य घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:-</h3><p>1831 : भाप से चलने वाली पहली बस बनाई गयी।  	</p><p>1857 : अंतिम मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर ने आत्मसमर्पण किया। कैदी बनाकर लाल किले लाए गए। 	</p><p>1878 : मद्रास के अखबार 'द हिंदू' के साप्ताहिक संस्करण का प्रकाशन शुरू। जी. एस. अय्यर इसके संपादक थे। 	</p><p>1933 : सामाजिक कार्यकर्ता और भारत की स्वतंत्रता के लिए कार्य करने वाली अंग्रेज़ महिला एनी बेसेंट का निधन। 	</p><p>1942 : भारतीय महिला स्वतंत्रता सेनानी कनकलता बरुआ का निधन। </p><p>1949 : प्रसिद्ध फिल्म निर्माता निर्देशक महेश भट्ट का जन्म। 	</p><p>1983: एप्पल उपग्रह ने कार्य करना बंद किया। 	</p><p>1999 : <a href="https://navbharatlive.com/entertainment/bharathiraja-death-veteran-tamil-filmmaker-and-actor-passes-away-at-84-1787238.html">तमिल सिनेमा</a> की स्वप्न सुंदरी के नाम से प्रसिद्ध अभिनेत्री राजकुमारी का निधन। उनकी फिल्म हरिदास 114 सप्ताह तक चेन्नई के सिनेमाघर में चली थी। 	</p><p>2001 : अमेरिका ने 150 लड़ाकू विमान खाड़ी में उतारे। 	</p><p>2006 : ब्रिटेन के रॉयल बॉटैनिक गार्डन्स के वैज्ञानिकों को 200 वर्ष पुराने बीज उगाने में कामयाबी मिली।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/world/a-shocking-revelation-came-in-gaza-tragedy-during-food-distribution-881440.html">गाजा शहर में भगदड़ से नहीं, बल्कि इस वजह से हुई मौत, हुआ चौकांने वाला खुलासा, मरने वालों की संख्या हुई115</a></aside><p>2018 : <a href="https://navbharatlive.com/sports/cricket/asian-games-2026-indian-cricket-team-schedule-women-semifinal-ssm01">भारतीय क्रिकेट टीम</a> के कप्तान विराट कोहली और विश्व चैंपियन भारोत्तोलक मीराबाई चानू को राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार देने की घोषणा। 	</p><p>2021: चरणजीत सिंह चन्नी पंजाब के 16वें मुख्यमंत्री बने।	 	</p><p>2024: रूस के दो नागरिकों ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में सबसे लंबे समय तक रहने का रिकॉर्ड बनाया। 	</p><p>2025: गाजा शहर पर इजराइली हमलों में 14 लोगों की मौत। 	</p><p><strong>(इजेंसी इनपुट के साथ)</strong></p>]]></content:encoded></item><item><title>नवभारत संपादकीय: महंगाई बढ़ी तो कैसे चलेगा घर? रोजमर्रा के खर्च ने बढ़ाई आम आदमी की चिंता</title><link>https://navbharatlive.com/special-coverage/india-inflation-august-2026-retail-food-prices-rural-urban-inflation-asp28</link><comments>https://navbharatlive.com/special-coverage/india-inflation-august-2026-retail-food-prices-rural-urban-inflation-asp28#comments</comments><guid isPermaLink="false">dc8f6cb0-a3c1-4db5-9f4d-14bc2507be1a</guid><pubDate>Sat, 19 Sep 2026 08:01:37 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-19T08:01:37.447+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अंकिता पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2548001</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>India,Navbharat Editorial,Urban Development</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-19/xpvbiju5/vande-mataram-political-controversy-15.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ खाद्य महंगाई]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Rural Inflation Impact India]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-19/xpvbiju5/vande-mataram-political-controversy-15.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>नवभारत विशेष</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Rural Inflation Impact India:</strong> देश का मध्यम व गरीब वर्ग बुरी तरह महंगाई की मार न झेलने को मजबूर है। अगस्त में खुदरा महंगाई दर 4.82 प्रतिशत पर जा पहुंची है जो कि जुलाई में 4.45 प्रतिशत पर थी। खाद्यान्न के दाम 5.95 प्रतिशत बढ़े हैं जबकि थोक महंगाई दर 9.92 फीसदी तक जा पहुंची है। </p><p>इसमें ग्रामीण क्षेत्र की महंगाई 5.23 प्रतिशत व शहरी क्षेत्र की 4.31 प्रतिशत है। तात्पर्य यह है कि ग्रामीण इलाकों पर महंगाई का असर ज्यादा है। ग्रामीण अर्थव्यस्था कृषि, मजदूरी तथा अनिश्चित रोजगार पर निर्भर रहती है। वहां लोगों को गुजर-बसर के लिए अधिक संघर्ष करना पड़ता है।</p><p>सब्जी, प्याज, खाद्य तेल, किराणा, ईंधन के दाम बढ़ने से निम्न, मध्यम और गरीब वर्ग मध्यम और गरीब वर्ग की मुश्किलें बढ़ी हैं। जीवनावश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ने से पोषण व स्वास्थ्य पर भी विपरीत असर पड़ता है। </p><p>ऐसी स्थिति में मकान का किराया, बिजली बिल, पेट्रोल-डीजल, बच्चों की फीस, औषधियों, प्रवास तथा रोजाना खर्च के लिए जुगाड़ करना कठिन हो जाता है। वेतन वृद्धि वर्ष में एक बार होती है। वह भी हर व्यक्ति के नसीब में नहीं है। दूसरी ओर बाजार में वस्तुओं के भाव रोज बदलते चले जाते हैं।</p><h3>महंगाई की मार, बढ़ते खर्च से बचत मुश्किल</h3><p>ऐसी हालत में खर्च ही पूरा नहीं पड़ता तो बचत कहां से होगी? महंगाई की वजह से लोग कर्ज या बीमे की किश्त भी नहीं चुका पाते। थोक महंगाई दर 10 फीसदी के आसपास पहुंचना चिंताजनक है। जब कच्चा माल, ऊर्जा, परिवहन महंगा होने से उत्पादन खर्च बढ़ जाए तो उद्योग क्षेत्र उस महंगाई को उपभोक्ता वर्ग पर डाल देता है। </p><p>विश्व की अशांत स्थितियों से भी महंगाई बढ़ी है। क्रूड ऑइल के दाम बढ़ने से ईंधन महंगा है। खाद्य तेल के दाम भी काफी बढ़ गए हैं। इस बार कमजोर मानसून की वजह से सारी उम्मीदें टूट गईं। यदि <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/akola/akola-solar-agriculture-vahini-yojana-2-0-first-in-maharashtra">कृषि उत्पादन</a> में गिरावट आई तो अनाज व सब्जियां और महंगे हो सकते हैं।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/nagpur/industrial-sector-fuel-price-hike-nagpur-msme-crisis-midc-1729900.html">नागपुर के MSME संकट में, डीजल और कच्चा माल बना बड़ी चुनौती; सरकार से हस्तक्षेप की मांग</a></aside><h3>महंगाई रोकने के लिए रोजगार</h3><p>जिन लोगों ने घर कर्ज, वाहन कर्ज या उद्योग के लिए कर्ज ले रखा है, उन्हें ईएमआई भरने में दिक्कतें जा रही है। ऐसी विषम परिस्थिति में जमाखोरी रोकना, आपूर्ति श्रृंखला मजबूत करना तथा बाजार में कृत्रिम अभाव को दूर करना आवश्यक है। खुदरा बाजार की दरों पर नजर रखते हुए सार्वजनिक <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/bhandara/bhandara-domestic-lpg-gas-cylinder-delivery-delay-consumer-protest-2026-1798606.html">वितरण व्यवस्था</a> को मजबूत करना होगा। </p><p>राशन के अनाज में अनियमितता और गोलमाल होता आया है जिस पर कड़ी निगरानी रखनी होगी। आवश्यक वस्तुओं की उचित दाम पर उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है। सभी जानते हैं कि महंगाई एक बार बढ़ना शुरू होती है तो कम नहीं होती इसलिए ऐसे उपाय करने होंगे कि लोगों को रोजगार मिले और उनकी क्रयशक्ति बढ़े। ग्रामीण क्षेत्रों में जीरामजी योजना में कार्यदिवस बढ़ाए जाएं तो गरीब जनता को राहत मिल सकती है।</p><p><strong>लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी द्वारा</strong></p>]]></content:encoded></item><item><title>नवभारत विशेष: रूस से तेल खरीदने पर भारत पर 100% टैरिफ का खतरा, अमेरिका के नए कानून को समझिए</title><link>https://navbharatlive.com/special-coverage/us-russia-sanctions-bill-trump-100-percent-tariff-india-russian-oil-asp28</link><comments>https://navbharatlive.com/special-coverage/us-russia-sanctions-bill-trump-100-percent-tariff-india-russian-oil-asp28#comments</comments><guid isPermaLink="false">b2c87216-befa-4a36-b41e-4899f36d02f2</guid><pubDate>Sat, 19 Sep 2026 07:40:53 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-19T07:40:53.302+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अंकिता पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2548001</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>India,Donald Trump,Russia,Tariff War</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-19/ge95fj7t/ISRO-Talent-Brain-Drain-2.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ डोनाल्ड ट्रंप]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ India Russian Oil Tariff]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-19/ge95fj7t/ISRO-Talent-Brain-Drain-2.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>नवभारत विशेष</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>India Russian Oil Tariff:</strong> आखिरकार अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव ने भी 262-159 मतों से रूस के खिलाफ सैंक्शन बिल पास कर दिया। सीनेट इसे पहले ही 86-11 वोट से मंजूरी दे चुकी है। अब इसे ट्रंप के हस्ताक्षर के लिए व्हाइट हाउस भेज दिया गया है, ट्रंप के हस्ताक्षर होते ही यह कानून बन जायेगा। </p><p>इसके बाद वह उन देशों पर रूस के साथ व्यापार करते हैं 500 फीसदी तक टैरिफ लगा सकते हैं। फिलहाल भारत तथा और कई देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाए जाने की धमकी चर्चा में है। हालांकि भारत ने अभी तक इस धमकी पर कोई पलटवार नहीं किया, लेकिन धीमे से स्पष्ट कर दिया है कि हम अपनी ऊर्जा सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं करेंगे जहां हमें सस्ता तेल मिलेगा, हम खरीदेंगे। </p><p>भारत को बेधड़क अपने इस स्टैंड पर अड़े रहना चाहिए। असली सवाल टैरिफ से ज्यादा उस कूटनीतिक खेल का है, जिसमें व्यापार, तेल और भू-राजनीति एक ही शतरंज की बिसात पर आ गए हैं। वॉशिंगटन केवल यह नहीं चाहता कि 'रूस से तेल मत खरीदिए', अमेरिका यह तय करने की कोशिश भी कर रहा है कि रूस के साथ किसी भी तरह के संबंध रखने की कीमत दुनिया के दूसरे देशों को भी चुकानी पड़े। हम रूसी कच्चे तेल के बड़े खरीदार हैं। भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों तथा बाजार की परिस्थितियों के आधार पर रूसी तेल खरीदना बढ़ाया।</p><h3>100% टैरिफ से भारत के निर्यात पर कितना असर पड़ेगा?</h3><p>अमेरिका का तर्क है कि रूसी ऊर्जा खरीद से मॉस्को को राजस्व मिलता है और उस राजस्व का इस्तेमाल युद्ध के लिए किया जा सकता है। भारत का तर्क अलग है- भारत को अपने 140 करोड़ लोगों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करनी है और वह तेल खरीद को बाजार की परिस्थितियों तथा अलग-अलग स्रोतों के आधार पर तय करेगा। </p><p>भारत के सामने एक साथ कई चुनौतियां हैं- अमेरिका के साथ व्यापार, रक्षा और प्रौद्योगिकी संबंध; रूस के साथ ऊर्जा और रक्षा संबंध; पश्चिम एशिया की अस्थिरता; चीन के साथ रणनीतिक प्रतिस्पर्धा और अपनी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए ऊर्जा की जरूरत।</p><p>ऐसे में दिल्ली शायद सार्वजनिक टकराव के बजाय बातचीत, विकल्प और प्रतिरोध तीनों को एक साथ चलाने की रणनीति पर काम कर रही है। सवाल है आखिर 100 फीसदी टैरिफ से कितना बड़ा पहाड़ टूटेगा? यदि अमेरिका भारतीय उत्पादों पर वास्तव में 100 फीसदी अतिरिक्त शुल्क लगाता है तो अमेरिकी बाजार में भारतीय सामान की कीमत बढ़ सकती है। इससे निर्यातकों के मार्जिन पर दबाव आ सकता है, कुछ उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता घट सकती है और अमेरिकी आयातक वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं की तलाश कर सकते हैं।</p><h3>रूसी तेल और अमेरिकी दबाव के बीच भारत का संतुलन</h3><p>टैरिफ का भुगतान केवल भारत नहीं करता, अमेरिकी आयातक भी ऊंची कीमत चुकाता है। अमेरिकी उपभोक्ता तक उसका असर पहुंच सकता है। कहने का मतलब 100 फीसदी टैरिफ कोई ऐसा हथियार नहीं है जिसे चलाने पर केवल निशाना घायल होता है। यही वजह है कि कानून में शक्ति होना और उसका वास्तविक इस्तेमाल होना- दो अलग-अलग बातें हैं। रूस वर्षों से अमेरिकी और पश्चिमी प्रतिबंधों के बीच अपनी अर्थव्यवस्था चला रहा है। </p><p>ईरान भी लंबे समय से अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करता आया है। लेकिन भारत की स्थिति अलग है। भारत पर प्रतिबंध ज्यादा असर डालेंगे। हमारे वित्तीय लेन-देन कठिन कर देंगे, बाजार सीमित कर देंगे, तकनीक और निवेश तक पहुंच प्रभावित हो सकती है और व्यापार की लागत बढ़ सकती है। </p><aside><a href="https://navbharatlive.com/world/us-tariff-india-us-congress-passes-russia-bill-mea-response-pss06">US Tariff Bill: अमेरिकी टैरिफ बिल पर भारत का करारा जवाब, कहा- ऊर्जा सुरक्षा और व्यापारिक हितों से समझौता नहीं</a></aside><p>भारत अमेरिकी बाजार से गहराई से जुड़ा है। इसलिए रूस या ईरान के अनुभव को हूबहू भारत पर लागू नहीं किया जा सकता। क्योंकि असली लड़ाई तेल की नहीं, विकल्पों की है। भारत के सामने विकल्प हैं- रूसी तेल पर निर्भरता का अनुपात बदलना, अन्य स्रोतों से खरीद बढ़ाना, अमेरिकी कंपनियों के साथ व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करना, द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत जारी रखना और जरूरत पड़ने पर अपने व्यापारिक हितों की रक्षा के उपाय तलाशना। </p><p>रूसी तेल अचानक छोड़ना ऊर्जा कीमतों पर असर डाल सकता है। दिल्ली शायद एक ऐसी नीति चाहती है जिसमें न रूस पूरी तरह छूटे, न अमेरिका पूरी तरह रूठे और न भारतीय <a href="https://navbharatlive.com/world/india-south-korea-strategic-energy-and-maritime-partnership-1686390.html">ऊर्जा सुरक्षा</a> खतरे में पड़े, भारत का कूटनीतिक दांव यही है।