

MEA On Invitation To Bangladesh For BRICS: ब्रिक्स में बांग्लादेश को निमंत्रण भेजने पर विदेश मंत्रालय की ओर से स्पष्टीकरण दिया गया है। प्रधानमंत्री तारिक रहमान को निमंत्रण भेजने के संबंध में विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि भारत ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को दो अलग-अलग निमंत्रण भेजे थे. एक द्विपक्षीय यात्रा के लिए और दूसरा BIMSTEC के अध्यक्ष के तौर पर BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में मीडिया ब्रीफिंग के दौरान यह बात कही।
मंगलवार को, बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने कहा कि प्रस्तावित यात्रा तब होगी जब दोनों पक्ष आपसी सहमति से किसी समय-सीमा पर सहमत होंगे। उन्होंने दोनों देशों के बीच संबंधों को "कामकाजी संबंध" और "प्रगतिशील संबंध" बताया और कहा कि दोनों पक्ष द्विपक्षीय संबंधों को फिर से बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। कबीर ने BIMSTEC के मौजूदा अध्यक्ष के तौर पर बांग्लादेश की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ढाका 2027 में BIMSTEC शिखर सम्मेलन की मेजबानी करना चाहता है।
भारत-बांग्लादेश के साथ रिश्तों को लेकर हाल के महीनों में कई संवेदनशील बाते सामने आई है। इनमें सबसे प्रमुख पूर्व पीएम शेख हसीना का भारत में रहना और उनके प्रत्यर्पण की बांग्लादेश की मांग है। शेख हसीना अगस्त 2024 में बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर हुए विरोध-प्रदर्शनों के बाद भारत आ गई थीं और तब से भारत में रह रही हैं। बांग्लादेश सरकार लगातार उनके प्रत्यर्पण की मांग कर रही है।
तनाव की स्थिति के बीच भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने 10 अगस्त को प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात की थी। यह मुलाकात करीब आधे घंटे चली तथा इससे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध और साझेदारी पर चर्चा हुई थी। इस मुलाकात के बीच लोगों को उम्मीद थी कि बांग्लादेश-भारत के बीच सबकुछ ठीक हो रहा है। और पीएम तारिक रहमान ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत आ सकते हैं।
ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय मीटिंग के दौरान क्या सहमति बनी इस पर विदेश मंत्रालय ने बयान दिया है। दोनों पक्ष भारत-चीन संबंधों के प्रति आपसी सम्मान और संवेदनशीलता पर सहमत हुए। विदेश के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी।