<rss version="2.0" xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"><channel><title>विदेश</title><description></description><atom:link href="https://navbharatlive.com/api/v1/collections/world.rss" rel="self" type="application/rss+xml"></atom:link><link>https://navbharatlive.com</link><language>hi-in</language><lastBuildDate>Thu, 24 Sep 2026 22:00:34 +0530</lastBuildDate><item><title>शी जिनपिंग का अमेरिकी दौरा! ट्रंप खुद पहुंचे एयरपोर्ट, ताइवान और ईरान मुद्दों पर टिकी है दुनिया की नजर</title><link>https://navbharatlive.com/world/xi-jinping-us-visit-trump-airport-welcome-taiwan-iran-issues-world-attention-ags10</link><comments>https://navbharatlive.com/world/xi-jinping-us-visit-trump-airport-welcome-taiwan-iran-issues-world-attention-ags10#comments</comments><guid isPermaLink="false">1f9f969c-51b9-42fc-90b7-11b124d4e40e</guid><pubDate>Thu, 24 Sep 2026 21:59:07 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-24T21:59:07.411+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>आशीष शुक्ला</atom:name><atom:uri>/api/author/2597974</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>China,Iran,International News,USA</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/hs3bus5t/Amrica-china" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ ट्रंप और जिनपिंग ]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Amrica china]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/hs3bus5t/Amrica-china?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>विदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Jinping On Amrica Visit:</strong> चीन के राष्ट्र प्रमुख शी जिनपिंग करीब एक दशक बाद अमेरिकी दौरे पर हैं। वो भी ऐसे समय में जब अमेरिका और चीन के बीच व्यापार, तकनीक और रणनीतिक मुद्दों को लेकर तनाव बना हुआ है। शी जिनपिंग की इस यात्रा पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनकी मुलाकात को दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।</p><p>शी जिनपिंग की मेजबानी करते हुए ट्रंप ने कहा, "राष्ट्रपति शी, श्रीमती पेंग और चीनी प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों, आप सभी का मैं खूबसूरत व्हाइट हाउस में स्वागत करते हुए बेहद प्रसन्न हूं। यह मेरे लिए बहुत सम्मान की बात है। मई में हमें बीजिंग में आपसे मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था, जहां आपने हमारे प्रतिनिधिमंडल का भव्य और सुंदर आतिथ्य सत्कार किया था।</p><h3>ट्रंप ने चीन को बताया सच्चा मित्र</h3><p>ट्रंप ने अपने संबोधन में चीन को सच्चा मित्र बताया है। उन्होंने कहा कि साल 2016 में मेरे पहले चुनाव के समय से ही, राष्ट्रपति शी और मैंने आपसी सम्मान और अपने लोगों के हितों को प्राथमिकता देते हुए एक सच्ची और मजबूत मित्रता स्थापित की है। राष्ट्रपति शी और श्रीमती पेंग अमेरिका के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर पर पहुंचे हैं, जो हमारे देश की स्थापना की 250वीं वर्षगांठ है।</p><figure><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr">&quot;President Xi and I have forged a friendship, a truly great friendship actually, built on the mutual respect and the vital interests of our people.&quot;<br><br>President Trump welcomes President Xi Jinping, Madame Peng Liyuan, and the Chinese delegation to the White House to begin their… <a href="https://t.co/48bcpMGRGC">pic.twitter.com/48bcpMGRGC</a></p>&mdash; The White House (@WhiteHouse) <a href="https://x.com/WhiteHouse/status/2103133877892010233?ref_src=twsrc%5Etfw">September 24, 2026</a></blockquote>
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</figure><p>सुरक्षा, प्रौद्योगिकी और सुपर इंटेलिजेंस (एसआई) से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे। इन क्षेत्रों में आज हम जो निर्णय लेंगे, वे आने वाले कई दशकों तक शांति और समृद्धि को बढ़ावा दे सकते हैं। अगर हम अपने साझा हितों पर ध्यान केंद्रित करें, तो मुझे विश्वास है कि हम बहुत कुछ हासिल कर सकते हैं।</p><h3>एयरपोर्ट पर खुद पहुंचे ट्रंप</h3><p>अमेरिकी राष्ट्रपति <a href="https://navbharatlive.com/india/trump-hikes-h1b-fees-for-12-months-find-out-how-it-will-impact-indians-nkr24">डोनाल्ड ट्रंप </a>के निमंत्रण पर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग बुधवार दोपहर को संयुक्त एंड्रयूज हवाई अड्डे पर राजकीय यात्रा के लिए पहुंचे। हवाई अड्डे पर ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप ने शी और उनकी पत्नी पेंग लियुआन का गर्मजोशी से स्वागत किया।</p><h3>एक दशक बाद अमेरिकी दौरा क्यों है खास?</h3><p>चीन के राष्ट्र प्रमुख <a href="https://navbharatlive.com/world/jinping-us-visit-trump-xi-white-house-talks-healthy-competition-pss06">शी जिनपिंग </a>का एक दशक के बाद अमेरिका के दौरे पर हैं। राजनीतिक और कूटनीतिक लिहाज से जिनपिंग का यह दौरा खास माना जा रहा है। ईरान से युद्ध में उलझे अमेरिका और टैरिफ के दरो में बढ़ोत्तरी के बाद चीन के राष्ट्र प्रमुख का तीन दिवसीय दौरे पर कई  प्रमुख मुद्दों पर सहमति बनने की संभावना है। सूत्रों की माने तो ट्रंप ईरान के मुद्दे पर चीन का खुलकर समर्थन चाहेंगे। </p><p>अमेरिका चीन से रेयर खनिजों की सप्लाई को लेकर बात कर रहा है, जबकि चीन की प्राथमिकताओं में उन्नत अमेरिकी टेक्नोलॉजी तक पहुंच से जुड़े प्रतिबंध शामिल हैं।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/world/iran-warns-us-war-could-reach-indian-ocean-india-impact-ags10">ईरान की अमेरिका को खुली चेतावनी, फिर हमला हुआ तो हिंद महासागर तक पहुंचेगा युद्ध; भारत पर कितना पड़ेगा असर?</a></aside><h3>ताइवान होगा बड़ा मुद्दा</h3><p>ताइवान एक बड़ा संवेदनशील मुद्दा है। रिपोर्टों के अनुसार चीन अमेरिकी हथियार बिक्री को लेकर चिंता जताता रहा है, जबकि अमेरिका-चीन संबंधों में यह मुद्दा लगातार तनाव का स्रोत है।</p><p>अमेरिका आधिकारिक रूप से 'वन-चाइना पॉलिसी' का पालन करता है, लेकिन कूटनीतिक रूप से ताइवान को हथियार बेचता है और उसकी सुरक्षा का समर्थन करता है, जिससे चीन और अमेरिका के बीच तनाव पैदा होता है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>ट्रंप ने शी जिनपिंग संग दोस्ती को सराहा, चीनी राष्ट्रपति बोले- प्रतिस्पर्धा स्वस्थ होनी चाहिए</title><link>https://navbharatlive.com/world/jinping-us-visit-trump-xi-white-house-talks-healthy-competition-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/world/jinping-us-visit-trump-xi-white-house-talks-healthy-competition-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">2e0dbcad-dbe1-4cb6-a59f-247887284891</guid><pubDate>Thu, 24 Sep 2026 21:33:19 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-24T21:33:19.046+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>World News,Donald Trump,China,Artificial Intelligence,America,Xi Jinping,White House</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/cesom1oo/trump-and-xi-jinping.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Jinping US Visit In Washington]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/cesom1oo/trump-and-xi-jinping.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>विदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Jinping US Visit In Washington:</strong> चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अमेरिका की बहुप्रतीक्षित राजकीय यात्रा का औपचारिक आगाज हो गया है। गुरुवार 24 सितंबर 2026 को व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शी जिनपिंग की भव्य मेजबानी की।&nbsp;</p><p>द्विपक्षीय वार्ता से पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने शी जिनपिंग के साथ साल 2016 से चली आ रही अपनी अत्यंत घनिष्ठ मित्रता की जमकर सराहना की। वहीं चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दोनों महाशक्तियों के बीच शून्य योग के बजाय स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और मानव नियंत्रित AI पर जोर दिया।</p><h3>व्हाइट हाउस में शी जिनपिंग का भव्य स्वागत</h3><p>चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग गुरुवार को अपनी राजकीय यात्रा के तहत वाशिंगटन पहुंचे। व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने उनका स्वागत किया। इसके बाद दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच अहम द्विपक्षीय बातचीत शुरू हुई।</p><p>वार्ता से पहले ट्रंप ने शी जिनपिंग के साथ अपने पुराने संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2016 में पहली बार राष्ट्रपति चुने जाने के बाद से ही दोनों के बीच मित्रता रही है। ट्रंप ने इस संबंध को बेहद घनिष्ठ बताते हुए आपसी सम्मान और दोनों देशों के लोगों के हितों का भी उल्लेख किया।</p><h3>शी जिनपिंग ने स्वस्थ प्रतिस्पर्धा पर दिया जोर</h3><p>अमेरिका पहुंचने के बाद शी जिनपिंग ने <a href="https://navbharatlive.com/world/vladimir-putin-china-visit-russia-china-strategic-cooperation-anniversary-beijing-1743172.html">अमेरिका-चीन संबंधों</a> को लेकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच प्रतिस्पर्धा स्वस्थ होनी चाहिए और इसके लिए स्पष्ट सीमाएं तय रहनी चाहिए। शी ने कहा कि दोनों देशों के बीच आगे निकलने की प्रतिस्पर्धा हो सकती है, लेकिन इसे ऐसे संघर्ष में नहीं बदलना चाहिए जिसमें एक पक्ष की जीत दूसरे की हार पर निर्भर हो।&nbsp;</p><p>उन्होंने सहयोग और आपसी सम्मान को भी महत्वपूर्ण बताया। चीनी राष्ट्रपति ने तेजी से विकसित हो रही AI तकनीक का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका और चीन की जिम्मेदारी है कि AI का विकास और इस्तेमाल मानव नियंत्रण में रहे। उनके अनुसार इस तकनीक को मानव कल्याण के लिए विकसित करने और प्रबंधित करने की साझा क्षमता दोनों देशों के पास है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/world/trade-truce-us-china-extend-agreement-january-2027-pss06">US-China Trade War: ट्रेड वॉर पर अमेरिका और चीन में बड़ा समझौता, 10 जनवरी 2027 तक टला तनाव</a></aside><h3>ट्रंप और मेलानिया का जताया आभार</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/world/xi-jinping-health-brics-summit-beijing-301-hospital-cdp-claim-ars24">शी जिनपिंग</a> ने वाशिंगटन में मिले स्वागत के लिए राष्ट्रपति ट्रंप और मेलानिया ट्रंप का धन्यवाद किया। उन्होंने अमेरिका और चीन दोनों को महान राष्ट्र बताते हुए दोनों देशों के लोगों की प्रशंसा की। दोनों नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक के दौरान व्हाइट हाउस के बाहर प्रदर्शन भी देखने को मिले।&nbsp;</p><p>परिसर के बाहर प्रदर्शनकारियों की नारेबाजी की आवाजें सुनाई देती रहीं। ट्रंप और शी की यह बैठक ऐसे समय हुई है जब दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक, AI और वैश्विक रणनीतिक मुद्दों को लेकर बातचीत जारी है। इस वार्ता पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर बनी हुई है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>US-China Trade War: ट्रेड वॉर पर अमेरिका और चीन में बड़ा समझौता, 10 जनवरी 2027 तक टला तनाव</title><link>https://navbharatlive.com/world/trade-truce-us-china-extend-agreement-january-2027-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/world/trade-truce-us-china-extend-agreement-january-2027-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">2ffcffe7-41ba-4aa2-9955-c6945ce25410</guid><pubDate>Thu, 24 Sep 2026 21:00:54 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-24T21:00:54.490+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>World News,China,Economic Survey,Artificial Intelligence,America,Xi Jinping,Bilateral Trade Agreement</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/4qacdih6/donald-trump-and-xi-jinping-meeting.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ US China Trade Truce Update]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/4qacdih6/donald-trump-and-xi-jinping-meeting.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>विदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>US China Trade Truce Update:</strong> अमेरिका और चीन ने अपने बीच चल रहे व्यापारिक संघर्षविराम को 10 जनवरी 2027 तक बढ़ाने पर सहमति जताई है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने यह महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए कहा कि इस फैसले से नवंबर में समाप्त होने वाली पुरानी समयसीमा दो महीने के लिए आगे बढ़ गई है। </p><p>यह बड़ा फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वाशिंगटन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मेजबानी करने की तैयारी कर रहे हैं। इस उच्च स्तरीय शिखर बैठक के दौरान दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच व्यापार, तकनीक और राष्ट्रीय सुरक्षा समेत कई अहम वैश्विक मुद्दों पर सीधी और विस्तृत बातचीत होगी।स्कॉट बेसेंट और हे लिफेंग के बीच बातचीत के बाद फैसला</p><h3>स्कॉट बेसेंट और हे लिफेंग के बीच बातचीत के बाद फैसला</h3><p>अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने 23 सितंबर को चीन के उपप्रधानमंत्री हे लिफेंग के साथ हुई बातचीत के बाद व्यापारिक संघर्षविराम बढ़ाने की जानकारी दी। दोनों देशों के बीच बुसान में हुआ मौजूदा व्यापारिक समझौता पहले 10 नवंबर को समाप्त होना था, जिसे अब 10 जनवरी 2027 तक बढ़ा दिया गया है।</p><p>बेसेंट के अनुसार, बातचीत में दोनों पक्षों ने छोटे-छोटे समझौतों के बजाय व्यापक आर्थिक समझौते की संभावनाओं पर चर्चा की। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि जनवरी तक कोई बड़ा व्यापारिक समझौता निश्चित रूप से हो जाएगा।</p><h3>सोयाबीन खरीद और कृषि उत्पादों को लेकर मतभेद</h3><p>अमेरिकी ट्रेजरी सचिव ने चीन की ओर से अमेरिका से सोयाबीन खरीद को लेकर की गई प्रतिबद्धता का भी जिक्र किया। उनके अनुसार चीन अपनी 2.5 करोड़ टन सोयाबीन खरीद की पुरानी प्रतिबद्धता को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।</p><p>हालांकि, अन्य अमेरिकी कृषि उत्पादों की खरीद से जुड़े एक अलग वादे को लेकर अभी दोनों देशों के बीच मतभेद बने हुए हैं। ऐसे में व्यापारिक संघर्षविराम बढ़ने के बावजूद दोनों देशों के बीच आर्थिक बातचीत आगे भी जारी रहने की संभावना है।</p><h3>AI और APEC सम्मेलन को लेकर भी चर्चा</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/india/us-gains-authority-to-impose-tariffs-on-india-and-china-trump-signs-bill-into-law-nkr24">अमेरिका और चीन</a> के बीच बातचीत केवल व्यापार तक सीमित नहीं रही। दोनों देशों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI से जुड़े मुद्दों पर भी औपचारिक संवाद बढ़ाने पर चर्चा की। स्कॉट बेसेंट ने AI से जुड़ी गंभीर घटनाओं के दौरान दोनों देशों के बीच तत्काल संपर्क के लिए एक संचार व्यवस्था बनाने की संभावना पर भी बातचीत की। इसके अलावा नवंबर में चीन के शेनझेन में होने वाले APEC सम्मेलन को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच चर्चा हुई।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/world/north-korea-rocket-test-240mm-launcher-south-korea-kcna-pss06">उत्तर कोरिया ने किया उन्नत 240 मिमी मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर का परीक्षण, क्षेत्र में बढ़ा तनाव</a></aside><h3>शी जिनपिंग ने स्थिर संबंधों पर दिया जोर</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/india/brics-pm-narendra-modi-xi-jinping-meeting-india-china-relations-pjs00">चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग</a> ने अमेरिका पहुंचने के बाद दोनों देशों के संबंधों को स्थिर बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका और चीन को एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी के बजाय साझेदार के रूप में काम करना चाहिए।</p><p>व्यापारिक संघर्षविराम का यह विस्तार दोनों देशों को आर्थिक और व्यापारिक मतभेदों पर आगे बातचीत करने का अतिरिक्त समय देता है। आने वाले महीनों में ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच होने वाली चर्चाओं में व्यापार, तकनीक, AI और आर्थिक संबंध प्रमुख मुद्दे रह सकते हैं।</p>]]></content:encoded></item><item><title>उत्तर कोरिया ने किया उन्नत 240 मिमी मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर का परीक्षण, क्षेत्र में बढ़ा तनाव</title><link>https://navbharatlive.com/world/north-korea-rocket-test-240mm-launcher-south-korea-kcna-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/world/north-korea-rocket-test-240mm-launcher-south-korea-kcna-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">cef1a087-4ef9-4da2-99ba-4540c5eaa8c3</guid><pubDate>Thu, 24 Sep 2026 19:53:50 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-24T19:53:50.406+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>World News,South Korea,North Korea,Kim Jong Un,Rocket</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/67yn3tbr/north-korea-rocket-test.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ उत्तर कोरिया ने किया रॉकेट लॉन्चर का परीक्षण]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ North Korea Rocket Test Update]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/67yn3tbr/north-korea-rocket-test.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>विदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>North Korea Rocket Test Update:</strong> उत्तर कोरिया ने अपनी सैन्य तोपखाने क्षमताओं को आधुनिक बनाते हुए 240 मिमी क्षमता वाले उन्नत मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर का सफल परीक्षण किया है। गुरुवार को केसीएनए और योनहाप न्यूज एजेंसी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार यह परीक्षण 22 सितंबर को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। </p><p>नए रॉकेटों में ऑटोनॉमस पिनपॉइंट गाइड सिस्टम जोड़ा गया है, जिससे इनकी अधिकतम मारक क्षमता 115 किलोमीटर तक पहुंच गई है। इस परीक्षण के बाद उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया के साथ अपनी दक्षिणी सीमा पर सबसे घातक और विनाशकारी हमलावर बल तैनात करने पर जोर दिया है।</p><h3>240 मिमी रॉकेट लॉन्चर का सफल परीक्षण, 115 किलोमीटर तक रेंज</h3><p>उत्तर कोरिया ने 240 मिमी क्षमता वाले मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर से उन्नत रॉकेटों का परीक्षण किया। योनहाप न्यूज एजेंसी ने सरकारी मीडिया केसीएनए के हवाले से बताया कि यह परीक्षण 22 सितंबर को किया गया था।</p><p>उत्तर कोरिया के अनुसार नए रॉकेटों में ऑटोनॉमस पिनपॉइंट गाइड सिस्टम लगाया गया है, जिससे उनकी सटीकता बढ़ाने का दावा किया गया है। सामान्य बैलिस्टिक उड़ान मोड में इनकी मारक क्षमता करीब 100 किलोमीटर बताई गई है, जबकि ग्लाइड फ्लाइट वाले संयुक्त मोड में यह दूरी 115 किलोमीटर तक पहुंच सकती है।</p><p>प्योंगयांग ने दावा किया कि परीक्षण के दौरान रॉकेटों की सटीकता और प्रदर्शन की पुष्टि हुई है। यह परीक्षण देश की आर्टिलरी और मिसाइल प्रणालियों के आधुनिकीकरण की योजना का हिस्सा बताया जा रहा है।</p><h3>दक्षिणी सीमा पर सैन्य क्षमता बढ़ाने का दावा</h3><p>उत्तर कोरिया के सैन्य नेतृत्व ने इस परीक्षण के बाद दक्षिणी सीमा पर अपनी मारक क्षमता को और मजबूत करने की बात कही है। वर्कर्स पार्टी के केंद्रीय सैन्य आयोग के उपाध्यक्ष पाक जोंग-चोन ने दक्षिणी सीमा पर आधुनिक और लंबी दूरी की सैन्य प्रणालियों को केंद्रित करने की जरूरत बताई।</p><p>उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया चाहता है कि उसके विरोधी उसकी आधुनिक लंबी दूरी की क्षमताओं से अवगत रहें। पिछले कुछ वर्षों में प्योंगयांग ने दक्षिण कोरिया की सीमा के नजदीक इस्तेमाल की जा सकने वाली कई आर्टिलरी और मिसाइल प्रणालियों को अपग्रेड किया है।</p><h3>शत्रुतापूर्ण दो राज्य, नीति के बाद बढ़ा सैन्य तनाव</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/world/north-korea-earthquake-mantap-mountain-nuclear-test-seismic-zone-pss06">उत्तर कोरिया</a> ने 2023 में दक्षिण कोरिया के साथ अपने संबंधों को 'शत्रुतापूर्ण दो राज्य' के रूप में परिभाषित किया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव बढ़ा है और प्योंगयांग ने दक्षिण कोरिया तक पहुंच रखने वाली अपनी मारक प्रणालियों के विकास पर जोर दिया है।</p><p>240 मिमी मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर उत्तर कोरिया की प्रमुख लंबी दूरी की आर्टिलरी प्रणालियों में शामिल है। पहले इसके पुराने संस्करण की रेंज करीब 60 किलोमीटर से अधिक बताई जाती थी।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/world/iran-warns-us-war-could-reach-indian-ocean-india-impact-ags10">ईरान की अमेरिका को खुली चेतावनी, फिर हमला हुआ तो हिंद महासागर तक पहुंचेगा युद्ध; भारत पर कितना पड़ेगा असर?</a></aside><h3>दक्षिण कोरिया ने भी लॉन्च की निगरानी की</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/world/north-korea-missile-launch-kim-jong-un-japan-south-korea-pss06">दक्षिण कोरिया</a> के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अनुसार 22 सितंबर को दक्षिण प्योंगान प्रांत से कई रॉकेट लॉन्च किए गए। इन प्रक्षेपणों का पता लगाने के बाद सैन्य अधिकारी उनकी उड़ान और तकनीकी विशेषताओं का विश्लेषण कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded></item><item><title>ईरान की अमेरिका को खुली चेतावनी, फिर हमला हुआ तो हिंद महासागर तक पहुंचेगा युद्ध; भारत पर कितना पड़ेगा असर?</title><link>https://navbharatlive.com/world/iran-warns-us-war-could-reach-indian-ocean-india-impact-ags10</link><comments>https://navbharatlive.com/world/iran-warns-us-war-could-reach-indian-ocean-india-impact-ags10#comments</comments><guid isPermaLink="false">b800cb3f-0f37-42c2-be54-28be18f9be86</guid><pubDate>Thu, 24 Sep 2026 18:36:52 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-24T18:36:52.567+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>आशीष शुक्ला</atom:name><atom:uri>/api/author/2597974</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Donald Trump,Iran,International News,USA</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/94uwqibq/%E0%A4%88%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%85%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ डोनाल्ड ट्रंप, मोजतबा ख़ामेनेई]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ ईरान अमेरिका युद्ध]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/94uwqibq/%E0%A4%88%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%85%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>विदेश</category><category>देश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Impact of the US-Iran War on India:</strong> पश्चिम एशिया में जारी अवरोध और टकराव का प्रभाव पूरे दुनिया पर पड़ा है। फरवरी 2026 से ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी जंग अब अमेरिका के लिए गले की फांस बना हुआ है। टकराव शुरू होने पर अमेरिका को लगा था कि यह युद्ध कुछ हफ्तों में खत्म कर ईरान की सत्ता को बदल देंगे, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप और उनकी सेना पिछले 7 महीनों से तेहरान की इस्लामिक सत्ता के खिलाफ युद्ध लड़ रही है।</p><p>अब ईरान अपने सबसे बड़े डर (अमेरिका के हमले) का सामना कर चुका है। ईरान अब आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहा है। तेहरान की तरफ से साफ और सख्त लहजे में कहा गया है कि अब अगर अमेरिका हमला करता है, तो वह इस युद्ध को हिंद महासागर या उससे आगे भी फैलाने के मूड में नजर आ रहा है। मतलब साफ है कि अब अगले हमले की स्थिति में हिंद महासागर के बाहर स्थित अमेरिका के ठिकाने भी ईरान के निशाने पर होंगे।</p> <p>ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी से बात करते हुए <a href="https://navbharatlive.com/world/us-iran-deal-supreme-leader-mojtaba-khamenei-on-donald-trump-1807265.html">सुप्रीम लीडर खामेनेई </a>के मुख्य सलाहकार रहीम सफवी ने युद्ध को लेकर अपनी राय रखी। उन्होंने साफ कहा, "यह संघर्ष फारस की खाड़ी से लेकर होर्मुज और लाल सागर तक फैल गया है। ऐसे में संभव है कि अब अगर अमेरिका की तरफ से किसी भी तरह का हमला किया गया, तो यह लड़ाई हिंद महासागर या उससे भी आगे बढ़ सकती है।"&nbsp;</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/world/trump-white-house-media-ban-ruled-unconstitutional-cnn-ms-now-politico-press-access-restored-aks03">गैर-कानूनी... ट्रंप को अमेरिकी अदालत से बड़ा झटका, CNN, MS NOW और पोलिटिको पर लगा व्हाइट हाउस बैन रद्द</a></aside><h3>पड़ोसी देशों को ईरान की चेतावनी</h3><p>ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा के सचिव मोहसेन रेजाई ने पड़ोसी देशों को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि आप हमारी उड़ानों पर प्रतिबंध लगाते हैं और अमेरिका के साथ सहयोग करते हैं, तो आपके हवाई अड्डों पर कोई उड़ान नहीं होगी। यदि आप अमेरिका का साथ देते हैं, तो हम चुपचाप यह सब नहीं देखते रहेंगे।</p><figure><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="fa" dir="rtl">خودکشی ۸ خدمه ناو هواپیمابر «لینکلن» حین جنگ با ایران<br><br>سی‌ان‌ان بامداد پنجشنبه گزارش داد که به نامه‌ای از سرپرست اداره نیروی دریایی در وزارت جنگ آمریکا دست یافته که در آن به اقدام ۸ نظامی ناوگروه لینکلن برای خودکشی، از ابتدای استقرار در جنگ تحمیلی علیه ایران اذعان کرده. <a href="https://t.co/9CK5tRR8Qx">pic.twitter.com/9CK5tRR8Qx</a></p>&mdash; خبرگزاری فارس (@FarsNews_Agency) <a href="https://x.com/FarsNews_Agency/status/2102878952863727799?ref_src=twsrc%5Etfw">September 23, 2026</a></blockquote>
