इंस्टाग्राम के जरिए देश को बांटने की साजिश, ISIS के 9 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट में सनसनीखेज खुलासा

Online Radicalisation: ऑनलाइन कंट्टरपंथी बनाने के मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ने कार्रवाई की है। 3 आईएसआईएस से जुड़े आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
NIA files chargesheet
NIA की प्रतीकात्मक तस्वीरसोर्स- IANS
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NIA files chargesheet: नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने ISIS के नौ सदस्यों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इन पर आरोप है कि इन्होंने भोले-भाले युवाओं को हिंसक आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के लिए उकसाया और कट्टरपंथी बनाया। आरोपपत्र मोहम्मद रहमतुल्लाह शरीफ, मोहम्मद दानिश, मिर्जा सोहेल बेग, लकी अहमद, जिशान अब्दुल मजीद, मीर आसिफ अली, अब्दुल सलाम, शाहरुख खान और शेख फैजुर रहमान के खिलाफ दायर किया गया है।

NIA ने एक बयान में कहा कि जांच से पता चला है कि आरोपी जिहाद के जरिए भारत में खिलाफत कायम करने और देश की संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता को नुकसान पहुंचाने के इरादे से एक बड़ी साजिश में शामिल थे।

सोशल मीडिया के जरिए आतंकी गतिविधि

केंद्रीय एजेंसी ने बताया कि जांच से यह पता चला है कि आरोपी व्यक्ति ने आईएसआईएस की गतिविधियों को समर्थन देने के लिए एक बड़ी साजिश रची थी। मुख्य रूप से इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से, उनका उद्देश्य जिहाद के जरिए भारत में अशांति बनाना था और इस प्रकार भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को भंग करना था। जांच एजेंसी ने आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में एक विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। यह कार्रवाई भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2) के साथ धारा 3(5) और 152, तथा गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 13(1), 38 और 39 के तहत की गई है।

मार्च 2026 का है मामला

23 मार्च, 2026 को विजयवाड़ा में टाउन पुलिस स्टेशन में यह मामला दर्ज किया गया था। जिसके बाद NIA ने इसे अपने हाथ में ले लिया। अब तक इस मामले में 11 आरोपियों और एक नाबालिग को पकड़ा गया है। NIA ने कहा कि आरोपियों ने सोशल मीडिया के जरिए भोले-भाले युवाओं को हिंसक आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के लिए उकसाया और कट्टरपंथी बनाया।

साथ ही, उन्होंने विस्फोटक बनाने और हथियारों की ट्रेनिंग लेने की योजना भी बनाई और तैयारी की। आतंकवादी गतिविधियों की तैयारी के हिस्से के तौर पर आपस में गुप्त रूप से बातचीत करने के लिए एक सुरक्षित एप्लिकेशन भी बनाया और उसका परीक्षण किया। 

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विस्फोटक, हथियार और सीक्रेट बातचीत के लिए ऐप

1. सीक्रेट बातचीत के लिए ऐप: सभी आरोपियों के शातिर दिमाग का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने आपस में बातचीत को पूरी तरह छुपाने के लिए एक खास ‘सिक्योर कम्युनिकेशन एप्लिकेशन’ भी तैयार कर लिया था और उसका परीक्षण किया था।

2. ट्रेनिंग की प्लानिंग: NIA के अनुसार, आरोपियों ने युवाओं को सिर्फ कट्टरपंथी ही नहीं बनाया, बल्कि उन्हें विस्फोटक तैयार करने और हथियारों की खतरनाक ट्रेनिंग देने की भी पूरी योजना बना रखी थी।

3. गंभीर धाराओं में शिकंजा: NIA ने इन तमाम आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 और कड़े गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम यानी UAPA की गंभीर धाराओं 13(1), 38 और 39 के तहत कार्रवाई की है।

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