</p><h3>भारत को कोई रास्ता तलाशना होगा</h3><p>टैरिफ का भुगतान केवल भारत नहीं करता। <a href="https://navbharatlive.com/world/us-tariff-india-us-congress-passes-russia-bill-mea-response-pss06">अमेरिकी आयातक</a> भी ऊंची कीमत चुकाता है। अमेरिकी उपभोक्ता तक उसका असर पहुंच सकता है। कहने का मतलब 100 फीसदी टैरिफ कोई ऐसा हथियार नहीं है जिसे चलाने पर केवल निशाना घायल होता है। यही वजह है कि कानून में शक्ति होना और उसका वास्तविक इस्तेमाल होना- दो अलग-अलग बातें हैं। रूस वर्षों से अमेरिकी और पश्चिमी प्रतिबंधों के बीच अपनी अर्थव्यवस्था चला रहा है।</p><p><strong>लेख-वीना गौतम के द्वारा</strong></p>]]></content:encoded></item><item><title>Navbharat Nishanebaaz: एआई का चढ़ने लगा बुखार, न बने बंदर के हाथ तलवार</title><link>https://navbharatlive.com/special-coverage/ai-control-misuse-human-intelligence-artificial-intelligence-danger-asp28</link><comments>https://navbharatlive.com/special-coverage/ai-control-misuse-human-intelligence-artificial-intelligence-danger-asp28#comments</comments><guid isPermaLink="false">10718fb9-769e-484e-b7b8-8d7d1f02caee</guid><pubDate>Sat, 19 Sep 2026 07:03:43 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-19T07:03:43.412+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अंकिता पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2548001</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Artificial Intelligence,Navbharat Editorial,Navabharat Nishanebaaz</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-19/8sjmyf8b/Navabharat-Nishanebaaz-13.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ निशानेबाज]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Artificial Intelligence Safety Risks]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-19/8sjmyf8b/Navabharat-Nishanebaaz-13.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>नवभारत विशेष</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Artificial Intelligence Safety Risks:</strong> पड़ोसी ने हमसे कहा, 'निशानेबाज, हमें एआई या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से डर लग रहा है। कहते हैं वह इंसान के नियंत्रण से बाहर होकर भस्मासुर बन सकती है और 10 वर्ष में मानव जाति को नष्ट कर देगी।' </p><p>हमने कहा, 'अफवाहों पर ध्यान मत दीजिए। इंसान ने एआई को बनाया है, एआई ने इंसान को नहीं! अपनी अक्ल पर भरोसा रखिए, नकली बुद्धिमत्ता के फेर में मत रहिए। एआई कभी पूरी तरह इंसानी दिमाग की बराबरी नहीं कर सकती। एआई का समझदारी और विवेक से इस्तेमाल करने से उन्नति होगी और खुशहाली आएगी। उसे कंट्रोल में रखना होगा।' </p><p>पड़ोसी ने कहा, '<a href="https://navbharatlive.com/special-coverage/navabharat-nishanebaaz-pakistan-cricket-trophy-boycott-sports-policy-awm08">निशानेबाज</a>, एक राजा के चेहरे पर बार-बार मक्खी आकर बैठ जाती थी। उसने अपने पालतू बंदर के हाथ में तलवार देकर मक्खी भगाने की ड्यूटी सौंप दी। राजा की नाक पर मक्खी बैठी तो बंदर ने तुरंत चपलता से तलवार चला दी। एआई रूपी बंदर को भी नियंत्रण में रखकर सावधानी से नचाया जाए वरना अनर्थ हो सकता है। एंथ्रोपिक कंपनी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि हाल ही उत्तर यमन में एक शत्र निर्माता समूह ने 'क्लाड' नामक ऊंचे दर्जे की एआई का इस्तेमाल कर रॉकेट और प्रक्षेपास्त्र बनाने के लिए मार्गदर्शन सॉफ्टवेयर तैयार करने का प्रयास किया। कंपनी की सुरक्षा इकाई ने समय रहते इसे रोक दिया। जरा सोचिए कि एआई का मिसयूज कर आसानी से विनाशकारी शस्त्र बनाए जा सकते हैं।' </p><p>हमने कहा, 'एंथ्रोपिक के प्रमुख डारियो अमोदेई ने इस खतरे को भांपते हुए घोषणा की कि उनकी कंपनी अब एडवांस <a href="https://navbharatlive.com/uttar-pradesh/prayagraj/ai-traffic-system-reduces-congestion-in-uttar-pradesh-prayagraj-tops-1872271.html">एआई मॉडल</a> के अनुसंधान व सुरक्षा का मूल्यमापन करने के लिए तीसरे पक्ष के निरीक्षकों को अपने साथ शामिल करेगी। यह ध्यान रखा जाएगा कि एआई का बर्ताव मानवीय हित से सुसंगत है या नहीं। जिस तरह औषधियां बनाते समय जांच पड़ताल की जाती है वैसा ही एआई के संबंध में भी किया जाएगा। उसका जवाबदारी से इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाएगा।'</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/chhatrapati-sambhajinagar/ai-80s-photo-cyber-fraud-warning-chhatrapati-sambhajinagar-asl01">एआई से 80 के दशक की तस्वीर बनाने से पहले सावधान! संभाजीनगर पुलिस की नागरिकों से अपील, साइबर ठगी का है खतरा</a></aside><p>पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, इसकी गारंटी कौन लेगा? दुनिया में चंगेजखान, नादिरशाह, हिटलर जैसे बर्बर लोगों का इतिहास रहा है। आज भी कुछ नेताओं पर युद्धोन्माद सवार है। ऐसे सनकी व हिंसक प्रकृति के लोग एआई का जाने कैसा इस्तेमाल करेंगे ? यदि आतंकियों को पालनेवाले देश के शासकों के हाथ एआई लगी तो वह क्या करेंगे?' हमने कहा, 'आगे क्या होगा, मत सोचिए। अभी अपनी जिंदगी निडर होकर आराम से बिताइए क्योंकि जो डर गया, समझो मर गया!'</p><p><strong>लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी द्वारा</strong></p>]]></content:encoded></item><item><title>19 सितंबर का इतिहास : एक तारीख, दो खास घटनाएं: बटला हाउस मुठभेड़ से सुनीता विलियम्स तक</title><link>https://navbharatlive.com/special-coverage/19-september-batla-house-encounter-sunita-williams-birthday-history-asp28</link><comments>https://navbharatlive.com/special-coverage/19-september-batla-house-encounter-sunita-williams-birthday-history-asp28#comments</comments><guid isPermaLink="false">cd05ca83-ee9c-4a43-8d00-44251707ead8</guid><pubDate>Sat, 19 Sep 2026 06:47:38 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-19T06:47:38.309+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अंकिता पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2548001</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Sunita Williams,Indian History,History Of The Day,Historical Events,Navbharat Editorial,Today In History</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-19/7foea27d/national-space-day-14.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ सुनीता विलियम्स]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Batla House Sunita Williams]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-19/7foea27d/national-space-day-14.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>नवभारत विशेष</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Batla House Sunita Williams:</strong> दिल्ली में 19 सितंबर 2008 को बटला हाउस इलाके में हुई मुठभेड़ की एक घटना ने देश में राजनीतिक हलचल मचा दी थी। इस मुठभेड़ में इंडियन मुजाहिदीन के दो आतंकवादी मारे गए थे, जबकि दिल्ली पुलिस के निरीक्षक मोहन चंद शर्मा शहीद हो गए थे। तेरह सितंबर 2008 को दिल्ली में अलग-अलग स्थानों पर हुए बम विस्फोटों की जिम्मेदारी इंडियन मुजाहिदीन ने ली थी। </p><p>इन्हीं धमाकों की जांच के दौरान यह मुठभेड़ हुई थी।  वहीं, 19 सितंबर को भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स का भी जन्म हुआ था। सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष यात्री के रूप में 195 दिनों तक अंतरिक्ष में रहने का विश्व रिकॉर्ड बनाया और एक महिला यात्री के तौर पर सबसे ज्यादा बार अंतरिक्ष में चहलकदमी करने का रिकॉर्ड भी एक समय उनके नाम पर था। </p><h3>देश-दुनिया के इतिहास में 19 सितंबर की तारीख पर दर्ज विभिन्न महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:-</h3><p>1891 : <a href="https://navbharatlive.com/special-coverage/april-23-history-shakespeare-satyajit-ray-youtube-first-video-1690529.html">विलियम शेक्सपियर</a> के विश्व प्रसिद्ध नाटक "मर्चेंट ऑफ वेनिस" का पहली बार मैनचेस्टर में मंचन। 	</p><p>1955 : अर्जेंटीना की सेना और नौसेना द्वारा विद्रोह के बाद राष्ट्रपति जुआन पेरोन हटाये गये।  	</p><p>1957 : अमेरिका ने नेवादा के रेगिस्तान में पहला भूमिगत परमाणु परीक्षण किया। 	</p><p>1965 : अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के जरिए अंतरिक्ष जाने वाली भारतीय मूल की सुनीता विलियम्स का जन्म। 	</p><p>1983 : ब्रिटिश उपनिवेश कैरीबियन द्वीप, सेंट किट्स एवं नेविस स्वतंत्र। 	</p><p>1988 : इजराइल ने परीक्षण उपग्रह हॉरिजन-आई का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया। 	</p><p>1996 : एलिजा इजेत्बोगोविक युद्ध के बाद बोस्निया के पहले राष्ट्रपति बने। 	</p><p>1996 : ग्वाटेमाला और वामपंथी विद्रोहियों की सरकार के बीच शांति संधि पर हस्ताक्षर। 	</p><p>2000 : कर्णम मल्लेश्वरी ने ओलंपिक की भारोत्तोलन प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता। 	</p><p>2006 : थाईलैड में सेना ने सरकार का तख्तापलट किया, जनरल सुरायुद बने प्रधानमंत्री।  	</p><p>2008: दिल्ली के बटला हाउस में पुलिस के साथ आतंकवादियों की मुठभेड़। पुलिस निरीक्षक मोहनचंद शर्मा शहीद, दो आतंकवादी ढेर। </p><aside><a href="https://navbharatlive.com/business/donald-trumps-tariff-policy-affect-on-iphone-1160805.html">Donald Trump : क्या ट्रंप के टैरिफ पॉलिसी से महंगा हो जाएगा आईफोन, भारत में एप्पल के फोन पर होगा असर?</a></aside><p>2008 : <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/supreme-court-updates-appeal-against-new-passenger-jetty-in-mumbai-1338119.html">उच्चतम न्यायालय</a> ने छत्तीसगढ़ में नक्सलियों पर अंकुश लगाने के इरादे से शुरू किए गए सलवा जुडूम अभियान पर रोक लगाई।</p><p>2014 : एप्पल आईफोन 6 की बिक्री शुरु।</p><p>2022: ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का वेस्टमिंस्टर एबे में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। 	</p><p>2023: भारत ने खालिस्तानी नेता की हत्या संबंधी आरोप खारिज करते हुए कनाडाई राजनयिक को निष्कासित किया। 	</p><p>2024: इजराइल ने लेबनान और हिजबुल्ला को निशाना बनाकर युद्ध के 'नये चरण' की शुरुआत की 	</p><p>2025: लोकप्रिय गायक जुबिन गर्ग की सिंगापुर में 'स्कूबा डाइविंग' के दौरान मौत।</p><p><strong>(एजेंसी इनपुट के साथ)</strong></p>]]></content:encoded></item><item><title>नवभारत संपादकीय: बांग्लादेश में अल-कायदा की वापसी और चीन-पाक तिकड़ी, क्या संकट में है भारत की सुरक्षा?</title><link>https://navbharatlive.com/special-coverage/india-bangladesh-relations-security-threat-china-pakistan-nexus-awm08</link><comments>https://navbharatlive.com/special-coverage/india-bangladesh-relations-security-threat-china-pakistan-nexus-awm08#comments</comments><guid isPermaLink="false">fa2d2f5d-749e-4539-af3b-89835aa15aa2</guid><pubDate>Fri, 18 Sep 2026 11:38:17 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-18T11:38:17.274+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>आकाश मसने</atom:name><atom:uri>/api/author/2547968</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>India,Bangladesh,Navbharat Editorial,Tarique Rahman</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-18/9ouiye1d/india-bangladesh-relations.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान व भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ India-Bangladesh Relations]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-18/9ouiye1d/india-bangladesh-relations.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>नवभारत विशेष</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>India-Bangladesh Diplomacy:</strong> भारत के तमाम प्रयासों के बावजूद बांग्लादेश से रिश्ते सामान्य नहीं हो पा रहे हैं। संबंधों में सुधार इसलिए जरूरी है क्योंकि भारत की 4096 किलोमीटर सीमा बांग्लादेश से लगी है। चिंता इस बात की है कि वहां अब भारत विरोधी ताकतों व आतंकियों को खुली छूट दी जा रही है। उन्हें जेल से रिहा किया जा चुका है। </p><h3>अल-कायदा की वापसी और कट्टरपंथी ताकतों को पनाह</h3><p>संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार बांग्लादेश में अल-कायदा पुनर्गठित किया जा रहा है तथा इस्लामी कट्टरपंथी संगठित हो रहे हैं जिन्हें शेख हसीना ने नियंत्रित कर रखा था। पाकिस्तान ऐसे तत्वों को भारत के खिलाफ इस्तेमाल कर सकता है। पाकिस्तान की नीति भारत को नुकसान पहुंचाने की है। वह बांग्लादेश और चीन के साथ तिकड़ी बनाने की फिराक में है। बांग्लादेश को 80 प्रतिशत हथियारों की सप्लाई चीन से होती है। चीन भी बंगाल की खाड़ी तक अपने लिए गलियारा बनाना चाहता है। </p><h3>चीन का प्रभाव और चिकन नेक पर मंडराता खतरा</h3><p>बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने तो चीन को भारत के पूर्वोत्तर राज्यों से आकर अपने बंदरगाह इस्तेमाल करने का ऑफर तक दिया था। इसके बाद भारत ने चीन व बांग्लादेश की सीमा से लगे चिकन नेक पर अपनी सुरक्षा काफी मजबूत कर दी। बांग्लादेश की ऐसी हरकतों के बावजूद भारत उसे ईंधन और बिजली की सप्लाई कर रहा है। ऐसी 54 नदियां हैं जो भारत व बांग्लादेश को जोड़ती हैं।</p><h3>ऊर्जा-जल कूटनीति और दोतरफा गतिरोध</h3><p>पश्चिम बंगाल की आपत्ति की वजह से बांग्लादेश के साथ तीस्ता नदी पानी समझौता नहीं हो सका। बांग्लादेश के साथ गंगा जल संधि इस वर्ष दिसंबर में समाप्त होने वाली है। इस संधि के नूतनीकरण के दौरान बांग्लादेश भारत से और अधिक पानी की मांग कर सकता है जिसे स्वीकार करना हमारे लिए कठिन है क्योंकि भारत में भी पानी की मांग बढ़ रही है। ग्लेशियर सिकुड़ने से जल प्रवाह भी घट गया है।