

North Korea Missile Launch Update: उत्तर कोरिया ने रविवार को ईस्ट सी की ओर 3 घंटे के भीतर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर तनाव बढ़ा दिया है। उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की चेतावनी के बाद हुए इस ताजा परीक्षण से दक्षिण कोरिया और जापान में तुरंत अलर्ट जारी कर दिया गया।
दक्षिण कोरिया के अनुसार ये मिसाइलें उत्तर कोरिया के पूर्वी तट पर स्थित वॉनसान क्षेत्र से समुद्र की ओर दागी गई थीं। गुआम के पास अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया के 5 दिवसीय नौसैनिक अभ्यास के जवाब में प्योंगयांग की यह कार्रवाई मानी जा रही है।
दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अनुसार, दोनों मिसाइलें उत्तर कोरिया के पूर्वी तट पर स्थित वॉनसान क्षेत्र से समुद्र की ओर दागी गईं। शुरुआती जानकारी में इन्हें कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल बताया गया है।
मिसाइलें समुद्र में जाकर गिरीं। जापान के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इनके गिरने का क्षेत्र जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र यानी EEZ से बाहर था। जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने को कहा। मिसाइलों की सटीक उड़ान दूरी, ऊंचाई और प्रक्षेपवक्र से जुड़ी विस्तृत जानकारी तत्काल सार्वजनिक नहीं की गई।
यह मिसाइल परीक्षण उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की अमेरिका और उसके सहयोगियों को दी गई चेतावनी के बाद हुआ है। प्योंगयांग लंबे समय से अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के संयुक्त सैन्य अभ्यासों को अपनी सुरक्षा के लिए खतरा बताता रहा है।
इससे पहले 12 सितंबर को भी उत्तर कोरिया ने पूर्वी समुद्र की दिशा में कई कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। उस समय प्योंगयांग ने इसे विभिन्न हथियारों से जुड़े संयुक्त अग्निशक्ति अभ्यास का हिस्सा बताया था।
उत्तर कोरिया की हालिया कार्रवाई को अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के संयुक्त नौसैनिक अभ्यास से भी जोड़कर देखा जा रहा है। अगस्त के अंत से सितंबर की शुरुआत तक तीनों देशों ने गुआम के पास पांच दिवसीय नौसैनिक अभ्यास किया था।
प्योंगयांग ने इस सैन्य गतिविधि का विरोध करते हुए इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया था। किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने भी हाल में अमेरिका और उसके सहयोगियों को चेतावनी दी थी।
उन्होंने कहा था कि उत्तर कोरिया अपनी परमाणु हथियार क्षमता को मजबूत करने की नीति में बदलाव नहीं करेगा। इससे कोरियाई प्रायद्वीप में पहले से मौजूद सैन्य तनाव और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
उत्तर कोरिया का मिसाइल परीक्षण अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी IAEA के प्रस्ताव के बाद हुआ है। प्योंगयांग ने एजेंसी द्वारा पारित प्रस्ताव को खारिज कर दिया है।
उत्तर कोरिया का कहना है कि IAEA का कोई भी प्रस्ताव उसकी परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्र की स्थिति को प्रभावित नहीं कर सकता। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को लेकर लगातार चिंता जताई जाती रही है।
रविवार के ताजा मिसाइल परीक्षण के बाद दक्षिण कोरिया और जापान ने अपनी सुरक्षा स्थिति पर नजर बढ़ा दी है। उत्तर कोरिया ने अभी तक इन मिसाइलों के अंतिम उद्देश्य को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान नहीं दिया है।