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</figure><h3>अमेरिका डुबा चूका है ईरान का युद्धपोत</h3><p>यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध को हिंद महासागर तक फैलने का खतरा बड़ा है। मार्च 2026 में अमेरिकी नौसेना की एक पनडुब्बी ने दक्षिण श्रीलंका के पास हिंद महासागर में ईरान के युद्धपोत IRIS डेना (IRIS Dena) को टॉरपीडो से हमला करके डुबो दिया था। जो कि फिलहाल भारत के कोच्चि बंदरगाह पर खड़ा हुआ है।</p><h3>चरम पर है ईरान और अमेरिका का तनाव</h3><p>गौरतलब है कि ईरान की तरफ से युद्ध को हिंद महासागर और उससे भी आगे बढ़ाने का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब दोनों देशों के बीच तनाव अपने चरम पर है। लाल सागर के बाब अल मंडेब पर हूती विद्रोहियों ने निशाना साध रखा है। </p><p>वहीं दूसरी तरफ होर्मुज पर ईरानी सेना ने पाबंदी लगाई हुई है। ईरान की तरफ से बार-बार यह कहा जा रहा है कि अगर <a href="https://navbharatlive.com/world/jaishankar-marco-rubio-meeting-new-york-unga-2026-india-us-strategic-partnership-tariff-tensions-aks03">अमेरिका</a> की तरफ से कोई बड़ा हमला होता है। तो अब युद्ध हिंद महासागर या उससे भी आगे फैल सकता है। जानकारी के लिए बता दें अमेरिका ने होर्मुज पर बाहर से नाके बंदी लगाई हुई है। उसका युद्धपोत फिलहाल अरब सागर में ही मौजूद है।</p><h3>भारत के लिए क्या है, चिंता?</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/world/trump-xi-meeting-us-china-talks-iran-satellite-trade-pss06">ईरान </a>और अमेरिका का यह युद्ध का प्रभाव पूरी दुनिया पर है। भारत भी इससे अछूता नहीं है। अगर यह हिंद महासागर तक फैलता है तो यह भारत के लिए भी परेशानी खड़ी कर देगा। दुनिया के पांच महासागरों में से तीसरे नंबर पर आने वाला हिंद महासागर मौजूदा समय में पहले से ही चिंता का कारण बना हुआ है। बाब अल-मंदेब और होर्मजु पर यु्द्ध हो रहा है। जानकारी के मुताबिक होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की संख्या पिछले सप्ताह केवल 17 रही। यह अपने आप में एक परेशानी पैदा करने वाली बात है।</p><h3>ऊर्जा के संकट से महंगाई बढ़ने की चिंता</h3><p>युद्ध से पहले भारत अपनी खपत का करीब 40 फीसदी ईंधन की आपूर्ति के लिए आयात होर्मुज जलडमरू मध्य से करता था। टकराव के बाद से ही यह मार्ग बंद है। भारत अन्य मार्ग से ईंधन का आयात कर रहा है। आयात के खर्चे बढ़ने से ईंधन के दाम और आपूर्ति का प्रभावित होना स्वाभाविक है ऐसे में सरकार को महंगाई से उभरने की एक नई चुनौती पैदा होगी।</p>]]></content:encoded></item><item><title>हूती के मिसाइल से सहमा सऊदी! मक्का-जेद्दा समेत 5 शहरों में अलर्ट, जनता से सतर्क रहने की अपील</title><link>https://navbharatlive.com/world/houthi-missile-threat-saudi-arabia-mecca-jeddah-5-cities-alert-public-on-alert-ags10</link><comments>https://navbharatlive.com/world/houthi-missile-threat-saudi-arabia-mecca-jeddah-5-cities-alert-public-on-alert-ags10#comments</comments><guid isPermaLink="false">03829b19-d6d5-4d8d-9bdf-9b6dc2a317d0</guid><pubDate>Thu, 24 Sep 2026 18:35:40 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-24T18:35:40.519+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>आशीष शुक्ला</atom:name><atom:uri>/api/author/2597974</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Donald Trump,Iran,International News,America,Saudi Arabia</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/00sa7v1l/%E0%A4%B9%E0%A5%82%E0%A4%A4%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%8A%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%9F%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B5" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ मिसाइल ]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ हूती, सऊदी टकराव]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/00sa7v1l/%E0%A4%B9%E0%A5%82%E0%A4%A4%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%8A%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%9F%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B5?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>विदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Saudi Arabia faces Houthi Missile Threat:</strong> अमेरिका और ईरान के युद्ध का प्रभाव खाड़ी देशों में भी देखने को मिल रहा है। इसी बीच सऊदी सिविल डिफेंस ने इस्लाम के सबसे पवित्र धार्मिक स्थल मक्का, जेद्दा और अन्य इलाकों में मिसाइल खतरे की चेतावनी दी है। उन्होंने सुरक्षा के लिहाज से 5 शहरों क्रमशः तैफ़, यानबू, मक्का, तबुक और जेद्दा में चेतावनी जारी की है। </p><p>सऊदी अरब के नागरिक सुरक्षा का कहना है कि खतरा अब इन इलाकों से गुजर रहा है। संभावित खतरे के प्रति सचेत करने के लिए मक्का शहर में नेशनल अर्ली वॉर्निंग प्लेटफॉर्म की तरफ से जारी की गई है। इसमें निर्देशों के पालन करने की बात कही गई है।</p><h3>सऊदी ने जारी किया आपात नंबर</h3><p>मिली जानकारी के अनुसार, सऊदी सिविल डिफेंस का यह अलर्ट आमतौर पर मिसाइल हमले के संभावित खतरे का संकेत देती है। एजेंसी ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा है कि मक्का शहर में संभावित खतरे के बारे में जानकारी दी गई है और जनता से नागरिक सुरक्षा निर्देशों का पालन करना जारी रखें और भीड़ इकट्ठा करने और वीडियो बनाने से बचने का निर्देश जारी किया गया है साथ ही आपात स्थिति में (911) पर कॉल करने को कहा गया है।</p><figure><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="und" dir="rtl">تنبيه زال الخطر عن مدينة مكة المكرمة، لسلامتك الاستمرار في اتباع تعليمات <a href="https://x.com/hashtag/%D8%A7%D9%84%D8%AF%D9%81%D8%A7%D8%B9_%D8%A7%D9%84%D9%85%D8%AF%D9%86%D9%8A?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#الدفاع_المدني</a> وتجنب التجمهر والتصوير نهائيًا. في حالة الطوارئ اتصل بالرقم (911).<br><br>Alert: The danger has passed in Mecca City. For your safety, continue following <a href="https://x.com/hashtag/CivilDefense?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#CivilDefense</a> instructions and avoid… <a href="https://t.co/w0Q7sNBtYv">pic.twitter.com/w0Q7sNBtYv</a></p>&mdash; الدفاع المدني السعودي (@SaudiDCD) <a href="https://x.com/SaudiDCD/status/2103071045640921095?ref_src=twsrc%5Etfw">September 24, 2026</a></blockquote>
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</figure><h3>10 दिन में दूसरी बार चेतावनी जारी</h3><p>ऐसे में यह चेतावनी 10 दिनों से भी कम समय में दूसरी बार है, जब अधिकारियों ने मक्का के लिए ऐसी चेतावनी जारी की है। मक्का दुनियाभर के लिए इस्लाम का सबसे पवित्र स्थल है। <a href="https://navbharatlive.com/world/saudi-arabia-new-murabba-project-mukaab-golden-building-riyadh-pss06">सऊदी अरब</a> के पश्चिमी तट के अन्य इलाकों के लिए भी अलग-अलग चेतावनियां जारी की गई हैं। इनमें लाल सागर के पास स्थित यानब के साथ-साथ ताइफ, जेद्दा और तबुक इलाके शामिल हैं। हालांकि अलर्ट को कुछ समय बाद हटा लिया गया लेकिन खतरा पूरी तरह से टला नहीं है।</p><h3>हूती विद्रोहियों से सऊदी का संघर्ष जारी</h3><p>सऊदी अरब, हूती विद्रोहियों के द्वारा मक्का को ड्रोन से निशाना बनाने की कोशिश के आरोप लगाए हैं। हालांकि, सेना द्वारा ड्रोन का तबाह कर दिया गया। सऊदी अरब का कहना है कि 2017 के बाद से ऐसी कोशिश पहली बार हुई है। हूती गुट ने इन आरोपों से इनकार किया है।</p><p>&nbsp;इससे पहले 15 सितंबर को चेतावनी जारी की गई थी। जब सऊदी अरब की एयर डिफेंस सिस्टम ने मक्का के दक्षिण में एक हूती ड्रोन को नष्ट कर दिया गया था। वह ड्रोन प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में दाखिल नहीं हो सकता था। हूती विद्रोहियों ने पिछले कई सालों में पहली बार सबसे पहले सऊदी अरब की राजधानी रियाद को टारगेट किया था. इससे इस संघर्ष का तनाव और बढ़ गया।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/world/yemen-houthis-capture-red-sea-islands-attack-saudi-pipeline-pss06">Red Sea Crisis: लाल सागर में गदर मचाने वाले हूती कौन हैं? जानें सऊदी अरब से क्यों है इनकी दुश्मनी</a></aside><h3>कौन हैं यूती जो सउदी का किए हैं जीना हराम</h3><p>यह यमन के अल्पसंख्यक शिया 'जैदी' समुदाय से जुड़े लड़ाके हैं। इस समूह की स्थापना 1990 के दशक में हुसैन बदरुद्दीन अल-हूती ने की थी। इन्होनें साल 2014 में यमन की राजधानी सना पर कब्जा कर लिया और देश के बड़े हिस्से पर नियंत्रण बनाए रखा है।</p><h3>ईरान के सहयोगी का आरोप</h3><p>इन्हें <a href="https://navbharatlive.com/world/donald-trump-imec-support-iran-middle-east-energy-infrastructure-routes-pjs00">ईरान </a>का गुप्त और सामरिक समर्थन प्राप्त है। यह समूह खुद को ईरान, हिजबुल्लाह और हमास के साथ अपना गठबंधन मानता है।</p><p>इनका मुख्य संघर्ष सऊदी अरब (जो यमन सरकार का समर्थन करता है), इसराइल और अमेरिका के साथ है। लाल सागर में अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर लगातार होते हमलों के कारण ये वैश्विक स्तर पर चर्चा में रहे हैं।</p>]]></content:encoded></item><item><title>पोलैंड की कैथोलिक मोनेस्ट्री में चाकू से हमला, पादरी की दर्दनाक मौत, 4 लोग गंभीर घायल</title><link>https://navbharatlive.com/world/poland-monastery-attack-catholic-priest-killed-jaroslaw-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/world/poland-monastery-attack-catholic-priest-killed-jaroslaw-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">678e5037-1b76-4833-b2ff-6d95d1702b3c</guid><pubDate>Thu, 24 Sep 2026 18:10:03 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-24T18:10:03.651+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>World News,Europe</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/fddmbxcp/poland-monastery-attack.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ पोलैंड की कैथोलिक मोनेस्ट्री में चाकू से हमला]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Poland Monastery Attack In Jaroslaw]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/fddmbxcp/poland-monastery-attack.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>विदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Poland Monastery Attack In Jaroslaw:</strong> दक्षिण पूर्वी पोलैंड के जारोस्लाव शहर स्थित ऐतिहासिक बेनेडिक्टिन सिस्टर्स मठ में चाकूबाजी की एक दर्दनाक घटना सामने आई है। गुरुवार सुबह प्रार्थना सभा के दौरान एक 31 वर्षीय सनकी युवक ने पादरियों और श्रद्धालुओं पर बड़े चाकू से अचानक ताबड़तोड़ हमला कर दिया। </p><p>इस जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल हुए पादरियों में से एक की अस्पताल में मौत हो गई, जबकि तीन पुरुषों सहित चार लोग गंभीर रूप से घायल हैं। स्थानीय पुलिस ने आरोपी नागरिक को हिरासत में ले लिया है तथा जारोस्लाव शहर में आपातकालीन क्राइसिस मैनेजमेंट प्रक्रिया लागू कर दी गई है।</p><h3>जारोस्लाव में सुबह करीब 9:30 बजे हुआ हमला</h3><p>दक्षिण-पूर्वी पोलैंड के जारोस्लाव शहर में बेनेडिक्टिन मठ परिसर में गुरुवार सुबह करीब 9:30 बजे पुलिस को चाकूबाजी की सूचना मिली। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने परिसर में मौजूद लोगों पर चाकू से हमला किया। पुलिस के पहुंचने तक पांच लोग घायल हो चुके थे। इनमें चार पुरुष और एक महिला शामिल हैं।&nbsp;</p><p>पुलिस के अनुसार, घायलों में तीन पुरुषों की हालत गंभीर थी। सभी पीड़ितों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। बाद में अधिकारियों ने बताया कि घायलों में शामिल एक व्यक्ति की मौत हो गई। स्थानीय रिपोर्टों में मृतक की पहचान एक पादरी के रूप में की गई है। हालांकि, घटना के शुरुआती चरण में पुलिस और अभियोजन अधिकारियों ने पीड़ितों की पूरी पहचान को लेकर सीमित जानकारी दी थी।&nbsp;</p><h3>31 वर्षीय यूक्रेनी नागरिक हिरासत में</h3><p>पोडकारपैकी पुलिस ने बताया कि घटना के बाद 31 वर्षीय यूक्रेनी नागरिक को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने उसके पास से चाकू भी बरामद किया है। अधिकारियों के मुताबिक, हमले के बाद आरोपी को मौके से ही पकड़ लिया गया था। मामले की जांच के लिए पुलिस और अभियोजन अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं।</p><p>हमले के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस और जांच एजेंसियां आरोपी की गतिविधियों, हमले के पूरे घटनाक्रम और उसके मकसद का पता लगाने में जुटी हैं। अधिकारियों ने फिलहाल इसे किसी विशेष आतंकी या राजनीतिक उद्देश्य से जोड़कर कोई आधिकारिक निष्कर्ष नहीं दिया है।&nbsp;</p><h3>बेनेडिक्टिन मठ परिसर में मचा हड़कंप</h3><p>स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, घटना बेनेडिक्टिन सिस्टर्स के ऐतिहासिक <a href="https://navbharatlive.com/world/ukraine-drone-attack-russia-kherson-monastery-zelenskyy-statement-pss06">मठ परिसर</a> से जुड़े क्षेत्र में हुई। शुरुआती खबरों में इसे सीधे महिलाओं के मठ के अंदर हुई घटना बताया गया था, लेकिन स्थानीय प्रत्यक्षदर्शी के हवाले से बाद की रिपोर्ट में कहा गया कि हमला परिसर से सटे उस हिस्से में शुरू हुआ, जहां बेनेडिक्टिन पादरी सेवाएं देते हैं। इसके बाद हमलावर चर्च की ओर भागा।&nbsp;</p><p>हमले के समय धार्मिक गतिविधियां चल रही थीं और परिसर में कई लोग मौजूद थे। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभालते हुए जांच शुरू कर दी।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/world/sergey-lavrov-russia-ukraine-talks-military-operation-unsc-pss06">Ukraine War: शांति वार्ता के बीच जारी रहेगा सैन्य एक्शन, रूसी विदेश मंत्री लावरोव का बड़ा बयान</a></aside><h3>जारोस्लाव में क्राइसिस मैनेजमेंट प्रक्रिया लागू</h3><p>हमले के बाद जारोस्लाव के मेयर मार्सिन नाजारेविच ने शहर में <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/pune/emergency-crisis-management-plan-mumbai-pune-expressway-1551488.html">क्राइसिस मैनेजमेंट</a> प्रक्रिया सक्रिय की। पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां घटनास्थल पर तैनात रहीं। प्रशासन की ओर से घटना से जुड़े हालात की निगरानी की जा रही है।&nbsp;</p><p>यह घटना पोलैंड के लिए गंभीर सुरक्षा मामला बन गई है। फिलहाल जांच एजेंसियों का मुख्य फोकस हमले की पूरी परिस्थितियों और आरोपी के मकसद का पता लगाने पर है। मृतक और घायलों की पहचान से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी भी जांच आगे बढ़ने के साथ सामने आने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>Ukraine War: शांति वार्ता के बीच जारी रहेगा सैन्य एक्शन, रूसी विदेश मंत्री लावरोव का बड़ा बयान</title><link>https://navbharatlive.com/world/sergey-lavrov-russia-ukraine-talks-military-operation-unsc-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/world/sergey-lavrov-russia-ukraine-talks-military-operation-unsc-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">5dabaefb-2531-4593-b4c3-709f996db0ff</guid><pubDate>Thu, 24 Sep 2026 17:34:10 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-24T17:34:10.010+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>World News,Donald Trump,Ukraine,Russia,United Nations,Moscow,Russia-Ukraine War,Delhi Assembly Session</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/ka3dvbxc/sergey-lavrov-unga-statement.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Sergey Lavrov UNGA Statement]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/ka3dvbxc/sergey-lavrov-unga-statement.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>विदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Sergey Lavrov UNGA Statement:</strong> संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रूस यूक्रेन के साथ बातचीत के लिए अपने विशेष सैन्य अभियान को निलंबित नहीं करेगा। </p><p>यूनाइटेड किंगडम स्थित रूसी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर विदेश मंत्री लावरोव के इस बयान की पुष्टि की। लावरोव ने कहा कि पिछले कड़वे अनुभवों से सीख लेते हुए रूस बातचीत के दौरान सैन्य कार्रवाई में कोई विराम नहीं लेगा।</p><h3>वार्ता के दौरान सीजफायर पर रूस का रुख</h3><p>लावरोव ने कहा कि रूस बातचीत को केवल अस्थायी युद्धविराम तक सीमित करने के बजाय ऐसे समझौते पर केंद्रित करना चाहता है, जो संघर्ष का स्थायी समाधान दे। उन्होंने अपने रुख के समर्थन में रूस के पिछले अनुभवों का हवाला दिया।</p><p>रूसी विदेश मंत्री ने यूरोपीय देशों पर आरोप लगाया कि वे युद्धविराम का इस्तेमाल यूक्रेन को अपनी सैन्य क्षमताएं और हथियारों का भंडार बढ़ाने के लिए समय देने के उद्देश्य से करना चाहते हैं। यह यूरोपीय देशों के रुख पर लावरोव की ओर से किया गया दावा है।</p><h3>एंकरेज बैठक और स्थायी शांति का जिक्र</h3><p>लावरोव ने अगस्त 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई एंकरेज बैठक का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस बैठक के बाद ट्रंप ने भी अस्थायी युद्धविराम के बजाय लंबे समय तक चलने वाले शांति समझौते की जरूरत पर जोर दिया था।</p><p>लावरोव के अनुसार रूस भी इसी दिशा में बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि मॉस्को का लक्ष्य ऐसा समझौता हासिल करना है जो यूक्रेन में संघर्ष को स्थायी रूप से समाप्त कर सके।</p><h3>विटकॉफ और कुशनर की मॉस्को यात्रा का जिक्र</h3><p>रूसी विदेश मंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति के सलाहकार जारेड कुशनर की मॉस्को यात्रा का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक दोनों अमेरिकी प्रतिनिधियों ने रूस के साथ समझौता कराने में वाशिंगटन की रुचि की पुष्टि की।</p><p>विटकॉफ और कुशनर ने 5 सितंबर को मॉस्को में राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की थी और अगले दिन कीव जाकर यूक्रेनी <a href="https://navbharatlive.com/world/ukraine-war-president-zelensky-fires-army-chief-oleksandr-syrskyi-1879917.html">राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की</a> से बातचीत की थी। इसके बाद 8 सितंबर को ट्रंप और पुतिन के बीच फोन पर बातचीत हुई थी।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/world/pakistan-airstrikes-afghanistan-kandahar-khost-paktia-civilians-killed-pss06">पाकिस्तान के हवाई हमलों में 4 बेगुनाह अफगान नागरिकों की मौत, तालिबान का बड़ा दावा</a></aside><h3>यूरोप की भूमिका पर लावरोव की आलोचना</h3><p>लावरोव ने यूक्रेन को यूरोपीय देशों की ओर से मिल रही वित्तीय और सैन्य सहायता की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि यूरोपीय समर्थन संघर्ष को लंबा खींच सकता है।</p><p>साथ ही उन्होंने यूक्रेन संघर्ष के समाधान में रूस की बताई गई प्राथमिकताओं पर जोर दिया। <a href="https://navbharatlive.com/world/g4-nations-call-unsc-reform-in-new-york-release-joint-statement-nkr24">संयुक्त राष्ट्र</a> में उनका बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और अन्य पक्ष बातचीत दोबारा शुरू कराने की संभावनाओं पर चर्चा कर रहे हैं, लेकिन युद्धविराम और सुरक्षा गारंटी जैसे मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं।</p>]]></content:encoded></item><item><title>पाकिस्तान के हवाई हमलों में 4 बेगुनाह अफगान नागरिकों की मौत, तालिबान का बड़ा दावा</title><link>https://navbharatlive.com/world/pakistan-airstrikes-afghanistan-kandahar-khost-paktia-civilians-killed-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/world/pakistan-airstrikes-afghanistan-kandahar-khost-paktia-civilians-killed-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">a6cf44d8-1ee0-4593-82cc-1b331e90d691</guid><pubDate>Thu, 24 Sep 2026 16:10:37 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-24T16:10:37.526+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>World News,Pakistan,Afghanistan,air strikes,South Asia</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/n183xhl8/pakistan-airstrikes-update-1.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ पाकिस्तान का अफगानिस्तान पर हमला]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Pakistan Airstrikes In Afghanistan]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/n183xhl8/pakistan-airstrikes-update-1.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>विदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Pakistan Airstrikes In Afghanistan:</strong> अफगानिस्तान के कंधार, खोस्त और पक्तिया प्रांतों में पाकिस्तान द्वारा भीषण हवाई हमले किए गए हैं। तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने पुष्टि की कि इस पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक में 4 बेगुनाह आम नागरिक मारे गए हैं।&nbsp;</p><p>जबीहुल्लाह मुजाहिद और अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने पाकिस्तान की इस आक्रामक कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है। तालिबान ने चेतावनी दी है कि पाकिस्तान की इस अकारण आक्रामकता और दमनकारी हरकतों का निर्णायक रुख अपनाकर मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।</p><h3>कंधार, खोस्त और पक्तिया में पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक</h3><p>पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान के तीन प्रांतों में हवाई कार्रवाई की गई। तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने कंधार, खोस्त और पक्तिया में कई स्थानों को निशाना बनाया।</p><p>मुजाहिद के मुताबिक, हमलों में चार आम नागरिकों की मौत हुई है। तालिबान ने इस कार्रवाई को अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए पाकिस्तान की कड़ी आलोचना की। हालांकि, नागरिकों की मौत से जुड़ी जानकारी तालिबान अधिकारियों के दावे पर आधारित है और सभी विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।</p><h3>ड्रोन घुसपैठ के पाकिस्तानी दावे को तालिबान ने नकारा</h3><p>पाकिस्तान की ओर से इन हमलों के पीछे अफगानिस्तान से होने वाली कथित ड्रोन गतिविधियों का हवाला दिया गया है। इस्लामाबाद का दावा है कि अफगान क्षेत्र से पाकिस्तान की सीमा में ड्रोन भेजे जा रहे थे और सुरक्षा के मद्देनजर कार्रवाई जरूरी थी।</p><p>वहीं तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तान के ड्रोन घुसपैठ संबंधी दावों को खारिज किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान अपनी सैन्य कार्रवाई को सही ठहराने के लिए इन दावों का इस्तेमाल कर रहा है। मुजाहिद ने कहा कि ऐसी कार्रवाई दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा सकती है।</p><p>तालिबान ने यह भी कहा कि अफगानिस्तान अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेगा। प्रवक्ता ने पाकिस्तान की कार्रवाई का उचित जवाब देने की चेतावनी भी दी।</p><h3>हामिद करजई ने पाकिस्तान से नीति बदलने की अपील की</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/videos/pakistan-airstrike-balochistan-civilian-deaths-bla-retaliation">पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक</a> पर अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कंधार, खोस्त और पक्तिया में हुई बमबारी की आलोचना करते हुए पाकिस्तान से अपनी नीति पर पुनर्विचार करने की अपील की।</p><p>करजई ने कहा कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान को एक-दूसरे के साथ अच्छे पड़ोसी की तरह संबंध बनाए रखने चाहिए। उन्होंने सैन्य कार्रवाई के बजाय बातचीत और कूटनीतिक रास्ते से विवादों को सुलझाने पर जोर दिया।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/videos/donald-trump-xi-jinping-meeting-2026-taiwan-trade-ai-iran-agenda-pjs00">Trump-Xi Summit: B-2 से F-22 तक शक्ति प्रदर्शन, अब ताइवान से ट्रेड तक क्या होगा फैसला? VIDEO में समझें</a></aside><h3>पहले भी हो चुकी है अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक</h3><p>यह पहली बार नहीं है जब हाल के दिनों में <a href="https://navbharatlive.com/world/pakistan-airstrikes-afghanistan-kandahar-khost-paktia-hamid-karzai-pss06">पाकिस्तान ने अफगानिस्तान</a> में हवाई कार्रवाई की है। इससे पहले कुनार और पक्तिका प्रांतों में भी पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक की खबर सामने आई थी। उस कार्रवाई को लेकर भी दोनों पक्षों के दावों में अंतर रहा था।</p><p>लगातार हो रही सैन्य कार्रवाइयों से पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर तनाव बढ़ गया है। ड्रोन गतिविधियों, सीमा सुरक्षा और आतंकवादी संगठनों को लेकर दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक बातचीत और सीमा सुरक्षा व्यवस्था पर दुनिया की नजर बनी रहेगी।</p>]]></content:encoded></item><item><title>पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में 10 ठिकानों पर बरसाए बम, पूर्व राष्ट्रपति करजई ने की कड़ी निंदा</title><link>https://navbharatlive.com/world/pakistan-airstrikes-afghanistan-kandahar-khost-paktia-hamid-karzai-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/world/pakistan-airstrikes-afghanistan-kandahar-khost-paktia-hamid-karzai-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">472421a0-dfd3-4366-8224-714cdfcd5757</guid><pubDate>Thu, 24 Sep 2026 14:42:08 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-24T14:42:08.422+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>World News,Pakistan,Drone Attack,Kabul,Afghanistan,air strikes,South Asia,Foreign News</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/lpz6ibpy/pakistan-airstrikes-update.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में बरसाए बम]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Pakistan Airstrikes In Afghanistan]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/lpz6ibpy/pakistan-airstrikes-update.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>विदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Pakistan Airstrikes In Afghanistan:</strong> पाकिस्तान ने एक बार फिर पड़ोसी देश अफगानिस्तान के 10 ठिकानों पर भीषण एयरस्ट्राइक की है। गुरुवार को किए गए इस हमले की तस्दीक पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तराड़ ने आधिकारिक रूप से की है। पाक </p><p>हमले के बाद अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने पाकिस्तान की तीखी आलोचना करते हुए कड़ा कूटनीतिक विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की इस अकारण और आक्रामक सैन्य नीति के खिलाफ सभी अफगान नागरिक पूरी तरह से एकजुट और दृढ़ खड़े हैं।</p><h3>10 ठिकानों पर हमले, पाकिस्तान ने बताया आत्मरक्षा की कार्रवाई</h3><p>पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तराड़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इन हवाई हमलों की जानकारी दी। उनके अनुसार पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान के अंदर 10 अलग-अलग ठिकानों को निशाना बनाया। पाकिस्तान का दावा है कि इन स्थानों का इस्तेमाल उसके खिलाफ ड्रोन हमलों की तैयारी या उन्हें लॉन्च करने के लिए किया जा रहा था।</p><p>तराड़ ने कहा कि कार्रवाई पाकिस्तान के संप्रभु और आत्मरक्षा के अधिकार के तहत की गई। उन्होंने इन हमलों को सटीक और सीमित बताते हुए कहा कि निशाना केवल उन्हीं ठिकानों को बनाया गया, जिनका संबंध पाकिस्तान पर होने वाले हमलों से था।</p><h3>कंधार, खोस्त और पक्तिया में बमबारी पर करजई की प्रतिक्रिया</h3><p>पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक के बाद अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने इसकी आलोचना की। करजई ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने कंधार, खोस्त और पक्तिया सहित अफगानिस्तान के कई इलाकों में बमबारी की है।</p><p>करजई के अनुसार पाकिस्तान की मौजूदा नीति दोनों देशों के संबंधों को और तनावपूर्ण बना रही है। उन्होंने <a href="https://navbharatlive.com/world/aisha-wahab-first-afghan-american-woman-us-congress-victory-california">अफगान नागरिकों</a> से पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाई के खिलाफ एकजुट रहने की बात कही। साथ ही उन्होंने इस्लामाबाद से अफगानिस्तान के साथ बेहतर पड़ोसी संबंधों का रास्ता अपनाने की अपील की।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/videos/donald-trump-xi-jinping-meeting-2026-taiwan-trade-ai-iran-agenda-pjs00">Trump-Xi Summit: B-2 से F-22 तक शक्ति प्रदर्शन, अब ताइवान से ट्रेड तक क्या होगा फैसला? VIDEO में समझें</a></aside><h3>पहले भी ड्रोन और एयरस्ट्राइक को लेकर बढ़ा तनाव</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/world/pakistan-afghanistan-border-escalation-kunar-shelling-taliban-retaliation-1628119.html">अफगानिस्तान और पाकिस्तान</a> के बीच हाल के दिनों में सीमा पार सैन्य गतिविधियों को लेकर तनाव बढ़ा है। पाकिस्तान ने इससे पहले बुधवार को अफगानिस्तान की तरफ से आठ इलाकों में ड्रोन हमले की कोशिश का दावा किया था। पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार इन हमलों को नाकाम कर दिया गया।</p><p>इससे पहले सोमवार को भी पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के दो इलाकों में हवाई हमले किए थे। उस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने 28 आतंकियों के मारे जाने का दावा किया था। </p><p>हालांकि अफगान अधिकारियों ने इस दावे को खारिज करते हुए तीन नागरिकों की मौत और चार लोगों के घायल होने की बात कही थी। दोनों पक्षों के दावों में अंतर के बीच सीमा पर तनाव लगातार बना हुआ है। लगातार हो रही सैन्य कार्रवाइयों से अफगानिस्तान-पाकिस्तान संबंधों पर असर पड़ने के साथ क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ी है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>Trump-Xi Summit: B-2 से F-22 तक शक्ति प्रदर्शन, अब ताइवान से ट्रेड तक क्या होगा फैसला? VIDEO में समझें</title><link>https://navbharatlive.com/videos/donald-trump-xi-jinping-meeting-2026-taiwan-trade-ai-iran-agenda-pjs00</link><comments>https://navbharatlive.com/videos/donald-trump-xi-jinping-meeting-2026-taiwan-trade-ai-iran-agenda-pjs00#comments</comments><guid isPermaLink="false">36dcaea6-27ff-47c9-ae87-ee40659601a9</guid><pubDate>Thu, 24 Sep 2026 14:19:48 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-24T14:19:48.574+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया जैस</atom:name><atom:uri>/api/author/2547964</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Donald Trump,America,Xi Jinping</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/2bklwe2x/donald-trump-xi-jinping-meeting.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ ट्रंप और शी की मीटिंग]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ donald trump xi jinping meeting]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/2bklwe2x/donald-trump-xi-jinping-meeting.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>वीडियो</category><category>विदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <figure class="op-interactive"><iframe allowfullscreen="allowfullscreen" frameborder="0" src="https://www.youtube.com/embed/zBW4Hc0iXek"></iframe></figure><p><strong>Xi Jinping US Visit:</strong> अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच आज अहम बैठक होनी है। इसके लिए 11 साल बाद शी जिनपिंग अमेरिका पहुंचे है। शी जिनपिंग का स्वागत जॉइंट बेस एंड्रयूज पर हुआ। यहां अमेरिकी वायु सेना ने स्वागत में B-2 स्टील्थ बॉम्बर और F-22 रैप्टर स्टील्थ फाइटर जेट्स के साथ फ्लाईपास्ट किया। यह औपचारिक स्वागत से कहीं ज्यादा गहरी द्विपक्षीय प्रतिद्वंद्विता के बीच अमेरिकी सैन्य शक्ति और प्रतिरोध क्षमता का रणनीतिक प्रदर्शन है।</p><p>इस बैठक का मुख्य एजेंडा संवेदनशील भू-राजनीतिक मुद्दों पर केंद्रित है, जिनमें ताइवान, द्विपक्षीय व्यापार, तकनीक और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शक्ति संतुलन शामिल हैं। कुल मिलाकर, यह बैठक दिखाती है कि भविष्य के अमेरिका-चीन संबंधों को तय करने में सैन्य शक्ति प्रदर्शन, व्यापार रणनीति और ऊर्जा सुरक्षा किस तरह आपस में जुड़े हुए हैं। इस वीडियो के जरिए जाने कि कैसे शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप किन मुद्दों पर बात कर सकते है और किन समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। </p>]]></content:encoded></item><item><title>गैर-कानूनी... ट्रंप को अमेरिकी अदालत से बड़ा झटका, CNN, MS NOW और पोलिटिको पर लगा व्हाइट हाउस बैन रद्द</title><link>https://navbharatlive.com/world/trump-white-house-media-ban-ruled-unconstitutional-cnn-ms-now-politico-press-access-restored-aks03</link><comments>https://navbharatlive.com/world/trump-white-house-media-ban-ruled-unconstitutional-cnn-ms-now-politico-press-access-restored-aks03#comments</comments><guid isPermaLink="false">93d6df4b-80d2-40ea-8745-167f283b571a</guid><pubDate>Thu, 24 Sep 2026 12:41:18 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-24T12:41:18.417+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अक्षय साहू</atom:name><atom:uri>/api/author/2547990</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>World News,Latest Hindi News,Donald Trump,White House</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/o039poh2/Trump-White-House-Media-Ban-Case.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[  अमेरिकी अदालत ने ट्रंप के मीडिया बैन को असंवैधानिक बताया]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ US Court Trump Media Ban Case]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/o039poh2/Trump-White-House-Media-Ban-Case.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>विदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Trump White House Media Ban Case:</strong> अमेरिका के एक फेडरल जज ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके प्रशासन को CNN, MS NOW और पोलिटिको के व्हाइट हाउस में प्रवेश से जुड़े बैन के मामले में बड़ा झटका दिया है। अदालत ने बैन को असंवैधानिक बताते हुए ट्रंप प्रशासन से इसे तुरंत रद्द करने के लिए कहा है। ट्रंप ने पिछले हफ्ते इन तीनों मीडिया संस्थानों&nbsp; पर बैन लगाने की घोषणा की थी।</p><p>जानकारी के मुताबिक, अमेरिका के डिस्ट्रिक्ट जज टिमोथी केली ने मामले की सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। केली ने कहा कि तीनों मीडिया संस्थानों पर लगाया गया प्रतिबंध गैर-कानूनी है और इसे तुरंत रद्द किया जाना चाहिए। मीडिया संस्थानों ने इस बैन के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया था। दिलचस्प बात यह है कि टिमोथी केली की नियुक्ति खुद डोनाल्ड ट्रंप ने की थी।&nbsp;</p><h3>अदालत के फैसले से ट्रंप को झटका</h3><p>रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह फैसला मीडिया के साथ चल रहे विवाद में ट्रंप प्रशासन के लिए एक बड़ा झटका है। ट्रंप ने पिछले हफ्ते इन पाबंदियों की घोषणा की थी। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इस फैसले का बचाव करते हुए कहा था कि तीनों संस्थानों को बार-बार झूठी खबर छापने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। व्हाइट हाउस की पाबंदियों को CNN, MS NOW और पोलिटिको ने कोर्ट में चुनौती दी थी, जिन्होंने प्रशासन के उनकी पहुंच रद्द करने के फैसले को चुनौती दी थी।</p><p>केली ने बुधवार को इस मामले में सुनवाई की। इस दौरान उन्होंने आदेश देते हुए सवाल किया था कि क्या प्रशासन ने संस्थानों के व्हाइट हाउस प्रेस क्रेडेंशियल रद्द करने से पहले सही प्रक्रिया का पालन किया था?&nbsp; केली ने सुनवाई के दौरान संस्थानों के एक्सेस बहाल को रोकने के अनुरोध पर शक जताया और कार्रवाई की शुरुआत में कहा कि यहां सही प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।</p><h3>संविधान के पहले संशोधन के आधार पर केस</h3><p>तीनों संस्थानों ने अमेरिकी संविधान के पहले संशोधन के आधार पर<a href="https://navbharatlive.com/world/trump-blacklists-4-indian-companies-for-importing-petroleum-from-iran"> ट्रंप प्रशासन</a> पर केस किया, जब उनके पत्रकारों को शनिवार को व्हाइट हाउस के ग्राउंड में जाने से मना कर दिया गया और उनके हार्ड प्रेस बैज रद्द कर दिए गए।</p><p>मीडिया संगठनों की ओर से अटॉर्नी थियोडोर बाउट्रस ने बुधवार को केली से संस्थानों के क्रेडेंशियल्स तुरंत बहाल करने की अपील की। बाउट्रस ने कहा कि प्रशासन का एक्शन नजरिए के आधार पर भेदभाव जैसा है और यह फैसला पूरी तरह से अचानक आया। बाउट्रस ने जज से कहा कि हम जंग में हैं। दुनियाभर के नेता वाशिंगटन आ रहे हैं।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/world/g4-nations-call-unsc-reform-in-new-york-release-joint-statement-nkr24">G4 देशों ने UNSC में सुधार की मांग दोहराई, संयुक्त बयान जारी कर कहा- 80 साल पुराना ढांचे में हो बदलाव</a></aside><h3>अमेरिकी न्याय विभाग ने किया बचाव</h3><p>इस बीच, अमेरिकी न्याय विभाग ने प्रशासन की इस बात का बचाव किया कि <a href="https://navbharatlive.com/world/trump-tv-launch-2026-white-house-media-ban-cnn-ms-now-politico-boycott-aks03">व्हाइट हाउस </a>में प्रवेश एक अप्रतिबंधित अधिकार नहीं है। न्याय विभाग के वकील माइकल वेलचिक ने सुनवाई के दौरान कहा, व्हाइट हाउस में प्रवेश एक खास अधिकार है। उन्होंने आगे कहा, कम से कम राष्ट्रपति ओवल ऑफिस से किसी को भी बाहर कर सकते हैं। यह उनका अपना निजी निर्णय है कि वे अपने ऑफिस में किसे प्रवेश की इजाजत देते हैं।</p>]]></content:encoded></item><item><title>G4 देशों ने UNSC में सुधार की मांग दोहराई, संयुक्त बयान जारी कर कहा- 80 साल पुराना ढांचे में हो बदलाव</title><link>https://navbharatlive.com/world/g4-nations-call-unsc-reform-in-new-york-release-joint-statement-nkr24</link><comments>https://navbharatlive.com/world/g4-nations-call-unsc-reform-in-new-york-release-joint-statement-nkr24#comments</comments><guid isPermaLink="false">c0a7540c-f313-4c1a-9692-df5611d839dc</guid><pubDate>Thu, 24 Sep 2026 10:06:27 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-24T10:06:27.291+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>नितिन कुमार राय</atom:name><atom:uri>/api/author/2590629</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Foreign Country,United Nations,S Jaishankar,Ministry of External Affairs,UNSC</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/r7jcgsei/G4-Nations.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ जी4 देशों के विदेश मंत्री]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ G4 Nations Calls UNSC Reform]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/r7jcgsei/G4-Nations.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>विदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>G4 Nations Call UNSC Reform</strong>: G4 देशों ने यूएन सुरक्षा परिषद में सुधार के लिए संयुक्त बयान जारी किया है। ब्राजील, जर्मनी, भारत और जापान ने UN सुरक्षा परिषद में सुधार की दिशा में कोई प्रगति न होने पर गहरी चिंता जताई है। उनका कहना है कि 80 साल पुराना यह ढांचा अब मौजूदा भू-राजनीतिक हकीकत को नहीं दर्शाता है। मंगलवार को UN महासभा के 81वें सत्र के दौरान हुई एक बैठक के बाद जारी संयुक्त मंत्री-स्तरीय बयान में इन चारों देशों ने कहा कि सुरक्षा परिषद अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने की अपनी मुख्य जिम्मेदारी को प्रभावी ढंग से निभाने में असमर्थ है।</p><h3>न्यूयॉर्क में नेताओं की मुलाकात</h3><p>G4 देशों के विदेश मंत्री, ब्राजील के विदेश मंत्री श्री मौरो विएरा, जर्मनी के विदेश मामलों के संघीय मंत्री डॉ. जोहान डेविड वाडेफुल, भारत के विदेश मंत्री <a href="https://navbharatlive.com/india/unga-81-s-jaishankar-global-south-ministerial-meeting-kns18">डॉ. एस जयशंकर</a> और जापान के विदेश मंत्री श्री मोटेगी तोशिमित्सु 22 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र (UN) महासभा के 81वें सत्र के दौरान मिले। जारी बयान में कहा गया कि UNSC का प्रतिनिधित्व, वैधता, विश्वसनीयता और प्रभावशीलता सवालों के घेरे में है।</p><figure><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr">MEA | The G4 Ministers underscored their continuing support for Africa’s compelling case for enhanced representation in the UNSC, including in the permanent category of membership.<br><br>Expressing strong concern over the &quot;largely ineffective&quot; IGN framework despite 18 years of… <a href="https://t.co/3e39LZM5WA">https://t.co/3e39LZM5WA</a> <a href="https://t.co/cHnS5dKcgT">pic.twitter.com/cHnS5dKcgT</a></p>&mdash; ANI (@ANI) <a href="https://x.com/ANI/status/2102971966240313409?ref_src=twsrc%5Etfw">September 24, 2026</a></blockquote>
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</figure><h3>बैठक के दौरान चर्चा हुई</h3><p>G4 मंत्रियों ने UN महासभा के 80वें सत्र के दौरान <a href="https://navbharatlive.com/world/pakistan-embarrassed-at-unsc-security-council-rebukes-request-for-help-1210709.html">UN सुरक्षा परिषद </a>में सुधार के संबंध में अंतर-सरकारी वार्ता ढांचे में हुई चर्चाओं की समीक्षा की। उन्होंने UNSC सुधार की संभावनाओं को लेकर UN में मौजूदा स्थिति पर भी चर्चा की। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि भू-राजनीतिक माहौल के लगातार चुनौतीपूर्ण होते जाने के कारण, UNSC में सुधार पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है। G4 मंत्रियों ने माना कि UNSC अभी अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने की अपनी मुख्य जिम्मेदारी को प्रभावी ढंग से निभाने में असमर्थ है। उन्होंने पाया कि इसका एक मुख्य कारण आठ दशक पुराना ढांचा है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/world/russia-bhutan-mauritius-support-india-for-permanent-membership-in-unsc-1370557.html">संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत को मिले स्थायी जगह, रूस समेत इन 3 देशों ने किया समर्थन</a></aside><h3>जल्द से जल्द सुधार लाने की मांग</h3><p>G4 मंत्रियों ने इस बात पर जोर दिया कि UNSC में सुधार को जल्द से जल्द लागू करना बहुत जरूरी है ताकि परिषद अपने मकसद के लिए काम कर सके और आज की भू-राजनीतिक वास्तविकताओं को सही ढंग से दर्शा सके। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि UNSC का स्थायी और अस्थायी दोनों श्रेणियों में विस्तार ऐसे सुधार के लिए अहम है और ज्यादातर सदस्य देश इस बात का समर्थन करते हैं। इस संदर्भ में, उन्होंने अफ्रीका, एशिया-प्रशांत, और लैटिन अमेरिका और कैरिबियन जैसे कम प्रतिनिधित्व वाले और बिना प्रतिनिधित्व वाले क्षेत्रों और समूहों की इन दोनों श्रेणियों में भागीदारी बेहतर बनाने के महत्व को फिर से दोहराया।</p>]]></content:encoded></item><item><title>ओमान तट पर जहाज को बनाया निशाना! 20 भारतीय नाविकों में से एक की मौत, विदेश मंत्रालय की सख्त टिप्पणी</title><link>https://navbharatlive.com/world/ship-targeted-off-the-coast-of-oman-one-of-the-20-indian-sailors-killed-ministry-of-external-affairs-condemns-the-incident-nkr24</link><comments>https://navbharatlive.com/world/ship-targeted-off-the-coast-of-oman-one-of-the-20-indian-sailors-killed-ministry-of-external-affairs-condemns-the-incident-nkr24#comments</comments><guid isPermaLink="false">3f3061be-2d79-4e63-8ee6-a114266c807d</guid><pubDate>Thu, 24 Sep 2026 08:37:43 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-24T08:37:43.195+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>नितिन कुमार राय</atom:name><atom:uri>/api/author/2590629</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Oman,Drone Attack,Middle East,Foreign Country</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/mc2kf67h/Attack-On-Ship.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ जहाज हमले पर विदेश मंत्रालय का बयान]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Ship Attack In Oman]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/mc2kf67h/Attack-On-Ship.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>विदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Ship Attack In Oman</strong>: भारतीय विदेश मंत्रालय ने बुधवार को ओमान के पूर्वी तट के पास कमर्शियल जहाज MV Cape Dao पर हुए हमले की निंदा की। जहाज पर मौजूद 20 भारतीय नाविकों में से 19 को बचा लिया गया है, जबकि एक भारतीय नागरिक की दुखद मौत हो गई है। विदेश मंत्रालय ने मृतक के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है। ओमान में भारतीय दूतावास स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और भारतीय नाविकों की जल्द वापसी के लिए ओमान के अधिकारियों के साथ बातचीत कर रही है।</p><h3>क्षेत्र में लगातार जहाजों को निशाना बनाया जा रहा</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/career/mea-internship-2026-apply-online-stipend-eligibility-last-date-kns18">विदेश मंत्रालय</a> ने इस हमले को लेकर कहा कि इस क्षेत्र में कमर्शियल शिपिंग पर हमलों की लगातार घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। हम तनाव कम करने और क्षेत्र में जल्द शांति बहाल करने के लिए बातचीत और कूटनीति की अपनी अपील दोहराते हैं। क्षेत्र में कमर्शियल शिपिंग, नाविकों और आम नागरिकों के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना बंद होना चाहिए, और क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से आजाद और बिना किसी रुकावट के आवाजाही और व्यापार को जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए।</p><figure><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr">Our statement on the attack on a commercial vessel off the coast of Oman ⬇️<br><br> <a href="https://t.co/gXzupV0MKT">https://t.co/gXzupV0MKT</a> <a href="https://t.co/GcrLw0FFmy">pic.twitter.com/GcrLw0FFmy</a></p>&mdash; Randhir Jaiswal (@MEAIndia) <a href="https://x.com/MEAIndia/status/2102785565158723797?ref_src=twsrc%5Etfw">September 23, 2026</a></blockquote>
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</figure><h3>देवरिया के सूरज यादव की मौत</h3><p>इस हमले में मृतक नाविक की पहचान यूपी के देवरिया के रहने वाले सूरज यादव के रूप में हुई है, जो जहाज पर वाइपर पद पर कार्यरत थे। मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ओमान के स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर चालक दल की सुरक्षा और परिजनों की मदद में जुटा है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक जहाज भारत की ओर बढ़ रहा था। फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया यानी <a href="https://navbharatlive.com/world/oman-ship-attack-mv-cape-dao-indian-sailor-killed-torpedo-pss06">FSUI </a>ने मृतक की पहचान सूरज यादव के तौर पर की है। जानकारी के मुताबिक हमले में उन्हें सिर में चोट लगी, जिसके बाद उनकी मौत हो गई।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/world/hormuz-attacks-qatar-lng-tanker-heading-to-india-1848243.html">Hormuz Attacks: होर्मुज में कतर के जहाज पर बड़ा हमला, इरानी अटैक के बीच 4 भारतीय सुरक्षित</a></aside><h3>दो टॉरपीडो से हमले का दावा</h3><p>FSUI के अनुसार <a href="https://navbharatlive.com/world/oman-ship-attack-mv-cape-dao-indian-sailor-killed-torpedo-pss06">MV Cape Dao</a> पर दो टॉरपीडो से अटैक किया गया। यूनियन का दावा है कि पहला टॉरपीडो जहाज के पोर्ट साइड स्थित C-डेक के आवासीय हिस्से से टकराया, जबकि दूसरा पोर्ट साइड के उस हिस्से में लगा जहां इंजन रूम मौजूद था। हमले के बाद चालक दल को जहाज से सुरक्षित बाहर निकाला गया। रिपोर्ट के अनुसार ओमान की रॉयल नेवी ने क्रू को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में मदद की। एक अन्य भारतीय क्रू सदस्य के मामूली रूप से घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।&nbsp; &nbsp;</p>]]></content:encoded></item><item><title>ट्रंप ने जिनपिंग के लिए बिछाया रेड कार्पेट, 10 साल बाद अमेरिका पहुंचे चीनी राष्ट्रपति, आज करेंगे अहम बैठक</title><link>https://navbharatlive.com/world/donald-trump-welcomes-xi-jinping-us-state-visit-2026-trade-ai-iran-war-talks-aks03</link><comments>https://navbharatlive.com/world/donald-trump-welcomes-xi-jinping-us-state-visit-2026-trade-ai-iran-war-talks-aks03#comments</comments><guid isPermaLink="false">5aab011c-4805-4621-9475-7dcb81b5ef7c</guid><pubDate>Thu, 24 Sep 2026 08:23:32 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-24T08:23:32.863+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अक्षय साहू</atom:name><atom:uri>/api/author/2547990</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>World News,Latest Hindi News,Donald Trump,Artificial Intelligence,Xi Jinping</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/9v8n6gb9/Xi-Jinping-US-State-Visit-.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का भव्य स्वागत किया]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Xi Jinping US State Visit]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/9v8n6gb9/Xi-Jinping-US-State-Visit-.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>विदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Xi Jinping US State Visit:</strong> चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग बुधवार को करीब 10 साल बाद अमेरिका पहुंचे। इस दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रोटोकॉल तोड़कर उनका स्वागत करने एयरपोर्ट पहुंचे। अमेरिका में किसी विदेशी नेता के लिए राष्ट्रपति का एयरपोर्ट पहुंचना बेहद दुर्लभ माना जाता है। जिनपिंग अमेरिका के तीन दिवसीय राजकीय दौरे पर हैं। ईरान युद्ध और टैरिफ के तनाव के बीच इस दौरे को काफी अहम माना जा रहा है।&nbsp;</p><p>डोनाल्ड ट्रंप इस दौरे की अहमियत को समझते हैं, यही कारण है कि वे अपनी पत्नी और अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप के साथ चीनी राष्ट्रपति और उनकी पत्नी पेंग लियुआन का स्वागत करने वॉशिंगटन के बाहर स्थित जॉइंट बेस एंड्रयूज एयरबेस पहुंचे। ट्रंप ने जिनपिंग का बेहद गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान जिनपिंग को एयरपोर्ट पर ही सैन्य सम्मान भी दिया गया।&nbsp;</p><h3>दोनों देशों के बीच रिश्ते बेहतर करने की कोशिश</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/world/trump-zelensky-meeting-unga-2026-iran-deal-diesel-ban-xi-jinping-aks03">डोनाल्ड ट्रंप</a> के दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद से ही चीन और अमेरिका के रिश्ते काफी तनावपूर्ण रहे हैं। खासकर टैरिफ को लेकर दोनों देशों के बीच काफी नोकझोंक देखने को मिली थी। ऐसे में जिनपिंग का अमेरिका दौरा दोनों देशों के रिश्तों के लिए काफी अहम साबित हो सकता है। रेड कार्पेट, भव्य स्वागत, सैन्य सम्मान, F-22 और F-16 लड़ाकू विमानों की मौजूदगी और बी-1 बॉम्बर फ्लाईपास्ट के बीच शुरू हुए इस दौरे का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ईरान और वैश्विक रणनीतिक मुद्दों पर संवाद को आगे बढ़ाना है।&nbsp;</p><figure><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr">President Donald J. Trump and First Lady Melania Trump greet President Xi Jinping of China and Madame Peng Liyuan upon their arrival in Washington, D.C., ahead of the state visit at the White House. <a href="https://t.co/nm2vGonChM">pic.twitter.com/nm2vGonChM</a></p>&mdash; The White House (@WhiteHouse) <a href="https://x.com/WhiteHouse/status/2102926157955936657?ref_src=twsrc%5Etfw">September 24, 2026</a></blockquote>
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</figure><h3>ट्रंप ने एयरपोर्ट पर किया भव्य स्वागत</h3><p>वॉशिंगटन के जॉइंट बेस एंड्रयूज एयरबेस पर जैसे ही जिनपिंग का विमान पहुंचा, ट्रंप और फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप ने उनका स्वागत किया। चीनी राष्ट्रपति अपनी पत्नी के साथ विमान से उतरे, जहां दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया। इसके बाद ट्रंप और <a href="https://navbharatlive.com/world/trump-xi-meeting-us-china-talks-iran-satellite-trade-pss06">शी जिनपिंग</a> रनवे पर साथ खड़े हुए और सैन्य बैंड ने अमेरिका और चीन के राष्ट्रगान बजाए गए। इस पूरे कार्यक्रम को विशेष रूप से तैयार किया गया था। इसे अमेरिका द्वारा उच्च स्तर के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।&nbsp;</p><p>चीनी राष्ट्रपति का यह दौरा तीन दिन तक चलेगा। सबसे पहले गुरुवार को व्हाइट हाउस में उनके सम्मान में एक भव्य स्टेट बैंक्वेट का आयोजन किया जाएगा। इसमें ट्रंप प्रशासन के बड़े नेताओं समेत अमेरिका के प्रमुख उद्योगपति, टेक्नोलॉजी क्षेत्र के दिग्गज और विशेष अतिथि शामिल होंगे। इसके बाद ट्रंप और जिनपिंग के बीच अहम मुद्दों पर द्विपक्षीय वार्ता होगी। दौरे के आखिरी दिन ट्रंप और शी जिनपिंग अपनी पत्नियों के साथ व्हाइट हाउस में चाय पर मुलाकात करेंगे। इसके अलावा दोनों दंपति नेशनल आर्काइव्स जाएंगे जहां अमेरिका की ऐतिहासिक स्वतंत्रता घोषणा सुरक्षित रखी गई है।&nbsp;</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/world/ai-bosses-warns-un-sam-altman-and-dario-amodei-say-ai-could-pose-a-threat-to-humanity-nkr24">AI बॉस की बड़ी चेतावनी! सैम ऑल्टमैन और डारियो अमोदेई बोले- AI इंसानियत के लिए खतरा बन सकता है</a></aside><h3>व्यापार और AI पर होगी अहम चर्चा</h3><p>अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार को होने वाली द्विपक्षीय वार्ता में दोनों नेताओं के बीच व्यापार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), वैश्विक सुरक्षा और ईरान युद्ध को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हो सकती है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि AI को लेकर दोनों देशों के बीच किसी बड़े समझौते की संभावना कम है। क्योंकि AI को लेकर वैश्विक पटल पर मुख्य प्रतिस्पर्धा अमेरिका और चीन के बीच ही है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>AI बॉस की बड़ी चेतावनी! सैम ऑल्टमैन और डारियो अमोदेई बोले- AI इंसानियत के लिए खतरा बन सकता है</title><link>https://navbharatlive.com/world/ai-bosses-warns-un-sam-altman-and-dario-amodei-say-ai-could-pose-a-threat-to-humanity-nkr24</link><comments>https://navbharatlive.com/world/ai-bosses-warns-un-sam-altman-and-dario-amodei-say-ai-could-pose-a-threat-to-humanity-nkr24#comments</comments><guid isPermaLink="false">c9ee7504-dd9a-4e0d-9460-53a3c5c26873</guid><pubDate>Thu, 24 Sep 2026 07:52:50 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-24T07:52:50.872+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>नितिन कुमार राय</atom:name><atom:uri>/api/author/2590629</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Artificial Intelligence,United Nations,Social Security,Sam Altman</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/g2j2dqj7/AI-Leaders-In-UN.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ संयुक्त राष्ट्र]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ AI leaders warn UN]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/g2j2dqj7/AI-Leaders-In-UN.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>विदेश</category><category>देश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>AI leaders warn UN</strong>: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनियों के लीडर्स ने UN को चेतावनी दी है कि जैसे-जैसे सिस्टम ज्यादा शक्तिशाली होते जा रहे हैं, सुरक्षा जोखिम भी बढ़ रहे हैं। बुधवार को बड़ी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनियों के प्रमुखों ने संयुक्त राष्ट्र से अपील की कि वे उस तेज़ी से बढ़ रही टेक्नोलॉजी पर नियंत्रण लागू करें। एन्थ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई ने कहा कि अगर इसे ठीक से मैनेज नहीं किया गया, तो मुझे लगता है कि AI पूरी इंसानियत के लिए खतरा बन सकता है। उनके कॉम्पिटिटर, OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने कहा कि हम भविष्य पर AI का कंट्रोल खो सकते हैं।</p><h3>यूएन को सुरक्षा उपाय करने होंगे तय</h3><p>दोनों कंपनी के प्रमुख ने कहा कि दुनिया के देशों को <a href="https://navbharatlive.com/world/russia-bhutan-mauritius-support-india-for-permanent-membership-in-unsc-1370557.html">संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद</a> के जरिए सुरक्षा उपाय के लिए मानक तय करने होंगे। उन्होंने यह बात बुधवार दोपहर को कही। इन लीडर्स ने कहा कि ये ऐसे नियंत्रण होंगे जो टेक्नोलॉजी को इतना शक्तिशाली होने से रोकेंगे कि उसे काबू में करना मुश्किल हो जाए। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि AI की ताकत किसी एक कंपनी या देश के हाथ में केंद्रित न हो। दुनिया के नेताओं के लिए AI के बारे में एक अहम सवाल यह है कि जिंदगी और मौत से जुड़े फैसलों पर किसका कंट्रोल होना चाहिए- इंसान का या मशीन का?