</p><h3>भारत-बांग्लादेश के बीच सबसे बड़ा मुद्दा शेख हसीना को शरण</h3><p>भारत-बांग्लादेश के बीच तनाव का बड़ा मुद्दा यह भी है कि भारत ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री <a href="https://navbharatlive.com/world/bangladesh-tribunal-sentences-seven-awami-league-leaders-to-death-pss06">शेख हसीना</a> को शरण दे रखी है और उन्हें वापस नहीं सौंप रहा है। जमात-ए-इस्लामी के लोग शेख हसीना की हत्या करना चाहते हैं। उन्हें वहां जाने पर सरकार फांसी या उम्रकैद की सजा दे सकती है। यदि इतने पर भी शेख हसीना स्वदेश जाना चाहें तो भारत उन्हें रोकेगा नहीं। बांग्लादेश में कोई भी सरकार हो, भारत उससे कूटनीतिक संबंध कायम रखता है। वहां आई सैनिक तानाशाही सरकार, कामचलाऊ सरकार या निर्वाचित सरकार सभी से भारत के सामान्य संबंध रहे हैं।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/special-coverage/russia-india-defense-deal-sukhoi-su-57-fighter-jet-and-s-400-missile-system-awm08">नवभारत विशेष: Su-57, अकुला पनडुब्बी से वोरोनिश रडार तक, भारत-रूस रक्षा सौदे के प्रस्ताव पर हमारी शर्तें</a></aside><h3>बांग्लादेश का आर्थिक संकट और भावी राह</h3><p>बांग्लादेश के लाखों लोग इलाज करवाने भारत आते हैं। उम्मीद थी कि दिल्ली में हुए <a href="https://navbharatlive.com/india/not-one-but-two-invitations-were-sent-mea-statement-on-the-invitation-extended-to-bangladesh-for-brics-nkr24">ब्रिक्स शिखर सम्मेलन</a> में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान आएंगे लेकिन कट्टरपंथियों या भारत विरोधी लॉबी ने उन्हें दिल्ली जाने से रोक दिया। बांग्लादेश की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। वह बिजली, ईंधन और रसोई गैस की भारी कमी से जूझ रहा है। जूट तथा वस्त्रों का निर्यात ही उनकी आय का एकमात्र साधन रह गया है।</p><p><strong>लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा</strong></p>]]></content:encoded></item><item><title>नवभारत विशेष: Su-57, अकुला पनडुब्बी से वोरोनिश रडार तक, भारत-रूस रक्षा सौदे के प्रस्ताव पर हमारी शर्तें</title><link>https://navbharatlive.com/special-coverage/russia-india-defense-deal-sukhoi-su-57-fighter-jet-and-s-400-missile-system-awm08</link><comments>https://navbharatlive.com/special-coverage/russia-india-defense-deal-sukhoi-su-57-fighter-jet-and-s-400-missile-system-awm08#comments</comments><guid isPermaLink="false">a5647a95-7600-4be0-b05e-52de5a2b3733</guid><pubDate>Fri, 18 Sep 2026 11:13:06 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-18T11:13:06.815+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>आकाश मसने</atom:name><atom:uri>/api/author/2547968</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>India,World News,Russia,Navbharat Editorial,Sukhoi</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-18/03wjxzlm/russia-india-defense-deal.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ फाइटर जेट]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Sukhoi Su-57 fighter jet and S-400 missile system offer to India by Russia]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-18/03wjxzlm/russia-india-defense-deal.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>नवभारत विशेष</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Sukhoi Fighter Jet And Missile System Offer To India By Russia:</strong> रूस द्वारा भारत को दिए गए सैन्य सहयोग के व्यापक प्रस्ताव में पांचवीं पीढ़ी के 75 सुखोई-57ई लड़ाकू विमान, सुखोई एमकेआई बेड़े का 'सुपर सुखोई' में अपग्रेड, शेष बचे एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम की त्वरित आपूर्ति के अलावा पेंट्सिर-एस1एम शॉर्ट-रेंज मिसाइल सिस्टम, पट्टे पर अकुला-क्लास परमाणु पनडुब्बी और वोरोनिश-एम अर्ली वार्निंग रडार तकनीक की पेशकश शामिल है। </p><h3>सुपर सुखोई अपग्रेड और एस-400, व्यावहारिक और तत्काल आवश्यकता</h3><p>नए प्रस्तावों को लेकर उत्साह स्वाभाविक है, लेकिन जब बात राष्ट्रीय सुरक्षा और भारी खर्च की हो तो हथियारों की क्षमता, लागत, आपूर्ति में लगने वाला समय, उसकी वर्तमान तकनीक और किसी एक देश पर दीर्घकालीन निर्भरता के बारे में आकलन आवश्यक है। अपने 260 से ज्यादा सुखोई-30 विमानों को अगर लंबे समय तक कार्यक्षम रखना है, तो उनके 'सुपर सुखोई' के रूप में अपग्रेडेशन पर आगे बढ़ना ही होगा। </p><h3>भारत के लिए क्या है सही विकल्प?</h3><p>नए विमान खरीदने के बजाय मौजूद प्लेटफॉर्म को अधिक सक्षम बनाने के तौर पर यह प्रस्ताव व्यावहारिक है। पांचवें एस-400 की लंबित आपूर्ति के अलावा अतिरिक्त एस-400 खरीद भी व्यावहारिक विकल्प है। भारत पहले से इस प्रणाली का संचालन कर रहा है, इसलिए प्रशिक्षण, रखरखाव और परिचालन डांचा मौजूद है। इसी तरह पेंटसिर-एस एम का प्रस्ताव भी उपयोगी है। मगर इसे एस-400 के विकल्प की बजाय कम दूरी की 'प्वाइंट डिफेंस' लेवल के बतौर देखना होगा।</p><p>बेशक <a href="https://navbharatlive.com/world/trump-f-35-will-fail-due-to-russia-move-sukhoi-57-stealth-offered-to-india-1131051.html">सुखोई-57</a> आज पांचवीं पीढ़ी का विकसित विमान है, लेकिन हमें उसकी गति या सेंसर-फ्यूजन, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध, सुरक्षित डाटा-लिंक, कम रडार दृश्यता, हथियार और नेटवर्क-केंद्रित युद्ध में उसकी वास्तविक क्षमता देखनी होगी। सबसे महत्वपूर्ण यह कि सुखोई-57 राफेल, सुखोई-30, अमेरिकी पी-81, अवाक्स, एईडब्लू एंड सी, एस-400, स्वदेशी डिफेंस रडार और भारतीय कमांड-एंड-कंट्रोल नेटवर्क के साथ कितनी सहजता से काम करेगा।</p><h3>सुखोई-57ई, वोरोनिश-एम और नेटवर्क एकीकरण का यथार्थ</h3><p>भिन्न देशों की प्रणालियों का एकीकरण अत्यंत जटिल होता है। लगभग 6,000 किलोमीटर दूर तक बैलेस्टिक मिसाइल लॉन्च और अंतरिक्षीय खतरों को निगरानी करने वाला 'वोरोनिश-एम' रडार भले ही भारत की चीन व पाकिस्तान पर नजर रखने की क्षमता को अभूतपूर्व विस्तार दे, लेकिन इतने संवेदनशील उपकरण पर भारत को पूर्ण डाटा-प्रभुत्व, सॉफ्टवेयर एक्सेस और साइबर सुरक्षा को पूर्ण गारंटी चाहिए, यदि रूस अपने सॉफ्टवेयर कोड्स और मिशन सिस्टम में भारत को पूर्ण तकनीकी पहुंच नहीं देता, तो ये हथियार भारतीय नेटवर्क में पूरी तरह फिट नहीं बैठ पाएंगे।</p><p>चीन के जे-20 व जे-35 स्टील्थ <a href="https://navbharatlive.com/india/indian-army-chief-on-russia-visit-to-tour-military-artillery-academy-nkr24">लड़ाकू विमानों</a> की चुनौती का मुकाबला करने में सुखोई-57 भारत की अग्रिम वायु-श्रेष्ठता को मजबूत करेगा और वोरोनिश-एम रडार और एस-400 मिसाइल नेटवर्क मिलकर तिब्बत पठार से संचालित होने वाली चीनी मिसाइलों और लड़ाकू उड़ानों की पूर्व चेतावनी दे सकेंगे।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/special-coverage/navabharat-nishanebaaz-pakistan-cricket-trophy-boycott-sports-policy-awm08">नवभारत निशानेबाज: पाकिस्तान को हराना ही काफी, नापाक हाथों से हम नहीं लेते ट्रॉफी</a></aside><h3>चीन-पाक चुनौती और हिंद महासागर में भारत का दबदबा</h3><p>पाकिस्तान को चीन से मिली जे-10सी या भावी जे 35 विमानों से उपने असंतुलन को ये खरीदारियां भारत के पक्ष में पूरी तरह झुका देंगी। उधर हिंद महासागर में घटती पनडुब्बी संख्या के बीच अकुला-क्लास एसएसएन यानी 'परमाणु संचालित हमलावर पनडुब्बी' की मौजूदगी भारत की अंडरवॉटर मारक क्षमता और प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करेगी। सवाल उठता है, क्या इन सौदों के चलते भारत फिर से रूसी हथियारों पर अति-निर्भरता की ओर बढ़ रहा है?</p><h3>तकनीकी हस्तांतरण भी जरूरी</h3><p>सबसे अधिक आकर्षक लगने वाला प्रस्ताव है कथित तौर पर 75 सुखोई-57ई विमानों की खरीद। रूस तैयार विमान बेचने के साथ भारत में उत्पादन और तकनीक हस्तांतरण की पेशकश कर रहा है। अगर एचएएल, डीआरडीओ, बीईएल और निजी भारतीय कंपनियां एवियोनिक्स, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर, संचार, वेपन इंटीग्रेशन और मेंटेनेंस रिपेयरिंग और ओवरहॉल में वास्तविक तकनीकी भूमिका पाती हैं, तो यह सौदा भारत के एयरोस्पेस उद्योग के लिए बहुत उपयोगी होगा।</p><p><strong>लेख- संजय श्रीवास्तव के द्वारा</strong></p>]]></content:encoded></item><item><title>नवभारत निशानेबाज: पाकिस्तान को हराना ही काफी, नापाक हाथों से हम नहीं लेते ट्रॉफी</title><link>https://navbharatlive.com/special-coverage/navabharat-nishanebaaz-pakistan-cricket-trophy-boycott-sports-policy-awm08</link><comments>https://navbharatlive.com/special-coverage/navabharat-nishanebaaz-pakistan-cricket-trophy-boycott-sports-policy-awm08#comments</comments><guid isPermaLink="false">a71aa645-ff8d-4b35-8e04-210b924bb856</guid><pubDate>Fri, 18 Sep 2026 10:53:10 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-18T10:53:10.756+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>आकाश मसने</atom:name><atom:uri>/api/author/2547968</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Cricket News,Sports News,Team India,Harmanpreet Kaur,Asia Cup,Navbharat Editorial,Navabharat Nishanebaaz</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-18/5tvv48wn/navabharat-nishanebaaz.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ नवभारत निशानेबाज]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Navabharat Nishanebaaz India-Pakistan Sports Policy]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-18/5tvv48wn/navabharat-nishanebaaz.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>नवभारत विशेष</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>India-Pakistan Sports Policy:</strong> पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, हम पाकिस्तान के साथ खेलते हैं, अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा या टूनमिंट में उसे हराते हैं लेकिन इसके बाद उसकी टीम के सदस्यों से हाथ नहीं मिलाते और उसके खेल प्रमुख के हाथों से ट्रॉफी नहीं लेते। उसका बहिष्कार कर देते हैं। यह कैसी नीति है? क्या इसे कहा जाए-गुड़ खाएं लेकिन गुलगुले से परहेज!' </p><p>हमने कहा, 'हम जो करते हैं वह बिल्कुल सही है। पाकिस्तान ने पहलगाम में आतंकी हमला कर पर्यटकों की हत्या की थी। इससे भारत में भारी रोष फैल गया। </p><p>हमने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान को उसकी करनी का फल चखा दिया। जिस देश के हाथ खून से रंगे हों, उनसे हमारे खिलाड़ी हाथ क्यों मिलाएं? पिछले साल एशिया कप की चैम्पियन बनने के बाद भी सूर्यकुमार यादव के नेतृत्व वाली हमारी क्रिकेट टीम ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया था। </p><p>इतना ही नहीं, एशियाई क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष मोहसिन नकवी के हाथों से ट्रॉफी स्वीकार करने से भी मना कर दिया था। काफी देर प्रतीक्षा करने के बाद नकवी हमारी वह ट्रॉफी लेकर पाकिस्तान चले गए। ऐसा ही<a href="https://navbharatlive.com/sports/cricket/womens-asia-cup-2026-india-refuses-trophy-from-mohsin-naqvi-after-final-win-aks03"> महिला क्रिकेट एशिया कप</a> में भी हुआ। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर की टीम ने चैंपियनशिप जीतने के बाद पाकिस्तानी महिला खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया और मोहसिन नकवी के हाथों से ट्रॉफी नहीं ली।'</p><p>पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, हमारे कबड्डी खिलाड़ी पाकिस्तानी टीम से हाथ मिलाते हैं। स्क्वैश खिलाड़ी भी ऐसा ही करते हैं। हॉकी टीम के खिलाड़ी हाई फाइव करते हैं। मुक्केबाज एक-दूसरे के ग्लव्स को टच करते हैं फिर क्रिकेट में ही ऐसा बहिष्कार हम क्यों करते हैं?'</p><p>हमने कहा, 'बात यह है कि <a href="https://navbharatlive.com/sports/cricket/india-women-refuse-asia-cup-2026-trophy-from-acc-chief-mohsin-naqvi-bcci-stand-aks03">मोहसिन नकवी</a> पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष होने के साथ ही पाकिस्तान के गृहमंत्री भी हैं। इसलिए हमारी क्रिकेट टीम उनका बॉयकाट करती है, बीसीसीआई देश में व्याप्त पाकिस्तान विरोधी भावनाओं का सम्मान करता है। हम जिस टूर्नामेंट में जीतें उसका प्रमुख कोई पाकिस्तानी हो तो हम उसके हाथ से ट्रॉफी लेना बिल्कुल पसंद नहीं करेंगे। हम जीत गए और पाकिस्तान को धूल चटाकर चैम्पियन बन गए, इतना ही काफी है। ट्रॉफी लेना जरूरी नहीं है। ट्रॉफी से बड़ी देशभक्ति है।'</p><p><strong>लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा</strong></p>]]></content:encoded></item><item><title>18 सितंबर का इतिहास: जब उरी हमले में शहीद हुए वीर और 1812 में राख बना मॉस्को! जानें आज की ऐतिहासिक घटनाएं</title><link>https://navbharatlive.com/special-coverage/18-september-history-today-in-history-uri-attack-moscow-fire-awm08</link><comments>https://navbharatlive.com/special-coverage/18-september-history-today-in-history-uri-attack-moscow-fire-awm08#comments</comments><guid isPermaLink="false">2d2e5dbf-bdc3-423d-be4b-ef66a23cab48</guid><pubDate>Fri, 18 Sep 2026 10:37:01 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-18T10:37:01.746+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>आकाश मसने</atom:name><atom:uri>/api/author/2547968</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Indian History,Historical Events,Today In History</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-18/cokarheo/uri-attack.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ उरी हमले में शहीद हुए जवान]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ 18 September History Uri Attack ]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-18/cokarheo/uri-attack.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>नवभारत विशेष</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Today in History 18 September:</strong> इतिहास के पन्नों में हर तारीख किसी न किसी महत्वपूर्ण घटना के साथ दर्ज होती है। 18 सितंबर का दिन भी भारत और वैश्विक इतिहास में एक ऐसा ही पन्ना है, जो हमें साहस, त्रासदी और बड़े सामाजिक व राजनीतिक बदलावों की याद दिलाता है। आज ही के दिन जहां भारत ने उरी में अपने जांबाज वीर जवानों की शहादत का दर्द झेला था, वहीं 1812 में रूस की राजधानी मॉस्को भयानक आग की त्रासदी का शिकार हुई थी। इसके अलावा, लोकतांत्रिक सुधारों, महिलाओं के अधिकारों और वैश्विक राजनीति के लिहाज से भी 18 सितंबर की तारीख बेहद खास मानी जाती है।</p><h3>उरी आतंकी हमला (2016): भारत के इतिहास का काला पन्ना</h3><p>18 सितंबर 2016 को जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास स्थित भारतीय थलसेना के प्रशासनिक मुख्यालय पर तड़के एक कायराना आतंकवादी हमला हुआ था। जैश-ए-मोहम्मद के चार आतंकवादियों ने सेना के शिविर पर अंधाधुंध गोलाबारी की। इस हमले में भारतीय सेना के 19 जवान शहीद हो गए थे और कई अन्य घायल हुए। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था और भारत ने इसका मुंहतोड़ जवाब देते हुए कुछ ही दिनों बाद सीमा पार सर्जिकल स्ट्राइक की थी।</p><h3>मॉस्को में महाविनाश (1812): जब जल उठा शहर</h3><p>रूस के इतिहास में 1812 का मॉस्को अग्निकांड एक खौफनाक अध्याय की तरह दर्ज है। 18 सितंबर 1812 को मॉस्को में भीषण आग लग गई थी, जिसने देखते ही देखते पूरे शहर को अपनी चपेट में ले लिया। इस त्रासदी में शहर का तीन-चौथाई हिस्सा जलकर खाक हो गया और लगभग 12 हजार से अधिक लोगों की जानें गईं। नेपोलियन की सेना के आक्रमण के दौरान हुई इस घटना ने <a href="https://navbharatlive.com/world/india-condemns-fatal-attack-on-un-peacekeepers-in-lebanon-today-1682026.html">फ्रांसीसी सेना</a> की रणनीतियों को ध्वस्त कर दिया था।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/special-coverage/narendra-modi-birthday-17-september-life-journey-prime-minister-asp28">17 सितंबर का इतिहास: वडनगर से दिल्ली तक, जानें नरेंद्र मोदी के राजनीतिक सफर के अहम पड़ाव</a></aside><h3>देश-दुनिया के इतिहास में 18 सितंबर की तारीख में दर्ज महत्वपूर्ण घटनाएं:-</h3><p>1803 : अंग्रेजों ने पुरी पर कब्जा किया।</p><p>1810 : चिली ने स्पेन से अलग होने की घोषणा की।</p><p>1812 : मॉस्को में आग लगने से शहर का बड़ा हिस्सा तबाह, 12 हजार लोगों की मौत।</p><p>1851 : 'न्यूयार्क टाइम्स' अखबार का प्रकाशन शुरू।</p><p>1919 : हॉलैंड में महिलाओं को वोट देने का अधिकार मिला।</p><p>1926 : अमेरिका के मियामी में चक्रवाती तूफान, ढाई सौ से ज्यादा लोगों की मौत।</p><p>1961 : तत्कालीन सोवियत संघ ने परमाणु परीक्षण किया।</p><p>1967 : नगालैंड ने अंग्रेजी को आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाया।</p><p>1986 : महिला विमान चालकों ने पहली बार बम्बई से गोवा के बीच जेट विमान उड़ाया।</p><p>1988 : बर्मा का संविधान रद्द किया गया।</p><p>2003 : अगरतला और ढाका के बीच पहली बस सेवा शुरू।</p><p>2016 : <a href="https://navbharatlive.com/world/un-world-map-proposal-india-sovereignty-jk-ladakh-pss06">जम्मू-कश्मीर</a> के उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास भारतीय सेना के स्थानीय मुख्यालय पर आतंकवादी हमला हुआ, जिसमें कई जवान शहीद हो गए थे।</p><p>2023: यूक्रेन ने छह उप रक्षा मंत्रियों को बर्खास्त किया।</p><p>2025: अमेरिका ने गाजा में तत्काल युद्धविराम की मांग संबंधी प्रस्ताव पर वीटो लगाया।</p>]]></content:encoded></item><item><title>नवभारत संपादकीय: दिशा सालियन मौत मामले में CBI की एंट्री, जानें अब तक की पूरी कहानी</title><link>https://navbharatlive.com/special-coverage/disha-salian-death-cbi-probe-aditya-thackeray-maharashtra-politics-asp28</link><comments>https://navbharatlive.com/special-coverage/disha-salian-death-cbi-probe-aditya-thackeray-maharashtra-politics-asp28#comments</comments><guid isPermaLink="false">62a916d2-4e76-4333-8d1a-4b3ca744d83b</guid><pubDate>Thu, 17 Sep 2026 08:00:56 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-17T08:00:56.500+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अंकिता पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2548001</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Maharashtra Politics,CBI,Investigation Report,Navbharat Editorial,Disha Salian Death Case</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-17/u7le1l0m/vande-mataram-political-controversy-14.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ दिशा सालियन]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Disha Salian Death Case]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-17/u7le1l0m/vande-mataram-political-controversy-14.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>नवभारत विशेष</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Disha Salian CBI Investigation:</strong> दिशा सालियन की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के 6 नि वर्ष बाद एक बार फिर महाराष्ट्र की राजनीति में उबाल आ गया है। सीबीआई ने हाल ही इस संबंध में एफआईआर दाखिल की है, जिससे आरोप-प्रत्यारोप में तेजी आ गई है। </p><p>बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देशानुसार इस मामले की एफआईआर में आरोपी के रूप में आदित्य ठाकरे का नाम नहीं है। दिशा के पिता द्वारा की गई शिकायत के संदर्भ में लिया गया नाम केवल प्रक्रियात्मक विवरण है। दूसरी ओर आरोप को केवल राजनीतिक मानकर खारिज कर देना ठीक नहीं है। </p><p>जांचकर्ताओं को निष्पक्ष जांच करने देना ही उचित है। पिछले कुछ वर्षों से जांच करने वाली मशीनरी जिस प्रकार विपक्ष को निशाना बनाती रही है, उसे देखते हुए विपक्ष की ओर से रही है, उसे देखते हुए विपक्ष की ओर से सवाल उठाना स्वाभाविक है। </p><p>जून 2020 में दिशा सालियन की 12वीं मंजिल से नीचे गिरकर मौत के बाद से तरह-तरह की शंकाएं उठती रही हैं। मुंबई पुलिस ने इसे आकस्मिक मृत्यु का मामला माना व बाद में निष्कर्ष पर पहुंची कि यह आत्महत्या थी।</p><h3>दिशा सालियन केस में CBI जांच</h3><p>दिशा के पिता सतीश सालियन ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की और पुलिस जांच पर गंभीर सवाल उठाए, सतीश सालियन ने अपने बयान में आदित्य ठाकरे, उद्धव ठाकरे, <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/mumbai/governor-sanctions-ed-prosecution-against-anil-deshmukh">अनिल देशमुख</a>, सूरज पंचोली, डिनो मोरिया, रीया चक्रवर्ती का उल्लेख किया। ठोस सबूत मिलने पर ही सीबीआई आरोपपत्र पेश करेगी। इतने वर्ष बाद सबूत जमा कर आदालत के सामने पेश करना सीबीआई के लिए बड़ी चुनौती होगी। इस प्रकरण के समय राज्य में महाविकास आघाड़ी की सरकार थी तथा उद्धव ठाकरे के मंत्रिमंडल में उनके पुत्र आदित्य ठाकरे मंत्री थे। </p><p>गृह विभाग का दायित्व अनिल मंत्री थे। गृह विभाग का दायित्व अनिल देशमुख संभाल रहे थे। अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु से भी इस प्रकरण का संबंध जोड़ा गया था। भापजा ने आदित्य ठाकरे के बारे में बार-बार सवाल कर इस प्रकरण से उनका संबंध होने का आरोप लगाया। यह आरोप लगाया गया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और गृहमंत्री अनिल देशमुख ने यह मामला दबाने और ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश की। </p><h3>दिशा केस: जांच पूरी होने तक सियासत से दूरी जरूरी</h3><p>आदित्य ठाकरे व उद्धव ठाकरे व उनकी पार्टी के नेताओं ने बार-बार सफाई दी कि यह आरोप राजनीतिक उद्देश्य से लगाए जा रहे हैं। जांच जारी रहते बीजेपी नेताओं ने इस पर अनेक अनुमान जाहिर किए। इस प्रकरण के बाद राज्य की राजनीतिक स्थिति बदल गई। उद्धव ठाकरे व एकनाथ शिंदे के संघर्ष व सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई के चलते ठाकरे परिवार पर आरोप तेज होने लगे। </p><aside><a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/chhatrapati-sambhajinagar/uddhav-thackeray-marathwada-protest-sambhajinagar-september-17-asl01">मराठवाड़ा के विकास पर उद्धव ठाकरे की सरकार को ललकार, 17 सितंबर को प्रदर्शन, तुमसे ना हो पाएगा आंदोलन का समापन</a></aside><p>आगामी चुनाव को देखते हुए <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/mumbai/disha-salian-death-case-bombay-hc-orders-cbi-probe-2026-mumba-rgs12">दिशा सालियन</a> प्रकरण का राजनीतिक इस्तेमाल हो सकता है। प्रचार सभाओं में पुराने मामले नए सिरे से उठाए जाते हैं। ठाकरे परिवार भी इसे बदले की राजनीति बता सकता है। इस राजनीतिक खींचतान में क्या दिशा सालियन के परिवार को न्याय मिल पाएगा? जांच के दौरान यदि किसी राजनेता से संबंधित गंभीर मुद्दा मिलता है तो कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। </p><p>सत्ता पक्ष इसे राजनीति हथियार न बनाए और विपक्ष भी इसे राजनीतिक साजिश कहकर न ठुकराए। जांच व अदालती कार्रवाई होने तक दोनों पक्षों को संयम रखना चाहिए। उचित होगा कि कानून को अपना काम करने दिया जाए।</p><p><strong>लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी द्वारा</strong></p>]]></content:encoded></item><item><title>नवभारत विशेष: UPI पर नई फीस से ग्राहक की जेब पर क्या पड़ेगा असर? जानें पूरा नियम</title><link>https://navbharatlive.com/special-coverage/upi-mdr-charges-above-2000-school-fees-insurance-petrol-october-2026-asp28</link><comments>https://navbharatlive.com/special-coverage/upi-mdr-charges-above-2000-school-fees-insurance-petrol-october-2026-asp28#comments</comments><guid isPermaLink="false">add7cb11-cdfe-4fc8-94df-83ec21e8de16</guid><pubDate>Thu, 17 Sep 2026 07:41:45 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-17T07:41:45.954+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अंकिता पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2548001</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>UPI Payment,Navbharat Editorial,Digital India</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-17/fu9gtroi/sergio-gor-india-US-relations-9.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ यूपीआई चार्ज]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ UPI MDR Above 2000]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-17/fu9gtroi/sergio-gor-india-US-relations-9.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>नवभारत विशेष</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>UPI MDR Above 2000:</strong> मेरा बेटा एक पब्लिक स्कूल में 11वीं कक्षा का छात्र है। उसकी 3 माह की फीस 27,210 रुपये है। अब मुझे अक्टूबर में उसकी फीस की तीसरी किस्त भरनी है। अगर यह फीस में यूपीआई द्वारा अदा करता हूं तो उस पर ज्यादा रकम देनी पड़ेगी। यह अतिरिक्त फीस कौन अदा करेगा? इसका बोझ मुझ पर ही पड़ेगा। </p><p>अनुमान यह है कि यही स्थिति बीमा प्रीमियम की भी रहेगी। कहने का अर्थ यह है कि 2,000 रुपये से ऊपर के यूपीआई पेमेंट्स पर जो यह 0.4 प्रतिशत की फीस लगाई गई है, उसका बोझ आखिरकार ग्राहक या उपभोक्ता को ही उठाना पड़ेगा। नाक चाहे इधर से पकड़ लो या उधर से पकड़ लो।</p><p>यूपीआई पेमेंट्स पहले फ्री थे और अब इन पर फीस लगा दी गई है। इससे महंगाई निश्चित रूप से बढ़ेगी, आम आदमी यूपीआई से पेमेंट करना बंद/कम कर देगा। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने 15 सितंबर 2026 को 2,000 रुपये से ऊपर के यूपीआई लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लगाने की घोषणा की। फ्लैट 5 रुपये का चार्ज पेट्रोल व डीजल की खरीद, बीमा प्रीमियम, रेल टिकट, स्कूल और अन्य अनेक सरकारी सेवाओं पर लगाया जाएगा।</p><h3>15 अक्टूबर से UPI पर MDR</h3><p>आगामी 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने के बावजूद एमडीआर व्यक्ति-से-व्यक्ति को किए गए पेमेंट पर नहीं लगेगा यानी रिश्तेदारों व दोस्तों को किए गए यूपीआई ट्रांसफर पर कोई फीस नहीं लगेगी और ऑटो डेबिट पर भी कोई चार्ज नहीं लगेगा। इसी तरह छोटे व्यापारियों, चाय की दुकानों, किराना स्टोर या मिल्क बूथों के लिए भी एमडीआर की छूट होगी। </p><p>अगर आपने अपने दोस्त को 2,00,000 रुपये बतौर यूपीआई ट्रांसफर किए हैं तो उस पर किसी प्रकार का कोई एमडीआर नहीं होगा, लेकिन अगर आपकी चाय की दुकान है और आपको 1,10,000 रुपये यूपीआई ट्रांसफर से आए तो आपको इस पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर देना होगा।</p><p>जाहिर है एक दुकानदार के रूप में यह अतिरिक्त पैसा आप अदा करना पसंद नहीं करेंगे। इस स्थिति में आप यूपीआई ट्रांसफर को प्राथमिकता देना बंद/कम कर देंगे और ग्राहकों से कैश लेना चाहेंगे। </p><p>दूसरा यह कि इस अतिरिक्त भार को अपने ग्राहकों पर डालने का प्रयास करेंगे यानी एक कप चाय जो 20 रुपये की बेचते हैं उसे 21-22 रुपये में देने लगेंगे। म्यूच्यूअल फं या स्टॉकब्रोकर्स को पेमेंट्स पर एमडीआर 0.02 प्रतिशत निर्धारित किया गया है, 300 रुपये के कुल कैप के साथ।</p><h3>UPI MDR का बोझ आखिर किस पर पड़ेगा</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/business/union-budget-2027-28-preparations-begin-pre-budget-meetings-from-october-12">वित्त मंत्रालय</a> ने कहा है, 'बैंकों को यह सलाह दी गई है कि वह यह सुनिश्चित करें कि व्यापारी एमडीआर चार्ज ग्राहकों पर न थोपें। यूपीआई एप्लीकेशन प्रोवाइडर्स को स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित किया गया है कि वह प्लेटफार्म फीस या छुपे हुए चार्ज ग्राहकों पर न थोपें।' </p><p>इस वक्तव्य का अर्थ यह है कि चार्ज व्यापारियों को बर्दाश्त करना पड़ेगा। लेकिन क्या ऐसा संभव है? ई-कॉम प्लेटफार्म को 0.4 प्रतिशत फीस देनी होगी, 300 रुपये के कैप के साथ। चाहे आप स्मार्टफोन खरीदें या सोफा सेट प्लेटफार्म को 300 रुपये देने होंगे।