

Marco Rubio UNGA Statement Update: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने स्पष्ट किया है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान अमेरिका ईरान के साथ सार्थक बैठक के लिए तैयार है। एनबीसी न्यूज के कार्यक्रम टुडे शो में दिए इंटरव्यू में रूबियो ने कहा कि अगर सकारात्मक नतीजे निकलने की उम्मीद हो तो अमेरिका वार्ता से पीछे नहीं हटेगा।
हालांकि उन्होंने साफ किया कि अमेरिका का मुख्य लक्ष्य यही है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल न कर सके, क्योंकि वह एक कट्टरपंथी धार्मिक शासन है। उधर ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और विदेश मंत्री अब्बास अराघची मंगलवार को न्यूयॉर्क पहुंचे हैं, जहां कूटनीति को पुनर्जीवित करने के प्रयास जारी हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने NBC न्यूज के कार्यक्रम टुडे शो में दिए इंटरव्यू में अमेरिका का आधिकारिक रुख सामने रखा। उन्होंने कहा कि हालांकि अभी दोनों देशों के बीच बैठक तय नहीं हुई है, लेकिन अमेरिका सार्थक बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है।
रूबियो के अनुसार अगर वार्ता से कोई सकारात्मक नतीजा निकलने की उम्मीद हो, तो अमेरिका ऐसे कूटनीतिक अवसर का स्वागत करेगा। शो के दौरान एंकर ने रूबियो से ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के साथ संभावित मुलाकात को लेकर सीधा सवाल पूछा था।
इस पर मार्को रूबियो ने कहा कि अमेरिका पिछले सात महीनों से अपनी मुख्य शर्त पर पूरी तरह अडिग और कायम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं हो सकते और अमेरिका उन्हें ऐसा करने की अनुमति नहीं दे सकता।
मार्को रूबियो ने इंटरव्यू के दौरान तेहरान के शासन की आलोचना करते हुए उसे एक कट्टरपंथी धार्मिक शासन करार दिया। उन्होंने कहा कि ईरानी शासन का अपने ही नागरिकों के साथ व्यवहार ठीक नहीं रहता है, जो गंभीर चिंता का विषय है।
इसके अलावा उन्होंने मध्य पूर्व में ईरान समर्थित प्रॉक्सी समूह हूती की गतिविधियों पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। रूबियो ने कहा कि आप ईरान के प्रॉक्सी हूती समूह को देख सकते हैं कि उन्होंने क्षेत्र में कितनी तबाही मचाई है। अमेरिकी विदेश मंत्री ने तर्क दिया कि ऐसे हिंसक समूहों को बढ़ावा देने वाले शासन के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए।
दूसरी ओर संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के लिए ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन मंगलवार को न्यूयॉर्क पहुंचे हैं। ईरानी राष्ट्रपति के साथ उनके विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी संयुक्त राष्ट्र सत्र में भाग लेने के लिए न्यूयॉर्क आए हैं। रॉयटर्स समाचार एजेंसी के अनुसार मंगलवार को एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कूटनीतिक पहल को लेकर बड़ा बयान दिया।
ईरानी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि अगर अमेरिका सैन्य दबाव कम करता है तो ईरान सकारात्मक कदम उठाएगा। अधिकारी के अनुसार अगर अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी हटाता है, तो ईरान सात दिनों में बड़ा कदम उठाएगा।
ईरान ने पेशकश की है कि अमेरिकी कदम के बाद वह सात दिनों के भीतर होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोल देगा। ईरानी अधिकारी ने कहा कि यूएनजीए में मौजूद ईरानी प्रतिनिधिमंडल के पास अमेरिका से कूटनीति पुनर्जीवित करने का पूरा अधिकार है।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्ग है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति गुजरती है। ईरानी प्रतिनिधिमंडल को अमेरिका के साथ बातचीत का पूर्ण अधिकार मिलने से कूटनीतिक समाधान की उम्मीदें बढ़ी हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा का यह सत्र अमेरिका और ईरान के बीच सात महीनों से जारी गतिरोध को खत्म करने का जरिया बन सकता है।