</p><h3>टेक्नोलॉजी के बड़े नेताओं के साथ बैठक</h3><p>बुधवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने टेक्नोलॉजी के बड़े नेताओं के साथ बैठक की ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती क्षमताओं और हर जगह मौजूदगी पर नियंत्रण लगाया जाना चाहिए, और अगर हां, तो कौन इसे नियंत्रित करेगा। कुछ और सवाल भी थे कि यह कैसे किया जा सकता है? कब बहुत देर हो सकती है? एक दिन पहले, यूएन के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने "किलर रोबोट" के बारे में चेतावनी दी थी। विशेषज्ञों और यूरोपीय नेताओं ने कहा कि यह कोई बढ़ा-चढ़ाकर कही गई बात नहीं है, बल्कि यह पहले से ही हकीकत है या कम से कम खतरनाक रूप से इसके करीब है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/technology/now-the-future-of-ai-will-be-decided-from-delhi-india-will-set-the-new-direction-for-artificial-intelligence-1508125.html">अब AI का भविष्य दिल्ली से तय होगा! भारत करेगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की नई दिशा तय</a></aside><h3>ट्रम्प AI को बढ़ावा देना चाहते हैं</h3><p>एक ओर एआई कंपनियों के प्रमुख इसके इस्तेमाल पर नियंत्रण चाहते हैं। तो वहीं दूसरी ओर गुरुवार को वॉशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति <a href="https://navbharatlive.com/world/trump-xi-jinping-beijing-summit-iran-war-trade-tension-1724970.html">डोनाल्ड ट्रम्प </a>और चीनी नेता शी जिनपिंग के बीच होने वाली बैठक से पहले, अमेरिका और चीन ने साझा लक्ष्यों और साझा खतरों के लिए एक नोटिफिकेशन सिस्टम बनाने पर चर्चा की है। इस सिस्टम में AI से जुड़ी ऐसी घटनाएं शामिल होंगी जो राष्ट्रीय सुरक्षा के स्तर तक पहुंच सकती हैं। मंगलवार को UN जनरल असेंबली में दुनिया भर के नेताओं से बात करते हुए ट्रम्प ने कहा कि वह AI को कंट्रोल करने के लिए किसी भी 'ग्लोबलिस्ट स्कीम' को बनाने की कोशिश को खारिज करते हैं। उन्होंने इस टेक्नोलॉजी को शानदार बताया, लेकिन यह भी कहा कि अमेरिका सावधानी बरतेगा।</p>]]></content:encoded></item><item><title>UN महासभा के बीच जयशंकर और मार्को रुबियो की अहम बैठक, भारत-अमेरिका रणनीतिक संबंधों पर हुई अहम चर्चा</title><link>https://navbharatlive.com/world/jaishankar-marco-rubio-meeting-new-york-unga-2026-india-us-strategic-partnership-tariff-tensions-aks03</link><comments>https://navbharatlive.com/world/jaishankar-marco-rubio-meeting-new-york-unga-2026-india-us-strategic-partnership-tariff-tensions-aks03#comments</comments><guid isPermaLink="false">50a792e7-b59d-432f-956e-b8a7670d3f5c</guid><pubDate>Thu, 24 Sep 2026 07:16:50 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-24T07:16:50.031+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अक्षय साहू</atom:name><atom:uri>/api/author/2547990</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>World News,United Nations,S Jaishankar,Marco Rubio</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/eulgmeaa/Jaishankar-Rubio-Meet-in-new-york.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ एस. जयशंकर, मार्को रुबियो]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Jaishankar-Rubio Meet in New York]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-24/eulgmeaa/Jaishankar-Rubio-Meet-in-new-york.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>विदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Jaishankar-Rubio Meet in New York:</strong> भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर इन दिनों संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए अमेरिका के न्यूयॉर्क में हैं। इसी बीच उन्होंने बुधवार को अपने अमेरिकी समकक्ष मार्को रुबियो से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच साझेदारी को आगे बढ़ाने के उपायों पर चर्चा हुई। इस बात की जानकारी रुबियो ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट करते हुए दी।&nbsp;</p><p>अमेरिकी विदेश सचिव रुबियो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए आज न्यूयॉर्क में भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर से मिलकर बहुत अच्छा लगा। हम मिलकर अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ा रहे हैं और प्रमुख क्षेत्रीय प्राथमिकताओं और आगामी बहुपक्षीय प्रयासों पर समन्वय कर रहे हैं।</p><h3>शनिवार को UN महासभा को संबोधित करेंगे जयशंकर</h3><p>वहीं, <a href="https://navbharatlive.com/india/unga-81-s-jaishankar-global-south-ministerial-meeting-kns18">डॉ. जयशंकर</a> ने अपनी बैठक के बारे में एक्स पर लिखा कि उन्होंने SRIA के संबंध में भारत के हितों और चिंताओं को दोहराया। 2026 का लिंडसे ओ. ग्राहम रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने वाला अधिनियम है। विदेश मंत्री ने कहा कि उन्होंने खाड़ी और यूक्रेन की स्थितियों पर भी चर्चा की। डॉ. एस जयशंकर शनिवार को दोपहर के सत्र में यूएन महासभा को संबोधित करने वाले हैं, जो स्थानीय समयानुसार दोपहर 3 बजे (भारत में रविवार को 12:30 बजे) शुरू होगा।</p><p>रुबियो के साथ बैठक उन कई उच्च-स्तरीय बैठकों की श्रृंखला में से एक है, जो जयशंकर महासभा के उच्च-स्तरीय सप्ताह के दौरान वैश्विक नेताओं और शीर्ष राजनयिकों के यहां एकत्र होने के बीच कर रहे हैं।</p><figure><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr">Good to meet <a href="https://x.com/SecRubio?ref_src=twsrc%5Etfw">@SecRubio</a> of the US <a href="https://x.com/hashtag/UNHighLevelWeek?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#UNHighLevelWeek</a><br><br>Reiterated India’s interests and concerns with regard to SRIA. Also discussed the Gulf and Ukraine situations.<br><br>  <a href="https://t.co/163YRVlMZG">pic.twitter.com/163YRVlMZG</a></p>&mdash; Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) <a href="https://x.com/DrSJaishankar/status/2102749384320684259?ref_src=twsrc%5Etfw">September 23, 2026</a></blockquote>
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</figure><h3>100 प्रतिशत टैरिफ को लेकर तनाव बरकरार&nbsp;</h3><p>हालांकि, रूसी तेल खरीदने वालों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने वाला अमेरिकी कानून<a href="https://navbharatlive.com/world/us-secretary-rubio-and-israel-greet-india-on-independence-day"> भारत-अमेरिका संबंधों </a>में अड़चन बना हुआ है, लेकिन यह अभी लागू नहीं हुआ है। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर भी अब तक अंतिम फैसला नहीं हो पाया है, बावजूद इसके अन्य क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग जारी है।&nbsp;</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/world/oman-ship-attack-mv-cape-dao-indian-sailor-killed-torpedo-pss06">ओमान के पास जहाज पर टॉरपीडो हमला, एक भारतीय की मौत, क्रू में मौजूद थे 19 इंडियन</a></aside><h3>चीन के बढ़ते प्रभाव पर चिंता</h3><p>अमेरिका, भारत के साथ क्वाड का सदस्य है, जिसमें जापान और ऑस्ट्रेलिया भी शामिल हैं, और वे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा के पहलुओं पर मिलकर काम कर रहे हैं।</p><p>मई में नई दिल्ली में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में, उन्होंने समुद्री सुरक्षा, बंदरगाह बुनियादी ढांचे और ऊर्जा पर अपने सहयोग को दोहराया था। इसे क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव को लेकर चिंताओं का मुकाबला करने के प्रयास के रूप में देखा गया था।</p>]]></content:encoded></item><item><title>ओमान के पास जहाज पर टॉरपीडो हमला, एक भारतीय की मौत, क्रू में मौजूद थे 19 इंडियन</title><link>https://navbharatlive.com/world/oman-ship-attack-mv-cape-dao-indian-sailor-killed-torpedo-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/world/oman-ship-attack-mv-cape-dao-indian-sailor-killed-torpedo-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">a7121d19-305c-426f-9df5-28046c38eb48</guid><pubDate>Wed, 23 Sep 2026 22:38:15 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-23T22:38:15.278+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Narendra Modi,World News,Oman,BRICS Summit,Indian Embassy,Strait of Hormuz,Maritime Security</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/xtzlozqe/oman-ship-attack.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ ओमान के पास जहाज पर टॉरपीडो हमला]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Oman Ship Attack In Gulf]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/xtzlozqe/oman-ship-attack.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>विदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Oman Ship Attack In Gulf:</strong> ओमान के समुद्री तट पर भारत की ओर बढ़ रहे एक कमर्शियल कार्गो शिप पर हमला होने की दुखद खबर सामने आई है। ओमान के पास समुद्र में मालवाहक जहाज MV Cape Dao पर हुए इस भयंकर हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई है। </p><p>मृतक नाविक की पहचान उत्तर प्रदेश के देवरिया निवासी सूरज यादव के रूप में हुई है, जो जहाज पर वाइपर पद पर तैनात थे। मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ओमान के स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर चालक दल की सुरक्षा और परिजनों की मदद में जुटा है।</p><h3>MV Cape Dao पर टॉरपीडो हमले की जानकारी</h3><p>भारतीय अधिकारियों के मुताबिक MV Cape Dao पर हमले के बाद एक भारतीय नागरिक की मौत हुई है। जहाज भारत की ओर बढ़ रहा था। मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि वह ओमानी अधिकारियों के साथ मिलकर सभी क्रू सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में समन्वय कर रहा है।</p><p>फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया यानी FSUI ने मृतक की पहचान सूरज यादव के तौर पर की है। यूनियन के अनुसार वह जहाज पर वाइपर के पद पर कार्यरत थे। रिपोर्टों के मुताबिक हमले में उन्हें सिर में चोट लगी, जिसके बाद उनकी मौत हो गई।</p><h3>दो टॉरपीडो से हमले का दावा</h3><p>FSUI के अनुसार MV Cape Dao पर दो टॉरपीडो से हमला किया गया। यूनियन का दावा है कि पहला टॉरपीडो जहाज के पोर्ट साइड स्थित C-डेक के आवासीय हिस्से से टकराया, जबकि दूसरा पोर्ट साइड के उस हिस्से में लगा जहां इंजन रूम मौजूद था।</p><p>हमले के बाद चालक दल को जहाज से सुरक्षित बाहर निकाला गया। रिपोर्ट के मुताबिक ओमान की रॉयल नेवी ने क्रू को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में मदद की। एक अन्य भारतीय क्रू सदस्य के मामूली रूप से घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।</p><h3>भारतीय क्रू सदस्यों की संख्या पर अलग-अलग आंकड़े</h3><p>जहाज पर मौजूद भारतीय नाविकों की संख्या को लेकर भारतीय दूतावास और FSUI के आंकड़ों में अंतर है। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार जहाज पर 20 भारतीय नाविक सवार थे, जिनमें से 19 को बचा लिया गया, जबकि एक की मौत हुई।</p><p>वहीं भारतीय दूतावास के बयान के हवाले से कुछ रिपोर्टों में 19 भारतीय नागरिकों के जहाज पर होने की जानकारी दी गई है। FSUI ने कुल 28 क्रू सदस्यों में 20 भारतीय होने का दावा किया है। इसलिए अंतिम आधिकारिक आंकड़े की पुष्टि का इंतजार है।&nbsp;</p><h3>भारतीय दूतावास ने परिवार से किया संपर्क</h3><p>मस्कट स्थित <a href="https://navbharatlive.com/world/moscow-drone-attack-indian-worker-death-zelenskyy-statement-updates-1738464.html">भारतीय दूतावास</a> ने कहा है कि वह ओमानी अधिकारियों और RPSL एजेंसी के साथ लगातार संपर्क में है। मृतक नाविक के परिवार से भी संपर्क किया गया है और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है।</p><p>भारत ने क्षेत्र में कमर्शियल शिपिंग पर हो रहे लगातार हमलों पर चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि व्यापारिक जहाजों, नाविकों और नागरिक ढांचे को निशाना बनाया जाना बंद होना चाहिए तथा अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही बहाल होनी चाहिए।&nbsp;</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/world/trump-xi-meeting-us-china-talks-iran-satellite-trade-pss06">शी जिनपिंग से ईरान मुद्दे पर भिड़ने को तैयार ट्रंप, चीन के समर्थन को लेकर करेंगे सीधी बात</a></aside><h3>होर्मुज के पास बढ़ी समुद्री सुरक्षा की चिंता</h3><p>MV Cape Dao पर हमला ऐसे समय हुआ है जब <a href="https://navbharatlive.com/world/trump-claims-strait-of-hormuz-us-territory-iran-control-us-iran-conflict-tensions-explained">स्ट्रेट ऑफ होर्मुज</a> और आसपास के समुद्री क्षेत्र में कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी हुई है। यह इलाका अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है।</p><p>FSUI ने नागरिक नाविकों के लिए सुरक्षित समुद्री रास्ते, जवाबदेही और सूरज यादव के परिवार के लिए न्याय की मांग की है। फिलहाल हमले के जिम्मेदार पक्ष और इसके पीछे की वजह को लेकर भारतीय दूतावास ने कोई निष्कर्ष नहीं दिया है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>शी जिनपिंग से ईरान मुद्दे पर भिड़ने को तैयार ट्रंप, चीन के समर्थन को लेकर करेंगे सीधी बात</title><link>https://navbharatlive.com/world/trump-xi-meeting-us-china-talks-iran-satellite-trade-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/world/trump-xi-meeting-us-china-talks-iran-satellite-trade-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">8e7e9894-5520-4463-bba7-9867af1e2027</guid><pubDate>Wed, 23 Sep 2026 20:16:01 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-23T20:16:01.224+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>World News,Donald Trump,China,America,Xi Jinping,US-China Trade War,White House</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/rokj2rmm/donald-trump-and-xi-jinping.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Trump Xi Meeting In US]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/rokj2rmm/donald-trump-and-xi-jinping.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>विदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Trump Xi Meeting In US:</strong> अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच वाशिंगटन में एक बेहद महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक होने जा रही है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक दशक से भी अधिक समय में पहली बार तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन पहुंच रहे हैं। </p><p>इस ऐतिहासिक बैठक के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप चीनी कंपनियों द्वारा ईरान को दिए गए कथित उपग्रह खुफिया समर्थन का गंभीर मुद्दा उठाने वाले हैं। जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हुए घातक हमले से जुड़े इस संवेदनशील मामले के अलावा दोनों नेता व्यापार, AI और तकनीक पर भी चर्चा करेंगे।</p><h3>ईरान को चीनी सैटेलाइट इमेजरी का मुद्दा</h3><p>अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान ने चीनी कंपनियों से हाई-रिजॉल्यूशन सैटेलाइट तस्वीरें हासिल की थीं। यह मामला जुलाई में जॉर्डन स्थित मुवफ्फक अल-सल्ती एयर बेस पर हुए ईरानी हमले से जुड़ा है। हमले में तीन अमेरिकी सैन्यकर्मियों की मौत हुई थी और चार अन्य घायल हुए थे।</p><p>अमेरिकी सीनेटर एलिसा स्लॉटकिन ने ट्रंप को लिखे पत्र में इस मुद्दे को शी के साथ बातचीत का अहम हिस्सा बनाने की मांग की। रिपोर्टों के अनुसार, मई में अमेरिका ने तीन चीनी सैटेलाइट कंपनियों पर प्रतिबंध भी लगाए थे। हालांकि, अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बाहरी मदद से ईरान की अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने की क्षमता नहीं बढ़ रही है।</p><h3>शी जिनपिंग का वाशिंगटन में औपचारिक स्वागत</h3><p>शी जिनपिंग 23 सितंबर को अमेरिका पहुंच रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप खुद ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर उनका स्वागत करेंगे। इसके बाद व्हाइट हाउस में औपचारिक स्वागत समारोह और दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक होगी।</p><p>24 सितंबर की बैठक के बाद ट्रंप चीनी प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में स्टेट डिनर की मेजबानी करेंगे। यह शी की एक दशक से अधिक समय में पहली वाशिंगटन यात्रा है। दोनों नेताओं की यह 2026 में आमने-सामने दूसरी मुलाकात होगी। इससे पहले मई में ट्रंप ने बीजिंग का दौरा किया था।</p><h3>टैरिफ और रेयर अर्थ पर भी होगी बातचीत</h3><p>ट्रंप और शी के बीच बातचीत का बड़ा हिस्सा अमेरिका-चीन व्यापार संबंधों पर रहेगा। दोनों देशों के बीच मौजूदा ट्रेड ट्रूस नवंबर में खत्म होने वाला है। अमेरिका इसे आगे बढ़ाने और व्यापारिक तनाव को नियंत्रित करने पर बातचीत कर रहा है।</p><p><a href="https://navbharatlive.com/india/india-russia-deal-rosneft-rare-earth-elements-supply-news-1809951.html">रेयर अर्थ मिनरल्स</a> भी अहम मुद्दा हैं, क्योंकि इनका इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक्स और कई हाई-टेक उत्पादों में होता है। इसके साथ ही अमेरिका चीन से एडवांस्ड टेक्नोलॉजी तक पहुंच को लेकर अपनी पाबंदियों पर चर्चा करेगा, जबकि चीन अमेरिकी टेक्नोलॉजी प्रतिबंधों में ढील चाहता है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/world/hormuz-cargo-ship-attack-projectile-ukmto-strait-oil-prices-pss06">होर्मुज स्ट्रेट में मालवाहक जहाज से टकराया अज्ञात प्रोजेक्टाइल, UKMTO ने जारी किया अलर्ट</a></aside><h3>AI, ताइवान और फेंटानिल भी एजेंडे में</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/technology/10-amazing-ai-facts-that-will-surprise-you-photo-gallery-1872957.html">आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस</a> और सेमीकंडक्टर चिप्स को लेकर दोनों देशों के बीच प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ी है। बैठक में AI से जुड़े नियमों, एडवांस्ड चिप्स और टेक्नोलॉजी एक्सपोर्ट पर भी बातचीत हो सकती है। इसके अलावा ताइवान दोनों देशों के बीच सबसे संवेदनशील मुद्दों में बना हुआ है। </p><p>फेंटानिल से जुड़े रसायनों की सप्लाई और चीन में हिरासत में लिए गए अमेरिकी नागरिकों का मामला भी वार्ता के एजेंडे में शामिल हो सकता है। ऐसे में ट्रंप-शी बैठक में ईरान के साथ-साथ व्यापार और टेक्नोलॉजी से जुड़े कई अहम मुद्दों पर बातचीत होने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>होर्मुज स्ट्रेट में मालवाहक जहाज से टकराया अज्ञात प्रोजेक्टाइल, UKMTO ने जारी किया अलर्ट</title><link>https://navbharatlive.com/world/hormuz-cargo-ship-attack-projectile-ukmto-strait-oil-prices-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/world/hormuz-cargo-ship-attack-projectile-ukmto-strait-oil-prices-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">bdb4ceb4-e3b2-4075-a04b-b73563568004</guid><pubDate>Wed, 23 Sep 2026 19:50:49 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-23T19:50:49.502+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>World News,Strait of Hormuz,Maritime Security,Gas Leak</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/pu9r6nh0/hormuz-cargo-ship-attack-report.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ होर्मुज स्ट्रेट में कार्गो जहाज पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Hormuz Cargo Ship Attack Report]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/pu9r6nh0/hormuz-cargo-ship-attack-report.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>विदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Hormuz Cargo Ship Attack Report:</strong> फारस की खाड़ी स्थित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट में बुधवार को एक कार्गो जहाज पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला होने की खबर सामने आई है। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स यानी UKMTO ने पुष्टि की कि इस टक्कर के बाद मालवाहक जहाज में भीषण आग लग गई। </p><p>जहाज के सभी चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि इस घटना में दो लोगों के घायल या हताहत होने की सूचना है। हाल के दिनों में वाणिज्यिक जहाजों पर बढ़ते हमलों को देखते हुए इस समुद्री मार्ग पर खतरे के स्तर को बेहद गंभीर श्रेणी में रखा गया है।</p><h3>होर्मुज में कार्गो जहाज पर प्रोजेक्टाइल से हमला</h3><p>यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स यानी UKMTO ने 23 सितंबर को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हुई इस घटना की जानकारी दी। एजेंसी के मुताबिक, कार्गो जहाज के कंपनी सिक्योरिटी ऑफिसर ने रिपोर्ट किया कि जहाज अज्ञात प्रोजेक्टाइल की चपेट में आया। इसके बाद जहाज में आग लग गई और वह समुद्र में बहने लगा।</p><p>घटना के बाद जहाज पर मौजूद सभी क्रू सदस्यों को बाहर निकाल लिया गया। UKMTO की चेतावनी में दो कैजुअल्टी की जानकारी दी गई है। उपलब्ध रिपोर्टों में घटना की परिस्थितियों और जिम्मेदार पक्ष की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है।</p><h3>समुद्री मार्ग पर पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं</h3><p>होर्मुज स्ट्रेट में यह घटना ऐसे समय हुई है जब इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी हुई है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन यानी आईएमओ ने 16 सितंबर को बताया था कि 28 फरवरी से होर्मुज और उसके आसपास अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर 80 हमलों की पुष्टि हुई थी। इन घटनाओं में कम से कम 22 नाविकों की मौत हुई थी।</p><p>21 सितंबर को भी एक टैंकर अज्ञात प्रोजेक्टाइल की चपेट में आया था। UKMTO के अनुसार उस घटना में दो क्रू सदस्यों को मामूली चोटें आई थीं। जहाज नुकसान के बावजूद अपने अगले पोर्ट की ओर आगे बढ़ता रहा था।</p><h3>होर्मुज में घटा है जहाजों का ट्रैफिक</h3><p>लगातार तनाव का असर होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों की संख्या पर भी दिखाई दे रहा है। रॉयटर्स के अनुसार 20 सितंबर को समाप्त हुए सप्ताहांत में केवल 17 कमोडिटी जहाज इस जलमार्ग से गुजरे, जबकि इससे पिछले सप्ताह यह संख्या 37 थी।</p><p>रिपोर्ट के मुताबिक, संघर्ष बढ़ने से पहले होर्मुज स्ट्रेट से रोजाना करीब 125 बड़े वाणिज्यिक जहाज गुजरते थे। यह मार्ग <a href="https://navbharatlive.com/india/marco-rubio-india-visit-quad-foreign-ministers-meet-delhi-1748742.html">वैश्विक ऊर्जा व्यापार</a> के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और तेल तथा गैस की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति में इसकी बड़ी भूमिका है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/world/balochistan-kalat-eviction-byc-slams-pakistan-forced-displacement-pss06">कलात में जबरन बेदखली से भड़का बलोच मानवाधिकार संगठन, पाकिस्तान सरकार पर लगाए गंभीर आरोप</a></aside><h3>तेल और वैश्विक व्यापार पर भी असर</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/world/trump-claims-strait-of-hormuz-us-territory-iran-control-us-iran-conflict-tensions-explained">होर्मुज स्ट्रेट</a> फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। यहां किसी भी लंबे समय तक समुद्री यातायात बाधित होने से तेल, एलएनजी और अन्य ऊर्जा उत्पादों की सप्लाई प्रभावित हो सकती है।</p><p>हाल की घटनाओं के बीच जहाजों को इस क्षेत्र में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। UKMTO ने भी संदिग्ध समुद्री गतिविधियों की तुरंत रिपोर्ट करने और क्षेत्र से गुजरते समय सतर्क रहने को कहा है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>कलात में जबरन बेदखली से भड़का बलोच मानवाधिकार संगठन, पाकिस्तान सरकार पर लगाए गंभीर आरोप</title><link>https://navbharatlive.com/world/balochistan-kalat-eviction-byc-slams-pakistan-forced-displacement-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/world/balochistan-kalat-eviction-byc-slams-pakistan-forced-displacement-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">5b00ab29-c3a7-413e-ba28-26dee7f9b5d4</guid><pubDate>Wed, 23 Sep 2026 19:23:49 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-23T19:23:49.966+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>World News,Pakistan,Pakistan Army,Human Rights Violation,Balochistan</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/9wo5d8vi/balochistan-kalat-eviction.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ बलूचिस्तान का कलात ]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Balochistan Kalat Eviction Order Update]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/9wo5d8vi/balochistan-kalat-eviction.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>विदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Balochistan Kalat Eviction Order Update:</strong> बलूचिस्तान के कलात जिले में पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा स्थानीय निवासियों को घर खाली करने के निर्देश दिए जाने के बाद विवाद गहरा गया है। मानवाधिकार संगठन बलोच यकजेहती कमेटी यानी BYC ने पाकिस्तानी प्रशासन के इस आदेश की तीखी और कड़े शब्दों में निंदा की है। </p><p>BYC ने इसे बलोच नागरिकों के खिलाफ राज्य दमन, सामूहिक सजा और नरसंहार की व्यापक प्रक्रिया का हिस्सा करार दिया है। संगठन ने मांग की है कि इस जबरन बेदखली के आदेश को तुरंत वापस लिया जाए और स्थानीय लोगों को उनके पैतृक इलाकों में सुरक्षा प्रदान की जाए।</p><h3>28 सितंबर तक इलाके खाली करने का आदेश</h3><p>कलात और खालिकाबाद के सहायक आयुक्तों की ओर से जारी नोटिस में कुछ इलाकों के निवासियों को 28 सितंबर 2026 तक सुरक्षित स्थानों पर जाने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, प्रशासन ने यह कदम मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए उठाया है।</p><p>स्थानीय रिपोर्टों में शोर पारोद, पारोद और गजग समेत पहाड़ी क्षेत्रों का उल्लेख किया गया है। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रशासन के अनुसार, इन इलाकों में सुरक्षा अभियान की तैयारी और सशस्त्र हमलावरों की मौजूदगी से जुड़े सुरक्षा इनपुट के कारण अस्थायी स्थानांतरण किया जा रहा है।</p><p>प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, विस्थापित होने वाले लोगों के लिए वैकल्पिक आवास, टेंट, भोजन और दूसरी जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था किए जाने की बात कही गई है। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने भी पहले करीब 1000 लोगों को अस्थायी रूप से दूसरी जगह ले जाने की बात कही थी।</p><h3>BYC ने बताया सामूहिक सजा</h3><p>बलोच यकजेहती कमेटी ने 20 सितंबर को जारी आदेश का विरोध करते हुए कहा कि पूरी आबादी को उनके घरों, जमीन और आजीविका से हटाना केवल प्रशासनिक कार्रवाई नहीं है। संगठन ने इसे बलोच नागरिकों के खिलाफ राज्य दमन और सामूहिक सजा का हिस्सा बताया।</p><p>BYC ने आरोप लगाया कि किसी व्यक्ति या समूह की गतिविधियों के लिए पूरी आबादी को जिम्मेदार ठहराना सामूहिक सजा की श्रेणी में आता है। संगठन ने यह भी दावा किया कि लगातार विस्थापन से स्थानीय लोगों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। ये आरोप BYC के बयान पर आधारित हैं।</p><h3>बलूचिस्तान के दूसरे इलाकों का भी दिया हवाला</h3><p>BYC ने बलूचिस्तान के कुछ अन्य क्षेत्रों में कथित विस्थापन का उल्लेख करते हुए कहा कि कलात का आदेश किसी बड़े पैटर्न का हिस्सा है। संगठन ने शादि कोर और मस्तुंग जैसे इलाकों में भी लोगों के विस्थापन का दावा किया।</p><p>वहीं, <a href="https://navbharatlive.com/world/balochistan-clash-pakistan-army-kills-5-militants-rescues-23-hostages-pss06">पाकिस्तानी प्रशासन</a> और सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि बलूचिस्तान के कई हिस्सों में सशस्त्र समूहों की गतिविधियों के चलते सुरक्षा अभियान चलाए जा रहे हैं। प्रशासन का तर्क है कि नागरिकों को अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थानों पर ले जाना उनकी सुरक्षा के लिए जरूरी है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/world/abu-alwan-hamas-finance-chief-killed-khan-younis-idf-pss06">खान यूनिस में इजराइल का बड़ा एक्शन, हमास का फाइनेंस चीफ मारा गया, इजराइली पीएम और रक्षा मंत्री ने की पुष्टि</a></aside><h3>आदेश वापस लेने की BYC की मांग</h3><p>BYC ने कलात में जारी बेदखली आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की है। संगठन ने स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें अपने घरों तथा पैतृक इलाकों में सम्मान के साथ रहने देने की अपील की है।</p><p>मामला ऐसे समय सामने आया है जब बलूचिस्तान में सुरक्षा अभियानों और स्थानीय आबादी के विस्थापन को लेकर सरकार तथा <a href="https://navbharatlive.com/world/pakistan-court-sentences-activist-mahrang-baloch-to-life-imprisonment-news-1815635.html">बलोच संगठनों</a> के बीच दावे और आरोप लगातार सामने आ रहे हैं।</p>]]></content:encoded></item><item><title>खान यूनिस में इजराइल का बड़ा एक्शन, हमास का फाइनेंस चीफ मारा गया, इजराइली पीएम और रक्षा मंत्री ने की पुष्टि</title><link>https://navbharatlive.com/world/abu-alwan-hamas-finance-chief-killed-khan-younis-idf-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/world/abu-alwan-hamas-finance-chief-killed-khan-younis-idf-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">e7ce5426-ebef-44d9-879c-2a8ea93d6a3f</guid><pubDate>Wed, 23 Sep 2026 18:47:04 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-23T18:47:04.763+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>World News,Middle East,Israel,Hamas,Israel-Hamas War,Strike,Israel airstrike</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/hkjuuquq/israeli-prime-minister-benjamin-netanyahu.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[  इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Hamas Finance Chief Abu Alwan killed Israel Strike]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/hkjuuquq/israeli-prime-minister-benjamin-netanyahu.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>विदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Hamas Finance Chief Abu Alwan killed Israel Strike:</strong> इजरायली सेना और सुरक्षा एजेंसी शिन बेत ने दक्षिण गाजा के खान यूनिस में एक बड़ा लक्षित अभियान चलाया है। इस संयुक्त कार्रवाई में हमास के वित्त विभाग के प्रमुख मोहम्मद अबू अलवान को मार गिराया गया है। </p><p>इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने इस सफल ऑपरेशन की आधिकारिक पुष्टि की है। इजरायली नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि हमास के वित्तीय नेटवर्क और शीर्ष कमांडरों के खिलाफ यह सैन्य अभियान लगातार जारी रहेगा।</p><h3>खान यूनिस में लक्षित ऑपरेशन, नेतन्याहू ने की पुष्टि</h3><p>इजरायली रक्षा बल यानी आईडीएफ और सुरक्षा एजेंसी शिन बेट ने खान यूनिस इलाके में संयुक्त अभियान चलाया। इजरायली पक्ष के अनुसार, इस कार्रवाई में हमास के वित्त विभाग के प्रमुख मोहम्मद अबू अलवान को निशाना बनाया गया।</p><p>प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने संयुक्त बयान में आईडीएफ और शिन बेट की कार्रवाई की सराहना की। दोनों नेताओं ने कहा कि इजरायल हमास के कमांडरों और उसके वित्तीय स्रोतों को निशाना बनाने का अभियान जारी रखेगा।</p><p>हालांकि, रॉयटर्स के अनुसार स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि खान यूनिस में एक वाहन पर हुए हवाई हमले में कम से कम दो फिलिस्तीनियों की मौत हुई। मृतकों में मोहम्मद अबू अलवान के साथ ओसामा अबू खाटेर का नाम भी बताया गया है। दो अन्य लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई।</p><h3>हमास के वित्तीय नेटवर्क को निशाना बनाने का दावा</h3><p>इजरायली नेतृत्व ने कहा है कि हमास को दोबारा अपनी ताकत बढ़ाने का अवसर नहीं दिया जाएगा। संयुक्त बयान में हमास के कमांडरों और उसके फंडिंग स्रोतों को निशाना बनाने तथा संगठन के बुनियादी ढांचे को नष्ट करने की बात कही गई।</p><p>इजरायल ने अबू अलवान को हमास के वित्त विभाग का प्रमुख बताया है। हालांकि, हमास की ओर से इस हमले और अबू अलवान की भूमिका को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।</p><h3>गाजा में युद्धविराम के बावजूद जारी हमले</h3><p>यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब गाजा में युद्धविराम लागू होने के बावजूद हिंसा और हमलों की घटनाएं जारी हैं। इजरायल और हमास दोनों एक-दूसरे पर युद्धविराम की शर्तों के उल्लंघन का आरोप लगाते रहे हैं।</p><p>रॉयटर्स के अनुसार, गाजा के स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने युद्धविराम लागू होने के बाद भी बड़ी संख्या में फिलिस्तीनियों के मारे जाने की जानकारी दी है, जबकि <a href="https://navbharatlive.com/world/trump-board-of-peace-gaza-hamas-disarmament-israel-withdrawal-1899890.html">इजरायली सेना</a> अपने अभियानों को सुरक्षा जरूरतों से जोड़ती है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/world/donald-trump-iran-threat-destroy-iranian-army-strategic-desperation-pss06">ट्रंप की चेतावनी पर ईरान का तीखा जवाब, सेना प्रमुख बोले- तबाही की धमकी रणनीतिक हताशा का संकेत</a></aside><h3>हमास के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने का इजरायल का दावा</h3><p>नेतन्याहू और काट्ज ने कहा कि <a href="https://navbharatlive.com/world/israel-gaza-drone-strike-hamas-commander-target">इजरायल हमास</a> के नेतृत्व और उसके वित्तीय नेटवर्क पर कार्रवाई जारी रखेगा। उनका कहना है कि संगठन को अपनी सैन्य और वित्तीय क्षमता दोबारा खड़ी करने से रोकना इजरायली अभियान का हिस्सा है।</p><p>दूसरी ओर, गाजा में लगातार हो रहे हमलों को लेकर मानवीय स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय चिंता बनी हुई है। खान यूनिस में अबू अलवान को निशाना बनाकर की गई कार्रवाई भी इसी व्यापक संघर्ष के बीच हुई है। मामले में हमास की आधिकारिक प्रतिक्रिया आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>ट्रंप की चेतावनी पर ईरान का तीखा जवाब, सेना प्रमुख बोले- तबाही की धमकी रणनीतिक हताशा का संकेत</title><link>https://navbharatlive.com/world/donald-trump-iran-threat-destroy-iranian-army-strategic-desperation-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/world/donald-trump-iran-threat-destroy-iranian-army-strategic-desperation-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">de5d9892-f13d-4b7e-9cda-8ab010ae20c6</guid><pubDate>Wed, 23 Sep 2026 17:02:54 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-23T17:02:54.829+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>World News,US Iran Tensions,Donald Trump,Iran,Israel,Seyed Abbas Araghchi</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/ufxo9u6b/donald-trump.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Donald Trump Iran Threat Response]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/ufxo9u6b/donald-trump.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>विदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Donald Trump Iran Threat Response:</strong> अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इस्लामिक गणराज्य ईरान को तबाह करने की धमकी पर ईरानी सेना ने कड़ा ऐतराज जताया है। ईरान के जनरल स्टाफ ने ट्रंप के इस आक्रामक बयान को अमेरिका की कमजोरी और रणनीतिक हताशा का स्पष्ट संकेत करार दिया है। </p><p>ईरानी सशस्त्र बलों ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका या इजरायल की ओर से कोई नया सैन्य हमला होता है तो उसका जवाब पहले से कहीं अधिक भयंकर होगा। संयुक्त राष्ट्र महासभा के अंतरराष्ट्रीय मंच से दी गई इस धमकी के बाद मध्य पूर्व में सैन्य तनाव और कूटनीतिक हलचल काफी तेज हो गई है।</p><h3>ट्रंप के UNGA भाषण पर ईरान का जवाब</h3><p>22 सितंबर को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित समझौते और सैन्य कार्रवाई के बीच विकल्प की बात कही। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ ऐसा समझौता हो सकता है, जिससे वह फिर से आगे बढ़ सके, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने इस्लामिक रिपब्लिक को संहार (annihilate) करने की धमकी भी दी।</p><p>ट्रंप के बयान के बाद ईरानी सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ ने प्रतिक्रिया जारी की। ईरानी पक्ष ने अमेरिकी राष्ट्रपति के लगातार दिए जा रहे बयानों को वास्तविक सैन्य ताकत का संकेत मानने से इनकार किया। बयान में कहा गया कि इस तरह की धमकियां अमेरिका की रणनीतिक स्थिति में मुश्किलों को दर्शाती हैं।</p><p>ईरानी जनरल स्टाफ के मुताबिक, ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच का इस्तेमाल अपनी नीतियों और सैन्य कार्रवाई को सही ठहराने के लिए किया। ईरानी सेना ने इन टिप्पणियों को घरेलू राजनीतिक प्रचार से भी जोड़ा है। ये दावे ईरानी सैन्य नेतृत्व के बयान पर आधारित हैं।</p><h3>नए हमले पर ईरान ने दी कड़े जवाब की चेतावनी</h3><p>ईरान के सशस्त्र बलों ने <a href="https://navbharatlive.com/world/us-secretary-rubio-and-israel-greet-india-on-independence-day">अमेरिका और इजरायल</a> की ओर से किसी नए सैन्य हमले की स्थिति में जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। जनरल स्टाफ ने कहा कि ईरानी सेना पूरी तरह तैयार है और किसी संभावित हमले का जवाब पहले की तुलना में अधिक गंभीर और अप्रत्याशित तरीके से दिया जाएगा।</p><p>ईरानी सेना ने यह भी कहा कि अमेरिकी धमकियां क्षेत्र में शक्ति संतुलन को नहीं बदल सकतीं। बयान में वॉशिंगटन की पश्चिम एशिया में सैन्य मौजूदगी और नीतियों की आलोचना की गई। ईरानी पक्ष ने अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय हितों की रक्षा को प्राथमिकता बताया है।</p><p>इससे पहले 21 सितंबर को ईरान के सैन्य कमान ने भी दावा किया था कि अमेरिका दोबारा हमले की तैयारी कर सकता है और चेतावनी दी थी कि ऐसे किसी हमले की स्थिति में अमेरिकी ठिकानों और हितों को निशाना बनाया जा सकता है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/world/abbas-araghchi-france-double-standards-unga-jean-noel-barrot-meeting-pss06">ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने फ्रांस को घेरा, लगाया दोहरे मापदंड अपनाने का गंभीर आरोप</a></aside><h3>तनाव के बीच बातचीत का रास्ता भी खुला</h3><p>अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी के बावजूद कूटनीतिक संपर्क पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। <a href="https://navbharatlive.com/world/marco-rubio-unga-us-iran-talks-pezeshkian-strait-hormuz-pss06">संयुक्त राष्ट्र महासभा</a> के दौरान अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने ईरानी अधिकारियों के साथ करीब तीन घंटे बातचीत की। ट्रंप ने इस बैठक को “बहुत अच्छी” और उपयोगी बताया तथा आगे भी बातचीत होने का संकेत दिया।</p><p>ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी UNGA के दौरान कई देशों के प्रतिनिधियों के साथ संपर्क में हैं। वहीं ट्रंप ने कहा है कि समझौते की संभावना बनी हुई है, जबकि ईरान ने अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों से जुड़े मुद्दों पर अपना रुख स्पष्ट रखा है।</p><p>इस तरह एक ओर दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव और तीखे बयान जारी हैं, वहीं दूसरी ओर संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान बातचीत के जरिए समाधान तलाशने के प्रयास भी चल रहे हैं।</p>]]></content:encoded></item><item><title>ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने फ्रांस को घेरा, लगाया दोहरे मापदंड अपनाने का गंभीर आरोप</title><link>https://navbharatlive.com/world/abbas-araghchi-france-double-standards-unga-jean-noel-barrot-meeting-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/world/abbas-araghchi-france-double-standards-unga-jean-noel-barrot-meeting-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">7bf8edc9-c0b4-492f-b57d-dbacc47924e1</guid><pubDate>Wed, 23 Sep 2026 16:45:08 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-23T16:45:08.211+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>World News,Iran,New York,France,Strait of Hormuz,Seyed Abbas Araghchi,Human Rights Violation</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/xe7n6e8d/iran-foreign-minister-abbas-araghchi-1.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Abbas Araghchi France UNGA Statement]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/xe7n6e8d/iran-foreign-minister-abbas-araghchi-1.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>विदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Abbas Araghchi France UNGA Statement:</strong> संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने फ्रांस के कड़े रुख पर गहरी आपत्ति जताई है। न्यूयॉर्क में फ्रांस के विदेश मंत्री जीन नोएल बारो से हुई उच्चस्तरीय मुलाकात के बाद उन्होंने पेरिस की नीतियों की सार्वजनिक रूप से तीखी आलोचना की। </p><p>ईरानी विदेश मंत्री ने फ्रांस पर मानवाधिकारों के संवेदनशील मुद्दे पर दोहरा मापदंड अपनाने और आंतरिक मामलों में अनुचित हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया। दूसरी ओर फ्रांस ने क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रास्ते और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने पर विशेष जोर दिया है।</p><h3>न्यूयॉर्क में अराघची और बारो की मुलाकात</h3><p>अब्बास अराघची और जीन-नोएल बारो के बीच यह बैठक 22 सितंबर को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान हुई। दोनों नेताओं ने ईरान-फ्रांस संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर चर्चा की।</p><p>बैठक के बाद ईरानी पक्ष की ओर से बताया गया कि अराघची ने ईरान के प्रति फ्रांस के कथित हस्तक्षेपकारी रुख पर आपत्ति जताई। उन्होंने तेहरान स्थित फ्रांसीसी दूतावास से ईरान के घरेलू कानूनों और नियमों का सम्मान करने की अपेक्षा भी जाहिर की।</p><p>अराघची ने कहा कि ईरान सभी देशों के साथ आपसी सम्मान और साझा हितों के आधार पर संबंध चाहता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अपने राष्ट्रीय हितों और उद्देश्यों की रक्षा के लिए ईरान दृढ़ता से कदम उठाएगा।</p><h3>मानवाधिकारों को लेकर फ्रांस पर क्या आरोप लगाया</h3><p>ईरानी विदेश मंत्री ने अमेरिका और इजरायल की ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को लेकर फ्रांस के रुख की आलोचना की। उनके मुताबिक, पेरिस एक ओर मानवाधिकारों को लेकर चिंता जताता है, लेकिन दूसरी ओर ईरान में अमेरिकी और इजरायली सैन्य कार्रवाई में मारे गए लोगों को लेकर पर्याप्त प्रतिक्रिया नहीं देता।</p><p>अराघची ने विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों की मौतों का उल्लेख करते हुए फ्रांस पर मानवाधिकारों के मामले में दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने ईरान के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंधों के क्रियान्वयन में फ्रांस के सहयोग को लेकर भी आपत्ति जताई। ये आरोप ईरानी पक्ष के बयान के रूप में सामने आए हैं।</p><h3>फ्रांस ने कूटनीति और होर्मुज पर दिया जोर</h3><p>फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बारो ने बैठक में ईरान से कूटनीति के रास्ते पर दोबारा जुड़ने का आह्वान किया। फ्रांसीसी विदेश मंत्रालय के अनुसार, पेरिस मौजूदा संघर्ष का कूटनीतिक समाधान तलाशने में योगदान देने को तैयार है। फ्रांस ने ईरान के <a href="https://navbharatlive.com/world/france-stiffens-stance-on-iranian-nuclear-sanctions-tehran-warns-usa-1860616.html">परमाणु कार्यक्रम</a> से जुड़ी चिंताओं का समाधान बातचीत के जरिए करने की बात भी कही।&nbsp;</p><p>बारो ने होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने को फ्रांस की प्राथमिकता बताया। फ्रांस के अनुसार, इस जलमार्ग में आवाजाही बाधित होना क्षेत्रीय स्थिरता के साथ वैश्विक ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा के लिए भी गंभीर चिंता है। पेरिस ने अंतरराष्ट्रीय कानून, नौवहन की स्वतंत्रता और समुद्री सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।&nbsp;</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/world/balendra-shah-nepal-pm-india-visit-november-delhi-modi-pss06">नेपाल के PM बालेन्द्र शाह का पहला भारत दौरा, 23-25 नवंबर को दिल्ली में PM मोदी से करेंगे मुलाकात</a></aside><h3>ईरान-फ्रांस संबंधों में बढ़ा तनाव</h3><p>बैठक में दोनों देशों के राजनयिक संबंधों से जुड़े मुद्दे भी उठे। फ्रांस ने तेहरान में अपने राजनयिक कर्मचारियों और परिसरों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया, जबकि ईरान ने अपने घरेलू कानूनों के सम्मान पर जोर दिया।</p><p>ऐसे समय में हुई यह मुलाकात महत्वपूर्ण है, जब संयुक्त राष्ट्र महासभा में ईरान के परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय संघर्ष और <a href="https://navbharatlive.com/world/trump-claims-strait-of-hormuz-us-territory-iran-control-us-iran-conflict-tensions-explained">होर्मुज स्ट्रेट</a> की स्थिति प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्दों में शामिल हैं।&nbsp;</p>]]></content:encoded></item><item><title>नेपाल के PM बालेन्द्र शाह का पहला भारत दौरा, 23-25 नवंबर को दिल्ली में PM मोदी से करेंगे मुलाकात</title><link>https://navbharatlive.com/world/balendra-shah-nepal-pm-india-visit-november-delhi-modi-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/world/balendra-shah-nepal-pm-india-visit-november-delhi-modi-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">a7528831-75f7-4afc-bc91-ab4c8f733806</guid><pubDate>Wed, 23 Sep 2026 16:08:58 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-23T16:08:58.378+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>India,Narendra Modi,Delhi,World News,Ayodhya,Nepal,Balen Shah,Bilateral Trade Agreement</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/g00o3lkn/nepal-pm-balendra-shah-and-pm-narendra-modi.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Balendra Shah India Visit November]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/g00o3lkn/nepal-pm-balendra-shah-and-pm-narendra-modi.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>विदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Balendra Shah India Visit November:</strong> नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह का 23 से 25 नवंबर के बीच भारत दौरा प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री के रूप में यह उनकी पहली औपचारिक द्विपक्षीय विदेश यात्रा होगी, जिसे कूटनीतिक रिश्तों के लिए अत्यंत अहम माना जा रहा है। </p><p>भारत सरकार ने जुलाई 2026 में ही प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह को नई दिल्ली आने का औपचारिक निमंत्रण भेजा था। इस दौरे के दौरान भारत और नेपाल के बीच रेल कनेक्टिविटी, ऊर्जा व्यापार, सीमा अवसंरचना और पुनर्निर्माण पर बड़े समझौतों की संभावना है।</p><h3>नवंबर में दिल्ली आएंगे बालेन्द्र शाह</h3><p>नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह की भारत यात्रा की तैयारियां तेज हो गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 23 से 25 नवंबर की तारीखों पर दोनों पक्षों के बीच काम चल रहा है। भारत ने जुलाई 2026 में शाह को आधिकारिक यात्रा के लिए निमंत्रण दिया था।</p><p>शाह की यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब भारत और नेपाल आर्थिक, ऊर्जा और कनेक्टिविटी सहयोग को बढ़ाने पर बातचीत कर रहे हैं। नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले ने हाल ही में नई दिल्ली का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की।</p><h3>रेल कनेक्टिविटी पर हो सकती है अहम चर्चा</h3><p>बालेन्द्र शाह के दौरे में रक्सौल-काठमांडू ब्रॉडगेज रेल लिंक प्रमुख मुद्दों में शामिल हो सकता है। जून 2026 में दोनों देशों के अधिकारियों ने इस परियोजना की फाइनल लोकेशन सर्वे रिपोर्ट पर चर्चा की थी। इसके अलावा जनकपुर-अयोध्या यात्री रेल सेवा शुरू करने के लिए SOP को लेकर भी बातचीत आगे बढ़ चुकी है।</p><p>सीमा और व्यापारिक कनेक्टिविटी से जुड़ी परियोजनाओं पर भी चर्चा संभव है। इनमें दोधारा-चांदनी और भैरहवा इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट, महाकाली नदी पर मोटरेबल पुल और नेपाल पुलिस अकादमी से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। काठमांडू-पटना और काठमांडू-देहरादून के बीच हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने का मुद्दा भी एजेंडे में आ सकता है।</p><h3>1200 मेगावाट की बिजली परियोजनाओं पर नजर</h3><p>ऊर्जा क्षेत्र में 750 मेगावाट की पश्चिम सेती और 450 मेगावाट की सेती नदी-6 जलविद्युत परियोजनाएं अहम हैं। दोनों परियोजनाओं की कुल क्षमता 1200 मेगावाट है और इनके विकास में भारत की सरकारी कंपनी NHPC की भूमिका है। हालांकि नवंबर यात्रा के दौरान निर्माण समझौतों पर हस्ताक्षर की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।</p><p>नेपाल भारत से <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/pune/bharat-forge-pune-pratt-whitney-hale-drone-aerospace-vsj23">जलविद्युत क्षेत्र</a> में निवेश बढ़ाने की उम्मीद कर रहा है। नेपाल ने आने वाले वर्षों में अपनी क्लीन एनर्जी क्षमता को बड़े स्तर पर बढ़ाने का लक्ष्य रखा है और इसके लिए भारतीय निवेश व सहयोग को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/india/unga-81-s-jaishankar-global-south-ministerial-meeting-kns18">UNGA 81: ग्लोबल साउथ देशों की मंत्री-स्तरीय बैठक में एस जयशंकर की अध्यक्षता, AI और UN सुधार पर जोर</a></aside><h3>व्यापार और बाढ़ के बाद पुनर्निर्माण पर भी फोकस</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/world/balendra-shah-nepal-pm-first-foreign-visit-unga-session-pss06">बालेन्द्र शाह</a> की यात्रा के दौरान भारत-नेपाल व्यापार और ट्रांजिट व्यवस्था को आधुनिक बनाने पर भी बातचीत हो सकती है। नेपाल सरकार विभिन्न क्षेत्रों में भारतीय निजी निवेश बढ़ाने और उद्योगों के बीच सहयोग को मजबूत करने की इच्छा जता चुकी है।</p><p>हालिया बाढ़ और फ्लैश फ्लड के बाद नेपाल के पुनर्निर्माण में भारत की मदद भी महत्वपूर्ण मुद्दा हो सकती है। स्वर्णिम वाग्ले की भारत यात्रा के दौरान पुनर्निर्माण और राहत पर चर्चा हुई थी। भारत ने आपदा के बाद राहत सामग्री और तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराई है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>अल नीनो से अगले 6 महीने में 4.5 लाख मौतों की आशंका, भारत समेत कई देशों को चेतावनी जारी</title><link>https://navbharatlive.com/world/el-nino-heatwave-deaths-prediction-climate-impact-lab-report-india-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/world/el-nino-heatwave-deaths-prediction-climate-impact-lab-report-india-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">c2910379-6700-4916-b52b-a38335981276</guid><pubDate>Wed, 23 Sep 2026 15:14:25 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-23T15:14:25.237+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>World News,Climate Change,Heat Wave,Weather Update,Wildfire</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/fsmhfj5x/el-nino.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ अल नीनो]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ El Nino Extreme Heat Warning]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/fsmhfj5x/el-nino.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>विदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>El Nino Extreme Heat Warning:</strong> जलवायु वैज्ञानिकों के नए आकलन के अनुसार प्रशांत महासागर में एक अत्यंत शक्तिशाली अल नीनो विकसित हो रहा है। यह असाधारण अल नीनो अगले छह महीनों में दुनिया भर में अत्यधिक गर्मी के कारण 4.5 लाख से अधिक लोगों की जान ले सकता है। </p><p>शिकागो विश्वविद्यालय के क्लाइमेट इम्पैक्ट लैब द्वारा जारी रिपोर्ट में इस संभावित मानवीय त्रासदी की चेतावनी दी गई है। वैज्ञानिकों के अनुसार इस भयंकर अल नीनो का प्रभाव भारत, इंडोनेशिया और नाइजीरिया से लेकर अमेरिका तक व्यापक रूप से महसूस किया जाएगा।</p><h3>प्रशांत महासागर में बढ़ा समुद्री तापमान</h3><p>अल नीनो एक प्राकृतिक जलवायु घटना है, जिसमें प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्से में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से अधिक गर्म हो जाता है। इस बदलाव का असर दुनिया के अलग-अलग हिस्सों के तापमान, बारिश और हवाओं के पैटर्न पर पड़ता है।</p><p>मौजूदा अल नीनो की तीव्रता को लेकर वैज्ञानिकों ने विशेष चिंता जताई है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रशांत महासागर में तापमान पहले के रिकॉर्ड स्तर से ऊपर पहुंच चुका है। यह घटना ऐसे समय में हो रही है जब मानव-जनित ग्लोबल वार्मिंग के कारण पहले से ही दुनिया का तापमान बढ़ा हुआ है।</p><h3>भारत समेत इन देशों पर ज्यादा असर का अनुमान</h3><p>क्लाइमेट इम्पैक्ट लैब के आकलन के अनुसार अगले छह महीनों में अफ्रीका के साहेल क्षेत्र में करीब 66800 अतिरिक्त गर्मी से मौतें हो सकती हैं। इनमें नाइजीरिया में करीब 31400 और सूडान में लगभग 17600 मौतों का अनुमान है।</p><p>इंडोनेशिया में करीब 19300, ब्राजील में 13300 और भारत में लगभग 15800 अतिरिक्त गर्मी से मौतों का अनुमान लगाया गया है। भारत में दिसंबर से फरवरी के बीच इस अनुमानित मौतों का बड़ा हिस्सा होने की संभावना जताई गई है।&nbsp;</p><p>रिपोर्ट के मुताबिक, <a href="https://navbharatlive.com/world/southeast-asia-floods-landslides-indonesia-sri-lanka-thailand-death-toll-1447357.html">दक्षिण-पूर्व एशिया</a> के फिलीपींस, वियतनाम, थाईलैंड और कंबोडिया में भी करीब 19400 अतिरिक्त मौतों का अनुमान है। अमेरिका में यह संख्या लगभग 3500 बताई गई है। ये आंकड़े केवल अतिरिक्त गर्मी से होने वाली मौतों का अनुमान हैं, जबकि सूखे, बाढ़ और जंगलों की आग से होने वाली संभावित मौतें इसमें शामिल नहीं हैं।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/india/unga-81-s-jaishankar-global-south-ministerial-meeting-kns18">UNGA 81: ग्लोबल साउथ देशों की मंत्री-स्तरीय बैठक में एस जयशंकर की अध्यक्षता, AI और UN सुधार पर जोर</a></aside><h3>गर्मी के साथ सूखा, बाढ़ और जंगल की आग का खतरा</h3><p>अल नीनो के कारण कुछ क्षेत्रों में भीषण गर्मी और सूखे की स्थिति बन सकती है, जबकि दूसरे इलाकों में भारी बारिश और बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। कृषि उत्पादन, खाद्य सुरक्षा, पानी की उपलब्धता और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी इसका असर पड़ सकता है।&nbsp;</p><p><a href="https://navbharatlive.com/world/pakistan-cities-weak-climate-resilience-alphageo-report-pss06">क्लाइमेट इम्पैक्ट लैब</a> के सह-संस्थापक माइकल ग्रीनस्टोन के अनुसार, यह अनुमान सितंबर 2026 से फरवरी 2027 तक के तापमान पूर्वानुमानों पर आधारित है। अध्ययन में 24378 क्षेत्रों में तापमान और अतिरिक्त गर्मी से होने वाली मौतों के संबंध का विश्लेषण किया गया है।