</p><p>कौन-सा ऑनलाइन प्लेटफार्म (या बड़े फुटकर व्यापारी या रेस्टोरेंट) हर बड़ी बिक्री पर 300 रुपये देना पसंद करेगा। व्यापारी इस फीस को अपने ग्राहकों की तरफ धकेल देंगे अपनी चीजों का दाम बढ़ाकर दुकानदार यूपीआई से पैसा लेना पसंद नहीं करेंगे। ई-कॉम प्लेटफॉर्म्स हाई-वैल्यू सौदे में डिस्काउंट देना बंद कर देंगे या कीमत बढ़ा देंगे। </p><p>छुरी खरबूजे पर गिरे या खरबूजा छुरी पर गिरे, हर हाल में कटेगा खरबूजा ही। एनपीसीआई का कहना है कि 95 प्रतिशत से अधिक व्यापारियों का लेन-देन, जो 2,000 रुपये से कम है, पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/nagpur/declared-official-tourism-nagpur-district-maharashtra-government-gr-issued-pmy20">पर्यटन जिला घोषित हुआ नागपुर, फडणवीस सरकार ने जारी किया GR, कारोबारियों को मिलेगी 10 साल तक सब्सिडी</a></aside><h3>जले पर नमक छिड़क रही सरकार</h3><p>सरकार द्वारा एमडीआर वसूल करना सिर्फ एक टैक्स कलेक्शन है। अगर सरकार को इससे नुकसान हो रहा है तो एटीएम को पूरी तरह से बंद करके सिर्फ <a href="https://navbharatlive.com/videos/has-india-bowed-to-us-pressure-amid-discussions-about-charging-for-upi-video">यूपीआई पेमेंट</a> पर फोकस करना चाहिए। सरकार और बैंकों को इतने लाभके बाद आखिर क्यों एमडीआर लगाया जा रहा है? सरकार आखिर कौन-सी सब्सिडी दे रही है, जो वह यूपीआई से वसूलना चाहती है?</p><p><strong>लेख-नरेंद्र शर्मा के द्वारा</strong></p>]]></content:encoded></item><item><title>Navbharat Nishanebaaz: UCC के मुद्दे पर भरोसा टूटा, NDA ने दिखाया शाह को अंगूठा</title><link>https://navbharatlive.com/special-coverage/amit-shah-ucc-nda-allies-jdu-tdp-ljp-political-satire-asp28</link><comments>https://navbharatlive.com/special-coverage/amit-shah-ucc-nda-allies-jdu-tdp-ljp-political-satire-asp28#comments</comments><guid isPermaLink="false">7d042bad-2bdc-4427-ae16-3594b3f4f7b1</guid><pubDate>Thu, 17 Sep 2026 07:24:05 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-17T07:24:05.869+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अंकिता पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2548001</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>BJP,Amit Shah,Navbharat Editorial,JDU,Navabharat Nishanebaaz,Uniform Civil Code</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-17/a5soorfr/Navabharat-Nishanebaaz-12.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ निशानेबाज]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ JDU TDP LJP UCC Stand]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-17/a5soorfr/Navabharat-Nishanebaaz-12.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>नवभारत विशेष</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>JDU TDP LJP UCC Stand:</strong> पड़ोसी ने हमसे कहा, 'निशानेबाज, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोचा भी न होगा कि एनडीए की 3 सहयोगी पार्टियां यूसीसी (यूनिफार्म सिविल कोड) के मुद्दे पर उन्हें अंगूठा दिखा देंगी। शाह उनसे यह भी नहीं कह सकते हमारी बिल्ली, हमीं से म्याऊं ! वह तो मानकर चल रहे थे कि एनडीए की पार्टियां पूरी तरह बीजेपी की जेब में समा गई हैं और उनकी किसी घोषणा पर चूं-चपड़ नहीं करेंगी। </p><p>उनसे कहा जाएगा- उठ तो उठ, बैठ तो बैठ ! एनडीए को अपने इशारे पर नचाने में अमित शाह फेल हो गए। जदयू, टीडीपी और लोजपा (रामविलास) ने कहा कि 2029 तक देश के 21 एनडीए शासित राज्यों में समान नागरिकता कानून अथवा यूसीसी लागू करने के बारे में उनसे कोई राय नहीं ली गई। किसी भी तरह की चर्चा नहीं हुई। इस मुद्दे पर जब जरूरी होगा, तब देखा जाएगा।' </p><p>हमने कहा, 'बीजेपी नेताओं का मिजाज ही ऐसा है। उन्हें लगता है कि उनका निर्णय या हुक्म एनडीए को आंख मूंदकर मानना होगा जबकि <a href="https://navbharatlive.com/business/pm-svanidhi-scheme-credit-card-upi-link-payment-50-days-interest-free-maa19">मोदी सरकार</a> नीतीशकुमार, चंद्राबाबू नायडू की पार्टियों के सहयोग पर टिकी हुई है। बीजेपी की लोकसभा में सिर्फ 240 सीटें हैं। एनडीए ने उन्हें 272 के बहुमत तक पहुंचाया। यूसीसी का मुद्दा बीजेपी के लिए ठीक है लेकिन बिहार और आंध्र प्रदेश में जदयू और टीडीपी अपने मुस्लिम वोटों को नाराज नहीं कर सकते इसलिए वह अमित शाह की घोषणा से सहमति नहीं रखते।' </p><aside><a href="https://navbharatlive.com/article/nitish-is-cm-of-only-one-state-pm-of-any-country-modi-would-have-definitely-met-386879.html">नीतीश तो सिर्फ एक राज्य के CM, किसी देश के PM होते तो मोदी जरूर मिलते</a></aside><p>पड़ोसी ने कहा, 'गठबंधन की राजनीति ऐसी ही होती है। वहां हर समय समान राय नहीं बन पाती। जब अटलबिहारी वाजपेयी की सरकार थी तो उसमें 24 छोटी-बड़ी पार्टियां शामिल थीं। इस वजह से बीजेपी अपना एजेंडा लागू नहीं कर पाती थी। 2024 के आम चुनाव में 'अबकी बार 400 पार' का उसका नारा खोखला साबित हुआ। </p><p>पार्टी 240 सीटों से आगे नहीं पढ़ पाई। खुद की मेजॉरिटी हो तो बीजेपी कुछ भी कर सकती है। अभी तो <a href="https://navbharatlive.com/bihar/dissenting-voices-within-the-nda-over-the-ucc-jdu-has-called-a-meeting-of-all-its-mps-mlas-and-mlcs-nkr24">एनडीए</a> की सहयोगी पार्टियों की मर्जी संभालनी होगी और सतर्कता से आगे बढ़ना होगा। ऐसा नहीं चलेगा कि राजा बोले हाथी डोले !'</p><p><strong>लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी द्वारा</strong></p>]]></content:encoded></item><item><title>17 सितंबर का इतिहास: वडनगर से दिल्ली तक, जानें नरेंद्र मोदी के राजनीतिक सफर के अहम पड़ाव</title><link>https://navbharatlive.com/special-coverage/narendra-modi-birthday-17-september-life-journey-prime-minister-asp28</link><comments>https://navbharatlive.com/special-coverage/narendra-modi-birthday-17-september-life-journey-prime-minister-asp28#comments</comments><guid isPermaLink="false">38750ce8-390d-4c0d-8ee8-be91efca2906</guid><pubDate>Thu, 17 Sep 2026 07:10:20 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-17T07:10:20.337+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अंकिता पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2548001</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Narendra Modi,Birthday Special,Indian History,History Of The Day,Historical Events,Navbharat Editorial,Today In History</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-17/25c9ml0m/national-space-day-13.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जन्मदिन]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Narendra Modi Political Journey]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-17/25c9ml0m/national-space-day-13.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>नवभारत विशेष</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Narendra Modi Political Journey:</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का 17 सितंबर की तारीख से एक खास नाता है। दरअसल वर्ष 1950 में 17 सितंबर के दिन ही नरेन्द्र दामोदर दास मोदी का जन्म हुआ, जिन्हें 26 मई 2014 को भारत के तत्कालीन राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने देश के 15वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ दिलायी। पांच बरस बाद 2019 में भारतीय जनता पार्टी ने नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एक बार फिर चुनाव जीता और उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत की। </p><p>नौ जून 2024 को उन्होंने लगातार तीसरे कार्यकाल के लिये प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, जिसके बाद मोदी पंडित जवाहर लाल नेहरू के बाद लगातार तीन बार प्रधानमंत्री बनने वाले पहले व्यक्ति हो गए हैं।</p><p>यहां यह जानना दिलचस्प होगा कि नरेन्द्र मोदी देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने आजाद भारत में जन्म लिया। एक साधारण परिवार में जन्मे नरेन्द्र मोदी का सत्ता के शीर्ष पर पहुंचना इस बात का संकेत है कि यदि व्यक्ति में दृढ़ इच्छा शक्ति और अपनी मंजिल तक पहुंचने का जज्बा हो, तो वह मुश्किल से मुश्किल हालात को आसान बनाकर अपने लिए नये रास्ते बना सकता है।</p><h3>देश दुनिया के इतिहास में 17 सितंबर की तारीख पर दर्ज अन्य प्रमुख घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:- </h3><p>1867 : प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट गगनेंद्रनाथ टैगोर का जन्म। वह प्रसिद्ध साहित्यकार रवींद्रनाथ टैगोर के भतीजे थे। 	</p><p>1876 : बांग्ला उपन्यासकार शरतचंद्र चट्टोपाध्याय का जन्म। 	</p><p>1948 : हैदराबाद रियासत का भारत में विलय। 	</p><p>1949 : दक्षिण भारतीय राजनीतिक दल द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) की स्थापना। 	</p><p>1950 : भारतीय राजनेता और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्म। 	</p><p>1956 : भारतीय तेल एवं प्राकृतिक गैस आयोग का गठन। 	</p><p>1957 : मलेशिया संयुक्त राष्ट्र में शामिल हुआ। 	</p><p>1974 : बांग्लादेश, ग्रेनेडा और गिनी बिसाऊ संयुक्त राष्ट्र संघ में शामिल। 	</p><p>1978 : अमेरिका के राष्ट्रपति जिमी कार्टर की पहल पर पश्चिम एशिया में शांति के लिए मिस्र और जॉर्डन के बीच कैंप डेविड समझौता। 	</p><p>1982 : भारत और श्रीलंका के बीच पहला क्रिकेट टेस्ट मैच खेला गया। 	</p><p>2020 : लोकसभा ने कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) विधेयक-2020 और कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता और कृषि सेवा पर करार विधेयक-2020 को मंजूरी दी। 	</p><p>2022: भारत में विलुप्त हुए चीतों को फिर से बसाने के लिए नामीबिया के आठ चीतों को <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/pm-narendra-modi-birthday-25-years-public-service-journey-dr-mohan-yadav-tribute-article-amm02">प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी</a> ने मध्य प्रदेश कूनो राष्ट्रीय उद्यान में छोड़ा।	  	</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/goa/goa-election-2027-aap-goa-first-alliance-arvind-kejriwal-gfp-ars24">विधानसभा चुनाव से पहले अरविंद केजरीवाल ने किया GFP से गठबंधन का ऐलान, कांग्रेस-BJP में सेटिंग का लगाया आरोप</a></aside><p>2023: <a href="https://navbharatlive.com/sports/cricket/asian-games-2026-indian-cricket-team-no-5-star-hotel-accommodation-nagoya-ssm01">भारतीय क्रिकेट टीम</a> ने कोलंबो में श्रीलंका को शिकस्त देकर पांच साल बाद एशिया कप जीता।	  	</p><p>2023: पश्चिम बंगाल के शांतिनिकेतन को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया।	  	</p><p>2024: अरविंद केजरीवाल के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद आतिशी को मुख्यमंत्री नामित किया गया।	 	</p><p>2025: निर्वाचन आयोग ने 'इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन' (ईवीएम) में उम्मीदवारों की रंगीन तस्वीरें प्रदर्शित करने की घोषणा की।   	</p><p>2025: वित्त मंत्रालय ने उत्पादों के लिए केंद्रीय माल एवं सेवा कर (सीजीएसटी) की दरें अधिसूचित कीं।  	</p><p>2025: गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इजराइल और हमास के बीच युद्ध में 65 हजार से अधिक फलस्तीनी लोगों की मौत की पुष्टि की।</p><p><strong>(एजेंसी इनपुट के साथ)</strong></p>]]></content:encoded></item><item><title>नवभारत संपादकीय: मराठा आरक्षण आंदोलन, जरांगे की मांग; सरकार के आंकड़े और मुंबई मार्च की पूरी कहानी</title><link>https://navbharatlive.com/special-coverage/manoj-jarange-patil-maratha-reservation-mumbai-march-kunbi-certificate-asp28</link><comments>https://navbharatlive.com/special-coverage/manoj-jarange-patil-maratha-reservation-mumbai-march-kunbi-certificate-asp28#comments</comments><guid isPermaLink="false">8bd90e7b-2f42-4c1a-aa3b-c4a8709d1785</guid><pubDate>Wed, 16 Sep 2026 07:49:51 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-16T07:49:51.805+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अंकिता पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2548001</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Maharashtra Politics,Maratha Reservation,Kunbi caste certificate</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-16/iyz6bk44/vande-mataram-political-controversy-13.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ मनोज जरांगे पाटिल]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Maratha Reservation Kunbi Certificate]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-16/iyz6bk44/vande-mataram-political-controversy-13.