

S Jaishankar UNGA Visit: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने न्यूयॉर्क में UN जनरल असेंबली के हाई-लेवल सेशन के दौरान कई देशों के अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं और क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की। विदेश मंत्री जयशंकर रविवार को न्यूयॉर्क शहर पहुंचे, जहां वे UN जनरल असेंबली के 81वें सेशन के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। 26 सितंबर को UNGA के मंच से जनरल डिबेट में दुनिया भर के नेताओं को संबोधित करेंगे।
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान 'पार्टनर्स फॉर मल्टीलेटरलिज्म समिट' के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि इस शिखर सम्मेलन में आप सभी के साथ शामिल होना मेरे लिए बहुत खुशी की बात है।
विदेश मंत्री की मुलाकातों की शुरुआत फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट के साथ बैठक से हुई। एक सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा कि नियमित बैठकों और टेलीफोन पर बातचीत से दोनों देशों को 'विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' की गति बनाए रखने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों, खासकर यूक्रेन और खाड़ी संकट पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने UN सुरक्षा परिषद में सुधार सहित बहुपक्षीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
विदेश मंत्री ने इक्वाडोर के विदेश मंत्री रॉबर्टो कुरी के साथ भी बैठक की। इस बैठक में ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स, लोगों की आवाजाही, कर्मचारियों के प्रशिक्षण, विकास साझेदारी और संयुक्त राष्ट्र सहित बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग जैसे आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हुई। साथ ही स्लोवाकिया के विदेश मंत्री जुराज ब्लानार के साथ बैठक के बाद, विदेश मंत्री ने कहा कि द्विपक्षीय एजेंडे पर चर्चा के अलावा, उन्होंने बहुपक्षीय सहयोग को और गहरा करने के तरीकों पर भी बात की।
एस जयशंकर ने हंगरी की उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री अनीता ओर्बन के साथ भी बैठक की। दोनों नेता द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने और संबंधों को और मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने पर सहमत हुए। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 81वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्री इग्नाजियो कैसिस और नाउरू के राष्ट्रपति डेविड एडांग के साथ अलग-अलग बैठकें कीं, जिनमें द्विपक्षीय संबंधों, आर्थिक सहयोग और बहुपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई।