

TMC Symbol Controversy: सुप्रीम कोर्ट तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न पर ECI की रोक के खिलाफ ममता बनर्जी की याचिका पर सुनवाई करने को तैयार हो गया है। कोर्ट ने सोमवार को कहा कि वह पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की उस याचिका को सुनवाई के लिए लिस्ट करेगा, जिसमें उन्होंने भारत के चुनाव आयोग के उस अंतरिम फैसले को चुनौती दी है जिसके तहत ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) के नाम और उसके आरक्षित चुनाव चिह्न 'फूल और घास' को फ्रीज कर दिया गया था।
ममता बनर्जी के वकील, सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने कोर्ट के सामने यह मामला उठाया। उन्होंने बताया कि ECI के सामने कार्यवाही जून में शुरू हुई थी और जुलाई में TMC के बनर्जी गुट ने जवाब भी दाखिल कर दिया था, लेकिन नंदीग्राम और रेजीनगर में उपचुनाव के लिए नोटिफिकेशन जारी होने के बाद चुनाव चिह्न को फ्रीज कर दिया गया। उन्होंने याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग की। सिब्बल ने कहा कि हम ममता बनर्जी की ओर से सिंबल फ्रीज़ करने की इस पूरी प्रक्रिया के खिलाफ बात कर रहे हैं। बहुत अजीब चीजें हुई हैं।
वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि कार्यवाही जून में शुरू हुई, हमने जुलाई में जवाब दाखिल किया, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया। फिर उन्होंने नोटिफिकेशन जारी किया और नोटिफिकेशन के बीच में ही सिंबल फ्रीज कर दिया। यह क्या हो रहा है? हमें समझ नहीं आ रहा कि ऐसा कैसे हुआ। इसीलिए मैं चाहता हूं कि इस पर तुरंत सुनवाई हो। हम इस सब पर रोक चाहते हैं। ऐसा कैसे हो सकता है?
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने सिब्बल से कहा कि वे अभी इस मामले पर बहस न करें क्योंकि दूसरी तरफ से भी दलीलें दी जाएंगी। मुख्य न्यायधीश ने बहस न करने की बात कही। क्योंकि चुनाव आयोग के पक्ष को भी समझना चाहती थी। जिसके बाद कोर्ट ने लिस्ट करने की बात कही। हालांकि, याचिका में कपील सिबल ने चुनाव आयोग पर नए-नए कारनामे करने का आरोप लगाया है।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब बनर्जी और पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता रिताब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले विरोधी गुटों ने तृणमूल कांग्रेस के नाम, सिंबल और संगठनात्मक नियंत्रण पर अपना दावा पेश किया। चुनाव आयोग ने 17 सितंबर को अपना अंतरिम आदेश पारित करने से पहले दोनों समूहों के प्रतिनिधियों की बात सुनी। चुनाव आयोग की अंतरिम व्यवस्था दोनों गुटों को आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा उपचुनावों के लिए नए सिंबल दिए।