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>नवभारत विशेष</category><category>महाराष्ट्र</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Maratha Reservation Kunbi Certificate:</strong> मराठा आरक्षण की मांग को लेकर 12 दिनों से जालना जिले के अंतरवाली-सराटी गांव में अनशन कर रहे मनोज जरांगे पाटिल ने पहले अपने लाखों समर्थकों के साथ जालना जिले से मुंबई मोर्चा ले जाने और वहां अनशन जारी रखने की घोषणा की थी लेकिन पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी। </p><p>इसलिए अब वह सिर्फ 4-5 सहयोगियों के साथ मुंबई रवाना हो रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि रास्ते में उन्हें रोका गया तो लाखों मराठा बगैर अनुमति मुंबई में जा धमकेंगे। गणेशोत्सव के दौरान उनके इस इरादे से राज्य सरकार की चिंता बढ़ गई है। जरांगे दबाव डाल रहे हैं कि सरकार मराठा को ओबीसी श्रेणी में शामिल करते हुए सभी 58 लाख रिकार्ड के आधार पर कुणबी जाति प्रमाणपत्र जारी करे। </p><h3>मराठा आरक्षण पर गैजेट विवाद</h3><p>सरकार ने निजाम के समय के राजस्व और कुणबी रिकार्ड की पहचान करने समिति नियुक्त की थी। मराठवाड़ा के 8 जिले तब निजाम शासन के अधीन थे। सरकार का कहना है कि उसने 3,16,977 <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/pune/daund-corporator-rohit-patil-fake-obc-caste-certificate-invalidated-1805800.html">कुणबी जाति प्रमाणपत्र</a> वितरित कर दिए हैं। जरांगे के आंदोलन को तब बल मिला जब जाति की जांच करनेवाली समिति ने मराठवाड़ा के 4 जनप्रतिनिधियों के कुणबी जाति प्रमाणपत्र रद्द कर दिए। </p><p>जरांगे की यह भी मांग है कि सरकार मराठा समुदाय के लिए सातारा, कोल्हापुर तथा अन्य पूर्व रियासतों के गैजेट भी लागू करे जबकि सरकार का कहना है कि यह मामला अदालत के विचाराधीन है। बीजेपी नेता प्रसाद लाड ने कहा कि जब हैदराबाद गैजेट का मामला पहले ही कोर्ट में है तो हम सातारा और कोल्हापुर गैजेट कैसे लागू कर सकते हैं? सरकार कोर्ट के क्षेत्र से बाहर कोई काम नहीं कर सकती। </p><aside><a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/chhatrapati-sambhajinagar/chhatrapati-sambhajinagar-hamara-bappa-swachhata-ka-raja-campaign-asl01">Chhatrapati Sambhajinagar: गणेशोत्सव में गूंजेगा स्वच्छता का संदेश, हमारा बप्पा स्वच्छता का राजा अभियान शुरू</a></aside><h3>जरांगे की 15 मांगों पर सरकार की स्थिति, 14 मंजूर</h3><p>लाड ने कहा कि जरांगे ने 15 मांगें रखी हैं। फड़णवीस सरकार ने इनमें से 14 मांगों को स्वीकार कर लिया है। एक मांग न्यायप्रविष्ट होने की वजह से स्वीकार नहीं की जा सकती। जरांगे का रवैया लाड के प्रति नरम है लेकिन वह शिवसेना और भाजपा के कुछ नेताओं व मंत्रियों के तीव्र आलोचक हैं। उनके मतानुसार उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ही 4 जनप्रतिनिधियों के कुणबी जाति प्रमाणपत्र रद्द करने के लिए जिम्मेदार हैं। </p><p>उन्होंने <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/nagpur/bawankule-new-rules-sand-ghat-auction-besa-pipla-water-supply-nagpur-pmy20">चंद्रशेखर बावनकुले</a>, राधाकृष्ण विखे पाटिल, उदय सामंत और संजय शिरसाट को भी निशाने पर लिया। जरांगे द्वारा निरंतर आलोचना किए जाने को देखते हुए सरकार ने उनसे मिलने के लिए अंतरवाली-सराटी गांव में अपना प्रतिनिधि मंडल नहीं भेजने का फैसला किया। अब सरकार की चिंता यह है कि गणेशोत्सव के दौरान पहले ही पुलिस बंदोबस्त में व्यस्त है।</p><p><strong>लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी द्वारा</strong></p>]]></content:encoded></item><item><title>नवभारत विशेष: UCC पर NDA में मंथन तेज, JDU की अमित शाह से मुलाकात और TDP की चर्चा पर नजर</title><link>https://navbharatlive.com/special-coverage/amit-shah-ucc-2029-nda-allies-tdp-jdu-ljp-reaction-asp28</link><comments>https://navbharatlive.com/special-coverage/amit-shah-ucc-2029-nda-allies-tdp-jdu-ljp-reaction-asp28#comments</comments><guid isPermaLink="false">e2ef3264-40ad-477c-ba31-af27b6d6453a</guid><pubDate>Wed, 16 Sep 2026 07:36:07 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-16T07:36:07.858+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अंकिता पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2548001</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>BJP,Amit Shah,Uniform Civil Code</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-16/8kgxqc9h/sergio-gor-india-US-relations-8.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ अमित शाह]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ BJP Allies UCC Stand]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-16/8kgxqc9h/sergio-gor-india-US-relations-8.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>नवभारत विशेष</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>BJP Allies UCC Stand:</strong> गृहमंत्री अमित शाह द्वारा यह विश्वास व्यक्त करने के बाद कि एनडीए शासित सभी 21 राज्य 2029 तक समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू कर देंगे, बीजेपी के तीन सहयोगी दलों ने सावधान रहने की सलाह दी है, जो वास्तव में दबे शब्दों में प्रस्ताव का विरोध है। </p><p>तेलगू देशम पार्टी (टीडीपी), जो आंध्र प्रदेश में सत्ता में है, ने कहा है कि इस विषय पर अभी तक कोई चर्चा नहीं हुई है और जब जरूरत पड़ेगी, तब वह इस प्रस्ताव पर विचार करेगी व सभी स्टेकहोल्डर्स से भी विचार-विमर्श करेगी। जनता दल (यूनाइटेड), जो बिहार में बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार का हिस्सा है, ने कहा है कि वह इस सिलसिले में अमित शाह से बातचीत करेगी।  </p><p>बीजेपी के एक अन्य सहयोगी दल लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) ने कहा है कि वह समता व विविधता के प्रति समर्पित है और संविधान सभी समुदायों की अलग-अलग परम्पराओं व प्रथाओं का सम्मान करता है। लोजपा (राम विलास) के प्रमुख चिराग पासवान, जो केंद्र में मंत्री भी हैं, ने कहा है कि यूसीसी का प्रस्ताव सार्वजनिक किया जाना चाहिए, विभिन्न स्टेकहोल्डर्स के हितों का संज्ञान लिया जाये, विस्तृत विचार-विमर्श किया जाये और उसके बाद ही उनकी पार्टी अपना दृष्टिकोण स्पष्ट करेगी।</p><h3>UCC पर NDA में मतभेद</h3><p>दो महत्वपूर्ण सवाल उठते हैं। एक, अमित शाह ने इस समय ही यूसीसी लागू करने की घोषणा क्यों की है? दूसरा यह कि टीडीपी, जद (यू) व लोजपा (राम विलास) को बीजेपी के सहयोगी दल होने के बावजूद यूसीसी पर आपत्ति क्यों है? बीजेपी के जो तीन प्रमुख वैचारिक उद्देश्य रहे हैं, उनमें अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, धारा 370 हटाना, तथा यूसीसी का लागू करना रहा है। बीजेपी शासित उत्तराखंड में इसे लागू भी कर दिया गया है, जबकि गुजरात, असम व मध्य प्रदेश ने इस संदर्भ में कानून पारित कर दिया है। </p><p>राजस्थान, महाराष्ट्र, बंगाल व छत्तीसगढ़ ने कानून बनाने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है, जबकि राजस्थान ने ड्राफ्ट विधेयक को मंजूरी दे दी है। महाराष्ट्र को छोड़कर इन सभी राज्यों में बीजेपी की अपने अकेले दम पर सरकारें हैं। महाराष्ट्र में बीजेपी के नेतृत्व में गठबंधन सरकार है, लेकिन शिव सेना (शिंदे) व एनसीपी (अजित पवार) इस स्थिति में नहीं हैं कि देवेंद्र फड़णवीस के समक्ष अपना पक्ष रख सकें। </p><h3>UCC पर सहयोगियों की सावधानी</h3><p>बहरहाल, यह हालात टीडीपी की नहीं हैं। स्वतंत्र राय रखना टीडीपी व जद (यू) की मजबूरी है। वह नहीं चाहतीं कि बड़ी मछली छोटी मछलियों को निगल ले। एक समय था जब बीजेपी पंजाब में अकाली दल की, महाराष्ट्र में <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/mumbai/shaina-nc-criticizes-mamata-banerjee-refusal-to-resign-wb-results-2026-1715467.html">शिव सेना </a>की, बिहार में जद (यू) की, ओडिशा में बीजू जनता दल की, असम में असम गण परिषद की जूनियर पार्टनर हुआ करती थी। आज यह सब क्षेत्रीय पार्टियां कहां हैं; सब हाशिये पर पहुंच गई हैं। मायावती की बसपा ने भी अनेक बार बीजेपी से गठबंधन किया और आज यह उत्तर प्रदेश में भी कहीं नहीं हैं, जबकि 2007 में उसने लखनऊ में अपने दम पर सरकार बनाई थी। </p><p>बिहार में जद (यू) भी सीनियर से जूनियर पार्टनर हो गई है। यह सब इसलिए हुआ क्योंकि क्षेत्रीय पार्टियां अपने मत आधार को सुरक्षित नहीं रख सकीं, जिसमें बीजेपी सेंध मारने में कामयाब रही। टीडीपी बहुत मुश्किल से आंध्रप्रदेश में सत्ता में लौटी है। वह अपना जनाधार खोना नहीं चाहती, इसलिए फूंक-फूंककर कदम रख रही है। यूसीसी धर्म-विशिष्ट व्यक्तिगत कानूनों की जगह विवाह, तलाक, विरासत व लिव-इन संबंधों के मामले में सभी नागरिकों के लिए समान नियम लाने का प्रयास है। वर्तमान में एक संघीय संसदीय क़ानून लाने की बजाय यूसीसी को आहिस्ता-आहिस्ता एक-एक राज्य में लाया जा रहा है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/article/cid-held-a-press-conference-on-the-arrest-of-chandrababu-naidu-told-the-real-reason-for-the-arrest-798636.html">चंद्रबाबू नायडू की गिरफ्तारी पर CID ने की प्रेस कांफ्रेंस, बताई 'अरेस्ट' करने की असल वजह</a></aside><h3>बड़ी मछली छोटी को निगल सकती है</h3><p>यूसीसी हमेशा से ही बीजेपी के वैचारिक उद्देश्य का हिस्सा रहा है। उसकी राज्य सरकारें इस पर कानून भी बना रही हैं। लेकिन <a href="https://navbharatlive.com/videos/waaris-pathan-ucc-statement-amit-shah-uniform-civil-code-constitution-asp28">अमित शाह</a> द्वारा इस पर अचानक प्रेस कांफ्रेंस करना और वह भी एनडीए के सहयोगी दलों को विश्वास में लिए बिना, राजनीति से प्रेरित लगता है। इस समय छात्र आंदोलनों की वजह से पूरे देश में शिक्षा सुधार, रोजगार व महंगाई आदि बहुत बड़ा मुद्दा बन गए हैं। इसलिए अनुमान यह है कि अमित शाह सियासी नैरेटिव बदलने का प्रयास कर रहे हैं, इसलिए उन्होंने यूसीसी को मुद्दा बनाया है।</p><p><strong>लेख-शाहिद ए चौधरी के द्वारा</strong></p>]]></content:encoded></item><item><title>Navbharat Nishanebaaz: विपक्षी दलों में फूट का नजारा, बागियों को बीजेपी का सहारा</title><link>https://navbharatlive.com/special-coverage/toot-phoot-paper-party-politics-political-satire-nishanebaaz-asp28</link><comments>https://navbharatlive.com/special-coverage/toot-phoot-paper-party-politics-political-satire-nishanebaaz-asp28#comments</comments><guid isPermaLink="false">19e2497a-a165-4701-9edd-d28d556836ef</guid><pubDate>Wed, 16 Sep 2026 07:10:48 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-16T07:10:48.555+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अंकिता पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2548001</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Indian Politics,Navbharat Editorial,Navabharat Nishanebaaz</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-16/4gtm7liu/Navabharat-Nishanebaaz-11.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ निशानेबाज]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Political Party Breaking Satire]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-16/4gtm7liu/Navabharat-Nishanebaaz-11.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>नवभारत विशेष</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Political Party Breaking Satire:</strong> पड़ोसी ने हमसे कहा, 'निशानेबाज, हम लगातार आ रही टूट-फूट की खबरों से परेशान हैं। कभी परीक्षाओं के पेपर फूटते है तो कभी कोई अच्छी-भली पार्टी फूट जाती है। विधायक व सांसद फूटकर अलग गुट बनाते या सत्तारुढ़ पार्टी में शामिल हो जाते हैं। विपक्षी नेताओं की किस्मत फूटती चली जा रही है और बीजेपी की तकदीर का सितारा बुलंद होता जा रहा है।'</p><p>हमने कहा, 'टूट-फूट से घबराने की आवश्यकता नहीं है। घरों में शीशे की बोतलें, कप-सॉसर, क्रॉकरी, डिनर सेट हाथ से फिसलते ही टूट जाते हैं। आपने गीत सुना होगा- शीशा हो या दिल हो, आखिर टूट जाता है! खेल में पुराने रिकार्ड टूट जाते हैं। आर्थोपीडिक डॉक्टर रास्ता देखते रहते हैं कि गड्ढे वाली सड़क में किसी के हाथ-पैर की हड्डी टूटे और वह उनके पास इलाज के लिए आए।'</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/india/555-people-got-ganesh-idol-for-rs-5-in-pune-ex-chief-minister-prithviraj-chauhan-called-it-a-unique-initiative-798744.html">5 रुपए में 555 लोगों को मिली गणेश की प्रतिमा, पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चौहान ने बताया इसे अनूठी पहल</a></aside><p>पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, यदि चीजें टूटेंगी नहीं तो नई वस्तुओं का सृजन कैसे होगा? विध्वंस और निर्माण प्रकृति की लीला है। 4 युग बीतने के बाद प्रलय होता है और फिर से ब्रम्हा को नई सृष्टि का निर्माण करना पड़ता है। टूट-फूट या तोड़-फोड़ होती रहनी चाहिए। भगवान राम ने भी तो राजा जनक की सभा में शिव का पुराना धनुष तोड़ा था। रही बात एक पार्टी छोड़ कर दूसरी ज्वाइन करने की, तो ऐसा पहले भी होता रहा है। आम्भी ने पोरस से गद्दारी कर सिकंदर का साथ दिया था। जयचंद ने पृथ्वीराज चौहान को दगा देकर मोहम्मद गोरी से हाथ मिला लिया था। मीर जाफर ने नवाब सिराजुद्दौला से दगाबाजी कर <a href="https://navbharatlive.com/special-coverage/east-india-company-first-rupee-coin-calcutta-1757">ईस्ट इंडिया कंपनी</a> का साथ दिया था। कुछ लोग खुद्दार होते हैं तो कुछ गद्दार ! इनके बगैर इतिहास नहीं बनता।'</p><p>हमने कहा, 'मौकापरस्त या अवसरवादी नेता धन के लोभ या पद के मोह में पड़कर अपनी पार्टी से विश्वासघात करते है। देश में विपक्ष लगातार टूट रहा है। ममता, केजरीवाल और <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/maharashtra-top-10-news-updates-from-disha-salian-politics-to-ganeshotsav-auk01">उद्धव ठाकरे</a> की पार्टियों में पतझड़ आ गया। बगावत करनेवाले बीजेपी की गोद में बैठ रहे हैं। विपक्षी नेताओं का दिल कह रहा है- वफा जिनसे की, बेवफा हो गए, वो वादे मोहब्बत के क्या हो गए !'