

America's Greatest President Campaign: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर खुद को देश के इतिहास का सबसे महान नेता घोषित कर दिया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर देश के सभी राष्ट्रपतियों की एक सूची साझा की है जिसमें उन्होंने खुद को शीर्ष स्थान दिया है।
ट्रंप के इस बड़े दावे के सामने आते ही अमेरिकी राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर एक नई तथा तीखी बहस छिड़ गई है। इस सूची में ट्रंप ने अपने नाम के आगे सबसे महान लिखकर अपने पुराने प्रतिद्वंदियों और पूर्व राष्ट्रपतियों को बहुत नीची श्रेणियों में धकेल दिया है।
ट्रंप ने अब्राहम लिंकन, जॉर्ज वॉशिंगटन, फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट, थॉमस जेफरसन और एंड्रयू जैक्सन को महान नेताओं की श्रेणी में रखा है। इसके अलावा, उन्होंने थियोडोर रूजवेल्ट को लगभग महान बताया और बिल क्लिंटन को औसत तथा केल्विन कूलिज को औसत से नीचे रखा है।
वहीं दूसरी ओर, ट्रंप ने बराक ओबामा, जो बाइडन, जिमी कार्टर, यूलिसिस एस. ग्रांट और वॉरेन हार्डिंग को पूरी तरह नाकाम राष्ट्रपति बताया है। ट्रंप का यह वर्गीकरण उनकी अपनी आत्म-छवि को दर्शाता है, जिसमें उन्होंने खुद को अमेरिका के इन सभी दिग्गज नेताओं से भी ऊपर रखा है।
ट्रंप का यह दावा इसलिए चर्चा में है क्योंकि अमेरिकी इतिहास और राजनीति के विशेषज्ञों की आधिकारिक राय उनके आकलन से बिल्कुल अलग है। साल 2024 में हुए एक प्रतिष्ठित सर्वे में 154 राजनीतिक विशेषज्ञों ने डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिका के 45 राष्ट्रपतियों में सबसे आखिरी स्थान दिया था।
इस विशेषज्ञ रैंकिंग में अमेरिका के महान नेता अब्राहम लिंकन को पहला स्थान मिला था, जबकि ट्रंप को सूची में सबसे नीचे रखा गया। इस मूल्यांकन में राष्ट्रपतियों की नेतृत्व क्षमता, प्रशासन चलाने की योग्यता, संकट प्रबंधन, आर्थिक नीतियां और नैतिकता जैसे मुख्य मानदंडों को परखा गया था।
इस सर्वे में अब्राहम लिंकन को जहां 95.03 अंक मिले थे, वहीं डोनाल्ड ट्रंप केवल 10.92 अंक हासिल करने में ही सफल हो सके थे। इससे पहले साल 2021 के एक अन्य बड़े सर्वे में भी ट्रंप को 41वां स्थान मिला था, जिसमें उन्हें प्रशासनिक क्षमता में बहुत खराब रेटिंग मिली थी।
इतिहासकारों के अनुसार किसी भी राष्ट्रपति का मूल्यांकन उनके नैतिक नेतृत्व और सभी नागरिकों के साथ समान व्यवहार के आधार पर किया जाता है। इन सभी पैमानों पर ट्रंप विशेषज्ञों की नजरों में बहुत पीछे छूट गए हैं, जो उनके और इतिहासकारों के मतभेद को पूरी तरह स्पष्ट करता है।