उत्तर भारत की ओर खिसक रहा है मानसून: एमजीएम मौसम केंद्र के अनुसार, विदर्भ-मराठवाड़ा में भारी बारिश के आसार कम

Marathwada Yellow Alert: मराठवाड़ा में मानसून सक्रिय है, लेकिन छत्रपति संभाजीनगर में अब भी झमाझम बारिश का इंतजार है। मौसम विभाग ने हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ यलो अलर्ट जारी किया है।
Monsoon shifting towards North India: According to the MGM Weather Centre, chances of heavy rain in Vidarbha-Marathwada are low.
मराठवाड़ा मानसून,(प्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स: AI)
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Chhatrapati Sambhajinagar Weather Forecast: मराठवाड़ा में मानसून सक्रिय रहने के बावजूद छत्रपति संभाजीनगर जिले को अब तक अच्छी बारिश का इंतजार है। पिछले एक सप्ताह से रुक-रुककर हो रही हल्की बारिश से मौसम जरूर सुहावना हुआ है और तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन खेती के लिए आवश्यक मूसलाधार वर्षा अभी तक नहीं हुई है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले तीन से चार दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है, हालांकि जिले में भारी वर्षा की संभावना फिलहाल बेहद कम है। भारतीय मौसम विभाग ने मराठवाड़ा के कई जिलों के लिए गरज चमक और तेज हवाओं के साथ वर्षा का यलो अलर्ट जारी किया है।

संभाजीनगर में फिलहाल भारी बारिश के आसार कम

बुधवार को छत्रपति संभाजीनगर और जालना जिलों में कहीं-कहीं तेज हवा के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। हालांकि यह बारिश व्यापक और लगातार होने के बजाय हल्की से मध्यम तीव्रता की रहने का अनुमान है।

एमजीएम मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक श्रीनिवास औंधकर के अनुसार, पूर्व मध्य भारत में बने कम दबाव के क्षेत्र का असर अभी विदर्भ और मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों तक सीमित है। इसके कारण अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, लेकिन वर्षा का मुख्य क्षेत्र अब धीरे-धीरे उत्तर भारत की ओर खिसक रहा है। इसी वजह से छत्रपति संभाजीनगर में फिलहाल मूसलाधार बारिश की संभावना कम दिखाई दे रही है।

अच्छी बारिश की उम्मीद लगाए बैठे हैं किसान

चिकलथाना वेधशाला के आंकड़ों के अनुसार, 27 जुलाई को शहर में 6.2 मिलीमीटर तथा 28 जुलाई को केवल 0.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। लगातार हो रही बूंदाबांदी से वातावरण में नमी बनी हुई है, लेकिन खेतों में पर्याप्त जलभराव नहीं हो पाया है।

ऐसे में किसान अच्छी बारिश की उम्मीद लगाए बैठे हैं ताकि खरीफ फसलों को पर्याप्त पानी मिल सके। मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति में खुले स्थानों पर न रहें, पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें तथा प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें। कृषि विशेषज्ञों ने भी किसानों को मौसम की ताजा जानकारी के आधार पर ही खेतों में कार्य करने की सलाह दी है।

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