

Akola Solar Agriculture Vahini Yojana: मुख्यमंत्री सौर कृषि वाहिनी योजना 2.0 के सफल क्रियान्वयन में अकोला जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए राज्य में पहला स्थान प्राप्त किया है। लक्ष्य का 83.40 प्रश उत्पादन पूरा जिले ने अपने निर्धारित लक्ष्य का 83.40 प्रतिशत सौर ऊर्जा उत्पादन पूरा किया है। वाशिम जिला 70.43 प्रतिशत लक्ष्यपूर्ति के साथ राज्य में तीसरे स्थान पर रहा है, जबकि संपूर्ण अकोला परिमंडल ने 60.80 प्रतिशत कार्यप्रगति दर्ज कर राज्य में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। यह जानकारी महावितरण के मुख्य अभियंता दत्तात्रय बनसोडे ने दी।
राज्य सरकार ने किसानों को दिन में और भरोसेमंद बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सौर कृषि वाहिनी योजना 2.0 लागू की है। महावितरण के व्यवस्थापकीय संचालक लोकेश चंद्र के मार्गदर्शन में परिमंडल में इस योजना को गति दी गई है। अकोला परिमंडल में 206 स्थानों पर सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित कर 174 उपकेंद्रों के लिए 796 मेगावॉट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया था। इनमें से 107 उपकेंद्रों के माध्यम से 484 मेगावॉट उत्पादन शुरू हो चुका है।
जिससे परिमंडल के 1 लाख 16 हजार किसानों को दिन में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हुई है। जिले में 51 उपकेंद्रों में से 41 उपकेंद्र चालू हो चुके हैं और 247 मेगावॉट लक्ष्य में से 206 मेगावॉट (83.40%) उत्पादन शुरू हुआ है। वाशिम जिले में 44 उपकेंद्रों में से 30 उपकेंद्र चालू हैं और 186 मेगावॉट लक्ष्य में से 130 मेगावॉट (70.43%) उत्पादन हुआ है।
बुलढाना जिले में मात्र 40.50 प्रतिशत लक्ष्यपूर्ति हुई है, जहां 363 मेगावॉट लक्ष्य में से 147 मेगावॉट उत्पादन शुरू हुआ है। मुख्यमंत्री सौर कृषि वाहिनी योजना से परिमंडल के कुल 1,16,216 किसानों को दिन में और भरोसेमंद बिजली उपलब्ध हो रही है। इसमें अकोला जिले के 55, 123, वाशिम जिले के 34,244 और बुलढाना जिले के 26,849 किसान शामिल हैं।