&nbsp;</p><p>वैज्ञानिकों का कहना है कि यह आंकड़ा निश्चित भविष्यवाणी नहीं, बल्कि संभावित जोखिम का अनुमान है। बेहतर हीट अलर्ट सिस्टम, कूलिंग सेंटर, अस्पतालों में अतिरिक्त व्यवस्था और खुले में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा जैसे कदम उठाकर संभावित नुकसान को कम किया जा सकता है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>UNGA 81: ग्लोबल साउथ देशों की मंत्री-स्तरीय बैठक में एस जयशंकर की अध्यक्षता, AI और UN सुधार पर जोर</title><link>https://navbharatlive.com/india/unga-81-s-jaishankar-global-south-ministerial-meeting-kns18</link><comments>https://navbharatlive.com/india/unga-81-s-jaishankar-global-south-ministerial-meeting-kns18#comments</comments><guid isPermaLink="false">81cbb8bd-f04d-498f-9036-71b82c0dae3f</guid><pubDate>Wed, 23 Sep 2026 14:25:48 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-23T14:25:48.847+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>करुणा नंद शाहवाल</atom:name><atom:uri>/api/author/2548022</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>World News,S Jaishankar,Foreign News</media:keywords><media:content height="1366" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/frq6stek/UNGA-S-Jaishankar-Global-South" width="2048"><media:title type="html"><![CDATA[ UNGA 81 के दौरान न्यूयॉर्क में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बैठक की अध्यक्षता की]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ UNGA S Jaishankar Global South]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/frq6stek/UNGA-S-Jaishankar-Global-South?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>देश</category><category>विदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>UNGA S Jaishankar Global South:</strong> संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के दौरान न्यूयॉर्क में ग्लोबल साउथ के समान विचारधारा वाले देशों और सहयोगियों की उच्च-स्तरीय मंत्री-स्तरीय बैठक आयोजित हुई। </p><p>इस बैठक की अध्यक्षता विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने की, जिसमें खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), आपूर्ति श्रृंखला और संयुक्त राष्ट्र सुधार जैसे अहम वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। </p><p>बैठक में शामिल देशों ने इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा वैश्विक संकटों का सबसे अधिक असर विकासशील देशों पर पड़ रहा है और अधिक न्यायपूर्ण व समावेशी वैश्विक शासन व्यवस्था के लिए संयुक्त राष्ट्र में व्यापक सुधार आवश्यक हैं।</p><h3>ऊर्जा और समुद्री सुरक्षा पर हुई अहम चर्चा</h3><p>बैठक में वैश्विक दक्षिण के सामने मौजूद मौजूदा चुनौतियों पर चर्चा हुई। इनमें जारी संघर्षों का खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा पर असर, व्यापार एवं निवेश प्रवाह में अस्थिरता, संघर्ष वाले क्षेत्रों में समुद्री यात्रियों की सुरक्षा, चरम जलवायु घटनाएं और सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को हासिल करने में हो रही देरी प्रमुख रूप से शामिल रहे।</p><h3>UN सुधार की तत्काल जरूरत पर देशों की साझा राय</h3><p>मित्र देशों ने बहुपक्षीय संस्थाओं के कमजोर पड़ने पर साझा चिंता जताई। उन्होंने मौजूदा वैश्विक चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र में व्यापक सुधार की तत्काल जरूरत पर जोर दिया। उनका कहना था कि मौजूदा वैश्विक संकटों का असर वैश्विक दक्षिण के देशों पर असमान रूप से पड़ रहा है।</p><h3>दक्षिण-दक्षिण सहयोग की अपील</h3><p>वैश्विक और क्षेत्रीय घटनाक्रम पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ। प्रतिभागियों ने बहुपक्षीय मंचों पर वैश्विक दक्षिण के देशों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत बताई।</p><p>साथ ही दक्षिण-दक्षिण सहयोग को व्यापक बनाने और एक-दूसरे की क्षमताओं तथा संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने पर सहमति जताई।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/india/jaishankar-india-economic-power-global-south-celac-kns18">India CELAC Meeting: ग्लोबल साउथ के विकास में भारत की बड़ी भूमिका, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताई आर्थिक ताकत</a></aside><h3>AI को मानव-केंद्रित और समावेशी बनाने पर जोर</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/technology/india-presents-a-guidebook-on-the-effective-use-of-ai-technology-in-healthcare-health-secretary-shares-experience-in-new-york-nkr24">आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस</a> (AI) के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने की जरूरत बताई। कहा गया कि एआई से होने वाला तकनीकी बदलाव दुनिया में नई खाई पैदा करने वाला नहीं होना चाहिए। वैश्विक दक्षिण को इस परिवर्तन का हिस्सा बनना होगा और एआई का इस्तेमाल मानव-केंद्रित तरीके से किया जाना चाहिए।</p><p>हाई लेवल मीटिंग में अपनी सामूहिक स्थिति को मजबूत करने और एक संतुलित, सबकी भागीदारी वाले तथा न्यायपूर्ण वैश्विक शासन ढांचे के लिए प्रयास जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई गई।</p><h3>समुद्री यात्रियों की सुरक्षा को लेकर उठाए सवाल</h3><p>इससे पहले <a href="https://navbharatlive.com/india/external-affairs-minister-s-jaishankar-to-address-the-81st-session-of-the-unga-nkr24">विदेश मंत्री एस. जयशंकर</a> ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उच्च स्तरीय बैठक में प्रमुखता से उठाए गए मुद्दों का सारंश दिया। उन्होंने बताया कि बैठक में आपूर्ति श्रृंखलाओं, वित्त और कनेक्टिविटी में ऐसे अवरोधों को स्वीकार न करने की जरूरत पर जोर दिया गया, जो विकासशील देशों के लिए नई मुश्किलें पैदा कर सकते हैं।</p><p>उन्होंने ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा को भी विकास की बुनियादी जरूरत बताया।बैठक में समुद्री सुरक्षा का मुद्दा भी उठा। प्रतिभागियों ने अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन के साथ समुद्री मार्गों और वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा संघर्ष वाले क्षेत्रों में समुद्री यात्रियों की सुरक्षा पर ध्यान देने की जरूरत बताई।</p>]]></content:encoded></item><item><title>मेरे दोस्त से मत भिड़ना...GCC मीटिंग में ट्रंप ने एर्दोगन को बताया खास दोस्त, खाड़ी देशों को दी चेतावनी</title><link>https://navbharatlive.com/world/trump-erdogan-unga-2026-special-friend-tough-cookie-gulf-leaders-warning-gcc-meeting-aks03</link><comments>https://navbharatlive.com/world/trump-erdogan-unga-2026-special-friend-tough-cookie-gulf-leaders-warning-gcc-meeting-aks03#comments</comments><guid isPermaLink="false">0ea01251-bab7-4f26-ae54-105477ce59a6</guid><pubDate>Wed, 23 Sep 2026 12:24:48 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-23T12:24:48.759+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अक्षय साहू</atom:name><atom:uri>/api/author/2547990</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>World News,Donald Trump,United Nations,Recep Tayyip Erdogan</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/xzq7rw25/Trump-Praises-Erdoganin-GCC-Meeting.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ ट्रंप ने GCC मीटिंग में एर्दोगन की तारीफ की]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Trump Praises Erdoganin GCC Meeting]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/xzq7rw25/Trump-Praises-Erdoganin-GCC-Meeting.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>विदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Trump Praises Erdogan GCC Meeting:</strong> अमेरिका के न्यूयार्क शहर में इस समय संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की 81वीं बैठक हो रही है। इसी बीच मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने तुर्कीये राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन को अपना खास दोस्त बताते हुए जमकर तारीफ की। उन्होंने खाड़ी देशों से कहा कि वे उनके दोस्त के भिड़ने की गलती न करें।&nbsp;</p><p>अमेरिकी राष्ट्रपति ने एर्दोगन को अपना दोस्त बताया और उन्हें ‘टफ कुकी’ यानी बेहद सख्त शख्स बताया। इसके साथ ही उन्होंने खाड़ी देशों के नेताओं की ओर इशारा करते हुए कहा कि उन्हें एर्दोगन से नहीं भिड़ना चाहिए और उनसे दूर रहना चाहिए। ट्रंप ने यह बयान UNGA की वैश्विक क्षमता केंद्र की बैठक में दिया।&nbsp;</p><h3>GCC बैठक में ट्रंप ने क्या कहा?</h3><p>GCC की इस बैठक में खाड़ी देशों के कई बड़े नेता मौजूद थे। इसमें&nbsp; इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैद, जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय, सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा, कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी शामिल थे। <a href="https://navbharatlive.com/world/sri-lanka-easter-bombings-verdict-2026-15-convicts-220-years-colombo-high-court-bench-aks03">डोनाल्ड ट्रंप</a> ने बैठक को संबोधित करते हुए एर्दोगन की ओर इशारा करते हुए कहा कि वह उनके खास दोस्त और सख्त इंसान हैं और उनसे भिड़ना सही नहीं होगा।&nbsp;</p><p>इस दौरान ट्रंप ने एर्दोगन की तारीफ करते हुए मजाकिया अंदाज में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उनकी बात को सही तरीके से ट्रांसलेट किया जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उम्मीद है कि बैठक में अच्छा ट्रांसलेटर मौजूद होगा। इसके बाद ट्रंप ने एर्दोगन को फैंटास्टिक और शानदार इंसान बताया।&nbsp;</p><h3>एर्दोगन मेरे अच्छे दोस्त: ट्रंप</h3><p>ट्रंप ने <a href="https://navbharatlive.com/world/turkey-president-recep-tayyip-erdogan-speech-at-unga-2026-raises-kashmir-issue-again-aks03">एर्दोगन</a> को अपना दोस्त बताते हुए कहा कि उनके बीच अच्छे संबंध हैं। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब मिडिल ईस्ट में तनाव और विभिन्न युद्धों को लेकर क्षेत्रीय देशों के बीच बातचीत का दौर जारी है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/world/trump-greenland-denmark-defense-agreement-1951-arctic-security-nato-2026-aks03">ग्रीनलैंड में बनेगा US मिलिट्री बेस, ट्रंप ने डेनमार्क के साथ रक्षा समझौते पर किए हस्ताक्षर, बोले-  यह अद्भुत</a></aside><h3>खाड़ी की चुनौतियों को दूर करने में जुटे देश</h3><p>बैठक के बाद न्यूयॉर्क स्थित तुर्की हाउस के बाहर पत्रकारों से बातचीत में एर्दोगन ने कहा कि तुर्की और क्षेत्र के अन्य खाड़ी देशों के सामने मौजूद चुनौतियों को दूर करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।</p><p>एर्दोगन ने कहा कि करीब आठ देशों ने गल्फ की मुश्किलों को जल्द दूर करने की कोशिशों में हिस्सा लिया है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के नतीजे और उनके फायदे आने वाले समय में दिखाई देंगे।&nbsp;</p>]]></content:encoded></item><item><title>ईस्टर फिदायीन हमले के पीड़ितों को इंसाफ, कोलंबो HC ने 15 आतंकियों को सुनाई 220 साल की सजा, भारत से था कनेक्शन</title><link>https://navbharatlive.com/world/sri-lanka-easter-bombings-verdict-2026-15-convicts-220-years-colombo-high-court-bench-aks03</link><comments>https://navbharatlive.com/world/sri-lanka-easter-bombings-verdict-2026-15-convicts-220-years-colombo-high-court-bench-aks03#comments</comments><guid isPermaLink="false">d00f44ee-dd51-4e2e-9aee-2f97278f4e8d</guid><pubDate>Wed, 23 Sep 2026 11:19:45 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-23T11:19:45.002+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अक्षय साहू</atom:name><atom:uri>/api/author/2547990</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>World News,Sri Lanka,ISIS</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/8740bam8/Sri-Lanka-Easter-Bombing-Verdict-2026.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ श्रीलंका ईस्टर बम विस्फोट मामले में अदालत का फैसला]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Sri Lanka Easter Bombing Verdict]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/8740bam8/Sri-Lanka-Easter-Bombing-Verdict-2026.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>विदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Sri Lanka Easter Bombing Verdict 2026:</strong> श्रीलंका की एक अदालत ने मंगलवार को 2019 के ईस्टर फिदायीन हमला मामले में सजा का ऐलान किया। अदालत ने मामले के 24 आरोपियों में से 15 को दोषी करार देते हुए 200 साल से अधिक के कारावास की सजा सुनाई है। 2019 के आतंकी हमले में 270 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 500 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।</p><p>श्रीलंकाई मीडिया में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, कोलंबो हाईकोर्ट की एक बेंच ने सभी 15 दोषियों को 220-220 साल की सजा सुनाई है। जस्टिस नवरत्ने मारासिंघे, जस्टिस रामनाथन कन्नन और जस्टिस सुजीवा निसांका की तीन सदस्यीय पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए 15 आरोपियों को दोषी करार दिया। वहीं 9 अन्य लोगों को बरी कर दिया।&nbsp;</p><h3>ISIS ने ईस्टर पर किया था फिदायीन हमला</h3><p>बता दें कि साल 2019 में ईस्टर के मौके पर <a href="https://navbharatlive.com/india/plot-to-divide-the-country-via-instagram-sensational-revelation-in-chargesheet-against-9-isis-accused-nkr24">ISIS</a> से जुड़े लोकल इस्लामी चरमपंथी संगठन नेशनल तौहीद जमात (NTJ) के 9 फिदायीन हमलावरों ने श्रीलंका में हमलों को अंजाम दिया था। हमलावरों ने&nbsp; 3 कैथोलिक चर्च और 3 आलीशान होटलों को निशाना बनाया था। इन हमलों में 11 भारतीय नागरिकों समेत कुल 270 लोगों की मौत हो गई थी, वहीं 500 से अधिक लोग घायल हो गए थे।</p><p>पांच साल तक चली सुनवाई के बाद अब कोलंबो हाईकोर्ट की बेंच ने दोषियों के खिलाफ सजा का ऐलान किया है। अदालत ने मुख्य आरोपी नौफर मौलवी को भी दोषी ठहराया। आरोपियों के खिलाफ 23 हजार 270 आरोप तय किए गए थे। वहीं&nbsp; अभियोजन पक्ष की तरफ से इस मामले में 2,309 गवाहों ने बयान दर्ज कराए गए।</p><h3>फिदायीन हमले का जाकिर नाइक से था संबंध</h3><p>श्रीलंका में हुए इस फिदायीन हमले का भारत से फरार कट्टरपंथी धर्म प्रचारक जाकिर नाइक से भी खास संबंध था। हमले के बाद श्रीलंकाई सुरक्षा बलों ने इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार किए गए आतंकियों ने सुरक्षा बलों को बताया कि वह जाकिर नाइक के ऑनलाइन वीडियो देखकर आतंकी संगठन में शामिल हुए थे। हालांकि, तब तक जाकिर नाइक भारत से भागकर मलेशिया चला गया था और तब से वहीं रह रहा है।&nbsp;</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/india/plot-to-divide-the-country-via-instagram-sensational-revelation-in-chargesheet-against-9-isis-accused-nkr24">इंस्टाग्राम के जरिए देश को बांटने की साजिश, ISIS के 9 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट में सनसनीखेज खुलासा</a></aside><h3>हमले के बाद श्रीलंका में सियासी विवाद&nbsp;</h3><p>इस हमले के बाद <a href="https://navbharatlive.com/sports/asian-games-2026-india-vs-sri-lanka-hockey-match-result-ssm01">श्रीलंका </a>में सियासी विवाद भी खड़ा हो गया था। तत्कालीन राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना और पीएम रानिल विक्रमसिंघे पर पहले से खुफिया जानकारी होने के बावजूद हमलों को नहीं रोक पाने के आरोप लगे थे। जबकि भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने श्रीलंका को हफ्तों पहले आतंकी हमले के संकेत दिए थे।&nbsp;</p>]]></content:encoded></item><item><title>ग्रीनलैंड में बनेगा US मिलिट्री बेस, ट्रंप ने डेनमार्क के साथ रक्षा समझौते पर किए हस्ताक्षर, बोले-  यह अद्भुत</title><link>https://navbharatlive.com/world/trump-greenland-denmark-defense-agreement-1951-arctic-security-nato-2026-aks03</link><comments>https://navbharatlive.com/world/trump-greenland-denmark-defense-agreement-1951-arctic-security-nato-2026-aks03#comments</comments><guid isPermaLink="false">9ad45143-102a-4922-9245-3aa8d8abe093</guid><pubDate>Wed, 23 Sep 2026 10:01:28 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-23T10:01:28.112+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अक्षय साहू</atom:name><atom:uri>/api/author/2547990</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>World News,Donald Trump,America,Greenland</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/ibc4cexy/US-Greenland-Defense-Agreement" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ अमेरिका, ग्रीनलैंड और डेनमार्क के बीच हुआ रक्षा समझौता]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ US-Greenland Defense Agreement]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/ibc4cexy/US-Greenland-Defense-Agreement?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>विदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Trump Greenland Denmark Defense Agreement 2026:</strong> अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन और ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स-फ्रेडरिक निल्सन ने एक नए रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत 1951 के समझौते को अपडेट किया गया है और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण आर्कटिक क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग को बढ़ाया गया है।&nbsp;</p><p>ट्रंप ने इस समझौते को लंबी कोशिशों का नतीजा बताया और कहा कि इससे अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के बीच रिश्ते मजबूत होंगे। ट्रंप ने तीनों देशों के बीच हुए समझौते पर दस्तखत करने के कार्यक्रम में कहा, हमारे रिश्ते बहुत शानदार और सुरक्षित होंगे, और हम इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।</p><figure><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr">President Donald J. Trump officially signs the landmark Greenland security deal alongside Prime Minister Mette Frederiksen of Denmark and Prime Minister Jens-Frederik Nielsen of Greenland.<br><br>This HISTORIC deal is critical for American national security and defense in the Arctic… <a href="https://t.co/OGoSWfjEhf">pic.twitter.com/OGoSWfjEhf</a></p>&mdash; The White House (@WhiteHouse) <a href="https://x.com/WhiteHouse/status/2102427344862355561?ref_src=twsrc%5Etfw">September 22, 2026</a></blockquote>
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</figure><h3>ग्रीनलैंड के लिए अद्भुत साबित होगा समझौता</h3><p>डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, इस पर काफी समय से काम चल रहा था। कुछ लोग सच में यह समझौता करना चाहते थे लेकिन कभी हो नहीं पाया, पर अब हम इसे पूरा कर रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि यह समझौता 'यूरोप, अमेरिका और सभी के लिए बहुत बढ़िया' होगा और ग्रीनलैंड के लिए तो 'अद्भुत' साबित होगा।</p><p>वहीं, फ्रेडरिकसेन ने इस समझौते को अमेरिका के साथ डेनमार्क के लंबे समय से चले आ रहे सहयोग में एक अहम पड़ाव बताया। उन्होंने कहा, 75 साल पहले, हमने ग्रीनलैंड की सुरक्षा को लेकर एक समझौता किया था। आज, हम उससे भी बड़ा और बेहतर समझौता कर रहे हैं, एक ऐसा समझौता जो हमेशा कायम रहेगा। डेनमार्क की नेता ने कहा कि इस समझौते से सुरक्षा और प्रतिरोध क्षमता मजबूत होगी और साथ ही विरोधी ताकतों को ग्रीनलैंड में पैर जमाने से रोका जा सकेगा।</p><h3>ग्रीनलैंड पर नहीं होगा बाहरी नियंत्रण</h3><p>फ्रेडरिकसेन ने कहा, हम यह पक्का कर रहे हैं कि उन्हें ग्रीनलैंड पर कोई नियंत्रण या बड़ा असर डालने की इजाजत न मिले। और हम यह भी पक्का कर रहे हैं कि आर्कटिक में एक ही समय में हमारे और सहयोगी देश भी मौजूद रहें।</p><p>उन्होंने कहा कि इस समझौते में ग्रीनलैंड और नॉर्थ अटलांटिक संधि वाले इलाके की सुरक्षा में अमेरिका के ऐतिहासिक और जारी योगदान को मान्यता दी गई है। उन्होंने कहा कि इसमें डेनमार्क साम्राज्य की क्षेत्रीय अखंडता और ग्रीनलैंड के आत्म-निर्णय के अधिकार का भी सम्मान किया गया है।&nbsp;</p><h3>नाटो को मजबूत करने की कोशिश का हिस्सा</h3><p>फ्रेडरिकसेन ने इस समझौते को भू-राजनीतिक तनाव के इस दौर में नाटो को मजबूत करने की एक बड़ी कोशिश का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा, अगर हम सहयोगी देशों के तौर पर बंट जाते हैं, तो हम अपने दुश्मनों की मदद करते हैं। हम ऐसा होने से रोकने के लिए हर मुमकिन कोशिश करेंगे।</p><h3>अपने फैसले खुद लेंगे ग्रीनलैंड&nbsp; के लोग</h3><p>वहीं, नीलसन ने कहा कि इस समझौते से 1951 का रक्षा समझौता '2026 के दौर' के हिसाब से अपडेट हो गया है और यह पक्का हो गया है कि ग्रीनलैंड के इलाके और वहां के लोगों पर असर डालने वाले फैसलों में ग्रीनलैंड सीधे तौर पर शामिल होगा। नीलसन ने इस समझौते को 'तीनों पक्षों के लिए फायदेमंद' बताया, जो साझा जिम्मेदारी, आपसी सम्मान और आर्कटिक में शांति बनाए रखने के लक्ष्य पर आधारित है।</p><p>उन्होंने कहा, ग्रीनलैंड के लिए, यह सिर्फ हमारे बारे में समझौता नहीं है, बल्कि यह हमारे साथ किया गया समझौता है। इसमें ग्रीनलैंड के लोगों, हमारे अधिकारों, हमारी आजीविका और हमारे देश के विकास का ध्यान रखा गया है।" नीलसन ने कहा कि दूसरे विश्व युद्ध और शीत युद्ध के दौरान ग्रीनलैंड ने सुरक्षा के लिहाज से अहम भूमिका निभाई थी और वह अमेरिका की घरेलू सुरक्षा में भी मदद करता रहा है। उन्होंने आर्कटिक में सुरक्षा को लेकर बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच नाटो और पश्चिमी गठबंधन के प्रति ग्रीनलैंड की प्रतिबद्धता पर भी जोर दिया।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/world/trump-zelensky-meeting-unga-2026-iran-deal-diesel-ban-xi-jinping-aks03">UNGA के बीच जेलेंस्की से मिले डोनाल्ड ट्रंप, घंटों चली मीटिंग, बोले- डीजल निर्यात पर लगा सकते हैं प्रतिबंध</a></aside><h3>मुझे ग्रीनलैंड के लोग बहुत पसंद: ट्रंप</h3><p>हालांकि, ट्रंप ने उस पत्रकार के सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया जिसने पूछा था कि क्या ग्रीनलैंड पर अमेरिका के मालिकाना हक की बात अब खत्म हो गई है। जब उनसे पूछा गया कि ग्रीनलैंड के लोगों के लिए उनका क्या संदेश है, तो ट्रंप ने कहा, मुझे ग्रीनलैंड के लोग बहुत पसंद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि "उनके प्रधानमंत्री उनका बहुत अच्छी तरह से प्रतिनिधित्व करते हैं।</p><p>वॉशिंगटन और कोपेनहेगन के बीच 1951 में हुए रक्षा समझौते ने ग्रीनलैंड में अमेरिकी सेना की मौजूदगी का आधार तैयार किया था। 2004 में अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के बीच हुए एक समझौते के जरिए इसमें बदलाव किए गए थे।</p>]]></content:encoded></item><item><title>India CELAC Meeting: ग्लोबल साउथ के विकास में भारत की बड़ी भूमिका, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताई आर्थिक ताकत</title><link>https://navbharatlive.com/india/jaishankar-india-economic-power-global-south-celac-kns18</link><comments>https://navbharatlive.com/india/jaishankar-india-economic-power-global-south-celac-kns18#comments</comments><guid isPermaLink="false">7425613a-e5be-471f-bcf0-62fea6202611</guid><pubDate>Wed, 23 Sep 2026 09:36:26 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-23T09:36:26.069+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>करुणा नंद शाहवाल</atom:name><atom:uri>/api/author/2548022</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>India,World News,S Jaishankar,Global Economy</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/dmdx9euy/External-Affairs-Minister-S.-Jaishankar" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ विदेश मंत्री एस. जयशंकर]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ External Affairs Minister S. Jaishankar]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/dmdx9euy/External-Affairs-Minister-S.-Jaishankar?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>देश</category><category>विदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p>विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत का बड़ी आर्थिक शक्ति के रूप में उभरना 'ग्लोबल साउथ' के देशों के साथ साझा समृद्धि और विकास में योगदान देने की क्षमता को मजबूत करता है। सीईएलएसी के विदेश मंत्रियों की बैठक में उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारत प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है। </p><p>उन्होंने भारत की बढ़ती जीडीपी, मजबूत विकास दर, कुशल मानव संसाधन, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी क्षमताओं का उल्लेख किया। जयशंकर ने कहा कि ग्लोबल साउथ के साथ भारत का जुड़ाव केवल राष्ट्रीय हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि साझा समृद्धि और एकजुटता की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।</p><h3>दोगुनी से ज्यादा हुई भारत की जीडीपी</h3><p>उन्होंने मंगलवार को यहां 'कम्युनिटी ऑफ लैटिन अमेरिकन एंड कैरिबियन स्टेट्स' (सीईएलएसी) के विदेश मंत्रियों से कहा, पिछले दशक में भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनकर उभरा है। हमारी जीडीपी दोगुनी से अधिक हो गई है और विकास दर मजबूत बनी हुई है।</p><figure><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr">My remarks today at the India - Community of Latin American and Caribbean States (CELAC) Foreign Ministers’ Meeting <a href="https://x.com/hashtag/UNGA81?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#UNGA81</a> <a href="https://x.com/hashtag/NewYork?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#NewYork</a> <a href="https://x.com/hashtag/UNHighLevelWeek?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#UNHighLevelWeek</a> <a href="https://t.co/ZXYJC9jyO9">pic.twitter.com/ZXYJC9jyO9</a></p>&mdash; Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) <a href="https://x.com/DrSJaishankar/status/2102479157607211316?ref_src=twsrc%5Etfw">September 22, 2026</a></blockquote>
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</figure><h3>ग्लोबल साउथ के लिए भारत की प्रतिबद्धता</h3><p>विदेश मंत्री एस. जयशंकर बताया कि आज भारत के पास बड़ी और तेजी से कुशल हो रही मानव संसाधन क्षमता, बढ़ती हुई क्षमताएं, एक बढ़ता हुआ बाजार, मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बढ़ती क्षमताएं मौजूद हैं।</p><p>उन्होंने कहा, इससे वैश्विक विकास और '<a href="https://navbharatlive.com/world/pm-modi-proposes-brics-roadmap-for-global-south-reform-pss06">ग्लोबल साउथ</a>' के साझेदारों के लिए सार्थक योगदान देने की हमारी क्षमता मजबूत हुई है। विदेश मंत्री ने कहा कि 'ग्लोबल साउथ' के साथ भारत का जुड़ाव संकीर्ण राष्ट्रीय हितों से प्रेरित नहीं है, बल्कि यह "हमारी एकजुटता और साझा समृद्धि के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।"</p><figure><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr">Co-chaired the India-CELAC Foreign Ministers’ Meeting today along with FM Mario Lubetkin <a href="https://x.com/MinLubetkinUy?ref_src=twsrc%5Etfw">@MinLubetkinUy</a> of Uruguay. <a href="https://x.com/hashtag/UNGA81?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#UNGA81</a>. Thank the CELAC trio FM Alva Baptiste of Saint Lucia and FM <a href="https://x.com/omarbula?ref_src=twsrc%5Etfw">@omarbula</a> of Columbia for joining.<br><br>Attended by 30 CELAC members, the largest ever, CELAC… <a href="https://t.co/z5BYdgbeO2">pic.twitter.com/z5BYdgbeO2</a></p>&mdash; Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) <a href="https://x.com/DrSJaishankar/status/2102467907871543488?ref_src=twsrc%5Etfw">September 22, 2026</a></blockquote>
