

Agra Farmer Leader Shyam Singh Chahar News: आगरा में किसान नेता एवं सहकारी समिति के सदस्य श्याम सिंह चाहर को आधिकारिक जांच रिपोर्ट में ‘मानसिक रोगी’ और ‘मानसिक पीड़ित’ लिखना अधिकारियों को भारी पड़ता नजर आ रहा है। मामले में मंडलायुक्त कार्यालय ने जांच के बाद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की संस्तुति की है। संयुक्त आयुक्त एवं संयुक्त निबंधक सहकारिता, आगरा मंडल से कार्रवाई कर रिपोर्ट भी मांगी गई है।
मामला 3 जून, 2026 को तैयार की गई जांच रिपोर्ट से जुड़ा है। आरोप है कि संयुक्त आयुक्त एवं संयुक्त निबंधक सहकारिता, आगरा मंडल की ओर से तैयार रिपोर्ट में किसान नेता श्याम सिंह चाहर के लिए मानसिक रोगी और मानसिक पीड़ित जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। इस रिपोर्ट को लेकर उन्होंने आपत्ति जताते हुए उच्च अधिकारियों से शिकायत की थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मंडलायुक्त नागेंद्र प्रताप यादव ने जांच के आदेश दिए और जांच की जिम्मेदारी अपर आयुक्त राजेश कुमार को सौंपी। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद अपर आयुक्त ने 8 सितंबर 2026 को संबंधित अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की संस्तुति की। साथ ही संयुक्त आयुक्त एवं संयुक्त निबंधक सहकारिता आदित्य कुमार से कार्रवाई कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया है। अपर सांख्यिकी अधिकारी सुशील कुमार के खिलाफ भी कार्रवाई की संस्तुति की बात सामने आई है। संबंधित अधिकारियों के खिलाफ शासन को पत्र भेजे जाने की भी प्रक्रिया बताई गई है।
श्याम सिंह चाहर का आरोप है कि उन्होंने सहकारी समितियों, आवास समितियों और वेतनभोगी समितियों में कथित वित्तीय अनियमितताओं और घोटालों की जांच की मांग को लेकर अधिकारियों को पत्र दिए थे। उनका कहना है कि शिकायतों की जांच को प्रभावित और गुमराह करने के उद्देश्य से उन्हें मानसिक रोगी बताने का प्रयास किया गया। उन्होंने शिकायतें वापस लेने के लिए दबाव बनाए जाने का भी आरोप लगाया, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया।
किसान नेता श्याम सिंह चाहर से जुड़े इस मामले को ‘नव भारत’ ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर प्रकाशित होने के बाद मंडलायुक्त कार्यालय की ओर से जांच कराए जाने और अब दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति किए जाने को खबर के असर के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि मामले में अंतिम कार्रवाई संबंधित विभागीय स्तर पर लिए जाने वाले निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।