डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B फीस को 12 महीने के लिए बढ़ाया, जानिए भारत के लोगों पर क्या पड़ेगा असर ?

Order Passed For H1B Fee: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B वीजा पर $100,000 की फीस लगाने का आदेश एक और साल के लिए बढ़ा दिया है। अमेरिकी वर्कफोर्स की सुरक्षा के लिए कदम उठाने की बात कही।
Donld Trump Extended H1B Fee
व्हाइट हाउस, वाशिंगटन डीसीसोर्स- IANS
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Donld Trump Extended H1B Fee: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B वीजा पर $100,000 की फीस लगाने का आदेश एक और साल यानी 21 सितंबर, 2027 तक बढ़ा दिया है। अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी करने वाले नियोक्ताओं की कड़ी जांच के आदेश दिए हैं। इन उपायों में फीस रिन्यूअल के साथ-साथ स्पॉन्सर करने वाले एम्प्लॉयर के रोजगार से जुड़े तौर-तरीकों की नई जांच भी शामिल है। स्किल्ड-वर्कर वीजा प्रोग्राम के तहत आवेदनों की समीक्षा करते समय एजेंसियों को हाल ही में हुई और भविष्य में होने वाली छंटनी पर विचार करना होगा।

डोनाल्ड ट्रंप ने अधिकारी को दिए निर्देश

एग्जीक्यूटिव ऑर्डर में स्टेट, लेबर और होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी को यह देखने का निर्देश दिया गया है कि क्या एम्प्लॉयर ने पिछले साल सीधे छंटनी की थी, या क्या वे भविष्य में ऐसी कटौती की योजना बना रहे हैं जिससे उसी तरह की स्थिति वाले अमेरिकी वर्कर प्रभावित होंगे। यह लेबर कंडीशन एप्लीकेशन, याचिकाओं, वीजा और अमेरिका में प्रवेश पर लागू होती है। ऑर्डर में केवल इसलिए आवेदन को अपने-आप अस्वीकार करने की बात नहीं कही गई है कि एम्प्लॉयर ने छंटनी की घोषणा की है।

अमेरिकी वर्कफोर्स की सुरक्षा की बात

डोनाल्ड ट्रंप ने ऑर्डर में कहा कि मैंने तय किया है कि अमेरिकी वर्कफोर्स की सुरक्षा और उन्हें प्राथमिकता देने के लिए लगातार प्रयास किए जाने चाहिए। व्हाइट हाउस ने कहा कि एक अलग घोषणापत्र के जरिए 19 सितंबर, 2025 को पहली बार लागू की गई 100,000 डॉलर की फीस की जरूरत को रिन्यू किया गया। इसकी फैक्ट शीट में बताया गया कि यह शुल्क कुछ एच-1बी आवेदनों पर लागू होता है। इसमें रिन्यूअल की अवधि या छूट के बारे में विस्तार से नहीं बताया गया।

30 दिनों की समय-सीमा तय की गई

ऑर्डर में लेबर सेक्रेटरी के लिए 30 दिन की समय-सीमा भी तय की गई है, जिससे वे वेज एंड आवर डिवीजन के जरिए पहले जमा किए गए लेबर कंडीशन एप्लीकेशन के डेटा की समीक्षा शुरू कर सकें। समीक्षा से यह तय होगा कि क्या स्पॉन्सर करने वाले एम्प्लॉयर के खिलाफ आगे कोई कार्रवाई जरूरी है। एच-1बी मामलों की प्रोसेसिंग करते समय स्टेट, लेबर और होमलैंड सिक्योरिटी विभागों को कॉमर्स और एजुकेशन विभागों तथा स्मॉल बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन से सलाह लेनी होगी।

(एजेंसी इनपुट के साथ)