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</figure><h3>आपदा के समय भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ</h3><p>विदेश मंत्री उन्होंने पिछले साल जमैका में आए हरिकेन मेलिसा और इस साल वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के दौरान भारत की मदद, कैरिबियन में विकास कार्यक्रमों के लिए समर्थन और लैटिन अमेरिकी देशों को दवाइयों की सप्लाई का जिक्र किया।</p><p><a href="https://navbharatlive.com/india/s-jaishankar-meets-world-leaders-ahead-of-unga-address-efforts-underway-to-resolve-the-gulf-crisis-nkr24">विदेश मंत्री एस. जयशंकर</a> ने उरुग्वे के विदेश मंत्री मारियो लुबेटकिन के साथ 33 सदस्यों वाले सीईएलएसी के विदेश मंत्रियों की बैठक की सह-अध्यक्षता की।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/india/india-agenda-for-the-unga-set-amidst-global-crises-focus-to-remain-on-reforms-and-terrorism-nkr24">वैश्विक संकटों के बीच भारत का एजेंडा तय, सुधार और आतंकवाद पर रहेगा फोकस; UNGA में 26 सितंबर को संबोधन</a></aside><h3>डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी पर जोर</h3><p>बैठक के बाद उन्होंने एक्स पर कहा कि मंत्री स्वास्थ्य और फार्मा, खाद्य और कृषि, ऊर्जा और संसाधन, छोटे और मध्यम उद्यमों और डिजिटल टेक्नोलॉजी के क्षेत्रों में सहयोग करने पर सहमत हुए।</p><p>उन्होंने कहा कि उन्होंने भारत की अगुवाई वाली पहलों, जैसे इंटरनेशनल सोलर अलायंस, कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर, इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस, ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस और मिशन लाइफ के लिए भी समर्थन दिया।</p>]]></content:encoded></item><item><title>साल के अंत में कनाडा जाएंगे प्रधानमंत्री मोदी, PM कार्नी ने किया कंफर्म, ट्रेड डील पर हो सकते हैं हस्ताक्षर</title><link>https://navbharatlive.com/world/india-canada-trade-deal-modi-canada-visit-december-cepa-talks-october-5-aks03</link><comments>https://navbharatlive.com/world/india-canada-trade-deal-modi-canada-visit-december-cepa-talks-october-5-aks03#comments</comments><guid isPermaLink="false">1891de00-f7a7-4650-8057-a746b3334c9c</guid><pubDate>Wed, 23 Sep 2026 09:27:24 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-23T09:27:24.862+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अक्षय साहू</atom:name><atom:uri>/api/author/2547990</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>World News,Canada,Business News,PM Narendra Modi,Canada-India Relations,Mark Carney</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/679t0la7/PM-Modi-visit-canada-.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[  कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, पीएम नरेंद्र मोदी]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ PM Modi Will Visit Canada]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/679t0la7/PM-Modi-visit-canada-.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>विदेश</category><category>बिज़नेस</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>PM Modi Will Visit Canada at the End of The Year:</strong> कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साल के अंत में कनाडा का दौरा कर सकते हैं, क्योंकि दोनों देश इस साल के आखिर तक ट्रेड डील पक्की करना चाहते हैं। कार्नी ने कहा कि दोनों देश साल के आखिर तक ट्रेड डील करना चाहते हैं। उन्होंने भारत के साथ रिश्ते को बहुत जरूरी बताया।</p><p>कनाडा के प्रधानमंत्री ने न्यूयॉर्क में UNGA मीटिंग के दौरान मीडिया से बात करते हुए कहा कि हम भारत के साथ अपनी ट्रेड बातचीत में अच्छी प्रगति कर रहे हैं। यह कई स्तर पर एक बहुत जरूरी रिश्ता है। लोगों से लोगों का स्तर, सुरक्षा स्तर और व्यापार और आर्थिक भी। पीएम मोदी इस साल दिसंबर में के आसपास कनाडा आएंगे। मैं उनकी मेजबानी करने के लिए बहुत उत्सुक हूं।</p><h3>कार्नी के नेतृत्व में भारत से सुधरे रिश्ते</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/world/us-canada-trade-war-escalates-as-trump-threatens-50-percent-tariffs-on-canada-goods">मार्क कार्नी </a>के नेतृत्व में कनाडा ने 2025 में G20 समिट के दौरान भारत के साथ ट्रेड बातचीत फिर से शुरू की, क्योंकि दोनों देशों ने कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के साथ टकराव के बाद कूटनीतिक रिश्तों में नरमी देखी, जिन्होंने कनाडा में आतंकवादी हरदीप निज्जर की हत्या के लिए भारत को दोषी ठहराया था।</p><figure><blockquote class="twitter-tweet" data-media-max-width="560"><p lang="en" dir="ltr">PM MODI TO VISIT CANADA IN DECEMBER, CANADIAN PM CONFIRMS<br><br>Canadian PM Mark Carney has confirmed that PM Narendra Modi is expected to visit Canada around the G20 in December.<br><br>Carney said India-Canada trade negotiations are making “good progress” and both sides aim to conclude… <a href="https://t.co/aRF4iYEdCX">pic.twitter.com/aRF4iYEdCX</a></p>&mdash; Subodh Kumar (@kumarsubodh_) <a href="https://x.com/kumarsubodh_/status/2102578719638634687?ref_src=twsrc%5Etfw">September 23, 2026</a></blockquote> <script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></figure><h3>ट्रेड डील से व्यापार दोगुना होने की उम्मीद</h3><p>जानकारी के मुताबिक, कनाडा ने पिछले साल के आखिर में G20 समिट के दौरान भारत सरकार के साथ बातचीत की थी। जो बढ़ती अस्थिर अमेरिकी सरकार पर आर्थिक निर्भरता कम करने की उनकी पूरी योजना का हिस्सा था। कनाडाई पक्ष ने कहा है कि दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक भारत के साथ एक समझौते से कनाडा-भारत व्यापार दोगुना होकर $70 बिलियन हो सकता है।</p><h3>ट्रेड डील को लेकर बातचीत तेज: पीयूष गोयल<strong>&nbsp;</strong></h3><p>इससे पहले 21 सितंबर को केंद्रीय वाणिज्य मंत्री <a href="https://navbharatlive.com/india/piyush-goyal-announces-free-trade-agreement-between-india-and-new-zealand-come-into-effect-on-20-october-nkr24">पीयूष गोयल</a> ने कहा था कि भारत और कनाडा एक व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (CEPA) के लिए बातचीत को तेज करने पर सहमत हो गए हैं, और अगले दौर की बातचीत 5 अक्टूबर से शुरू होने वाली है।&nbsp; गोयल ने कहा कि उन्होंने पिछले हफ्ते मुंबई में अपने कनाडाई समकक्ष, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते के लिए बातचीत का चौथा दौर पूरा किया था।</p><p>उन्होंने कहा, मैंने शुक्रवार को मुंबई में अपने समकक्ष श्री मनिंदर सिद्धू के साथ कनाडा व्यापार सौदे के लिए बातचीत का चौथा दौर पूरा किया है। बहुत फायदेमंद बातचीत हुई और दोनों पक्षों ने बातचीत को तेज करने का फैसला किया है, जिसे देखते हुए हमारी टीम अब पांचवें दौर के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि बातचीत का पांचवां दौर&nbsp; 5 अक्टूबर से शुरू होगा और कहा कि बातचीत की रफ्तार बढ़ रही है।</p><h3>एक दशक से जारी है बातचीत</h3><p>भारत और कनाडा एक दशक से अधिक समय से एक व्यापक व्यापार समझौते पर चर्चा कर रहे हैं। मार्च 2022 में बातचीत को आधिकारिक तौर पर फिर से शुरू किया गया, जिसमें दोनों पक्ष एक अंतरिम कदम के तौर पर प्रारंभिक प्रगति व्यापार समझौता पर भी काम कर रहे हैं। 2022 और 2023 के बीच बातचीत के नौ दौर हुए, इससे पहले कि अगस्त 2023 में आपसी रिश्तों में तनाव के समय के बीच प्रक्रिया को रोक दिया गया।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/world/trump-zelensky-meeting-unga-2026-iran-deal-diesel-ban-xi-jinping-aks03">UNGA के बीच जेलेंस्की से मिले डोनाल्ड ट्रंप, घंटों चली मीटिंग, बोले- डीजल निर्यात पर लगा सकते हैं प्रतिबंध</a></aside><p>2025 में व्यापार अनुबंध ने फिर से रफ्तार पकड़ी। इसके बाद दोनों देशों ने एक नया CEPA प्रक्रिया शुरू किया, जिसमें गोयल और सिद्धू ने 2 मार्च, 2026 को कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के भारत दौरे के दौरान टर्म्स ऑफ रेफरेंस पर साइन किए।</p><p>इसके साथ ही दोनों सरकारों ने 2026 के आखिर तक बातचीत पूरी करने का वादा किया।वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत और कनाडा के बीच लगभग 8 बिलियन अमेरिकी डॉलर का ट्रेड हुआ, जिसमें भारत ने&nbsp; 4.67 बिलियन अमेरिकी डॉलर का सामान निर्यात किया और 3.28 बिलियन अमेरिकी डॉलर का आयात किया।</p>]]></content:encoded></item><item><title>UNGA के बीच जेलेंस्की से मिले डोनाल्ड ट्रंप, घंटों चली मीटिंग, बोले- डीजल निर्यात पर लगा सकते हैं प्रतिबंध</title><link>https://navbharatlive.com/world/trump-zelensky-meeting-unga-2026-iran-deal-diesel-ban-xi-jinping-aks03</link><comments>https://navbharatlive.com/world/trump-zelensky-meeting-unga-2026-iran-deal-diesel-ban-xi-jinping-aks03#comments</comments><guid isPermaLink="false">7845e23e-c662-4641-aeab-039f623a7b62</guid><pubDate>Wed, 23 Sep 2026 09:07:59 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-23T09:07:59.543+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अक्षय साहू</atom:name><atom:uri>/api/author/2547990</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>World News,Donald Trump,United Nations,Volodymyr Zelenskyy</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/k4xe7mqd/trump-zelensky-meeting.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Trump-Zelensky Meeting]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/k4xe7mqd/trump-zelensky-meeting.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>विदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Trump-Zelensky Meeting:</strong> अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ईरान के साथ समझौते को लेकर हुई बातचीत और डीजल निर्यात पर संभावित प्रतिबंध को लेकर कई अहम बयान दिए। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ईरान के साथ समझौते को लेकर मध्यस्थों के साथ हुई बैठक में शामिल हुए थे। उन्होंने बताया कि यह बैठक करीब तीन घंटे तक चली और काफी अच्छी रही।</p><h3>ट्रंप-जेलेंस्की के बीच द्विपक्षीय वार्ता</h3><p>यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान ट्रंप ने ईरान के साथ समझौते को लेकर बातचीत का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विटकॉफ और कुशनर ने ईरान समझौते से जुड़े मध्यस्थों से मुलाकात की थी। ट्रंप के मुताबिक बैठक करीब तीन घंटे चली और इसमें अच्छी बातचीत हुई।</p><p><a href="https://navbharatlive.com/world/donald-trump-unga-speech-iran-nuclear-weapons-8-wars-pss06">डोनाल्ड ट्रंप </a>ने कहा कि वह समझ नहीं पा रहे हैं कि ईरान इस तरह के समझौते के लिए तैयार क्यों नहीं होगा। उन्होंने कहा कि एक विकल्प ऐसा है जिसमें मामला खत्म हो सकता है, जबकि दूसरा विकल्प ईरान के लिए बेहतर भविष्य का रास्ता खोल सकता है। ट्रंप ने ईरान को एक महान देश बनने की संभावना वाला देश बताया।</p><figure><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr">Watch: US President Donald Trump says, &quot;I&#39;ll probably talk about, we&#39;re going to talk about a lot, it&#39;s going to be a great meeting and we&#39;re going to have a, look we have a very good relationship, look he likes China, I like the U.S., he loves China, I love the U.S., that&#39;s the… <a href="https://t.co/OCmf4Dp730">pic.twitter.com/OCmf4Dp730</a></p>&mdash; IANS (@ians_india) <a href="https://x.com/ians_india/status/2102478826857226617?ref_src=twsrc%5Etfw">September 22, 2026</a></blockquote>
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</figure><h3>डीजल निर्यात पर प्रतिबंध की तैयारी</h3><p>अमेरिका में डीजल निर्यात को लेकर भी ट्रंप ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन डीजल के निर्यात पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने की संभावना पर विचार कर रहा है। कुछ रिपब्लिकन सीनेटरों ने अमेरिका से सहयोगी देशों को डीजल निर्यात रोकने की मांग की थी।</p><p>ट्रंप ने कहा कि अमेरिका बड़ी मात्रा में डीजल का उत्पादन करता है। उन्होंने अधिकारियों से यह पता लगाने को कहा है कि डीजल का निर्यात रोकने से घरेलू बाजार पर क्या असर पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस कदम का सामान्य ऑटोमोबाइल गैसोलीन की उपलब्धता पर कुछ असर पड़ सकता है।</p><h3>वित्त मंत्री ने भी दी जानकारी</h3><p>अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि प्रशासन डीजल निर्यात पर संभावित प्रतिबंध की जांच कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार यह देख रही है कि देश की कुल रिफाइनिंग क्षमता को देखते हुए ऐसा कदम संभव है या नहीं।</p><p>बेसेंट ने यह भी कहा कि प्रशासन इस बात पर विचार कर रहा है कि डीजल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाए या सीमित प्रतिबंध लगाया जाए। सरकार यह समझने की कोशिश कर रही है कि दोनों विकल्पों में से किसका घरेलू ईंधन बाजार पर क्या प्रभाव पड़ेगा।</p><h3>शी जिनपिंग की यात्रा को लेकर ट्रंप का बयान</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/world/xi-jinping-health-brics-summit-beijing-301-hospital-cdp-claim-ars24">चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग</a> की अमेरिका की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा को लेकर भी ट्रंप ने बात की। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि शी जिनपिंग के साथ होने वाली बैठक महत्वपूर्ण होगी। ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति के साथ अपने अच्छे संबंधों का भी जिक्र किया।</p><p>ट्रंप ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच अच्छे रिश्ते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि शी जिनपिंग के साथ होने वाली बैठक शानदार रहेगी। उन्होंने अमेरिका और चीन के बीच संबंधों को लेकर सकारात्मक रुख भी जताया।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/world/donald-trump-imec-support-iran-middle-east-energy-infrastructure-routes-pjs00">ईरान से दूर होगा मिडिल ईस्ट का एनर्जी रूट? ट्रंप ने IMEC को दिया समर्थन, जेलेंस्की के साथ युद्ध पर हुई बात</a></aside><h3>शील्ड ऑफ द अमेरिकाज की बैठक में शामिल हुए ट्रंप</h3><p>ट्रंप ने शील्ड ऑफ द अमेरिकाज की दूसरी बैठक में भी हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि वह इस बैठक में शामिल होकर काफी खुश हैं। ट्रंप ने इस गठबंधन को पश्चिमी गोलार्ध में आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी बताया।&nbsp;</p>]]></content:encoded></item><item><title>वैश्विक संकटों के बीच भारत का एजेंडा तय, सुधार और आतंकवाद पर रहेगा फोकस; UNGA में 26 सितंबर को संबोधन</title><link>https://navbharatlive.com/india/india-agenda-for-the-unga-set-amidst-global-crises-focus-to-remain-on-reforms-and-terrorism-nkr24</link><comments>https://navbharatlive.com/india/india-agenda-for-the-unga-set-amidst-global-crises-focus-to-remain-on-reforms-and-terrorism-nkr24#comments</comments><guid isPermaLink="false">bbbd06e6-b9cc-4e91-979a-763c019ce449</guid><pubDate>Wed, 23 Sep 2026 08:52:07 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-23T08:52:07.010+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>नितिन कुमार राय</atom:name><atom:uri>/api/author/2590629</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>International News,United Nations,S Jaishankar,Russia-Ukraine Conflict Updates</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/5ko5kwdi/UNITED-NATION.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ संयुक्त राष्ट्र]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ S. Jaishankar Will Address In UNGA 81st Session]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/5ko5kwdi/UNITED-NATION.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>देश</category><category>विदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>S. Jaishankar Will Address In UNGA 81st Session</strong>: &nbsp;दुनियाभर के नेता न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के लिए जुटे हैं, जहां भारत बहुपक्षीय सुधार, आतंकवाद, शांति स्थापना और ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं को अपने एजेंडे के केंद्र में रखने वाला है। UNGA की सालाना बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब दुनिया लंबी जंग, मानवीय आपातकाल, आर्थिक अस्थिरता और बड़ी शक्तियों के बीच बढ़ते मतभेदों से जूझ रही है। इस साल की थीम 'भरोसा बहाल करना, बदलाव का प्रबंधन: एक संयुक्त राष्ट्र जो सभी के लिए काम करे' है। यह बहस 26 सितंबर तक चलेगी और 28 सितंबर को समाप्त होगी।</p><h3>तकनीक से लेकर शांति को लेकर चर्चा</h3><p>संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि नेताओं से संघर्ष, मानवीय संकट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जलवायु कार्रवाई, सतत विकास और आर्थिक लचीलेपन जैसे मुद्दों पर बात करने की उम्मीद है। भारत के औपचारिक बयान में इस बात पर ध्यान दिलाए जाने की उम्मीद है कि संस्थाओं को मौजूदा भू-राजनीतिक और आर्थिक हकीकत को दिखाना चाहिए। भारत ने बार-बार कहा है कि विकासशील देश उन संस्थाओं में कम प्रतिनिधित्व के साथ नहीं रह सकते, जो अंतरराष्ट्रीय शांति, वित्त, विकास और तकनीक पर फैसले लेती हैं।</p><h3>भारत के बयान से मिले संकेत</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/india/external-affairs-minister-s-jaishankar-to-address-the-81st-session-of-the-unga-nkr24">संयुक्त राष्ट्र महासभा</a> की आम बहस से ठीक पहले सुरक्षा परिषद में भारत के दो बयानों से उन मुद्दों के संकेत मिले हैं, जिन्हें नई दिल्ली में ब्रिक्स सप्ताह के दौरान उठा है। अफगानिस्तान के मुद्दे पर हुई परिषद की बैठक में भारत ने आगाह किया कि 'अल-कायदा के आतंकवादी तंत्र (इकोसिस्टम) ने अफगानिस्तान की सीमाओं से परे अपनी रणनीतिक गहराई बना ली है।' भारत के प्रतिनिधि ने कहा कि 11 सितंबर के हमलों को अंजाम देने वाले कई 'गुफाओं में छिपे भगोड़े नहीं थे' और इसके बजाय उन्हें रिहायशी इलाकों या शहरी जगहों पर पकड़ा गया था।</p><figure><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr"><a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> | US | At the High-Level Meeting of Like-Minded Global South countries and Friends, EAM Dr S Jaishankar said, &quot;We are meeting at a time of considerable global uncertainty. We can see that in conflicts and geopolitical tensions, in the disruption of supply chains, in… <a href="https://t.co/uYrwEK6N0d">pic.twitter.com/uYrwEK6N0d</a></p>&mdash; ANI (@ANI) <a href="https://x.com/ANI/status/2102591089265999935?ref_src=twsrc%5Etfw">September 23, 2026</a></blockquote>
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</figure><h3>आतंकवाद और चरमपंथ पर चर्चा</h3><p>अफगानिस्तान में आतंकवाद और चरमपंथी संगठनों की निरंतर मौजूदगी को भारत की सुरक्षा चिंताओं के केंद्र में रखा गया है। बैठक में बताया गया कि अफगानिस्तान में अब भी 20 से अधिक आतंकवादी समूह सक्रिय हैं। संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी कि महिलाओं और लड़कियों के साथ भेदभाव, कमजोर आर्थिक वृद्धि और गहराते मानवीय संकट के कारण देश की बहाली कमजोर पड़ रही है। भारत ने शांति अभियानों पर सुरक्षा परिषद की विशेष बहस में संयुक्त राष्ट्र मिशनों के लिए कर्मी उपलब्ध कराने वाले देशों को बड़ी भूमिका देने की मांग की।</p><h3>न्यूयॉर्क में विदेश मंत्री एस जयशंकर</h3><p>विदेश मंत्री <a href="https://navbharatlive.com/india/s-jaishankar-meets-world-leaders-ahead-of-unga-address-efforts-underway-to-resolve-the-gulf-crisis-nkr24">एस जयशंकर</a> संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में शामिल होने के लिए न्यूयॉर्क में मौजूद हैं। विदेश मंत्री 26 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 'हाई लेवल सत्र' में भारत का पक्ष रखेंगे। संयुक्त राष्ट्र महासभा का हाई-लेवल वीक 22 से 29 सितंबर तक चलेगा। आम बहस 22 से 26 सितंबर और फिर 28 सितंबर को होगी। विदेश मंत्री के साथ एक प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद हैं। विदेश मंत्री कई बहुपक्षीय और द्विपक्षीय बैठकों में भी शामिल हुए हैं।</p><p><em><strong>(एजेंसी इनपुट के साथ)</strong></em></p>]]></content:encoded></item><item><title>ईरान से दूर होगा मिडिल ईस्ट का एनर्जी रूट? ट्रंप ने IMEC को दिया समर्थन, जेलेंस्की के साथ युद्ध पर हुई बात</title><link>https://navbharatlive.com/world/donald-trump-imec-support-iran-middle-east-energy-infrastructure-routes-pjs00</link><comments>https://navbharatlive.com/world/donald-trump-imec-support-iran-middle-east-energy-infrastructure-routes-pjs00#comments</comments><guid isPermaLink="false">f6328fda-1710-4d94-ba86-ee8f112060e5</guid><pubDate>Wed, 23 Sep 2026 08:08:51 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-23T08:08:51.669+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया जैस</atom:name><atom:uri>/api/author/2547964</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>Donald Trump,Iran,America,Volodymyr Zelenskyy</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/yfpfgjxf/trump-on-imec.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ डोनाल्ड ट्रंप]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ trump on imec]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/yfpfgjxf/trump-on-imec.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>विदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>India Middle East Europe Economic Corridor:</strong> अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-मिडिल ईस्ट-यूरोप आर्थिक गलियारे के लिए अपने प्रशासन के समर्थन की पुष्टि की है। उन्होंने इस महत्वाकांक्षी कनेक्टिविटी परियोजना को क्षेत्र में ऊर्जा और वस्तुओं के परिवहन के लिए एक वैकल्पिक रास्ते के तौर पर पेश किया।</p><p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और वोलोडिमिर जेलेंस्की के बीच मंगलवार को बैठक हुई। इस बैठक में रूस-युक्रेन युद्ध, 'इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर' को लेकर अहम बातचीत हुई। </p><p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संबंधों के बारे में कहा, "हमारे बीच बहुत अच्छे संबंध हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति, वोलोडिमिर जेलेंस्की और मैं इसका समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं, और मुझे लगता है कि ऐसा हो जाएगा।"</p><h3>एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को दूर ले जाने की आवश्यकता</h3><p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "पड़ोसी देशों में कमर्शियल शिपिंग पर ईरान के आतंकवादी हमलों ने यह दिखा दिया है कि मिडिल ईस्ट के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को ईरानी चेकपॉइंट्स से दूर ले जाने की जरूरत है। इसीलिए मेरा प्रशासन 'इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर' और तेल बाहर निकालने के दूसरे तरीकों चाहे वह पाइपलाइन हो या कुछ और का जोरदार समर्थन करता है। हम मिलकर उन चुनौतियों से पार पाने के करीब हैं जिन्होंने दशकों से इस क्षेत्र को परेशान कर रखा है।"</p><figure><blockquote class="twitter-tweet" data-media-max-width="560"><p lang="en" dir="ltr"><a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> | US President Donald Trump says, &quot;...Iran&#39;s terrorist attacks on commercial shipping in neighboring countries have shown the need to shift Middle East energy infrastructure away from the Iranian checkpoints. That&#39;s why my administration strongly supports the India-Middle… <a href="https://t.co/8unWVvueZP">pic.twitter.com/8unWVvueZP</a></p>&mdash; ANI (@ANI) <a href="https://x.com/ANI/status/2102488126677823521?ref_src=twsrc%5Etfw">September 22, 2026</a></blockquote> <script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></figure><h3>'शील्ड ऑफ द अमेरिकाज' सबसे शक्तिशाली गठबंधन</h3><p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने ईरान डील पर मध्यस्थों से मुलाकात की। मध्यस्थ यहां आए थे और कई चीजें बहुत अच्छी तरह से आगे बढ़ रही हैं। मैं 'शील्ड ऑफ द अमेरिकाज' की दूसरी बैठक में शामिल होकर बहुत उत्साहित हूं। 'शील्ड ऑफ द अमेरिकाज' एक बहुत बड़ी बात है। यह पश्चिमी गोलार्ध में आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अब तक का सबसे बड़ा और सबसे शक्तिशाली गठबंधन है।"</p><p>अमेरिकी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अमेरिका की तीन दिवसीय आधिकारिक राजकीय यात्रा पर ट्रंप ने इस बैठक को शानदार बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच शानदार बैठक होने वाली है और हमारे संबंध बहुत अच्छे हैं। उन्हें चीन पसंद है, मुझे अमेरिका पसंद है। बात बस इतनी ही है। कल रात एक बहुत बड़ी घटना होने वाली है। हर कोई वहां मौजूद रहना चाहता है।"</p><figure><blockquote class="twitter-tweet" data-media-max-width="560"><p lang="en" dir="ltr"><a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> | US President Donald Trump says, &quot;Steve Witkoff and Jared Kushner met with the mediators on the Iran deal. The mediators were here...A lot of things are working out very well. I&#39;m thrilled to be here at the second meeting of the Shield of the Americas. The Shield of the… <a href="https://t.co/7XrUxQLgrl">pic.twitter.com/7XrUxQLgrl</a></p>&mdash; ANI (@ANI) <a href="https://x.com/ANI/status/2102479997449736237?ref_src=twsrc%5Etfw">September 22, 2026</a></blockquote> <script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></figure><h3>रूस-युक्रेन युद्ध पर बोले ट्रंप</h3><p>युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति <a href="https://navbharatlive.com/world/donald-trump-bans-cnn-ms-now-politico-white-house-media-ban-pjs00">डोनाल्ड ट्रंप</a> ने कहा, "रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन चाहते हैं कि युद्ध खत्म हो। दोनों ही युद्ध का अंत चाहते हैं। सच कहूं तो, अब समय आ गया है। बहुत से लोग मारे जा रहे हैं, और वे ऐसा नहीं चाहते। लेकिन मुझे लगता है कि वे दोनों ही युद्ध खत्म होते देखना चाहते हैं।"</p><figure><blockquote class="twitter-tweet" data-media-max-width="560"><p lang="en" dir="ltr"><a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> | Ukrainian President Volodymyr Zelenskyy says, &quot;Thank you very much for this meeting and thanks for your personal support and bipartisan support when they voted on the Lindsey O. Graham bill. Thank you very much for this...I hope that we will end this (Russia-Ukraine war)… <a href="https://t.co/sMEZ4JkNEM">pic.twitter.com/sMEZ4JkNEM</a></p>&mdash; ANI (@ANI) <a href="https://x.com/ANI/status/2102459373260009839?ref_src=twsrc%5Etfw">September 22, 2026</a></blockquote> <script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></figure><aside><a href="https://navbharatlive.com/world/donald-trump-unga-speech-iran-nuclear-weapons-8-wars-pss06">ईरान की चुनौती का दिया जवाब, नहीं चलेगी मनमानी, UNGA के मंच से बोले डोनाल्ड ट्रंप</a></aside><h3>जेलेंस्की ने युद्ध पर की बात </h3><p>यूक्रेन के राष्ट्रपति <a href="https://navbharatlive.com/world/us-jared-kushner-steve-witkoff-kyiv-visit-meets-ukraine-president-volodymyr-zelenskyy-for-peace-talks">वोलोडिमिर जेलेंस्की</a> ने ट्रंप के साथ हुई बैठक को लेकर धन्यवाद किया और लिंडसे ओ. ग्राहम बिल पर वोटिंग के दौरान व्यक्तिगत और दोनों पार्टियों के समर्थन के लिए भी शुक्रिया कहा। जेलेंस्की ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि हम रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म कर लेंगे और राष्ट्रपति ट्रंप इस युद्ध को खत्म करने में हमारी मदद करेंगे। हमें इसे जल्द से जल्द करना होगा, सर्दियों से पहले, बल्कि सर्दियों से भी पहले करना होगा।"</p><p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संबंधों के बारे में कहा, "हमारे बीच बहुत अच्छे संबंध हैं। राष्ट्रपति (यूक्रेन के राष्ट्रपति, वोलोडिमिर जेलेंस्की) और मैं इसका समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं, और मुझे लगता है कि ऐसा हो जाएगा।"</p>]]></content:encoded></item><item><title>UNGA में एर्दोगन ने फिर अलापा कश्मीर का राग, UN चार्टर से हल निकालने की कही बात, बोले- लोगों के लिए जरूरी </title><link>https://navbharatlive.com/world/turkey-president-recep-tayyip-erdogan-speech-at-unga-2026-raises-kashmir-issue-again-aks03</link><comments>https://navbharatlive.com/world/turkey-president-recep-tayyip-erdogan-speech-at-unga-2026-raises-kashmir-issue-again-aks03#comments</comments><guid isPermaLink="false">6c8242e2-79dd-4c27-a85a-7e4154b2d6a9</guid><pubDate>Wed, 23 Sep 2026 07:56:35 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-23T07:56:35.752+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>अक्षय साहू</atom:name><atom:uri>/api/author/2547990</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>India,United Nations,Kashmir,Recep Tayyip Erdogan</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/lms2688s/Erdogan-Kashmir-Statement-UNGA-2026.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[  तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Erdogan Kashmir Statement UNGA 2026]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-23/lms2688s/Erdogan-Kashmir-Statement-UNGA-2026.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>विदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Erdogan Kashmir Statement UNGA 2026:</strong> अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में इस समय संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की 81वीं बैठक चल रही है। मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने UNGA के मंच पर अपनी बात रखी। इसी बीच तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन ने एक बार वैश्विक मंच पर कश्मीर का राग अलापा। एर्दोगन इससे पहले भी ऐसा कर चुके हैं।&nbsp;</p><p>एर्दोगन ने UNGA में अपने संबोधन के दौरान कहा कि दक्षिण एशिया के सभी विवादों का समाधान संयुक्त राष्ट्र चार्टर और प्रासंगिक प्रस्तावों के दायरे में बातचीत के जरिए किया जाना चाहिए। इसमें कश्मीर भी शामिल है। एर्दोगन ने पिछले साल भी UNGA में यह मुद्दा उठाया था, जिस पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी।&nbsp;&nbsp;</p><figure><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr">Turkish President Erdogan:<br><br>In South Asia, it is important that all disputes, including the Kashmir issue, be addressed through dialogue within the framework of the United Nations Charter and of relevant resolutions. <a href="https://t.co/9eaE7wQxfH">pic.twitter.com/9eaE7wQxfH</a></p>&mdash; Clash Report (@clashreport) <a href="https://x.com/clashreport/status/2102427735985676464?ref_src=twsrc%5Etfw">September 22, 2026</a></blockquote>