</p><p><strong>लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी द्वारा</strong></p>]]></content:encoded></item><item><title>16 सितंबर का इतिहास : जब लता मंगेशकर ने एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी को कहा &apos;तपस्विनी&apos;, जानें खास बातें</title><link>https://navbharatlive.com/special-coverage/ms-subbulakshmi-birth-anniversary-life-music-career-bharat-ratna-asp28</link><comments>https://navbharatlive.com/special-coverage/ms-subbulakshmi-birth-anniversary-life-music-career-bharat-ratna-asp28#comments</comments><guid isPermaLink="false">fda0f948-5c12-44d2-a9f2-7fd9d66a093f</guid><pubDate>Wed, 16 Sep 2026 06:54:01 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-16T06:54:01.732+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अंकिता पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2548001</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Birthday Special,Indian History,History Of The Day,Historical Events,Navbharat Editorial,Today In History</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-16/0264u90s/national-space-day-12.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ लता मंगेशकर और एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ MS Subbulakshmi Musical Journey]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-16/0264u90s/national-space-day-12.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>नवभारत विशेष</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>MS Subbulakshmi Musical Journey:</strong> भारत रत्न से सम्मानित एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी को संगीत जगत की अप्रतिम प्रतिभा और अविवादित सुर साम्राज्ञी के तौर पर जाना जाता है। इतिहास में 16 सितंबर की तारीख संगीत की इस महान साधिका के जन्मदिन के तौर पर दर्ज है। तमिलनाडु के मदुरै शहर में 16 सितंबर, 1916 को जन्मी सुब्बुलक्ष्मी ने पांच साल की उम्र में संगीत की शिक्षा ग्रहण करनी शुरू की थी। उन्होंने देश की बहुत सी भाषाओं में गीत गाए। </p><p>यह उनकी कला साधना का ही प्रभाव था कि लता मंगेशकर ने उन्हें 'तपस्विनी' कहा, उस्ताद बड़े गुलाम अली खां ने उन्हें 'सुस्वरलक्ष्मी' का नाम दिया, किशोरी अमोनकर उन्हें 'आठवां सुर' कहती थीं, जो संगीत के सात सुरों से ऊंचा है। उन्हें कला क्षेत्र में योगदान के लिए 1954 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। भारत सरकार ने 1998 में सुब्बुलक्ष्मी को भारत रत्न से अलंकृत करके उनकी कला को शीर्ष नागरिक सम्मान से नवाजा। </p><h3>देश-दुनिया के इतिहास में 16 सितंबर की तारीख पर दर्ज प्रमुख घटनाएं इस प्रकार है:- 	</h3><p>1630 : मैसाच्युसेट्स के इलाके शॉमट का नाम बदलकर बोस्टन किया गया, जो अब अमेरिका का प्रमुख शहर है।  	</p><p>1795 : ब्रिटेन ने दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन पर कब्जा किया।  	</p><p>1821 : मेक्सिको की स्वतंत्रता को मान्यता मिली।  	</p><p>1848 : फ्रांस ने अपने सभी उपनिवेशों में दास प्रथा को समाप्त किया।  	</p><p>1861 : ब्रिटेन के डाकघर ने बचत बैंक खातों की सुविधा शुरू की।  	</p><p>1906 : नार्वे के रोएल्ड एमंडसन ने चुंबकीय दक्षिणी ध्रुव की खोज की।</p><p>1916 : भारत रत्न से सम्मानित शास्त्रीय गायिका एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी का जन्म।  	</p><p>1967 : सोवियत संघ ने पूर्वी कजाख में परमाणु परीक्षण किया।  	</p><p>1978 :  जनरल जिया उल हक पाकिस्तान के राष्ट्रपति निर्वाचित।  	</p><p>1986 : <a href="https://navbharatlive.com/sports/cricket/south-africa-vs-namibia-t20-tri-series-pretorius-century-ssm01">दक्षिण अफ़्रीका</a> की एक सोने की खदान में फंस जाने से 177 लोग मारे गए। </p><aside><a href="https://navbharatlive.com/entertainment/mehboob-khan-struggle-story-3-rupees-to-legendary-filmmaker-suj05">3 रुपये लेकर बॉम्बे पहुंचे थे महबूब खान, घोड़े की नाल ठोकने से शुरू हुआ सफर, बन गए हिंदी सिनेमा के दिग्गज</a></aside><p>2009 : दुनियाभर में भारत को एक उत्कृष्ट पर्यटन स्थल के रूप में पेश करने वाले 'अतुल्य भारत अभियान' को <a href="https://navbharatlive.com/world/who-is-catherine-west-british-pm-keir-starmer-leadership-crisis-explained-1724274.html">ब्रिटिश सरकार</a> ने पुरस्कृत किया।  	</p><p>2020 : विदुषी, लेखिका और कलाविद डॉ. कपिला वात्स्यायन का निधन। 	</p><p>2025: ऑस्कर विजेता अभिनेता, निर्देशक और 'सनडांस' के संस्थापक तथा स्वतंत्र सिनेमा के जनक रॉबर्ट रेडफोर्ड का निधन।</p><p><strong>(एजेंसी इनपुट के साथ)</strong></p>]]></content:encoded></item><item><title>Agra: फर्जी हैसियत प्रमाणपत्र से सरकारी टेंडर का खेल? बड़े फर्जीवाड़े का आरोप, DM और ADM से शिकायत</title><link>https://navbharatlive.com/uttar-pradesh/agra/agra-fake-solvency-certificate-scam-network-behind-government-tender-sns03</link><comments>https://navbharatlive.com/uttar-pradesh/agra/agra-fake-solvency-certificate-scam-network-behind-government-tender-sns03#comments</comments><guid isPermaLink="false">c5fe78a5-be9f-40cb-a9f5-9bd233667e58</guid><pubDate>Tue, 15 Sep 2026 11:04:08 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-15T11:04:08.480+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रदीप कुमार रावत</atom:name><atom:uri>/api/author/2557731</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Uttar Pradesh,Today Hindi News,Agra News,Scam Alert</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-15/ef4yupfx/agra.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ अज्जू चौहान (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, हिंदू महासभा अपने साथियों के साथ)]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Agra Fake Solvency Certificate Scam Network Behind Government Tender Fraud Under Scanner]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-15/ef4yupfx/agra.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>आगरा</category><category>नवभारत विशेष</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Agra Fake Solvency Certificate Scam:</strong> सरकारी निर्माण कार्यों के बड़े-बड़े टेंडर हासिल करने के लिए हैसियत यानी सॉल्वेंसी प्रमाणपत्र के कथित फर्जीवाड़े का मामला आगरा में एक बार फिर चर्चा में है। आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) में कूटरचित दस्तावेज के सहारे सरकारी टेंडर हासिल करने के चर्चित मामले में महिला ठेकेदार सरिता मिश्रा और उनकी फर्म के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश के बाद अब फर्जी हैसियत प्रमाणपत्रों के कथित नेटवर्क को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।</p><h3>भाजपा नेता नागेंद्र दुबे गामा की शिकायत के बाद सामने आया मामला</h3><p>एडीए के मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता नागेंद्र दुबे गामा की शिकायत के बाद प्रकरण सामने आया था। गामा ने प्राधिकरण में साक्ष्यों के साथ शिकायत करते हुए आरोप लगाया था कि निर्माण कार्यों के टेंडर हासिल करने के उद्देश्य से डीएम कार्यालय के नाम से तैयार फर्जी हैसियत प्रमाणपत्र का इस्तेमाल किया गया। प्रारंभिक जांच में गड़बड़ी सामने आने के बाद एडीए के मुख्य अभियंता संजय कुमार ने संबंधित फर्म को तीन साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया था। </p><figure><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="hi" dir="ltr">35 लाख की सॉल्वेंसी को 60 लाख दिखाने का आरोप, आगरा में फर्जी हैसियत प्रमाणपत्र के नेटवर्क की शिकायत, सरकारी ठेकों पर ‘फर्जी हैसियत’ का साया! एडीए के चर्चित मामले के बाद उठे बड़े सवाल.<a href="https://x.com/hashtag/upnews?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#upnews</a> <a href="https://x.com/hashtag/agra?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#agra</a> <a href="https://t.co/bbBg4J46jk">pic.twitter.com/bbBg4J46jk</a></p>&mdash; NavBharat Live (@TheNavbharatliv) <a href="https://x.com/TheNavbharatliv/status/2099736530910949649?ref_src=twsrc%5Etfw">September 15, 2026</a></blockquote>
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</figure><aside><a href="https://navbharatlive.com/india/shri-ram-janmabhoomi-trust-clarifies-ceo-selection-jitendra-mishra-appeared-for-the-interview-on-august-11-nkr24">सीईओ के चयन पर श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट की सफाई, 11 अगस्त को इंटरव्यू में शामिल हुए थे जितेंद्र मिश्र</a></aside><p>हालांकि, शिकायतकर्ता ने इसे पर्याप्त कार्रवाई नहीं मानते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की। इसके बाद एडीए उपाध्यक्ष एम. अरुन्मोली ने महिला ठेकेदार और उनकी फर्म के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने तथा सरकारी तंत्र को गुमराह करने के आरोपों में प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश दिए। साथ ही फर्म द्वारा पूर्व में हासिल किए गए टेंडरों की भी जांच के निर्देश दिए गए हैं।</p><h3>हैसियत प्रमाणपत्र से जुड़ा एक और मामला आया</h3><p>इसी बीच नवभारत टीम के सामने हैसियत प्रमाणपत्र से जुड़ा एक और मामला आया है। आरोप है कि करीब 35 लाख रुपये की सॉल्वेंसी को कथित तौर पर हेरफेर कर 55 से 60 लाख रुपये के आसपास दर्शाया गया। इस मामले में शुक्रवार को जिलाधिकारी मनीष बंसल से शिकायत की गई, जबकि सोमवार को अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के समक्ष भी प्रकरण रखा गया और जांच कर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।</p><p><a href="https://navbharatlive.com/uttar-pradesh/agra/agra-temple-vandalism-hindu-mahasabha-demands-strict-action-idol-damage-sns03">हिंदू महासभा</a> के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अज्जू चौहान ने आरोप लगाया कि आगरा में फर्जी अथवा बढ़ा-चढ़ाकर हैसियत प्रमाणपत्र तैयार कराने वाला एक व्यापक नेटवर्क सक्रिय है। उनके मुताबिक यह केवल एक-दो लोगों तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि इसमें कई लोगों की भूमिका होने की आशंका है। आरोप है कि ऐसे प्रमाणपत्रों के आधार पर सरकारी विभागों में बड़े निर्माण कार्यों के टेंडर हासिल किए जाते हैं।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/uttar-pradesh/mathura/kosi-kalan-jeweller-house-theft-gold-cash-stolen-mathura-police-investigation-sns03">Mathura: ज्वैलर्स के घर करोड़ों की चोरी से मचा हड़कंप, 10 किलो सोना और 15 लाख कैश ले उड़ा चोर, देखें वीडियो</a></aside><p>अज्जू चौहान का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति की वास्तविक वित्तीय क्षमता कम है और दस्तावेजों में उसे बढ़ाकर प्रस्तुत किया जाता है, तो इससे उन ठेकेदारों के हित प्रभावित होते हैं जो वास्तविक हैसियत और वैध दस्तावेजों के साथ निविदा प्रक्रिया में शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यह पता लगाया जाना चाहिए कि ऐसे प्रमाणपत्र तैयार कराने, सत्यापित कराने और उनका इस्तेमाल करने में कौन-कौन लोग शामिल हैं।</p><h3>नवभारत टीम को भी उपलब्ध कराए गए मामले से जुड़े दस्तावेज</h3><p>उन्होंने दावा किया कि इस पूरे मामले से जुड़े दस्तावेज <a href="https://navbharatlive.com/uttar-pradesh/agra/agra-farmer-leader-shyam-singh-chahar-cooperative-probe-action-recommended-amm02">नवभारत टीम</a> को भी उपलब्ध कराए गए हैं। उनका कहना है कि वह इस कथित नेटवर्क के खिलाफ आगे भी आवाज उठाएंगे और जरूरत पड़ी तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।</p><p>अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या हैसियत प्रमाणपत्र में कथित हेरफेर केवल अलग-अलग मामलों तक सीमित है या इसके पीछे वास्तव में कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा है? क्या ऐसे प्रमाणपत्रों के आधार पर पहले भी सरकारी विभागों से बड़े टेंडर हासिल किए गए हैं? और यदि ऐसा हुआ है तो उन पुराने टेंडरों की जांच कब होगी?</p><p>एडीए के मामले में प्राथमिकी और पुराने टेंडरों की जांच के आदेश के बाद प्रशासन के सामने अब चुनौती और बड़ी हो गई है। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो यह सिर्फ एक ठेकेदार या एक प्रमाणपत्र का मामला नहीं रहेगा, बल्कि सरकारी टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े होंगे। अब निगाह आगरा प्रशासन की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>नवभारत संपादकीय: गणपति बप्पा से बारिश की आस, महाराष्ट्र में सूखती फसलों ने बढ़ाई किसानों की चिंता</title><link>https://navbharatlive.com/special-coverage/ganeshotsav-maharashtra-low-rainfall-farmers-crop-loss-water-storage-asp28</link><comments>https://navbharatlive.com/special-coverage/ganeshotsav-maharashtra-low-rainfall-farmers-crop-loss-water-storage-asp28#comments</comments><guid isPermaLink="false">09a924f8-26d2-4709-b66e-1b662faa6814</guid><pubDate>Tue, 15 Sep 2026 07:38:47 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-15T07:38:47.652+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अंकिता पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2548001</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Maharashtra News,Water Crisis,Navbharat Editorial</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-15/442yhe5u/vande-mataram-political-controversy-12.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ गणेशोत्सव के बीच महाराष्ट्र में बारिश संकट]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Maharashtra Rain Crop Damage]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-15/442yhe5u/vande-mataram-political-controversy-12.