

S. Jaishankar Will Address In UNGA 81st Session: दुनियाभर के नेता न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के लिए जुटे हैं, जहां भारत बहुपक्षीय सुधार, आतंकवाद, शांति स्थापना और ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं को अपने एजेंडे के केंद्र में रखने वाला है। UNGA की सालाना बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब दुनिया लंबी जंग, मानवीय आपातकाल, आर्थिक अस्थिरता और बड़ी शक्तियों के बीच बढ़ते मतभेदों से जूझ रही है। इस साल की थीम 'भरोसा बहाल करना, बदलाव का प्रबंधन: एक संयुक्त राष्ट्र जो सभी के लिए काम करे' है। यह बहस 26 सितंबर तक चलेगी और 28 सितंबर को समाप्त होगी।
संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि नेताओं से संघर्ष, मानवीय संकट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जलवायु कार्रवाई, सतत विकास और आर्थिक लचीलेपन जैसे मुद्दों पर बात करने की उम्मीद है। भारत के औपचारिक बयान में इस बात पर ध्यान दिलाए जाने की उम्मीद है कि संस्थाओं को मौजूदा भू-राजनीतिक और आर्थिक हकीकत को दिखाना चाहिए। भारत ने बार-बार कहा है कि विकासशील देश उन संस्थाओं में कम प्रतिनिधित्व के साथ नहीं रह सकते, जो अंतरराष्ट्रीय शांति, वित्त, विकास और तकनीक पर फैसले लेती हैं।
संयुक्त राष्ट्र महासभा की आम बहस से ठीक पहले सुरक्षा परिषद में भारत के दो बयानों से उन मुद्दों के संकेत मिले हैं, जिन्हें नई दिल्ली में ब्रिक्स सप्ताह के दौरान उठा है। अफगानिस्तान के मुद्दे पर हुई परिषद की बैठक में भारत ने आगाह किया कि 'अल-कायदा के आतंकवादी तंत्र (इकोसिस्टम) ने अफगानिस्तान की सीमाओं से परे अपनी रणनीतिक गहराई बना ली है।' भारत के प्रतिनिधि ने कहा कि 11 सितंबर के हमलों को अंजाम देने वाले कई 'गुफाओं में छिपे भगोड़े नहीं थे' और इसके बजाय उन्हें रिहायशी इलाकों या शहरी जगहों पर पकड़ा गया था।
अफगानिस्तान में आतंकवाद और चरमपंथी संगठनों की निरंतर मौजूदगी को भारत की सुरक्षा चिंताओं के केंद्र में रखा गया है। बैठक में बताया गया कि अफगानिस्तान में अब भी 20 से अधिक आतंकवादी समूह सक्रिय हैं। संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी कि महिलाओं और लड़कियों के साथ भेदभाव, कमजोर आर्थिक वृद्धि और गहराते मानवीय संकट के कारण देश की बहाली कमजोर पड़ रही है। भारत ने शांति अभियानों पर सुरक्षा परिषद की विशेष बहस में संयुक्त राष्ट्र मिशनों के लिए कर्मी उपलब्ध कराने वाले देशों को बड़ी भूमिका देने की मांग की।
विदेश मंत्री एस जयशंकर संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में शामिल होने के लिए न्यूयॉर्क में मौजूद हैं। विदेश मंत्री 26 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 'हाई लेवल सत्र' में भारत का पक्ष रखेंगे। संयुक्त राष्ट्र महासभा का हाई-लेवल वीक 22 से 29 सितंबर तक चलेगा। आम बहस 22 से 26 सितंबर और फिर 28 सितंबर को होगी। विदेश मंत्री के साथ एक प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद हैं। विदेश मंत्री कई बहुपक्षीय और द्विपक्षीय बैठकों में भी शामिल हुए हैं।
(एजेंसी इनपुट के साथ)