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</figure><h3>एर्दोगन ने UNGA में क्या कहा?&nbsp;</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/world/turkey-india-relations-pakistan-decouple-strategy-1775153.html">तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन </a>ने UNGA में अपने संबोधन में कहा कि दक्षिण एशिया में यह अहम है कि कश्मीर मुद्दे सहित सभी विवादों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और संबंधित प्रस्तावों के ढांचे के अंदर संवाद के माध्यम से संबोधित किया जाए। एर्दोगन ने अपने बयान के साथ एक बार फिर कश्मीर के मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश की, जबकि भारत लगातार यह कहता आ रहा है कि यह उसका आंतरिक मामला है।&nbsp;</p><p>एर्दोगन का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर को लेकर तनाव बना हुआ है और दोनों ही देशों के रुख में कोई बदलाव नहीं देखा गया है। यह पहली बार नहीं है जब तुर्किये के राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र या किसी अन्य वैश्विक मंच से कश्मीर के मुद्दे को हवा दी हो।&nbsp;</p><h3>कश्मीर को लेकर पिछले साल भी दिया था बयान&nbsp;</h3><p>एर्दोगन ने इससे पहले सितंबर 2025 में भी उन्होंने अपने<a href="https://navbharatlive.com/world/donald-trump-unga-speech-iran-nuclear-weapons-8-wars-pss06"> UNGA </a>संबोधन में कश्मीर का जिक्र किया था। उन्होंने इसे बड़ा मुद्दा बताते हुए इसके समाधान की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि कश्मीर में रहने वाले लोगों की भलाई में इस मुद्दे का हल संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के आधार पर और बातचीत के माध्यम से निकलना चाहिए।&nbsp;</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/world/vijay-mallya-high-court-warning-social-media-posts-ed-affidavit-pss06">बॉम्बे हाई कोर्ट की विजय माल्या को सख्त चेतावनी, सोशल मीडिया पर कोर्ट के दस्तावेज न करें पोस्ट</a></aside><p>तुर्किये और एर्दोगन लंबे समय से कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान का पक्षधर रहे हैं। यही कारण है कि एर्दोगन समय-समय पर वैश्विक मंचों पर कश्मीर का मुद्दा उठाते रहते हैं। हालांकि भारत ने हर बार उनके ऐसे कदमों की आलोचना की । भारत ने स्पष्ट किया है कि यह उसका आंतरिक मामला है और इसमें किसी भी तीसरे पक्ष का हस्तक्षेप मंजूर नहीं है।&nbsp;</p>]]></content:encoded></item><item><title>बॉम्बे हाई कोर्ट की विजय माल्या को सख्त चेतावनी, सोशल मीडिया पर कोर्ट के दस्तावेज न करें पोस्ट</title><link>https://navbharatlive.com/world/vijay-mallya-high-court-warning-social-media-posts-ed-affidavit-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/world/vijay-mallya-high-court-warning-social-media-posts-ed-affidavit-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">51d27427-9de3-405b-8c46-60537b2e0591</guid><pubDate>Tue, 22 Sep 2026 21:53:11 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-22T21:53:11.849+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>India,World News,High Court,State Bank of India,Bombay High Court,Enforcement Directorate,Money Laundering,Vijay Mallya</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-22/gon8d6b6/vijay-mallya-money-laundering-case.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ कारोबारी विजय माल्या]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Vijay Mallya High Court Warning]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-22/gon8d6b6/vijay-mallya-money-laundering-case.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>विदेश</category><category>देश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Vijay Mallya High Court Warning:</strong> बॉम्बे हाई कोर्ट ने भगोड़े आर्थिक अपराधी विजय माल्या को सोशल मीडिया पर अदालती दस्तावेज पोस्ट करने के खिलाफ सख्त चेतावनी दी है। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जांच किए जा रहे मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED के हलफनामे को बिना इजाजत X पर डालने पर अदालत ने कड़ी आपत्ति जताई। </p><p>माल्या की ओर से ब्रिटेन के अदालती आदेशों का हवाला देकर भारत न लौटने के तर्कों पर भी हाई कोर्ट ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर तय करते हुए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और सॉलिसिटर जनरल को नए हलफनामे दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।</p><h3>सोशल मीडिया पर ED का हलफनामा पोस्ट करने पर हाई कोर्ट की आपत्ति</h3><p>ED की आपत्ति के बाद जस्टिस मिलिंद जाधव ने माल्या के वरिष्ठ अधिवक्ता अमित देसाई से अपने मुवक्किल को भविष्य में ऐसी गतिविधि दोबारा न करने की चेतावनी देने को कहा। अदालत ने इस आचरण को गंभीर बताते हुए कहा कि जो कुछ भी अदालत के सामने रखना है, उसे अदालत में ही पेश किया जाना चाहिए।</p><p>हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि इस तरह से दस्तावेज सोशल मीडिया पर डालना अदालत की प्रक्रिया की प्रभावशीलता को प्रभावित करता है। अदालत की यह टिप्पणी उस समय आई जब मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी कार्यवाही अभी लंबित है।</p><h3>13 अक्टूबर को अगली सुनवाई, SBI दाखिल करेगा नया हलफनामा</h3><p>बॉम्बे हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को तय की है। अदालत ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया यानी SBI को ED की ओर से सामने रखी गई जानकारियों को ध्यान में रखते हुए नया हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।</p><p>ED ने अपने हलफनामे में कहा है कि अगस्त 2021 तक करीब 14,131.6 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां SBI के नेतृत्व वाले बैंकों के कंसोर्टियम को सौंप दी गई थीं। हालांकि, एजेंसी का कहना है कि संपत्तियों की रिकवरी से माल्या के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की कार्यवाही अपने आप खत्म नहीं होती।</p><h3>ब्रिटेन से भारत न लौटने के तर्क पर भी सवाल</h3><p>माल्या ने फरवरी में <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/mumbai/bombay-hc-sets-up-25-fast-track-courts-for-exam-paper-leak-cases">हाई कोर्ट</a> को बताया था कि वह यह बताने की स्थिति में नहीं हैं कि भारत कब लौटेंगे। उनके वकील अमित देसाई ने ब्रिटेन की अदालतों के आदेशों का हवाला देते हुए कहा था कि माल्या के खिलाफ चल रही कार्यवाही और प्रतिबंधों के कारण उनके लिए ब्रिटेन छोड़ना संभव नहीं है।</p><p>हालांकि, हाई कोर्ट ने उनके भारत लौटकर अदालत के सामने पेश होने के इरादे पर सवाल उठाए। अदालत ने यह भी पूछा कि जिन ब्रिटिश अदालतों के आदेशों का हवाला दिया जा रहा है, क्या उन्हें चुनौती दी गई है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/world/donald-trump-unga-speech-iran-nuclear-weapons-8-wars-pss06">ईरान की चुनौती का दिया जवाब, नहीं चलेगी मनमानी, UNGA के मंच से बोले डोनाल्ड ट्रंप</a></aside><h3>भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किए जाने को चुनौती</h3><p>हाई कोर्ट <a href="https://navbharatlive.com/entertainment/arjun-rampal-to-play-vijay-mallya-in-web-series-shooting-suj05">विजय माल्या</a> की दो याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है। एक याचिका में उन्होंने भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम यानी FEOA के तहत खुद को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किए जाने को चुनौती दी है। दूसरी याचिका में औपचारिक रूप से उन्हें भगोड़ा घोषित करने वाले आदेश को चुनौती दी गई है।</p><p>माल्या ने 2020 में आपराधिक कार्यवाही बंद करने की मांग भी की थी। ED का कहना है कि बैंकों द्वारा संपत्तियों की रिकवरी किए जाने से मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप खत्म नहीं होते। माल्या मार्च 2016 में भारत से चले गए थे और नवंबर 2016 में उन्हें घोषित अपराधी घोषित किया गया था।</p>]]></content:encoded></item><item><title>ईरान की चुनौती का दिया जवाब, नहीं चलेगी मनमानी, UNGA के मंच से बोले डोनाल्ड ट्रंप</title><link>https://navbharatlive.com/world/donald-trump-unga-speech-iran-nuclear-weapons-8-wars-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/world/donald-trump-unga-speech-iran-nuclear-weapons-8-wars-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">50c70082-b6be-45ec-8b3e-86589e472055</guid><pubDate>Tue, 22 Sep 2026 21:28:02 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-22T21:28:02.382+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>World News,Donald Trump,Iran,United Nations,New York,Nuclear Program,Tariff War,Strait of Hormuz</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-22/1pvkxmie/us-president-donald-trump.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Donald Trump UNGA Speech]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-22/1pvkxmie/us-president-donald-trump.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>विदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Donald Trump UNGA Speech:</strong> अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 22 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने अमेरिका की अर्थव्यवस्था, सेना, तकनीक और विदेश नीति समेत कई मुद्दों पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि अमेरिका पहले से अधिक मजबूत स्थिति में है और दुनिया के सामने अमेरिकी नेतृत्व को लेकर अपना पक्ष रखा।</p><p>ट्रंप ने अपने संबोधन में ईरान को आतंकवाद का मुख्य पोषक बताते हुए उसके खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ट्रंप ने ईरान के मौजूदा शासन पर भी तीखी टिप्पणी की और क्षेत्र में उसके प्रभाव की आलोचना की।</p><h3>ईरान के 51 साल के शासन और परमाणु हथियार पर ट्रंप का रुख</h3><p>अमेरिकी राष्ट्रपति ने UNGA संबोधन में ईरान की वर्तमान सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पिछले 51 सालों से ईरान की कट्टरपंथी सरकार ने खून-खराबे के जरिए शासन चलाया है।</p><p>ट्रंप के अनुसार ईरान ने पूरे मध्य पूर्व और उसके बाहर मौत, तबाही और अराजकता फैलाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि ईरान पहले जिस तरह मध्य पूर्व में अपनी ताकत दिखाता था, अब उसकी मनमानी नहीं चलेगी।</p><p>ट्रंप ने दोहराया कि राष्ट्रपति बनने के पहले दिन से उनका रुख स्पष्ट रहा है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।</p><h3>होर्मुज स्ट्रेट और तेल आपूर्ति का जिक्र</h3><p>डोनाल्ड ट्रंप ने सुरक्षा परिषद और जहाजों पर हमलों की निंदा करने वाले प्रस्ताव का भी जिक्र किया। उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी नौसेना की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि अमेरिकी नौसेना लगातार जहाजों को सुरक्षा प्रदान कर रही है।</p><p>ट्रंप ने ईरान के साथ आगे के विकल्पों पर भी बात की। उन्होंने सवाल उठाया कि अमेरिका को ईरान के साथ समझौता करना चाहिए या इस्लामिक रिपब्लिक के खिलाफ और कड़ा कदम उठाना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि मध्यावधि चुनाव के बाद ईरान के साथ नए कूटनीतिक समझौते की संभावना हो सकती है।</p><h3>भारत-पाकिस्तान समेत 8 युद्ध रुकवाने का दावा</h3><p>अपने संबोधन में ट्रंप ने दुनिया में जारी 8 बड़े युद्धों को रुकवाने का दावा भी किया। उन्होंने कहा कि व्यापार और आयात शुल्क यानी टैरिफ के इस्तेमाल तथा टैरिफ की धमकी के जरिए कई संघर्षों को रोकने में मदद मिली।</p><p>इनमें भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव तथा अर्मेनिया और अजरबैजान के बीच संघर्ष का भी जिक्र किया गया। ट्रंप ने इससे पहले भी भारत-पाकिस्तान तनाव को रोकने में टैरिफ की भूमिका का दावा किया है।</p><p>उन्होंने <a href="https://navbharatlive.com/world/pok-election-nawaz-sharif-wishes-to-become-prime-minister-1907459">पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ</a> का विशेष रूप से जिक्र किया और कहा कि उन्हें एक पत्र मिला था, जिसमें 3 करोड़ से अधिक लोगों की जान बचाने के लिए धन्यवाद दिया गया था।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/world/marco-rubio-unga-us-iran-talks-pezeshkian-strait-hormuz-pss06">संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान होगी वार्ता? विदेश मंत्री रूबियो बोले- ईरान से चर्चा को तैयार अमेरिका</a></aside><h3>अमेरिकी अर्थव्यवस्था, सेना और वेनेजुएला का जिक्र</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/world/greatest-president-donald-trump-shared-presidential-ranking-list-history">राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप</a> ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था और तकनीक की ताकत का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना दुनिया में सबसे ताकतवर है और देश की तकनीक का कोई मुकाबला नहीं है।</p><p>वेनेजुएला का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि पश्चिमी गोलार्ध में अमेरिका के लिए खतरा बनने वाली ताकतों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अपने प्रशासन की नीतियों को अमेरिका को नए दौर में ले जाने वाला बताया।</p>]]></content:encoded></item><item><title>मेलोनी का बड़ा फैसला, इटली में बुर्का बैन की तैयारी तेज, जाने किन देशों में हो चुका है बैन</title><link>https://navbharatlive.com/world/meloni-big-decision-italy-burqa-ban-preparation-countries-where-burqa-is-banned-ags10</link><comments>https://navbharatlive.com/world/meloni-big-decision-italy-burqa-ban-preparation-countries-where-burqa-is-banned-ags10#comments</comments><guid isPermaLink="false">5b4b4e60-dbd8-46a8-870c-8b75076fa03a</guid><pubDate>Tue, 22 Sep 2026 19:58:12 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-22T19:58:12.295+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>आशीष शुक्ला</atom:name><atom:uri>/api/author/2597974</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>International News</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-22/z4uv4u1b/%E0%A4%87%E0%A4%9F%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AC%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%A8" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ इटली में बुर्का होगा बैन]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-22/z4uv4u1b/%E0%A4%87%E0%A4%9F%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AC%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%A8?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>विदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Burqua Ban In Italy:</strong> यूरोप के देश इटली में स्कूलों में बुर्का या नकाब जैसे चेहरे को ढकने वाले परिधानों पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी है। प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने हाल ही में इसकी घोषणा की है। मिली जानकारी के अनुसार स्कूलों में चेहरा ढकने वाले परिधानों को प्रतिबंधित किया जाएगा। इस कदम के लिए सरकार को औपचारिक प्रक्रिया पूरी करनी होगी और संसद की मंजूरी भी जरूरी होगी।</p><p>इटली का यह कदम ऐसे समय में आया है, जब कई देशों में सार्वजनिक स्थानों पर बुर्का या नकाब को लेकर अलग-अलग तरह के प्रतिबंध लागू हैं।</p><p>फ्रांस यूरोप का पहला देश था, जिसने 2011 में सार्वजनिक स्थानों पर चेहरा पूरी तरह ढकने पर प्रतिबंध लागू किया था। इसके बाद बेल्जियम, डेनमार्क, ऑस्ट्रिया, बुल्गारिया, स्विट्जरलैंड और नीदरलैंड समेत कई यूरोपीय देशों ने भी पूर्ण या आंशिक प्रतिबंध लगाए।</p><h3>किन-किन देशों में प्रतिबंधित है, बुर्का</h3><p>वर्तमान में करीब 24 देशों का उल्लेख किया गया है, जहां बुर्का या नकाब पर किसी न किसी रूप में प्रतिबंध या कड़े प्रतिबंध लागू हैं। इनमें कई लोकतांत्रिक और तानाशाही देश शामिल हैं, साथ ही साथ कुछ मुस्लिम बाहुल्य देश भी हैं जहां बुर्का या नकाब बैन है।</p><p>अल्जीरिया, ऑस्ट्रिया, अजरबैजान, बेल्जियम, बुल्गारिया, कनाडा, चाड, चीन, डेनमार्क, फ्रांस, गैबॉन, कोसोवो, किर्गिस्तान, लातविया, लक्जमबर्ग, नीदरलैंड, नॉर्वे, स्विट्जरलैंड, ताजिकिस्तान, ट्यूनीशिया, तुर्कमेनिस्तान, तुर्की और उज्बेकिस्तान जैसे देशों के नाम शामिल किए जाते हैं।</p><p>हालांकि, इन सभी देशों में प्रतिबंध की प्रकृति और दायरा एक जैसा नहीं है। कहीं पूरे सार्वजनिक क्षेत्र में प्रतिबंध है तो कहीं स्कूल, सरकारी संस्थान या विशेष सार्वजनिक स्थानों तक इसे सीमित किया गया है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/world/marco-rubio-unga-us-iran-talks-pezeshkian-strait-hormuz-pss06">संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान होगी वार्ता? विदेश मंत्री रूबियो बोले- ईरान से चर्चा को तैयार अमेरिका</a></aside><h3>इटली कर रहा बुर्का बैन की तैयारी</h3><p>इटली में भी 1975 से सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़ा कानून ऐसे साधनों के इस्तेमाल पर रोक लगाता है, जिनसे व्यक्ति की पहचान करना मुश्किल हो। इस कानून की व्याख्या को लेकर बुर्का और नकाब को शामिल करने पर लंबे समय से चर्चा होती रही है। इटली की पीएम<a href="https://navbharatlive.com/world/giorgia-meloni-wishes-pm-modi-on-birthday-italy-pm-pss06"> जॉर्जिया मेलोनी </a>स्कूलों में बुर्के को प्रतिबंधित करने की तैयारी तेज कर दी हैं। मिली जानकारी के अनुसार इटली में प्रवासियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार चेहरा छुपाने पर प्रतिबंध की तैयारी कर रही है। </p><figure><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr">Meloni announced that Italy is banning burqas and niqabs in schools <br><br>  <a href="https://t.co/hq0bulap9e">pic.twitter.com/hq0bulap9e</a></p>&mdash; Visegrád 24 (@visegrad24) <a href="https://x.com/visegrad24/status/2102179389702111674?ref_src=twsrc%5Etfw">September 21, 2026</a></blockquote>
<script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>

</figure><p>वहीं, हर <a href="https://navbharatlive.com/world/donald-trump-attacks-european-partners-ukraine-russia-ceasefire-1458505.html">यूरोपीय देश </a>में ऐसा प्रतिबंध नहीं है। स्वीडन में बुर्का और नकाब पर देशव्यापी प्रतिबंध नहीं है। कुछ स्थानीय स्तर पर प्रतिबंध लगाने के प्रयास हुए, लेकिन उन्हें कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।</p>]]></content:encoded></item><item><title>संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान होगी वार्ता? विदेश मंत्री रूबियो बोले- ईरान से चर्चा को तैयार अमेरिका</title><link>https://navbharatlive.com/world/marco-rubio-unga-us-iran-talks-pezeshkian-strait-hormuz-pss06</link><comments>https://navbharatlive.com/world/marco-rubio-unga-us-iran-talks-pezeshkian-strait-hormuz-pss06#comments</comments><guid isPermaLink="false">a6f9e443-35b5-4431-b510-de2ed5adbaea</guid><pubDate>Tue, 22 Sep 2026 19:31:18 +0530</pubDate><atom:updated>2026-09-22T19:31:18.441+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रिया सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/2547996</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>World News,US Iran Tensions,Iran,Middle East,America,United Nations,Houthi,Marco Rubio,Strait of Hormuz,Masoud Pezeshkian,Seyed Abbas Araghchi</media:keywords><media:content height="720" medium="image" url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-22/o8zq6u3v/marco-rubio.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Marco Rubio UNGA Statement Update]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/navbharatlive/2026-09-22/o8zq6u3v/marco-rubio.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>विदेश</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>Marco Rubio UNGA Statement Update:</strong> अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने स्पष्ट किया है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान अमेरिका ईरान के साथ सार्थक बैठक के लिए तैयार है। एनबीसी न्यूज के कार्यक्रम टुडे शो में दिए इंटरव्यू में रूबियो ने कहा कि अगर सकारात्मक नतीजे निकलने की उम्मीद हो तो अमेरिका वार्ता से पीछे नहीं हटेगा। </p><p>हालांकि उन्होंने साफ किया कि अमेरिका का मुख्य लक्ष्य यही है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल न कर सके, क्योंकि वह एक कट्टरपंथी धार्मिक शासन है। उधर ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और विदेश मंत्री अब्बास अराघची मंगलवार को न्यूयॉर्क पहुंचे हैं, जहां कूटनीति को पुनर्जीवित करने के प्रयास जारी हैं।</p><h3>NBC न्यूज को मार्को रूबियो का इंटरव्यू और परमाणु हथियार पर कड़ा रुख</h3><p>अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने NBC न्यूज के कार्यक्रम टुडे शो में दिए इंटरव्यू में अमेरिका का आधिकारिक रुख सामने रखा। उन्होंने कहा कि हालांकि अभी दोनों देशों के बीच बैठक तय नहीं हुई है, लेकिन अमेरिका सार्थक बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है।</p><p>रूबियो के अनुसार अगर वार्ता से कोई सकारात्मक नतीजा निकलने की उम्मीद हो, तो अमेरिका ऐसे कूटनीतिक अवसर का स्वागत करेगा। शो के दौरान एंकर ने रूबियो से ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के साथ संभावित मुलाकात को लेकर सीधा सवाल पूछा था।</p><p>इस पर मार्को रूबियो ने कहा कि अमेरिका पिछले सात महीनों से अपनी मुख्य शर्त पर पूरी तरह अडिग और कायम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं हो सकते और अमेरिका उन्हें ऐसा करने की अनुमति नहीं दे सकता।</p><h3>कट्टरपंथी धार्मिक शासन, हूती प्रॉक्सी का जिक्र और अमेरिकी चिंताएं</h3><p>मार्को रूबियो ने इंटरव्यू के दौरान तेहरान के शासन की आलोचना करते हुए उसे एक कट्टरपंथी धार्मिक शासन करार दिया। उन्होंने कहा कि ईरानी शासन का अपने ही नागरिकों के साथ व्यवहार ठीक नहीं रहता है, जो गंभीर चिंता का विषय है।</p><p>इसके अलावा उन्होंने मध्य पूर्व में ईरान समर्थित प्रॉक्सी समूह हूती की गतिविधियों पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। रूबियो ने कहा कि आप ईरान के प्रॉक्सी हूती समूह को देख सकते हैं कि उन्होंने क्षेत्र में कितनी तबाही मचाई है। अमेरिकी विदेश मंत्री ने तर्क दिया कि ऐसे हिंसक समूहों को बढ़ावा देने वाले शासन के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए।</p><h3>मसूद पेजेश्कियन की न्यूयॉर्क यात्रा</h3><p>दूसरी ओर संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के लिए<a href="https://navbharatlive.com/world/masoud-pezeshkian-unga-session-us-denies-visa-iran-delegation-pss06"> ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन</a> मंगलवार को न्यूयॉर्क पहुंचे हैं। ईरानी राष्ट्रपति के साथ उनके विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी संयुक्त राष्ट्र सत्र में भाग लेने के लिए न्यूयॉर्क आए हैं। रॉयटर्स समाचार एजेंसी के अनुसार मंगलवार को एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कूटनीतिक पहल को लेकर बड़ा बयान दिया।&nbsp;</p><p>ईरानी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि अगर अमेरिका सैन्य दबाव कम करता है तो ईरान सकारात्मक कदम उठाएगा। अधिकारी के अनुसार अगर अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी हटाता है, तो ईरान सात दिनों में बड़ा कदम उठाएगा। </p><p>ईरान ने पेशकश की है कि अमेरिकी कदम के बाद वह सात दिनों के भीतर होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोल देगा। ईरानी अधिकारी ने कहा कि यूएनजीए में मौजूद ईरानी प्रतिनिधिमंडल के पास अमेरिका से कूटनीति पुनर्जीवित करने का पूरा अधिकार है।</p><aside><a href="https://navbharatlive.com/world/iran-fm-araghchi-to-expose-americas-unjust-war-at-un-general-assembly-and-present-irans-case-aks03">अमेरिका की जमीन से ट्रंप की पोल खोलेगा ईरान, UNGA में हिस्सा लेने पहुंचे अराघची, कहा- तेहरान पर थोपा गया युद्ध</a></aside><h3>होर्मुज स्ट्रेट, समुद्री व्यापार और कूटनीति के पुनरुद्धार की संभावनाएं</h3><p><a href="https://navbharatlive.com/world/trump-claims-strait-of-hormuz-us-territory-iran-control-us-iran-conflict-tensions-explained">होर्मुज स्ट्रेट</a> दुनिया का अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्ग है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति गुजरती है। ईरानी प्रतिनिधिमंडल को अमेरिका के साथ बातचीत का पूर्ण अधिकार मिलने से कूटनीतिक समाधान की उम्मीदें बढ़ी हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा का यह सत्र अमेरिका और ईरान के बीच सात महीनों से जारी गतिरोध को खत्म करने का जरिया बन सकता है।</p>]]></content:encoded></item></channel></rss>