दक्षिणी Lebanon में यूएन के फ्रांसीसी शांति सैनिकों पर घातक और जानलेवा हमला, भारत ने की कड़ी निंदा

Fatal Lebanon Attack: दक्षिणी Lebanon में यूएन शांति सैनिकों पर घातक हमला हुआ जिसमें एक फ्रांसीसी सैनिक मारा गया और 3 घायल हुए। भारत ने इस घटना की निंदा करते हुए तुरंत निष्पक्ष जांच की मांग की है।
India Strongly Condemns The Fatal Attack On UN Peacekeepers In Lebanon Where One French Soldier Died
यूएन शांति सैनिकों पर हमला (सोर्स-सोशल मीडिया)
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UN Peacekeepers In Lebanon: दक्षिणी Lebanon में हाल ही में शांति और सुरक्षा बनाए रखने वाले लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षक पर एक बहुत ही घातक और जानलेवा हमला किया गया है। भारत ने इस पूरी हिंसक और दुखद घटना की कड़ी निंदा करते हुए Lebanon सरकार से दोषियों को सजा दिलाने की सख्त मांग की है।

इस चौंकाने वाले हमले में फ्रांसीसी सेना के एक बहादुर जवान की मौत हो गई और तीन अन्य सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस हिंसक घटना के बाद संयुक्त राष्ट्र और भारत ने अपनी गहरी चिंता जताते हुए शांति सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।

हमले का दुखद विवरण

लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (यूनिफिल) के तहत अपनी अहम ड्यूटी निभा रहे फ्रांसीसी शांति सैनिकों पर यह अप्रत्याशित हमला हुआ है। इस भयानक हमले के दौरान एक फ्रांसीसी सैनिक की जान चली गई, जबकि तीन अन्य शांति सैनिक गंभीर रूप से घायल होकर भर्ती हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस पूरी दुखद घटना की आधिकारिक तौर पर पुष्टि करते हुए शहीद हुए इस सैनिक को श्रद्धांजलि दी है।

भारत की कड़ी प्रतिक्रिया

भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस संवेदनशील मुद्दे पर एक विस्तृत बयान जारी करके शहीद ‘ब्लू हेलमेट’ सैनिक के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है। भारत सरकार ने इस गंभीर मामले में लेबनान सरकार से अपील की है कि वह इस हिंसक हमले की तुरंत और बिल्कुल निष्पक्ष जांच करवाए। इसके साथ ही नई दिल्ली ने सभी अपराधियों को जल्द से जल्द न्याय के कटघरे में लाकर उनकी पूरी जवाबदेही सुनिश्चित करने की भी मांग की है।

संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव और सुरक्षा

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति सैनिकों की सुरक्षा के लिए भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2589 को पारित कराने में बड़ी भूमिका निभाई है। भारत ने अपने कड़े बयान में संयुक्त राष्ट्र परिसरों और वहां काम करने वाले सभी सैन्य कर्मियों की सुरक्षा व पवित्रता बनाए रखने पर खासा जोर दिया है। सरकार ने सभी संबंधित पक्षों से यह विनम्र और बहुत सख्त अपील की है कि वे यूएन आदेश के तहत वहां तैनात शांति सैनिकों की हर हाल में सुरक्षा करें।

फ्रांसीसी राष्ट्रपति का कड़ा बयान

फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने विशेष रूप से यह अहम जानकारी दी कि इस हमले में जान गंवाने वाला बहादुर सैनिक 17वीं पैराशूट इंजीनियर रेजिमेंट का हिस्सा था। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने देश की ओर से गहरा शोक जताते हुए लिखा कि पूरा राष्ट्र इन साहसी सैनिकों और उनके परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है। मैक्रों ने अपने सख्त बयान में यह भी स्पष्ट रूप से कहा कि शुरुआती जांच के संकेतों से इस कायरतापूर्ण हमले के पीछे सीधे तौर पर हिज़्बुल्लाह का हाथ होने का शक है।

हमले का असल कारण और हालात

यूनिफिल की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार यह जानलेवा हमला उस वक्त हुआ जब शांति सैनिकों का एक गश्ती दल घनदूरिया गांव में अपनी नियमित ड्यूटी कर रहा था। यह विशेष गश्ती दल दरअसल सड़क किनारे पड़े कुछ खतरनाक विस्फोटकों को हटाने का जोखिम भरा काम कर रहा था ताकि यूनिफिल ठिकानों से दोबारा संपर्क जुड़ सके। इसी काम के बीच गैर-राज्य तत्वों ने अचानक अपने छोटे हथियारों से भारी फायरिंग शुरू कर दी जिसके कारण घायल हुए दो सैनिकों की हालत अभी भी बहुत नाजुक बनी हुई है।

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