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>नवभारत विशेष</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Maharashtra Rain Crop Damage:</strong> महाराष्ट्र सहित राष्ट्र के सामने व्याप्त विषम परिस्थितियों में गणेशोत्सव की पावन बेला में सभी की प्रार्थना है कि हे विघ्नहर्ता समस्त संकट दूर करो और प्रतिकूलता को अनुकूलता में बदलकर हमारे इस राष्ट्र पर रिद्धी-सिद्धी सहित कृपा बनाए रखो। महाराष्ट्र में वर्षा कम हुई। विदर्भ, मराठवाड़ा व मध्य महाराष्ट्र के अनेक जिलों को वर्षा की प्रतीक्षा है। शुरू में बारिश आकर फिर लंबे समय तक गायब हो गई। इससे कहीं-कहीं दोबारा फसल बोनी पड़ी।</p><p>सोयाबीन, कपास, मूंग, उड़द की खरीफ फसलें सूखने लगीं। कुछ स्थानों पर तो किसानों ने निराश होकर खड़ी फसल पर ट्रैक्टर चला दिया क्योंकि पौधों में दाना ही नहीं भरा था। वर्षा न होने से मध्यम व क्योंकि पौधों में दाना ही नहीं भरा था। वर्षा न होने से मध्यम व लघु जलाशयों में जलसंग्रह में वृद्धि नहीं हो पाई। इसलिए रबी मौसम में सिंचाई की दिक्कत जा सकती है।</p><h3>कम बारिश से जल संकट की आहट</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/india/tamil-nadu-water-crisis-heatwave-alert-in-8-districts-drying-reservoirs-1890742.html">पेयजल संकट</a> भी उत्पन्न हो सकता है। मानसून भरोसेमंद नहीं रहा। इसलिए पानी बचाने और जमीन में पुनर्भरण पर ध्यान देना होगा। ऐसी सिंचाई प्रणाली को अपनाना होगा जिससे जल की बचत हो। समूचे देश में 15 प्रतिशत और महाराष्ट्र में 17 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इसे जल संकट की पूर्व सूचना माना जा सकता है। </p><p>खेतों में दरारें पड़ गई हैं। ऐसी स्थिति में फसलों के नुकसान का तत्काल सही पंचनामा होना चाहिए। किसानों को फसल बीमा की रकम देना, कर्जवसूली रोकना, पशुचारे की छावनी शुरू करना, पेयजल का नियोजन करना जैसे कदम उठाकर सरकार किसानों को राहत दे सकती है। महाराष्ट्र के शहरी क्षेत्रों में भी चुनौतियां कायम हैं। </p><aside><a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/thane/coastal-road-one-project-thane-forty-percent-completed-rgs12">Thane Coastal Road1 Project : 14 महीनों में 40% काम पूरा, घोड़बंदर रोड पर ट्रैफिक जाम से मिलेगी बड़ी राहत
</a></aside><p>सुरसा के मुख के समान महंगाई बढ़ती चली जा रही है। इससे सामान्य जनों का जीवन दूभर हो गया है। बेरोजगारी से युवा वर्ग परेशान गया है। बेरोजगारी से युवा वर्ग परेशान है। यातायात व ट्रैफिक जाम की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। सड़कों पर जानलेवा गड्ढे हो गए हैं। सड़क हादसों में वृद्धि हुई है। <a href="https://navbharatlive.com/uttar-pradesh/kanpur/kanpur-police-launches-operation-alert-to-women-safety-public-transport-sns03">महिला सुरक्षा</a> का प्रश्न गंभीर है। जरा-सी उत्तेजना में हत्याएं होने लगी हैं। समाज आखिर किस दिशा में जा रहा है? महाराष्ट्र में गणपति पूजन का विशेष महत्व है लेकिन श्रद्धा की बजाय शोरगुल और दिखावा बढ़ता चला जा रहा हैं। </p><p>डीजे की तेज ध्वनि, सड़कों का आवागमन रोककर देर तक नाचना क्या यही भक्ति है? डीजे के हाई डेसिबल से वृद्धों, बीमारों, बच्चों व विद्यार्थियों को तकलीफ होती है। इसलिए उत्सव उत्साह और उमंग से मनाया जाए लेकिन सभी की सुविधा का ध्यान भी रखना आवश्यक है। बुद्धि विधाता गणेश सभी को सुबुद्धि दें और सर्वत्र मंगलमय सुखद वातावरण बने, यही कामना है।</p><p><strong>लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी द्वारा</strong></p>]]></content:encoded></item><item><title>नवभारत विशेष: BRICS घोषणापत्र पर बनी सहमति, 45 पन्नों में आतंकवाद से टैरिफ तक का जिक्र</title><link>https://navbharatlive.com/special-coverage/brics-summit-2026-delhi-declaration-45-pages-140-points-india-diplomacy-asp28</link><comments>https://navbharatlive.com/special-coverage/brics-summit-2026-delhi-declaration-45-pages-140-points-india-diplomacy-asp28#comments</comments><guid isPermaLink="false">35352f72-e7c1-4a2f-9499-d3a05dac8062</guid><pubDate>Tue, 15 Sep 2026 07:23:28 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-15T07:23:28.570+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अंकिता पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2548001</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>New Delhi,Navbharat Editorial,BRICS Summit</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-15/720cn9je/ISRO-Talent-Brain-Drain-1.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में PM मोदी]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ BRICS 140 Point Declaration]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-15/720cn9je/ISRO-Talent-Brain-Drain-1.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>नवभारत विशेष</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>BRICS 140 Point Declaration:</strong> दिल्ली में 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन शुरू होने से पहले सबसे बड़ा सवाल यही था कि नेता किसी साझा घोषणापत्र पर सहमत हो पाएंगे? इसी साल मई में दिल्ली में हुई ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक बिना संयुक्त घोषणापत्र के समाप्त हुई थी। </p><p>पश्चिम एशिया के संकट, विशेषकर ईरान और संयुक्त अरब अमीरात के बीच तीखे मतभेदों ने यह संकेत दे दिया था कि विस्तारित ब्रिक्स में सहमति-निर्माण कहीं अधिक कठिन हो चुकी है। ऐसे वातावरण में 12 सितंबर को दिल्ली में डिक्लेरेशन पर सर्वसम्मति बन जाना भारत की मेजबानी और उसकी सक्रिय, संतुलित एवं व्यावहारिक कूटनीति की महत्वपूर्ण सफलता है। </p><p>45 पन्नों और 140 बिंदुओं वाले इस घोषणापत्र में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के साथ-साथ टेरर फंड, फिलिस्तीन, गाजा, टैरिफ और लेबनान का जिक्र किया गया है। साथ ही मध्य-पूर्व के शांतिपूर्ण हल की अपील की गई है। ब्रिक्स घोषणा पत्र में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और अमेरिकी टैरिफ का नाम तो नहीं लिया गया है, लेकिन साफ तौर पर कहा गया है कि कई देशों को 'अन्यायपूर्ण और एकतरफा संरक्षणवादी कदमों' से नुकसान हो रहा है।</p><h3>BRICS में भारत की कूटनीति</h3><p>यह इशारा डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारत, चीन समेत दुनिया के कई देशों पर लगाए गए टैरिफ की ओर ही था। ब्रिक्स अब पहले वाला छोटा समूह नहीं है। इसका विस्तार हुआ है और इसमें अलग-अलग राजनीतिक व्यवस्थाओं, सुरक्षा चिंताओं, आर्थिक हितों और विदेश नीति के दृष्टिकोण वाले देश शामिल हैं। अकेले घोषणापत्र जारी कर देना असाधारण उपलब्धि नहीं होती। यह असाधारण तब बनती है, जब ऐसा दस्तावेज ऐसे समूह में तैयार हो, जिसके सदस्य एक-दूसरे के रणनीतिक प्रतिद्वंद्वी भी हों। </p><p>भारत ने इस चुनौती को मुद्दा आधारित सहमति और आम सहमति आधारित कूटनीति के माध्यम से संभाला। भारत एक साथ अनेक शक्ति केंद्रों के साथ संबंध बनाए रखते हुए अपने राष्ट्रीय हितों की स्वतंत्रता सुरक्षित रखता है। <a href="https://navbharatlive.com/india/brics-summit-2026-live-day-2-bharat-mandapam-pm-narendra-modi-putin-xi-jinping-meeting-pjs00">दिल्ली शिखर सम्मेलन</a> में चीन, रूस, ईरान, यूएई और अन्य देशों की उपस्थिति के बीच संवाद का वातावरण बनना इसी का प्रमाण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकासशील देशों को केवल वैश्विक व्यवस्था के 'नियम मानने वाले' नहीं बल्कि 'नियम बनाने वाले' बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।</p><h3>BRICS में पश्चिम एशिया से स्थानीय मुद्रा तक सहमति</h3><p>यह महज भाषण का राजनीतिक मुहावरा नहीं है, यह वैश्विक शासन में प्रतिनिधित्व के मौजूदा असंतुलन को चुनौती देने वाली कूटनीतिक अवधारणा है। भारत ने ब्रिक्स को पश्चिम-विरोधी मंच बनाने के बजाय वैश्विक दक्षिण की रणनीतिक एजेंसी के मंच के रूप में स्थापित करने की कोशिश की है। यही अंतर भारत की अध्यक्षता को चीन या रूस की संभावित दृष्टि से अलग करता है। </p><p>दिल्ली की कूटनीतिक परीक्षा सबसे अधिक पश्चिम एशिया के मुद्दे पर हुई। ईरान और यूएई दोनों की मौजूदगी में ऐसा शब्द-संतुलन तैयार करना आसान नहीं था, जिसे सभी स्वीकार कर सकें। घोषणापत्र में हिंसा पर चिंता, अधिकतम संयम और संवाद तथा कूटनीति के माध्यम से विवादों के समाधान पर जोर दिया गया।</p><p>घोषणा ने ब्रिक्स की आर्थिक भूमिका को भी अधिक व्यावहारिक दिशा देने की कोशिश की है। स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और निवेश, सीमा-पार भुगतान व्यवस्था, न्यू डेवलपमेंट बैंक के माध्यम से स्थानीय मुद्रा वित्तपोषण और प्रस्तावित निवेश मंच जैसे मुद्दे इसमें शामिल हैं। हालांकि साझा <a href="https://navbharatlive.com/india/brics-summit-2026-live-day-2-bharat-mandapam-pm-narendra-modi-putin-xi-jinping-meeting-pjs00">ब्रिक्स मुद्रा</a> का कोई तात्कालिक निर्णय नहीं हुआ, लेकिन स्थानीय मुद्राओं में लेन-देन और भुगतान प्रणालियों के बीच सहयोग की दिशा में आगे बढ़ना अधिक व्यावहारिक कदम है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/delhi/दिल्ली-में-सप्ताहांत-कर्-486386.html">दिल्ली में सप्ताहांत कर्फ्यू आरंभ, अगले 55 घंटे तक गैर-आवश्यक गतिविधियों पर रहेगी रोक</a></aside><h3>भारत की बड़ी उपलब्धि</h3><p>ब्रिक्स में चीन और भारत की रणनीतिक प्रतिस्पर्धा है। रूस और पश्चिम के बीच गहरी खाई है। ईरान और उसके विरोधी देशों के अपने क्षेत्रीय समीकरण हैं। आर्थिक हित भी हमेशा समान नहीं है। इसलिए सर्वसम्मति बनाए रखना भविष्य में और कठिन होगा। भारत की अगली चुनौती होगी कि दिल्ली की सहमति को बहुपक्षवाद में बदला जाए।</p><p><strong>लेख-लोकमित्र गौतम के द्वारा</strong></p>]]></content:encoded></item><item><title>Navbharat Nishanebaaz: बेमतलब की अकड़ और गुस्सा, ऐसा होता है नाराज फूफा</title><link>https://navbharatlive.com/special-coverage/naraz-foofa-modi-opposition-nishanebaaz-political-satire-asp28</link><comments>https://navbharatlive.com/special-coverage/naraz-foofa-modi-opposition-nishanebaaz-political-satire-asp28#comments</comments><guid isPermaLink="false">5aa0a51b-aaea-4ad3-92e2-6ebaf99132e2</guid><pubDate>Tue, 15 Sep 2026 07:04:08 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-15T07:04:08.932+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अंकिता पटेल</atom:name><atom:uri>/api/author/2548001</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Navbharat Editorial,Navabharat Nishanebaaz</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-15/lc26c2wb/Navabharat-Nishanebaaz-10.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ निशानेबाज]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ PM Modi Naraz Fufa Remark]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-15/lc26c2wb/Navabharat-Nishanebaaz-10.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>नवभारत विशेष</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>PM Modi Naraz Fufa Remark:</strong> पड़ोसी ने हमसे कहा, 'निशानेबाज, प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले दिनों विपक्ष को 'नाराज फूफा' कहा। इसका मतलब क्या होता है? हमें समझाइए कि फूफा कौन होता है और नाराज किसलिए होता है? क्या वह खुश या प्रसन्न नहीं रह सकता ?' </p><p>हमने कहा, 'फूफा का मतलब होता है पिता का जीजा या उनकी बहन का पति। हिंदी भाषी प्रदेशों में दामाद का बहुत मान-पान होता है। इस वजह से वह ससुराल में जरा-सी कसर रह जाने पर मुंह फुला लेता है। वह चाहता है कि उसे वीआईपी मानकर सब उसकी खुशामद करें। ससुराल में सालेसाहब के बच्चे उसे फूफा जी कहते हैं। फूफा अर्थात बुआ का पति ! वह सोचता है कि ससुराल में भी उसका पावर चलेगा और वहां के महत्वपूर्ण फैसले उसकी राय से लिए जाएंगे। अकड़ना, रूठ जाना और बात-बात में गुस्सा हो जाना उसका स्वभाव होता है। उसे टाइम पर चाय, नाश्ता, <a href="https://navbharatlive.com/utility-news/irctc-e-pantry-train-food-order-online-how-to-book-meal-1652810.html">मनपसंद पकवान</a>, आराम करने के लिए उचित व्यवस्था चाहिए, वह चाहता है कि लोग उसके सामने हाथ बांधे खड़े रहें।'</p><p>पड़ोसी ने कहा, 'उस नखरेबाज फूफा का अवमूल्यन कब होता है? उसकी अक्ल कब ठिकाने आती है?' </p><p>हमने कहा, 'समय के साथ फूफा पुराना और बुजुर्ग हो जाता है। ससुराल में नए दामादों की खातिरदारी होने लगती है। सालेसाहब की बेटे-बेटियों की शादी होती है, उस समय बारात के दौरान जब फूफा को भाव नहीं दिया जाता या उनकी उपेक्षा होती है तो वह नाराज हो जाते हैं। वह कितना भी नाराज हो जाएं या रूठें उनको कोई नहीं मनाता। वह अपने घर वापस जाने की धमकी देते हैं तो भी कोई नहीं सुनता। </p><aside><a href="https://navbharatlive.com/special-coverage/trump-5000-dollar-dividend-midterm-elections-republican-party-asp28">नवभारत संपादकीय: हर अमेरिकी को 5,000 डॉलर देने का वादा, ट्रंप के ऐलान पर मचा सियासी घमासान</a></aside><p>नया दामाद <a href="https://navbharatlive.com/special-coverage/trump-5000-dollar-dividend-midterm-elections-republican-party-asp28">डॉलर</a> बन जाता है और घर का पुराना दामाद अर्थात फूफा की हालत रुपये जैसी कमजोर हो जाती है। वह नाराज फूफा बनकर अपना रुद्रावतार दिखाने की कोशिश करता है। सारे आयोजन से खुद को दूर कर लेता है लेकिन किसी को फुरसत नहीं कि उससे पूछे कि फूफा आप खफा क्यों हैं? आखिर नाराज फूफा की सारी अकड़ निकल जाती है।'</p><p><strong>लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी द्वारा</strong></p>]]></content:encoded></item></channel></rss>